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आरएसएस ने मनाया शताब्दी वर्ष

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जगदलपुर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जगदलपुर शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शहर के चार प्रमुख क्षेत्रों में पथ संचलन एवं विजया दशमी उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना विजया दशमी के दिन की गई थी।आरएसएस अपने सौ वर्ष पूर्ण कर चुका है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सौ रूपये का सिक्का जारी किया गया है। पीजी कॉलेज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व धर्म आदिवासी समाज के अध्यक्ष एवं बस्तर प्रकृति बचाओ समिति के संयोजक दशरथ कश्यप ने की। संघ के मध्य भारत सह क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर मुख्य वक्ता थे।सभाजीत वर्मा कार्यक्रम के संचालक रहे। कृषि उपज मंडी के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत संगठन मंत्री रामनाथ थे। उपनगर हाट कचोरा में पथ संचालन के आयोजन में मुख्य अतिथि रहे डॉ . सुमंत शर्मा और मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक अभय राम। उप नगर सिटी ग्राउंड जगदलपुर के कार्यक्रम में कार्यवाह तरुण राठी व मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते थे। जगदलपुर के चारों उपनगरों के शारीरिक कार्य प्रमुख सुदर्शन दास के नेतृत्व में तेज वर्षा व भारी ट्रैफिक के बावजूद गरिमामयी रूप से पथ संचलन पूर्ण किया गया। संघ शताब्दी वर्ष के इस आयोजन में शहर के प्रबुद्ध जन व नागरिक उपस्थित रहे।

आप बांहें फैलाए रहिए, वे हथियार लहराते रहेंगे, आप रेड कार्पेट बिछाए रहें, वो लाल खून बहाते रहेंगे

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  •  एक और निरीह आदिवासी को मार डाला नक्सलियों ने
  • धारदार हथियार से की बेकसूर ग्रामीण की हत्या
  • मुखबिरी के शक में मकड़म भीमा की हत्या

अर्जुन झा-

जगदलपुर शांति वार्ता के प्रयासों के बीच नक्सलियों ने फिर एक बेकसूर आदिवासी को मौत के घाट उतार दिया। मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले का है। बीती रात उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम पुजारी कांकेर निवासी मड़कम भीमा की नक्सलियों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी।

घटना रात 9 बजे के आसपास की है। नक्सलियों ने घर पहुंचकर मड़कम भीमा को मुखबिरी का आरोप लगाते हुए घर से बाहर निकाला और धारदार हथियार वार कर उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट पर थाना उसूर में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कल ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से शांति वार्ता के लिए सरकार की पहल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार बांहें फैलाए खड़ी है, रेड कार्पेट हमने बिछा रखी है आप (नक्सली नेता) आईए, हम स्वागत करने खड़े हैं। आपको पूरी सुरक्षा दी जाएगी और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाएगी। यानि सरकार की ओर से शांति वार्ता और नक्सलियों को लोकतंत्र, समाज, देश और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। वहीं नक्सली हैं कि अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोकहित, जनहित की बातें करने वाले नक्सली आम जन की हत्या कर रहे हैं। सरकार रेड कारपेट बिछाए बैठी है, और वो लाल खून बहाने पर आमादा हैं, सरकार बांहें फैलाए खड़ी है और वो हथियार लहराते उत्पात मचा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नक्सलियों के असल मंसूबे क्या हैं? स्थानीय नक्सली तो मुख्यधारा से लगातार जुड़ते जा रहे हैं, मगर बाहरी बड़े नक्सली अपने स्वार्थ के लिए अभी भी खून खराबा कर अपनी उपस्थिति का अहसास करा रहे हैं, हालांकि कोसा, राजू सरीखे बड़े नक्सली लीडर्स के मारे जाने के बाद बाहरी नक्सली दहशत के साये में जी रहे हैं।

तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने युवक गंभीर रूप से घायल

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दल्लीराजहरा – डोंडी मुख्य मार्ग पर माँ झरन मंदिर के पास  भंडारा का प्रसाद लेने के लिए सड़क के किनारे पैदल जा रहा था । तभी तेज रफ्तार ट्रक ने राकेश यादव को अपने चपेट में ले लिया ।घायल युवक  का नाम राकेश यादव वार्ड नं 10 दल्लीराजहरा का रहने वाला था । सूत्रों से प्राप्तजानकारी के मुताबिक गंभीर रूप से घायल दुर्गेश यादव गैरेज में हेल्पर का कार्य करता है जो नवरात्रि में पूरे नौ दिनों का उपवास रखा था । माँ झरन मंदिर में भंडारा का प्रसाद लेने के लिए सड़क के किनारे पैदल जा रहा था कि एक अनियंत्रित ट्रक तेज रफ्तार  ट्रक अपने चपेट में ले लिया।  युवक बुरी तरह से कई जगह पर गंभीर चोट आई है ।घटना के पश्चात् युवक को शहीद अस्पताल ले गया । पुलिस घटना के पश्चात् मौके पर मौजूद थे।

