नारायणपुर, 15 सितंबर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ग्राम सुलेंगा (गुरिया) की तुलेंद्री ठाकुर ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। मां संतोषी स्व-सहायता समूह की सदस्य तुलेंद्री ने समूह से मिली वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन के बल पर खेती, सब्जी उत्पादन तथा राइस मिल का व्यवसाय शुरू कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है।वर्ष 2016 में समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार सीमित कृषि आय पर निर्भर था। समूह के माध्यम से मिली ऋण सुविधा और प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए उन्होंने आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया। वर्तमान में राइस मिल से उन्हें प्रतिमाह लगभग 9 से 10 हजार रुपये की आय हो रही है, जबकि अन्य गतिविधियों को मिलाकर उनकी मासिक आमदनी 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंच गई है।तुलेंद्री ठाकुर ने बताया कि स्व-सहायता समूह ने उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। आज वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जिले में बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, ऋण और अन्य सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जा रहा है।






