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साइबर सेल और पुलिस को मिली बड़ी सफलता चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर आरोपी को उड़ीसा से किया गिरफ्तार

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पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक बालोद के निर्देशन में बालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर आरोपी काली प्रसाद मिश्रा को भुनेश्वर ओडिशा से गिरफ्तार करने में मिली कामयाबी।

दीगर राज्य से अपराधियों को पकड़ने में लगातार मिल रही बालोद पुलिस को सफलता ।

दीगर राज्य से अपराधियों को पकड़ने में लगातार मिल रही पुलिस को सफलता

आरोपी माइक्रिलीजिंग एंड फंडिंग लिमिटेड और माइक्रोफाइनेंस चिटफंड कंपनी का था डायरेक्टर ।

पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में,  पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर व उप पुलिस अधीक्षक बालोद देवांश सिंह राठौर के पर्यावेक्षण में थाना बालोद व साइबर सेल से एक टीम गठित कर चिटफंड के फरार आरोपी की पतासाजी हेतु भुनेश्वर ओडिशा राज्य भेजा गया, टीम द्वारा वहां कई दिन कैम्प कर लोकल इंट मुखबिर लगाकर और लोकल थाना के सहयोग से कई वर्षों से फरार चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर काली प्रसाद मिश्रा को गिरफ्तार करने में बालोद पुलिस को सफलता मिली है।

बालोद के अपराध क्रमांक 609/2016 धारा:- 420, 34, 467, 468, 471,406 भादवि, 3, 4, 5 ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम, धारा 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधिनियम के तहत को चिटफंड कंपनी के डायरेक्टरों द्वारा लोगो का पैसों का ब्याज ज्यादा देने के नाम पर करोड़ों रुपए का अपने कंपनी में निवेश करा कर धोखाधडी किया गया था । जिस पर प्रकरण में कई वर्षों से फरार आरोपी केजी पतासाजी हेतु

साइबर और थाना बालोद से विशेष टीम बना कर निर्देशित किया गया था। टीम द्वारा आरोपी के संबंध में तकनीकी डेटा के आधार पर जानकारी एकत्र कर आरोपी की पुख्ता जानकारी होने पर विशेष टीम भुनेश्वर ओडिशा रवाना किया गया था। टीम वहां पहुंच कर कई दिन कैंप कर लोकल संनसूचना पर लोकल पुलिस की मदद से आरोपी की जानकारी प्राप्त कर आरोपी कालीप्रसाद मिश्रा को विधिवत गिरफ्तार कर जिला बालोद लाया गया ।

आरोपी अपने कथन में बताया कि वह एम0बी0ए0 तक का पढ़ाई किया है माईक्रोलिजिंग एण्ड फंडिग लिमिटेड, माईक्रोफाईनेंस कंपनी हेड ऑफिस भुनेष्वर(उड़िसा) का वर्ष 2004 से 2013-14 तक डारेक्टर रहा है। इस दौरान कंपनी के नियमानुसार छत्तीसगढ़ के बालोद जिला क्षेत्र में अपने एजेंट के माध्यम से विभिन्न निवेषको से लाभांष देने की बात बता कर करोडो़ रूपये कंपनी में जमा करवाये है। कंपनी ने जब जब भी निवेषको से रकम जमा करवाया और बाउंड पेपर में पावती दिए गए । सन् 2014 से 2016 के बीच कंपनी का जांच शासन के द्वारा करने लगा तब घबराकर उक्त कंपनी को जहॉ जहॉ ऑफिस खुला था उसे बंद कर दिये। आरोपी ने छत्तीसगढ़ में कंपनी की डायरैक्टरी से सन् 2013-2014 में रिजाईन दे दिया था, जब कंपनी के नाम पर छत्तीसगढ़ में कई जगह अपराध रजिस्टर्ड होने लगा तब से आरोपी गिरफतारी के भय से छीप कर रह रहा था। आरोपी कुछ पैसे अपने जान पहचान से उधार लेकर फिल्म लाईन में छोटे छोटे रिल्स बनाकर अपना जीवन यापन कर रहा है ।

