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काम अधूरा, 30 सचिवों को 45 दिन में लौटाने होंगे 3.20 करोड़ रु

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जिला पंचायत का बड़ा फैसला: राशि जमा नहीं करने पर RRC से होगी वसूली, नारायणपुर और ओरछा के सचिवों पर

शिकंजासुनील कथूरिया

नारायणपुर आदिवासी अंचल नारायणपुर और अबूझमाड़ की ग्राम पंचायतों में विकास व निर्माण कार्यों के नाम पर निकाली गई सरकारी राशि के दुरुपयोग पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।जिला पंचायत ने अलग-अलग ग्राम पंचायतों के 30 सचिवों से 3 करोड़ 19 लाख 67 हजार रुपये की वसूली के कड़े आदेश जारी किए हैं। आरोप है कि सचिवों ने निर्माण कार्यों के लिए तय राशि का आहरण तो कर लिया, लेकिन धरातल पर काम अधूरे छोड़ दिए। कई मामलों में विभागीय जांच के दौरान भारी वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं RRC के तहत होगी वसूली, SDM को निर्देश**जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने 21 जुलाई को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया। आदेश के तहत नारायणपुर और ओरछा के एसडीएम को संबंधित सचिवों के खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (RRC)दर्ज कर 45 दिनों के भीतर पूरी राशि वसूलने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

प्रगति रिपोर्ट: एसडीएम को हर माह वसूली की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजना अनिवार्य होगा।

खातों में जमा होगी राशि: वसूल की गई राशि को संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में वापस जमा कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन:** आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य *छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965* का उल्लंघन है और इसे *छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993* के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है।

प्रमुख बकायेदार और वसूली की राशि सचिव का नाम | बकाया राशि (रुपये में) रमेश विश्वकर्मा | ₹40.82 लाख || कार्तिक नंदी| ₹40.32 लाख || विनोद गावड़े | ₹31.22 लाख || विमल द्विवेदी| ₹25.86 लाख || जितेन्द्र कुमेटी | ₹22.73 लाख (अन्य मद में ₹4.60 लाख पृथक) || गुड्डी कश्यप | ₹16.11 लाख || सुरेश साहू | ₹12.00 लाख || संतुराम शोरी| ₹11.32 लाख || मंगनी ध्रुव| ₹11.19 लाख || विभूति राय | ₹10.57 लाख |अन्य सचिव: इनके अलावा हुलसी कावड़े, शांतु शोरी, जयराम नाग, कमलू कुमेटी, महाबीर भोयर, बेलमती मांझी, मंगलराम सलाम और बलराम मरकाम सहित अन्य सचिवों के नाम भी वसूली सूची में शामिल हैं।> जिला पंचायत सीईओ ने सख्त हिदायत दी है कि 45 दिनों की तय सीमा के भीतर सभी सचिवों से शत-प्रतिशत राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।

बहुड़ा यात्रा: कल शाम 4 बजे पुराना बस स्टैंड से निकलेगा भगवान जगन्नाथ का रथ, नगरवासियों में भारी उत्साह

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सुनील कथूरिया संवाददाता

नारायणपुर भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रसिद्ध ‘बहुड़ा यात्रा’ (बहुड़ा गोंचा) कल, दिनांक 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जाएगी।गुंडीचा मंदिर में विराजित भगवान अब पुनः अपने धाम ‘ मंदिर’ के लिए प्रस्थान करेंगे। इस पावन अवसर पर पुराना बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर (गुंडीचा मंडप) से शाम ठीक 4:00 बजे भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।आयोजकों ने सभी नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से विशेष अपील करते हुए कहा है कि जिस प्रकार नवदिवसीय यात्रा के प्रारंभ में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था, उसी भक्ति-भाव और उत्साह के साथ बहुड़ा यात्रा में भी शामिल हों। उन्होंने सभी से इस पुण्य अवसर का भागीदार बनकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है।

बिग ब्रेकिंग दल्ली राजहरा-:शादी समारोह से लौट रहे एक ही परिवार की कार बिजली खंभे से टकराई, इंजीनियरिंग छात्रा की मौत, पांच घायल

