विरोध में सामने आया बजरंग दल, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर कन्वर्जन के साथ ही अब बस्तर संभाग सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर चर्च निर्माण भी किया जाने लगा है। इसके लिए पेड़ों की कटाई भी की जा रही है। ऐसा ही एक मामला सामने आने के बाद बजरंग दल के लोग विरोध में सामने आ गए हैं। बजरंग दल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।
बस्तर जिले के ग्राम चोकावाड़ा में शासकीय नजूल भूमि पर अवैध रूप से चर्च निर्माण और पेड़ों की अवैध कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में बजरंग दल की बस्तर जिला इकाई ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। बजरंग दल ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि जिस स्थान पर चर्च निर्माण चल रहा है, वह शासकीय भूमि है और वहां एक भी ईसाई धर्मावलंबी परिवार का निवास नहीं है। ऐसे में चर्च निर्माण का कोई औचित्य नहीं बनता। बजरंग दल का कहना है कि यह कार्य शासकीय भूमि पर कब्जा करने का प्रयास है, जो न केवल अवैध है बल्कि ग्राम की शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर पेड़ों की अवैध कटाई की गई है, जो पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर अपराध है। ज्ञापन में प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि संबंधित भूमि की तत्काल जांच कराई जाए, अवैध निर्माण व पेड़ कटाई पर रोक लगाई जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।बजरंग दल ने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहां किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक निर्माण कार्य के लिए ग्रामसभा की स्वीकृति अनिवार्य होती है, किंतु इस मामले में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र संज्ञान नहीं लिया, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होगा।ज्ञापन देने वालों में विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल, जिला संयोजक मुन्ना बजरंगी, सह संयोजक सनी रैली, जिला गौ संवर्धन प्रमुख विष्णु ठाकुर, नगर अध्यक्ष प्रतीक सिंह गुरु, नगर सह संयोजक अजय सिंह, नगर साप्ताहिक मिलन प्रमुख तमिश राव, नगर सह गौरक्षा प्रमुख पवन राजा और अनिल राजपूत इंद्र कुमार उपस्थित रहे। बजरंग दल ने विश्वास जताया है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर बस्तर की सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक सौहार्द की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाएगा।
बकावंड बस्तर कलेक्टर के निर्देशानुसार बकावंड विकासखंड में बस्तर ओलंपिक 2025 के तहत खेलों की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर पर हो चुकी है। जनपद पंचायत के सीईओ परेश्वर कुर्रे और सरपंच इसे सफल बनाने जी जान से जुटे हुए हैं।
जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परेश्वर कुर्रे के सुगठित संयोजकत्व में ग्राम पंचायत करंजी में बस्तर ओलंपिक 2025 के तहत आयोजित भव्य खेल महोत्सव में महिलाओं और युवतियों के लिए कलस्टर जोन स्तरीय रस्साकशी प्रतियोगिता के साथ खेलों का शुभारंभ किया गया। ग्रामीणों में खेलों को लेकर उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला।बस्तर ओलंपिक के लिए बकावंड ब्लॉक से सैकड़ों खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं।यह बड़ी भागीदारी इस बात का प्रतीक है कि बस्तर के ग्रामीण अंचलों में अब खेल एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हो रहा है।आयोजन में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परेश्वर कुरे, ग्राम पंचायत किंजोली के सरपंच, सचिव, सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और बस्तर ओलंपिक को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का संकल्प लिया। बता दें कि जनपद सीईओ परेश्वर कुर्रे स्वयं युवा हैं और खेल गतिविधियों में वे खासी रूचि भी रखते हैं। बड़ी बात तो यह है कि जनपद की अधिकांश ग्राम पंचायतों के सरपंच भी युवा और उत्साही हैं। युवा और ऊर्जावान अधिकारी परेश्वर कुर्रे का नेतृत्व मिलने से सरपंचों, गांवों के युवाओं और ग्रामीणों का जोश हाई लेवल पर है। सभी लोग बकावंड ब्लॉक में बस्तर ओलंपिक को शत प्रतिशत सफल बनाने में लगे हुए हैं।
हाई स्कूल मोखा में हुई कम्प्युटर की चोरी के आरोपी गिरफ्तार
मामले में कुल 04 आरोपी रहे शामिलऽ चोरी का मशरूका खरीदने वालो को भी बनाया गया आरोपी.