 

 

सेजेस कुसुमकसा के अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने किया रामलीला का मंचन

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रामलीला के माध्यम से भारतीय समाज की पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की संरक्षण करने के लिए सेजेस कुसुमकसा के अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने नाटकीय रूप से रामलीला में रावण वध का मंचन तथा जसगीत व जसनृत्य का प्रदर्शन कर युवा पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और संवर्धित का संदेश दिया। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि “रामो विग्रहवान धर्म:” अर्थात धर्म का साक्षात रूप राम है। भारतीय जनमानस में  राम एक ऐसे आदर्श पुरुष है जिनके कण – कण में धर्म दिखता है। जिनके चरित्र में निष्कलंक , विनयशीलता , वीरता व कर्तव्यनिष्ठता है, जिसे मानव जाति को अनुसरण करना चाहिए। विशेष अतिथि संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला का हमारे भारतीय समाज में गहरा सामाजिक महत्व है। यह केवल धार्मिक कथा का मंचन या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज के नैतिक मूल्यों, सामाजिक एकता तथा सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण किया जाता है। विशेष अतिथि योगेंद्र कुमार सिन्हा भाजपा मंडल अध्यक्ष कुसुमकसा ने छात्रों द्वारा देवी जसगीत तथा नृत्य की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह देवी शक्ति की स्तुति का एक पारंपरिक लोकगीत है , जो देवी के प्रति लोगों की आस्था , भक्ति और स्थानीय लोक जीवन का अभिन्न अंग है। जिसे संरक्षित रखना अति आवश्यक है।

प्राचार्या सुनीता यादव ने कहा कि रामलीला के वजह से एक पूरा समाज की सामाजिक व्यवस्था चलती है जो समाज के प्रत्येक अंग को पोषित तथा विकसित करती है , इसलिए इस डिजिटल तथा वैश्विक युग में हमें इन मूल्यों को जिंदा रखना होगा।व्याख्याता तामसिंग पारकर ने बताया कि आज सबसे बड़ी चुनौती है कि लोगों को घर से बाहर निकाल कर रामलीला देखने को प्रेरित कैसे किया जाए ? इसकी शुरुआत शाला से बेहतर और कोई मंच नहीं है। रामलीला का स्वतंत्रता संग्राम में भी बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है, यह राष्ट्रीय एकता का जागरण और सामाजिक चेतना के जागृत करने का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता था। राम रावण युद्ध को अक्सर भारतीयों के स्वतंत्रता संघर्ष और ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक माना गया। रामलीला ने विभिन्न वर्गों और समुदायों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ नसीम खान ने शाला के शिक्षकों और छात्रों के प्रयासों को बुराई पर अच्छाई की जीत बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और धर्म महान है, उन्हें पश्चिमी प्रभाव से कमजोर नहीं होने देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता रानू सोनी तथा पूजा रात्रि ने किया। इस अवसर पर समस्त शिक्षक गण सोनल गुप्ता ,आमोद त्रिपाठी ,शिवम गुप्ता, प्रियंका सिंह, शेष कुमार कोसमा , नदीम खान,त्रिशला नोनहरे भावना यादव ,यामिनी नेताम, यशेष रावते आदि उपस्थित थे।

बालोद जिले को प्राप्त हुआ देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि

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  • मुख्यमंत्री ने संपूर्ण जिलेवासियों के समवेत प्रयासों से जिले को गौरव प्राप्त होेने पर जिला प्रशासन को दी बधाई
  • पिछले 02 वर्ष से अधिक अवधि के दौरान जिले में बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नहीं होेने पर जिले को मिली महत्वपूर्ण उलपब्धि
  • कलेक्टर ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के प्रति माना आभार

