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आपको नर्क के नजारे देखने हों तो चले आइए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकावंड में

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  • बजबजा रहे हैं शौचालय, पानी के लिए तरस रहे हैं मरीज और परिजन
  • मच्छरों की है भरमार, बिस्तर हैं मैले कुचैले

अर्जुन झा-

बकावंड आगर आपको जीते जी नर्क के नजारे देखने हैं, तो कहीं और जाने की जरूरत नहीं है, सीधे चले आइए बकावंड के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में। नर्क के सारे दृश्य आपको यहीं पर देखने को बिना मरे ही देखने को मिल जाएंगे। यहां न पानी है और न गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर पंखों का इंतजाम। बिस्तर चादरें सारी गंदी पड़ी हैं। मच्छरों की भरमार रही सही कसर पूरी कर रही है।

शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकावंड पर विकासखंड के हजारों ग्रामीण चिकित्सा सुविधा के लिए निर्भर हैं, मगर यहां विकासखंड स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। शौचालय गंदगी से बजबजा रहे हैं, मल सीट के ऊपर तक भर आया है। शायद सेफ्टीक टैंक भर गया है। इसके आलावा शौचालयों की दीवारें भी गंदी हो चली हैं। पांच दिन से पूरे अस्पताल में जलापूर्ति ठप है। इसकी तह तक जाने पर पता चला कि अस्पताल के बोर का मोटर पंप जल गया है। उसकी मरम्मत तक नहीं कराई जा सक रही है।गर्मी के इस दौर में मरीजों और उनके परिजनों को बाजार से पानी की बोतलें खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। अस्पताल के अधिकतर पंखे बंद पड़े हैं, वार्डों में कूलर हैं नहीं। भीषण गर्मी में मरीजों और उनकी तिमारदारी के लिए साथ रहने वाले मरीजों को न दिन में चैन मिल रहा है और न रात में चैन की नींद नसीब हो रही है। मच्छर अलग से परेशान करते रहते हैं। बिस्तरों और चादरों की गंदगी देखकर जी मिचलाने लगता है। लगता है महीनों से बेडशीट और चादरों की धुलाई नहीं हुई है।

जच्चा बच्चा सब परेशान

सामान्य वार्डों के मरीजों को तो यातना झेलनी ही पड़ रही है, प्रसव वार्ड की हालत तो और भी खस्ता है। प्रसूति वार्ड का भी पंखा नहीं चल रहा है। महिलाओं और उनके नवजात बच्चों को मच्छर काट काटकर हलाकान कर रहे हैं। आलम यह है कि प्रसूता महिलाओं को तीन दिन तक ऑब्जर्वेशन में रखने के बजाय एक ही दिन में छुट्टी देनी पड़ रही है। अस्पताल में मरीज नरकीय स्थिति से गुजर रहे हैं। महिलाओं के प्रसव वार्ड में भी पानी नहीं होने से उनके रिश्तेदार बाजार से पानी खरीदकर ला रहे हैं। डिलवरी के क्रिटिकल केसेस में एंबुलेंस नहीं मिलती और कई बार डिलवरी कराने पहुंची महिलाओं की जान जोखिम में पड़ जाती है ।खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश मरकाम ने अस्पताल में जलापूर्ति ठप होने की बात तो स्वीकार की, लेकिन अन्य मसलों पर उन्होंने चुप्पी साध ली।

वर्सन

मेकेनिक नहीं मिल रहा

ये सच है कि मोटर खराब होने से पानी की किल्लत अस्पताल में है। मेकेनिक के नहीं आने से यह नौबत आई है। मोटर बनते ही समस्या दूर हो जाएगी।

-डॉ. हरीश मरकाम,

बीएमओ, बकावंड

ग्रामीण नेशनल लोक अदालत की तैयारी एवं 1 जुलाई से लागू होने वाली नई कानून के संबंध में बैठक हुई संपन्न

