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जेडीऔर पाण्डेय और डीईओ बघेल ने दूरस्थ स्कूलों में दी दबिश

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  •  कई शिक्षक शिक्षिकाओं पर गिरी कार्रवाई की गाज 

लोहंडीगुड़ा संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर राकेश पाण्डे एवं जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर बीआर बघेल द्वारा आज 6 अगस्त को विकासखंड लोहंडीगुड़ा के सुदूर अंचल संकुल केंद्र बिनता, भेजा और सतसपुर की शालाओं का औचक निरीक्षण किया गया। दोनों अधिकारी प्राथमिक शाला बिनता में प्रातः 9.45 बजे प्रार्थना में शामिल हुए।

पांडे और बघेल ने मिडिल स्कूल बिनता का निरीक्षण किया।शाला की छात्रा मंगला मौर्य ने अफसरों से अंग्रेजी में चर्चा की, जिसकी अधिकारियों ने सराहना की। इस दौरान शिक्षक डायरी का नियमित संधारण न करने पर रेशमा पाण्डे, कोदंड पाणिग्राही, संदीप भगत की एक-एक वेतन वृद्धि रोकी गई। कन्या आश्रम शाला भेजा में निरीक्षण किया गया। इस शाला के शिक्षक उदय राज बंसल को प्राथमिक शाला बिनता में तथा माध्यमिक शाला कोरली की शिक्षिका जमुना मौर्य को कन्या आश्रम शाला भेजा में तथा धनेंद्र ध्रुव को मिडिल स्कूल रायगोंदी से मिडिल स्कूल करेकोट में पदस्थ किया गया। तत्पश्चात माध्यमिक शाला कोरली में संयुक्त संचालक राकेश पांडे और जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन ग्रहण किया। अधिकारियों ने भोजन की सराहना की। तत्पश्चात हाई स्कूल बिनता में बच्चों को गणित विषय का अध्यापन करवाया गया तथा प्राचार्य एवं शिक्षकों को मुख्यालय में रहने हेतु कड़े निर्देश दिया गया।

दिया गणवेश, खेली क्रिकेट

जेडी  पांडे और डीईओ बघेल ने रायगोदी के स्कूलों का निरीक्षण कर वहां के 14 बच्चों को गणवेश के दूसरे सेट का वितरण किया गया। शाला की शिक्षिका दामिनी सिंह तथा शिक्षक धनेंद्र ध्रुव के खिलाफ अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की गई। पांडे और बघेल ने माध्यमिक शाला करेकोट में खेल कालखंड में बच्चों के साथ क्रिकेट खेला। आज सुदूर क्षेत्र घाटी नीचे के स्कूलों का दौरा शिक्षा कें क्षेत्र में कसावट लाने हेतु किया गया।

26.36 करोड़ की ठगी करने वाला शातिर बस्तर पुलिस के शिकंजे में

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  • चार राज्यों के 9 लोगों को लगाया करोड़ों का चूना = करोड़ 36 लाख 74
  • पिग आयरन खरीदी कर रकम का किया गबन

जगदलपुर कोतवाली पुलिस जगदलपुर ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने पिग आयरन खरीदी के नाम पर चार राज्यों के नौ लोगों को 26 करोड़ रुपयों से भी ज्यादा का चूना लगाया है।गिरफतार आरोपी का नाम अनिल राय पिता राजदयाल राय उम्र 43 वर्ष जाति ब्राम्हण निवासी फ्लेट नंबर 210 अपोलो डीव्ही सीटी इंदौर जिला इंदौर मध्यप्रदेश स्थाई पता सी चाणक्यपुरी औरंगाबाद जिला औरंगाबाद महाराष्ट्र बताया गया है।

