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सुपर गर्ल्स’ में बोरपदर की बेटियों का परचम, कविता पाठ और वाद-विवाद में हासिल किया प्रथम स्थान

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बकावंड जगदलपुर के कुम्हारवंड स्थित गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय ‘सुपर गर्ल्स’ प्रतियोगिता में प्राथमिक शाला साहूकार पारा बोरपदर की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय और विकासखंड बकावंड का नाम रोशन किया है। इन छात्राओं ने कविता पाठ और वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

प्रतियोगिता की कविता पाठ विधा में आराध्या नेताम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में खुशी बघेल ने तृतीय स्थान हासिल किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष की ओर से प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत करते हुए आराध्या नेताम प्रथम रहीं, जबकि विपक्ष में अपने विचारों को मजबूती से रखते हुए खुशी बघेल ने भी प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधान अध्यापक बेणुधर जोशी तथा संकुल समन्वयक गंगाराम बघेल को भी सम्मानित किया गया। छात्राओं की सफलता को उनकी मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है।

इस उपलब्धि पर विकासखंड बकावंड के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव, खंड स्त्रोत समन्वयक सोनसिंह बघेल, संकुल समन्वयक गंगाराम बघेल, संस्था प्रमुख वेणुधर जोशी, सहायक शिक्षक डोमेंद्र कुमार गंगबेर, शाला प्रबंधन समिति, पालकों एवं विद्यालय परिवार ने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सहायक कलेक्टर यशवंत नायक, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, जिला स्त्रोत समन्वयक अशोक पांडे सहित विभिन्न विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक, चयनित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। बोरपदर की छात्राओं की यह सफलता ग्रामीण अंचल की प्रतिभा और बालिकाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का उदाहरण है। उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है।

बस्तर दशहरा मेला में सुरक्षा व्यवस्था, टैक्स वसूली और दुर्घटना की जवाबदेही कौन, दुकानों झूलों आदि मूल्यों कि दर कम करने की मांग

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जगदलपुर, बस्तर विक्रम लहरे, जिलाध्यक्ष सर्व अनुसूचित जाति समाज ने बस्तर दशहरा मेला में आम जनता की सुरक्षा, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

विक्रम लहरे ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा मेला में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ घूमने आते हैं ऐसे में मेले में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

उन्होंने शासन,प्रशासन एवंजिम्मेदार अधिकारी से मांग की है कि मेले में प्रवेश के लिए जारी किए जाने वाले गेट पास की व्यवस्था,उसकी दर एवं उससे होने वाली आय की जानकारी सार्वजनिक की जाए साथ ही मेले में संचालित प्रत्येक झूले,खाने-पीने की दुकान और अन्य दुकानों से कितना शुल्क या टैक्स लिया जा रहा है,इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए संबंधित ठेकेदारों एवं संचालकों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए।

विक्रम लहरे ने विशेष रूप से झूलों और बिजली की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मेले में लगाए गए सभी झूलों की तकनीकी जांच कराई जाए तथा बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित किया जाए बिजली के खुले तार, खराब उपकरण और असुरक्षित झूलों के कारण किसी भी व्यक्ति की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए मेले में अग्निशमन, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि मेले में किसी झूले, बिजली के तार या अन्य लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार को कितना मुआवजा दिया जाएगा और मुआवजा देने की जिम्मेदारी किस अधिकारी, ठेकेदार या संबंधित संस्था की होगी? इन सभी विषयों पर पहले से स्पष्ट नियम और जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि दुर्घटना होने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े।

विक्रम लहरे ने मांग की कि जिला प्रशासन, नगर निगम एवं संबंधित विभाग मेले की व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करें तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। मेले का आयोजन मनोरंजन और खुशियों के लिए होता है, न कि लोगों की जान जोखिम में डालने के लिए। प्रशासन को चाहिए कि वह राजस्व वसूली के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता दे।

विक्रम लहरे, जिलाध्यक्ष सर्व अनुसूचित जाति समाज ने जिला प्रशासन से मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक जांच कराई जाए और आम जनता की सुरक्षा के लिए तत्काल उचित कदम उठाए जाएं।

दशहरा मेले में झूलों, खाने-पीने की दुकानों एवं गेट पास की दरें कम करने की मांग

विक्रम लहरे ने कँहा जिला प्रशासन एवं मेला आयोजकों से मांग की है कि दशहरा मेले में प्रवेश गेट पास, सभी प्रकार के झूलों, खाने-पीने की दुकानों तथा अन्य खरीदारी की दुकानों पर वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य आम जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर निर्धारित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि दशहरा मेला केवल अमीर और संपन्न परिवारों के मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी खुशियां मनाने का अवसर है। लेकिन यदि गेट पास, झूलों और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम अधिक होंगे, तो गरीब परिवार अपने बच्चों को पर्याप्त मनोरंजन नहीं करा पाएंगे।