गिरफ्तार आरोपी- 

1. काली प्रसाद मिश्रा पिता श्री दुर्गा प्रसाद मिश्रा उम्र 39 साल पता स्थाई पता मकान नंबर 11 आर्य भूमि हाउंसिग सोसायटी नियर सेंटजेवियर इंटरनेशनल स्कुल पटिया थाना चंद्रशेखरपुर जिला खोरदा भुनेष्वर(उड़िसा) वर्तमान पता डिवाईन्ड कलिंगा 6 फ्लौर फैलैट नंबर 602 थाना भरतपुर जिला खोरदा भुनेष्वर उड़िसा

चिटफंड के कई वर्षों से फरार आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, उप निरीक्षक श्रीमती कमला यादव,साइबर सेल प्रभारी स.उ.नि. धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र,आरक्षक भोप साहू ,संदीप यादव,पुरण देवांगन, गुलझारी साहू ,रवि साहू का विशेष सराहनीय योगदान रहा।

 

विश्व हिंदू परिषद की अपील” गणेश विसर्जन धार्मिक मान्यता अनुसार तय तिथि में सभी समितियां करें,नशापान करने वालों को कार्यक्रम से दूर रखे

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बालोद:- विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन ने जिले की सभी गणेश समितियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी समिति सदस्य व आयोजनकर्ता विसर्जन के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखे कि विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के विसर्जन के दौरान कोई भी नशा करके सनातन धर्म व देव विसर्जन में शामिल न हो विगत 10 दिनों से सनातन देव परंपरा से आप सभी ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की है, वहीं विसर्जन के दौरान कई लोग नशापान करके माहौल को दूषित करते हैं ,डीजे की धुन अश्लील गानों में नाचते हुए गणेश जी को विसर्जन करने ले जाते हैं, जो हमारी हिंदू सांस्कृतिक धार्मिक परंपरा नहीं है। इस प्रकार के कार्यों से समितियों का नाम भी खराब होता है वहीं हिंदू समाज के सामने अप्रिय स्थिति भी बनता है।

विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि नशापान करके गणेश विसर्जन करने से पुण्य के बजाय पाप लगता है। वहीं समाज में गलत संदेश जाता है इसलिए, संगठन ने कहा है कि विसर्जन के दिन आयोजन समिति नशापान करने वालों से दूर रहे और गणेश विसर्जन को पारंपरिक संगीत व ढोल बाजों के साथ पूरे विधि विधान से गणपति बप्पा का विसर्जन करें।

हिंदुत्व के मान-सम्मान को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी – विश्व हिंदू परिषद ने कहा है।की हिंदु धर्म को मजबूत करना, मान-सम्मान को बनाए रखने की जिम्मेदारी हम आप सभी पर है । जिस उत्साह व खुशी के साथ आप सभी ने शहर,नगर,गांवों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित किया है वास्तव में सनातन देव परंपरा का यह पर्व व अनुष्ठान से लाखों गणेश भक्तों को बप्पा का आशीर्वाद मिला हैं। व आपकी समितियों ने इसको और भी भव्य बनाया है। विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला संगठन आप सभी से यही अपील करता हैं कि गणेश विसर्जन को धार्मिक और पारंपरिक तरीके से तय तिथि के दिन एक साथ करने का एक पहल सभी सनातन धर्मप्रेमी बंधु करें जिससे धर्म समाज के बीच एक अच्छा धार्मिक वातावरण बने

जिले के सभी गणेश समितियों के युवाओं का अभिनंदन जिन्होंने अथक मेहनत व परिश्रम कर हिंदू धर्म सनातन समाज के देवता गणेश जी का स्थापना कर पूजा सम्पन्न की।

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व 2025

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  • डेरी गड़ाई रस्म संपन्न, बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी के रथारूढ़ होने नए रथ निर्माण की हुई शुरुआत