अनिल राय इंदौर व कलकत्ता स्थित बॉलस्टर ट्रेडलिंक लिमिटेड एवं औरंगाबाद स्थित आर्बिट इलेक्ट्रॉमेक इंडिया कंपनी का संचालक था। छत्तीगढ़ के अलावा बिहार, उत्तरप्रदेश एवं महाराष्ट्र के कुल 09 थानों में आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी के मामले पंजीबद्ध हैं। आरोपी अनिल राय के विरुद्ध अन्य राज्यों में शिकायतें व दर्ज प्रकरणों के संबंध जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है जिससे दर्ज प्रकरण की संख्या और भी बढ़ सकती है। ज्ञात हो कि प्रार्थी मोहित चावड़ा ने थाना कोतवाली जगदलपुर में लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आर्बिट इलेक्ट्रोमेक के संचालक अनिल राय एवं कंपनी के पर्चेस मेनेजर राहुल चौहान द्वारा पिग आयरन लेकर रकम 64 लाख 51 हजार 143 रूपये वापस न कर गबन कर धोखाधड़ी की गई है। अपराध पंजीबद्ध होने पश्चात आरोपी की पतासाजी हेतु पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग एवं नगर पुलिस अधीक्षक अमित देवांगन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली भोलासिंह राजपूत के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम द्वारा मुखबिर सूचना पर आरोपी अनिल राय को इंदौर से पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपी ने मेमोरंडम कथन में बताया कि वह औरंगाबाद स्थित आर्बिट इलेक्ट्रॉमेक इंडिया कंपनी और इंदौर व कलकत्ता स्थित बालस्टर ट्रेडलिंक लिमिटेड कंपनी का डायरेक्टर है। कंपनी में पिग आयरन खरीदने के लिए जगदलपुर निवासी मोहित चावड़ा से संपर्क कर कंपनी के पर्चेस मेनेजर राहुल चौहान ने मोहित चावड़ा के पर्सनल वाट्स नंबर पर अपने मोबाईल नंबर से 26 अप्रैल 2025 को मेसेज कर अपना परिचय सीनियर मेनेजर पर्चेस ब्लास्टर ट्रेडलिंग प्रायवेट लिमिडेट बताया। राहुल चौहान मेसेज में 2 हजार मिट्रिक टन पिग आयरन की रिक्वायरमेंट बताकर मोहित चावड़ा से रेट की मांग की और राहुल चौहान ने जीएसटी डिटेल भेजा था। उसके बाद मोहित चावड़ा ने राहुल चौहान के नंबर पर दिनांक 26 अप्रैल को ऑफर लेटर दिया था। मोहित चावड़ा ने राहुल चौहान से कंपनी के संचालक अनिल राय के बताए अनुसार हैदराबाद के एमपीएल नामक कंपनी को 90 लाख 52 हजार 462 रुपए मूल्य का 209 टन पिग आयरन ट्रकों से मंगवाया गया था। जिसकी रकम बालस्टर ट्रेडलिंक लिमिटेड इंदौर एंड कोलकाता के संचालक अनिल राय पर्चेस मैनेजर राहुल चौहान ने हैदराबाद के एमपीएल कंपनी से स्वयं लेकर उक्त रकम को प्रार्थी मोहित चावड़ा को न देकर अन्य कंपनी में उपयोग कर लिया गया है। मोहित चावड़ा द्वारा भेजे गए पिग आयरन की रकम की मांग अनिल राय व राहुल चौहान से लगातार की जा रही थी, किन्तु दोनों आरोपियों द्वारा मोहित चावड़ा को रूपये रकम वापस न कर धोखाधड़ी की गई थी। आरोपी द्वारा अपराध कबूल करने पर आरोपी के कब्जे से मोबाईल आई फोन-13 प्रो जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर, न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के रास्ते जेल दाखिल किया गया है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

