करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम करमरी में बीती रात चोरों ने व्यापारी अवधेश यादव के घर घुसकर करीब 4 लाख रुपये नगद एवं 8 लाख रुपये मूल्य के जेवरातों पर हाथ साफ कर लिया | इसके अलावा चोर उसी घर से एक दुपहिया वाहन भी लेकर चले गए | सुबह होते ही इस घटना की जानकारी करपावंड थाने को देकर इसकी रिपोर्ट लिखाई गई | फ़िलहाल इस बड़ी चोरी के मामले को गंभीरता से लेकर करपावंड पुलिस पतासाजी में जुट गई है | विदित हो कि दो दिन पूर्व ही नलपावंड क्षेत्र में लाखों रुपये की चोरी की घटना होने की खबर सामने आई है | उड़ीसा के सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस प्रकार की घटना की बाहरी राज्य के शातिर चोर अंजाम दे रहे है | वहीँ इन सीमावर्ती क्षेत्र में व्यापित पुलिस बल नहीं होने से थाना के अधिकारियों को काम करने में काफी दिक्कत आ रही है |
जाति प्रमाण पत्र को लेकर बीईओ ने ली प्रधान अध्यापकों की बैठक, लक्ष्य के अनुरूप तय समय मे जाति प्रमाण पत्र बनाने का दिया निर्देश
जिला कलेक्टर रजत बंशल के निर्देश पर बस्तर विकास खण्ड के समस्त माध्यमिक शालाओ के प्रधान अध्यापकों की बैठक नव पदस्थ बीईओ मोतीराम कश्यप ने बीआरसी भवन बस्तर में ली उन्होंने निर्देश देते हुए सभी से निवेदन किया कि तय समय मे हम सभी पात्र अजजा, अजा, अन्य पिछड़ा वर्ग के बालक बालिकावो को जाति प्रमाण पत्र समय पर हम बनाकर देवे इसके लिए सभी मिलकर आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाए घर घर जाकर पालको से सम्पर्क कर इस कार्य को प्राथमिकता के साथ करने का निर्देश बीईओ ने दिया।

इस अवसर पर बीईओ मोतीराम कश्यप,बीआरसी राजेन्द्र सिंह ठाकुर,एबीईओ सुशील तिवारी, मध्यान्ह भोजन नोडल अधिकारी शैलेन्द्र तिवारी श्रीमती राममणि गोयल, धर्मेन्द्र आचार्य, मानसिंह कश्यप,के के ओझा, ज्ञानेंद्र आचार्य, गोबर्धन बघेल, रेमलाल बघेल, महेंद्र ठाकुर,शिवराम सिंह मौर्य, श्रीमती दीप्तिमनी नेताम, सहित समस्त प्रधान पाठक उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत कोलचुर पूजरिपारा सांस्कृतिक भवन में किशोरी बालिका दिवस का आयोजन किया गया
बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोलचुर पूजारीपारा में समस्त किशोरियो के बीच में उपस्थित रहे मितानिन कार्यकर्ता ग्राम संगठन के कार्यकर्ता आगनबाड़ी कार्यकर्ता बिहान मोचों मानगुन के कार्यकर्ता किशोरियो को किस तरह स्वक्छ एव अपने अपने जीवन में किस प्रकार बिकास लाना एव पढ़ाई लिखाई अपने आस पास साफ सफाई एव समस्त ग्राम में सफाई एव कम उम्र में शादी करने वालो एव गर्वबती शिशुवती आदि की जानकारी दी |
इस बालिका दिवस में शामिल हुये ग्राम पंचायत के पंच गण ने कहा कि ये जिमेदारी सिर्फ विभागीय लोगो की नहीं है इस जागरूकता में हम सभी को मिल कर कुपोषण एव कई प्रकार के कमियो को दूर करना चाहिए |
और साथ ही ग्राम विकास हेतु समस्त पंचायत बॉडी एव समस्त विभागों के साथ मिलकर एक रुपरेखा तैयार करने की बात कही | इस कार्यक्रम में महिला स्व सहायता के महियाए शामिल रहे
बस्तर बंधु के संपादक वरिष्ठ पत्रकार सुशील शर्मा को अदालत ने जमानत पर रिहा किया
जगदलपुर। कांकेर से प्रकाशित बस्तर बंधु के संपादक वरिष्ठ पत्रकार सुशील शर्मा को
मंगलवार को अदालत ने जमानत पर रिहा किया है। देर शाम सेंट्रल जेल के
सामने बड़ी संख्या मे स्थानीय पत्रकार उन्हें लेने पहुंचे थे।