जगदलपुर, 05 सितंबर 2025/ छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की दूसरी प्रमुख रस्म ‘डेरी गड़ाई’ आज पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। यह रस्म बस्तर दशहरा की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की परिक्रमा के लिए रथ निर्माण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करने की अनुमति प्राप्त हुई। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष  महेश कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक  किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर  डोमन सिंह, कलेक्टर  हरिस एस, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रतीक जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय समुदाय उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

बस्तर दशहरा पर्व के डेरी गड़ाई रस्म के तहत बिरिंगपाल गांव से विशेष रूप से लाई गई साल की पवित्र टहनियों को सिरहासार में खंभों के साथ विधि-विधानपूर्वक गाड़ा गया। यह प्रक्रिया पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के बीच मंत्रोच्चार और परम्परागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस रस्म का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। रस्म के दौरान सिरहासार में रथ निर्माण की अनुमति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।

डेरी गड़ाई रस्म के अवसर पर महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा को निभाया, जिसमें वे एक-दूसरे पर हल्दी छिड़ककर उत्सव की खुशी को साझा करती हैं। यह दृश्य स्थानीय संस्कृति की जीवंतता और सामुदायिक एकता को दर्शाता है। हल्दी खेलने की यह परंपरा उत्साह बढ़ाती है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती है। डेरी गड़ाई रस्म के समापन के साथ ही रथ निर्माण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है। इस कार्य को झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के कुशल कारीगर संपन्न करेंगे। ये कारीगर अपनी परंपरागत तकनीकों और औजारों का उपयोग करते हुए रथ को तैयार करेंगे, जो आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की रथारूढ़ होने के साथ परिक्रमा के लिए उपयोग किया जाएगा। रथ का निर्माण पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से किया जाता है, जिसमें आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं होता। यह प्रक्रिया न केवल कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती है। रथ का उपयोग बस्तर दशहरा के दौरान मां दंतेश्वरी की शोभायात्रा में किया जाएगा। यह रथ उत्सव का एक केंद्रीय प्रतीक है, जो मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। रथ की परिक्रमा बस्तर दशहरा के सबसे आकर्षक और धार्मिक दृश्यों में से एक होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। साथ ही देश-विदेश के सैलानी भी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के साक्षी बनते हैं।

विवादों में घिरा बस्तर दशहरा का भी प्रसाद, गैर हिंदू को प्रसाद बनाने की जिम्मेदारी

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  •  विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के प्रसाद पर उठे गंभीर सवाल
  • विश्व हिंदू परिषद ने जताई कड़ी आपत्ति, सौंपा ज्ञापन 

अर्जुन झा-

जगदलपुर विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी समेत देश के कुछ अन्य प्रमुख धर्म स्थलों के प्रसाद में कथित रूप से गौमांस और चर्बी की मिलावट की खबरों के बीच अब विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा का भी प्रसाद विवादों में घिर गया है। हालांकि बस्तर दशहरा के प्रसाद में मांसाहार की मिलावट जैसी कोई बात अब तक सामने नहीं आई है, मगर प्रसाद निर्माण और उसकी वितरण व्यवस्था की जिम्मेदारी जिस शख्स को दी गई है, उसकी आस्था और धर्म को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। इसका प्रबल विरोध शुरू हो गया है।

बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है और यह बस्तर संभाग समेत पूरे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों तथा सर्व हिंदू समुदाय की आस्था से जुड़ा बड़ा पर्व है। बस्तर दशहरा का आयोजन विगत 600 वर्षों से होता आ रहा है। यह बस्तर के लोगों की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस पर्व पर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना, अनुष्ठान और भोग अर्पण अत्यंत श्रद्धा और निष्ठा से संपन्न होते आए हैं। इस वर्ष प्रसाद मिष्ठान्न की निविदा एक ऐसे व्यक्ति को प्राप्त हुई है, जिसके प्रति आदिवासी समुदाय और सर्व सनातनी समाज के बड़े वर्ग में यह भावना है कि वह हमारे देवी-देवताओं और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था और सम्मान नहीं रखता। विगत कुछ वर्षों के अनुभवों ने भी इस जनभावना को और प्रबल किया है। इसी वजह से उस व्यक्ति को प्रसाद मिष्ठन्न निर्माण एवं व्यवस्था का ठेका दिए जाने का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है। ऐसे व्यक्ति के हाथों में प्रसाद की जिम्मेदारी होने से प्रसाद की पवित्रता और शुद्धता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यह सवाल हिंदूवादी संगठन खड़े कर रहे हैं।