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बालोद– आगामी नेशनल लोक अदालत की तैयारियों के परिप्रेक्ष्य में माननीय डाॅ0 प्रज्ञा पचौरी, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद संजय कुमार सोनी की अध्यक्षता में दिनांक 16.06.2024 को पुलिस विभाग के साथ बैठक सम्पन्न हुई। उक्त बैठक में दिनांक 13.07.2024 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत हेतु जारी नोटिस की तामिली में आने वाली समस्याओं के संबंध में चर्चा की गयी तथा थाना से प्रस्तुत होने वाले समरी प्रकरणों श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा आवश्यक दिशा- निर्देश दिये गये। 1 जुलाई 2024 से लागु होने वाली नवीन क़ानून भारतीय न्याय संहिता , भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम , भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सम्बन्ध में भी चर्चा की गई ।उक्त अवसर पर श्री अशोक कुमार जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद, श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद, श्री महेश बाबू साहू न्यायिक मजिस्ट्रेट गुण्डरदेही, कु0 सतप्रीत कौर छाबड़ा, न्यायिक मजिस्ट्रेट डौण्डीलोहारा, श्रीमती सोनी तिवारी न्यायिक मजिस्ट्रेट दल्लीराजहरा तथा बालोद जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारी एवं समस्त थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

साय और शर्मा ने शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि

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जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत ओरछा इलाके में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए एसटीएफ के जवान नितेश एक्का को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने चौथी बटालियन माना पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। शहीद जवान नितेश एक्का के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे जवान नितेश एक्का।

साय और शर्मा ने शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि

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जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत ओरछा इलाके में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए एसटीएफ के जवान नितेश एक्का को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने चौथी बटालियन माना पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। शहीद जवान नितेश एक्का के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे जवान नितेश एक्का।

मंत्रियों के विभागों की समीक्षा के बजाय पूरी सरकार का परीक्षण करना चाहिए सीएम को : दीपक बैज

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  •  6 माह में ही नाकाम साबित हुई साय सरकार

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मंत्रियों के विभागों की समीक्षा फिजूल की कवायद है। मुख्यमंत्री को मंत्रियों के विभागों की समीक्षा के बजाय अपनी पूरी सरकार का आत्म अवलोकन करना चाहिए। 6 माह में भाजपा की सरकार ही विफल साबित हुई है। सिर्फ मंत्रियों के विभागों की समीक्षा से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। पूरी सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो चुकी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का दौर हावी है। विष्णुदेव साय सरकार की विफलताओं की पूरी श्रृखंला है। साय सरकार के 6 माह में छत्तीसगढ़ बदहाल हो गया। कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। एसपी कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया। हत्याओं का नया रिकॉर्ड बन गया। प्रदेश में मॉब लिंचिंग शुरू हो गई। आरंग में दो लोगों की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। गौ तस्करी की शुरू हो गई है। महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो गई है। पोटाकेबिन में बच्ची की जलकर मौत, अबोध बच्ची मां बनी, नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेड़खानी, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, लूट, अपराध, डकैती, चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ गई हैं। नक्सली घटनाएं बढ़ गई हैं। सरकार ने 6 माह में कोई घोषित नक्सल नीति नहीं बनाई। रोज नक्सली हत्यायें कर रहे हैं। सरकार बयान देने तक सीमित है। रेत के दाम तीन गुना बढ़ गए। भाजपाई सत्ताधीशों और रेत माफियाओं के बीच सांठगांठ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 18 लाख आवास देने का वादा था, 6 माह में 1 भी नया मकान नहीं दे पाए। कांग्रेस राज में 7 किलो राशन मिलता था उसमें कटौती हो गई। सरप्लस बिजली वाले छत्तीसगढ़ में बिजली कटौती शुरू हो गई। जमीनों की रजिस्ट्री में जनता को लूटा जा रहा है। भूमि के गाईड लाईन की दर में 30 प्रतिशत के छूट को समाप्त कर दिया। लेकिन रजिस्ट्री फीस में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को नहीं हटाया गया। खाद बीज का संकट है। दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के 6 माह में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। राजनांदगांव, बस्तर, बिलासपुर, महासमुंद हर जगह से किसानों की आत्महत्या की खबरे आ रही है। किसानों के धान का पैसा न्याय योजना की चौथी किस्त खा गए। सरकार ने मक्का, गन्ना गौण अन्नो का समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद कर दी। युवाओं को मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया। सरकार ने व्यापारियों से भयादोहन शुरू कर दिया जीएसटी के छापे मारे जा रहे, व्यापारियों को डराया जा रहा, वसूली की जा रही है। जमीनों के खसरा लॉक कराया जा रहा है, नामांतरण बंटाकन रजिस्ट्री रोककर जमीन व्यापारियों से वसूली की जा रही है। 6 माह में 16000 करोड़ का कर्ज ले लिया सरकार का वित्तीय प्रबंधन फेल। पांच सौ रूपया में रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा भूल गये, छात्रों को स्कूल कॉलेज जाने भत्ता का वादा भूल गये, 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का वादा अधूरा, कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10 हजार रू. सालाना देने का वादा भूल गये। रिमोट कंट्रोल सरकार है विष्णुदेव सरकार। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र शासित सरकार बन गयी है। सरकार के सारे फैसले पीएमओ से लिये जा रहे है। महतारी वंदन में माताओं, बहनों से धोखा, 25 प्रतिशत माताओं के खाते में पैसा गया, शेष घूम रही है।

