City Media - Page 84 of 1804 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 84

हमें जीवन मूल्य भी सिखाते हैं खेल: मेयर संजय पाण्डे

0
  • राष्ट्रीय खेल दिवस पर मैराथन दौड़ का आयोजन

जगदलपुर नगर के धरमपुरा पीजी कॉलेज मैदान से निकली मैराथन दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय खेल दिवस पर युवाओं के जोश और भारत की खेल परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक भी बन गई। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आयोजित इस दौड़ ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त साधन है।

कार्यक्रम की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी स्मृति को नमन करने से हुई। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर दौड़ का शुभारंभ किया गया। खेल भावना से सराबोर इस आयोजन में युवा धावकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे। महापौर संजय पाण्डे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा, संग्राम सिंह राणा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, एसडीएम ऋषिकेश तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल, पार्षद पूनम सिन्हा, अतुल शुक्ला, कोटेश्वर नायडू सहित शिक्षा और खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। यह व्यापक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि खेल समाज को एकजुट करने की क्षमता रखते हैं। महापौर संजय पांडे ने कहा कि खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और टीम भावना जैसे जीवन मूल्य भी सिखाते हैं। यही कारण है कि मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ी की जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाना भारतीय खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह दौड़ केवल एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह युवाओं को यह याद दिलाने का प्रयास था कि यदि हम स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र चाहते हैं तो खेलों को शिक्षा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।

मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्भुत खेल कौशल से भारत को हॉकी में विश्वशक्ति बनाया। उनकी प्रतिभा, समर्पण और अनुशासन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे आयोजनों से उनकी विरासत जीवित रहती है और नई पीढ़ी को यह संदेश मिलता है कि कठिन परिश्रम और निष्ठा से ही सफलता की राह तैयार होती है।

बालोद पुलिस द्वारा जिले में निरंतर साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजन

0

आज दिनांक 28.08.2025– को पुलिस अधीक्षक महोदय  योगेश कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन व एसडीओपी  देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में बालोद पुलिस द्वारा जिले में निरंतर साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम आज थाना लोहारा क्षेत्र के ग्राम धनगांव में आयोजित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के ’ वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान ’के तहत भारतीय स्टेट बैंक और अन्य बैंकों के संयुक्त शिविर में जाकर ग्रामवासी सरपंच. पंच.स्कूली छात्र छात्राओं परिजनों को साइबर संबंधी अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी देकर लोगों को  अपराधों से बचाव हेतु ठगी के तरीकों जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे facebook. Instagram.पर शॉपिंग न करने, शॉपिंग के लिए वैध ई कॉमर्स साइट का सावधानी पूर्वक उपयोग करने ,व्हाट्सअप ,इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म में  प्राप्त किसी भी ट्रेडिंग ऐप या लिंक को नहीं खोलने ,किसी भी प्रकार के खबरों की सत्यता को जांचे बिना  सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की जानकारी दी गई।

शिविर में लोगों को .apk फाइल के बारे जानकारी दिया गया बताया गया कि यह फाइल आपके मोबाइल से डेटा चोरी कर सकती है, बैंकिंग ऐप्स फोन पे . को हैक कर सकती है या स्पाईवेयर इंस्टॉल कर सकती है।”Unknown Sources” से इंस्टॉलेशन की अनुमति हमेशा बंद रखने का सुझाव दिया गया।

ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत हेतु 1930 या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करने, साइबर जागरूक रहने के लिए साइबर प्रहरी एवं साइबर दोस्त को सोशल मीडिया पर फॉलो करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान शिविर में आए लोगों को यातायात के नियमों से अवगत कराकर कम उम्र के बच्चों को वाहन न चलाने, सिग्नल रूल्स फॉलो करने, प्रॉपर सीटबेल्ट एवं हेलमेट लगाने व अन्य ट्रैफिक रूल्स बताया जाकर जागरूक किया गया।

जागरूकता के दिशा में एक सशक्त कदम:-

पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में जिले के अन्य विद्यालयों एवं अन्य स्थानों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहेंगे ताकि साइबर सुरक्षित, नशामुक्त और कानून-सचेत समाज का निर्माण हो सके।

उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती रिनी अजीत छत्तीसगढ़ प्रभारी . एवं रीजनल डायरेटर आर बी आई एवं विभिन्न बैंकों के ब्रांच मैनेजर एवं पुलिस विभाग से एसडीओपी श्री देवांश सिंह राठौर ,, थाना प्रभारी लोहारा श्री मुकेश सिंह और थाना स्टाफ  एवं  साइबर सेल से प्रधान आरक्षक रुमलाल चुरेंद्र ,आरक्षक रविकांत और ग्रामवासी उपस्थित रहें।

रेडक्रॉस गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा

0

बालोद :–भारतीय रेडक्रास सोसायटी जिला शाखा बालोद के प्रबंध समिति की बैठक दिनांक को जिला अस्पताल बालोद में आदरणीय कलेक्टर मैडम दिव्या उमेश मिश्रा के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस बैठक में प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमें सदस्यता अभियान पर चर्चा पर अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा सुझाव आया कि सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, अनुविभागीय अधिकारियों, सभी पंचायत प्रतिनिधियों को रेडक्रास सदस्यता दिलाने पर जोर दिया गया। अध्यक्ष द्वारा प्रत्येक कार्य के लिए अलग से अनुमानित बजट बनाकर प्रस्तुत करने का सुझाव दिया गया। प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन प्रत्येक महाविद्यालय, स्कूलों एवं दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में जहां पर अक्सर दुर्घटनाएं होती है। ऐसे जगहों पर प्रशिक्षण दिये जाने हेतु जिला संगठक को आदेशित किया गया। जूनियर रेडक्रॉस के अंतर्गत जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थाआओ का पंजीयन कराने पर जोर दिया गया,और डीईओ,और सभी बीईओ को आत्मानंद स्कूल को भी रेडक्रास की गतिविधियों से जोड़ने की सलाह दी गई। रेडक्रास की गतिविधियां बढ़ाने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास द्वारा छोटी-छोटी गतिविधियों से रेडक्रॉस को जन जन तक पहुंचाने हेतु सुझाव दिया गया। साथ ही कोई भी संस्था सीएमएचओ बालोद के अनुमति बिना कहीं भी रक्तदान शिविर नहीं लगाने का निर्देश दिया गया । जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य शिविर रेडक्रास के बैनर तले सार्वजनिक उपक्रमों के साथ मिलकर आयोजित करने का सुझाव प्राप्त हुआ। सी.एस. आर और रेडक्रास की बैठक करने की बात कही गई, सदस्यो द्वारा रेडक्रास के साथ क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले संस्था ,कॉलेज एवं काउंसलर को पुरस्कृत करने को कहा गया।प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को हाइजीन ,पाक्सो, सड़क सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा व साइबर क्राइम की जानकारी हेतु बीईओ,व डीईओ के माध्यम से स्कूलों को दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया ।राज्य चेयरमेन तोमन साहु ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर जागरूकता की कमी के कारण हम कैंसर के शिकार हो जाते हैं जिससे बचने के लिए सभी को कैंसर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की सलाह दिया गया।

ज़िला चेयरमेन डॉक्टर प्रदीप जैन ने टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत सभी को निक्षय मित्र बनने एवं रक्तदान हेतु वेबसाइट बनाने की बात कही। रेडक्रास अध्यक्ष ने प्रबंध समिति के सभी सदस्यों के लिए आई कार्ड व डोनेशन व सदस्यता अभियान के लिए क्यूआर कोड सभी जगह पर चस्पा करने हेतु सुझाव प्राप्त हुआ। आज विभिन्न समिति के तहत वित्त समिति ,जूनियर रेडक्रास उप समिति , यूथरेडक्रास उप समिति , स्वास्थ्य समिति ,आपदा प्रबंधन समिति, सेंट जॉन एंबुलेंस समिति का गठन किया गया। बैठक के अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सचिव श्री डा.जे.एल. उइके द्वारा आए हुए सभी सदस्यों का आभार प्रदर्शन किया गया एवं राष्ट्रगान के साथ बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई ।

 

इस बैठक में प्रमुख रूप से कलेक्टर बालोद एवं अध्यक्ष रेडक्रॉस श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा , राज्य चेयरमैन तोमन साहू, एसडीएम नूतन कंवर, जिला चेयरमेन डॉ.प्रदीप जैन, सिविल सर्जन श्री माली, जिला उपसभापति कमला वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष रूप नारायण देशमुख, कमलेश सोनी उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद बालोद, डॉ अजय साहू , डीईओ योगदास साहू,समस्त विकासखंड के शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग,आरटीओ अधिकारी,,डॉ जे.के खलको प्राचार्य महाविद्यालय बालोद, दिनेश तापड़िया ,अकबर तिगाला,शरद ठाकुर ,अश्विन बारले, एनुका सार्वा, राधा कौशिक, राकेश द्विवेदी, अंचल प्रकाश साहू, किशोर मेहरा खेल अधिकारी,चंद्रशेखर पवार, भेखराम साहू, रघुनंदन गंगबेर एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

कांग्रेस में यह कैसा साजिश का खेल; जुझारू आदिवासी अध्यक्ष बैज को पचा नहीं पा रहे सत्तामोही नेता?

