आज करीब 11:30 बजे के आस पास दल्ली राजहरा लोहारा मार्ग में मोटरसाइकिल से अपने गांव जाते समय से अनियंत्रित होने पर रोड के किनारे रखे पत्थर में जाकर टकराकर घायल हो गया जिसे उपचार हेतु सी एच सी डोंडी लोहारा ले जाया गया जहां डॉक्टर द्वारा मृत घोषित कर दिया गया मृतक चालक डोमन पिस्दा पिता उदय राम पिस्दा उम्र 48 वर्ष ग्राम सहगांव का रहने वाला बताया जा रहा है मौके पर पुलिस पहुंच कर आगे की कार्यवाही कर रही।
जगदलपुर बलौदा बाजार की घटना से बस्तर के आदिवासी नेता एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज बुरी तरह मर्माहत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना को दुर्भाग्यजनक बताते हुए इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
सहृदय युवा आदिवासी नेता एवं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि बलौदा बाजार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मै लोगो से शांति बनाए रखने का आग्रह करता हूं। सरकार की लापरवाही से यह अप्रिय स्थित निर्मित हुई है। पंद्रह दिनों पहले असामाजिक तत्वों द्वारा पवित्र जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के मामले मे त्वरित कठोर कार्रवाई की गई होती तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती। दीपक बैज ने लोगों से संयम और शांति बनाए रखने तथा क़ानून को हाथ मे न लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभ्य समाज मे हिंसा हरगिज बर्दाश्त नहीं की जा सकती। बाबा साहेब के बनाए क़ानून पर भरोसा रखें। दरअसल बलौदाबाजार में सतनामी समुदाय के प्रदर्शन के दौरान सोमवार को जमकर बवाल हो गया। लोगों ने कलेक्ट्रेट में खड़ी अधिकारियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की, बल्कि कलेक्ट्रेट, तहसील और जिला पंचायत कार्यालय में भी आग लगा दी।प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया। वहीं प्रदर्शनकारियों को रोकने में पुलिस नाकाम रही। सतनामी समाज के करीब चार हजार लोग पहुंचे थे। हालात लगातार बिगड़ने पर राजधानी से भी बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर भेजी गई है।
हालात बिगड़ने की वजह
पुलिस ने जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सतनामी समाज के लोगों का आरोप है कि पकड़े गए लोग असली आरोपी नहीं हैं। समाज के लोग स्थानीय पुलिस पर असली दोषियों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को प्रदर्शन के दौरान लोग इसी बात को लेकर आक्रोशित हो गए और हालात बिगड़ते चले गए। जैतखाम सतनामी पंथ का ध्वज स्तंभ और संप्रदाय की आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है। आमतौर पर सतनाम समुदाय के लोग मोहल्ले या गांव में किसी चबूतरे या प्रमुख स्थल पर खंभे में सफेद झंडा लगाते हैं।
दुबके रहे पुलिसकर्मी
पथराव के दौरान पुलिसकर्मी जान बचाने कार्यालयों में छिपे रहे। बताया जा रहा है कि भीड़ उग्र हो रही थी, लेकिन लाठीचार्ज के आदेश नहीं मिले। इसके चलते पुलिसकर्मियों को वहां से भागना पड़ा। प्रदर्शनकारी इमारतों पर चढ़ गए और जमकर उत्पात मचाया। आगजनी की खबर पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची तो दमकल गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
शर्मा ने की थी शांति की अपील
एक दिन पहले ही रविवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जैतखाम में हुई तोड़फोड़ मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कही भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे कृत्य करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की थी।वहीं तीन दिन पहले ही बलौदाबाजार कलेक्टर केएल चौहान और एसएसपी सदानंद कुमार ने शांति समिति की बैठक ली थी। इसमें सभी समाज के लोग और प्रमुख शामिल हुए थे।
जगदलपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में नक्सलियों और उनके सहयोगी ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अलग अलग नामों से चलाई जा रही विशेष मुहिम व्यापक असर दिखा रही है। मुहिम और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर रोज बड़ी संख्या में नक्सली आत्म समर्पण कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज फिर दंतेवाड़ा जिले में एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दंतेवाड़ा जिले में इस वर्ष अब तक 820 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे अभियान ‘लोन वर्राटू’ घर वापस आईए तथा छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है। साथ ही शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गांव गांव में किया जा रहा है। इसके सकारात्मक और उत्साह जनक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण हो रहा है। बाहरी और कुछ पुराने स्थानीय नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लेकर आगे आ रहे हैं।
इन्होंने किया समर्पण
गंगालूर, भैरमगढ़ एवं कटेकल्याण एरिया कमेटी के प्रतिबंधित संगठन में मनकेली, पेद्दाकोरमा पंचायत जनमिलिशिया सदस्य संजय बारसे, कुन्ना पंचायत कमेटी सदस्य सुकड़ा मड़कामी, ग्राम फुलगट्टा संघम सदस्या रीना कोरसा ने आज 10 जून को डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा ने इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत 25- 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदान कराने की बात कही। लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 180 ईनामी नक्सलियों सहित कुल 820 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
बकावंड ब्लॉक मुख्यालय बकावंड से पहुंच मार्ग राजनगर रोड से किंजौली पांच चौक तक घटिया डामर रोड का निर्माण कराया गया है। कुछ माह पहले बनी इस पक्की सड़क पर दरारें पड़ गई हैं और गड्ढे हो गए हैं। पटरियों पर बहुत कम मुरुम मिट्टी डाली गई थी और उसे रोलर से दबाया भी नहीं गया था। अब पटरियों पर मुरुम नजर ही नहीं आ रही है।
इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा अरोड़ा कंस्ट्रक्शन के माध्यम से कराया गया है। यह ठेका फर्म निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी और सार्वजनिक एवं सरकारी जगहों से गौण खनिज का अवैध खनन कर उसका इस्तेमाल सड़क निर्माण में करने के लिए बेहद चर्चित है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मेसर्स अरोड़ा कंस्ट्रक्शन पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हैं। यही वजह है कि उसके कराए गए निर्माण कार्यों की खामियों को नजर अंदाज कर दिया जाता है और बाद में इसका खामियाजा संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। कुछ ऎसी ही कारगुजारी मेसर्स अरोड़ा कंस्ट्रक्शन ने राजनगर से किंजौली तक डामरीकृत मार्ग के निर्माण में भी की है। हाल ही में बनकर तैयार हुई यह सड़क अभी से जवाब देने लगी है। सड़क पर जगह जगह गड्ढे और दरारें नजर आने लगी हैं। रोड के दोनों किनारों से मुरुम की पटरियां अस्तित्व हीन हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी सड़क पर गिट्टी मुरुम का ढंग से भराव नहीं किया गया और न ही उसे रोड रोलर के जरिए अच्छे से दबाया गया। डामर रोड की बुनियाद ही कमजोर रखी गई थी और उस पर मिक्स तारकोल की बहुत ही पतली परत बिछा दी गई। वहीं पटरियों को भी दबाया नहीं गया था। इसी के चलते यह पक्की सड़क अभी से उखड़ने लगी है। अरोड़ा कंस्ट्रक्शन द्वारा कराए गए रोड चौड़ीकरण और पुलिया निर्माण के दौरान बड़ी दुर्घटना भी हो चुकी है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने ऐसे लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उनके टेंडर को रद्द करने की मांग की है।