दोहरे हत्याकांड के सभी 12 आरोपियों की गिरेबां तक पहुंचे बस्तर पुलिस के हाथ

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  •  6 घंटे के भीतर पकड़े थे 6 आरोपी, फरार 6 आरोपी 48 घंटे के भीतर धराए

जगदलपुर इरिकपाल गांव में जमीन विवाद के चलते की गई दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में फरार छह अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना को अंजाम देकर छिपे हुए आरोपियों को पुलिस ने अगल-अगल ठिकानों से पकड़ा है।

सगे भाई योगेश कश्यप व चंद्रशेखर कश्यप पर तीर धनुष,फरसा कुल्हाड़ी व डंडे से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्या के इस मामले में 12 जून को आरोपी चैनसिंह गागड़े पिता स्व. ठुरलू गागड़े उम्र 50 वर्ष निवासी ईरिकपाल स्कूल पारा, जितेंद्र उर्फ तुलसीराम नाग पिता संपत नाग उम्र 29 साल निवासी पुनारा कोर्ट परिसर जगदलपुर, मनीराम नाग पिता स्व. लुटीराम नाग उम्र 40 साल निवासी ईरिकपाल ठोठापारा, विष्णु गागड़ा पिता पूरन सिंह गागडा उम्र 48 साल निवासी पनारा पारा माता मंदिर के पीछे जगदलपुर, वासुदेव गागड़ा पिता विष्णु गागड़ा उम्र 27 साल निवासी पनारापारा माता मंदिर के पीछे जगदलपुर और मानसिंग गागड़े पिता चैनसिंग गागड़े उम्र 29 साल निवासी ईरिकपाल स्कूल पारा को पकड़ा गया था। इसके बाद 14 जून को आरोपी मोतीलाल गागड़े पिता वीरेंद्र गागड़े उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम ईरिकपाल स्कूलपारा,

पंकज गागड़े पिता किशन कुमार गागड़े उम्र 19 साल निवासी ईरिकपाल ठोठापारा, धरमसिंग गागड़े पिता चैनसिंग गागड़े उम्र 23 साल निवासी ईरिकपाल स्कूलपारा, वीरेंद्र गागड़े पिता स्व. टुरलू उम्र 60 साल निवासी ईरिकपाल ठोठापारा, किशन कुमार नाग पिता मनीराम नाग उम्र 20 साल निवासी ईरिकपाल ठोठापारा और रतन गागड़े पिता चैनसिंग गागड़े उम्र 27 साल निवासी ग्राम ईरिकपाल स्कूलपारा की गिरफ्तारी हुई है। जा ज्ञात हो कि 11 जून ग्राम ईरिकपाल में जमीन विवाद व आपसी रंजिश के चलते गांव के ही 12 व्यक्तियों ने योजना बनाकर योगेश कश्यप और चंद्रशेखर कश्यप को खेत से जोताई व धान छिडक कर वापस आते वक्त मार डाला था। आरोपियों को गिरफ्तार करने में निरीक्षक सुरेश जांगड़े, शिवानंद सिंह,

उप निरीक्षक प्रमोद ठाकुर, अमित सिदार, लोकेश्वर नाग, भुवनेश्वर चंद्रवंशी,सहायक उप निरीक्षक लंबोदर कश्यप, दिनेश उसेंडी, पुरूषोत्तम नायडू, देवेंद्र राय, विनायक सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक अनिल कन्नौजे, मनीष नेताम, चंदर मंडावी, देवचरण पेंद्रो,