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दल्लीराजहरा (बालोद)। शुक्रवार देर रात लगभग 12:30 बजे दल्लीराजहरा नगर के मेन रोड स्थित हिंदू होटल के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। डौण्डी के बंधियापारा निवासी एक ही परिवार के छह लोग जिस स्विफ्ट कार (क्रमांक CG 07 BM 1040) में सवार होकर शादी समारोह से लौट रहे थे, वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे में कार सवार कुमारी शारदा पाटिल (24 वर्ष), पिता पुरुषोत्तम पाटिल, निवासी बंधियापारा डौण्डी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार अन्य पांच लोग घायल हो गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी लोग चिपरा (कुसुमकसा) में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होकर वापस डौण्डी लौट रहे थे। इसी दौरान दल्लीराजहरा के हिंदू होटल के सामने चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे के समय कार चला रहे रंजीत पिता समारु राम(55 वर्ष), जो मृतका के दादा बताए जा रहे हैं, भी घायल हुए हैं।हादसे में घायल अन्य लोगों में ममता पति भादू राम, उम्र 40 वर्ष निवासी साल्हे टोला लोहारा,नीतू पिता रंजीत उम्र 35 वर्ष, रंजना रावटे पिता उत्तम रावटे उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम कोचेरा लोहारा तथा मेघा ठाकुर पिता घनश्याम ठाकुर उम्र 21 वर्ष निवासी डोंगरगांव शामिल हैं।

सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।बताया गया है कि मृतका शारदा पाटिल बिलासपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थीं। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार अथवा वाहन का अनियंत्रित होना माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

उपेक्षित और अनदेखा पड़ा है एक हजार साल पुराना शिवलिंग

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इस शिवलिंग का जलहरी है वर्गाकार

चित्रकोट जलप्रपात के पास स्थित है यह भव्य और दिव्य शिवालय

छग का सबसे बड़ा मानव निर्मित शिवलिंग

अर्जुन झा-

जगदलपुर रत्नगर्भा बस्तर की धरा सिर्फ खनिज और वन संपदा की ही प्रचुरता लिए हुए नहीं है, बल्कि यहां की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत भी यह धरा अपने दामन में समेटे हुए है। यहां की अनेक आध्यात्मिक और धार्मिक धरोहरें जहां जग विख्यात हैं, वहीं कई गुमनाम हालत में हैं कई प्राचीन धार्मिक स्थल उपेक्षा और अनदेखी का शिकार हैं। इन्हीं उपेक्षित धरोहरों में शामिल है बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के समीप स्थित सिदईगुड़ी का प्राचीन शिवलिंग।

छत्तीसगढ़ का नियाग्रा वाटरफॉल कहे जाने वाले चित्रकोट जल प्रपात को तो देश विदेश के लोग जानते हैं, क्योंकि वह आंखों को सुकून देता है, मगर मन को शांति देने वाले और तन मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाली छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर से बस्तर से इतर शेष दुनिया के लोग पूरी तरह अनजान हैं। पहले मन में बस्तर का नाम आते ही पूरे शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती थी। बाहरी दुनिया के लोग इसे खून खराबे वाली धरती मानते रहे हैं, मगर अब यह मिथक टूट चुका है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर अब शांति का टापू बन चुका है। यहां अनगिनत पर्यटन स्थल और प्रचुर खनिज एवं वन संपदा है, जो बस्तर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बस्तर की धरती सिर्फ खनिज और वन संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि यहां ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के सैकड़ों स्थल भी हैं, जो बस्तर की आदिम सभ्यता के गवाह हैं। राजधानी रायपुर से 335 किमी दूर और संभाग मुख्यालय जगदलपुर से 35 किमी दूर विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के समीप स्थित सिदईगुड़ी का प्राचीन एवं विशाल मानव निर्मित शिवलिंग छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय प्रतीक है।

