पुलिस कार्यालय बालोद में जिले के बैंक प्रबंधकों के साथ साइबर जागरूकता अभियान को लेकर हुई बैठक

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  •  पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा साइबर अपराध पर अंकुश लगाने बैंक प्रबंधकों से साइबर सुरक्षा बिन्दुओं पर चर्चा कर आम जनता तक टोल फ्री नंबर 1930 एवं साइबर पोर्टल का व्यापक जागरूकता फैलाने हेतु की गई विशेष अपील।
  • बैंक एवं ATM सुरक्षा हेतु प्रॉपर CCTV कैमरा लगाने, सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती एवं अलार्म सिस्टम चालू रखने उचित दिशा निर्देश दिए गए।

दिनांक 22.08.2025 को पुलिस कार्यालय बालोद में पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में एवं अति पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बालोद के पर्यवेक्षण नेतृत्व में जिले के विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों के साथ साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य जनसाधारण को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी की रोकथाम एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति सजग करना था।

बैठक में पुलिस अधीक्षक बालोद ने बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी बैंक प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक उपभोक्ताओं को समय-समय पर जागरूक करने हेतु जनसंपर्क गतिविधियों जैसे – सेमिनार, ग्राहक बैठक, पोस्टर-बैनर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा एसएमएस अलर्ट का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।

बैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदु इस प्रकार रहे :

साइबर जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने, सायबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पाम्पलेट का बैंक में प्रदर्शन करने साइबर ठगी संबंधी संदेहास्पद कॉल, मैसेज या लिंक मिलने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने एवं साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करने की अपील एवं व्यापक प्रचार। नये खाते proper verification के बाद ही open की जावें, म्यूल एकाउंट के संबंध में जानकारी।

किसी Account में अचानक अधिक राशि लगातार Debit/Credit होने पर पुलिस को सूचना देना । सीसीटीवी कैमरा केवल बैंक के अंदर ही नहीं बैंक के बाहर भी लगावे, अलार्म सिस्टम 24 घण्टा चालू रखना, बंद होने पर तत्काल चालू करावे। पुलिस सैलेरी पैकेज के तहत जिले के पुलिस अधिकारी कर्मचारियों का खाता एड स्विच कन्वर्ट को सुनिश्चित करने ताकि सैलरी पैकेज का लाभ प्रत्येक पुलिस कर्मियों को मिल सके।

एटीएम/बैंक गार्ड की चेकिंग/ब्रीफिंग के संबंध में चर्चा।

बैंक Daerit/उठाईगीरी-सजग रहें चेकिंग करें, सीसीटीवी फुटेज तत्काल उपलब्ध कराने हेतू ।त्यौहार होने से पैसा बैंक में ज्यादा होने एवं बैंक निर्माण कार्य पर नजर छुट्टी होने से गार्ड की प्रॉपर व्यवस्था कराना। ग्राहकों को OTP, ATM PIN, नेटबैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सतत समझाइश।

बैंक अधिकारियों द्वारा अपने कर्मचारियों को भी नियमित रूप से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करने पर बल। डिजिटल लेन-देन करते समय सुरक्षित नेटवर्क एवं आधिकारिक ऐप/पोर्टल का ही उपयोग करने का सुझाव

पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सामूहिक प्रयासों से ही साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। बैंकिंग संस्थानों और पुलिस का आपसी समन्वय नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

अंत में, एसडीओपी बालोद ने सभी बैंक प्रबंधकों को आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग हर स्तर पर सहयोग के लिए तत्पर है और जनता के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाया जाएगा