आरक्षक युवराज सिंह ठाकुर, रवि सरदार, भूपेंद्र नेताम, संजय रजावत, केशव चंद्रा, थनेन्द्र सिन्हा, रोशन चौहान, नकुल नुरेटी, रमेश पोर्ते व धनमती कश्यप, रीना अनंत की अहम भूमिका रही।

विस्फोटक के साथ 5 लाख की ईनामी मिरतुर एलओएस कमांडर सहित 4 नक्सली गिरफ्तार

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  •  कब्जे से विस्फोटक, नक्सली पर्चे बैनर बरामद
    अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी बीजापुर एवं थाना भैरमगढ़ की अलग अलग कार्रवाई में 3 नक्सलियों को विस्फोटक के साथ पकड़ा गया।
    सुराखाड़ापारा केशकुतुल पहाड़ी जंगल से विस्फोटक के साथ 2 नक्सलियों को पकड़ा गया। पकड़े गए नक्सलियों में बोमड़ा कवासी एवं सुक्को कुंजाम है। नक्सलियों के कब्जे से टिफिन बम, जिलेटिन स्टीक, नक्सली पर्चे, इलेक्ट्रिक फ्यूज वायर बरामद किए गए। वहीं बिरियाभूमि के जंगल में विस्फोटक के साथ महिला नक्सली मिरतुर एलओएस कमांडर गल्लो वेक्को को पकड़ा गया।

इस महिला नक्सली पर 5 लाख रुपए का ईनाम घोषित है। गल्लो वेक्को वर्ष 2016 से नक्सल संगठन में सक्रिय रही। थाना मिरतुर एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल चेरली 15वीं वाहिनी ई कंपनी का संयुक्त बल फुलादी, जप्पेमरका की ओर निकली थी। अभियान के दौरान फुलादी एवं जप्पेमरका के मध्य जंगल से झाड़ियो में छुपे एक संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। जिसके कब्जे से टिफिन बम, डेटोनेटर, पेंसिल सेल, इलेक्ट्रिक वायर बरामद किए गए। पकड़ी गई समीला उईका एलओएस पार्टी सदस्य वर्ष 2013 से नक्सली संगठन में सक्रिय थी। पकड़े गये नक्सलियों के विरूद्ध थाना भैरमगढ एवं मिरतुर में वैधानिक कार्यवाही उपरान्त उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।

सड़ी मछलियों ने कर दिया है ग्रामीणों का जीना हराम

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बकावंड विकासखंड मुख्यालय बकावंड स्थित एक मछली गोदाम से फेंकी जाने वाली सड़ी गली मछलियों के कारण लोगों का जीना हराम हो गया है। बदबू से आसपास का वातावरण प्रदूषित हो चला है।

बकावंड में बीते कई वर्ष से संचालित उत्तम फिशरी के मछली गोदाम से निकलने वाली मरी हुई एवं सड़ी गली मछलियों को आवास पारा के बाजार स्थल पर फेंका जा रहा है, किसानों के खेतों में डाल दिया जाता है। मछली की बदबू आवास पारा में फैली रहती है। इस कारण लोग चैन से भोजन नहीं कर पाते। लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। वहीं उत्तम फिशरी बकावंड के पलाश विश्वास से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि हमारे आदमी लोग मरी हुई और सड़ी गली मछलियों को कहीं भी ले जाकर नहीं फेंकते हैं।ये मछलियां हमारी कंपनी की नई भी हो सकती। कोई और लोग फेंक रहे होंगे।

मुठभेड़ में मारे गए अनेक नक्सली, अब तक 8 नक्सलियों के शव बरामद, एसटीएफ जवान शहीद

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  •  चार जिलों से फोर्स घुसी नक्सलियों की मांद में
  • नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में छेड़ा बड़ा अभियान

अर्जुन झा

जगदलपुर अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ था, मगर अब नक्सलियों की इस मांद में घुसी चार जिलों की फोर्स नक्सलियों की लाशें बिछा रही हैं। लगातार जारी मुठभेड़ में दर्जनों नक्सलियों के हताहत होने की खबर है और अब तक 8 नक्सलियों के शव तथा भारी मात्रा में हथियार बरामद किए जा चुके हैं। मुठभेड़ में एसटीएफ के एक जवान के शहीद होने और दो जवानों के घायल होने की खबर सामने आई है।