0
  •  अध्यक्ष नहीं, नेताओं को नीयत बदलने की दरकार
  • जो लड़ाका है, उसे हटाने की साजिश रच हैं कांग्रेस के पिटे मोहरे
  • जख्मी पार्टी को और भी घायल करने पर तुले नेता

अर्जुन झा-

जगदलपुर वैसे तो पूरे देश में कांग्रेस अपनी आंतरिक गुटबाजी और टांग खिंचाई की राजनीति के लिए बदनाम है, मगर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बीते कुछ दिनों से जो बयानबाजी का दौर कांग्रेस के एक खेमे की ओर से शुरू किया गया है, वह एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। घर परिवार छोड़कर जो प्रदेश अध्यक्ष पार्टी को मजबूत बनाने के लिए दिन रात एक किए हुए है, जमकर पसीना बहा रहा, बाढ़ में फंसे पत्नी बच्चों की चिंता छोड़ पार्टी की सेवा में लगा हुआ है, उस आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष को हटाने तिकड़मबाजी की जा रही है। बेवजह पार्टी की बखिया उधेड़ी जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा आदिवासी हित में उठाए जा रहे कदमों पर बेड़ियां जकड़ने जैसा है और यह पार्टी के लिए कतई शुभ संकेत नहीं है।

प्रदेश के कुछ बड़े कांग्रेस नेता अचानक फिर सिर उठा चुके हैं। वे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की बात कह रहे हैं, मगर अपनी इस मांग के पीछे की कोई दलील या वजह नहीं बता रहे हैं, बस रटे जा रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष को हटाना है, हटाना है। छत्तीसगढ़ की पूरी कांग्रेस और उसके मैदानी कार्यकर्ता जहां दीपक बैज के नेतृत्व न केवल संतुष्ट हैं, बल्कि उससे आशान्वित भी हैं, वहीं दूसरी ओर सत्तामोही कुछ नेता आम कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दरकिनार कर अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। जो नेता भाजपा की दूरदर्शी सोच की वजह से पहली बार राजनीतिक क्षितिज पर उभरे मजदूर और किसान बुजुर्ग से चुनाव हार गए, वही नेता कांग्रेस की मजबूती की दुहाई देते हुए अध्यक्ष बदलने की वकालत कर रहे हैं। यह हास्यास्पद ही नहीं, बल्कि गैर जिम्मेदाराना कदम भी है। जो चौबे जी साजामें फिर से अपना दरबार सजा नहीं पाए, अपनी जमीन बचा नहीं पाए, वही चौबे जी कांग्रेस की जमीन बचाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष बदलने की दुहाई दे रहे हैं। लोग तो कह रहे हैं कि आजकल चौबे जी छब्बे जी बनने की फिराक में हैं और इस चक्कर में कहीं वे दुबेजी बनकर न रह जाएं।चर्चा तो यह भी है कि रवींद्र चौबे उन मौका परस्त नेताओं में शुमार हैं, जो अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। सभी को मालूम है कि कांग्रेस की राजनीति में उनकी रुचि नहीं रहती है वह कूटनीति में विश्वास करते हैं। एक जमाने में भूपेश बघेल को फूटी आंख भी देखना पसंद नहीं करने वाले रवींद्र चौबे खुद मंत्री बनने के लिए मंच पर ही भूपेश बघेल का चरण चुंबन की हद तक चले गए थे। अति महत्वकांक्षा से ओतप्रोत चौबे जी दीपक बैज को प्रदेश कांग्रेस की बागडोर सौंपे जाने लेकर कभी संतुष्ट नहीं रहे। उनकी शुरू से यही मंशा रही है कि रायपुर के ब्राह्मण पारा या दुर्ग के आसपास के किसी सवर्ण नेता को अध्यक्ष बनाया जाए, जो उनका कहा माने, उनकी हर जरूरत पूरी करे। सूत्रों की बातों पर यकीन करें जब चौबे जी यूपी में चुनाव प्रचार के लिए गए थे और वहां बीमार होकर एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए तब उस समय उन्होंने सीएम भूपेश बघेल से अपनी जन बचाने की गुहार लगाई थी, भूपेश बघेल ने भी इस कूटनीतिक पंडित को अपनी राजनीति चमकाने के उद्देश्य से मदद की थी। राजनीति में यह चलन है कि मदद के एवज में टर्म्स एंड कंडीशन लागू होता है कमोबेश अब यही राजनीतिक शर्त और समझौते का कर्ज उतारने के लिए वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। यह तथ्य भी सर्व विदित है कि भूपेश बघेल भी मुख्यमंत्री बनने से पहले तक पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनने लालायित रहे हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाने के बाद उनकी यह लालसा और भी बलवती हो उठी है। ईडी की राडार में पुत्र के आने के बाद बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकारों पर दबाव डालने के लिए अध्यक्ष पद को अनुकूल मानकर एक सोची समझी साजिश के तहत ऎसी बयानबाजी की जा रही है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को झुकाने के लिए तिकड़मबाजी की जा रही है