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत पाहुरबेल में अवैध रूप से मुरुम खनन और परिवहन का खेल चल रहा है। इस मुरुम का उपयोग एक ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में किया जा रहा है। दूसरी ओर खनिज विभाग इस खेल से बेखबर बना हुआ है। अब तक हजारों ट्रिप मुरुम यहां से निकाली जा चुकी है।
बकावंड ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत पाहुरबेल के मेडार तालाब में पिछले करीब एक सप्ताह से मुरुम की अवैध खोदाई बिना अनुमति लिए की जा रही है। खनिज विभाग के स्थानीय कर्मियों के संरक्षण में सत्येंद्र सिंह ठाकुर, ठेकेदार अरोड़ा कंस्ट्रक्शन और जेसीबी मलिक द्वारा तालाब के एक हिस्से की बेतहाशा खोदाई जेसीबी से कराई जा रही है। वहां से निकलने वाली मुरुम को ट्रैक्टर भर भरकर बाहर ले जाया जा रहा है। मुरुम को पाहुरबेल और जैतगिरी के बीच बन रही डमरीकृत रोड के निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है। रोड की पटारियों में ले जाकर डाला जा रहा है। सरकारी तालाब से मुरूम का अवैध खनन और परिवहन सरकारी सड़क निर्माण के लिए किया जा रहा है। इसके एवज ने ग्राम पंचायत और खनिज विभाग में रायल्टी राशि भी नहीं दी जा रही है। इस संबंध में जेसीबी मालिक से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि अब तक पाहुरबेल के मेडार तालाब से लगभग 8 हजार से से 10 हजार ट्रिप मुरूम निकाल कर जैतगिरी पाहुरबेल के बीच बन रही सड़क पर डाली जा चुकी है।. मुरुम खोदाई के परमिशन के लिए माइनिंग विभाग में जानकारी दी गई है। वहीं ठेकेदार अरोड़ा कंस्ट्रक्शन का दावा है कि उनके पास मुरुम खोदाई का परमिशन है, आप लोग मेरे कार्यालय में आकर परमिट देख सकते हैं।
बना दिया मौत का कुंआं
बेतहाशा मुरुम खनन कर तालाब के एक हिस्से को मौत के कुंए के रूप में तब्दील कर दिया गया है। तालाब के जिस हिस्से में खोदाई की जा रही है, उसी हिस्से से गांव के मवेशी तालाब में पानी पीने जाते हैं। ऐसे में मवेशियों के गड्ढे में गिरने का खतरा बना हुआ है। मुरुम निकालने के लिए गड्ढा इतना गहरा बना दिया गया है कि अगर वहां मवेशी या कोई इंसान गिर जाए, तो वे बाहर निकल ही नहीं पाएंगे। ऐसे में वे गड्ढे में ही तड़प तड़प कर दम तोड़ देंगे। बरसात का मौसम करीब है। जब बरसात होगी तब तालाब लबालब भर जाएगा और तालाब में मुरुम के लिए खोदे गए गड्ढे का अनुमान लगाना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे हालातों में यह गड्ढा भविष्य के खतरे की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन ने इस ओर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आगे चलकर बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।
वर्सन
नहीं लिया परमिशन
पाहुरबेल के तालाब से मुरुम खोदाई के लिए मेरे कार्यालय से किसी ने भी परमिशन नहीं लिया है। मौका निरीक्षण कर जेसीबी और ट्रैक्टर को जप्त करूंगा।
सचमुच एक जिंदादिल इंसान हैं कलेक्टर विजय दयाराम के.
जितना कोमल ह्रदय है, उतनी ही मधुर है उनकी आवाज भी
अर्जुन झा
जगदलपुर विजय दयाराम के. उस शख्स का नाम है जिन्होंने अल्प कार्यकाल में ही बस्तर जिले के लोगों के दिलो दिमाग पर विजय हासिल कर ली है। कोमल ह्रदय, जज्बाती और दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझकर दर्द के साझीदार बनने वाले ये शख्स कोई और नहीं बल्कि हमारे बस्तर जिले के कलेक्टर विजय दयाराम के. हैं। इनके नाम में ही सब कुछ समाया हुआ है। जिसके मन में दया होती है, करुणा होती है, परोपकार की भावना होती है, वह शख्स हर दिल अजीज तो होगा ही, सबके दिल पर विजय तो हासिल करेगा ही।
