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स्टॉफ नर्स सीमा दानी के खिलाफ सांसद कश्यप से शिकायत

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मरीजों और कर्मियों से दुर्व्यवहार करती हैं स्टॉफ नर्स सीमा दानी

जगदलपुर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ जिला शाखा बस्तर ने महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर की स्टॉफ नर्स सीमा दानी को न हटाए जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ का कहना है कि सीमा दानी मरीजों और सहकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करती हैं। इस संबंध में छग स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ की महारानी अस्पताल इकाई की अध्यक्ष वर्षा एल्काना के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बस्तर सांसद महेश कश्यप को ज्ञापन सौंपकर सीमा दानी को तत्काल जिला चिकित्सालय से हटवाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्टॉफ नर्स सीमा दानी द्वारा भर्ती मरीज के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज करने उपरांत भी आज तक तक सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक महारानी अस्पताल जगदलपुर ने उन्हें मेल वार्ड से हटाकर उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया गया है।

बताया गया कि बीते 26 मई को पीलिया से ग्रसित आदिवासी मरीज ऋषभ मंडावी को महारानी अस्पताल जगदलपुर में भर्ती कराया गया था। इस बीच 29 मई को दोपहर में गर्मी अत्यधिक होने के कारण मरीज के परिजनों द्वारा स्वयं का टेबल फैन लाकर मरीज के बेड के पास लगाया गया था। इस पर स्टॉफ नर्स सीमा दानी द्वारा मरीज व उनके परिजनों से अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई।सीमा दानी ने मरीज के परिजनों को धमकी देते हुए कहा कि पंखा हटाओ अन्यथा सामान सहित अस्पताल से बाहर फेंकवा दूंगी। एक स्टॉफ नर्स द्वारा मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित नहीं है। बस्तर एक आदिवासी अंचल है जहां पर विभिन्न वर्गों एवं आदिवासी समाज के लोग उपचार हेतु भर्ती होते हैं। स्टॉफ नर्स सीमा दानी के द्वारा रोगियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज करना आम बात है। इसकी पूर्व में भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सीमा दानी अपने वार्ड का कार्य छोड़कर अन्य वार्डों में जाकर अधिकारी की तरह रौब झाड़ती हैं।अपने सहकर्मी वरिष्ठ स्टॉफ नर्स के साथ भी वे विवाद कर चुकी हैं। 19 मई 2026 को प्रसूति विभाग में सुबह ड्यूटी के दौरान एक वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में ड्यूटी लगाने तथा सेवा समाप्ति की कार्यवाही कराने जैसी धमकी दी जाती है। बताया गया है कि जिस पीलियाग्रस्त मरीज ऋषभ मंडावी व उनके परिजनों के साथ स्टॉफ नर्स सीमा दानी ने अभद्र एवं अमनवीय व्यवहार किया था, उसकी मां झीलिन मंडावी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर में खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी जैसे उच्च पद पर पदस्थ हैं।

बावजूद उनके मरीज पुत्र ऋषभ मंडावी के साथ सीमा दानी द्वारा अमानवीय व्यवहार किया गया। इस संबंध में झीलिन मंडावी द्वारा उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी और उन्होंने संघ से भी न्याय दिलाने हेतु निवेदन किया गया है। उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने के बाद स्टॉफ नर्स सीमा दानी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आगे कहा गया है कि उच्च अधिकारियों ने महारानी अस्पताल के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया गया था कि सीमा दानी स्टॉफ नर्स को मेल वार्ड के प्रभार से हटाकर दूसरे वार्ड में समायोजित किया जाए अथवा उनसे स्टॉफ नर्स का कार्य कराया जाए। इस संबंध में संघ द्वारा बार बार पत्र दिए जाने के बावजूद सीमा दानी को मेल वार्ड से हटाया नहीं गया है। आज भी सीमा दानी स्वयं को प्रभारी बताकर कर्मचारियों को परेशान कर रही हैं। इससे साथी कर्मचारी भयभीत हैं। इसके उपरांत भी अधिकारियों द्वारा संज्ञान में नहीं लिया जाना समझ से परे है। ऐसे संवेदनशील मामलों पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों पर उच्चस्तरीय प्रशासनिक स्तर पर जांच करने की मांग संघ ने की है।

हिड़मा नहीं, शहादत देने वाले जवान हैं हमारे रोल मॉडल: प्रियंका कौशल

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नक्सलवाद की समाप्ति में मीडिया की भी है अहम भूमिका: डीआईजी

