तारापुर पेट्रोल पंप के पास धू-धू कर जली बाइक, सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

0
54

बकावंड विकासखंड बकावंड के पेट्रोल पंप संचालक न सिर्फ आग से खेल रहे हैं, बल्कि अपने उपभोक्ताओं की जान से भी खुलकर खिलवाड़ कर रहे हैं। यहां के पेट्रोल पंपों में अग्नि दुर्घटना रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं खाद्य विभाग और अन्य संबंधित विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हैं। ऎसी ही एक बड़ी घटना विकासखंड के तारापुर स्थित शुक्ला पेट्रोल पंप के पास हो गई, जहां एक बाईक अचानक धू धू जल उठी, लेकिन पेट्रोल पंप में कोई व्यवस्था न रहने के कारण आग बुझाई नहीं जा सकी।

मिली जानकारी के अनुसार पल्सर बाईक चालक कनिया सेठिया तारापुर के पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवा कर अपने घर बनियागांव लौट रहा था। वह पेट्रोल पंप से निकला ही था कि उसकी बाईक में अचानक आग लग गई। कनिया सेठिया ने बाईक से कूदकर अपनी जान बचा ली, उसका पैर मामूली रूप से झुलसा है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई, मगर आग से बाईक को काफी नुकसान पंहुचा है। अगर ग्रामीणों ने समय रहते ततपरता नहीं दिखाई होती, तो आग पेट्रोल पंप तक भी पहुंच सकती थी। आश्चर्य की बात तो यह है कि पेट्रोल पंप से बमुश्किल 20 मीटर की दूरी पर हुई इस अग्नि दुर्घटना को रोकने के लिए पेट्रोल पंप में कोई व्यवस्था नजर आई।. पंप में न तो फायर इंग्यूसर है और न ही रेत भरी बाल्टियां। अब सवाल यह उठता है कि बिना जरूरी इंतजामों के पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति कैसे मिल गई? खाद्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी पेट्रोल पंपों की जांच क्यों नहीं करते?तारापुर पेट्रोल पम्म शुक्ला हैं मालिक बता रहा जैसे ही पेट्रोल पम्प से भरा क़र अपने घर बनिया गांव आते समय 20 मीटर दूरी पेट्रोल पम्प के अचानक मोटर साईंकिल में आग लगी जैसे आग लगी गाडी चालक गाडी से उत्तर क़र भग गया अल्का सा पैर आग लगी हैं कनिया सेठिया कोके ग्राम पंचायत में कई पेट्रोल पंप संचालित है लेकिन उनकी सुरक्षा व्यवस्था का कोई गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता है कल की घटना ही बड़ा हादसा बन सकती थी, लेकिन आग लगने के बावजूद किसी तरह उसे ग्रामीणों ने बुझा दिया, दूसरी बात यह कि पेट्रोल पंप पर भीड़ नहीं थी वरना गंभीर घटना घट सकती थी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here