बीट प्रणाली की प्रभावी कार्यवाही से मिली सफलता
नरेन्द्र कुमार साहू पिता चुम्मन सिंह साहू उम्र 50 साल साकिन चिरईगोड़ी थाना बालोद वर्तमान शिक्षक हाई स्कूल ग्राम मोखा ने
दिनांक 12.08.2025 को थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक घटना 11-12.08.2025 के दरम्यानी रात्रि में हाई स्कूल ग्राम मोखा के कम्प्युटर कक्ष से कम्प्युटर मॉनीटर, सीसीटीव्ही मॉनीटर और सीपीयु, युपीएस, कीबोर्ड, माउस को अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर अपराध धारा सदर पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग द्वारा थानों में बीट प्रणाली को प्रभावी तरिके से संचालित करने निर्देषित किया गया है, जिसके परिपालन में उपरांत अज्ञात आरोपी एवं चोरी गई मशरूका की पता तलाश हेतु पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा एस.डी.ओ.पी. गुरूर बोनीफॉस एक्का के मर्गदशन में थाना गुरूर के स्टाफ एवं बीट प्रभारियों के द्वारा लगातार माल मशरूका एवं अज्ञात आरोपियों की पता तलाश किया जा रहा था, संदेही आरोपी वासुदेव सिन्हा जो पूर्व में दीगर राज्य काम करने गया था, वह दीपावली के बाद पुनः दीगर राज्य जाने की प्लान बना रहा था, संदेह पर संदेही वासुदेव सिन्हा एवं उसके साथी लोमेश यादव उर्फ गोलू निवासी ग्राम मोखा से कड़ाई से पूछताछ किया गया, जिन्होने से घटना दिनांक को स्कूल परिसर से उक्त मशरूका चोरी करना स्वीकार करते हुए चोरी गई संपत्ति को चेतन यादव लक्ष्मीनारायण यादव उम्र 25 साल साकिन साल्हेटोला थाना गुरूर एवं दीपक कुरेटी पिता विजय कुमार कुरेटी उम्र 21 साल साकिन जंगलीभेजा थाना गुरूर को बेच देना बताये तथा युपीएस को पुलिस के भय से नहर नाला में फेंक देना बताये। आरोपी लोमेश यादव एवं वासुदेव यादव का धारा 23(2) साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत मेमोरेण्डम कथन लिया गया, जिसके आधार पर चोरी गई मशरूका कम्प्युटर मॉनीटर, सीसीटीव्ही मॉनीटर और सीपीयु, कीबोर्ड को आरोपीगणों से जप्त कर वाजाप्ता सुमार किया गया है। प्रकरण के चारो आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही किया गया है। उक्त प्रकरण को सुलझाने, चोरी गई मशरूका की वाजाप्ता करने तथा आरोपी की गिरफ्तारी एवं विवेचना में निरीक्षक सुनील कुमार तिर्की थाना प्रभारी गुरूर, बीट प्रभारी प्र.आर. संतोष शर्मा एवं विवेक सिन्हा , आरक्षक कोमल साहू , पीताम्बर निषाद, गिवेन्द्र नेताम, दिनेश नेताम, थाना गुरूर की विषेष भूमिका रही।
बकावंड।* विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के सचिव और पूर्व सरपंच द्वारा शासकीय राशि के गबन का मामला सामने आया है। वहीं तबादला हो जाने के बावजूद सचिव इस ग्राम पंचायत को छोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। वे दूसरे सचिव को चार्ज देने में आनाकानी कर रहे हैं। इधर जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होते ही पूर्व सरपंच ने खुद को पाक साफ बताते हुए घपलेबाजी के लिए सचिव को ही पूरी तरह जिम्मेदार ठहरा दिया है।
उल्लेखनीय है कि बनियागांव के तूफान सिन्हा एवं अन्य ग्रामवासियों द्वारा जिला पंचायत तथा जनपद पंचायत में पूरे मामले की शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया है कि बनियागांव के पूर्व सरपंच भंवर लाल मौर्य और पंचायत सचिव राजेश नाग द्वारा शौचालय निर्माण, मंदिर निर्माण, पाईप लाईन बिछाने आदि कार्यों के लिए प्राप्त राशि का आहरण कर काम नहीं कराया और पूरी राशि का गबन कर लिया गया।स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2016-17 में 326 परिवारों हेतु शौचालय निर्माण स्वीकृत किए गए थे, जिसकी अंतिम किश्त की राशि 1 लाख 47 हजार रुपए हितग्राहियों को व सामग्री क्रय करने व वेंडर को भुगतान हेतु ग्राम पंचायत कार्यकाल में प्राप्त हुई थी। शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृत हितग्राहियों द्वारा स्वयं की राशि का व्यय किया गया था। कुल 13 हितग्राहियों द्वारा निर्मित शौचालय की राशि 12 हजार रुपए के मान से पूर्व सरपंच एवं सचिव द्वारा आहरण कर हितग्राहियों को भुगतान नही किया गया है। इस मद के कुल 1 लाख 56 हजार रुपए हजम कर लिए गए। 