सुकमा में नारद जयंती पर पत्रकारों का सम्मान

सुकमा बस्तर के पत्रकारों के सामने कई चुनौतियां हैं। हमें विभाजनकारी शक्तियों को पहचानकर उनसे सतर्क रहने की जरूरत है। आज कुछ पत्रकार पूवर्ती गांव जाकर नक्सली हिड़मा और उसके परिवार को ग्लोरीफाई कर रहे हैं, लेकिन कितने पत्रकार बस्तर में शहीद हुए पुलिस या सीआरपीएफ के जवानों के घर तक पहुंचे? ये बातें रायपुर की वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल ने देवर्षि नारद जयंती पर सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में कही।

शबरी माता जनकल्याण सेवा समिति सुकमा द्वारा नारद जयंती के अवसर पर पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान सुकमा जिले के दो दर्जनसे ज्यादा पत्रकारों का विशेष सम्मान किया गया। जनसंर्पक अधिकारी सागर वारे ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद सभी पत्रकारों की जिम्मेदारीबढ़ गई है। आप सभी अपनी लेखनी से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर लोगों को जागरूक करें। इन्हे शिक्षा से जोड़ें। कार्यक्रम में अघ्यक्षीय उदबोधन चमन लाल साहू ने दिया। आभार डा. अनमय बिंदवई ने व्यक्त किया। तथा कार्यक्रम का संचालन पत्रकार लीलाधर राठी ने किया। कार्यक्रम में बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जितेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा कि समाज के सामने खबरों की प्रस्तुति कैसे करें ये सबसे ज्यादा महत्तवपूर्ण है। आज समाज को छोटे से लेकर बड़े मामले में मीडिया से उम्मीद बनी रहती है।

पूर्व में नारद मुनि मुखबिरी कर खबरों का अदान प्रदान किया करते थे आज पत्रकार साथी भी समस्याओं व विचारों का अदान प्रदान कर निदान कराने में सहयोग करते हैं।

कायम है पत्रकारों पर भरोसा: राजेंद्र

श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष पी. राजेंद्र ने कहा सुकमा जिले में पत्रकारिकता करना कठिन है। विषम परिस्थितियों में भी जिले के पत्रकार समाचार खोजकर खबर बनाते रहे हैं। नक्सल क्षेत्र होने के बाद भी सुकमा केपत्रकार अंदर के गांवों में खबरें खोजने जाते थे। नक्सली क्षेत्र होने की वजह से पत्रकार को दोनों तरफ बैलेंस बनाकर समाचार बनाना पड़ता था। हमारेपत्रकारों ने नीडर होकर समाचार बनाया, हमने समाज हित में काम किया। सुकमा को सुखमय सुकमा बनाने के लिए सभी लोगों ने मिलकर काम किया।पत्रकार, शिक्षक, पुलिस के जवान, सीआरपीएफ, डीआरजी, कोबरा, सीसीएफ सभी के सहयोग से आज सुकमा और छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हुआ है। सुकमा के विकास के लिए शहीद हुए जवानों को नमन करता हूं। समाज विकास के लिए गांव के विकास क लिए हमारे पत्रकार काम करते हैं और करते रहेंगे। पत्रकार के ऊपर सबकी नजरें टिकी रहती हैं और छोटे से छोटे काम करवाने में पत्रकारों पर भरोसा करते हैं।

पत्रकार समाज का पथ प्रदर्शक: दीपिका

अधिवक्ता एवं महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने अपने उदबोधन में कहा कि शबरी माता जनकल्याण सेवा समिति, जिला सुकमा द्वारा आयोजित आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में शामिल होकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। जिले के पत्रकार साथियों का सम्मान करना मेरे लिए गौरव काविषय है। पत्रकार समाज और लोकतंत्र के सशक्त स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए पत्रकार निरंतर समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुझे भी पत्रकारिता से जुड़े अपने पिछले कई वर्षों के अनुभव पत्रकार साथियों के बीच साझा करने का अवसर मिला। दीपिका सोरी ने कहा कि देवर्षि नारद को आद्य पत्रकार के रूप में स्मरण करते हुए हम सभी को सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। मैं सभी पत्रकार साथियों को शुभकामनाएं देती हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं।