हमारी मांग है कि मेले में गेट पास से लेकर झूलों, खाने-पीने की सामग्री और अन्य दुकानों पर मिलने वाली वस्तुओं के उचित एवं किफायती मूल्य निर्धारित किए जाएं। मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि दुकानदार मनमाने दाम न वसूल सकें। साथ ही, मेला आयोजक और संबंधित प्रशासन यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक परिवार अपने सीमित बजट में भी मेले का आनंद उठा सके।

विक्रम लहरे ने कहा कि मेले का उद्देश्य केवल व्यापार और मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को खुशी और मनोरंजन का अवसर प्रदान करना भी होना चाहिए। जब गरीब परिवार भी अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकेगा, तभी दशहरा मेले का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा
।
प्रमुख मांग: दशहरा मेले में सभी वर्गों के परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए गेट पास, झूलों, खाने-पीने की सामग्री एवं अन्य दुकानों के मूल्य उचित और किफायती किए जाएं, ताकि गरीब परिवार भी बिना आर्थिक बोझ के मेले का आनंद उठा सकें।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं को जागरूक करने की पहल, बड़े मोरठपाल स्कूल में चला मतदाता जागरूकता अभियान

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उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिलेराम डाहिरे के निर्देश पर विद्यार्थियों को मतदान के अधिकार, जिम्मेदारियों और मतदाता पंजीयन की दी गई जानकारी
बड़े मोरठपाल, बस्तर। लोकतंत्र की मजबूती जागरूक मतदाताओं से होती है और इसकी नींव युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता विकसित करने से पड़ती है। इसी उद्देश्य से उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला बस्तर दिलेराम डाहिरे के निर्देश पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े मोरठपाल में मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत 17 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के विद्यार्थियों को मतदान के महत्व, मतदाता सूची में पंजीयन तथा लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।
युवाओं को बताया मतदान का महत्व


मतदाता जागरूकता अभियान के प्रभारी सुमित चौबे ने विद्यार्थियों को मतदान के अधिकार, मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया और प्रत्येक वोट की अहमियत के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल मतदान के समय ही नहीं, बल्कि अभी से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए। 17 वर्ष की आयु से ही वे मतदाता बनने की तैयारी कर सकते हैं तथा 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार मतदाता सूची में पंजीयन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि मतदान लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। जागरूक मतदाता अपने विवेक से निर्णय लेकर देश और समाज के भविष्य को दिशा देने में योगदान देता है। इसलिए युवाओं को स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदान के प्रति प्रेरित करना चाहिए।


आज के विद्यार्थी, कल के जिम्मेदार मतदाता
विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य संजीता बघेल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। उनमें प्रारंभ से ही लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों की समझ विकसित करना जरूरी है। आज के जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य में जिम्मेदार मतदाता बनकर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति नागरिक की जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक पात्र मतदाता को बिना किसी दबाव या प्रलोभन के अपने विवेक से मतदान करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे मतदाता जागरूकता के इस संदेश को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक अपने मताधिकार के महत्व को समझ सकें।


जागरूकता से मजबूत होगा लोकतंत्र
कार्यक्रम में प्रेम बाहर ठाकुर, विनय कुमार सिंधे, विकास साहू, राहुल नाग एवं कोटेश्वर राव नायडू उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने, अपने अधिकारों को समझने और भविष्य में मतदाता के रूप में जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस पहल का मुख्य संदेश यही रहा कि लोकतंत्र केवल निर्वाचन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी से मजबूत होने वाली व्यवस्था है। युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता विकसित कर भविष्य में जिम्मेदार मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐसे अभियान महत्वपूर्ण हैं।

रेल्वे को बेतहाशा आय देने वाला बस्तर अपनी बदहाली और दुर्दशा की बाट ढो रहा है जिसे लेकर रेल्वे प्रशासन गम्भीर नही आय दिन ऐसी कई तकनीकी खराबियों का सामना बस्तर विगत कई वर्षों से झेलता आया जिसका ठोस समाधान करने में रेल्वे असफल-अनवर खान