अनमोल है दीपक बैज का योगदान

दीपक बैज एक सहृदय आदिवासी नेता के रूप में जाने पहचाने जाते हैं। पार्टी के लिए उनका योगदान अनमोल है। जनहित के मुद्दों को लेकर 400 किलोमीटर की पदयात्रा, हसदेव अरण्य को बचाने का मसला हो, बस्तर के जल, जंगल, जमीन और इंद्रावती नदी को बचाने का मुद्दा हो या फिर कवर्धा जिले के साहू परिवार को इंसाफ दिलाने का मसला, दीपक बैज हर मसले पर मुखर रहे हैं। भरी बरसात में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मालकिकार्जुन खड़गे की सभा को सफल बनाने में दीपक बैज ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। मृतप्राय हो चली पार्टी में नई जान फूंकने वाले जिस दीपक बैज के अवदान योगदान की पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तक ने पत्र लिखकर प्रशंसा की है, उस दीपक बैज को आज परेशान किया जा रहा है। अगर चौबेजी भूपेश के उकसाने पर छब्बेजी बनने का प्रयास कर रहे हैं, तो उन्हें दुबेजी ही बनकर रह जाना पड़ सकता है।

धरा रह जाएगा राहुल गांधी का सपना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सदैव आदिवासी हित की बात करते आए हैं। वे आदिवासियों को ऊंचे सोपान पर देखना चाहते हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व बस्तर के आदिवासी नेता दीपक बैज को सौंपा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री खड़गे और राहुल गांधी के इस निर्णय ने भाजपा को भी सांसत में डाल दिया था और मजबूर होकर भाजपा ने प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया है। यही नहीं भाजपा ने पार्टी का प्रदेश नेतृत्व की जिम्मेदारी भी बस्तर के ही नेता को सौंपी है। इन तथ्यों के हवाले से कहा जा सकता है कि कांग्रेस नेता स्वार्थ के चलते हुए प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की जो बात कह रहे हैं, उससे प्रदेश के आदिवासी समुदाय में कांग्रेस के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है और यह कांग्रेस के लिए आत्मघाती है।

नवनिर्मित पायलट प्लांट दल्ली राजहरा से भिलाई तक आंशिक परिवहन कार्य दिए जाने मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

0

दल्लीराजहरा __दल्लीराजहरा से भिलाई तक लौह अयस्क व नव निर्मित पैलेंट प्लांट से निर्मित पैलेंट का आंशिक परिवहन कार्य दिए जाने की मांग को लेकर राजहरा परिवहन संघ दल्लीराजहरा द्वारा 28 अगस्त दोपहर 12, बजे से माइंस आफिस के समीप अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र पर पूजा प्रारंभ कर दिया साथ ही उनकी मांगों का 31 अगस्त तक समाधान ना होने पर 1 सितंबर से बी एस पी का लोह अयस्क परिवहन का कार्य बाधित किया जाएगा

राजहरा परिवहन संघ के धरना स्थल पर तोरण लाल साहू अध्यक्ष नगर पालिका दल्लीराजहरा ,मनोज दुबे उपाध्यक्ष नगर पालिका दल्लीराजहरा पहुंचकर सदस्यों से चर्चा की व परिवहन संघ की मांगों को जायज बताते हुए बी एस पी के उच्चाधिकारियों से चर्चा करने की बात कही ,