आरोपी द्वारा अपने कंपनी इलेक्ट्रॉमेक इंडिया औरंगाबाद एंड बोलस्टर ट्रेडलिंक लिमिटेड इंदौर एंड कोलकाता को ट्रेडिंग कंपनी का हवाला देते हुए अपने आप को उक्त कंपनी का संचालक बताया था। एक कंपनी से माल उठाकर दूसरी कंपनी में माल डिलीवर कर वहां से रकम प्राप्त कर उक्त रकम को सामने वाले कंपनी को न देकर खुद गबन कर घोखाधड़ी करता था। अनिल राय के विरूद्ध बिहार के 2 थानों, उत्तरप्रदेश के 1 थाने एवं महाराष्ट्र के 2 थानों में भी धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध होना पाया गया। जिसमे उत्तरप्रदेश व बिहार के मामलों में वह फरार चल रहा है। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के अलावा दुर्ग में 2 प्रकरण व रायपुर में 1 प्रकरण दर्ज हैं। इस तरह आरोपी के विरूद्ध कुल 4 प्रांत में 9 मामले घोखाधड़ी के दर्ज हैं। आरोपी ने कुल 26 करोड़ 36 लाख 74 हजार 904 रूपए की धोखाधड़ी की है। आरोपी के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों एवं रकम की संख्या और भी बढ़ सकती है जिसके संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपी अनिल राय के विरूद्ध रायपुर के आमानाका के प्रकरण में न्यायालय द्वारा गिरफ्‌तारी वारंट भी जारी किया गया है।

राज्यों में दर्ज मामले

अनिल राय के खिलाफ थाना आमानाका रायपुर में 9 करोड़ 33 लाख 92 हजार 823 रूपए की धोखाधड़ी का केस, थाना पुरानी भिलाई में 37 लाख 37 हजार 307 रूपए की धोखाधड़ी, थाना पुरानी भिलाई में ही 25 लाख 48 हजार 300 रुपए की धोखाधड़ी, थाना एमआईडीसी याकूज औरंगाबाद शहर (महाराष्ट्र) में 6 करोड़ 78 लाख की धोखाधड़ी, थाना सिड़को जिला औरंगाबाद महाराष्ट्र में 93 लाख 63 हजार 381 रूपए की धोखाधड़ी, थाना कोतवाली पटना बिहार में धोखाधड़ी 3 करोड़ रूपए की धोखाधड़ी थाना बुद्धा कालोनी पटना बिहार में 3 करोड़ 58 लाख रूपए, थाना बीटा-2 जिला ग्रेटर नोएडा कमिश्नरेट गौतम बुद्धनगर में 65 लाख 63 हजार 328 रूपए और थाना ताल कटोरा लखनउ उत्तरप्रदेश में 80 लाख 69 हजार 765 रूपए की धोखाधड़ी के मामलेदर्ज हैं। आरोपी को पकड़ने में निरीक्षक भोलासिंह राजपूत, उप निरीक्षक अरुण मरकाम, सहायक उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, आरक्षक रंगलाल खरे और आरक्षक रोशन चौहान ने अहम भूमिका निभाई।

महारानी अस्पताल के शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य संस्थान में चार जुड़वा नवजात शिशुओं को मिला जीवनदान

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  • सुकमा जिले की दशमी कवासी के चार जुड़वा शिशुओं को जन्म के बाद थी श्वसन की दिक्कत, एक महीने तक एसएनसीयू में दी गई लाईफ सपोर्ट

जगदलपुर/ महारानी अस्पताल जगदलपुर के शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य संस्थान की समुचित देखभाल एवं एसएनसीयू में एक महीने तक दी गई लाईफ सपोर्ट के फलस्वरूप आज दशमी कवासी के चार जुड़वा बच्चे स्वस्थ एवं तंदुरुस्त हैं और मां दशमी कवासी के साथ परिजन महारानी अस्पताल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ की मानवीय संवेदनाओं के साथ दिए गए सेवाओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। मंगलवार को महारानी अस्पताल के निरीक्षण में पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इन चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ की संवेदनशील सेवाओं को सराहना करते हुए उन्हें बस्तर अंचल की जनता को अनवरत बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्साहवर्धन किया। ज्ञात हो कि साल भर पहले 25 जुलाई 2024 को जगदलपुर में सुकमा जिले के तोंगपाल थाना अंतर्गत ग्राम जैमर निवासी श्रीमती दशमी कवासी ने एक निजी अस्पताल में सिज़ेरियन ऑपरेशन के माध्यम से चार जुड़वा शिशुओं (क्वाड्रप्लेट्स) को जन्म दिया था।

