ग्राम पंचायत कुम्हरावंड में चर्चा का विषय है टॉयलेट
बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायत कुम्हरावंड में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा हुआ है। भवन तो तैयार हो चुका है, परंतु आज तक न तो दरवाजे लगाए जा सके हैं और न ही रंगाई-पोताई की गई है। शौचालय के सामने मुरुम का ढेर लगा हुआ है और चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। परिसर की सफाई भी नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य महीनों पहले पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन संबंधित अधिकारियों और पंचायत की लापरवाही के कारण यह अब तक अधूरा पड़ा है। सबसे गंभीर बात यह है कि शौचालय भवन स्थल पर कोई सूचना पटल तक नहीं लगाया गया है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि निर्माण की लागत कितनी है, किस एजेंसी ने काम कराया है, किस अधिकारी या इंजीनियर की निगरानी में काम हुआ है और निर्माण पूर्णता तिथि क्या थी? यह स्थिति पारदर्शिता के नियमों की खुली अवहेलना दर्शाती है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मनमानी, घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार की बू साफ झलक रही है। सरकार स्वच्छ भारत मिशन की बात करती है, पर यहां तो आधा अधूरा निर्माण भी दिखाता है कि न जवाबदेही है, न निगरानी। ग्रामीणों की मांग है कि उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर इस कार्य की पूरी जांच कराई जाए, ताकि दोषी एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके। लोगों का कहना है कि आवाज उठाने के बाद भी सुधार नहीं हुआ, तो यह शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल कुम्हरावंड का यह अधूरा शौचालय सरकारी उपेक्षा का प्रतीक बन गया है।
वर्सन
मांगा गया है आवंटन*आवंटन नहीं आया है, राशि का मांग की गई है। आवंटन मिलते ही एक सप्ताह में काम पूरा करा लिया जाएगा।
16/10/2025 से लगातार ग्रामीणों के द्वारा महामाया खदान में अपनी मांगों को लेकर जाम लगाकर ठेका श्रमिको और परिवहन के कार्य को बंद करने से जितने भी आयरन , लोडिंग व ट्रांसपोर्टिंग परिवहन ठेका श्रमिक वर्षों से कार्यरत है जिसमें लगभग 250 श्रमिक महामाया माइंस में हमारे संगठनों से है जिसमें 190 श्रमिक पास के ग्रामीणों द्वारा कुमुकट्टा, कोपेडेरा,नलकसा पंचायत में निवास करने वाले है और 60 श्रमिक दल्ली राजहरा में निवास करते है ठेका श्रमिको का खदान अपने ड्यूटी का उपस्थिति ( हाजिरी ) दर्ज नहीं करा पा रहे है इसी खदान में कार्यरत नियमित कर्मचारी भी अपने कार्यस्थल(महामाया माइंस) में उपस्थित नहीं हो पा रहे है किन्तु उनकी हाजिरी राजहरा मुख्यालय में दर्ज किया जा रहा है हाजिरी नहीं तो पेमेंट नहीं नियम के चलते जितने भी ठेका श्रमिको में रोजी रोटी की समस्या आ गई है और आर्थिक स्थिति से गुजरना पड़ रहा है इस विषय में बी एस पी महाप्रबंधक और SDM को ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं किया गया आज दिनांक 30/10/2025 को छत्तीसगढ़ राज्य खदान श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ मांईस श्रमिक संघ, ग्राम विकास संगठन, संयुक्त खदान परिवहन संघ और मजदूर मालक,चालक परिवहन संघ पांचो संगठनों ने एक साथ मिलकर जिला कलेक्टर सुश्री दिव्या मिश्रा जी को ज्ञापन दिया और श्रमिकों एवं परिवहन मालिकों को हो रही समस्या से अवगत करायासभी संगठनों के द्वारा जिलाधीश महोदया के समक्ष विशेष रूप से ग्रामीणों के द्वारा अपनी मांगो के लेकर चक्काजाम लगाकर खदान के काम को बंद करने से सभी ठेका श्रमिको में बेजोरगारी की स्थिति आ गयी और आर्थिक स्थिति खराब होने से सभी श्रमिकों को बहुत अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं परिवहन मालिकों और चालकों को हो रहे परेशानी के बारे में चर्चा हुई जिसमें महामाया माइंस के आयरन और लोडिंग व ट्रांसपोर्टिंग ठेका कार्य में 60 गाड़ियां संचालित है यह सभी गाड़ियां महामाया क्षेत्र व दल्ली राजहरा के ट्रांसपोर्टर्स की गाड़ियां है जो कि वर्षों से संचालित है! बी एस पी के ठेका नियमों के तहत् 05 वर्षों से अधिक पुरानी गाड़ियों को खदानों में संचालित करने में प्रतिबन्ध है,इसलिए लगभग सभी ट्रांसपोर्ट द्वारा 05 वर्ष से अधिक पुरानी गाड़ियों को हटाकर नयी गाड़ियों को फाइनेंस करा कर महामाया माइंस ठेकेदार के माध्यम से संचालित किया जाता है उक्त सभी ठेका कार्य के परिवहन मालिक निम्न वर्ग के है एवं अपनी जीविका चलाने के लिए फाइनेंस कंपनियों के सुविधा प्राप्त कर गाड़ियों का क्रय किया है क्यों कि सभी की गाड़ियां फाइनेंस में ली गई है अगर समय पर किस्त न दिया गया तो फाइनेंस कंपनियों द्वारा गाड़ियों को जप्त किया जा सकता है कलेक्टर महोदया जी ने इस विषय को गंभीरता पूर्वक लेते हुए कार्यवाही करने की बात कही है और जल्द से जल्द सभी ठेका श्रमिक और परिवहन की गाड़ियों को पुनः काम चालू करवाने का आश्वासन भी दिया है सभी संगठनों के द्वारा कलेक्टर महोदया जी के जल्द से जल्द इस समस्या का निराकरण करने उम्मीद के साथ जिला कलेक्टर सुश्री दिव्या मिश्रा मैडम जी का धन्यवाद किया इस मौके पर सभी संगठनों के प्रमुख लोगो ने अपनी उपस्थिति दी CGRKSS के महासचिव श्री अनिल यादव जी ने कहा जितने भी ठेका श्रमिक है उन सबकी परेशानी सभी संगठनों की परेशानी है ऐसे स्थिति में सभी संगठनों का साथ होना जरूरी है इससे श्रमिकों हिम्मत मिलते रहेगा और सभी संगठनों का साथ रहा तो कोई भी श्रमिक कभी अपने रोजी रोटी के लिए न परेशान नहीं होगा संगठन हमेशा श्रमिकों के लिए और उनके हित के लिए आंदोलन करता आया है आगे भी हमेशा करता रहेगा और श्रमिकों के साथ उनकी हर एक समस्या के समाधान के लिए खड़ा रहेगा इस मौके पे श्री अनिल यादव जी, श्री राजेन्द्र बेहरा जी ,इंद्रकुमार साहू,इंद्रपाल,संजय साहू, राजेंद्र, गौत्रु सोरी,सोहित,अशोक,रैन सिंग, शिव प्रसाद, सजीवन सिन्हा,राधे, हरिशंकर राव,गांधी राम,चंदूलाल, इनकुमार,अरुण,अशोक,नवलकिशोर, हरिशंकर दुबे और बहुत से श्रमिक उपस्थित रहेl
जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने फिर एक नक्सली स्मारक को जमींदोज कर दिया है। यह स्मारक घने जंगलों के बीच बनाया गया था। बीजापुर के तर्रेम थाना
क्षेत्र के ग्राम गोटुमपल्ली के जंगलों में नक्सलियों ने यह स्मारक बना रखा था।
डीआरजी, तर्रेम थाना पुलिस बल और सीआरपीएफ की 153वीं एवं 168वीं बटालियन की संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत 29 अक्टूबर को थाना तर्रेम क्षेत्र के ग्राम गोटुमपल्ली के सघन जंगलों में नक्सलियों द्वारा निर्मित लगभग 15 फीट ऊंचा स्मारक मिला, जिसे सुरक्षा बलों द्वारा तत्काल ध्वस्त कर दिया गया। यह स्मारक नक्सलियों द्वारा अपने संगठन के मारे गए सदस्यों की याद में ग्रामीणों पर दबाव डालकर बनाया गया था, जिसका उपयोग वे ग्रामीणों में भय का वातावरण बनाए रखने एवं अपने संगठन के प्रचार के लिए करते थे। डीआरजी, पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अत्यंत सतर्कता एवं साहस के साथ इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।इस कार्रवाई से क्षेत्र में नक्सलियों के मनोबल पर गहरा प्रभाव पड़ा है तथा ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास एवं सुरक्षा की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है। पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध ऐसे प्रभावी अभियान लगातार जारी हैं और आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