बालोद, 01 अक्टूबर 2025 जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से एवं समाज के सभी वर्गों के सहयोग से पिछले सवा दो वर्षों के अवधि के दौरान एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होेने पर बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं संपूर्ण जिलेवासियों के सहयोग से बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होने पर बालोद जिला प्रशासन को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी बालोद जिले को मिले इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने बालोद जिले के इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ राज्य सहित संपूर्ण देश के लिए पे्ररणादायी बताया।

उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के किसी भी ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में मई 2023 के पश्चात् अब तक एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होने पर जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह महत्वपूर्ण उलपब्धि हासिल हुआ है। विदित हो कि बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय बनने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों में विगत 02 वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण प्राप्त नही होना अनिवार्य है। बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय बनने के प्रक्रिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत के लिए ग्राम सभा बुलाकार इस संबंध में प्रस्ताव पारित कराना अनिवार्य होता है। उसके पश्चात् इसका अभिलेखीकरण कर कलेक्टर को प्रस्ताव पे्रषित किया जाता है। नगरीय निकायों के लिए भी यही प्रक्रिया निर्धारित है। इन सभी प्रक्रियाओं के उपरांत कलेक्टर द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में उपरोक्त सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के उपरांत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा 436 ग्राम पंचायतों एवं 09 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित होने के संबंध में प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया है। इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होेने के उपरांत अब बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त होेने का दर्जा मिल गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संपूर्ण जिलेवासियों के समवेत प्रयासों से बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने का गौरव प्राप्त होनेे पर पूरे बालोद जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए अभियान से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि सहित बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सहभागिता निभाने वाले प्रत्येक व्यक्ति बधाई के पात्र है। उन्होंने अथक प्रयासों से बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण जिलेवासियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों के प्रति विनम्र आभार माना है।

 

तांत्रिक अनुष्ठान भी होता है बस्तर दशहरा में

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  •  बुरी आत्माओं से बस्तर की सुरक्षा के लिए किया जाता है तांत्रिक अनुष्ठान 
  • तांत्रिक अनुष्ठान में दी जाती है बकरों की बलि 

अर्जुन झा-

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा सिर्फ जन आकर्षण का ही केंद्र नहीं है, बल्कि इस दौरान पूरी की जाने वाली रस्में भी अलौकिक होती हैं। इन रस्मों में तांत्रिक पूजा अनुष्ठान भी शामिल है। यह अनुष्ठान बस्तर को बुरी आत्माओं के कहर से बचाने और देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान बकरों की बलि भी दी जाती है। यह रस्म निशा जात्रा के दौरान पूरी की जाती है।

रहस्यों और रोमांच से भरे बस्तर दशहरा वस्तुतः देवी आराधना का महापर्व है। यह महापर्व बस्तर संभाग की प्रथम पूज्यनीया माई दंतेश्वरी को समर्पित है। इस महापर्व में बस्तर के सभी देवी देवताओं का आगमन होता है। उनके रहवास की अलग अलग व्यवस्था रहती है। नियमित पूजा अर्चना का दौर चलते रहता है। इस दौरान तरह तरह की प्राचीन परंपराओं और रीति रिवाजों का नियमानुसार पालन भी किया जाता है। इन्हीं रिवाजों में शामिल है तांत्रिक पूजा अनुष्ठान। तांत्रिक पूजा अनुष्ठान निशा जात्रा के दौरान पूरा किया जाता है।यह रस्म बस्तर राजवंश के लोगों द्वारा ही पूरा कराने की परंपरा है। बीती रात निशा जात्रा और तांत्रिक पूजा अनुष्ठान का आयोजन हुआ।देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए बस्तर राजवंश के कुलदीपक राजा कमलचंद भंजदेव ने देर रात निशा जात्रा की रस्म पूरी की। इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि भी दी गई। बस्तर दशहरा की इस अनूठी रस्म के जरिए बस्तर को बुरी प्रेत आत्माओं से बचाने की प्रार्थना की जाती है। अष्टमी और नवमी तिथि के बीच देर रात को यह रस्म निभाने की परंपरा 600 साल चली आ रही है। इस रस्म के तहत देर रात राजा कमलचंद भंजदेव के साथ बस्तर राज परिवार के प्रमुख सदस्य मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग पैदल चलकर अनुपमा चौक स्थित गुड़ी मंदिर पहुंचे।

बीजापुर के आदिवासी युवाओं को देशसेवा का मौका

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  • युवतियां भी देंगी आंतरिक सुरक्षा में योगदान
  • सीआरपीएफ में आरक्षक पदों पर होगी पद भर्ती