बस्तर के पत्रकारों ने अपनों को भी खोया: प्रियंकामुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार प्रियंका कौशल ने कहा कि देवर्षि नारद से हमें चार बातें सीखनी चाहिए। सबसे पहले हमारी पत्रकारिता के केंद्र में लोकमंगल की भावना हो, दूसरी महत्वपूर्ण बात कि हमें नारद जी जैसा गतिशील होना चाहिए। इससे हमारी प्रमाणिकता बढ़ेगी और हम अपनी दृष्टि से तथ्यों को देख पाएंगे।नारद जी जैसा निर्भीक और विश्वसनीय भी हम पत्रकारों को होना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर में पत्रकारों के सामने कई चुनौतियां हैं। हमें विभाजनकारी शक्तियों को पहचानकर उनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आज कई पत्रकार पूवर्ती गांव जाकर खूंखार नक्सली हिड़मा और उसके परिवार को ग्लोरीफाई कर रहे हैं, लेकिन बस्तर में शहीद हुए पुलिस या सीआरपीएफ जवानों के घर तक कितने पत्रकार पहुंचे? हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा। प्रियंकाकौशल ने कहा कि बस्तर के पत्रकारों ने नक्सलवाद की समाप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खास तौर से सुकमा के पत्रकारों का योगदान नहीं भुलाया जा सकता। कई चुनौतियों का सामना करते हुए भी विपरीत स्थितियों में वे पत्रकारिता का धर्म निभाते रहे हैं। बस्तर के पत्रकारोंने भी अपनों को खोया है, लेकिन अपने कर्त्तव्य से वे कभी पीछे नहीं हटे।

मौजूदा दौर चुनौती भरा: डीआईजी

सीआरपीएफ के डीआईजी अरविंद सिंह राजपुरोहित ने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद की समाप्ति में मीडिया की भूमिका को नजरअंदाज नही किया जा सकता है। इसमें बड़ी भूमिका मीडिया की भी रही है। मीडिया के साथियों ने आम जनता को जागरूक कर नक्सलियों के गलत विचारधारा को सावजनिक किया। श्री सिंह ने कहा किपत्रकारिता का वर्तमान दौर बहुत ही चुनौतीपूर्ण है और खबरों को लिखते व दिखाते वक्त तथ्यों को पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। तथ्यात्मक पत्रकारिता ज्यादा दिन तक टिकती है। उन्हेाने कहा-पूरे विश्वास के साथ कह सकता हुं कि इस जिले के पत्रकार बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि सुकमा में उनके कार्यकाल में पाया कि यहां के पत्रकारों ने हमेशा सकारात्मक पत्रकारिता करते हुए फोर्स की मदद की और कोई भी अप्रिय घटना घटित नही हुई।

रावघाट-अंजरेल माइंस के 182 श्रमिक रोजगार की मांग को लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट, सौंपा ज्ञापन

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4 साल तक बहाते रहे पसीना, अब छिन गया रोजगार

जगदलपुर रावघाट अंजरेल माइंस में कार्यरत श्रमिक रविवार को अपनी रोजगार संबंधी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और श्रम विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।श्रमिकों ने बताया कि अंजरेल माइंस में वर्ष 2022 से कार्यरत 182 कर्मचारियों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

जय गुरुदेव श्रमिक संघ रावघाट खदान के बैनर तले पहुंचे श्रमिकों ने बताया कि माइंस में कार्य कर रही देव माइनिंग कंपनी का एक्सटेंशन 20 जून 2026 को समाप्त हो गया है। इसके बाद कंपनी द्वारा कर्मचारियों को कार्य बंद होने की सूचना दी गई है, जिससे 182 श्रमिकों के समक्ष रोजगार और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि उन्हें पूर्व में आश्वासन दिया गया था कि ठेका परिवर्तन होने की स्थिति में भी सभी कर्मचारियों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन से मांग की है कि सभी कर्मचारियों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा सेवा पुस्तिका, पीएफ, ईपीएफ, अनुभव प्रमाण-पत्र, बीमा, ईएसआई, चिकित्सा सुविधा और अन्य श्रमिक हितों से जुड़ी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब तक 182 कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक उनके वेतन भुगतान और अन्य दायित्वों की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन द्वारा ली जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी। श्रमिकों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित रहे।

बीजेपी सरकार में चुने हुए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा, शिलान्यास कार्यक्रम में जिपं सदस्य योगेश बैज का नाम गायब