बसुला से सिर में मारकर हत्या करने वाले आरोपी मां बेटा को पुलिस ने 24 घण्टे के भीतर किया गिरफ्तार।
शव को बोरी में भरकर मां बेटा मोटर सायकल के बीच में रखकर गुरामी के जंगल में फेंक दिये थे।
हत्या कर शव को फेंकने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया जेल। पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमतिमोनिका ठाकुर उप० पुलिस अधीक्षक राजेश बागडे के निर्देशन में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक मुकेश सिंह एवं स्टाफ के द्वारा हत्या के मामले में बारिकी से विवेचना कार्यवाही किया गया।00विवरण – दिनांक 28-10-25 को ग्राम गुरामी कोटवार कुशल राम गंधर्व पिता स्व सोनसाय गंधर्व उम्र 45 वर्ष के द्वारारिपोर्ट दर्ज कराया कि ग्राम गुरामी के जंगल में किसी अज्ञात पुरूष उम्र 53 वर्ष के व्यक्ति का शव पडा हु है जिसके शव को देखने पर सिर में व चेहरे में चोंट का निशान एवं खून से लथपथ दिखाई दे रहा है जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा किसी धारदार हथियार से मारकर हत्या कर फेंक दिया है कि रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर जांच पतासाजी में लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर तत्काल एफएसएल काईम सीन युनिट तथा सायबर सेल बालोद की टीम मौके पर पहुंची थी पश्चात् मर्ग जांच के दौरान अज्ञात शव का तस्दीक हेतु थाना डौण्डीलोहारा के सायबर प्रहरी व्हाटअप ग्रुप में मृतक का फोटो भेज कर लोगों एवं आसपास के ग्रामीणों से पहचान कराया गया जो जिस पर मृतक की पहचान ग्राम अरजपुरी के भूषण नेताम पिता लैनू राम नेताम उम्र 53 वर्ष साकिन अरजपुरी के रहने वाले के रूप में हुआ। मृतक परिजन एवं गांव वालों को सूचित कर उनके समक्ष अज्ञात शव का पहचान कराया गया। मर्ग जांच में मृतक भूषण नेताम के सिर व चेहरे तरफ गंभीर चोंट आने से मृतक की मृत्यु किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मृतक को धारदार हथियार से मारकर हत्या करना पाये जाने से अपराध क्रमांक 143/2025 धारा 103(1) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 29.10.2025 को मृतक का पुत्र लिलेश नेताम उम्र 23 वर्ष एवं मृतक की पत्नि सकुल बाई नेताम उम्र 43 वर्ष से पुछताछ किया गया जिसमें पता चला कि पिता पुत्र के बीच शराब पीने के बाद वाद-विवाद के चलते घर में रखे लोहे का धारदार बसुला से मृतक के सिर व चेहरा में मारकर हत्या किये थे तथा साक्ष्य छिपाने के लिए मृतक के शव को मां बेटे मिलकर प्लास्टिक की बोरी में शव को भर कर अपने मोटर सायकल क्रमांक CG 07 AL 7912 से ग्राम अरजपुरी से ग्राम गुरामी के जंगल में ले जाकर फेंक दिये थे। आरोपी लिलेश नेताम से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल तथा एक लोहे का बसुला बरामद कर जप्त किया गया है। घटना में शामिल आरोपी लिलेश कुमार नेताम तथा उसकी मां सकुल बाई नेताम को दिनांक 29.10.2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड भर जेल भेजा जा रहा है। कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक अनित राम यादव, प्र.आर. 1697 अरविंद यादव, प्र.आर. 535 विरेन्द्र साहू, म.प्र.आर. 974 प्रतिमा ठाकुर, विनोद अजय, कुम लाल वर्मा, रविशंकर देशलहरे, सउनि धरम भुआर्य, प्र०आर० भुनेश्वर मरकाम, आर० संदीप यादव, आकाश दुबे, भोपसिंह साहु, सायबर सेल बालोद का योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपीः- (01) लिलेश कुमार नेताम पिता भूषण नेताम उम्र 23 साल साकिन अरजपुरी थाना मंगचूवा जिला बालोद (छ.ग.)(02) सकुल बाई नेताम पति भूषण नेताम उम्र 44 साल साकिन अरजपुरी थाना मंगचूवा जिला बालोद (छ.ग.)