जगदलपुर बस्तर के आदिवासी युवा अब नक्सली वर्दी नहीं पहनेंगे, बल्कि वे अब ऎसी वर्दी पहनेंगे, जिस पर उन्हें और पूरे समाज को गर्व होगा। ये युवा पूरे आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकेंगे।

दरअसल बीजापुर जिले में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में आरक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। यह भर्ती क्षेत्रीय युवाओं को सुरक्षा बलों में सेवा देने का अवसर प्रदान करेगी, साथ ही क्षेत्र की शांति एवं विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेगी। आरक्षक के 126 पदों पर युवकों की और 22 पदों पर युवतियों की भर्ती की जानी है। इसके लिए पंजीकरण एवं आवेदन तिथि 6 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक निर्धारित है।

पंजीकरण और आवेदन लेने की प्रक्रिया फुटबॉल स्टेडियम एजुकेशन सिटी, बीजापुर में पूरी की जाएगी।

शारीरिक दक्षता परीक्षा

21 अक्टूबर से 6 नवंबर 2025 तक होगी। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण आवश्यक है। आयु सीमा 18 से 28 वर्ष (01 अगस्त 2025 की स्थिति में) है। पुरुष उम्मीदवार की ऊंचाई 153 सेमी (छूट के बाद), सीना बिना फुलाए 74.5 सेमी और कम से कम 5 सेमी फुलाव आवश्यक है।महिला उम्मीदवार की ऊंचाई 40.5 सेमी (छूट के बाद) निर्धारित है। अधिक जानकारी हेतु मोबाइल नंबर- 62649-15190 पर संपर्क किया जा सकता है।यह भर्ती प्रक्रिया युवाओं को राष्ट्र सेवा का अवसर प्रदान करेगी। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथियों में उपस्थित होकर पंजीकरण करा और अपने भविष्य को सशक्त बना सकते हैं।

मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड में बालोद जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर

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बालोद दिनांक 28 सितंबर 2025 (रविवार) को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम का 126वां एपिसोड पूरे देश एवं प्रदेश में प्रसारित हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश में बालोद जिला ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख एवं वरिष्ठ नेताओं ने इस उपलब्धि का श्रेय मंडल अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं को दिया, जिन्होंने समर्पण और संगठनात्मक शक्ति के साथ कार्य किया।

प्रदेश में विधानसभा स्तर पर मन की बात में सहभागिता रही-

गुंडरदेही – (प्रथम स्थान) संजारी बालोद – (द्वितीय स्थान),डौंडीलोहारा – (छठवां स्थान)पर रहा।

मन की बात के जिला संयोजक शरद ठाकुर व सह संयोजक राजीव रिंकू शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा

“यह सफलता देवतुल्य कार्यकर्ताओं और बूथ अध्यक्षों की मेहनत का परिणाम है।

सभी को हार्दिक बधाई और आभार।

आगामी सभी कार्यक्रमों में भी इसी ऊर्जा और निष्ठा से सहभागिता निभाकर बालोद जिले को प्रदेश में अग्रणी बनाए रखें।”

 

दल्ली राजहरा में हुआ भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ी सुप्रसिद्ध लोक आरू साहू का सांस्कृतिक कार्यक्रम

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दल्लीराजहरा राम हिंदू संगठन दल्ली राजहरा व सार्वजनिक निर्मला सेक्टर दुर्गा उत्सव समिति के तत्वाधान मैं दल्ली राजहरा में 29 सितंबर को वार्ड क्रमांक 23 के सर्कस ग्राउंड में छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध आरू साहू जी का सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराया गया जिसमें नगर के समस्त नागरिक उपस्थित होकर इस आयोजन का आनंद उठाते दिखे। पूरे शारदीय नवरात्रि में पूरे नगर में केवल एक सांस्कृतिक आयोजन होने की वजह से नगर के आसपास के ग्राम क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग आए और इस कार्यक्रम का आनंद उठाया।

