मरघट की जमीन बिकवा दी पटवारी, आरआई ने

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  • पहले पट्टा जारी किया और अब दूसरे के पास बेच दी गई पट्टे की जमीन
  • विरोध में उतरे सरपंच और ग्रामीण, पट्टा रद्द करने की उठाई मांग

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर जिले की भानपुरी तहसील के एक राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने गजब कारनामा कर दिखाया है। पटवारी और आरआई ने मरघट की जमीन का पट्टा जारी करवा दिया और अब उन्हीं के संरक्षण में उस जमीन की खरीदी बिक्री भी हो रही है। सरपंच तथा ग्रामीण इसके विरोध में उतर आए है और बात अब कलेक्टर तक पहुंच चुकी है।

यह सनसनीखेज मामला भानपुरी पंचायत के मावलीगुड़ा से सामने आया है। मावलीगुड़ा में मरघट के लिये आरक्षित शासकीय भूमि का पहले राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने पट्टा जारी करवा दिया अब उस जमीन की खरीद बिक्री भी शुरू करवा दी है। सरपंच एवं ग्रामीणों ने तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक शिकायत कर जमीन का पट्टा रद्द कर नामांतरण पर रोक लगाने तथा मरघट के लिए आरक्षित करने की मांग जिला प्रशासन से की है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पटवारी आरआई की सांठगांठ से शासकीय भूमि को खरीदी बिक्री की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार भानपुरी पंचायत के मावलीगुड़ा पारा में पटवारी हल्का नं. 0008 के भू अभिलेख के खसरा नं. 812 रकबा 1.21 हेक्टेयर शासकीय भूमि मरघट के लिये आरक्षित की गई थी।

इस भूमि की राजस्व विभाग के कर्मचारी द्वारा सांठगांठ कर बिक्री किया जा चुकाी है। प्रकरण क्रमांक सीजी 2024-25, 193-1-3222 में नामांतरण हेतु कमला बाई एवं गणेश के नाम गलत तरीके से पट्टा जारी करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। उक्त भूमि के क्रेता गरिमा दीवान निवासी भानपुरी के नाम से नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। सरपंच एवं ग्रामीणों ने 17 अप्रैल को कलेक्टर बस्तर के समक्ष लिखित शिकायत कर नामांतरण आदेश खारिज कर उक्त भूमि को मरघट के लिये आरक्षित करने की मांग की है। तहसीलदार एवं एसडीएम को भी आवेदन दिया गया है। खबर है कि भानपुरी पंचायत में कई स्थानों की शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा चुका है और राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी मुकदर्शक बने बैठे हैं। जमीन पर अवैध कब्जे का धंधा राजस्व निरीक्षक के संरक्षण में ही फल फूल रहा है।

वर्सन

दर्ज हो चुका है प्रकरण

मावली गुड़ा की जमीन के संबध में सरपंच एवं ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।