यशोदा के बनाए भजिया ने जीत लिया डिप्टी सीएम विजय शर्मा का दिल
चटखारे ले लेकर आलू भजिया खाते रहे शर्मा
अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर वही दंडकारण्य है, जहां प्रभु श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाए थे। श्रीरामचंद्र ने अपने वनवास का लंबा काल इसी धरती पर गुजारा था। बस्तर की इसी धरती पर त्रेतायुग का वही नजारा तब देखने को मिला, जब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने यशोदा की कुटिया में जाकर यशोदा बहन के हाथों से बने आलू भजिये खाए। एक दो नहीं, दर्जन भर से भी ज्यादा भजिये शर्मा खाते चले गए और यशोदा का गुणगान करते रहे। यशोदा तो जैसे धन्य हो गई थी।
यह तब हुआ, जब गृहमंत्री विजय शर्मा नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के कच्चपाल के दौरे पर थे।सफर के दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा को जंगल के बीच स्थित एक टपरीनुमा होटल से अच्छी खुशबू आती महसूस हुई। श्री शर्मा से रहा नहीं गया। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और सीधे जा धमके उस होटल में, जहां आदिवासी महिला यशोदा आलू भजिया बना रही थी। विजय शर्मा ने यशोदा बहन से भजिया मांगा। यशोदा ने पेड़ के पत्ते के दोने में उन्हें गरमा गरम भजिये दिए। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बार बार मांगकर चटनी के साथ भजिये खाते रहे और खाया और भजिया बनाने वाली यशोदा बहन की तारीफ करते रहे। इस दौरान मंत्री विजय शर्मा बार बार यही वाक्य दोहराते रहे- वाह यशोदा बहन क्या जानदार भजिया बनाई हो, आपके हाथ में तो सचमुच जादू है।. जी भरके भजिये खाने के बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने भजिये की कीमत भी यशोदा बहन को अदा की। प्रदेश के बड़े मंत्री विजय शर्मा की इस सादगी पूर्ण कार्यशैली ने बस्तर के लोगो में बीजेपी की सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश दिया है। गृहमंत्री को यशोदा बहन के हाथ से बने आलू भजिया अच्छे लगे, उन्होंने जी भरकर भजिये खाए और यशोदा के गुण गाए। एक युग में यशोदा मैया थी जिन्होंने श्रीकृष्ण का पालन किया, अब यशोदा बहन है जिनके हाथ में जादू है। ये वही बस्तर है जो कभी देवता को तो आज एक मंत्री के काफिले को अपनी कुटियानुमा दुकान में रुकने मजबूर कर देता है। यशोदा बहन का सत्कार कभी भुला नहीं पाएंगे मंत्री विजय शर्मा। अपने वनवास के दौरान बस्तर के दंडकारण्य में माता शबरी के जूठे बेर खाए थे। बस्तर के सुकमा जिले में माता शबरी के नाम की एक नदी है और रामाराम में श्रीराम की यादों से जुड़ी कई निशानियां भी मौजूद हैं। यशोदा बहन की कुटिया में त्रेता युग के वही दृश्य जीवंत हो उठे थे।
जगदलपुर विश्व हिंदू परिषद जिला बस्तर की जिला स्तरीय विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख आयाम सत्संग विभाग की बैठक ग्राम पंचायत कुरन्दी के दुर्गा मंदिंर में संपन्न हुई l बैठक में प्रमुख रूप से सभी प्रखंडों के सत्संग प्रमुख के साथ साथ विभाग,जिला एवं नगर के सभी दायित्ववान कार्यकर्ता शामिल हुए।बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय सत्संग प्रमुख बसंत रथ जी ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग विभाग विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख आयाम है जिसका कार्य मुख्य रूप से हिंदू समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। इस विभाग के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद मठ,मंदिरों विभिन्न प्रकार के सत्संग, प्रवचन, और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें हिंदू धर्म के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाती है एवं हिंदू समाज को अपने धार्मिक जगहों में एकत्रित होकर समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने एवं आने वाली नई पीढ़ी को अपने धर्म के प्रति जागरूक करने पर कार्य करता है l सत्संग विभाग के मुख्य उद्देश्य – हिंदू समाज में धार्मिक औरआध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना एवं हिंदू मानबिन्दुओं की रक्षा करना हिंदू धर्म के मूल्यों और सिद्धांतों को प्रचारित करना लोगों को धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना हिंदू समाज में एकता और समरसता का भाव को बढ़ावा देना इसका प्रमुख कार्य है l
सत्संग विभाग की गतिविधियाँ: सत्संग और प्रवचन आयोजित करना एवं धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और प्रचार करना इसका प्रमुख उद्देश्य है एवं हिंदू धर्म के विभिन्न पहलुओं पर कार्यशालाएं आयोजित करना- धार्मिक और आध्यात्मिक स्थानों का चयन कर हिंदू समाज को संगठित करना इसका मुख्य कार्य है l विश्व हिंदू परिषद के सत्संग विभाग के माध्यम से पूरे प्रांत में लगभग 1231 जगहों पर सत्संग का कार्य संचालित होता है, जिसे षष्ठीपूर्ति वर्ष में 2100 करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह सत्संग केंद्र हिंदू समाज के बीच संस्कार एवं देशभक्ति उत्पन्न करने और हिन्दू धर्म के अनुयाई को सामाजिक एवं धार्मिक आध्यात्मिक हिंदू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कार्यक्रम में मुख्य रूप से अखिल भारतीय सत्संग प्रमुख बसंत रथ जी , प्रांत सत्संग प्रमुख सुनील वर्मा जी , विभाग मंत्री रवि ब्रह्मचारी जी, विभाग अर्चक पुरोहित पंकज मिश्रा जी,जिला अध्यक्ष शंकरलाल गुप्ता जी, उपाध्यक्ष प्रेम चालकी जी, श्रीमती जवीता मंडावी जी, जिला कोषाध्यक्ष श्री सुरेंद्र तिवारी जी, जिला सत्संग प्रमुख सोम सिंह ठाकुर जी, जिला सह संयोजक बजरंग दल योगेश रैली जी , जगदलपुर नगर अध्यक्ष प्रतीक गुरु जी , प्रखंड अध्यक्ष मनोज बघेल जी, मंत्री कमलोचन कश्यप जी, प्रखंड संयोजक मनीराम जी ,दुर्गावाहिनी पूनम बघेल एवं सभी प्रखंड के सत्संग प्रमुख व विश्व हिंदू परिषद के सदस्य उपस्थित थे l
गोल्लापल्ली की तीन प्रमुख मांगों को लेकर जिला मुख्यालय जा रहे थे ग्रामीण
विकास की मांग उठाने निकले ग्रामीण, तेलंगाना सीमा के पास हादसे का शिकारसुकमा: ग्राम पंचायत गोल्लापल्ली के ग्रामीण मंगलवार सुबह अपनी पंचायत से जुड़ी बुनियादी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय सुकमा की ओर रवाना हुए थे। बताया गया कि सभी ग्रामीण टाटा मैजिक वाहन में सवार होकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। यात्रा के दौरान जब वाहन तेलंगाना सीमा के पैदागुड़ा के पास पहुंचा, तभी अचानक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में पांच ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
भद्राचलम अस्पताल में जारी इलाज, दो की हालत नाजुक
दुर्घटना में सुन्नम नर्सिंग का हाथ टूट गया, जबकि सुन्नम रामकृष्ण का पैर टूट गया। पोडियम तिरपा और एक अन्य ग्रामीण को कमर और हाथ में चोटें आई हैं। सभी घायलों को साथी ग्रामीणों की मदद से भद्राचलम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल या अस्पताल नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में आक्रोश है।
