बालोद। प्रदेश में चल रहे युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर बालोद जिले की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। जिला अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए प्रत्याशियों के मैदान में उतरने के साथ ही बालोद कांग्रेस के भीतर गुटीय समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर बालोद शहर कांग्रेस में दो अलग-अलग पैनल के रूप में चुनावी सक्रियता दिखाई देने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में बनी हुई है।इस पूरे चुनावी घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा बालोद शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव द्वारा एक विशेष पैनल को समर्थन दिए जाने को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के एक पैनल के प्रत्याशियों के पक्ष में सक्रिय होने और उनका समर्थन किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा या सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट समर्थन की पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे फिलहाल राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चा और आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।दो पैनल को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चासूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से बालोद की युवा राजनीति में सक्रिय कार्यकर्ताओं से जुड़े बताए जा रहे एक पैनल में जिला अध्यक्ष पद के लिए साजन पटेल, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए सुमित शर्मा, शहर अध्यक्ष पद के लिए फैज अली तथा ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए राहुल निषाद सहित अन्य प्रत्याशियों के नाम सामने आ रहे हैं।वहीं दूसरे पैनल में जिला अध्यक्ष पद के लिए आसिफ गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विषयंत सिन्हा, शहर अध्यक्ष पद के लिए इंदु यादव तथा ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए चोवा ठाकुर सहित अन्य प्रत्याशियों के मैदान में होने की जानकारी सामने आई है।राजनीतिक चर्चाओं में पहले पैनल को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समर्थक खेमे से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि दूसरे पैनल को शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के समर्थन वाले समूह से जोड़कर चर्चा की जा रही है। हालांकि, दोनों ही पैनलों को किसी वरिष्ठ नेता का आधिकारिक पैनल कहना फिलहाल स्पष्ट रूप से पुष्टि किया हुआ तथ्य नहीं है।शहर कांग्रेस अध्यक्ष की भूमिका पर उठ रहे सवालयुवा कांग्रेस चुनाव को लेकर सबसे अहम सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि संगठन के चुनाव में स्थानीय कांग्रेस के पदाधिकारियों की भूमिका किस हद तक होनी चाहिए। इसी बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव पर एक पैनल के प्रत्याशियों के समर्थन में होने के आरोप राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं।एक ओर जहां चुनाव को युवा कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और मुख्य संगठन से जुड़े लोगों के किसी विशेष पैनल के पक्ष में सक्रिय होने की चर्चाओं ने चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से यदि इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या खंडन सामने आता है तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।बालोद में कांग्रेस के भीतर लंबे समय से सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं और संगठन में नए चेहरों के बीच सामने आ रही चुनावी प्रतिस्पर्धा को आगामी दिनों की युवा राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव में किस पैनल को कार्यकर्ताओं का समर्थन मिलता है, इसका फैसला मतदान और परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।फिलहाल युवा कांग्रेस चुनाव ने बालोद कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान और गुटीय समीकरणों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। शहर में पार्टी के वरिष्ठ लोगों के बीच में चर्चा शहर कांग्रेस अध्यक्ष की कथित पैनल समर्थक भूमिका को लेकर उठ रही और दो अलग-अलग समूहों में दिखाई दे रही चुनावी सक्रियता ने स्थानीय कांग्रेस की राजनीति को खासा गर्म कर दिया है।






