बालोद। जिले में लगातार हो रही डीजल चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बालोद पुलिस ने अंतर्राज्यीय डीजल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इससे पूर्व दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी एवं 6 वाहनों की जब्ती की जा चुकी है।गिरफ्तार आरोपियों में सोनू वाल्मिकी (35) निवासी ग्राम छापीहेड़ा, थाना सिटी कोतवाली, जिला शाजापुर (मध्यप्रदेश), गणेश साव (48) निवासी कैंप-1 शास्त्री नगर, थाना छावनी, भिलाई, जिला दुर्ग, अरुण फुलेरिया (22), राहुल चंदेल (28), राकेश चंदेल (22), होकम सिंह मालवी (50) एवं धरमराज फुलेरिया (19) निवासी ग्राम दुपाड़ा, थाना लालघाटी, जिला शाजापुर (मध्यप्रदेश), तुषार माली (29) निवासी ग्राम नरवल, जिला उज्जैन (मध्यप्रदेश) तथा वीरेन्द्र सिंह (39) निवासी हर्षित हार्मोनी कॉलोनी, गुमागांव, थाना उरला, जिला रायपुर शामिल हैं।

वहीं पूर्व में गिरफ्तार शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी (19) एवं देवेन्द्र विश्वकर्मा (25) निवासी शाजापुर (मध्यप्रदेश) को भी जेल भेजा जा चुका है।पुलिस के अनुसार 13 जून को नाकेबंदी के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का 490 लीटर डीजल, स्विफ्ट डिजायर, सूमो गोल्ड, स्कॉर्पियो वाहन एवं मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। फरार आरोपियों की तलाश के दौरान साइबर सेल एवं थाना बालोद की संयुक्त टीम ने रायपुर के उरला क्षेत्र में एक किराये के मकान में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बालोद जिले के लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा एवं कुम्हारी क्षेत्रों में खड़े ट्रक-बसों की डीजल टंकियों के ताले तोड़कर डीजल चोरी करते थे तथा उसे भिलाई निवासी गणेश साव के माध्यम से बेचते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश पासिंग की दो स्कॉर्पियो वाहन, एक टैंकर वाहन, तीन मोबाइल फोन, 37 प्लास्टिक गैलन तथा 40 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर एवं एसडीओपी बालोद बोनीफॉस एक्का के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य सहित थाना एवं साइबर सेल के अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








