- सरेंडर करने वालों में बड़े कैडर के नक्सली भी
जगदलपुर बस्तर संभाग में नक्सलियों का आत्मसमर्पण का दौर लगातार जारी है। बीजापुर जिले में फिर 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 23 लाख के ईनामी नक्सली भी शामिल हैं।
नक्सली उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ, कोबरा व सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों से तथा छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर पश्चिम बस्तर डिवीजन अंतर्गत कंपनी नम्बर 2 की पार्टी सदस्य, धमतरी- गरियाबंद- नुआवाड़ा डिवीजन अंतर्गत पीपीसीएम, केएएमएस अध्यक्ष, एलओएस सदस्य, एओबी डिवीजन अंतर्गत पीएलजीए सदस्य, मिलिशिया प्लाटून सदस्य 23 लाख रूपये के ईनामी सहित कुल 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ बीजापुर के डीआईजी बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, कमांडेंट सीआरपीएफ 85 बटालियन सुनील कुमार राही, कमांडेंट 153 बटालियन सीआरपीएफ अमित कुमार, कमांडेंट 168 बटालियन विक्रम सिंह, कमांडेंट 170 बटालियन सरकार राजा रमन, कमांडेंट 199 बटालियन केरिपु आनंद कुमार, कमांडेंट 222 बटालियन विजेंद्र सिंह, कमांडेंट 202 कोबरा अमित कुमार, कमांडेंट 210 कोबरा अशोक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर मयंक गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स यूलैंडन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक घनश्याम कामड़े, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तिलेश्वर यादव, उप पुलिस अधीक्षक डीआरजी विनीत साहू, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक बस्तर फाईटर चंद्रहास के समक्ष सरेंडर किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में देवे मुचाकी ऊर्फ प्रमिला कंपनी नम्बर 2 पार्टी सदस्या, ईनाम 8 लाख रूपए, कोसा ओयाम ऊर्फ राजेंद्र धमतरी- गरियाबंद नुआपाड़ डिवीजन अंतर्गत एसीएम ईनाम 5 लाख रूपए, कोसी पोड़ियाम आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष ईनाम 2 लाख, सम्मी सेमला पीएलजीए सदस्य l, ईनाम 1लाख रूपये, छोटू परसीक ऊर्फ दीपक पार्टी सदस्य, ईनाम 1 लाख, मोती ताती पार्टी सदस्य, ईनाम 1.00 लाख रूपये, सुनीता हेमला एलओएस सदस्य ईनाम 1 लाख रूपये, मंजुला कुंजाम पार्टी सदस्य, ईनाम 1 लाख, सायबो पोड़ियम पीएलजीए सदस्य ईनाम 1 लाख रूपए शामिल हैं। इनके अलावा हुंगी ऊंडम ऊर्फ राधा पीएलजीए सदस्य ईनाम 1 लाख, मंगा मड़कम उर्फ मंगेश आरपीसी सदस्य,
बुधराम कोड़मे ऊर्फ राजू आरपीसी सदस्य, जमली कोड़मे ऊर्फ हिड़मे आरपीसी सदस्य ने भी आत्मसमर्पण किया है। छग शासन की नक्सल उन्मूलन नीति और नियद नेल्लानार योजना के कारण कई माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बीजापुर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण के पीछे अनेक महत्वपूर्ण कारण सामने आ रहे हैं। संगठन के भीतर विश्वास की कमी और अनिश्चित भविष्य ने भी उनके निर्णय को प्रभावित किया है। इन सब कारणों के चलते अनेक माओवादी आत्मसमर्पण कर शांति की राह पर लौटने का निर्णय ले रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर एक नया जीवन आरंभ कर रहे हैं। शासन की पुनर्वास नीति ने कई माओवादियों को नई उम्मीद दी है। उन्हें संगठन के भीतर शोषण और क्रूर व्यवहार से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है। यह नीति उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की आशा देती है। इसके अलावा सुरक्षा बलों के लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने और क्षेत्र में चलाए जा रहे आक्रामक अभियानों ने भी माओवादियों को संगठन छोड़ने के लिए प्रेरित किया है।
समर्पण में ही भलाई: यादव
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे छत्तीसगढ़ शासन की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांतिपूर्ण एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हों। उन्होंने बताया कि सरकार की इस पुनर्वास नीति के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता, पुनर्वास के अवसर, रोजगार एवं शिक्षा संबंधी सुविधाएं माओवादियों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने नक्सलियों से आह्वान किया कि वे बाहरी तत्वों की भ्रामक विचारधाराओं को त्यागें और निर्भय होकर सामाजिक जीवन में लौटें।