 

इस मसले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। विश्व हिंदू परिषद ने ज्ञापन में कहा है कि बस्तर दशहरे जैसे महान पर्व पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कार्य स्वीकार्य नहीं होगा। अतः हम जिला प्रशासन से आग्रह करते हैं कि उक्त निविदा को निरस्त कर इसे ऐसे व्यक्ति या संस्था को दिया जाए जो परंपरा, आस्था और श्रद्धा का पूर्ण सम्मान करता हो।विहिप ने आगे कहा है- बस्तर दशहरा केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारी अस्मिता, श्रद्धा और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक भी है। इसकी पवित्रता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन और समाज, दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। विहिप नेताओं ने इस मुद्दे को बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप के समक्ष भी रखा है। इस पर  कश्यप ने विहिप के लोगों को भरोसा दिलाया कि वे यह इसे बस्तर दशहरा समिति में उठाएंगे। ज्ञात हो कि बस्तर सांसद परम सनातनी नेता माने जाते हैं और सनातन एवं आदिवासी परंपराओं, प्रथाओं, पूजा प्रथा के संरक्षण के लिए और कन्वर्जन के खिलाफ सदैव मुखर रहे हैं। अब देखना होगा कि बस्तर दशहरा के प्रसाद की पवित्रता एवं शुद्धता को लेकर वे क्या कदम उठाते हैं?

रविंद्र चौबे को पार्टी हित से कभी नहीं रहा वास्ता: शुक्ला

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  •  रविंद्र चौबे की बयानबाजी पर बिफरे वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमाशंकर शुक्ला
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे से शिकायत की शुक्ला ने

जगदलपुर :- छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे की हरकतों के खिलाफ अब वरिष्ठ कांग्रेसी आवाज उठाने लगे हैं। वे श्री चौबे की बयानबाजी से आहत हैं और इसे पार्टी विरोधी एवं अनुशासनहीनता करार देते हुए श्री चौबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग पार्टी नेतृत्व से कर रहे हैं। बस्तर संभाग के वरिष्ठतम कांग्रेसी ब्राम्हण नेता उमाशंकर शुक्ला ने चौबे के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र भेजकर रविंद्र चौबे पर तत्काल एक्शन लेने की मांग की है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमाशंकर शुक्ला ने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को लेकर रविंद्र चौबे द्वारा की जा रही बयानबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रविन्द्र चौबे का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है।श्री शुक्ला ने कहा है कि रविंद्र चौबे दुर्ग जिते के साजा क्षेत्र से विधायक रहे हैं और भूपेश बघेल की सरकार में कृषि एवं पशु धन विकास मंत्री रहे हैं। वर्ष 2008 से 2013 तक नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। साजा विधानसभा क्षेत्र चौबे परिवार की परपंरागत सीट रही है। पूर्व में श्री चौबे के पिता स्व. देवी प्रसाद चौबे, माता स्व. कुमारी देवी चौबे, 1977 में बड़े भाई प्रदीप चौबे एवं उसके बाद से खुद रविन्द्र चौबे निरंतर साजा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। क्षेत्र का विधायक, प्रदेश सरकार का मंत्री किसी भी जाति या धर्म का हो, सबसे पहले वह पूरे क्षेत्र एवं प्रदेश की जनता का प्रतिनिधि होता है। रवींद्र चौबे ब्राम्हण नेता होने के नाते मंत्रिपरिषद में जगह पाने में सफल हो गए, परंतु उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में छत्तीसगढ़ के ब्राम्हमणों के हितसंवर्धन अथवा कल्याण के लिए कोई कार्य नहीं किया। इस कारण स्व. श्यामाचरण शुक्ला एवं विद्याचरण शुक्ला के बाद से छत्तीसगढ़ का नेतृत्व ब्राम्हण शून्य हो गया एवं छतीसगढ़ के ब्राम्हण भारतीय जनता पार्टी की ओर चले गए। पं. उमाशंकर शुक्ला ने आगे कहा है कि रविंद्र चौबे वर्ष 2008 से 2013 तक नेता प्रतिपक्ष रहे परंतु उन्होंने संगठन को मजबूत करने की दिशा में कभी कोई कार्य नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से उनकी जिम्मेदारी थी कि पूरे प्रदेश में भ्रमण करते और संगठन को मजबूत करते परंतु उन्होंने कभी भी इस दिशा में काम ही नहीं किया।