इतिहासकारों के अनुसार यह शिवलिंग 11वीं शताब्दी में चक्रकोट (वर्तमान बस्तर) पर शासन करने वाले छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा स्थापित कराया गया था।पुरातत्व विभाग के अनुसार यह लगभग एक हजार वर्ष पुराना मंदिर है। इस पूर्वाभिमुखी मंदिर में गर्भगृह है जिसमें बड़ा सा शिवलिंग वर्गाकार जलाहरी पर स्थापित है। यह मंदिर चित्रकोट जलप्रपात से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है जो कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। बस्तर सांसद महेश कश्यप के मीडिया प्रतिनिधि रोहन कुमार ने बताया कि यह शिवलिंग अपनी भव्यता, प्राचीन स्थापत्य कला एवं धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। माना जाता है कि यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मानव निर्मित शिवलिंग है। यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर हर साल तीन दिवसीय मेले का भव्य आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक शामिल होते हैं। इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर ओमप्रकाश सोनी ने बताया चित्रकोट जलप्रपात देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। अधिकांश श्रद्धालु एवं पर्यटक इस प्राचीन शिवलिंग और इसके गौरवशाली इतिहास से परिचित हों इस हेतु इसका व्यापक स्तर प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। ताकि लोगों को क्षेत्र के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी मिल सके तथा धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।

सनातनी हैं आदिवासी भी

बस्तर शुरू से आदिवासियों की धरती है। यहां के आदिवासी जल, जमीन और जंगल के सहारे अपनी आजीविका चलाते आए हैं। बड़ा देव यानि शिवजी के उपासक आदिवासी मूलतः सनातनी हैं। इस बात के प्रमाण उन्हीं के पूर्वजों द्वारा स्थापित देवी देवताओं के मंदिर हैं। दंतेवाड़ा में स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा जिले के ही बारसूर में एक पहाड़ की चोटी पर स्थापित विश्व की सबसे विशाल पत्थर से निर्मित भगवान गणेशजी की प्रतिमा, सुकमा जिले के रामाराम स्थित भगवान श्रीरामचंद्र जी का मंदिर, कलकल बहती माता शबरी के नाम की नदी, कांकेर का कंकालीन माता मंदिर जैसे दर्जनों धार्मिक स्थलों को यहां के आदिवासी पूर्वजों ने ही बनवाया है। बाद में बस्तर में आ बसे विजातीय लोगों ने सनातन धर्म में फूट डालने के लिए आदिवासियों को सनातन से अलग धर्म बताना शुरू कर दिया। आदिवासी समुदाय के एक तबके ने विजतियों के चल प्रपंच में आकर खुद को सनातन धर्म से अलग मानना शुरू कर दिया। जबकि जिस बड़ा देव को आदिवासी पूरी श्रद्धा के साथ पूजते हैं, उन्हीं भोलेनाथ के पुत्र भगवान गणेश जी की कई प्राचीन प्रतिमाएं बस्तर की धरती पर स्थापित हैं। इस बात में कोई शक नहीं कि इन प्रतिमाओं को भी आदिवासी पूर्वजों ने बनाकर स्थापित किया है।माता शबरी भी आदिवासी थी, जिन्होंने भगवान राम को जूठे बेर खिलाए थे। दूसरे धर्म के लोगों ने सनातन धर्म को तोड़ने के गणेश चतुर्थी पर्व, होली, दिवाली त्यौहार मनाने से भी आदिवासियों को रोकने की चाल चली।

बालोद पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मजबूत सूचना तंत्र से अपराध नियंत्रण में सफलता

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संदिग्ध आरोपी से सामग्री जब्त, अवैध गतिविधियों पर करारा प्रहार

पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में आज दिनांक 20.07.2026 को बालोद पुलिस द्वारा जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सघन अभियान चलाया गया।इसी क्रम में थाना प्रभारी गुंडरदेही नवीन बोरकर की टीम द्वारा त्वरित एवं योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति विजय सोनवानी पिता अलखराम सोनवानी उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 11 गुंडरदेही को पकड़कर उसके कब्जे से चोरी/संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।उक्त प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा 106 बी.एन.एस.एस. के तहत कार्यवाही की गई है।जब्त सामग्री में 01 नग मोबाइल, 02 नग सायकल एवं 01 नग जनरेटर पंप (कीमत लगभग ₹2000/-) शामिल है। यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं सुदृढ़ सूचना तंत्र का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ा संदेश गया है। उक्त कार्यवाही के दौरान आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। इस प्रकार की सतत एवं प्रभावी कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग रहा है तथा आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