उल्लेखनीय है कि 12 जून से बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत कुतुल, फरसबेड़ा, कोड़तामेटा क्षेत्र में अंतर्जिला संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।इस संयुक्त अभियान में नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर व दंतेवाड़ा जिलों के डीआरजी, एसटीएफ व आईटीबीपी 53वीं वाहिनी , बीएसएफ 135वीं वाहिनी शामिल हैं। अभियान के दौरान आज 15 जून को सुबह जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों द्वारा घटना स्थल की सर्चिंग के दौरान अब तक कुल 8 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं मौके से इंसास राइफल, 303 रायफल, बीजीएल लांचर सहित भारी मात्रा में हथियार व अन्य नक्सल सामग्री भी बरामद की गई है। मुठभेड़ उपरांत बरामद माओवादियों के शवों की शिनाख्तगी की जा रही है। इस मुठभेड़ में और भी बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने और मारे जाने की प्रबल संभावना है। मुठभेड़ के दौरान माओवादियों की गोली से एक एसटीएफ जवान शहीद हो गया है तथा अन्य दो एसटीएफ जवान घायल हो गए हैं। घायल जवानों की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है।

तीन हैवी आईईडी बरामद

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों की बड़ी तबाही मचाने की योजना पर पानी फिर गया। गदामली- कडेर मार्ग पर 30-30 किलो के दो और 10 किलो के एक आइईडी को समय रहते बरामद कर सुरक्षा बलों ने बड़ी तबाही मचने से बचा लिया। बम डिस्पोजल सक्वाड ने तीनो आईईडी को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। गदामली-कडेर के मध्य निर्माणाधीन मार्ग पर सीआरपीएफ की 231वीं वाहिनी की सी कम्पनी कैंप जैवारम एवं थाना जांगला, नैमेड का बल सुबह निकला था। बीडीएस बीजापुर एवं बीडीएस 231 सीआरपीएफ की टीम द्वारा डी-माईनिंग के दौरान 3 आइईडी बरामद किए गए। नक्सलियों द्वारा स्ट्रीट सोलर पैनल के पोल को काटकर डायरेक्शनल पाईप बम तैयार किया गया था। नैमेड़ थाना क्षेत्र में गदामली और कडेर के बीच रोड किनारे और रोड के बीच मे 2 पाईप बम एवं 1 कुकर बम प्लांट किए गए थे। पाईप बम लगभग 30-30 किग्रा के थे एवं कुकर बम 10 किग्रा का था। कमांड स्वीच सिस्टम से सभी आइईडी को 2- 2 मीटर की दूरी पर सीरीज में लगाया गया था। बीडीएस बीजापुर जिला बल एंव बीडीएस सीआरपीएफ 231 की टीम द्वारा डी- माईनिंग के दौरान इन्हें बरामद कर मौके पर निष्क्रिय किया गया।

रायपुर में हुई डीकार्बनाइजेशन इंडिया अलायंस की शुरुआत, वर्ष 2070 तक नेट-जीरो प्राप्ति का लक्ष्‍य निर्धारित

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रायपुर, 14 जून 2024 डीकार्बनाइजेशन इंडिया अलायंस (डीआईए) एक कार्योन्‍मुख और महत्‍वाकांक्षी परियोजना है। इसका लक्ष्‍य भारत को कम कार्बन उत्‍सर्जन वाली अर्थव्‍यवस्‍था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। डीआईए की शुरुआत 14 जून को छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में की गयी। आने वाले महीनों में डीआईए को भारत के 10 शहरों में स्‍थापित किया जाएगा। इसके माध्‍यम से वर्ष 2070 तक भारत को ‘नेट-जीरो’ अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लक्ष्‍य के प्रति समर्पित उद्योग जगत के अग्रणी लोगों को एकजुट करने पर ध्‍यान केन्द्रित किया जाएगा।