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*लेवी वसूलते रहे चौबे*

वरिष्ठ नेता पं. उमाशंकर शुक्ला ने रविंद्र चौबे पर बड़ा आरोप लगाया है कि श्री चौबे तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से मासिक लेवी लेते रहे हैं और मुद्दों से दूर हटते रहे हैं। मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने कभी पूरे प्रदेश का भ्रमण नहीं किया, सिर्फ उनके द्वारा स्वहित के ही कार्य किए गए। रवींद्र चौबे को न तो संगठन का ज्ञान है, न ही प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भावनाओं की जानकारी है। अत: ऐसे व्यक्ति द्वारा संगठन के संबंध में कही गई बातों को तरजीह नहीं देनी चाहिए। पं. उमाशंकर शुक्ला ने ये सारी बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखी चिट्ठी में भी कही हैं।

जगदलपुर, उमाशंकर शुक्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है बस्तर से है कांग्रेस कार्यकाल में जिला कांग्रेस के अध्यक्ष समेत कई मत्वपूर्ण पद पर रहे है उन्होंने भी पीसीसी अध्यछ दीपक बैज को लेकर ऐसे बयान पर रविन्द्र चौबे पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है

 

बाढ़ पीड़ितों की मदद में एकल अभियान के कार्यकर्ताओं ने दिया साथ

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  • बाढ़ पीड़ितों के घर जाकर की सफाई

जगदलपुर ।। हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित मांदर ग्राम पंचायत में जिला प्रशासन के प्रयासों को साथ देने के लिए एकल अभियान के कार्यकर्ताओं ने हाथ बढ़ाते हुए बाढ़ पीड़ितों की मदद की। उन्होंने श्रमदान करने के साथ ही लोगों से मिलकर उनका हालचाल भी जाना।

एकल अभियान के लगभग 25 सदस्यों ने बाढ़ से प्रभावित घरों में जाकर सफाई की। उन्होंने कीचड़ साफ किया और अस्त-व्यस्त पड़े सामान को व्यवस्थित करने में लोगों की मदद की। जहाँ कई संस्थाएँ सामग्री दान कर रही हैं, वहीं एकल अभियान के कार्यकर्ताओं ने सीधे लोगों के घरों में जाकर सेवा की और उनके दुख-सुख साझा किए। इस प्रयास के लिए गाँव के लोगों ने एकल अभियान के सेवार्थियों का तहे दिल से धन्यवाद किया।

राजहरा परिवहन संघ के सदस्यों ने कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद से मुलाकात कर मांगों को निराकरण कराकर रोजगार उपलब्ध कराने की चर्चा की

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दल्ली राजहरा__ कांकेर लोकसभा के सांसद भोजराज नाग के दल्लीराजहरा आगमन पर राजहरा परिवहन संघ के प्रतिनिधि मंडल बी एस पी गेस्ट हाउस में अपनी मांगों के निराकरण कराकर रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में सांसद से चर्चा की ,