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नवरात्री और दशहरा पर्व पर ट्रेन बंद का फ़ायदा उठा रहें बस संचालक, इनकी मनमानी से राहगीर परेशान तथा परिवहन विभाग की नाकामी हो रही उजागर हैवी लैंड स्लाइड से 20 दिन से रेल्वे की सेवा बन्द अब और 10 दिन ट्रेन का करना होगा इंतज़ार और बड़ी परेशानी तथा होने लगी बस मालिकों की चांदी और बढ़ने लगी मुनाफा खोरी बस्तर से परिवहन मंत्री होने के बावजूद बस्तरवासी लाभ से वंचित, और परिवहन विभाग दशहरा के त्योहारी सीजन में अवैध वसूली और चालानी कार्यवाही में व्यस्त अपनी जिम्मेदारियों से कोई जन-सरोकार नही

जगदलपुर बस्तर और उड़ीसा में पिछले महीने हुई तेज बारिश से जन-जीवन हुआ अस्त व्यस्त, जगदलपुर आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें रद्द चल रही हैं पिछले 20 दिन से सेवा बन्द है और अब रेल्वे ने नया शेड्यूल जारी कर 10 दिन और ट्रेन रद्द करने की जानकारी मिली जिसके चलते बस्तर के लिए अब मेगा ब्लॉक की स्थिति उत्पन्न चुकी है बस्तर तक ट्रेन नहीं पहुंचने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यही नहीं सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों और परिजनों को हो रही है जिन्हें इलाज के लिए आए दिन विशाखापट्टनम जाना पड़ता था अचानक हुए भूस्खलन के कारण रेल सेवाएं प्रभावित होने से जगदलपुर से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेन रद्द कर दी गई हैं।रेल्वे को बेतहाशा आय देने वाला बस्तर अपनी बदहाली और दुर्दशा की बाट ढो रहा है जिसे लेकर रेल्वे प्रशासन गम्भीर नही आय दिन ऐसी कई तकनीकी खराबियों का सामना बस्तर विगत कई वर्षों से झेलते आया है जिसका ठोस समाधान करने में असफल रेल्वे की कार्यप्रणाली पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रशासनिक महामंत्री अनवर खान ने तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर नाराजगी जताई है।

उन्होंने आगे बताया कि चक्रवाती तूफ़ान अर्नव के कारण हुई बारिश ने रेल सेवाएं को प्रभावित किया है जिसकी वजह से हजारों मुसाफिरों के सामने यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है।**श्री खान का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने के कारण बस्तर से बड़ी संख्या में लोग विशाखापटनम उपचार के लिए जाते रहते हैं और रेल यातायात पर ज्यादा निर्भरता है लेकिन तुफान अर्नब के बाद हुई बारिश से रेल पटरीयां क्षतिग्रस्त हैं तथा रेल परिचालन पूरी तरह बंद है और जनता बेहाल है।

अनवर खान का कहना है कि परिवहन विभाग के मंत्री बस्तर के एक वरिष्ठ भाजपा विधायक केदार कश्यप हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि जिनकी विभाग में पकड़ नहीं हैं जिसका फायदा बस संचालकों द्वारा खुलेआम उठाया जा रहा है और मुसाफिरों से अनाप शनाप मुंहमांगी रकम वसूली जा रही हैं जिसका खामियाजा शहर की जनता को उठाना पड़ रहा है बस्तर से परिवहन मंत्री होने के बावजूद बस्तरवासी लाभ से वंचित है और परिवहन विभाग दशहरा के त्योहारी सीजन में अवैध वसूली और चालानी कार्यवाही में व्यस्त है तथा उन्हें अपनी जिम्मेदारियों व दायित्व से कोई सरोकार नही है इसके कारण यात्री बस संचालकों की मनमानियां चरम पर है जिसकी सुध लेने वाला कोई नही।

बस्तर दशहरे में ऐतिहासिक ‘जोगी बिठाई’ रस्म हुई संपन्न

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दशहरे के निर्विघ्न आयोजन के लिए गहरे गड्ढे में 9 दिनों की कठिन तपस्या पर बैठे दौलत

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध और 75 दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अंतर्गत सोमवार की शाम महत्वपूर्ण ‘जोगी बिठाई’ की रस्म पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। पर्व के निर्विघ्न और शांतिपूर्ण आयोजन की कामना को लेकर ग्राम बड़े आमाबाल के युवक दौलत तीसरी बार 9 दिनों की अत्यंत कठिन तप साधना पर बैठ गए हैं। करीब 600 वर्षों की समृद्ध परंपरा के अनुसार, इस रस्म की शुरुआत सोमवार शाम मावली मंदिर में पुजारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