जन्म के समय उक्त चारों नवजातों का वजन अत्यंत कम था। इन चार शिशुओं में 2 लड़के और 2 लड़कियाँ थीं, जिनका जन्म के समय वजन क्रमशः 1.3 किलोग्राम, 1.2 किलोग्राम, 1.1 किलोग्राम और 1.25 किलोग्राम था। जन्म के तुरंत बाद सभी शिशुओं को साँस लेने में कठिनाई (श्वसन संकट) उत्पन्न हो गया, जिस कारण उन्हें विशेष देखभाल हेतु महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन चारों में से एक बच्ची की हालत गंभीर थी, जिसे पुनर्जीवन (resuscitation) की आवश्यकता पड़ी। तीन शिशुओं को सीपीएपी (CPAP) पर रखा गया और एक को वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा। इन बच्चों के इलाज हेतु आवश्यक सभी दवाइयाँ और जाँचों की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा सीजीएमएससी के माध्यम से की गई।

 

महारानी अस्पताल की समर्पित चिकित्सकों और नर्सेस टीम ने इन नन्हें जीवनों को बचाने के लिए निरंतर निगरानी, ऑक्सीजन सपोर्ट और पोषण प्रबंधन प्रदान किया। मां दशमी कवासी और अस्पताल के स्टाफ के अथक प्रयासों से चारों शिशुओं की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और एक महीने बाद उन्हें वजन बढ़ने के साथ स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छुट्टी के समय उनका वजन था: 1.79 किलोग्राम, 1.53 किलोग्राम, 1.3 किलोग्राम और 1.6 किलोग्राम था।

 

अब उक्त चारों बच्चे स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी रहे हैं। यह कहानी चिकित्सा सेवा, एक मां के प्रेम और समुदाय के सहयोग की शक्ति का सजीव प्रमाण है। यह उन परिवारों के लिए आशा की किरण है, जो इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और यह दर्शाती है कि समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से नाज़ुक से नाज़ुक जीवन भी संवर सकता है।

सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों तथा अनाधिकृत रूप से वाहन खड़ी करने तथा घुमंतू मवेशियों की धरपकड़ हेतु की जा रही है कार्रवाई

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  • कलेक्टर के निर्देश पर जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु प्रशासनिक अमले द्वारा किया जा रहा है मुस्तैदी से कार्य

बालोद, 06 अगस्त 2025  कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रशासनिक अमले के द्वारा जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज दल्लीराजहरा में एसडीएम सुरेश साहू एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा सड़क के किनारे बढ़ाकर दुकान लगाने वाले व्यापारियों एवं सड़क में अनाधिकृत रूप से खड़े वाहनों पर कार्यवाही की गई। इसके अलावा सड़कों में विचरण करने वाले घुमंतू मवेशियों की भी धरपकड़ की कार्यवाही की जा रही है। इन पशुओं को गौठान में ले जाकर जपती करने की कार्यवाही की जा रही है।

इसके पश्चात पशुपालकों से अर्थ दंड आदि की वसूली की कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सड़क के किनारे अनाधिकृत रूप से वाहन खड़ा करने तथा व्यापारियों द्वारा सड़क के किनारे लगाए गए दुकान, यातायात व्यवस्था बाधित होने का प्रमुख कारण बनता है, इसके अलावा सड़कों में विचरण करने वाले घुमंतू मवेशी भी सड़क दुर्घटना का प्रमुख कारण बन रहे हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा इसकी रोकथाम हेतु कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश गए दिए हैं।

 

गायक गायिकाओं ने रफी साहब और किशोर दा को दी सुरमयी श्रद्धांजलि

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  • याद ए मौसिकी के कलाकारों ने जीता दिल