बस्तर जिले के बहुत कम लोगों को अपने कलेक्टर विजय की एक खासियत के बारे में शायद पता ही नहीं होगा कि वे बहुत अच्छे गायक भी हैं। उनकी आवाज में वो कशिश है कि सुनते ही दिल की सारी उदासी काफूर हो जाती है। हमारे दयावान कलेक्टर विजय दयाराम के. की गायकी का गजब अंदाज हमें बादल अकादमी के स्टूडियो में एक बार फिर देखने को मिला। दरअसल बस्तर कलेक्टर फिर बादल अकादमी के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में पहुंचे थे। उन्होंने वहां 2 मिनट 14 सेकंड का गाना रिकॉर्ड कराया। इस बार उन्होंने पुराने फिल्मी गाने की रिकॉर्डिंग कराई। उनका यह गाना प्यार के संदेश से भरा था। गाने के बोल थे प्यार कभी मरता नहीं, मरते हैं हम तुम, होते हैं वो लोग अमर प्यार जो करते हैं। इसके गीत का दूसरा अंतरा था – न हो उदास, तेरे पास पास मैं रहूंगा जिंदगी भर…। कलेक्टर विजय वैसे तो हैं दक्षिण भारतीय, मगर इस हिंदी गीत के सुर ताल और शब्दों पर उनकी अच्छी पकड़ की झलक साफ दिखाई दी। कलेक्टर विजय दयाराम के. इससे पहले बस्तरिया बोली में गीत की रिकॉर्डिंग करा चुके हैं। बस्तरिहा बोली में भी उनकी पकड़ की कोई सानी नहीं है। बंसल न्यूज़ के खास कार्यक्रम ‘अफसरनामा’ में भी कलेक्टर विजय ने यही गीत गुनगुनाया था।
सबने देखा है दयावान रूप
बहरहाल हम कलेक्टर विजय के गाए ताजा गाने की ओर रुख करते हैं। इस गीत में कलेक्टर ने जो अंतिम पंक्तियां गाईं, वो बस्तर वासियों के प्रति उनके प्रेम की ओर इंगित करती नजर आईं। कलेक्टर साहब जब तक आप बस्तर के डीएम हैं, तब तक बस्तर के लोग हरगिज उदास नहीं रह सकते। क्योंकि हमने कई बार आपको गरीब आदिवासियों का दर्द साझा करते देखा है। एक बूढ़ी मां को उसकी आंख के इलाज के लिए तुरंत जगदलपुर भेजते की आपकी पहल को देखा है, एक और बूढ़ी आदिवासी मां की युवा बेटी के इलाज की व्यवस्था करते आपको देखा है। भरे बाजार में आम आदमी की तरह आपको सब्जियां खरीदते देखा है, किसानों को पर्याप्त खाद बीज मिले, गरीब ग्रामीणों को उनके हिस्से का पूरा राशन दिलाने की व्यवस्था करते आपको देखा है। कुछ दिनों पहले ही बकावंड ब्लॉक में गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने पर पहली बार आपको इतने गुस्से में देखा है। फिर भला आपके रहते बस्तर के लोग भला कैसे उदास रह सकते हैं। बस्तर के लोग तो अपनी आराध्य देवी मां दंतेश्वरी से प्रार्थना करते हैं कि हमारे कलेक्टर विजय दयाराम के. सदा सर्वदा के लिए बस्तर में रहें, माता रानी उन्हें दीर्घायु बनाए।
पांच दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल जारी, उग्र आंदोलन की दी गई चेतावनी -अर्जुन झा- नगरनार एनएमडीसी के नगरनार संयंत्र में स्थानीय बेरोजगारों और ट्रांस्पोर्टरों को काम न देने और प्लांट द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण के विरोध में क्रमिक भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। भूख हड़ताल और धरने पर जय झाडेश्वर परिवहन संघ के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय नागरिक बैठे हुए हैं।
जय झाड़ेश्वर परिवहन सहकारिता समिति मर्यादित, नगरनार के तत्वावधान में यह आंदोलन 7 जून से शुरू हुआ है और फिलहाल 11 जून तक चलेगा। समिति की प्रतिनिधि एवं नगरनार मंडल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता मिश्रा भी हड़ताल पर बैठी हैं। गीता मिश्रा ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र की स्थापना के समय एनएमडीसी ने जितने भी शर्त ग्रामीणों से की थी, उनमें से एक भी शर्त को एनएमडीसी प्रबंधन ने पूरा नहीं किया है। आसपास के तमाम गांवों में संयंत्र से उठने वाली गर्द का प्रदूषण फैल रहा है।एनएमडीसी ने कहा था कि संयंत्र स्थापना के साथ साथ मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की भी स्थापना नगरनार में कर दी जाएगी, मगर आज तक हॉस्पिटल की नींव भी नहीं रखी जा सकी है। संयंत्र के प्रदूषण से अंचल के ग्रामीण बीमार पड़ रहे हैं, वे अपना इलाज कराने कहां जाएं। गीता मिश्रा ने कहा कि संयंत्र में स्थानीय बेरोजगारों और ट्रांसपोर्टरों को काम भी नहीं दिया जा रहा है।
