प्रधान अध्यापकों की त्रि-जोन बैठक में शिक्षा गुणवत्ता, डिजीटल शिक्षण और नवाचार पर जोर

0
6

बीईओ भारती देवांगन ने ली त्रि जोन प्रधान पाठकों की बैठक

350 प्राथमिक स्कूलों की होगी ग्रेडिंग, कमजोर विद्यालयों के लिए बनेगी सुधार योजना

जगदलपुर बस्तर विकासखंड के 350 प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों की त्रि-जोन स्तरीय बैठक शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन की अध्यक्षता में मुंडागांव, भानपुरी एवं बस्तर जोन में आयोजित की गई। बैठक में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बढ़ाने तथा विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विकासखंड के सभी 350 प्राथमिक विद्यालयों की ग्रेडिंग की जाएगी। ग्रेडिंग के आधार पर कमजोर विद्यालयों की पहचान कर उनके लिए विशेष सुधार योजना तैयार की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने यू-डाइस पोर्टल पर कक्षा पहली के विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि, विभागीय पोर्टलों पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों का पंजीयन, वीएसके ऐप से नियमित उपस्थिति तथा जाति प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा को मिशन मोड में संचालित करने, अधिक से अधिक विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीयन कराने तथा नियमित कोचिंग एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यालयों में स्मार्ट टीवी के माध्यम से डिजीटल शिक्षण, एफएलएन सामग्री का उपयोग, मुस्कान पुस्तकालय का संचालन, स्वच्छ विद्यालय परिसर, शौचालयों की मरम्मत तथा प्रिंट-रिच वातावरण विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रत्येक संकुल में एक मॉडल स्कूल विकसित करने एवं “बोलेगा बचपन” कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया गया। बैठक में ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने, छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिलाने, बैंक खाते खुलवाने तथा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी संचालन को लेकर भी रणनीति बनाई गई। साथ ही मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता, एमडीएम की समय पर ऑनलाइन प्रविष्टि एवं विद्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में बीईओ भारती देवांगन ने कहा कि एक शिक्षक की प्रेरणा हजारों बच्चों का भविष्य बदल सकती है। संकल्प, समर्पण और नवाचार के साथ कार्य कर बस्तर विकासखंड को शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश का आदर्श मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी संस्था प्रमुखों से छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here