डीआईए दरअसल सोसाइटी ऑफ इंजीनियर्स एण्‍ड मैनेजर्स (एसईईएम) की एक पहल है। सोशल इम्‍पैक्‍ट एडवाइजर्स (असर) और इंडिया ब्‍लॉकचेन अलायंस (आईबीए) की मदद से उठाये गये इस कदम के माध्‍यम से निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्रों, एमएसएमई, सेवा प्रदाताओं, शैक्षणिक एवं वित्‍तीय संस्‍थानों, सिविल सोसाइटी संगठनों और सरकारी विभागों सहित विभिन्‍न हितधारकों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी ताकि भारत के डीकार्बनाइजेशन के प्रयासों को गति मिले। एक स्‍वैच्छिक नेटवर्क के नेतृत्‍व वाली यह पहल एक मंच की तरह काम करेगी। इससे उन इंजीनियरों को मदद मिलेगी जो उद्योगों में बदलाव को लागू करने के मोर्चे पर सबसे आगे खड़े होकर काम कर रहे हैं। साथ ही इससे उन लोगों को भी सहायता मिलेगी जो ऐसे उत्‍पाद और सेवाएं तैयार कर सकते हैं जिनसे डीकार्बनाईजेशन को बढ़ावा मिलता हो।

रायपुर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में *राज्‍य के वाणिज्‍य एवं उद्योग विभाग के सचिव आईएएस श्री अंकित आनंद, छत्‍तीसगढ़ राज्‍य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (क्रेडा) के मुख्‍य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) श्री राजेश सिंह राणा, ग्‍लोबल ग्रीन ग्रोथ इनीशियेटिव के क्षेत्रीय प्रमुख श्री सौम्‍य गरनाइक* और *क्रेडा के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव ज्ञानी* सहित अनेक गणमान्‍य अतिथियों ने भाग लिया।

डीआईए का संचालन शुरू होने के बाद ऊर्जा सम्‍बन्‍धी समाधानों को आकार देने और उन्‍हें लागू करने के काम से जुड़े हितधारकों के साथ तालमेल करके उन्‍हें अपेक्षित परिणाम प्राप्‍त करने में सक्षम बनाने के लिये काम किया जाएगा। डीआईए का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करना और अपने कार्बन उत्‍सर्जन में कटौती करने के लिये तत्‍पर प्रतिष्‍ठानों की जरूरतों को पूरा करने के लिये प्रयासों को व्‍यवस्थित करना है। इसके माध्‍यम से उन समाधानों को बल मिलेगा जो भारत को वर्ष 2070 तक अपने नेट-जीरो के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने में मदद करेंगे।

 

रायपुर-धनबाद और रायपुर- विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारों को जोड़ने वाले राज्‍य छत्‍तीसगढ़ में औद्योगिकीकरण बहुत तेज गति से हो रहा है। राज्‍य में आकांक्षात्‍मक जिलों को जोड़ा जा रहा है जो पिछले कई दशकों से आर्थिक रूप से पिछड़े और कमजोर हैं। रायपुर में डीआईए की सफलतापूर्वक स्‍थापना से 80 हजार से ज्‍यादा कुटीर, लघु एवं मध्‍यम उद्योगों (एमएसएमई) को मदद मिलेगी। डीआईए के माध्‍यम से-

 

● एमएसएमई को अपने *कार्बन उत्‍सर्जन में कमी* लाने में मदद की जाएगी। उन्‍हें ऐसी सेवाओं को चुनने में सहायता की जाएगी जिनसे ऊर्जा ऑडिट, प्रणालियों और प्रक्रियाओं में सुधार के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा उपायों से मिलने वाले परिणामों को अधिकतम किया जा सकता है। इसके अलावा एमएसएमई को औद्योगिक उत्‍सर्जन की तीव्रता से जुड़े लक्ष्‍यों को लेकर सार्थक विचार-विमर्श से जोड़ा जाएगा।

 

● *प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण* : ऑडिटर्स, सम्‍बन्धित क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योगों, उद्यमियों तथा अन्‍य लोगों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किये जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी व्यक्तियों की पहचान करना और उन्हें बढ़ावा देना तथा कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करना होगा।

 

प्रमाणन एवं पुरस्‍कार :

कम कार्बन उत्‍सर्जन वाले विकास के लिये ऊर्जा दक्षता और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से विनिर्माणकर्ताओं, वेंडर्स, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, अभियंताओं और ऊर्जा ऑडिटर्स के लिये डीआईए प्रमाणपत्र उपलब्‍ध कराये जाएंगे।

 