ज्ञात हो कि समाचार प्रकाशन को लेकर बोधघाट थाने में उनके विरूद्ध किए गए शिकायत
पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उन्हें बीते आठ फरवरी को बोधघाट पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मंगलवार को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अच्छेलाल काछी के न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया गया। अदालत ने शिकायतकर्ता के विरूद्ध पेश किए गए साक्ष्यों के अवलोकन उपरांत उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संकल्प दुबे ने पैरवी की।
बस का कण्ट्रोल खोने से नर्सिंग छात्रों से भरी बस नहर में गिरी, अब तक 38 छात्रों के शव निकाले जा चुके
सीधी – मध्य प्रदेश के सीधी में मंगलवार को भयंकर सड़क हादसा हुआ है | यहां नर्सिंग छात्र-छात्राओं से भरी हुई एक बस नहर में जा गिरी, बस में करीब 50 लोग सवार थे | बस का कंट्रोल खोने के कारण ये हादसा हुआ | अभी तक 38 शवों को निकाला जा चुका है | NDRF-SDRF की टीमों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है | जिस दौरान ये भयावह हादसा हुआ | रास्ते पर जब सामने से बोलेरो गाड़ी आ रही थी तब ड्राइवर उसे साइड देने लगा और उसी दौरान बस का बैलेंस बिगड़ गया और ये भयावह हादसा हुआ | नर्सिंग का एग्जाम देने बस में सवार होकर स्टूडेंट सीधी से सतना जा रहे थे | घटना मंगलवार सुबह करीब 7|30 बजे की है, जब बेकाबू बस नहर में गिर पड़ी | हादसे के तुरंत बाद 7 लोग तो तैरकर बाहर आ गए, लेकिन बाकी फंसे रह गए |

पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख, मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी इस हादसे पर दुख जताया गया है | प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड की तरफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, साथ ही घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी एवं राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों के लिए पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही है |

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव के लिए हर संभव मदद पहुंचा रहा है |

निगम की पार्क में अघोषित पार्किंग, सामाजिक संगठन सहित व्यापारियों का कब्जा
जगदलपुर। नगर निगम क्षेत्र के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस वार्ड में बनाए गए फाउन्टेन पार्क पर एक दीगर सामाजिक संगठन द्वारा अघोषित पार्किंग बना दिया गया है जिसके खिलाफ वार्ड में तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है। नगर निगम क्षेत्र के जामा मस्जिद- महावीर धर्म शाला के सामने वार्डवासियों की मांग पर विगत दस वर्ष पूर्व पार्क हुआ करती तब यह इलाका प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी वार्ड हुआ करता था किंतु यह पार्क उपेक्षा के कारण जीर्ण-शीर्ण हो गया और धिरे-धिरे इसका अस्तित्व ही खत्म हो गया।
नगर पालिका की लापरवाही का फायदा यहां की सामाजिक संगठनों द्वारा उठाया जा रहा है जिसके द्वारा अघोषित रूप से पार्किंग स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा है जिसके कारण वार्डवासी निगम की लापरवाही पर जमकर नाराजगी देखी जा रही है।इसी तरह पार्क के स्थल पर व्यापारियों द्वारा भी लोडिंग-अनलोंड़िग का कार्य कर रहें हैं जिसके कारण जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस के कार्यकता पार्टी से त्रस्त है, नेता बयानबाजी में मस्त है :- आनंद झा