15वें वित्त मद से पाईप लाईन विस्तार कार्य हेतु दो बार में कुल 90 हजार रूपए आहरित तो कर लिए गए, मगर कार्य कराया ही नहीं गया। मनरेगा योजना के तहत कुआं निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में भंवरलाल पिता लखमू के नाम से स्वीकृत कार्य में पुराने कुएं को दिखाकर मजदूरी के नाम पर 47 हजार 188 रुपए एवं सामग्री के नाम पर 72 हजार 600 रुपए हड़प लिए गए। इसी तरह हेमराज पिता लखमू के नाम से स्वीकृत कुंआ बिना खुदाई किये 47 हजार 188 रुपए का मजदूरी भुगतान दर्शा कर गटक लिए गए। इस तरह पूर्व सरपंच और सचिव ने कुल 4 लाख 48 हजार 746 रूपए की गड़बड़ी की गई है। जांच में ये सारे आरोप प्रमाणित पाए गए। इसके बाद जनपद सीईओ द्वारा पूर्व सरपंच भंवर लाल मौर्य और सचिव राजेश नाग को नोटिस जारी कर कहा गया है कि आपके द्वारा राशि का आहरण तो किया गया है, किन्तु कार्य स्थल पर कार्य होना और संबंधितों को भुगतान होना नही पाया गया है। आहरित एवं अप्रारंभ कार्य की भुगतान राशि ग्राम पंचायत के संबंधित खाते में 07 दिवस के भीतर जमा करवाकर समायोजन करावें, एव इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में राशि का समायोजन नही करवाने एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नही करने की स्थिति में आपके विरूद्ध उक्त राशि के गबन का दोषी मानते हुए पंचायत राज अधिनियम के धारा 92 के तहत वसूली की कार्रवाई हेतु विहित प्राधिकारी एसडीएम बकावंड को पत्र लिखा जाएगा और पुलिस थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। सरपंच ने जनपद सीईओ को दिए स्पष्टीकरण में इन सभी कृत्यों के लिए सचिव राजेश नाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सचिव की ही देखरेख में सारे कार्य हुए हैं और राशि भी अकेले सचिव ने ही रख ली है।*बॉक्ली
लीपापोती के लिए हथकंडा
वर्तमान में सचिव राजेश नाग दो ग्राम पंचायतों बनियागांव और ऊलनार का प्रभारी है। वहीं पूर्व सरपंच ने लिखित जवाब में जनपद सीईओ को बताया कि उसने सचिव के दिशा निर्देश पर ही यह किया है। जब सरपंच को इसकी भनक लगी तो सचिव को हटाने के लिए आवेदन दिया। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा सचिव सोनाधर कश्यप को बनियागांव का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया गया। सोनाधर कश्यप बनियागांव में अपनी जॉइनिंग लेने पहुंचा तो लेकिन सचिव राजेश नाग ने सोनाधर कशयप को प्रभार नहीं दिया और बनियागांव पंचायत में अपना कब्जा जमाए रखा। चुनाव हुआ सरपंच भी बदल गया फिर शासन के आदेश पर हरे कृष्णा पुजारी को बनिया गांव का सचिव नियुक्त करने का आदेश हुआ। हरे कृष्णा ने आकर जॉइनिंग ली, लेकिन उन्हें आधा अधूरा प्रभार ही दिया गया। उन्हें आज तारीख तक रोकड़ बही और पिछला कार्यों के कोई दस्तावेज राजेश नाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।*वर्सन**होगी कानूनी कार्रवाई*आहरण के बाद भुगतान नहीं करने की शिकायत मिली है, मैने उन्हें तत्काल रकम जमा करने के लिए नोटिस भेजा है। अगर वे रकम जमा नहीं करेंगे, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी *-परमेश्वर कुर्रे,* सीईओ, जनपद पंचयत बकावंड
127वें एपिसोड में बस्तर सांसद महेश कश्यप रहे उपस्थित
जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को “मन की बात” कार्यक्रम के 127वें एपिसोड के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। बस्तर जिले के तोकापाल मंडल के ग्राम एर्राकोट में “मन की बात” कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में बस्तर सांसद महेश कश्यप उपस्थित रहे।इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए आगामी छठ महापर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भारत की एकता, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाने की अपील की।