बाहरी लोगों की भर्ती: नाग
जय झाड़ेश्वर परिवहन सहकारी समिति के सदस्य एवं नगरनार के प्रतिष्ठित ग्रामीण सियाराम नाग ने कहा कि एनएमडीसी ने क्षेत्र के गांवों के किसानों की जमीन लेते समय जो पांच वादे किए थे, उन वादों से एनएमडीसी प्रबंधन पूरी तरह मुकर गया है। यहां मजदूरों की भर्ती भी बाहर से की जा रही है। जबकि प्रबंधन ने कहा था कि संयंत्र स्थापना के लिए जिन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की गई है, उनके परिवारों के सदस्यों तथा बस्तर संभाग के ही बेरोजगारों की भर्ती संयंत्र में की जाएगी। मगर शुरू से टेक्निकल भर्ती के नाम पर मजदूरों के रूप में दूसरे राज्यों के लोगों को नगरनार संयंत्र में नौकरियां दी जा रही हैं। वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण का दंश हम झेल रहे हैं और यहां बाहरी लोग मौज कर रहे हैं। अगर प्रबंधन ने वादा पूरा नहीं किया तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। सियाराम नाग ने कहा कि हमारे परिवारों के युवा सदस्यों ने इस उम्मीद में कर्ज लेकर वाहन खरीदे थे कि संयंत्र में माल परिवहन का काम मिल जाएगा। लेकिन परिवहन का काम भी बाहरी लोगों को दिया जा रहा है। प्रबंधन का यह चरित्र असहनीय हो गया है। अब हम और ज्यादती बर्दाश्त नहीं कर सकते।
प्रबंधन रवैया बदले: बघेल
जय झाड़ेश्वर परिवहन सहकारी समिति के सदस्य लखीधर बघेल ने कहा कि 22 साल से नगरनार इस्पात संयंत्र का काम चल रहा है। संयंत्र स्थापना के शुरूआती दौर में एनएमडीसी प्रबंधन ने नगरनार समेत आसपास की 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के साथ जो करार किया था, उससे प्रबंधन पीछे हट गया है। यहां न हॉस्पिटल खोला गया है, न प्रदूषण नियंत्रण के उपाय किए गए हैं। संयंत्र से निकलने वाला केमिकल युक्त काला पानी हमारे खेतों को बंजर बना रहा है और तालाबों को प्रदूषित कर रहा है। प्रदूषण के चलते ग्रामीण तरह तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उनके उपचार की व्यवस्था तक एनएमडीसी प्रबंधन ने नहीं की है। स्कूल खोला भी गया है, तो वहां बाहरी लोगों के बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है। हमने जमीन गंवाई और हमारे ही बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित हैं। रोजगार देने के मामले में भी प्रबंधन ने स्थानीय लोगों के साथ छल किया है। नगरनार इस्पात संयंत्र में सभी श्रेणियों की भर्ती में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। जबकि करार में कहा गया है कि स्थानीय और बस्तर संभाग के बेरोजगारों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। लखीधर बघेल ने कहा कि परिवहन का काम भी बाहरी ट्रांसपोर्टरों से कराया जा रहा है। हमारे स्थानीय लोगों ने कर्ज लेकर गाड़ियां खरीदी हैं जो आज काम न होने के कारण ब्याज तक अदा नहीं कर पा रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि प्रबंधन हमारे सब्र की परीक्षा न ले।
बस्तर का हर कार्यकर्ता में है भाजपा के प्रति समर्पण
चित्रकोट से कांग्रेस की हार पर चुप क्यों है मंडावी जगदलपुर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी द्वारा वन मंत्री केदार कश्यप पर लगाए गए आरोप को लेकर भाजपा नेता जी. वेंकट ने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के किसी विधायक से चुनाव परिणामों को लेकर प्रमाण पत्र की आवश्यकता भाजपा को नहीं है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में मंत्री केदार कश्यप के साथ साथ हर कार्यकर्ता ने धरातल पर कार्य करके 50 हजार से भी अधिक मतों से चुनाव में विजयश्री प्राप्त की है।