नारायणपुर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री खिलावन राम रिगरी ने बुधवार को जिला जेल नारायणपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आवासीय व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र कुमार ठाकुर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती बरखा रानी वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री गायत्री साय, जेल अधीक्षक संजय कुमार नायक, न्यायालय प्रशासनिक अधिकारी आर.एन. नाग तथा प्रतिधाकर अधिवक्ता चन्द्रप्रकाश कश्यप उपस्थित रहे।प्रधान जिला न्यायाधीश ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने जमानत संबंधी दस्तावेजों एवं शपथ-पत्रों के लिए आवश्यक नोटरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आरोपियों की न्यायालय में पेशी सुनिश्चित किए जाने पर भी जोर दिया।निरीक्षण के दौरान जेल अभिलेखों, स्वास्थ्य परीक्षण रजिस्टर, मुलाकात रजिस्टर, साफ-सफाई व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी परीक्षण किया गया। न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी बंदियों के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।उन्होंने जेल परिसर में स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने, स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा बंदियों के पुनर्वास एवं सुधारात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। श्री रिगरी ने कहा कि न्यायिक निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कर किसी भी समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