धान मंडी और स्वास्थ्य सुविधा की मांग लेकर निकले थे ग्रामीण
ग्रामीणों का दल जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहा था। उनकी प्रमुख मांग थी कि गोल्लापल्ली के नाम से मरईगुड़ा में संचालित धान मंडी केंद्र को उसके वास्तविक स्थान गोल्लापल्ली में ही संचालित किया जाए। इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गोल्लापल्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जो वर्तमान में मरईगुड़ा में स्थानांतरित होकर संचालित हो रही है, उसे फिर से गोल्लापल्ली में पुनः स्थापित किया जाए।ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल एक उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलकर खानापूर्ति की है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं नाममात्र रह गई हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी कोई शासकीय अधिकारी घायलों का हाल-चाल लेने नहीं पहुंचा, जो इस बात का प्रमाण है कि शासन-प्रशासन गोल्लापल्ली क्षेत्र की समस्याओं को लगातार अनदेखा कर रहा है।
सुन्नम राजू मुख्या ने कहा गोल्लापल्ली क्षेत्र पिछले 40 वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। कांग्रेस शासनकाल में पंचायत व्यवस्था कुछ लोगों के कब्जे में रही, जिससे ग्रामीणों की मूलभूत समस्याएं आज तक नहीं सुलझीं। अब जनता खुद अपनी मांग लेकर जिला प्रशासन तक पहुंच रही है। दुर्भाग्य से इसी दौरान यह हादसा हो गया, जो बेहद पीड़ादायक है।
उईका रामू निर्दलीय सरपंच उम्मीदवार ने कहा हमारे ग्रामीण वर्षों से जनसुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं। सड़कों की स्थिति खराब है, मंडी दूर है और स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर तक नियमित नहीं रहते। ग्रामीणों ने तय किया कि अपनी आवाज अब खुद कलेक्टर तक पहुंचाई जाए, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो जाना बहुत दुखद है। प्रशासन को अब तत्काल ध्यान देना चाहिए।
बेड़मा सुरेश निवासी भट्टीगुड़ा) ने कहागोल्लापल्ली कन्या आश्रम वर्तमान में गोलापल्ली में संचालित है, जो जुडूम और नक्सली दबाव के चलते स्थानांतरित किया गया था। अब नया भवन गोल्लापल्ली में पूर्ण हो चुका है, इसलिए आश्रम को अपने मूल स्थान गोल्लापल्ली में पुनः संचालित किया जाए।
कुंजाम चलपतरी निवासी तारलगुड़ा ने कहा गोल्लापल्ली पंचायत में 2006 से सुविधाएं उपलब्ध रही हैं, लेकिन अब सारी व्यवस्थाएं ठप हो चुकी हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर ग्रामीण जिला मुख्यालय कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की*गोल्लापल्ली पंचायत के ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन गंभीर रूप से घायलों के इलाज की तत्काल व्यवस्था करे, साथ ही गोल्लापल्ली में स्वास्थ्य केंद्र, धान मंडी और आश्रम भवन को पुनः बहाल किया जाए। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि अगर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से धरना और विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