परिवहन संघ के सदस्यों ने बताया की पूर्व में 25 जुलाई को दिए गए ज्ञापन के परिपेक्ष्य में आयोजित लगातार तीन बैठको में कभी बी एस पी के अधिकारी तो कभी प्रशासनिक अधिकारी के दूसरे कार्य में व्यस्तता के चलते बैठक नही होने से राजहरा परिवहन संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अपनी मांगों को लेकर 28 अगस्त से माइंस आफिस के समीप अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने और उनकी मांगों का 31 अगस्त तक समुचित निराकरण ना होने पर 1 सितंबर को बी एस पी के द्वारा लोह अयस्क उत्खनन कर परिवहन किए जा रहे कार्य को बाधित किए जाने का निर्णय लेने की बात कही ,

अनिल सुथार सचिव राजहरा परिवहन संघ ने बताया की 25 जुलाई को कलेक्टर बालोद ,अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डोंडी दल्लीराजहरा व मुख्य महाप्रबंधक (खदान ) भिलाई इस्पात संयंत्र दल्लीराजहरा को उक्त मांगो का 30 जुलाई तक उनकी मांगों का निराकरण ना होने पर 1अगस्त से माइंस आफिस के समीप अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का ज्ञापन दिया था ,ज्ञापन के परिपेक्ष्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डोंडी द्वारा प्रथम बैठक 31 जुलाई को ,13 अगस्त को दूसरी बैठक व 18 अगस्त को तीसरी बैठक बी एस पी गेस्ट हाउस में आयोजित की गई किंतु अधिकारियों की अनुपस्थिति के चलते बैठक में चर्चा नही हो पाई है जिससे लगता है की बी एस पी व प्रशासनिक अधिकारी हमारी मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं

राजहरा परिवहन संघ लगभग 20_22 वर्षो से दल्लीराजहरा नगर स्थित बी एस पी अधिनस्थ आई ओ सी की खानों से निकलने वाली लौह अयस्क का 100 प्रतिशत परिवहन कार्य रेल मार्ग से किया जा रहा है जिसमे से 25__40 प्रतिशत परिवहन कार्य राजहरा परिवहन संघ के मालवाहको को दिए जाने साथ ही हितकसा में निर्माणाधीन पैलेट प्लांट से निर्मित पैलेट का आनुपातिक परिवहन कार्य दिए जाने की मांग , बी एस पी प्रबंधन द्वारा निजी छेत्रो को बेची जाने वाली अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन कार्य,छेत्र की जनता के लिए समुचित रोजगार मुहैया उपलब्ध कराकर हो रहे पलायन को रोका जाए ,जिला खनिज न्यास निधि से मिलने वाली राशि का अधिकतम उपयोग शहर के विकास में किया जाए ,मालवाहक वाहन से परिवहन कार्य चालू होने से इस व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिक ,आटो पार्ट्स विक्रेता,टायर विक्रेता ,मेकेनिक,वाहन चालक , हेल्फर ,टायर रिपेयरिंग सहित वाहन से जुड़े अन्य कार्य करने वालो उन सभी के परिवार के लोगो को प्रत्यक्ष अथवा परोछ रूप से लाभ मिलेगा , रोजगार के द्वार खुलेंगे , शहर से पलायन रुकेगा और शहर का विकास होगा ,

राजहरा परिवहन संघ के सदस्यों ने कहा की इतने बड़े माइंस छेत्र में निवास करने के बावजूद राजहरा परिवहन संघ विगत 20_22 वर्षो से दल्लीराजहरा माइंस से लौह अयस्क परिवहन कार्य दिए जाने की मांग की जा रही है ,किंतु बी एस पी प्रबंधन एवं शासन प्रशासन द्वारा समुचित पहल ना करने के राजहरा उजड़ने लगा है ,पूर्व में बी एस पी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया था की निर्माणाधीन पेलेट प्लांट से निर्मित पैलेट का परिवहन कार्य राजहरा परिवहन संघ को दिया जाएगा किंतु उक्त प्लांट में पैलेट का उत्पादन चालू हो गया है किंतु हमारी मांगों को बी एस पी अनसुना कर रही है ,

धरना स्थल पर राजहरा परिवहन संघ के सरंछक अतिंदरसिंह संधू ,परमजीत सिंह ,नरेंद्र सिंह तुली अध्यक्ष ,जगजीत सिंह मरवाहा, अनिल सुथार ,अशोक लोहिया ,संदीप बरमोटे ,राजू संधू , ,विजयकुमार डडसेना ,दिलीप कुमार सिन्हा ,सरजीत सिंह , विक्की शाह, बंटी रंधावा ,सोनू बग्गा ,सुरेश बाघमार ,सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित थे