अपने संबोधन में उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी,वंदे मातरम गीत से माँ भारती का वंदन,जीएसटी बचत उत्सव,मेग्रोव वनों के संवर्धन,छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाके में गश्त के दौरान सी आर पी एफ के एक देशी श्वान द्वारा आईईडी खोज जवानों को बचाने के संबंध में तारीफ करते हुए भारतीय नस्ल के स्वानों का संरक्षण करने और संस्कृत भाषा के पुनर्जागरण करने के संबंध में कहा ‘संस्कृत’ का नाम सुनते ही हमारे मन-मस्तिष्क में हमारे धर्मग्रंथ,वेद,उपनिषद, पुराण,शास्त्र,प्राचीन ज्ञान-विज्ञान,आध्यात्म और दर्शन आते हैं, लेकिन एक समय इन सभी के साथ-साथ ‘संस्कृत’ बातचीत की भी भाषा थी,लेकिन दुर्भाग्य से गुलामी के कालखंड में भी और आजादी के बाद भी संस्कृत लगातार उपेक्षा का शिकार हुईlइस वजह से युवा पीढ़ियों में संस्कृत के प्रति आकर्षण भी कम होता चला गयाl जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हर भारतीय के मन में गर्व की भावना भर दी है lकार्यक्रम में इस दौरान बीजापुर भाजपा जिला अध्यक्ष घासीराम नाग,जिला पंचायत सदस्य पदमनी कश्यप,जनपद अध्यक्ष तोकापाल रामबती भंडारी,उपाध्यक्ष रितेश दास जोशी,भाजपा मंडल अध्यक्ष सोमारु राम कश्यप,उपाध्यक्ष अनत राम कश्यप,महामंत्री मुन्ना लाल कश्यप,मंत्री चंद्रकांत भंडारी,एराकोट सरपंच कनेर कश्यप,उपसरपंच लैखन बघेल,भेजरीपदर सरपंच पीलू राम,संदीप ठाकुर,जलन कश्यप,सुलेश सोढ़ी,महादेव कश्यप,नरेंद्र नायक,निहान्शु सिंह,बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता,स्थानीय जन उपस्थित होकर मन की बात श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सुना l
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने ग्रामीण कार्यकर्ताओं के साथ सुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने नानगूर मण्डल के ग्राम पंचायत पंडरीपानी के बूथ क्रमांक 178 में ग्रामीण कार्यकर्ताओं के साथ सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 127 वां कड़ी का प्रसारणजगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने आज रविवार को जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के नानगूर मण्डल के ग्राम पंचायत पंडरीपानी में बूथ क्रमांक 178 में ग्रामीण कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम की 127 कड़ी का प्रसारण सुना। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की 140 करोड़ जनता से सीधे जुड़ते है और संवाद स्थापित करते हैं। मन की बात कार्यक्रम देश को दिशा प्रदान करता है। हम सभी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के संकल्प को और मजबूत करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात कार्यक्रम में प्रकृति से जुड़े महापर्व छठ को श्रद्धा, अपनापन व परंपरा का प्रतीक बताया और समस्त देशवासियों को छठ महापर्व की बधाई व शुभकामनायें दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर अंचल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुये कहा कि बस्तर के माओवादी क्षेत्र में कभी आतंक का अंधेरा रहता था, वहाँ इस दीपावली में अमन के दीपक से समूचा क्षेत्र रौशन हुआ है। स्वच्छता अभियान को लेकर अंबिकापुर में जागरूकता लाने प्लास्टिक के कचरे के बदले गार्डेन कैफे में लोगों को भरपेट भोजन कराने के नये अनूठे प्रयोग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की। देश को एकता के सूत्र में बांधने वाले लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का स्मरण करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी 31अक्टूबर को उनकी 150 वीं जयंती पर आयोजित होने वाली एकता दौड़ में सभी देशवासियों से शामिल होने की अपील की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आने वाले 7 नवम्बर को राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जिसमें संपूर्ण देश में विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुण्डा को श्रद्धा पूर्वक नमन करते हुये आगामी 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस समूचे देश में हर्षोल्लास से मनाने की बात कही। नानगूर मण्डल में मन की बात कार्यक्रम श्रवण के दौरान प्रमुख रूप से रजनीश पानीग्राही,नानगुर मंडल अध्यक्ष हरिराम मंडावी, महामंत्री चंद्रकांत सेठिया,रैदू नाग, उपाध्यक्ष जय मोहन शर्मा, जनपद सदस्य श्रीमती पार्वती शर्मा, सरपंच रोहित पंत, उप सरपंच चैतन कश्यप, राजू पोयाम, धरमूराम मंडावी, लखीधर बधेल, अमलपति बैस, राजेश ओगले, उदय दुबे, सुनील सोनी, अजय सोनी, हरिशंकर कश्यप, प्रकाश नागेश, गगन, परस ठाकुर, श्रीमती संगीता ठाकुर,हेमेश्वरी,सीता ठाकुर,फूलमती,जयंती,एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामवासी उपस्थित थे।
बस्तर सांसद महेश कश्यप और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बकावंड ब्लॉक के अंतर्गत सेक्टर कोलावल में आदि कर्मयोगी अभियान एवं धरती आबा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण ग्राम विकास, स्वावलंबन, और स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग के माध्यम से आत्मनिर्भर ग्राम की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर सांसद महेश कश्यप उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ग्राम विकास तभी संभव है जब हम अपने संसाधनों, संस्कृति और परंपराओं के साथ मिलकर कार्य करें। धरती आबा बिरसा मुंडा के आदर्श आज भी हमें प्रकृति संरक्षण और सामूहिक विकास का संदेश देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष सोनमति भद्रे ने की। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य ललिता कश्यप, जनपद उपाध्यक्ष तरुण पांडे, तथा पूर्व जनपद अध्यक्ष परिस बेसरा शामिल थे।कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों में कोलावल की सरपंच पदमनी कश्यप, मैलबेड़ा के सरपंच जोगेंद्र भारती, भिरेंडा के देवराज बघेल, मोखागांव के बुधराम नेताम, पाथरी के समदु राम कश्यप, बेनूराम धनपुर के सरपंच, तथा सतोसा के नवतन कर्मा प्रमुख रहे। साथ ही सचिवगण जयदेव सिंह ठाकुर, महेश यादव, प्रभुनाथ बघेल एवं धरम नाग की उपस्थिति ने प्रशासनिक समन्वय को मजबूती दी।कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, जल संरक्षण, महिला स्व सहायता समूहों की भूमिका तथा युवाओं की सहभागिता पर अपने सुझाव रखे। कई ग्राम पंचायतों ने अपने क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शिक्षा से जुड़ी प्राथमिक आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे धरती आबा बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलकर अपने ग्राम को आत्मनिर्भर और स्वच्छ बनाएंगे।
मसगांव के गडेयापारा में अब तक नहीं बन पाया आस्था का यह केंद्र
बकावंड ब्लॉक मुख्यालय बकावंड से मात्र 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मसगांव के गडेयापारा में ल्लाडोकरा मातागुड़ी का निर्माण आज तक अधूरा पड़ा हुआ है। पांच साल पहले कांग्रेस शासनकाल में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल द्वारा विधायक निधि से राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन अब तक गुड़ी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि दीवार तो खड़ी कर दी गई, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया है। न तो छत डाली गई, न ही गुड़ी का स्ट्रक्चर तैयार हो पाया है।
पांच साल बीत गए कांग्रेस शासन गया, भाजपा शासन आ गया, लेकिन गुड़ी का निर्माण आज भी अधर में लटका हुआ है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा रोष और नाराजगी है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है। विकास कार्यों में ऐसी लापरवाही ग्रामीण आस्था के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों की भावनाओं को समझते हुए विधायक लखेश्वर बघेल ने गुड़ी निर्माण के लिए निधि स्वीकृत करवाई थी, लेकिन आज भी ल्लाडोकरा माता गुड़ी अधूरी पड़ी है जो प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेदारों की लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण कार्य की जांच कराने,l और गुड़ी का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है ताकि देवी स्थल को उसका पूर्ण रूप मिल सके और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी आस्था को सम्मान मिल सके।
