संकट को और ज्यादा बढ़ा दिया है पॉवर कट ने
जगदलपुर तेज गर्मी और उमस के बीच जनपद पंचायत बस्तर पहुंचने वाले ग्रामीणों को घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास, वृद्धा पेंशन, मनरेगा जॉबकार्ड और जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे जरूरी कामों के लिए रोज सैकड़ों लोग दूर-दराज के गांवों से यहां आते हैं। लेकिन बिजली की आंख-मिचौली ने पूरे सिस्टम को ठप कर दिया है। जैसे ही लाइट जाती है, कंप्यूटर और प्रिंटर बंद हो जाते हैं।
कार्यालय में लगे सिर्फ दो इन्वर्टर से मुश्किल से एक-दो सिस्टम ही चल पाते हैं। नतीजा यह कि धूप में सफर करके आए बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पसीने से लथपथ होकर घंटों इंतजार करते रहते हैं।लोगों का कहना है कि वे एक ही प्रमाण पत्र के लिए तीन-चार बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। कार्यालय परिसर में लगा जनरेटर पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। बिजली कटौती के समय पूरा ऑफिस सिर्फ दो इन्वर्टर के भरोसे चल रहा है, जो 20-25 मिनट से ज्यादा बैकअप नहीं दे पाते। इससे शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बिना पंखे-कूलर के बैठे ग्रामीण बेहाल हो जाते हैं।
वर्सन
मेकेनिक तो मिल जाए?
जनरेटर खराब हो गया है और मरम्मत के लिए मेकेनिक नहीं मिल पा रहे हैं। मेकेनिक मिलते ही जनरेटर को जल्द सुधरवा कर चालू कर दिया जाएगा।