बाढ़ पीड़ितों से राहत शिविर में मिले बस्तर सांसद महेश कश्यप

0

जगदलपुर। बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गाँव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैंl बस्तर सांसद महेश कश्यप आज राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का हालचाल जाना।

सांसद महेश कश्यप ने कल भी बस्तर के विभिन्न बाढ़ प्रभावित गाँवों का दौरा किया था। उन्होंने वहाँ की स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासन को राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।

भारी बारिश से मांदर गाँव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गया था, जहाँ एसडीआरएफ की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुँचाया। सांसद ने राहत शिविर में ठहरे ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी पीड़ित को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों के लिए बड़ी मुसीबत बनी बारिश

0
  • किरण देव रास्ते में फंसे, दीपक बैज का गांव हो गया जलमग्न 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में जारी भारी बारिश भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों के लिए भी मुसीबत बनकर टूट पड़ी है। इंद्रावती नदी की बाढ़ में दर्जनों गांव घिर गए हैं। इन्हीं में शुमार गांव हैं गढ़िया और उसरीबेड़ा ये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के गृहग्राम हैं। दीपक बैज की पत्नी और बच्चे उसरीबेड़ा में बाढ़ से घिरे हुए हैं और दीपक बैज अभी रायपुर में हैं। दीपक बैज के परिजनों के सुरक्षित होने की खबर है।वहीं बाढ़ की हालात का जायजा लेने जा रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव बीच रास्ते में फंस गए। उन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला। कलेक्टर हरिस एस और एसपी शलभ कुमार सिन्हा लगातार हालात का जायजा ले रहे हैं।बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए देर शाम तक हेलीकाप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता रहा। फिलहाल जनहानि की कहीं से खबर नहीं आई है, लेकिन दर्जन भर मवेशियों के बह जाने और कुछ के कच्चे मकानों के ढह जाने की सूचना जरूर मिली है।

बस्तर संभाग के कुछ जिलों में लगातार हो रही तेज बरसात के चलते हालात बुरी तरह बिगड़ गए हैं। इंद्रावती और उसकी सहायक नदियों में जल प्रलय के हालात बन गए हैं, जबकि सुकमा जिले में शबरी नदी भी उफान पर है। जगदलपुर से सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा का सड़क कई घंटों से टूटा हुआ है। पुल पुलियों और सड़कों पर कई फीट ऊपर पानी बह रहा है। इधर इंद्रावती नदी ने 5-6 साल बाद अपना रौद्र रूप दिखाया है। इंद्रावती में आई भीषण बाढ़ ने बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के लोहंडीगुड़ा कस्बा, गढ़िया, उसरीबेड़ा, मांदर, पोटानार, तारापुर, मारेंग समेत दर्जनों गांवों को अपनी जद मे ले लिया है।इन गांवों में कमर तक पानी भर गया है। लोहंडीगुड़ा कस्बा पूरी तरह बाढ़ से घिर गया है। सभी गांवों के ग्रामीणों ने ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रखी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के परिजन गढ़िया में तथा पत्नी और बच्चे उसरीबेड़ा में फंसे हुए हैं। कई ग्रामीणों की गाय, बैल, भैसों, मुर्गे, मुर्गियों और बकरे बकारियों के बाढ़ में बह जाने और कई कच्चे मकानों के ढह जाने की खबर है। वहीं लोहंडीगुड़ा का सड़क संपर्क चारों ओर से टूट गया है। बाढ़ के हालात का जायजा लेने जा रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव भी बीच रास्ते में फंस गए थे। उन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला। कस्तूरपाल से गुमिया पाल मार्ग का पुलिया बाढ़ के कारण टूट गया है।

ग्राम कस्तूरपाल के 10-12 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गोमियापाल से कुतर जाने वाली सड़क ब्लॉक हो गई है।

हेलीकाप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन

लोहंडीगुड़ा विकासखंड के बाढ़ग्रस्त गांवों में हेलीकाप्टर से शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता रहा। बस्तर कलेक्टर हरिस एस और एसपी शलभ कुमार सिन्हा मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए रखे रहे। हेलीकाप्टर से कुछ लोगों को लिफ्ट किया गया तथा गांवों में भोजन के पैकेट्स गिराए गए। खबर है है कि कल 27 अगस्त को भी हेलीकाप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।

