रायणपुरअबूझमाड़ के दुर्गम ग्राम कुड़मेल में डीआरजी जवानों ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर मदद की। महिला की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही जवानों ने कठिन रास्तों के बावजूद बाइक के माध्यम से उसे सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।इस कार्य में प्रधान आरक्षक बोमडू राम वेजाम, बस्तर फाइटर आरक्षक रामलाल शोरी एवं सुरेश बेलसरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने जवानों की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद ग्रामीणों की सहायता के लिए भी सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे पुलिस की मानवीय कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।