जगदलपुर याद- ए- मौसिकी संगीत समूह जगदलपुर की संगीत यामिनी में मुहम्मद रफी और किशोर कुमार के चुनिंदा गीतों की प्रस्तुति ग्रुप के कलाकारों ने दी।

ग्रुप के अध्यक्ष और प्रस्तुतकर्ता संजय देवांगन ने बताया कि ग्रुप द्वारा प्रतिमाह दिवंगत संगीतकारों के गीतों का लाईव कार्यक्रम किया जाता है। आकांक्षा होटल के सभागार में यह प्रथम मंचीय कार्यकम हुआ है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा की प्रदेश मंत्री दीप्ति पांडे ने की। अति विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति लागू ने भी ‘आ चल के तुझे मैं लेके चलूं’ गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। विशिष्ट अतिथियों में करमजीत कौर, मधु गुरु कुशवाहा, श्यामवती देवांगन, अनिता राज राजैया, रेखा सिंग, सुनीता सिंह, मोहन जोशी, वंदना राठौर, ओंकार पाण्डे शामिल थे। अध्यक्ष संजय देवांगन ने पार्वती के साथ “तुम्हारी नजर क्यूं खफा हो गई” गाकर समां बांध दिया। आशा आचार्य ने हमें तुमसे प्यार कितना, अभय ने ‘मुझो दर्दे दिल’ संगीता ने जिंदगी के सफर, गीत गाए। शांति देवांगन ने “जवानी ओ दीवानी तू जिंदाबाद”. संजीव शील ने ‘घुंघरू की तरह’ गीत, सुनिल सिंह ने ‘मुझे ईश्क है तुझीसे गीत गाया। ललिता और संजय ने युगल गीत ‘आंखों आंखो में हम तुम हो दीवाने’, आभा ने ‘बेकरार दिल तू गाए जा’। समवेत कोरस में कार्यकम का शीर्ष के गीत “तुम बिन जाऊं कहां गाकर, रफी किशोर को श्रद्धांजलि दी गई। शांति संजीव ने जाना क्या अजी प्यार बिना, गाया। विशिष्ट अतिथि मधु गुरु के साथ संजय ने गीत “दीवाना हुआ बादल सावन की घटा छाई”, गाकर खूब तारीफें बटोरी। अध्यक्ष संजय देवांगन ने मधु गुरु कुशवाहा को याद-ए-मौसिकी में शामिल करने की घोषणा मंच से की। मुख्य वक्ता दीप्ति पाण्डे ने कार्यकम की सराहना करते हुए कहा कि अमर गायकों एवं संगीतकारों के गीतों का कार्यकम उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। मोहन जोशी ने माता के स्थान पर प्रकाश डाला। अंत में माताजी की महिमा के बखान एवं मां के आशीर्वाद उपरांत या-ए-मौसिकी के अध्यक्ष संजय देवांगन ने अतिथियों को साधुवाद देते हुए आभार प्रदर्शन किया।

तुरेनार में फिश फीड मिल-स्थानीय रोजगार और सस्ती फीड का स्रोत

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  • शिवदुलारी की फिश फीड यूनिट की कामयाबी 

जगदलपुर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत जगदलपुर के तुरेनार गांव में एक अत्याधुनिक मत्स्य आहार इकाई मत्स्य पालकों और पशु पालकों को उचित दरों पर मछली और पशु आहार उपलब्ध करा रही है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ रही है और किसानों की भी आय में इजाफा हो रहा है। इसके अतिरिक्त इस मिल ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं।