सुहागिनों को करु भात खिलाकर श्रृंगार सामग्री भेट किए जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस 

0

ग्राम पंचायत कुसुमकसा में ग्रामवासियों के द्वारा सभी तीज प पर उपवास रखने वाले बहनों को करु भात खिलाकर श्रृंगार सामग्री उपहार स्वरूप भेट किया गया ग्राम पंचायत के सरपंच सहित पंच प्रतिनिधियों द्वारा भोजन एवं गणमान्य नागरिकों के द्वारा कङू भात आयोजन की व्यवस्था संभालते हुए सभी सुहागिन बहनों को श्रृंगार सामग्री उपहार स्वरूप भेट जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस द्वारा वितरण किया गया सर्वप्रथम सभी बहनों एवम उपस्थित जनों द्वारा भगवान भोलेनाथ की महाआरती जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस सरपंच वेद बाई पिस्दा जी एवं पंच प्रतिनिधियों की उपस्थित में आरती कर सभी बहनों को प्रसाद स्वरूप करू भात खिलाया गया आयोजन समिति पूजा अर्चना के बाद आयोजन समिति के संरक्षक शंकर पिस्दा जी ने आयोजन के महत्व को विस्तार से समझाया कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस अपने उद्बोधन कहा कि सभी बहनों को सर्वप्रथम तीज पर्व की बधाई देते हुए कहा कि मैं हर वर्ष तीजा मनाने अपने मायका जाती हु पर

 

इस वर्ष अपना तीज पर्व अपने जनपद क्षेत्र के बहनों के साथ मनाने का मुझे सौभाग्य मिल रहा है करू भात खिलाने की परंपरा हमारे गांव में पिछले कई वर्षों चल रहा है और हर वर्ष बेहतर आयोजन हमारे आयोजन समिति के भाइयों द्वारा किया जाता है उनकी जितनी भी प्रशंसा किया जाए कम है तीज पर्व हमारे सुहागिन बहनों के लिए सबसे बड़ा पर्व है हम जिस तरफ से मां पार्वती जी शिव जी को पाने के लिए व्रत रखा था हम भी अपने पति के दीर्घायु और मंगल कामना के लिए व्रत रखते है मेरे पति देव के द्वारा तीज पर्व पर सभी को श्रृंगार सामग्री दिया जाता था मैं भी उसी परम्परा का निर्वाह करते हुए सभी बहनों को सुहाग का प्रतीक श्रृंगार सामग्री भेट कर रही हु इस कार्यक्रम को पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस ने संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारे गांव के सैकड़ों बहने एक साथ बैठाकर भोजन प्रसाद ग्रहण कर रहे है और पुराने से पुराने सहेलियों एक साथ एक ही जगह में मुलाकात हो पा रहा है यह हमारे गांव का अदभुत आयोजन है इस कार्यक्रम का संचालन श्री नंद किशोर पिस्दा जी एवं आभार प्रदर्शन मंजू धनकर जी ने किया इस कार्यक्रम में को सफल बनाने के लिए डाक्टर भूपेंद्र मिश्रा उप सरपंच नितिन जैन दीपक यादव संतोष जैन खेमिन निर्मलकार मोनू गुप्ता कमलकांत साहू मनीष जेठवानी मोती कुचेरिया सुरेश कोठारी गोविंद सिन्हा डाक्टर नसीम खान मंदिर पुजारी लखन गिरी गोस्वामी मोहन दास मानिकपुरी राय सिंग लेडिया सोमनाथ रावते हरि राम रवि यादव सहित गांव के गणमान्य जन उपस्थित रहे

 

बाढ़ में फंसा युवक, मदद के लिए पहुंचे विधायक मंडावी

0
  • ड्रोन से किया जा रहा है रेस्क्यू, हेलीकाप्टर बुलाने की तैयारी में विक्रम मंडावी

जगदलपुर बस्तर संभाग की बीजापुर सीट से कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी संवेदनशीलता की शानदार तस्वीर सामने आई है। बाढ़ग्रस्त नदी के बीचों बीच फंसे एक युवक की जान बचाने के लिए विधायक विक्रम शाह मंडावी बिना देरी किए कैपरी (चड्डा) और टी शर्ट पहनी हालत में ही मौके पर जा डटे हैं। युवक को निकालने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है और होमगार्ड की टीम भी पहुंच गई है। विधायक श्री मंडावी हेलीकाप्टर बुलाने की तैयारी कर रहे हैं।