● डीआईए नयी प्रौद्योगिकी विकसित करने वालों और उसके उपयोगकर्ताओं के बीच एक सेतु और एक नेटवर्किंग प्‍लेटफार्म की तरह काम करेगा। यह प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और उद्योगों के बीच विचारों, नवाचारों और सबसे अच्‍छी पद्धतियों के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है, जिससे डीकार्बनाइजेशन के लिए अत्याधुनिक समाधानों को अपनाना संभव होगा।

 

अनुसंधान एवं पक्षसमर्थन (एडवोकेसी) :

डीआईए का उद्देश्‍य ऊर्जा दक्षता की पैठ जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देकर, राज्‍य तथा राष्‍ट्रीय स्‍तरों पर योजनाओं को लागू करके, अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, स्‍वच्‍छ प्रौद्योगिकियों और रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियों को अपनाकर और ग्रीनहाउस गैसों में कमी के अनुमान और लेखे-जोखे के माध्‍यम से नीति सम्‍बन्‍धी प्रभावी ढांचे तैयार करने और व्यापक प्रणालीगत बदलावों के लिए पक्षसमर्थन करने के उद्देश्‍य से नीति निर्धारकों को सार्थक सूचनाएं देने का है।

 

● *सफल व्‍यक्तियों और संस्‍थाओं का विवरण तैयार करना (प्रोफाइलिंग)* : नेटवर्क के अंदर सफलता की कहानियों के रणनीतिक संचार में मदद करना और इस मुद्दे पर जागरूकता पैदा करना।

 

बायोफ्यूल्‍स अथॉरिटी ऑफ छत्‍तीसगढ़ के सीईओ सुमित सरकार

ने डीआईए की वेबसाइट का लोकार्पण और 10 नगरों में डीकार्बनाइजेशन के अभियान की शुरूआत करने के बाद कहा, ‘‘छत्‍तीसगढ़ एक व्‍यापक औद्योगिक नीति बनाने का लक्ष्‍य लेकर चल रहा है। इस नीति में ग्रीन हाइड्रोजन और विभिन्‍न प्रकार के बायोफ्यूल्‍स के प्रयोग पर जोर दिया गया है ताकि डीकार्बनाइजेशन के प्रयासों को मजबूती दी जा सके। 10 शहरों में आयोजित होने वाले डीआईए कार्यक्रम की शुरुआत जलवायु परिवर्तन से निपटने के हमारे सामूहिक प्रयास में एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतिनिधित्व करता है।’’

एसईईएम के महासचिव जी. कृष्‍णकुमार ने डीआईए के महत्‍व पर प्रकाश डालते हुए कहा, *रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी और उत्साह छत्तीसगढ़ के उन उद्यमियों की पर्यावरण के प्रति चेतना का प्रमाण है, जो नेट-जीरो परिदृश्य को व्यापक रूप से अपना रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर काम करते हुए उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की मदद करने के डीआईए के विजन से नेट-जीरो की दिशा में राज्य की प्रगति में तेजी आएगी।*

 

असर सोशल इम्‍पैक्‍ट एडवाइजर्स की सीईओ विनुता गोपाल ने कहा, ‘‘प्रदूषणकारी तत्‍वों के उत्‍सर्जन में कमी लाने और उसे टालने के लिये जरूरी कदम उठाना इस दशक में बेहद महत्‍वपूर्ण हो गया है। असल काम तब शुरू होता है जब ऊर्जा दक्षता, बिजली सम्‍बन्‍धी सुरक्षा और उद्योगों में साफ ऊर्जा में रूपांतरण के तंत्र को जमीन पर उतारने के लिये वास्‍तविक कदम उठाये जाते हैं। डीआईए एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्‍य इस रूपांतरण के उत्‍प्रेरक की भूमिका निभाना है। यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हम सिर्फ बातें करने के बजाय सार्थक काम भी करें। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी हमें एहसास करा रही है कि हमारे के लिये एकजुट होकर जलवायु परिवर्तन के इस गम्‍भीर संकट से निपटना कितना जरूरी है।’’

 

रायपुर में समन्‍वय और नवाचार का मंच तैयार करने के बाद डीआईए को बेंगलूरू, कोच्चि, कोलकाता, चेन्‍नई, संगरूर, हैदराबाद, अहमदाबाद और इंदौर में भी शुरू किया जाएगा।

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