राजहरा परिवहन संघ के सदस्यो ने सांसद को अवगत कराया की परिवहन संघ लगभग 20_22 वर्षो से दल्लीराजहरा नगर स्थित बी एस पी अधिनस्थ आई ओ सी की खानों से निकलने वाली लौह अयस्क का 25__40 प्रतिशत परिवहन कार्य राजहरा परिवहन संघ के मालवाहको को दिए जाने साथ ही हितकसा में निर्माणाधीन पैलेट प्लांट से निर्मित पैलेट का आनुपातिक परिवहन कार्य दिए जाने की मांग , बी एस पी प्रबंधन द्वारा निजी छेत्रो को बेची जाने वाली अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन कार्य,छेत्र की जनता के लिए समुचित रोजगार मुहैया उपलब्ध कराकर हो रहे पलायन को रोका जाए ,मालवाहक वाहन से परिवहन कार्य चालू होने से इस व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिक ,आटो पार्ट्स विक्रेता,टायर विक्रेता ,मेकेनिक,वाहन चालक , हेल्फर ,टायर रिपेयरिंग सहित वाहन से जुड़े अन्य कार्य करने वालो उन सभी के परिवार के लोगो को प्रत्यक्ष अथवा परोछ रूप से लाभ मिलेगा , रोजगार के द्वार खुलेंगे , शहर से पलायन रुकेगा और शहर का विकास होगा ,

भोजराज नाग सांसद ने बी एस पी के ए जी एम से परिवहन संघ के मांगो का निराकरण के संबंध में जानकारी ली तदपश्चात परिवहन संघ के प्रतिनिधि मंडल को कहा की उनकी मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों और केंद्रीय मंत्री से मिलकर निराकरण करने का प्रयास करने की बात कही

इस अवसर पर सौरभ लूनिया महामंत्री भाजपा जिला बालोद ,मनोज दुबे उपाध्यक्ष नगर पालिका दल्लीराजहरा ,नरेंद्र सिंह तुली, परमजीत सिंह ,इंद्रजीत सिंह तुली ,संतोष देवांगन ,जगजीत सिंह मरवाहा,अनिल सुथार ,अशोक लोहिया ,विजय डडसेना,राजू कुकरेजा ,सोनू बग्गा , पप्पू पँजवानी , बंटी रंधावा उपस्थित थे

राजहरा परिवहन संघ दल्लीराजहरा के अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन के आठवें दिन माइंस आफिस के समीप धरना पंडाल में अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की

08 साल से फरार धोखाधड़ी के स्थाई वारंटी सहित कुल 03 वारंटी पुलिस की गिरफ्त में

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  • थाना खड़गांव पुलिस तथा सायबर टीम की सयुक्त कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक महोदय मोहला मानपुर अं० चौकी  वाय.पी. सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में व  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय जिला मोहला मानपुर अं चौकी श्रीमान डी.सी. पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी  प्रशांत कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी संजय कुमार यादव थाना खड़गांव के नेतृत्व में खड़गांव पुलिस द्वारा स्थाई वारंटी तामिली अभियान के तहत लंबे समय से फरार आरोपीगणो की पतासाजी कर दिनांक 30.08.2025 को थाना खड़गांव के अपराध क्रमांक 21/2019 धारा 379, 34 भादवि के आरोपी अश्फाक अली पिता सुलेमान अली उम्र 42 साल निवासी हरनाबांधा भिलाई नगर दुर्ग को भिलाई दुर्ग से तथा अपराध क्रमांक 50/2019 धारा 363, 366, 376 भादवि तथा 4,5,6 पॉक्सो एक्ट के आरोपी चन्द्रशेखर उर्फ चंदु नेताम पिता श्री बी बिरझुराम नेतामउम्र 30 साल हाल पता वाजरी थाना बनी जिला यवतमाल को वाजरी महाराष्ट्र से अभिरक्षा में लेकर माननीय न्यायालय पेश करने पर माननीय न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी करने पर जिला जेल राजनांदगांव दिनांक 01.09.2025 को निरुद्ध किया गया है इसी तरह अपराध क्रमांक 27/2019 धारा 420, 34 भादवि के स्थायी वारंटी हसनुद्दीन खान उर्फ हर्ष साहू उर्फ अभिषेक उर्फ हसन पिता शेख कमरूददीन उम्र 38 साल निवासी बकलीटोला को थाना छुरिया क्षेत्र के ग्राम झालाटोला से अभिरक्षा में लेकर माननीय न्यायालय पेश करने पर