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी द्वारा वन मंत्री केदार कश्यप पर लोकसभा चुनाव में निष्क्रिय रहने के आरोप के बाद बीजापुर जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जी. वेंकट ने कहा कि कांग्रेसी नेता स्वयं अपनी गिरेबां में झांके। बस्तर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने 50 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की है और जीत में प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, वनमंत्री केदार कश्यप सहित भाजपा के कार्यकर्ताओं ने धरातल पर कार्य किया और 6 बार के विधायक को पटखनी दिलाई है। वेंकट ने कहा कि बस्तर लोकसभा सीट से चित्रकोट, दंतेवाड़ा, कोंटा से कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी है। जबकि चित्रकोट स्वयं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का गृह विधानसभा क्षेत्र है बावजूद विधानसभा क्षेत्र से 7502 वोटों की लीड भाजपा को मिली है। क्या विधायक मंडावी प्रदेश अध्यक्ष बैज से इस हार का कारण पूछेंगे? क्या उनसे भी वही सवाल करेंगे जो केदार कश्यप जी के लिऐ कर रहे हैं? जी वेंकट ने कहा है कि इसी तरह दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस भाजपा से 12884 मतो से पीछे रही तो क्या इसके लिए देवती कर्मा को दोषी ठहराएंगे। इसी तरह कोंटा विधानसभा सीट से स्वयं कांग्रेस से लोकसभा प्रत्याशी रहे 6 बार के विधायक कवासी लखमा 4000 वोटों से पीछे रह गए क्या इसमें भी कवासी लखमा की भाजपा से सांठगांठ थी। श्री वेंकट ने कहा कि विक्रम मंडावी की जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है इसलिए वे अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। श्री वेंकट ने कहा कि विधायक श्री मंडावी अपनी पार्टी कांग्रेस की चिंता करें। इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के कई दिग्गज धराशायी हुए हैं। उसकी समीक्षा करें। रही बात केदार कश्यप की तो बस्तर के हर भाजपा कार्यकर्ता को केदार कश्यप ने अपने परिवार की तरह रखा है और बस्तर की राजनीति में कश्यप परिवार का योगदान अमूल्य है।
काम न आया दुष्प्रचार
नारायणपुर भाजपा जिलाध्यक्ष रूपसाय सलाम ने कहा कि बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी सिर्फ बयानबाजी करके मीडिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को विषम परिस्थितियों के बावजूद 4500 से अधिक वोटों की लीड मिलना लाखों के बराबर है। विधायक विक्रम मंडावी को अच्छी तरह से पता होगा कि किस तरह से धर्मांतरण व नक्सलवाद का आतंक फैला कर कांग्रेस ने भाजपाईयों को चुनाव प्रचार से रोकने का असफल प्रयास किया।
लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या व नक्सल धमकी के बाद भी भाजपा कार्यकर्ता मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में दिन रात जुटे रहे। कांग्रेस ने संपूर्ण बस्तर लोकसभा क्षेत्र में आरक्षण का फर्जी वीडियो वायरल कर आदिवासी क्षेत्रों मे दुष्प्रचार करने का प्रयास किया था, लेकिन यहां के आदिवासी उसके झांसे में नही आए। इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा के बेटे हरीश कवासी रात में भी चुनाव प्रचार करते थे जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं को नक्सलियों द्वारा धमकी दी जाती थी।
प्रदेश में विशेष रणनीति पर काम करेगी भाजपा: केदार कश्यप जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की एक अहम बैठक शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा की उपस्थिति में हुई।