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लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के उलनार में आज संपन्न हुआ कार्यक्रम =अलनार में आयोजित पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के शिलान्यास कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र से क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज का नाम गायब होना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रति भाजपा सरकार की दुर्भावना और उपेक्षापूर्ण रवैये को दर्शाता है। योगेश बैज ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का काम कर रही है।

बैज ने कहा है कि एक निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, जो सीधे जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि है, उसे उसके ही क्षेत्र के विकास कार्यों के कार्यक्रम से अलग रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर कार्यक्रमों से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। यह जनादेश और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है। योगेश बैज ने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि विकास कार्य किसी एक दल की जागीर नहीं, बल्कि जनता के अधिकार हैं। यदि सरकार जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं करेगी तो जनता इसका जवाब आने वाले समय में अवश्य देगी।जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज ने संबंधित विभाग और प्रशासन से इस पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की मांग की है।

बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी के संरक्षण के लिए जिम्मेदारी से होगा प्रयास: शरद अवस्थी

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आईबीडीए के नव नियुक्त उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने समारोह पूर्वक संभाला पदभार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में किया पदभार ग्रहण

जगदलपुर इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण (आईबीडीए) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने आज सोमवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार टाऊन हॉल में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में पदभार ग्रहण किया। समारोह में बस्तर संभाग के भाजपा के पदाधिकारी कार्यकर्ता, समाज व विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पदभार ग्रहण समारोह में अपने संबोधन में इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्री अवस्थी ने कहा कि बस्तर अंचल की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी के संरक्षण का महति कार्य सभी के सहयोग से संपूर्ण जिम्मेदारी से पूर्ण करने प्रयास होगा। सिंचाई योजनाओं का धरातल पर कुशलता से क्रियान्वयन हो, जिसका अधिकाधिक लाभ हमारे बस्तर क्षेत्र के किसानों को मिले, इस हेतु योजनाबद्ध रूप से सार्थक पहल होगी।

अवस्थी ने बड़े दायित्व सौंपनें व विश्वास जताने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप का भी आभार माना।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव व मंत्री श्री कश्यप ने बस्तर बेसिन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष शरद अवस्थी को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके दीर्घ अनुभव का लाभ बस्तर व बस्तर वासियों को मिलेगा। पदभार ग्रहण समारोह में प्रमुख रूप से सांसद महेश कश्यप, विधायक विनायक गोयल, चैतराम अट्टामी, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, ब्रेवरेज कार्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छग अजजा आयोग अध्यक्ष रुप सिंह मंडावी, डॉ. सुभाऊ कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय, पूर्व विधायक संतोष बाफना, बैदूराम कश्यप, लच्छूराम कश्यप, सुधीर पांडेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, संतोष गुप्ता, धनीराम बारसे, विद्याशरण तिवारी, योगेंद्र पाण्डेय आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता, समाज प्रमुख, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

किसान अवतार में नजर आए विधायक विक्रम मंडावी, डीजल के लिए थामी ट्रैक्टर की स्टेयरिंग

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खेती-किसानी सीजन में डीजल की भारी किल्लत

विधायक विक्रम मंडावी ने किसानों के साथ निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली

सरकार किसानों को उपलब्ध कराए पर्याप्त डीजल: विक्रम मंडावी

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर से अपराजेय योद्धा एवं कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी सोमवार को ठेठ किसान अवतार में नजर आए। बीजापुर जिले में डीजल की किल्लत के चलते खेती किसानी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके विरोध में आज सैकड़ों किसानों ने श्री मंडावी के नेतृत्व में बीजापुर में ट्रैक्टर रैली निकाली।विधायक श्री मंडावी स्वयं ट्रैक्टर चलाते हुए रैली में शामिल हुए।

मानसून की आमद के साथ ही खेती-किसानी के कार्य तेज होने वाले हैं, लेकिन बीजापुर जिले में डीजल की भारी कमी और लगातार बढ़ती कीमतों ने किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है। इस समस्या को लेकर सोमवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने सैकड़ों किसानों के साथ विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली और सरकार से तत्काल पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। रैली नैमेड़ स्थित नए बस स्टैंड से शुरू हुई। सैकड़ों ट्रैक्टरों की लंबी कतार में शामिल किसान नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। रैली विभिन्न डीजल पंपों के सामने से होकर गुजरी, जहां किसानों ने डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। अंत में रैली नए बस स्टैंड पर पहुंचकर सभा और धरना प्रदर्शन में परिवर्तित हो गई।किसानों ने बताया कि पंपों पर पहुंचने पर संचालक पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं दे रहे हैं। इससे खेती, किसानी के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लेते हैं।