देवी की पूजा-अर्चना के बाद वहां स्थापित पवित्र तलवार का विधिवत पूजन किया गया। पूजा संपन्न होने के उपरांत जोगी पवित्र तलवार धारण कर मुंडाबाजा और गाजे-बाजे की मंगल धुनों के बीच सिरहसार भवन पहुंचे। वहां प्रार्थना के बाद उन्होंने सिरहसार भवन में बनाए गए लगभग 4 फीट गहरे गड्ढे में पालथी लगाकर आसन ग्रहण किया और आगामी 9 दिनों के लिए कठिन तपस्या व निराहार व्रत का संकल्प लिया। पाठजात्रा, डेरी गड़ाई और काछनगादी जैसी रस्मों के संपन्न होने के बाद आयोजित हुए इस गरिमामय अनुष्ठान में महापौर संजय पाण्डे, दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, मांझी-चालकी, पुजारी और जोगी परिवार के लोग उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी में जोगी बस्तर अंचल की सुख-समृद्धि और दशहरे के सकुशल समापन के लिए अखंड साधना में लीन हुए।

दल्ली राजहरा के स्केटर्स ने बटोरे 2 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य

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बालोद जिले के दल्ली राजहरा के स्केटर्स ने राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में लहराया परचम

19वीं छत्तीसगढ़ स्टेट रोलर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026 का आयोजन दिनांक

09 से 11 अक्टूबर 2026 तक केपीएस सरोना रायपुर और नया रायपुर* में किया गया। इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश भर के सैकड़ों स्केटर्स ने भाग लिया।इस चैंपियनशिप में बालोद जिले के दल्ली राजहरा* को प्रतिनिधित्व करते हुए नन्हे स्केटर्स ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:10-12 वर्ष आयु वर्ग में दिशिका कुकरेजा ने 1-लैप और 2-लैप दोनों रेस में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरा स्वर्ण अपने नाम किया।- इसी वर्ग में याशिका कुकरेजा ने 1-लैप में कांस्य और 2-लैप में रजत पदक प्राप्त किया।-6-8 वर्ष आयु वर्ग में तेजस जैन ने दोनों रेस में रजत पदक जीता।- 8-10 वर्ष आयु वर्ग में रिशाल सिंह ने 2-लैप रेस में रजत पदक हासिल किया।इनके अतिरिक्त सानवी जंघेल (8-10 वर्ष), तनय जैन (10-12 वर्ष) और निश्चय राणा (6-8 वर्ष) ने भी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया।कोच ने कहा – सड़क पर तैयारी कर प्रथम प्रयास में ही रचा इतिहास इस उपलब्धि पर टीम के कोच श्रेयांश यश चंद ने बताया कि, _”ये सभी खिलाड़ी बिना किसी विशेष ट्रैक या सुविधा के, सामान्य सड़क पर ही तैयार हुए हैं और प्रथम प्रयास में ही यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह बच्चों की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है।”_कोच श्रेयांश यश चंद ने इस सहयोग के लिए

दल्ली राजहरा रेलवे प्रबंधन को विशेष धन्यवाद प्रेषित किया है। साथ ही उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों, प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की है।

जल जीवन मिशन में 60 लाख का खेल, भिरिंडा में दो साल बाद भी अधूरा

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बोर्ड लगाकर भूल गए ठेकेदार और अधिकारी

बकावंड.जल जीवन मिशन के नाम पर भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला ग्राम बकावंड ब्लॉक के भिरिंडा से सामने आया है। शासन ने गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए 60.43 लाख रुपए की सिंगल विलेज योजना स्वीकृत की थी, लेकिन दो साल बाद भी काम कागजों में ही है। मौके पर लगा बोर्ड इसकी गवाही दे रहा है।

गांव में लगाए गए बोर्ड के अनुसार कार्यादेश क्रमांक – 4311, दिनांक 0 7 अगस्त 2023 को जारी किया गया है। अनुबंध क्रमांक 246/ डीएल /2023-24 और निर्माण एजेंसी संजय कुमार अग्रवाल हैं। योजना में 40 किलो लीटर क्षमता की टंकी निर्माण, 2694 मीटर पाइप लाइन बिछाने, 84 घरों में नल कनेक्शन देने, बाउंड्री वाल और क्लोरीनेटर रूम बनाने के कार्य शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सिर्फ बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर दी है। बाउंड्री वाल आधी-अधूरी है, टंकी का काम भी अधूरा है। अधिकारी मौन धारण करके बैठे हैं।इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा- भिरिंडा जैसे आदिवासी गांव में जल सुविधा के लिए मिले 60 लाख रुपए निकाल लिए गए और जमीन पर कुछ नहीं है। यह सीधे-सीधे आदिवासी हितों के साथ धोखा है। अगर एक महीने के अंदर काम शुरू नहीं हुआ तो हम पीएचई विभाग का घेराव कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”