 

बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी के मरकापाल घाट के बीचों-बीच एक ग्रामीण युवक पिछले कई घंटों से फंसा हुआ है। इंद्रावती नदी बाढ़ग्रस्त है और उसका जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में युवक की जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। जानकारी मिलते ही बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी घर के कपड़े कैपरी और टीशर्ट पहने हुए ही मौके के लिए रवाना हो गए। दर्जनों ग्रामीण भी मौके पर मौजूद हैं। विधायक मंडावी उबड़ खाबड़ जमीन पर चलते हुए युवक जहां फंसा हुआ है, उस स्थान के करीब पहुंचे। विक्रम शाह मंडावी लगातार युवक का हौसला बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उसे भरोसा दिला रहे हैं कि जरूरत पड़ी तो तुम्हारी मदद के लिए शासन प्रशासन से कहकर हेलीकाप्टर भी बुलवाऊंगा। इस बीच होमगार्ड का राहत एवं बचाव दल भी मौके पर पहुंच गया है। ड्रोन की मदद से युवक की स्थिति और उसे निकालने के लिए सटीक लोकेशन ट्रेस की जा रही है। उपस्थित ग्रामीण भी युवक की हिम्मत बढ़ा रहे हैं। युवक लगातार मदद की गुहार लगा है। इन सबके बीच विधायक विक्रम मंडावी ने जो मानवीय संवेदना दिखाई है, उसकी जमकर तारीफ हो रही है। अपनी ऎसी ही सहज सुलभता, इंसानियत के कारण विक्रम मंडावी क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हैं और लगातार जीत दर्ज कराते आ रहे हैं। वे लोगों के सुख दुख में बराबर सहभागी बनते हैं।

मास्टरजी गायब, भटक रहे बच्चे और बीईओ हैं बेपरवाह

0
  • तेतरगुड़ा प्राथमिक शाला में पढ़ाई पूरी तरह ठप
  • शिक्षक नहीं पहुंचते स्कूल, इंतजार में बैठे रहते हैं छात्र- छात्राएं

बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत सतोषा की प्राथमिक पाठशाला तेतरगुड़ा में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है। सरकार लाख दावे करे कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। गांव के लोगों का आरोप है कि विद्यालय में पदस्थ दो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते। नतीजा यह होता है कि छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई करने की बजाय विद्यालय परिसर में इधर-उधर घूमते और धमा चौकड़ी मचाते रहते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिकायत पंचायत व शिक्षा विभाग तक पहुंचाई गई, लेकिन आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। माता-पिता इस स्थिति से बेहद चिंतित हैं, क्योंकि जिन बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजा जा रहा है, वहां शिक्षकों की लापरवाही उनकी नींव कमजोर कर रही है। इस मसले को लेकर जब पत्रकारों ने खंड शिक्षा अधिकारी से फोन पर जानकारी लेने की कोशिश की तो उन्होंने कई बार कॉल करने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। इससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि अधिकारी इस तरह मौन रहेंगे तो इससे साफ संकेत मिलता है कि मनमानी कर रहे शिक्षकों को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। यही वजह है कि शिक्षक खुलेआम जिम्मेदारी से बच रहे हैं और बच्चों का भविष्य अंधेरे में धकेल रहे हैं। गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, योजनाएं बना रही है, लेकिन जब जमीनी स्तर पर उसकी निगरानी करने वाले अधिकारी ही आंखें मूंद लें तो योजनाओं का कोई मतलब नहीं रह जाता। यदि अधिकारी कठोर कदम उठाते और समय पर निरीक्षण करते तो शिक्षकों की यह लापरवाही सामने ही नहीं आती। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और दोषी शिक्षकों सहित संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की भी जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग का यह मौन रवैया केवल बच्चों की पढ़ाई को ही नुकसान नहीं पहुंचा रहा बल्कि यह साक्षरता और विकास की राह में भी बाधा बन रहा है। विद्यालय शिक्षा का मंदिर है, जहां भविष्य गढ़ा जाता है। लेकिन तेतरगुड़ा की तस्वीर बताती है कि इस शिक्षा मंदिर में ताले लगे हैं और जिम्मेदार लोग चैन की नींद सो रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण अंचल के बच्चों का भविष्य यूं ही मजाक बनता रहेगा?

MOST POPULAR

HOT NEWS