खेती से जो आय होती है, उसी से कर्ज चुकाते हैं। लेकिन डीजल ही नहीं मिलेगा तो खेती कैसे करेंगे और फसल कैसे बोएंगे? किसानों का यह भी आरोप है कि सरकार एक तरफ डीजल की सप्लाई नहीं कर रही, वहीं दूसरी ओर कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है। रैली में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि मानसून दस्तक रहा है। किसानों को खेती-किसानी की तैयारियां करनी हैं, लेकिन अभी तक वे डीजल के लिए धक्के खा रहे हैं। सरकार को बिना किसी परेशानी के किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराना चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति बनी रही तो किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही विधायक विक्रम मंडावी ने किसानों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के पेट्रोल पंपों में डीजल की भारी किल्लत है। लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं ।

और किसान खरीफ फसल की जोताई-बुआई नहीं कर पा रहे हैं। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराए जाने, किसानों के ट्रैक्टरों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल देने। आवश्यकता अनुसार किसानों को ड्रमों में भी डीजल उपलब्ध कराने के साथ ही कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, आवापल्ली, बासागुड़ा एवं मद्देड क्षेत्रों में नए पेट्रोल पंप खोलने की भी मांग की गई है। यह भी बताया गया है कि वर्तमान में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज नहीं मिल रहे हैं। इसलिए इनकी भी तत्काल व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुखता से की गई है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, जिला पंचायत सदस्य लच्छू राम मौर्य, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, सोमरू राम कश्यप, दशरत कुंजाम, ज्योति कुमार, नकुल ठाकुर, पुरुषोत्तम सल्लूर, सुनील उद्दे, पुरुषोत्तम खत्री, केजी सत्यम, रमेश यालम, मंगल राना, सोनू पोटाम, शंकर जुमड़े, मनोज यालम, मनोज अवलम, गीता कमल, बबीता झाड़ी, वीरेंद्र ठाकुर, शैलेश मंडावी, महेश हेमला, एजाज़ सिद्दीकी, विजय पाल शाह मंडावी, अखिलेश उप्पल, रतन कश्यप, लक्ष्मण कड़ती, लक्ष्मण कुरसम और जगदेव यादव सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बस्तर के शिक्षा मॉडल ने रच दिया नया इतिहास, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए 177 विद्यार्थी चयनित

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बस्तर के होनहार बच्चों की शिक्षा में बड़ी छलांग

राज्य के सभी विकासखंडों को पीछे छोड़ दिया बकावंड ने

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले ने राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में सफलता की ऎसी शानदार और अभूतपूर्व इबारत लिखी है, जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के कुशल मार्गदर्शन व सटीक रणनीति की बदौलत बस्तर ने इस परीक्षा में पूरे राज्य में तीसरी रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया है। यह सफलता इसलिए बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली है क्योंकि पिछले वर्ष पूरे जिले से मात्र दो बच्चों को ही इस छात्रवृत्ति का लाभ मिल पाया था, जबकि इस वर्ष प्रशासन और शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से यह आंकड़ा लगभग 90 गुना बढ़कर सीधे 177 बच्चों तक पहुंच गया है।