बस्तर निवासी शिव दुलारी द्वारा तुरेनार में स्थापित यह फीड मिल एक सफल उदाहरण है कि कैसे विभागीय योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर सकती हैं। तुरेनार की फीड मिल वर्तमान में प्रतिमाह 50 टन फ्लोटिंग फिश फीड का उत्पादन कर रही है। बाजार में प्रतिस्पर्धा के बावजूद, मिल फीड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। मछली आहार के अलावा, यह इकाई बड़ी मात्रा में पशु आहार और कुक्कुट आहार का भी उत्पादन कर रही है, जिससे जिले के पशुपालक किसानों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। अब तक इस मिल ने 200 टन मत्स्य आहार, 20 टन पशु आहार और 25 टन कुक्कुट आहार का उत्पादन और विक्रय किया है। इससे मत्स्य आहार से 76 लाख रुपए, पशु आहार से 5 लाख 20 हजार रुपए और कुक्कुट आहार से 8 लाख रुपए की उल्लेखनीय आय हुई है। उत्पादित फीड जिले के भीतर और बाहर के मत्स्य पालकों, पशुपालकों और संबंधित सरकारी संस्थाओं को बेची जा रही है, जो इस पहल की व्यापक पहुंच और सफलता को दर्शाता है।

 

किसानों की आय दुगुनी

भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मछली पालन क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। वर्ष 2020-21 में शुरू की गई यह योजना मछली पालन को प्रोत्साहित करने और नवीनतम तकनीकों को अपनाने में किसानों की मदद करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती है। योजना के तहत अब तक जिले में 986 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है, जिससे मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। इन लाभार्थियों ने निजी भूमि पर तालाब निर्माण, बायो-फ्लॉक पद्धति से मछली पालन, खुदरा मछली बिक्री के लिए मोटर साइकिल-सह-आइसबॉक्स, फिश फीड मिल की स्थापना और सजावटी मछली संवर्धन जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया है। बचत सह-राहत योजना ने भी मछुआरों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत इन नवीन पहलों से मछली पालन क्षेत्र में न केवल उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि किसानों की आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को बल मिल रहा है।

राजपुर में शिक्षा, पर्यावरण और जनभागीदारी का अनूठा संगम

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  •  शाला में न्योता भोज और एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम का आयोजन
  • जन सहयोग से मिलेगा शिक्षा को नया आयाम

जगदलपुर विकासखंड बस्तर की प्राथमिक शाला पटेलपारा राजपुर में आयोजित न्योता भोज और एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम ने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को एक सूत्र में बांधकर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रेरणास्पद आयोजन में सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सुशील तिवारी और खंड स्रोत समन्वयक अजंबर कोर्राम विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के आरंभ में अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर की समीक्षा की, जिससे वे संतुष्ट नजर आए। तत्पश्चात एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत विद्यालय प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया। इस आयोजन में सरपंच रचना कश्यप, उपसरपंच सामनाथ कश्यप, जनप्रतिनिधि रघुनाथ कश्यप, तकनीकी प्रकोष्ठ, आदिवासी युवा छात्र संगठन के मोतीराम कश्यप, संकुल प्राचार्य चरण बघेल, रुपेश बघेल सहित कई ग्रामीणों व युवाओं ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

जनसंवाद से मिला समाधान

इस अवसर पर सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सुशील तिवारी और खंड स्त्रोत समन्वयक अजंबर कोर्राम ने ग्रामीणों, पालकों और युवाओं के साथ शैक्षणिक विकास को लेकर खुले मंच पर संवाद किया। शाला भवन की स्थिति, शिक्षकों की कमी, और शैक्षणिक गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने लोगों की जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि समाज का यह सक्रिय योगदान आने वाली पीढ़ी के भविष्य को संवारने में सहायक सिद्ध होगा। न्योता भोज का आयोजन संकुल समन्वयक गजेंद्र ठाकुर एवं प्रधान पाठक पंचम राम नेगी के निर्देशन में किया गया। भोज की तैयारी में ग्राम के युवाओं बलिराम कश्यप, शांतनु कश्यप, गोलूराम कश्यप, सामनाथ कश्यप, सरिता कश्यप, फाल्गुनी कश्यप, पदमा कश्यप, चितूराम पटेल तथा पालकों ने मिलकर उत्साहपूर्वक सहयोग किया। शाला के रसोइया सहादेव कश्यप एवं मेहतू सिन्हा ने परिश्रमपूर्वक स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए। भोजन में खीर-पूड़ी समेत पारंपरिक भोज्य सामग्री परोसी गई, जिसे सभी आगंतुकों ने सराहा और आनंदपूर्वक ग्रहण किया।

