राहत एवं बचाव अभियान में जुटे पुलिस, एसडीआरएफ, डीआरजी के जवान
बाढ़ से घिरे 540 ग्रामीणों का रेस्क्यू
जगदलपुर चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश के कारण जगदलपुर शहर सहित बस्तर जिले के अनेक क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी तटीय एवं निचले क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस्तर पुलिस ने पिछले दो दिनों से लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया है। पुलिस की विभिन्न टीमें संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं।
राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरए की टीमें, बस्तर पुलिस की विशेष रेस्क्यू टीमें, संबंधित थानों एवं चौकियों के बल, डीआरजी की टीमें एवं अन्य आपदा-प्रबंधन दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू एवं राहत कार्य संचालित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्र गोरिया बहार नाला, छेपड़ा गुड़ा, डोंगा घाट, तामाकुनी, आसना, धरमपुरा, पथरागुड़ा, पन्हारपारा, महादेव घाट, खड़क घाट, पुराना पुल, बस्तर थाना क्षेत्र के प्रभावित एरिया, आनंद ढाबा एवं नगरनार क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। बोड़ना एवं इंद्रावती नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में पुलिस एवं बचाव दलों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। डोंगाघाट क्षेत्र मे 500 से अधिक लोग को अभी तक सुरक्षित बाहर निकाला गया है, नगरनार क्षेत्र की बोड़ना नदी में आई बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को नाव की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविर में पहुंचाया गया। इसी प्रकार अन्य प्रभावित क्षेत्रों से भी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, पेयजल, ठहरने एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले में वर्तमान में कई राहत शिविर संचालित हैं, जहां सैकड़ों प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है।
पुलिस की अपील
बाढ़ की चुनौती के बीच बस्तर पुलिस के जवान दिन-रात प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहकर लोगों की सुरक्षा, रेस्क्यू, यातायात नियंत्रण तथा संवेदनशील स्थानों की निगरानी में जुटे हुए हैं। पुलिस द्वारा नदी, नालों, पुल-पुलियों एवं जलमग्न मार्गों पर लोगों को अनावश्यक रूप से जाने से रोकने के लिए लगातार बैरिकेडिंग, पेट्रोलिंग एवं समझाइश दी जा रही है।बस्तर पुलिस नागरिकों से अपील की है कि उफनती नदी या नाले के पास न जाएं। जलमग्न सड़क, पुल या रपटा पार करने का जोखिम न लें। अफवाहों पर विश्वास न करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें।