इस परीक्षा में सफल होने वाले बस्तर के इन सभी 177 होनहार ग्रामीण और जरूरतमंद बच्चों को अब आगे की पढ़ाई के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। इसके तहत उन्हें कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक एक हजार रुपए प्रतिमाह यानि 12 हजार रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जो उनकी उच्च शिक्षा की राह को आसान बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। जिले के भीतर ब्लॉक स्तर पर भी मुकाबला बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा, जिसमें बकावंड ब्लॉक ने अकेले 130 बच्चों के चयन के साथ न केवल जिले में बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। वहीं दूसरी ओर लोहंडीगुड़ा ब्लॉक से भी 37 बच्चों ने सफलता का परचम लहराया है। इस बड़ी छलांग के पीछे प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी और शिक्षकों की दिन-रात की अथक मेहनत छिपी हुई है। कलेक्टर श्री छिकारा के विशेष निर्देश पर बच्चों को मुख्य परीक्षा के माहौल में ढालने के लिए ठीक असली पैटर्न पर 5 बार ओएमआर शीट आधारित मॉक टेस्ट आयोजित किए गए, जिसमें 90 मिनट के समय का कड़ा पालन सुनिश्चित किया गया और इसका अंतिम अभ्यास 22 अप्रैल को संपन्न हुआ था। इन मॉक टेस्ट के सफल संचालन के लिए जिले के लगभग सभी हाई स्कूलों को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसके साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि वे पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्रों को मात्र 10 दिनों के भीतर हल करवाएं, जिसके तहत प्रतिदिन 40 प्रश्नों का अभ्यास कार्य कराया जाता था। अधिकारियों का स्पष्ट मानना था कि बच्चों को केवल उत्तर न रटवाया जाए, बल्कि उत्तर कैसे और कहां से आ रहा है, इसकी पूरी गहराई समझाई जाए। इस तैयारी के चक्रव्यूह को और मजबूत करने के लिए बकावंड, तोकापाल और लोहंडीगुड़ा जैसे ब्लॉकों में 33 से 44 स्कूलों के बच्चों को एक जगह एकत्रित कर विशेष ग्रुप ट्रेनिंग दी गई, जिसमें ‘ओपन लिंक फाउंडेशन’ के ‘विनोबा एप’ के सहयोग से तैयार बेहतरीन प्रश्न पत्रों का भी सहारा लिया गया। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के फलस्वरूप विगत महीने आयोजित मुख्य परीक्षा में जिले के बच्चों ने कमाल कर दिखाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बस्तर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी चयनित छात्र-छात्राओं, उनके गौरवान्वित अभिभावकों और दिनरात एक करने वाले शिक्षकों को बधाई दी है।

समन्वित प्रयासों का सुफल: बघेल

इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल का कहना है कि कलेक्टर छिकारा और जिला पंचायत सीईओ जैन के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत जो विशेष कार्ययोजना बनाई गई थी, शिक्षा विभाग के मैदानी अमले के कड़े परिश्रम से आज वह पूरी तरह रंग लाई है। बघेल ने कहा कि बस्तर के इस शिक्षा मॉडल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में किए गए प्रयासों से हर बाधा को पार किया जा सकता है।

बकावंड का बढ़ा मान: यादव

राष्ट्रीय साधन सह छात्रवृत्ति परीक्षा में अकेले बकावंड विकासखंड के 130 बच्चों के सफल होने से बकावंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव विशेष रूप से आल्हादित हैं। पूरे राज्य के विकासखंडों में बकावंड विकासखंड के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रतिक्रिया देते हुए बीईओ चंद्रशेखर यादव ने कहा कि हमारे होनहार और लगनशील बच्चों ने पूरे विकासखंड का भाल दमका दिया है। कलेक्टर छिकारा, जिला पंचायत सीईओ जैन, जिला शिक्षा अधिकारी बघेल, बकावंड एसडीएम वर्मा के कुशल मार्गदर्शन और शिक्षक शिक्षिकाओं की शिक्षा के प्रति समर्पण भावना से हमें यह बड़ी कामयाबी मिली है। यादव ने इस उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों और उनके पालकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्री यादव ने प्रतिबद्धता जताई कि अगली बार एजुकेशन टीम बकावंड और भी बेहतर परफार्मेंस दिखाएगी।

बच्चों के सर्वांगीण विकास को दें प्राथमिकता: किरण देव

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक देव ने किया बाल गृह का निरीक्षण

जगदलपुर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने मंगलवार को वृंदावन कॉलोनी स्थित शासकीय बालक बालगृह का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां निवासरत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल, सुरक्षा व उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री देव ने बच्चों की पोषण व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, शैक्षणिक गतिविधियों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी जरूरतों को समझा और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।विधायक ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल पूरी संवेदनशीलता के साथ होनी चाहिए।

इन संस्थानों में बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधीक्षक एवं कर्मचारियों को सेवा और देखभाल के प्रति अधिक सक्रिय रहने को कहा।इस दौरान विधायक किरण सिंह देव ने अपने प्रयासों से निर्मित छत्तीसगढ़ के प्रथम मॉडल बाल गृह एवं बाल कल्याण समिति कार्यालय के उन्नयन कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि मॉडल बाल गृह के विकास का यह प्रथम चरण है। आने वाले समय में बच्चों के लिए आवासीय, शैक्षणिक व अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।बाल कल्याण समिति बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही, समिति सदस्यों तथा बालगृह के प्रभारी अधीक्षक मनोजकांत जोशी व कर्मचारियों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया।निरीक्षण के समय समिति अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही, सदस्य वर्षा श्रीवास्तव, धनेश्वरी वर्मा, रामकृष्ण ठाकुर, अधीक्षक मनोजकांत जोशी, रंजीता जोशी, पलक साव सहित स्टाफ व बच्चे उपस्थित थे।

13 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होंगे दल्ली राजहरा नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी

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नवनियुक्त कर्मचारी अधिकारी कल्याण संघ नगरीय निकाय छत्तीसगढ़ के आहवान पर नगर पालिका दल्ली राजहरा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 13 जुलाई से रायपुर के तूता में शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होने की घोषणा कर दी है lइस संबंध में कर्मचारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीमा बक्शी को ज्ञापन सूचना पत्र सौंपते हुए आंदोलन में शामिल होने की जानकारी दीl नगरीय निकाय कर्मचारियों की पांच लंबित मांग प्रति माह 1तारीख को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान, ओल्ड पेंशन लागू करने के संबंध में, पदोन्नति तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के लिए नया सेटअप स्वीकृत हो,सातवां वेतनमान का एरियस लंबित राशि का तुरंत भुगतान हो एवं एनपीएस जीएफ की कटौती राशि खातों में तुरंत जमा हो आदि मांगों को लेकर प्रदेश में प्रस्तावित आंदोलन को नगर पालिका दल्ली राजहरा नगरीय निकाय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद साहू, स्थानीय अध्यक्ष पंकज चंद्राकर एवं महामंत्री सुनील ताराम के नेतृत्व में बड़ा समर्थन मिला हैl जिला अध्यक्ष गोविंद साहू ने बताया कि कर्मचारीयों की पांच सूत्रीय मांग लंबे समय से लंबित है लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है इसके विरोध में प्रदेश भर के नगरीय निकाय कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हुए हैंl संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी,प्रदेश सचिव ऋषभ ठाकुर के नेतृत्व में संचालित इस आंदोलन में जिले के सभी नगरीय निकाय अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगेl कर्मचारियों ने प्रशासन से आंदोलन में शामिल होने के लिए मुख्यालय छोड़ने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया हैl कर्मचारी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा ऐसे में हड़ताल का सीधा असर नगरीय निकायों की दैनिक कार्य प्रणाली और नागरिक सुविधाओं पर पड़ सकता है सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, राजस्व कार्य और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होगीl मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीमा बक्शी को ज्ञापन देने गोविंद राम साहू, पंकज चंद्राकर, सुनील तारम रामगोपाल चंद्राकर, मनोज साहू, इंद्र यादव, धनसाय ठाकुर, निर्भय राम नरेटी, सुशील टंडन, अब्दुल कलीम, धरमू बक्शी, चित कुमार कुर्रे, परदेसी राम, नारायण सिंह मौजूद रहेl

योग दिवस पर जनजातीय गौरव वाटिका में किया योग, रोपे पौधे

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विधायक किरण देव और महापौर संजय पांडे नेरोपे स्टेडियम में पौधे

जगदलपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बस्तर वन मंडल जगदलपुर द्वारा जनजातीय गौरव वाटिका, कुम्हड़ाकोट जगदलपुर में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।योग शिविर का शुभारंभ नारी शक्ति द्वारा मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

योग प्रशिक्षिका अंजलि अवस्थी के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। सुश्री अवस्थी ने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि योग तनाव को कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव तथा महापौर संजय पांडे द्वारा इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष, जामुन, आम एवं मौलश्री के पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार योग मानव जीवन को स्वस्थ एवं संतुलित बनाता है, उसी प्रकार वृक्ष पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।साथ ही उन्होंने योग के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति के शरीर, मन एवं आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करती है। नियमित योगाभ्यास से तनाव एवं चिंता में कमी आती है, एकाग्रता बढ़ती है तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। बस्तर वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि योग भारतीय संस्कृति की अनुपम देन है, जिसे आज संपूर्ण विश्व ने अपनाया है। यह शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।इस अवसर पर उप वनमंडलाधिकारी योगेश रात्रे, इंद्र प्रसाद बंजारे, बस्तर वनमंडल जगदलपुर के समस्त परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, परिसर रक्षक एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। बस्तर वन मंडल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ।

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