विधायक दल की बैठक के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बैठक में लोकसभा चुनाव के संबंध में जानकारी ली गई। सभी क्षेत्रों में विशेष रणनीति बनाकर काम करने की योजना बनाई गई। प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों में भाजपा ने विजय प्राप्त की है। पिछली बार की तुलना में इस बार भारतीय जनता पार्टी ने एक लोकसभा में बढ़त बनाई है। इस बार भाजपा ने 10 लोकसभा क्षेत्र में जीत हासिल की है और इस जीत की निरंतरता को बनाए रखने के लिए लगातार कार्य करने की आवश्यकता को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए हर्ष का विषय है कि नरेंद्र मोदी जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शपथ ग्रहण समारोह में सभी विधायक जाएंगे, यह ऐतिहासिक पल होगा। श्री कश्यप ने कहा कि भूपेश बघेल किसको नेता के रूप में स्वीकार कर रहे हैं और किसको नेता के रूप में चुन रहे हैं, यह सभी जानते हैं और उसी के चलते ही भूपेश बघेल को राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र में मात मिली है। भूपेश बघेल अब चाहे कोई भी चुनाव लड़ लें, उनकी हार सुनिश्चित है और उनको बचाने के लिए कोई राहुल बाबा नहीं आने वाले।
विधायक सुशांत शुक्ला ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि संगठनात्मक तौर पर आज भाजपा विधायक दल की बैठक संपन्न हुई। विधानसभा क्षेत्र में हुए कार्यों को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा विधायक दल की बैठक में मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, ओपी चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े, लखन लाल देवांगन, दयाल दास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल सहित भाजपा के सभी विधायक, विधायक दल की बैठक में मौजूद थे।
पुरानी रंजिश में हत्या कर शव लटकाया फांसी पर जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में 6 जून की शाम 4 बजे 33 वर्षीय कोसाराम पोडियामी पिता स्व.पांडू के अपने घर के सामने आम पेड़ पर फंदे से लटके मिले शव का मामला पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने सुलझा लिया है। उसकी हत्या के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
कोसाराम पोड़ियामी का शव फांसी पर लटकी हालत में मिला था। प्रार्थी हरीश कुमार पोड़ियामी की रिपोर्ट पर 7 जून को थाना कटेकल्याण में मर्ग कायम कर मर्ग जांच पर लिया गया था। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण एवं पंचनामा, शव परीक्षण के दौरान मृतक कोसाराम पोडियामी की पीठ, गले एवं कान में चोट के निशान नजर आने पर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा रवाना किया गया।जहां डॉक्टर द्वारा शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु गला दबाने से होना बताया गया। इस संबंध वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर मामले के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने हेतु निर्देश दिया। थाना कटेकल्याण में धारा 302, 34, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाकर प्रकरण के आरोपी बामन पोडियामी पिता गुलोड़ी उम्र 41 वर्ष ग्राम गाटम पेरमापारा एवं बामन पोडियामी पिता दोडगें उम्र 47 वर्ष ग्राम गाटम पुजारी पारा थाना कटेकल्याण जो घटना को अंजाम देकर फरार हो गए थे, उन्हें पेरमापारा एवं मथाडी के जंगल से हिरासत में लेकर घटना के संबंध में बारीकी से पूछताछ की गई।पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों द्वारा पूर्व रंजिश एवं मृतक द्वारा मारपीट करने का बदला लेने की नीयत से कोसाराम पोडियामी के घर के पास जाकर उसके हाथ, पैर एवं प्लास्टिक बोरी की मोटी रस्सी से सिर, पीठ में मारकर चोट पहुंचाकर गला दबाकर हत्या करने व हत्या को छुपाने मृतक की लूंगी से मृतक के गले में फांसी का फंदा डालकर मृतक को आम पेड़ की डंगाल में लटका देने की बात कबूल कर ली।प्रकरण के दोनों आरोपियों को 7 जून को गिरफ्तार कर आज 8 जून को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर लिया गया।