 

स्थानीय सहयोग का भरोसा

कार्यक्रम में सरपंच रचना कश्यप ने विद्यालयों के चहुंमुखी विकास हेतु हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा शिक्षकों की कमी, भवन की आवश्यकता आदि समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया, जिन पर अधिकारियों ने शीघ्र समाधान का विश्वास दिलाया। विशेष रूप से रैतूराम कश्यप, खतो राम कश्यप, रोहित कश्यप और पप्पू कश्यप जैसे सक्रिय ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। राजपुर के पटेलपारा का यह बहुआयामी कार्यक्रम एकीकृत ग्रामीण विकास, शिक्षा में जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। ऐसे आयोजनों से न केवल शैक्षणिक संस्थाएं सशक्त होती हैं, बल्कि समाज में सहयोग, चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी पल्लवित होती है। यह कार्यक्रम भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।

युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप की पहल – मूल भूत सुविधाओ से वंचित परिवार का राशन कार्ड बनवाकर किया मदद

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लोगों की मूल भूत सुविधा को लेकर आज नेता कोई रुचि नहीं लेते है क्योंकि हर एक को बड़ा काम बड़े सपने ज्यादा पैसे की उम्मीद वाला काम के प्रति तत्परता दिखाते है परन्तु ग्रामीण अंचल में रहने वाले गरीब लोगों के पास राशन कार्ड जैसे चीजों को बनाने का भी ना ज्ञान है ना व्यवस्था है जिसके फलस्वरूप गरीब ग्रामीण बहुत सारे सरकारी सुविधाओं से वंचित रहे जाते हैं ये छोटी सी पहल उनके लिए बहुत बड़ी कामयाबी है जिस पे बड़े नेता नजरअंदाज करते हैं जिसको संज्ञान में लेते हुए युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप ने त्वरित कार्रवाई कर गजेंद्र बघेल एवं शंकर भारती निवासी आसना का राशन कार्ड बनवाकर उन्हें सुपुर्द किया।

सिंधी समाज धूमधाम से मनाएगा तीजड़ी एवं थदड़ी पर्व

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  • व्रत रखकर शीतला माता की आराधना करेंगी सिंधी समाज की महिलाएं

जगदलपुर नगर के सिंधी समाज की महिलाओं द्वारा तीजड़ी एवं थदड़ी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

सिंधी समाज की पूजन प्रभारी चंद्रा देवी नवतानी ने जानकारी दी है कि तीजड़ी पर्व जिसे सिंधी तीज भी कहा जाता है, सिंधी समुदाय में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार पति की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं उपवास रखती हैं, पूजा-अर्चना करती हैं और तीजड़ी की कथा सिंधी गुरुद्वारा में सुनती हैं। यह त्योहार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार तीजड़ी 12 अगस्त मंगलवार को मनाई जाएगी। तीजड़ी व्रत सिंधी समुदाय में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव है, जो भक्ति, आशा और आशीर्वाद की गहरी परंपराओं को दर्शाता है। तीजड़ी त्यौहार पार्वती के अपने पति के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है, जब भारतीय महिलाएं तीज के दौरान उनका आशीर्वाद लेती हैं, तो वे ऐसा एक मज़बूत वैवाहिक जीवन और एक उत्तम पति पाने के लिए करती हैं। तीज न केवल एक मज़बूत वैवाहिक जीवन पर केंद्रित है, बल्कि यह बच्चों की खुशी और स्वास्थ्य पर भी केंद्रित है। तीजड़ी दिवस में झूले पर 3 मटकियों में बोए हुए हरे मूंग, गेहूं, तिल की पूजा की जाती है।