दीपावली मे फ्री मे दारू न मिलने से बोखलाय हरीश लखमा एवं कोंग्रेसी इन कांग्रेशीयों को सिर्फ दारू ही नजर आता है इनकी सरकार मे घर पहुंच सेवा होती थी इस लिये इनका नेता कावासी लखमा दारू कैस मे जेल मे हवा खा रहा है बेटा को दारू भट्टी से दारू न मिलने से आये बाये बयान देने वली जिला अध्यक्ष से प्रेस कॉन्फ्रेस करा कर दारू भट्टी वाले को धमकी दे रहा है कब तक लोगों को मोहरा बनाकर राजनीति चलाएगा अब तो बेटे की बारी है सबसे ज्यादा तो कांग्रेस सरकार मे दारू का घपला इसने ही किया है आलिशान बंगला बना रहा था अब क्या हुआ बंगला क्यों नहीं बन रहा है भगवान के घर देर है अंधेर नहीं हूंगा मरकाम पर आरोप लगाने वाले तुम्हारे नेता से पूछो कौन से मामले मे जेल मे 1 साल से बन्द है पहले उसको दारू कैस मे बरी करा लो फिर हूंगा मरकाम पर आरोप लगाना मे साबित करके दिखाऊंगा की हरीश लखमा उसका पिए पांडे कितना दारू पैसा दारू भाटी के मैनेजर से लेते है उसका काल डिटेल निकलना चाहिए किस नेता एवं उसके करीबी ने दारू मैनेजर को दारू से लेकर पैसा की डिमांड की वह पता चल जायेगा आगे हुनगा मरकाम ने कहा बाप मंत्री थे तब पूरा हिसाब बस्तर संभाग का हिसाब यही रखता था उसी लिये आज सुकमा जिला मे दारू की कमाई मे हिस्सा मांगना या ब्लेकमैलिंग करना इनकी फितरत है बन गई है कितना महीना मे दारू भट्टी से दारू लिया जाता है सब जग जाहिर है दीपावली मे न मिलने से प्रेस कांफ्रेंस नहीं वसूली कॉन्फ्रेंस कांग्रेस की नेताओं से कराया जा रहा है बाप के जेल जाने के बाद भी बेटे को बुद्धि नहीं आई है लोगों को डरा धमाका के नेतागिरी कबतक करेगा उसका ही नतीजा बाप जेल मे है किस किस हाय लोगों कुछ तो शर्म करो और कितने काली कमाई किस किस के नामसे कितनी गाड़ी,जमीन, है यह सब मालूम है बक्त आने पर सब उजागर होगा अब इनकी भी बहुत बारी आने वाली है यह दोनों बाप बेटा को दारू का ही पैसा नजर आता है अब दोनों जेल मे दारू का पैसा हिसाब करेंगे अब तो दारू भट्टी के बाजु मे चकना ढाबा खोल रहा है क्या अब देखना है वहा दारू पिलायेगा की नहीं आये बाये को प्रेस कॉन्फ्रेंस करा रहा है दम है तो खुद को आना चाहिए कब तक दूसरे के कंधे पर बन्दुक रख राजनीति करेगा खोते जनाधार से बोखलाना का यह सबूत है
जगदलपुर सुकमा जिले के भाजपा नेता हूंगा मरकाम ने हरीश कवासी और कांग्रेस नेताओं पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिले के कांग्रेस नेताओं को मुफ्त की शराब की लत लग चुकी है। अब मुफ्त में शराब न मिलने से वे बौखला उठे हैं और सेल्समैन को डराने धमकाने पर उतर आए हैं। एक बयान में भाजपा ने मरकाम ने कहा है कि कवासी लखमा के आबकारी मंत्री रहने के दौरान से उनके बेटे हरीश कवासी और सुकमा के कई कांग्रेस नेताओं को मुफ्त की शराब की जो लत लगी है, वह अब तक नहीं छूट पाई है। हर त्यौहार में इन नेताओं तक शराब की घर पहुंच सेवा होती थी। भाजपा की सरकार आने के बाद यह परंपरा बंद हो गई है। इस बार की दीपावली में मुफ्त की शराब न मिलने से बोखलाए हरीश लखमा एवं कांग्रेसी अनाप शनाप बयान दे रहे हैं। हूंगा मरकाम ने कहा है कि कांग्रेसियों को सिर्फ शराब ही नजर आती है। इनकी सरकार मे घर पहुंच सेवा होती थी, शराब में जमकर घोटाले किए गए। इसीलिए इनके नेता कवासी लखमा जेल की हवा खा रहे हैं। कांग्रेस नेता सेल्समैन को धमकी दे रहे हैं। हूंगा मरकाम ने पूछा है कि कांग्रेसी आखिर कब तक लोगों को मोहरा बनाकर राजनीति करते रहेंगे। अब बेटे की बारी है। पिता से ज्यादा तो कांग्रेस सरकार मे शराब घोटाला बेटे ने ही किया है। घोटाले की रकम से आलीशान बंगला बना रहा था। अब क्या हुआ? बंगला क्यों नहीं बन रहा है? भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। मरकाम ने कहा है कि हूंगा मरकाम पर आरोप लगाने वाले अपने नेता से पूछो कि आखिर किस मामले में वे जेल में एक साल से बंद हैं। पहले उसको दारू केस मे बरी करा लो फिर हूंगा मरकाम पर आरोप लगाना। मै साबित करके दिखाऊंगा की हरीश लखमा उसका पीए पांडे कितना पैसा शराब भट्ठी के मैनेजर से लेते हैं। उनका काल डिटेल निकलना चाहिए किस नेता एवं उसके करीबी ने मैनेजर से शराब और पैसों की डिमांड की है।