जगदलपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के निर्देशानुसार एवं डी.पी.एम. (शहरी) पी.डी. बस्तिया के मार्गदर्शन में 28 जुलाई 2025 को शहरी क्षेत्र के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में विश्व हेपेटाइटिस दिवस “Let’s Break It Down” थीम पर मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन को हेपेटाइटिस बी की गंभीरता, इसके कारणों, लक्षणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस बी एक गम्भीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्यतः लिवर को प्रभावित करता है। समय पर इलाज नहीं होने पर यह लिवर सिरोसिस, फेल्योर अथवा कैंसर जैसे जानलेवा रोगों का कारण बन सकता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि यह संक्रमण संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित चिकित्सा उपकरण, तथा मां से बच्चे में प्रसव के दौरान फैल सकता है। टैटू या पियर्सिंग के दौरान अस्वच्छ सुइयों का उपयोग भी इसके प्रसार का कारण बनता है।
हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में अत्यधिक थकावट, भूख न लगना, मतली, हल्का बुखार, पेट दर्द, गहरा रंग का पेशाब, त्वचा और आंखों का पीलापन (पीलिया) आदि शामिल हैं। कई मामलों में प्रारंभिक अवस्था में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे यह और भी खतरनाक हो जाता है।
बचाव के लिए टीकाकरण सबसे कारगर उपाय बताया गया। नवजात शिशुओं, बच्चों व उच्च जोखिम समूहों के लिए हेपेटाइटिस बी का टीका अनिवार्य बताया गया। साथ ही, सुरक्षित यौन संबंध, स्वच्छ सिरिंज का उपयोग, व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा न करना, और टैटू/पियर्सिंग के दौरान सेनेटाइज्ड उपकरणों का इस्तेमाल जैसे सावधानियों पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को निःशुल्क परामर्श, जानकारी और स्क्रीनिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
इस अवसर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुम्हारपारा से डॉ. विराट तिवारी, डॉ. मोमीता बसाक, डॉ. नमन जैन, डॉ. अपूर्वा शुक्ला, डॉ. तृषा अवस्थि, प्रशांत श्रीवास्तव, युवराज बघेल, एनी भूषणम, दिनेश सलाम, मीता घोष, डोमेश्वर एवं अनामिका दुबे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। साथ ही बड़ी संख्या में मितानिनें एवं वार्डवासी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य था कि लोगों को इस गंभीर संक्रमण के प्रति सजग किया जाए और समय पर जांच व इलाज कराकर समाज को हेपेटाइटिस मुक्त बनाया जा सके।



