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समाज में संख्या नहीं संगठन शक्ति महत्व: सांसद महेश कश्यप

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  • धर्म, सेवा एवं व्यापार में माहेश्वरी समाज अग्रणी – महापौर: संजय पांडे

जगदलपुर  माहेश्वरी समाज,  माहेश्वरी महिला संगठन,  माहेश्वरी युवा संगठन जगदलपुर द्वारा आज महेश नवमी के मौके पर स्थानीय माहेश्वरी भवन में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर संजय पाण्डे, निगम स्पीकर खेमसिंह देवांगन उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि की आसंदी से सांसद महेश कश्यप ने कहा किसी भी समाज में संख्या नहीं संगठन शक्ति का महत्व होता है। हम सनातन धर्म को तभी बचा सकते हैं जब समाज में एकता होगी। समाज संगठित होगा तो हम मजबूत होंगे। माहेश्वरी समाज हर क्षेत्र में अग्रणी है। समाज के लोग सेवा भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने समाज के युवा वर्ग को नसीहत दी कि वे सेवा, त्याग, सदाचार व निःस्वार्थ भाव से काम कर समाज को और अधिक सशक्त बनाएं। महापौर संजय पाण्डे ने महेश नवमी के अवसर पर कहा माहेश्वरी समाज के लोग संगठन बनाकर समाज को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आज के समय में समाज के युवाओं को अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता है। हमें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि युवाओं में हम अच्छे संस्कार, चरित्र, सेवा भाव और शिक्षा किस प्रकार दे सकें। समाज के लोग शिक्षा, सेवा, संस्कृति, व्यापार सहित अनेक क्षेत्रों में दक्ष हैं। निगम स्पीकर खेमसिंह देवांगन ने कहा आज का दिन विशेष है। महेश नवमी के दिन भगवान शिव व माता पार्वती की विशेष आराधना की जाती है। पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कहा माहेश्वरी समाज ने एक समाज नेक समाज के रूप में अपनी पहचान बनाई है। हैप्पी कामधेनु के पदाधिकारी व सदस्य भी बेहतर काम कर रहे हैं। श्याम सोमानी ने कहा कि माहेश्वरी समाज एक संगठित समाज है। इसके पूर्व समाज के अध्यक्ष चंद्रेश चांडक ने समाज के युवा वर्ग से आग्रह किया कि वे समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाएं। अतिथियों के स्वागत में समाज की महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, माहेश्वरी समाज से रामरतन मूंदड़ा, शिवनारायण चांडक, खूबचंद चांडक, गोविंद इनाड़ी, प्रवीण गांधी, रवि चांडक, विकास राठी, तरुण राठी, चंपालाल राठी, मनीष इनाड़ी, श्रीमती नीतू कापड़िया, आशा डोडिया, लक्ष्मी राठी, खुशबू सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मंच संचालन रवि चांडक व आकाश चांडक ने किया।

रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान सर्वथा अनुचित: पूर्व विधायक संतोष बाफना

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  • धार्मिक आस्था और महिला, बुजुर्गों की सुरक्षा के लिहाज से फैसला गलत
  • भाजपा नेता बाफना ने किया शराब दुकान का पुरजोर विरोध 

जगदलपुर शहर के कोतवाली थाना के ठीक सामने स्थित नगर पालिक निगम के व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रस्तावित शराब की दुकान संचालित करने की योजना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना ने हिंदू और जैन समुदाय की धार्मिक भावनाओं एवं महिलाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा की दृष्टि व जनमानस की भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और प्रस्तावित शराब दुकान को रिहायशी व धार्मिक स्थल से कहीं दूर जगदलपुर शहर से बाहर संचालित करने का अनुरोध किया है।