जल जीवन मिशन में 60 लाख का खेल, भिरिंडा में दो साल बाद भी अधूरा

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बोर्ड लगाकर भूल गए ठेकेदार और अधिकारी

बकावंड जल जीवन मिशन के नाम पर भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला ग्राम बकावंड ब्लॉक के भिरिंडा से सामने आया है। शासन ने गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए 60.43 लाख रुपए की सिंगल विलेज योजना स्वीकृत की थी, लेकिन दो साल बाद भी काम कागजों में ही है। मौके पर लगा बोर्ड इसकी गवाही दे रहा है।

गांव में लगाए गए बोर्ड के अनुसार कार्यादेश क्रमांक – 4311, दिनांक 0 7 अगस्त 2023 को जारी किया गया है। अनुबंध क्रमांक 246/ डीएल /2023-24 और निर्माण एजेंसी संजय कुमार अग्रवाल हैं। योजना में 40 किलो लीटर क्षमता की टंकी निर्माण, 2694 मीटर पाइप लाइन बिछाने, 84 घरों में नल कनेक्शन देने, बाउंड्री वाल और क्लोरीनेटर रूम बनाने के कार्य शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सिर्फ बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर दी है। बाउंड्री वाल आधी-अधूरी है, टंकी का काम भी अधूरा है। अधिकारी मौन धारण करके बैठे हैं।इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा- भिरिंडा जैसे आदिवासी गांव में जल सुविधा के लिए मिले 60 लाख रुपए निकाल लिए गए और जमीन पर कुछ नहीं है। यह सीधे-सीधे आदिवासी हितों के साथ धोखा है। अगर एक महीने के अंदर काम शुरू नहीं हुआ तो हम पीएचई विभाग का घेराव कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”

नवरात्रि पर्व पर मां मनसा देवी मंदिर में 25 ज्योति कलशों की स्थापना

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भक्तिमय वातावरण में हुआ ज्योति प्रज्वलन


अभनपुर। तहसील अभनपुर के ग्राम जुलूम में पावन शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर जय माता सेवा मंदिर समिति ग्राम जुलूम मां मनसा देवी, मां धनेश्वरी, मां दुर्गा, भगवान शंकर, बजरंगबली महाराज के पावन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भक्तों द्वारा 25 ज्योति कलशों की स्थापना की गई है। इस पावन अवसर पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ज्योति प्रज्वलित की गई। माता रानी की आराधना से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। ज्योति प्रज्वलन के इस शुभ अवसर पर विशेष रूप से पंडित आशीष शुक्ला महाराज उपस्थित रहे। साथ ही भक्तमाता जामबाई साहू, जनपद पंचायत अभनपुर के उपाध्यक्ष खेलूराम साहू, रामकुमार साहू अंकेक्षक, परिक्षेत्र साहू समाज खोरपा एवं प्रचार मंत्री, साहू समाज जिला रायपुर ग्रामीण, केकती साहू पूर्व उपाध्यक्ष, साहू समाज जिला धमतरी, श्याम सुंदर साहू, अश्वनी साहू समेत पचासों श्रद्धालु मौजूद थे।

नवरात्रि पर्व पर मां मनसा देवी मंदिर में 25 ज्योति कलशों की स्थापना

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भक्तिमय वातावरण में हुआ ज्योति प्रज्वलन

अभनपुर तहसील अभनपुर के ग्राम जुलूम में पावन शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर जय माता सेवा मंदिर समिति ग्राम जुलूम मां मनसा देवी, मां धनेश्वरी, मां दुर्गा, भगवान शंकर, बजरंगबली महाराज के पावन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भक्तों द्वारा 25 ज्योति कलशों की स्थापना की गई है। इस पावन अवसर पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ज्योति प्रज्वलित की गई। माता रानी की आराधना से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। ज्योति प्रज्वलन के इस शुभ अवसर पर विशेष रूप से पंडित आशीष शुक्ला महाराज उपस्थित रहे। साथ ही भक्तमाता जामबाई साहू, जनपद पंचायत अभनपुर के उपाध्यक्ष खेलूराम साहू, रामकुमार साहू अंकेक्षक, परिक्षेत्र साहू समाज खोरपा एवं प्रचार मंत्री, साहू समाज जिला रायपुर ग्रामीण, केकती साहू पूर्व उपाध्यक्ष, साहू समाज जिला धमतरी, श्याम सुंदर साहू, अश्वनी साहू समेत पचासों श्रद्धालु मौजूद थे।

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