नारायणपुर जिले के पारंपरिक बांस एवं तुम्बा शिल्प तथा स्थानीय उद्यमों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र नारायणपुर में जिला स्तरीय निर्यात जागरूकता एवं प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की गई। भारत सरकार की आरएएमपी योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में कारीगरों, उद्यमियों एवं एमएसएमई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यशाला में निर्यात विशेषज्ञ अली सईद एवं राहुल ने प्रतिभागियों को आईईसी पंजीयन, एचएस कोड, निर्यात दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रक्रियाओं की जानकारी दी। साथ ही स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण और वैश्विक खरीदारों तक पहुंच बनाने के उपाय बताए गए।विशेषज्ञों ने डिजिटल माध्यमों से बाजार विस्तार और अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य शासन की निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं, वित्तीय सहायता और एमएसएमई के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। कारीगरों और उद्यमियों ने निर्यात संबंधी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विशेषज्ञों से चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने स्थानीय उद्यमियों को शासकीय योजनाओं का लाभ उठाकर अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला का आयोजन सीएसआईडीसी रायपुर के माध्यम से चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया।