        गौरतलब है कि पिछले दिनों जगदलपुर शहर के गणमान्य नागरिकों व स्थानीय व्यवसायियों ने पूर्व विधायक बाफना को अवगत कराया था कि कोतवाली थाना के ठीक सामने व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में शराब की दुकान खोला जाना प्रस्तावित है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है कि प्रशासन के इस फैसले से इलाके में अपराध बढ़ेगा व क्षेत्र की शांति भी भंग होगी। जनता की मांग पर पूर्व विधायक संतोष बाफना ने विरोध जताते हुए कहा है कि रिहायशी इलाके में शराब दुकान खोलने का स्थानीय प्रशासन का निर्णय नियमों के खिलाफ है। नियमानुसार किसी भी शराब की दुकान को रिहायशी, धार्मिक जैसे स्थलों से उचित दूरी पर होना चाहिए, लेकिन प्रस्तावित दुकान से महज 100 मीटर की दूरी पर श्री जैन श्वेताम्बर मंदिर एवं कोतवाली थाना के ठीक सामने पुलिस लाईन परिसर में श्री शंकर मंदिर व पुलिस कर्मचारियों की कॉलोनी, एसबीआई बैंक, तमाम शासकीय कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी बमुश्किल 150 मीटर की दूरी पर ही स्थित है। बावजूद वहां शराब दुकान संचालित करने का फैसला हिंदू एवं जैन समुदाय की धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने जैसा निर्णय है। प्रशासन के इस निर्णय से न केवल लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी, अपितु बुजुर्गों, महिलाओं व युवा वर्ग के लिए भी क्षेत्र का सामाजिक वातावरण हारिकारक साबित होगा। ऐसे में रिहायशी क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने का निर्णय वर्तमान सरकार की नीतियों के खिलाफ भी जाता है। पहले भी इस मुद्दे को लेकर कई आंदोलन हो चुके हैं ऐसे में पुनः रिहायशी क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने का निर्णय किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।

महेश नवमी कार्यक्रम में शामिल हुए सांसद कश्यप और मेयर पाण्डेय

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जगदलपुर माहेश्वरी समाज,  माहेश्वरी महिला मंडल,  माहेश्वरी युवा संगठन जगदलपुर द्वारा आज महेश नवमी के मौके पर स्थानीय माहेश्वरी भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डे, निगम स्पीकर खेमसिंह देवांगन, पूर्व विधायक संतोष बाफना, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता शामिल हुए।

माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष चंद्रेश चांडक, श्याम सोमानी, रामरतन मूंदड़ा, प्रतीक, शिवनारायण चांडक, खूबचंद चांडक, गोविंद इनाड़ी, प्रवीण गांधी, रवि चांडक, विकास राठी, तरुण राठी, चंपालाल राठी, मनीष इनाड़ी, प्रदीप, नीतू कापड़िया, आशा डोडिया, लक्ष्मी राठी, खुशबू, संतोषी, प्राची सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अतिथियों के स्वागत में समाज की महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मंच संचालन रवि चांडक व आकाश चांडक ने किया।

बालोद जिले में शांतिपूर्ण ढंग एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया 

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  • कलेक्टर ने किया व्यवस्थाओं का अवलोकन, प्रभारी सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
  • दूसरे दिन आज ई एवं टी संवर्ग के प्राथमिक शाला के प्रधानपाठकों एवं सहायक शिक्षकों का किया गया कांउसलिंग

बालोद, 03 जून 2025 राज्य शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में युक्तियुक्तिकरण के तहत चिन्हांकित अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में काउंसलिंग प्रक्रिया के शांतिपूर्ण ढंग से एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थी। इसके अंतर्गत शिक्षकांे को रिक्त पदों की जानकारी प्रदान करने हेतु जिला पंचायत सभाकक्ष में बनाए गए शिक्षकों के पंजीयन कक्ष के अलावा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कक्ष में काउंसलिंग हेतु निर्धारित स्थल में प्रोजेक्टर के माध्यम से रिक्त शालाओं की जानकारी निरंतर प्रदर्शित की गई। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज जिला पंचायत कार्यालय में पहुँचकर काउंसलिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरा करने वाले कुछ शिक्षक-शिक्षिकाओं को आदेश पत्र सौंप कर उन्हें शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण पूरे कांउसलिंग प्रक्रिया के दौरान मौके पर उपस्थित रहकर कार्यों का सतत माॅनिटरिंग करते रहे।

प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री डीपी कोसरे ने बताया कि काउंसलिंग के दूसरे दिन 03 जून को जिले में ई एवं टी संवर्ग के प्राथमिक शाला के प्रधान पाठकों एवं सहायक शिक्षकों का काउंसलिंग किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत ई संवर्ग प्राथमिक शाला के कुल 13 प्रधान पाठकों एवं 191 सहायक शिक्षकों तथा टी संवर्ग के प्राथमिक शाला के कुल 02 प्रधान पाठकों एवं 69 सहायक शिक्षकों का काउंसलिंग किया गया। कोसरे ने बताया कि काउंसलिंग के उपरांत प्रत्येक शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबंधित शालाओं के पदस्थापना के संबंध में आदेश पत्र भी प्रदान किया गया।

 

जगदलपुर की सड़कों पर दिखा नक्सल पीड़ितों का गुस्सा; लगे नक्सलवाद मुर्दाबाद के नारे

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  •  गृहमंत्री शर्मा और वनमंत्री कश्यप ने साझा किया नक्सल पीड़ितों का दर्द 
  • कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप भी रहे मौजूद

जगदलपुर बीती शाम बस्तर संभाग के सातों जिलों के नक्सल प्रभावितों एवं पीड़ितों का गम और गुस्सा बीती शाम जगदलपुर की सड़कों पर देखने को मिला। नक्सलवाद मुर्दाबाद लाल आतंक मुर्दाबाद के नारे गुंजायमान होते रहे।

मंगलवार को सातों जिलों से आए नक्सल पीड़ितों ने जगदलपुर के सिरहासार चौक से नक्सलवाद के खिलाफ विशाल रैली निकाली। रैली हाता ग्राउंड होती हुई संजय मार्केट से शहीद स्मारक सिरहासार चौक पहुंची। इस दौरान नक्सलवाद मुर्दाबाद, लाल आतंक मुर्दाबाद, माओवादी हिंसा नहीं चलेगी, माओवाद नहीं बस्तर का विकास चाहिए, केंजा नक्सली मनवा माटा, कम्युनिस्ट आतंक खत्म करो जैसे नारे लगते रहे। रैली के समापन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप और जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर अंचल के माओवाद प्रभावितों तथा आत्म समर्पित लोगों के हर दुख-तकलीफ के साथ है और उनकी समुचित पुनर्वास के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पहल कर रही है। पुनर्वास के लिए बेहतर एवं कारगर पुनर्वास नीति तैयार कर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हर बुधवार को माओवाद प्रभावित तथा समर्पित व्यक्ति आवेदन पत्र भरकर प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे सरकार इन सभी को हर संभव सहायता प्रदान कर सके। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा जगदलपुर के ऐतिहासिक सिरहसार चौक स्थित अमर जवान स्थल पर माओवाद प्रभावितों की माओवाद विरोध रैली को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री कश्यप ने सुनाई आपबीती

इस मौके पर वन मंत्री एवं अति नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर के विधायक केदार कश्यप ने माओवाद प्रताड़ना के अनुभव साझा करते हुए कहा कि माओवाद प्रभावितों की मदद के लिए सरकार कटिबद्ध होकर प्रयास कर रही है और शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सार्थक पहल कर रही है।

पीड़ितों ने सुनाई व्यथा

शहीद स्मारक में उप मुख्यमंत्री, वनमंत्री, सांसद महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री और वनमंत्री ने नक्सल पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्याओं और मांगों का संज्ञान लिया । साथ ही पीड़ितों ने अपनी व्यथा भी मंच में साझा की।

बस्तर के जवानों के शरीर में दौड़ता है करंट, पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे नक्सलियों को: गृहमंत्री विजय शर्मा

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  • माओवाद पर बोले उप मुख्यमंत्री सीएम शर्मा 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि बस्तर के जवानों के शरीर में करंट दौड़ता है, वे पाताल से भी नक्सलियों को खोज निकालेंगे और बस्तर संभाग को शांति का टापू बनाकर ही दम लेंगे।

गृहमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में बस्तर शांति समिति द्वारा नक्सलवाद पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में बोल रहे रहे थे। संवाद का विषय था- “माओवाद का विद्रुप चेहरा: बिजिंग से बस्तर तक”। आरंभ में महापौर संजय पाण्डेय ने स्वागत भाषण दिया और विषय की रुपरेखा रखी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर समेत पूरे छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का तेजी से सफाया हो रहा है। बस्तर जिला तो नक्सल मुक्त घोषित हो ही चुका है, बाकी के छह जिले भी जल्द नक्सलवाद के नासूर से मुक्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवान भी नक्सलवाद के सफाये में प्रण प्राण से लगे हुए हैं। स्थानीय पुलिस, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवान बस्तररिहा युवा हैं। इनके शरीर पर गजब का करंट प्रवाहित हो रहा है, उनसे हाथ मिलाने पर पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार हो जाता है। श्री शर्मा ने कहा कि यही बस्तरिहा जवान नक्सलियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे और बस्तर को शांति का टापू बनाकर ही दम लेंगे। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर का आम आदमी नक्सलवाद की खोखली विचारधारा और दोहरे चरित्र को अब अच्छी तरह समझ चुका है और नक्सलियों के बहकावे में न आकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने आतुर है। श्री शर्मा ने एंटी नक्सल ऑपरेशन पर बस्तर में तैनात जवानों के हौसले और सेवा भाव का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे जवान आम बस्तरिहा के प्रति अपने दिल में सॉफ्ट कार्नर रखकर काम कर रहे हैं और उतने ही हार्ड वे नक्सलियों के प्रति हैं। एक समय पूरे बस्तर को डराए रखने वाले नक्सली आज खुद डर के साये में जी रहे हैं। बड़े पैमाने पर हो रहा आत्मसमर्पण इसका उदाहरण है।

नहीं देख पाएंगे 1 अप्रैल 26 का सूरज: केदार कश्यप

आयोजन में विशेष वक्ता के रूप में वन मंत्री केदार कश्यप उपस्थित थे। अपने जोशीले भाषण में केदार कश्यप ने जहां नक्सलवाद की त्रासदी का मार्मिक वर्णन किया, वहीं नक्सलियों को ललकारा भी। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम बस्तर के लोगों ने नक्सलियों के कारण जो दर्द झेला है, उसे हम ही जानते हैं। दोहरे चरित्र वाले नक्सलियों ने बस्तर में सिर्फ नर संहार किया है, उसका जख्म हमें सालों साल तक सालता रहेगा।. मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर के लोगों को दर्द देने वाले नक्सलियों के दिन पूरे हो चुके हैं। हमारे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की जो डेड लाइन दे रखी है, उस पर हमारे आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कर्मठ गृहमंत्री विजय शर्मा पूरी शिद्दत से काम कर रहे हैं। शर्मा जी जहां नक्सल प्रभावित गांवों का निरंतर दौरा कर ग्रामीणों से जुड़े रहते हैं वहीं हमारे सुरक्षा बलों के जवान नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। केदार कश्यप ने कहा कि इन तमाम प्रयासों के चलते नक्सली 1 अप्रैल 2026 के सूरज की पहली किरण नहीं देख पाएंगे।

बीएमओ डॉ. दरियो ने लिया ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण अभियान का जायजा, ग्रामीणों को दी समझाईश

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जगदलपुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के निर्देशानुसार नानगुर के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएल दरियो आज 3 जून को आयोजित हो रहे टीकाकरण सत्र का पामेला और परपा ंव औचक निरिक्षण किया। इस मौके पर उनके साथ सेक्टर सुपरवाइजर प्रशांत श्रीवास्तव भी मौजूद थे

भ्रमण के दौरान डॉ. दरियो ने गर्भवती और शिशुवती माताओं से बात कर उनसे लगाए जाने वाले टीकों की जानकारी लेते हुए समय पर सभी टीके लगवाने की समझाइश दी। इसके अलावा कल आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेला मे दाई-बबा दिवस “जीवना चो दुय ठन धन, नंगत देह आउर नंगत मन” की थीम पर मनाने के निर्देश दिए। टीकाकरण सत्र परपा डेंगपारा मे सीएचओ असीम, एएनएम रमशिला मरकाम, सुशीला तिवारी, अंगनबाड़ी कार्यकर्ता लछनी कश्यप, मितानिन कोयली व सुमित्रा के अलावा लाभार्थी मौजूद थे।

बकावंड में चना के बाद अब शक्कर घोटाला, नहीं दी गई उपभोक्ताओं को पूरी चीनी

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  • छोटे देवड़ा की राशन दुकान में ग्रामीणों से छल

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड की राशन दुकानों में चना घोटाले के बाद अब शक्कर घोटाले के मामले भी सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा से सामने आया है।

ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा की उचित मूल्य की दुकान के आश्रित करीब 400 उपभोक्ताओं को ज्यादा पैसे लेकर कमशक्कर देने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि ज्यादातर उपभोक्ताओं को 300 ग्राम तो किसी को 400 ग्राम शक्कर देकर वितरण पंजी में 1-1 किलोग्राम शक्कर वितरण दर्ज किया गया है। उपभोक्ताओं से शक्कर की कीमत भी ज्यादा वसूली गई है। इस राशन दुकान का संचालन मां दंतेश्वरी सरस्वती स्व सहायता समूह द्वारा किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक यह समूह राशन वितरण में लगातार गड़बड़ी करता आ रहा है। हर माह ग्रामीणों के हिस्से के चावल, शक्कर, चना आदि में गोलमाल किया जाता है। खाद्य विभाग के सहयोग से बकावंड विकासखंड की दर्जनों पंचायतों में शक्कर वितरण में गोलमाल किया जा रहा है बताते है कि खुले में उपभोक्ताओं के हिस्से की शक्कर को ज्यादा दर पर किराना दुकानों या साधन संपन्न लोगों के पास बेच दी जाती है। उल्लेखनीय है कि बकावंड विकासखंड में कुछ माह पहले ही चने की कालाबाजारी का बड़ा मामला उजागर हुआ था। शासन स्तर से शुरूआती चार माह के चने का आवंटन नहीं हुआ था। इसका एकमुश्त आवंटन बाद के माह में हुआ था। तब राशन दुकान संचालकों ने उपभोक्ताओं को पूरे चार माह के चार चार पैकेट चना न देकर किसी को एक तो किसी को दो पैकेट थमा दिए थे। ऐसा करके पचासों क्विंटल चने की गड़बड़ी की गई थी। इसमें भी खाद्य विभाग की संदिग्ध भूमिका रही है। विभाग ने जांच के नाम पर लीपापोती कर दी थी।

लाला जगदलपुरी ग्रंथालय कैंपस में निकला जहरीला सांप

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जगदलपुर शहर के लाला जगदलपुरी ग्रंथालय कैंपस में जहरीला सांप निकलने से सनसनी फैल गई। सुरक्षा कर्मी ने सांप को बाहर निकाला।

जहरीला सांप निकलने और वहां पर उपस्थित सुरक्षा कर्मी द्वारा उसको सुरक्षित ढंग से बाहर निकालने का वीडियो सामने आया है। बताते है कि बीती रात लाइब्रेरी के पीछे से जहां बॉयज हॉस्टल की दीवार और निगम की नाली है l

वहीं से यह सांप निकल कर लाइब्रेरी की और जा रहा था, उसे सुरक्षा कर्मी ने अपने सूझबूझ से बाहर कर दिया। हालांकि लाइब्रेरी कर्मी से बरसात के समय की सामान्य घटना बता रहे है किंतु अगर यह सांप अंदर घुसता तो कुछ अनहोनी घट सकती थी। लाइब्रेरी के स्टाफ ने कहा कि हमने नगर निगम में नाली सफाई के लिए आवेदन भी दिया है किंतु अबतक सफाई नहीं होने से दुर्गंध ओर झाड़ियों के कारण वहां सांप निकला है।

करपावंड में लूट का बांध: करोड़ों डकार गए अफसर, आदिवासी किसानों की जमीन कब्जाई, बयान वापस लेने दबाव-धमकी का सहारा

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  •  बांध के नाम पर हजम कर गए 30 लाख, किसानों की जमीन हड़पी, अफसरों ने दबाया सच 

-अर्जुन झा-

 बकावंड बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत करपावंड वन परिक्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन के सुशासन तिहार के दावों की पोल खोल दी है। डिमरापाल नाले पर बांध निर्माण में भारी भ्रष्टाचार, किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा और मुआवज़ा न देने के आरोप लगे हैं।

यह परियोजना वर्ष 2023-24 में डिमरापाल के लिए केम्पा मद से नरवा विकास योजना के तहत स्वीकृत की गई थी। इस योजना के लिए 30 लाख 52 हजार 574 की राशि स्वीकृत हुई थी। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह बांध न डिमरापाल में बना, न निर्धारित समय में। इसके बजाय समय सीमा खत्म होने के बाद सतोषा, चालानगुड़ा के बीट कक्ष क्रमांक 1174 में एक घटिया किस्म का चेक डैम बना दिया गया, वह भी आदिवासी किसानों की पट्टे की जमीन पर। स्थानीय किसान बुदरू कश्यप ने बताया-“मेरे खेत में बिना अनुमति के तालाब बना दिया गया है। रेंजर और डिप्टी रेंजर ने मछली पालन के लिए मदद का वादा किया था, लेकिन बाद में मुकर गए। प्रेम कश्यप, तुलाराम कश्यप, समदु राम, जुगसाय कश्यप, दयमन नेताम, धनसाय कश्यप जैसे दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्हें मुआवज़ा या सहायता राशि नहीं मिली और न ही कोई लिखित अनुबंध उनसे किया गया। गांव वालों का कहना है कि इस निर्माण में लगे मजदूरों, ट्रैक्टरों और मशीनों का भी भुगतान नहीं किया गया है। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारियों ने किसानों से जबरन हस्ताक्षर करवाने और बयान बदलवाने का सिलसिला जारी रखा।

बयान बदलने दबाव

किसानों ने जब मीडिया के जरिए आवाज़ उठाई, तो विभाग के अधिकारियों ने दबाव डालकर बयान वापसी करा ली। बुदरू कश्यप ने बताया, “मेरे घर बीट गार्ड देवा आया, कोरे कागज पर साइन करवाया और वीडियो में बयान दिलवाया कि मेरी पहली बात गलत थी। बीट गार्ड ने खुद स्वीकार किया कि यह सब रेंजर सौरभ रजक और डीएफओ उत्तम कुमार गुप्ता के आदेश पर हुआ। इस मामले को लेकर जब रेंजर सौरभ रजक से हमारे संवाददाता ने फोन पर बात की तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया और कहा कि डिमरापाल बांध का डिमरापाल में बनना जरूरी नहीं है। उन्होंने इसे “चेक डैम कहकर मामले को टालने की कोशिश की।

विभाग जुटा लीपापोती में

घोटाला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। लेकिन सफाई की जगह अब बयानबाज़ी और दबाव की रणनीति अपनाई जा रही है।यह मामला राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार की पारदर्शिता और जवाबदेही के दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इतने बड़े भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं होने से जनता में आक्रोशहै। बकावंड जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

डीएफओ ने भी नहीं लिया संज्ञान

स्थानीय पत्रकारों द्वारा वन मंडलाधिकारी बस्तर को भी लिखित शिकायत पत्र 2 जनवरी को देकर उच्चस्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि जब डिमरापाल नाले के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, तो बांध वहीं क्यों नहीं बना? और अब जो चेक डैम बना है, उसका निर्माण घटिया, अधूरा और नुकसानदेह है।अनुमान के अनुसार चेक डैम की लागत बमुश्किल 2 से 3 लाख है, फिर शेष राशि कहां गई?

आंदोलन की चेतावनी

अब ग्रामीण वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप, कलेक्टर और कमिश्नर को शिकायत करने की तैयारी में हैं। मामला दिन-ब-दिन विराट रूप लेता जा रहा है, और आंदोलन की संभावना बन रही है। इस मामले ने स्पष्ट कर दिया है कि बस्तर जैसे संवेदनशील आदिवासी अंचल में परियोजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार किस कदर हावी है। यदि शासन ने अब भी गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह सुशासन तिहार ‘घोटालों का महापर्व सिद्ध होगा। बकावंड ब्लॉक में सुशासन तिहार का शुक्रवार को समापन किया गया। जनप्रतिनिधि को अवगत होने के बाद भी नहीं हुआ समाधान।

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