सिंधी पंचायत की सुहिणी सोच महिला विंग अध्यक्षा लक्ष्मी नवतानी ने बताया कि महिलाएं तीजड़ी व थदड़ी की रात में चांद को अर्ग देकर भोजन ग्रहण करती हैं। हमारे समाज के तीजड़ी पर्व व थदड़ी त्यौहार पर यदि चंद्रमा नहीं दिखता तो महिलाएं आमतौर पर अगली सुबह पूजा करने के बाद अपना व्रत तोड़ती हैं। थदड़ी पर्व पर ठंडा खाना खाया जाता है, जो एक दिन पहले बनाया जाता है। इसमें, दाल पकवान, लोलो, कोकी, साई भाजी, मसाला करेला, तरियल भिंडी, तरियल पटाटा, बेसानी, बूंदी रायता, और पूरी जैसे व्यंजन शामिल होते हैं। यह पर्व शीतला माता को समर्पित है, और इस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है। सुहिणी सोच महिला विंग सचिव भारती लालवानी ने बताया कि थदड़ी, जिसे सिंधी समुदाय द्वारा मनाया जाता है, शीतला माता को समर्पित एक पर्व है, जो रक्षाबंधन के सातवें दिन मनाया जाता है. इस दिन सिंधी समाज ठंडे भोजन का भोग माता शीतला को लगाता है और उनकी पूजा-अर्चना करता है। थदड़ी पर्व का सिंधी भाषा में अर्थ है ठंडी या शीतलता। यह पर्व सिंधी माह के सावन में सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार 15 अगस्त शुक्रवार को थदड़ी पर्व मनाएंगे। इस दिन, सिंधी समाज सदस्य घरों में चूल्हा नहीं जलाते हैं और ठंडा भोजन करते हैं. थदड़ी पर्व शीतला माता की पूजा के लिए मनाया जाता है, जो बीमारियों, विशेषकर चेचक और अन्य त्वचा रोगों से मुक्ति दिलाती हैं. थदड़ी के दिन, बहन-बेटियों को मायके बुलाया जाता है और ससुराल में भी फल और व्यंजन भेजे जाते हैं. इस दिन, सिंधी समाज के लोग एक दिन पहले ही भोजन बनाकर रख लेते और अगले दिन शीतला माता को भोग लगाकर ठंडा भोजन करते हैं. थदड़ी पर्व सिंधी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो शीतलता, शांति और समृद्धि का प्रतीक है. थदड़ी पर्व सिंधी संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग है। यह न केवल शीतला माता की पूजा का पर्व है, बल्कि यह परिवार और समुदाय के मिलन का भी पर्व है। इस दिन, सिंधी समाज के लोग एक साथ आते हैं, भोजन करते हैं, और शीतला माता से परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना करते हैं।

नानगुर में टीबी मरीजों को दिए गए फूड बास्केट

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जगदलपुर कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार रेड क्रॉस सोसाइयटी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगूर में टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार फूड बास्केट का वितरण किया गया। फूड बास्केट में अंडा, दाल, तेल, आटा, दूध पाउडर एवं अन्य पौष्टिक आहार हैं। यह बास्केट टीबी मरीजों को प्रदान किया गया। ये आहार मरीजों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ मिल दिलाने एवं टीबी की धनात्मकता दर कम करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। सेक्टर नानगूर में 13 मरीजों को फूड बास्केट वितरण खंड चिकित्सा अधिकारी जेएल दरियों, पूर्व सरपंच नीलू राम द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर बीईटीओ सुनैना सेते, सेक्टर सुपरवाइजर शिव भंडारी, नरेश मरकाम, काऊंसलर टोमेश कश्यप, फार्मासिस्ट किरण साहू, एलएचव्ही तुलावती नागेश, नर्सिंग सिस्टर फूलमनी भूषणम एवं सीएचसी के कर्मचारी उपस्थित थे।

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