जगदलपुर:- एक बार फिर युवा मोर्चा की ओर से सोशल मीडिया जिला संयोजक आनंद झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए युवा कांग्रेस के ऊपर जमकर भड़ास निकाली है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष ने जिस प्रकार से शब्दो के जरिये पलटवार करते हुए नारायणपुर विधायक को आइना दिखाया था ,उसके बाद युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी , युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पर पलटवार किया गया था।
आनंद झा ने विज्ञप्ति में कहा है कि सस्ती लोकप्रियता पाने का होड़ युवा कांग्रेस में लगा हुआ रहता है, पहले युवा कांग्रेस अपने कार्यकताओ को तो सम्भाल नही पा रहे है,सिर्फ बयानबाजी में मस्त है।
छत्तीसगढ़ के किसानों को झूठा वादा करके सत्ता हासिल करने वाली सरकार अब उन किसानों की सुध नही ले रही है। किसान भाईयो के समर्थन में भाजपा संगठन उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है , साथ ही वर्तमान सरकार से उन्हें उनकी हक दिलाने में जुटी हुई है।
युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष बयान देने के अलावा अगर किसानो भाई को उनकी हक दिलाने का कार्य करते तो दोगलेबाज सरकार का ठप्पा नही लगता। अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के चक्कर मे उपाध्यक्ष अर्नगल बयानबाजी कर रहे है।
कांग्रेस पार्टी में कार्यकर्ताओं की ना पूछपरख के कारण कई कार्यकताओ के द्वारा पार्टी से इस्तीफे का दौर जारी है , लेकिन नारायणपुर विधायक अपने क्षेत्र के कार्यकताओ की पूछ परख करना छोड़कर बयानबाजी कर हिट होना चाहते है।
जो गलती जोगी सरकार में हुआ वह भूपेश सरकार में भी, शर्मा ने बाफना को अर्श से फर्श पर पहुंचाया, फिर एक शर्मा भाजपा को कर रहे मजबूत
जगदलपुर। मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण हुआ था और उस दौरान जोगी शासनकाल में बस्तर संभाग मुख्यालय में नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष संतोष बाफना को अर्श से फर्श तक पहुंचने में शर्मा सरनेम का बहुत ज्यादा रोल रहा जिससे पंद्रह वर्षों तक भाजपा बस्तर में मजबूत हुई। फिर वही गलती बस्तर के कर्णधारों द्वारा किया जा रहा है जिसमें एक शर्मा का नाम सबसे ऊपर है जिसके तहत् भाजपा से जुड़े शक्ति सिंह चौहान को बस्तर परिवहन संघ के चुनाव में उतारने की तैयारी की जा रही है जिसके कारण फिर भाजपा मजबूत होगी।
बीपीएस की हुई थी तालाबंदी
भारतीय जनता पार्टी शासनकाल में बस्तर परिवहन संघ को तालाबंदी किया जाता है,
शहर के एक युवक के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार किया
जगदलपुर – शहर में सट्टा खिलवाने वाले युवक पर की गई कार्यवाही। थाना कोतवाली जगदलपुर की सट्टे पर की गई कार्यवाही । सटोरिया रविन्द्र सेठिया पर की गई कार्यवाही। मौके पर रविन्द्र सेठिया से नगदी रकम कुल 3500/रूपये व 08 नग सट्टा पट्टी पर्ची व बरामद की गई।