माननीय न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी करने पर आज दिनांक 04.09.2025 को जिला जेल राजनांदगांव निरूद्ध किया गया ।

खाद की किल्लत से जूझते किसानों के समर्थन में उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता

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  •  किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर इन दिनों प्रदेश सहित बस्तर जिले के भानपुरी तहसील क्षेत्र के भी किसान खाद कि कमी से जूझ रहें हैं। खाद की इस समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने किसानों के साथ रैली निकाली और ज्ञापन सौंपा,

इस दौरान कांग्रेसियों का कहना था फसल बुआई के समय से लेकर अब तक किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है, खाद की कमी का भरपूर फायदा बिचौलिए उठा रहें हैं। निजी खाद बीज विक्रेता कई गुना अधिक दामों पर खाद बेच रहें हैं। 250 रुपए में मिलने वाली यूरिया को 1300 रुपए में बेच रहें हैं, 1400 रुपए की डीएपी 2500 रुपए में बिक रही है। किसान फसल नुकसानी को देख अधिक दामों पर भी खाद खरीदने को मजबूर हैं। किसानों की समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है सुध लेने वाला कोई नहीं है, विभाग मौन है कहीं न कहीं शासन प्रशासन द्वारा किसानों की उपज को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से खाद कि आपूर्ति को रोका जा रहा है। पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार के दौरान हमने किसानों के हित का ध्यान रखकर कार्य किया था, जिसका लाभ किसानो को मिल रहा था और किसानों की आय में इजाफा हो रहा था। आज किसान भाजपा की सरकार मे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहें हैं, कांग्रेस पार्टी आज भी किसानों के साथ है। एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सहकारिता विभाग कार्यालय करंदोला (भानपुरी) पहुंच ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाह रहे हैं और तत्काल समस्या से निजात दिलाने की मांग करते हैं।आने वाले दिनों मे खाद के मामले मे यही स्थिति रही तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ आंदोलन का रुख अपनाएगी, किसानों की समस्या को देखते हुए शासन त्वरित रूप से खाद की कमी को दूर करने की दिशा मे कार्य करे ऐसी मांग रखी गई है।

इस दौरान पूर्व विधायक चंदन कश्यप, बस्तर ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष श्याम दीवान, वरिष्ठ कांग्रेसी श्यामसुंदर पाण्डे, लखेश्वर कश्यप, धनुर्जय नेताम, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अनिल बघेल, निलय कश्यप, धर्मा पाढ़ी, सत्यकांत कश्यप, पुनऊ कश्यप, अभिषेक बाजपेई, दया बघेल, जेटू कोर्राम, कृष्णा कश्यप, हेमकुमार चौहान, जीवन सेठिया, सोनसिंग कश्यप, फगनू बघेल एंव मंडल, सेक्टर के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सदस्य व मंडल प्रभारी, युवक कांग्रेस, एवं सभी प्रकोष्ठ के पदाधिकारीयों की उपस्थिति रही।

बस्तर में स्वास्थ्य व्यस्था का होगा विस्तार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का मंत्री केदार कश्यप ने जताया आभार

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  • बस्तरवासियों को विष्णुदेव साय सरकार ने स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में दी बड़ी सौगात

रायपुर / जगदलपुर। बस्तर अंचल में स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में हो रहे विस्तार को लेकर वनमंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए आज बहुत बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में एमओयू कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है। जिसका लाभ बस्तर के सुदूर अंचल में रहने वाले हमारे आदिवासी भाइयों बहनों को प्राप्त होगा।

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अब हमारे बस्तर के लोगों को इलाज के लिये रायपुर बिलासपुर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। किडनी, लिवर, न्यूरो सहित कई तरह के जटिल बिमारियों का इलाज आने वाले तीन महीनों में बस्तर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि एक बड़ी सौगात माननीय मुख्यमंत्री साय जी और स्वास्थ्य मंत्री साय जी की पहल से बस्तरवासियों को मिल रही है जिसके लिए मैं ह्रदय से आभार व्यक्त करता

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