राम हिंदू संगठन के जिला संयोजक रविंदर गुप्ता जी ने बताया कि इस आयोजन को दल्ली राजहरा में कराने के पीछे संगठन व दुर्गा उत्सव समिति के सभी लोगों का अथक प्रयास रहा और आने वाले समय में और भी अन्य आयोजन कराने को संगठन तत्पर है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान प्रदेश मंत्री भाजपा श्री अमित साहू जी ने अपने संबोधन में कहा कि यह दल्ली राजहरा की पावन धरा पर ऐसे आयोजन को हर वर्ष कराया जाना चाहिए।इससे हिंदुत्व व समस्त सनातन समाज को एक नई ऊर्जा मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति से लंबे समय तक जुड़े रहते हैं। इस आयोजन हेतु मैं अपने छोटे भाई रविंदर गुप्ता जी व उनके समस्त सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

विशिष्ट अतिथि के रूप में सिरफिरे कवि व गरियाबंद के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप जी उपस्थित हुए उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शादी नवरात्रि के साथ पूरे साल में नवरात्रि मनाई जाती है ऐसे आयोजनों से हम अपने समाज को और मजबूत करते हैं इस भव्य आयोजन के लिए समस्त आयोजन समिति के सदस्यों को बधाई दी।

अन्य अतिथियों के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू जी, नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे जी,भाजयुमो जिलाध्यक्ष आदित्य सिंह पिपरे जी,भाजपा दल्ली राजहरा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू जी, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी जी,वार्ड पार्षद प्रदीप बाघ अन्य लोग उपस्थित रहे।

जिसमे मुख्य रूप से राम हिन्दू संगठन दल्ली राजहरा व सार्वजनिक निर्मला सेक्टर दुर्गाउत्सव समिति के सदस्य,एम अमन, एस विग्नेश,सौरभ यादव,मनीष सिंह,संतराम उइके,चिंटू शर्मा,कौशल,मनप्रीत ब्रोका,जसमीत सिंह ,नदीम,आरफीन,बंटी,तौशिफ,राज व अन्य लोग उपस्थित थे।

राम हिन्दू संगठन दल्ली राजहरा व सार्वजनिक निर्मला सेक्टर दुर्गा उत्सव समिति ने आये सभी दर्शको का आभार व्यक्त किया और इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित करा है।

एक ज्ञापन मां के नाम; मां हमारी नौकरी पक्की करवा दीजिए

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  • प्रदेश के संविदा शिक्षक और कर्मचारी अब मातारानी की शरण में 
  • दुर्गाजी को समर्पित किया 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन 

जगदलपुर स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी अब मातारानी दुर्गाजी से अपनी नौकरी पक्की कराने और अन्य मांगों को पूरा करने की गुहार लगाने लगे हैं।

                स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने नवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी मांगों का ज्ञापन देवी मां के चरणों में समर्पित कर एक अनोखी पहल की है। संघ ने इस अभियान को नाम दिया है – “एक ज्ञापन मां के नाम”।अष्टमी और नवमी के दिन प्रदेशभर के देवी मंदिरों में संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सामूहिक रूप से मां दुर्गा को अपनी नौ सूत्रीय मांगें अर्पित कीं और प्रदेश सरकार से इन्हें शीघ्र लागू कराने की अपील की।कार्यक्रम संघ के मार्गदर्शक व संरक्षक तापस राय, महिला उपाध्यक्ष हिमांगिनी पांडे के मार्गदर्शन तथा संयुक्त सचिव हरिओम शर्मा की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में संपन्न हुआ। संघ की प्रमुख 9 मांगें इस प्रकार हैं- शिक्षा विभाग में संविलियन एवं नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, चिकित्सा सुविधा एवं स्वास्थ्य बीमा, वार्षिक वेतनवृद्धि एवं सेवा सुरक्षा, महिला कर्मचारियों हेतु प्रसूति अवकाश व सुरक्षा प्रावधान, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता, पदोन्नति का अधिकार और कार्यभार एवं दायित्व के अनुरूप उचित मानदेय। संघ ने कहा है कि आत्मानंद विद्यालयों के संविदा शिक्षक और कर्मचारी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज भी उन्हें स्थायित्व और सुरक्षा नहीं मिल पाई है। नवरात्रि के पावन पर्व पर मां दुर्गा से प्रार्थना की गई कि शासन-प्रशासन उनकी इन न्यायोचित मांगों पर संवेदनशील निर्णय ले। संघ के पदाधिकारियों ने भावुक अपील करते हुए कहा हमारी मांगें केवल सरकार को ही नहीं, बल्कि माता के चरणों में भी अर्पित हैं। ‘एक ज्ञापन मां के नाम’ हमारी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। अब न्याय और सम्मान की उम्मीद के साथ पूरा प्रदेश संघ के साथ खड़ा है।

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