पुलिस अधीक्षक का बयान:

पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने उक्त कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि“जिले में अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाना एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है।”उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसहभागिता को बढ़ावा देते हुए सतर्क, संवेदनशील एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करें, ताकि जिले में शांति, सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण और अधिक मजबूत हो सके।

बस्तर के स्कूलों में साइबर सुरक्षा, साइबर स्क्वाड और पॉक्सो जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव

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पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर राष्ट्रीय मानवाधिकार व अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनएचआरसीसीबी) बस्तर संभाग ने जिले के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और बाल संरक्षण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा को प्रस्ताव सौंपा है। प्रस्ताव में जिले के सभी शासकीय, निजी एवं सीबीएसई स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, छात्र-नेतृत्व वाले “साइबर स्क्वाड” के गठन तथा कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रभावी पॉक्सो प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने का आग्रह किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हाल के समय में स्कूलों के प्राचार्यों एवं विभिन्न हितधारकों से चर्चा के दौरान यह सामने आया कि विद्यार्थियों के बीच सोशल मीडिया का दुरुपयोग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन मानहानि, डिजीटल उत्पीड़न तथा अन्य साइबर अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई छात्र अनजाने में ऐसे कार्यों में शामिल हो जाते हैं, जिनके गंभीर मानसिक, सामाजिक और कानूनी परिणाम सामने आते हैं। संस्था का मानना है कि समय रहते जागरूकता और मार्गदर्शन से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। ब्यूरो ने प्रस्ताव में पुलिस विभाग के साथ मिलकर जिलेभर के स्कूलों में साइबर जागरूकता एवं व्यक्तित्व निर्माण शिविर आयोजित करने की बात कही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल नैतिकता, साइबर बुलिंग के दुष्प्रभाव, ऑनलाइन सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। संस्था ने बताया कि उसके प्रशिक्षित विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं विधिक जानकार इन कार्यक्रमों के संचालन के लिए तैयार हैं।प्रस्ताव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रत्येक विद्यालय में छात्र-नेतृत्व वाले “साइबर स्क्वाड” के गठन से जुड़ा है। यह स्क्वाड पुलिस साइबर सेल एवं संस्था के मार्गदर्शन में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की प्रारंभिक पहचान करना, विद्यार्थियों को जागरूक करना तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों तक गोपनीय रूप से जानकारी पहुंचाना होगा, ताकि छोटे मामलों को गंभीर अपराध बनने से पहले रोका जा सके। संस्था ने पॉक्सो अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रमों को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखकर व्यवहारिक और प्रभावी प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, अनुचित स्पर्श की पहचान, सुरक्षित व्यवहार तथा शिकायत और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। संस्था ने भरोसा दिलाया है कि उसके प्रशिक्षक, काउंसलर और विधिक स्वयंसेवक यह पूरा सहयोग निःशुल्क उपलब्ध कराएंगे। ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा से समय उपलब्ध कराकर विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा करने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि पुलिस विभाग और संस्था के संयुक्त प्रयास से जिले के स्कूलों में इन कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन शुरू किया जा सके। संस्था का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बस्तर के बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना और उन्हें साइबर एवं लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूक बनाना है। पत्र सौंपने के दौरान ब्यूरो के संभाग अध्यक्ष जगमोहन सोनी, सचिव अक्षय देशमुख, मीडिया प्रभारी रविराज पटनायक, उपाध्यक्षद्वय नवीन एक्का एवं प्रेमदास मानिकपुरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

निधन सूचना

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शहर के भगत सिंह वार्ड पथरागुड़ा निवासी श्रीमती शरददेवी रथ(90) पति स्वर्गीय वासुदेव रथ का आज मंगलवार सुबह 9 बजे दुखद निधन हो गया। अवस्थ्य होने के कारण सुबह 6 बजे परिजन निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किए। उपचार के दौरान धरमपुरा स्थित एमपीएम अस्पताल में अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार आज मंगलवार दोपहर 1.30 बजे प्रवीर वार्ड खड़कघाट स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। वे श्याम सुंदर,बालमुकुंद,बृजमोहन रथ और श्रीनिवास रथ की माताजी थी। वे आपने पीछे 4 पुत्र 2 पुत्री समेत नाती पोतों से भरा परिवार छोड़ गई।