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत गिरोला के आश्रित ग्राम डूरकाबेड़ा में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पिछले तीन महीनों से केंद्र को किराए के कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा फिलहाल गांव के एक अस्थायी कमरे में करीब 12 नन्हे बच्चों को पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा और अन्य गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। लेकिन सीमित स्थान और संसाधनों की कमी के चलते बच्चों की सुविधा और सीखने का माहौल प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान जर्जर भवन की स्थिति और भी भयावह हो गई थी, दीवारों में दरारें और छत से पानी टपकने के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसी वजह से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर केंद्र को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है।अब ग्रामीणों के मन में सवाल है कि क्या विभाग मौसम खुलने के बाद नया भवन बनवाएगा या फिर इस स्थिति को अनदेखा कर दिया जाएगा? ग्रामीणों ने प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल्द से जल्द नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
ग्रामसभा का फैसला, गांव में पादरियों की एंट्री बैन
लगातार हो रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने एकजुट हुए सिड़मुर गांव के ग्रामीण
अर्जुन झा–
जगदलपुर कन्वर्जन के खिलाफ शुरू हुई मुहिम अब कांकेर व सुकमा के बाद बस्तर जिले के आदिवासी समुदाय के बीच भी पहुंच गई है। आदिवासियों ने अब एकजुटता दिखाते हुए कन्वर्जन का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। गांव गांव में पास्टर, पादरियों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का सिलसिला सा चल पड़ा है। बदलाव की यह बयार कांकेर जिले से शुरू होकर बस्तर और सुकमा जिलों तक पहुंच चुकी है। इसका बेहतर परिणाम भी सामने आने लगा है। विदित हो कि बस्तर जिले में ही हजारों चर्च बन चुके हैं। हाउस चर्च के माध्यम से शहर जगदलपुर में कन्वर्जन का खेल खुलकर खेला जा रहा है लेकिन सनातन रक्षा का दावा करने वाले संगठन बिल्कुल सामने नहीं आ रहे हैं, बल्कि आम ग्रामीण ही अब खुलकर इसका प्रतिकार कर रहे हैं। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से लगे सिडमुर गांव में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ग्रामसभा ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। गांव के सभी वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर प्रस्ताव पारित किया है कि अब बाहरी पादरी या धर्म प्रचारक गांव की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय ग्रामसभा में उपस्थित गांव के सभी 275 परिवारों की सर्वसम्मति से लिया गया है। ग्रामीणों और ग्राम प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है ।
कि यह निर्णय किसी धर्म विशेष के विरोध में नहीं है, बल्कि ग्रामीण एकता और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा लिए उठाया गया कदम है। वहीं गांव में पहले से रह रहे कुछ ईसाई परिवार इस निर्णय को लेकर असमंजस में हैं और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। ग्राम पंचायत के अनुसार, भविष्य में यदि कोई बाहरीव्यक्ति गांव में आकर धार्मिक प्रचार या धर्मांतरण की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सामूहिक निर्णय लेकर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का साफ कहना h कि गांव में सामाजिक एकता, पारंपरिक विश्वास और आपसी सौहार्द्र बनाए रखना है। ग्रामसभा में मौजूद बुजुर्गों और प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ी थी। बताया गया है कि ये लोग ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इससे गांव के पारंपरिक, सांस्कृतिक और सामाजिकढांचे पर खतरा मंडराने लगा था। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 10 से 12 वर्षों में गांव में ईसाई समुदाय के अनुयायियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी है, जिससे मतभेद और असंतोष की स्थिति बनती जा रही थी। सिड़मुर गांव की ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बहरी पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उद्देश्य बढ़ते धर्मांतरण को रोककर सामाजिक समरसता बनाए रखना है। ग्रामसभा ने यह भी कहा कि सिड़मुर गांव की परंपरा और आस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। सिड़मुर गांव के सभी 275 परिवारों ने सामूहिक रूप से इस प्रस्ताव का समर्थन किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा- यह निर्णय किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि गांव की शांति और एकता की रक्षा के लिए है।
बलराम है मास्टर माइंड
गांव के ही पादरी बलराम कश्यप जो खुद कन्वर्टेड है और उसका साथी भोलाराम नागलंबे समय से गांव के लोगों को बहला फुसला करकन्वर्ट कराते आ रहे थे।ग्रामीण उन्हें कई बार समझाईश दे चुके थे मगर वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। अंततः राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा गांव में गठित ग्राम रक्षा समिति के सह संयोजक पीलाराम सोनी उनके सहयोगी पाकलू राम भारती, कार्तिक गोयल एवं चैतूराम नाग की पहल पर गांव में सार्वजनिक बैठक हुई। इस बैठक में कड़ा फैसला लेते हुए कन्वर्जन का खेल चलाने वालों पर नकेल कस दी गई।
सुकमा में हो चुकी है बड़ी पहल
उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग में कन्वर्टेड लोगों की घर वापसी भी तेज गति से जारी है। कन्वर्टेड हो चुके लोग अपने मूल धर्म में वापस लौट रहे हैं। कन्वर्ट हो चुके लोगों की घर वापसी कराने के लिए अब भाजपा के लोग भी आगे आ रहे हैं। बस्तर संभाग के कांकेर जिले के अनेक गांवों से धर्मांतरित हो चुके लोगों की मूल धर्म में वापसी का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अब सुकमा जिले तक पहुंच चुका है।सुकमा जिले ग्राम पंचायत छिंदगढ़ रानीबाहर में एक समुदाय द्वारा ग्रामवासियों को बहला फुसला कर व प्रलोभन लालच देकर कई परिवारों का जबरन धर्मांतरण कराया गया था। इनमें से 6 परिवारों के लगभग 26 लोगों ने घर वापसी कर अपने पुराने समाज व अपने रीति रिवाजों को फिर से अपना लिया है। ये परिवार तीन साल पहले कन्वर्ट हुए थे। सुकमा जमींदार परिवार के सदस्य एवं ग्राम रानीबहाल के युवराज विक्रांत सिंह देव, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष संजय सोढ़ी, ग्राम के प्रमुखजनों, पुजारी की उपस्थिति में इन 6 परिवारों की घर वापसी कराई गई। हूंगा राम मरकाम ने कहा है कि इन लोगों को दूसरे धर्म के लोगों द्वारा बहला फुसला कर दूसरे धर्म को अपनाने के लिए मजबूर किया गया था। हमारे द्वारा समझाईश दी जाने पर इन परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की है अब आने वाले दिनों में और लोगों की घर वापसी होगी। कन्वर्टेड लोगसमाज से बाहर थे अब उन्हें वापस समाज से जोड़ लिया गया है। उन्हें तिलक लगा कर, चावल और फूल सौंपकर एवं धरती माता को स्पर्श कराया गया। पानी में हल्दी, तुलसी पता डालकर उसे जात का रूप दिया गया। इस जल को गंगाजल जैसा पवित्र माना जाता है। इस जल को घर वापसी कर रहे लोगों पर छिड़का गया और धरती माता को भी अर्पित किया गया। माटी पुजारी ने धार्मिक प्रक्रियाएं संपन्न कराईं। अब ये सभी परिवार गांव के सार्वजनिक एवं सामाजिक क्रियाकलापों और धार्मिक कार्यक्रमों में पहले की तरह भाग ले सकेंगे।