सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्था छुपाने सरकार मीडिया को कर रही है बैन: दीपक बैज

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  • अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का विरोध 

जगदलपुर सरकारी अस्पतालों में मीडिया को प्रतिबंधित करने की खबरों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार के आने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो चुकी है। साय सरकार ने अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के बजाय सभी बड़े अस्पतालों में मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगा दिया है। मीडिया कर्मी अस्पताल में भर्ती मरीजों की फोटो नहीं खीच पाएंगे। अव्यवस्था का जायजा नहीं ले पाएंगे, यह तानाशाही है। भाजपा सरकार मरीजों को इलाज दे पाने में असफल साबित हो रही है। अंबेडकर अस्पताल रायपुर अव्यवस्थाओं का केंद्र बन चुका है। अस्पताल में मरीजों को इलाज के नाम पर परेशान किया जाता है। करोड़ों की मशीनें बंद पड़ी हैं, मरीजों को छोटे-छोटे टेस्ट के लिए भटकना पड़ता है। कमोबेश पूरे प्रदेश में यही हालात हैं।

दीपक बैज ने कहा है कि प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में दवाएं, डॉक्टरों और जांच के लिए दुर्व्यवस्था सुधारने के बजाय अस्पताल की अव्यवस्था की खबरों को दबाना चाहती है भाजपा सरकार। इस सरकार को लोगों के स्वास्थ्य की चिंता जरा भी नहीं है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ अवैध शराब का केंद्र बन चुका है। पान ठेलों, किराना दुकानों में शराब बिक रही है। साय सरकार गली, मोहल्लों में शराब बिकवा रही, अवैध होलोग्राम लगाकर प्रदेश भर के शराब दुकानों में शराब बेची जा रही। विपक्ष में रहकर पूर्ण शराबबंदी की बात करने वाले भाजपा नेता शराब की काली कमाई में लगे हैं। दीपक बैज ने कहा कि शराबबंदी को लेकर पांच सालों तक हल्ला मचाने वाले भाजपाई बताएं कि शराबबंदी कब होगी? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार द्वारा लगातार शराबखोरी को संरक्षण देने वाले निर्णयों से प्रमाणित है कि भाजपा का शराबबंदी के लिए प्रदर्शन केवल राजनैतिक पाखंड था। साय सरकार का शराब प्रेम मनपसंद ऐप और 67 नई शराब दुकानें खोलने के निर्णय से स्पष्ट है। भाजपा नेताओं का फोकस केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर है और इसके लिए प्रदेश की नशे में डुबोने का षडयंत्र रचा जा रहा है।

बस्तर में आदिवासी असुरक्षित

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार दावा करती है कि उसने बस्तर में नक्सलवाद पर नियंत्रण कर लिया है लेकिन बस्तर में आदिवासी आज भी असुरक्षित है। बीजापुर में नक्सलियों ने 3 आदिवासियों की हत्या कर दी। कुछ लोगों को अगवा भी किए जाने की खबर है। सरकार बस्तर के आदिवासियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रही है। बस्तर में एकबार फिर से आम आदिवासी नक्सली और सुरक्षाबलों के पाटों के बीच पीसा जा रहा है। दीपक बैज ने कहा कि रायगढ़ में बंदूक दिखाकर जमीन कब्जा, राजनांदगांव सहित प्रदेश में रेत माफिया का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।सत्तारूढ़ दल के नेता खनन माफिया को संरक्षण दे रहे हैं।