चित्रकोट जलप्रपात में लौट आई बहार

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बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं दूसरे राज्यों के पर्यटक

जगदलपुर बरसात के बीच चित्रकोट जलप्रपात पूरे शबाब पर है। पचासों फीट ऊपर से गिरते पानी के झरनों की गर्जना और ऊपर उठती फुहारों ने बड़ा ही मनोरम दृश्य बना दिया है। इस बेहद खूबसूरत नजारे को निहारने बड़ी संख्या में पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात पर पहुंच रहे हैं। आज सुबह रिमझिम बारिश के बीच दूसरे राज्यों से आए सैकड़ों पर्यटक यहां इंद्रावती नदी की लहर और उनकी गर्जना के बीच सपरिवार आनंद लेते दिखे। यहां तीन माह से बहुत कम पर्यटक आ रहे थे, जिससे स्थानीय होटल संचालक और रेस्टोरेंट समेत कई लोगों के व्यवसाय मंदी पर थे। मानसून के आगमन के साथ ही अब इनके भी चेहरे खिल उठे हैं। रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि बाहरी टूरिस्ट बोडा की सब्जी, बिरयानी और कोफ्ता की मांग कर रहे है, वहीं कुछ लोग लोकल फूटू की सब्जी को पसंद कर रहे हैं।

बालोद में महिला के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला, पुलिस जांच तेज

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बालोद बालोद जिले में एक महिला के साथ कथित अपहरण एवं सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। घटना बालोद-दल्लीराजहरा मुख्य मार्ग स्थित पर्यावरण पार्क के समीप की बताई जा रही है, जहां एक महिला अचेत अवस्था में मिली। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला कांकेर जिले की निवासी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार महिला की मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं बताई जा रही है। उपचार के दौरान होश में आने के बाद महिला ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला ने अपने बयान में बताया है कि उसका अपहरण किया गया था और उसे करीब 12 घंटे तक अपने कब्जे में रखा गया। महिला के बयान एवं अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि घटना को तीन अज्ञात ट्रक चालकों ने अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपहरण एवं सामूहिक दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा घटना के समय बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग से गुजरने वाले ट्रकों की जानकारी जुटाई जा रही है तथा परिवहन रिकॉर्ड एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्ध वाहनों और चालकों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित कर जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान, चिकित्सीय परीक्षण, फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज का युवक-युवती संवाद

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आयोजन में पूरे संभाग के सैकड़ों युवा शामिल

जगदलपुर सामाजिक एकता और युवा जागरूकता का संदेश लेकर बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज युवा संगठन जगदलपुर द्वारा रविवार को ऐतिहासिक युवक-युवती संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से सैकड़ों युवाओं ने भाग लेकर समाज को संगठित करने का संकल्प लिया। भगवान श्रीराम और माई दंतेश्वरी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। फिर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस अवसर पर सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल सहित जगदलपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में समाज को सशक्त बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यह संवाद केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता लाने और नया नेतृत्व तैयार करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं की व्यापक उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि समाज का युवा वर्ग अब अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर है। संवाद के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और आपसी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन का गांव-गांव तक विस्तार किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं को जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा और नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे समाज की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सके।कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और युवतियों की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया। समाज के उत्थान में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए “युवती संवाद” मंच के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। इस मंच के माध्यम से समाज की बहनें अपनी बात रख सकेंगी और नेतृत्व में अपनी भूमिका निभा सकेंगी। साथ ही यह भी तय किया गया कि समाज के किसी भी सदस्य के सुख-दुख में युवा एकजुट होकर सहयोग करेंगे। समापन सत्र में आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित कर इस कार्यक्रम के परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा और भविष्य में और बड़े स्तर पर युवा संवाद आयोजित करने की योजना बनाई जाएगी।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित युवाओं ने समाज को नई दिशा देने, शिक्षा को बढ़ावा देने और एक मजबूत व आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प लिया। बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज युवा संगठन जगदलपुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों, पदाधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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