वह पता चल जाएगा। आगे हूंगा मरकाम ने कहा कि जब पिता मंत्री थे तब पूरे बस्तर संभाग का हिसाब यही रखता था इसीलिए आज सुकमा जिले में शराब की कमाई से हिस्सा मांगना और ब्लेकमेल करना इनकी फितरत बन गई है। दीपावली मे न मिलने से प्रेस कांफ्रेंस नहीं वसूली कॉन्फ्रेंस कांग्रेस की नेताओं से कराई जा रही है। बाप के जेल जाने के बाद भी बेटे को बुद्धि नहीं आई है।
विरोध में सामने आया बजरंग दल, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर कन्वर्जन के साथ ही अब बस्तर संभाग सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर चर्च निर्माण भी किया जाने लगा है। इसके लिए पेड़ों की कटाई भी की जा रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आने के बाद बजरंग दल के लोग विरोध में सामने आ गए हैं। बजरंग दल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।
बस्तर जिले के ग्राम चोकावाड़ा में शासकीय नजूल भूमि पर अवैध रूप से चर्च निर्माण और पेड़ों की अवैध कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में बजरंग दल की बस्तर जिला इकाई ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। बजरंग दल ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जिस स्थान पर चर्च निर्माण चल रहा है, वह शासकीय भूमि है और वहां एक भी ईसाई धर्मावलंबी परिवार का निवास नहीं है। ऐसे में चर्च निर्माण का कोई औचित्य नहीं बनता। बजरंग दल का कहना है कि यह कार्य शासकीय भूमि पर कब्जा करने का प्रयास है, जो न केवल अवैध है बल्कि ग्राम की शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर पेड़ों की अवैध कटाई की गई है, जो पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर अपराध है। ज्ञापन में प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि संबंधित भूमि की तत्काल जांच कराई जाए, अवैध निर्माण व पेड़ कटाई पर रोक लगाई जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।बजरंग दल ने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहां किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक निर्माण कार्य के लिए ग्रामसभा की स्वीकृति अनिवार्य होती है, किंतु इस मामले में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होगा।ज्ञापन देने वालों में विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल, जिला संयोजक मुन्ना बजरंगी, सह संयोजक सनी रैली, जिला गौ संवर्धन प्रमुख विष्णु ठाकुर, नगर अध्यक्ष प्रतीक सिंह गुरु, नगर सह संयोजक अजय सिंह, नगर साप्ताहिक मिलन प्रमुख तमिश राव, नगर सह गौरक्षा प्रमुख पवन राजा और अनिल राजपूत इंद्र कुमार उपस्थित रहे। बजरंग दल ने विश्वास जताया है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर बस्तर की सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक सौहार्द की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाएगा।