दल्ली राजहरा में ब्राह्मण समाज द्वारा धर्म, साहस और भक्ति के प्रतीक भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन दल्ली राजहरा ब्राह्मण समाज भवन में सम्पन्न हुआ, जिसमें नगर के समस्त प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवारों की सहभागिता रही।कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके पश्चात वाहन रैली में वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए भव्य नगर भ्रमण किया गया, जिसमें “जय श्री राम” एवं “जय परशुराम” के जयघोष से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा।रैली उपरांत समाज भवन में भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना का कार्यक्रम पंडित अशोक पांडे द्वारा सम्पन्न कराया गया।
इस दौरान यजमान के रूप में दल्ली राजहरा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी सम्मिलित हुए। पूजा के पश्चात महाआरती की गई तथा धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर भगवान को भोग लगाया गया। तत्पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसादी का वितरण किया गया।इस अवसर पर दल्ली राजहरा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने कहा कि भगवान परशुराम समस्त सनातन समाज के आदर्श हैं।
उन्होंने अधर्म और अन्याय का नाश कर धर्म और न्याय की स्थापना की। उनके जीवन से हमें पितृ आज्ञा पालन एवं मातृभक्ति का अनुपम संदेश प्राप्त होता है।कार्यक्रम में दल्ली राजहरा के समस्त विप्रजन उपस्थित हुए। अंत में सफल आयोजन हेतु सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
दल्लीराजहरा। क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब नाले के पास एक अज्ञात व्यक्ति की फांसी पर लटकी हुई लाश मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल सुबह लगभग 11:00 बजे एक व्यक्ति ने थाना के मुंशी को सूचना दी कि जमहि खार के पास नाले किनारे एक व्यक्ति पेड़ से लटका हुआ है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा जांच करने पर शव करीब 3-4 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। शव पूरी तरह सड़ चुका था तथा शरीर में कीड़े भी पड़ चुके थे, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया है।पुलिस ने शव को नीचे उतारकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद बीएसपी मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस द्वारा उसकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन के तहत तीसरे दिन 17/04/2026 को हिंदुस्तान स्टील इंप्लाइज यूनियन (सीटू ) के जूझारू कार्यकर्ता, खदान के नियमित व ठेका श्रमिकों की समस्याओं व समग्र मांगों को लेकर माइंस आफिस के सामने दिन भर डटे रहे।खदान के अन्दर व बाहर व्याप्त समस्याओं व अव्यवस्था पर प्रबंधन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
42डिग्री तापमान पर भी धरने मे डटे श्रमिकों ने कहा कि खदान प्रबंधन श्रमिकों के प्रति क्रूर व असंवेदनशील हो चुका है।इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि अपने अपने प्रमोशन को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए हर विभाग के अधिकारियों के बीच खर्च कटौती की होड मची हुई है। और इसी होड़ में खदान के अन्दर व बाहर सभी जगह कर्मचारी सुविधाएं व लाभ अब तक के सबसे न्यूनतम व अमानवीय स्थिति तक पहुंच गये है।खदान के अन्दर केन्टीनो व कार्यस्थल में स्वच्छ पेयजल तक की सुविधा नहीं है।देश मे एल पी जी गैस की कमी को देखते हुए नाश्ते की वैरायटी को कम किया गया।लकडी से खाना नाश्ता बनाया ज रहा है।गैस आपूर्ति सुलभ होने पर भी अब तक पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं कराकर पैसे बचाये जा रहे हैं।भीषण गर्मी में कार्यरत श्रमिकों के लिए समुचित रेस्ट सेल्टर व पर्याप्त कूलर तक नहीं हैं। आवागमन के वाहनों में ए सी नहीं है।कई मशीनों के ए सी बंद पडे है। जबकि अधिकारियों के केबिन व वाहनों में एसी की कोई कमी नहीं है।पिछले तीन वर्षों से नान फाईनेंशियल रिवार्ड स्कीम केवल खदानों के लिए बंद है। सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंता जनक है।दुर्घटनाओं पर कोई प्रभावी कार्य वाही नहीं हो रही है। अफसर ठेकेदारों के साथ मस्त है।अपनी योग्यता व निजी मेहनत से छत्तीसगढ़ स्तर के ट्रेड टेस्ट में स्थान बनाकर खदानों का नाम रोशन करनेवाले कर्मचारियों के लिये भी अब प्रबंधन द्वारा कोई सम्मान समारोह आयोजित नहीं किया जाता है।वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत नियमित कर्मचारी पदोन्नति की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर परीक्षा पास कर्मचारी को उचित प्रोत्साहन देकर उन्हें सही पदस्थापना नहीं दी जा रही।
ठेका श्रमिकों को उचित श्रेणी का वेतन नहीं मिल रहा है।समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। आईपीडी मेडिकल सुविधा देने मे बार बार बहानेबाजी की जा रही । नाईट शिफ्ट , व माइंस एलाउंस बढाने की मां को नजरअंदाज किया जा रहा है।कई ठेके बंद होने से ठेका मजदूर बेरोजगार हो गये हैं।लेकिन प्रबंधन को कोई चिंता नहीं है।इसलिए प्रबंधन के इस नकारात्मक रवैया से आक्रोशित श्रमिकों ने अब आरपार के संघर्ष का मूड बना लिया है।हमारा यह तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन आन्दोलन का दूसरा चरण है।यदि प्रबंधन हमारी मांगो पर गंभीरता से सकारात्मक पहल नहीं करेगा तो आगले चरण का आन्दोलन और उग्र व विशाल होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।यूनियन के सचिव पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि बदतर होते टाउनशिप की स्थिति के लिए खदान प्रबंधन जिम्मेदार है। टाउनशिप के आवासों को अवैध कब्जे से मुक्त कर और खाली पड़े आवासों को सेवानिवृत कर्मचारी और ठेका कर्मचारियों को आवंटित करने में कोई समस्या नहीं है, फिर भी प्रबंधन के अड़ियल रूख के कारण पूरा टाउनशिप अवैध कब्जे और अराजक तत्वों के आगोश में है। इसी तरह धीरे-धीरे माइंस हॉस्पिटल भी बदतर होते चला गया और आज यह हॉस्पिटल कहलाने के लायक भी नहीं बचा है। हमारी मांग है कि पूरा का पूरा हॉस्पिटल हमें चाहिए जिसमें सभी विशेषज्ञ डॉक्टर पर्याप्त स्टाफ और सभी सुविधाएं होनी चाहिए इससे कम पर हम कोई भी समझौता करने को तैयार नहीं है। इसलिए प्रबंधन को समझ लेना चाहिए कि यह संघर्ष थोड़ा कुछ हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि समग्र सुधार के लिए हम आगे बढ़े हैं और अंतिम दम तक संघर्ष जारी रहेगा। यूनियन के संगठन सचिव र प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि जिन ठेका श्रमिकों के कंधे पर 70% उत्पादन का बोझ है उन ठेका श्रमिकों को प्रबंधन नजरअंदाज कर रहा है। उनके लिए आईपीडी सुविधा की मांग,डीएवी स्कूल में एडमिशन एवं फीस में प्राथमिकता देने, तथा उचित श्रेणी का वेतन देने, नाइट अलाउंस 180 रुपए तथा माइंस भत्ता ₹200 करने की मांग हम सालों से कर रहे हैं लेकिन प्रबंधन इस पर ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जिसके कारण विस्फोटक स्थिति पैदा हो सकती है। अतः हम अपने आंदोलन के माध्यम से प्रबंधन से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा जो औद्योगिक अशांति होगी उसकी समस्त जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की होगी ।आज तीन दिवसीय धरना के समापन पर एक विस्तारित मांग पत्र मुख्य महाप्रबंधक खदान को सौंपा गया तथा संक्षिप्त चर्चा में यह तय किया गया कि एक बड़ी बैठक कर इन सभी समस्याओं का ठोस निराकरण किया जाएगा।
डौण्डीलोहारा। क्षेत्र के गंजईडीह जंगल में गुरुवार शाम एक सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मृतक ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। बताया जा रहा है कि फांसी के बाद शव नीचे गिर गया, जिसके चलते जंगल में मौजूद जानवरों ने शरीर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया है।पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नांदगांव मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।घटना डौण्डी लोहारा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास के थानों में गुमशुदगी की जानकारी भी खंगाली जा रही है।
दल्लीराजहरा। बालोद जिले के दल्ली राजहरा क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में मिस्त्री की मौत हो गई। मृतक की पहचान विनोद करपाल (45 वर्ष), निवासी ग्राम कुंजाम टोला के रूप में हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनोद करपाल नामदेव कॉलोनी स्थित लोहिया बाड़ा में एक मकान निर्माण कार्य में ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था। कार्य के दौरान वह इमारत की दूसरी मंजिल पर काम कर रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया। गिरते समय वह पास से गुजर रही बिजली की लाइन की चपेट में भी आ गया, जिससे उसे करंट लगा और उसकी हालत गंभीर हो गई।घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे ज्योति हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, तथा इस घटना के लिए किसकी जवाबदेही बनती है।वहीं, छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल चिखलाकसा द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है, समाचार लिखे जाने तक इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई थी।यह घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर करती है। ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
दल्लीराजहरा।स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय, नया बाजार राजहरा में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। जिला खनिज न्यास निधि (DMF) फंड के माध्यम से विद्यालय परिसर में बोरिंग कराई गई है, जिससे छात्रों और स्टाफ को बड़ी राहत मिली है।यह कार्य शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष रमेश गुजर के लगातार प्रयास और निवेदन के फलस्वरूप संभव हो पाया।
उनके साथ ही भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे के विशेष सहयोग से यह महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किया गया।बताया जा रहा है कि विद्यालय में लंबे समय से पानी की कमी बनी हुई थी। बोरिंग नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए शाला प्रबंधन समिति और प्राचार्य द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे।अंततः इन सभी प्रयासों को सफलता तब मिली जब संबंधित जनप्रतिनिधियों ने पहल करते हुए DMF फंड से बोरिंग की स्वीकृति दिलाई और कार्य को पूरा कराया।विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं समस्त शिक्षकों ने इस कार्य के लिए सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शैक्षणिक वातावरण में भी सुधार होगा।
एसबीआई कियोस्क सेंटर संबलपुर में गबन, धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को डौण्डीलोहारा पुलिस द्वारा 24 घण्टे के अंदर किया गिरफ्तार।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक्टीवा काले, एक मोटर सायकल होण्डा साइन, नगदी रकम 5,590 रूपये एवं दो नग मोबाईल, एक नग एटीएम कार्ड कुल कीमती लगभग 1,50,000 रूपये जप्त किया गया।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया जेल।
पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमति मोनिका ठाकुर उप0 पुलिस अधीक्षक श्री बोनी फॉस एक्का के निर्देशन में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक मुकेश सिंह एवं स्टाफ के द्वारा धोखाधड़ी के मामले में बारिकी से विवेचना कार्यवाही किया गया।
सुरेन्द्र कुमार साहू पिता ईष्वर लाल साहू उम्र 28 साल निवासी रायपुरा थाना डौण्डी लोहारा जिला बालोद में लिखित आवेदन पेष कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि वर्ष 2024-25 में आरोपी अमित कुमार निषाद व विरेन्द्र गिरी गोस्वामी निवासी सम्बलपुर एसबीआई कियोस्क सेंटर संचालक के द्वारा वर्ष 2024-25 में अलग-अलग तिथियो में संबलपुर, लोहारा व आसपास के लोगो के खाता से पैसा ट्रान्सफर कर अंगुठा लगा कर एफडी व आरडी एवं नगद पैसे लेकर झुठा आष्वासन देकर लगभग 9,01000/- रूपये पैसा लेकर गबन कर धोखाधड़ी किया गया है कि रिपोर्ट पर थाना डौण्डी लोहारा के अप.क्र. 64/26 धारा 316(5), 318(4), 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना दौरान आरोपी अमित कुमार निषाद व विरेन्द्र गिरी गोस्वामी से पूछताछ किया गया, जो घटना दिनांक को ग्रामीण लोगों से अंगूठा लगवाकर पैसे लेकर गबन करना स्वीकार किया है तथा धोखाधड़ी किये पैसे से आरोपी अमित कुमार निषाद द्वारा, एक रियल मी कंपनी का मोबाइल, एक्टीवा काले कलर क्रमांक सीजी 24 व्ही 2869 को एवं नगदी रकम 1910 रूपये, एक नग एटीएम कार्ड को जप्त किया गया है ।
एवं आरोपी विरेन्द्र गिरी गोस्वामी से एक मोटर सायकल होण्डा साइन सीजी 24 आर 5661, एक नग मोबाईल व नगदी रकम 3680 रूपये को जप्त किया गया है। प्रकरण के विवेचना दौरान पाया गया कि आरोपी अमित कुमार निषाद द्वारा एसबीआई कियोस्क संबलपुर में आने वाले कम पढे-लिखे महिला-पुरूष ग्राहकों से उनसे नगदी रकम लेकर एफडी,आरडी कराने का झूठा आष्वासन देकर पैसे लेकर धोखाधडी, गबन किया है तथा ग्राहक कियोस्क सेंटर में आने पर खाता का बैंलेंस चेक करने या लेन-देन के लिए आने पर बहाना कर अंगूठा लगवाकर खाते से पैसे निकाल लेता था। आरोपी अमित कुमार निषाद एवं आरोपी विरेन्द्र गिरी गोस्वामी के मध्य आपस में खाते में लेन-देन पाया गया है। उक्त आरोपियों के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाये जाने से दिनांक 16.04.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।
कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेष सिंह, प्र.आर. अरविंद यादव, प्र.आर. विरेन्द्र साहू, म.प्र.आर. लिलेष्वरी देवांगन, आरक्षक विनोद अजय, पूनम खरे, धर्मेन्द्र सेन सायबर सेल प्रभारी बालोद सउनि धरम भुआर्य, आरक्षक संदीप यादव, राहुल मनहरे, आकाष दुबे का योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपीः- (01) अमित कुमार निषाद पिता नरेष कुमार निषाद, उम्र 30 साल साकिन वार्ड क्रमांक 08, बाजार चौक संबलपुर थाना डौण्डीलोहारा, जिला-बालोद (छ.ग.) (02) विरेन्द्र गिरी गोस्वामी पिता स्व. शंभु गिरी गोस्वामी, उम्र 49 साल साकिन वार्ड क्रमांक 02, बस स्टैण्ड संबलपुर थाना डौण्डीलोहारा, जिला-बालोद (छ.ग.)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक पागल कुत्ते के हमले में 4 वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। कुत्ते ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ा कर काटा, जिससे उसके सिर, नाक, कान, मुंह, होठ, हाथ और पैरों सहित शरीर के 17 स्थानों पर गहरे जख्म हो गए।घटना डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटीखुर्द की है। जानकारी के अनुसार, ललित पाथरे का 4 वर्षीय नाती नादित्य पाथरे घर के पास खेल रहा था, तभी अचानक एक पागल कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोचने लगा।मासूम की चीख-पुकार सुनकर उसके दादा ललित पाथरे मौके पर पहुंचे और जान जोखिम में डालकर बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। इस दौरान कुत्ते ने उन पर भी हमला किया, हालांकि वे बाल-बाल बच गए।
गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल डौंडीलोहारा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां से भी स्थिति गंभीर होने पर उसे रायपुर भेजा गया। वर्तमान में मासूम का इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, हालत स्थिर होने के 24 घंटे बाद ऑपरेशन किया जाएगा।ग्रामीणों के मुताबिक, उक्त पागल कुत्ते ने गांव के 30 वर्षीय हुमन चंदेल सहित एक अन्य राहगीर पर भी हमला किया, वहीं चार मवेशियों को भी अपना शिकार बनाया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुत्ते को मार गिराया।बताया जा रहा है कि मासूम नादित्य के पिता दीपक पाथरे का पिछले वर्ष निधन हो चुका है और दादा ही उसकी देखभाल कर रहे थे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं परिवार गहरे सदमे में है।
दल्लीराजहरा।सीबीएसई द्वारा घोषित कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में स्थानीय डीएवी विद्यालय के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। इस वर्ष विद्यालय के 14 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर शानदार सफलता हासिल की है।विद्यालय की छात्रा शुभोश्री आचार्यजी एवं सुमन वर्मा ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। इसके अलावा जिज्ञासा बारले ने 96.8%, साहिल कुमार साहु 94.2%, संस्कार साहु 93.6%, अस्मित गनवीर 93.4%, रूचिका कोसमार्या 92.8%, वाडापल्ली प्रज्जवल 92.4%, आयुशी सिंह 91.2%, लिनेेश कुमार 90.8%, रूचि देवांगन 90.6%, सुयश जैन 90.4%, दीपांशी पटनायक 90.4% एवं अभिषेक कार्तिक ने 90% अंक प्राप्त किए।विद्यालय के प्राचार्य जी. व्ही. राजशेखर राव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 104 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। इनमें से 41 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक तथा 54 विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
प्राचार्य राव ने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा स्थापित यह उच्च मानक आने वाले वर्षों में और भी बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करेगा।विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आर. बी. गहरवार एवं क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत कुमार ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को गर्व का क्षण बताते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताया है।
आई. ओ. सी. राजहरा के नियमित एवं ठेका श्रमिकों के लाभों एवं सुविधाओं में कटौती के खिलाफ 22 सूत्रीय मांगों को लेकर सीटू के द्वारा तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। यह धरना प्रदर्शन प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहे किया जा रहा है।प्रथम दिन 15-04-2026 नगर प्रशासन आफिस के सामने सीटू यूनियन के सैकड़ो ठेका श्रमिक, नियमित कर्मचारीयो के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस धरना प्रदर्शन में सम्मिलित होने के लिए मैदान में उतरे ।धरना प्रदर्शन में शामिल सैकड़ो कर्मचारियों ने टाउनशिप की अव्यवस्थाओं पर आक्रोश जाहिर करते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा टाउनशिप में सुधार हेतु अपनी मांगों को दोहराया ।यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि हम पहले ही 16 जनवरी को प्रबंधन को अपना मांग पत्र सौंप चुके हैं। जिसमें हमने टाउनशिप की अव्यवस्थाओं पर विस्तार से विवरण प्रस्तुत करते हुए अपनी मांगे प्रस्तुत की है, लेकिन आश्चर्य की बात है की तीन माह बीत जाने पर भी प्रबंधन ने इस मांग पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया ना ही कोई बैठक कर निराकरण का प्रयास किया। इससे प्रतीत होता है कि प्रबंधन टाउनशिप में किसी तरह का सुधार नहीं करना चाहता है। जिसके कारण श्रमिकों में आक्रोश बढ़ा हुआ है।
और इसी कारण यूनियन को तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन जैसे कार्यक्रमों में जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जर्जर होते आवास, चारों तरफ अव्यवस्था का आलम और नगर प्रशासन की लाचारी से पूरा टाउनशिप बर्बादी की कगार पर है। सैकड़ो की तादाद में खाली पड़े आवासों में अराजक तत्वों का अवैध कब्जा बढ़ते जा रहा है। टाउनशिप में रहने वाले कर्मचारी और परिवारजन अब अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। हमने प्रबंधन से कहा था की खाली पड़े आवासों को सेवानिवृत कर्मचारियों को एवं ठेका कर्मचारियों को आवंटित किया जाए जिससे आवास भी सुरक्षित रहेंगे और टाउनशिप का वातावरण भी सुरक्षित रहेगा । जिस पर प्रबंधन ने कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी और अब हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि पहले सेवानिवृत कर्मचारी को रिटेंशन में आवास दिए जा रहे थे लेकिन अब रिटेंशन स्कीम बंद करने के बाद सेवानिवृत कर्मचारी भी आवास छोड़कर राजहरा से पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं, जिससे टाउनशिप का की सूरत और खराब होने वाली है। इसलिए हमारी मांग है कि सेवानिवृत एवं ठेका कर्मचारियों को थर्ड पार्टी आवास आवंटित किया जाए। इसी तरह आवास छोड़ने पर आवास को पूरी तरह खाली करने की बाध्यता समाप्त कर सब्जेक्ट टू वैकेशन को विधिवत चालू किया जाए जिससे मकानों को खंडहर होने से बचाया जा सके। टाउनशिप में आवासों के मेंटेनेंस की हालत बहुत खराब है मेंटेनेंस के ठेके बंद है जिसके कारण कर्मचारी परेशान है। छोटी-छोटी समस्याओं के लिए महीना टाउनशिप कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आवास आवंटन में स्पष्ट नीति एवं पारदर्शिता नहीं होने के कारण आवास आवंटन प्रक्रिया संदेह के घेरे में है और आए दिन भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं।आश्चर्य की बात है कि आवास आबंटन के लिए कोई स्टेट सीनियरिटी लिस्ट ही नहीं । अब पर्सनल सीनियरिटी कै आधार पर आवास आवंटन की जानकारी आज हमें मिली है जो कि गलत है। स्टेट सीनियरिटी लिस्ट अलग होना ही चाहिए। यूनियन के सचिव पुरुषोत्तम सिमैंया ने कहा की टाउनशिप में बड़े पैमाने पर खाली जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी तरह सैकड़ो आवास अवैध कब्जे में है यह सब प्रबंधन की जानकारी में होने के बावजूद कार्रवाई न होना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। अगर ऐसा है तो इस मसले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और सभी अवैध कब्जे मुक्त किए जाने चाहिए । टाउनशिप में बरसों से बेकलेन क्लीनिंग का काम नहीं किया गया है। साफ सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है इसलिए हमारी मांग है कि पुराना पीएचडी विभाग बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि टाउनशिप में अवैध कब्जा को रोकने के लिए तत्काल स्टेट कोर्ट की व्यवस्था होनी ही चाहिए ।आगे उन्होंने कहा कि आवास आवंटन के मामले में स्थानीय प्रबंधन द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है, जहां एक और भिलाई के सर्कुलर से रिटेंशन स्कीम बंद कर दी गई, वही भिलाई में वर्षों से चालू लाइसेंस पद्धति को तमाम आश्वासन के बावजूद लागू नहीं किया जा रहा है ताकि खाली आवासों को अवैध कब्जे मे देने का कारोबार फलत फूलता रहे । लेकिन खदान के कर्मचारी अब प्रबंधन की इस बदनियती को किसी भी हालत में स्वीकार करने को तैयार नहीं है। क्योंकि टाउनशिप में रहने वाले खदान कर्मचारियों के परिवार भी अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसलिए हमारी सुरक्षा और हमारे परिवार की सुरक्षा खदान प्रबंधन की जिम्मेदारी है और यह कानूनी जिम्मेदारी अगर प्रबंधन पूर्ण नहीं करता तो हम आंदोलन का और विस्तार करेंगे जो आगे खदानों में हड़ताल एवं कामबंदी तक जा सकता है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।धरने के दौरान यूनियन प्रतिनिधि मंडल ने नगर प्रशासक से सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। यूनियन ने स्पष्ट किया कि जो मांगे आपके स्तर की है उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जो मांगे उच्च प्रबंधन के स्तर की है उन्हें आप उच्च प्रबंधन तक ले जाएं और किसी भी तरह की समस्या आने पर यूनियन उच्च प्रबंधन से बात कर रास्ता निकालने में नगर प्रशासन के साथ है। सुरक्षा गार्ड ठेके के मामले में यूनियन ने साफ-साफ कहा कि इस ठेके में हो रही देरी के लिए नगर प्रशासन विभाग जिम्मेदार है जिसने हमारे कहने के बावजूद समय पर ठेके की प्रक्रिया को प्रारंभ नहीं किया, जिसके कारण आगे ठेका बंद है जिस पर नगर प्रशासक महोदय ने कहा कि जल्द से जल्द सभी मामलों में सकारात्मक कार्रवाई कर यूनियन को सूचित किया जाएगा साथ ही उच्च प्रबंधन के साथ बैठक में यूनियन को शामिल कर सभी समस्याओं के निराकरण का ठोस रोड मैप तैयार किया जाएगा । जिस पर यूनियन ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम पीछे नहीं हटेंगे और आगे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की होगी।