जपं अध्यक्ष ने किया मूली और नेगानार में निरीक्षण
रायकेरा नाला पर स्टॉप डेम की मांग, नेगानार एवं मूली के स्टॉप डेमों की मरम्मत की दरकार
बकावंड भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जनपद पंचायत बकावंड की अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने अपने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर जल संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत पंडानार के आश्रित ग्राम नेगानार स्थित शिव मंदिर के समीप रायकेरा नाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त स्थल पर स्टॉप डेम कम एनीकेट निर्माण होने से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकता है तथा आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ किसानों को दोहरी फसल लेने का अवसर भी मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थल जांच कराई तथा रायकेरा नाला पर प्राथमिकता के आधार पर स्टॉप डेम निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए स्थायी संरचनाओं का निर्माण जरूरी है। इसके साथ ही जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत मूली एवं नेगानार स्थित स्टॉप डेमों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि इन डेमों में पानी रोकने के लिए आवश्यक प्लेट (गेट) नहीं होने के कारण उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई स्थानों पर साफ-सफाई एवं रखरखाव के अभाव में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।सोनबारी भद्रे ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोनों स्टॉप डेमों में आवश्यक प्लेट लगाने, साफ-सफाई कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संचयन क्षमता बढ़ेगी, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जनपद अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और किसानों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है तथा क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में बढ़ते जल संकट के बीच जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे की यह पहल ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग एवं संबंधित विभाग इन मांगों पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं। यदि रायकेरा नाला पर नया स्टॉप डेम बनता है और पुराने डेमों को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, तो यह क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।