दिनांक 15.02.2021 को थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत नयापारा जगदलपुर में लोंगो से रूपया पैसा लेकर सट्टा पट्टी लिखकर, अवैध रूप से धन अर्जित करने की सूचना प्राप्त हुई थी जिस पर पुलिस अधीक्षक महोदय, श्री दीपक झा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में थाना कोतवाली के सहा. उपनिरीक्षक नीलाम्बर नाग हमराह स्टाफ आर0क0 871 लंबोदर मौर्य, आर0क0 1093 रवि सरदार के टीम द्वारा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा, जहां पर उक्त हुलिये के व्यक्ति को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर, उक्त स्थान में लोगों से रूपये पैसे लेकर सट्टा पट्टी लिख कर, जुआ खेलाना एवं अवैध तरीके से धन अर्जित कर रकम प्राप्त करना स्वीकार किया एवं अपना नाम रविन्द्र सेठिया पिता स्व0 नीलाम्बर सेठिया उम्र 42 साल निवासी गीदम नाका बस्तर परिवहन संघ के पीछे जगदलपुर का होना बताया। जिसे मौके पर उक्त सटोरिया के कब्जे से नगदी रकम 3500/-रूपये एवं 08 नग सट्टा पट्टी पर्ची बरामद किया गया है। आरोपी के विरूद्ध धारा 4-क जुआ एक्ट के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार किया गया है।
अपनी किस्मत ही कुछ ऐसी थी कि दिल टूट गया….फूलोदेवी और दीपक के सवालों का जवाब है नगरनार स्टील प्लांट डी-मर्जर
जगदलपुर। अर्जुन झा
छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और बस्तर सांसद दीपक बैज द्वारा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण न होने देने की मांग की थी। उन्हें इसका जवाब इस प्लांट के डी-मर्जर के तौर पर मिला है। नगरनार स्टील प्लांट को निजी हाथों में देने का जो कुचक्र रचा गया है, उसका मजदूर संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। अब इस मामले में राजनीति गरमाएगी, यह बहुत स्वाभाविक है।
यहां इस तरह के मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जय प्लांट के निजीकरण की ओर बढ़ना ही था, तो सरकारी संस्थान के तौर पर उसे निर्मित और विकसित ही क्यों किया गया। आमतौर पर देखा गया है कि बस्तर की रतनगर्भा धरती पर उद्योग लगाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाता है और फिर निजी क्षेत्र के औद्योगिक संस्थान हाथ खींच लेते हैं ऐसी स्थिति में यदि सरकारी उपक्रम के माध्यम से किसी प्लांट को तैयार किया जाए। और आगे चलकर उसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी हो जाए तो इसका आखिर क्या अर्थ है बस्तर में उद्योग लगाने के लिए पिछली सरकार के समय टाटा ने जमीन का अधिग्रहण किया था वह अधिग्रहण काफी विवादित रहा लेकिन किसानों की जमीन अधिग्रहित करने के बाद वहां प्लाट नहीं लगाया गया और आखिरकार नई सरकार ने अपने वादे के मुताबिक किसानों को उनकी जमीन लौटा दी इसी तरह एस्सार ने भी माई केद्वार आने की घोषणा की थी लेकिन क्या इस तरह के संस्थान यहां आयाद हो सक? अब नगरनार स्टील प्लांट तैयार है और इस में कार्यरत लोग इसे संचालित करते हुए एक नया अध्याय लिखने तत्पर हैं तब नगरनार स्टील प्लांट के निजी करण का मार्ग खोजा गया है बल्कि खोला गया है तो स्पष्ट है कि सरकारी युनियाद पर खड़ी इमारत का इस्तेमाल निजी क्षेत्र के लोग करेंगे आशय यह कि एनएमडीसी द्वारा विकसित नगरनार स्टील प्लांट जनता की बजाय पूंजीपतियों की धरोहर बन जाएगा यदि निजीकरण को बढ़ावा देना है औद्योगिक संस्थानों को प्रोत्साहन देना है तो उन्हें संसाधन उपलब्ध करा कर सरकार उन्हें स्वतंत्र रूप से प्लांट लगाने में मदद कर सकती है लेकिन यह कौन सा तरीका है कि सरकारी उपक्रम के रूप में किसी प्लांट को तैयार किया जाए और उसके बाद वह निजी हाथों की शोभा बढ़ाए!
राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) द्वारा नगरनार स्टील प्लांट की आधारशिला रखा है और इसके लिए निस्प कंपनी बनाई गई तथा अब इसको एनएमडीसी से स्टील मंत्रालय पृथक कर रहा है जिसकी मोहर भी लग गई। इन सबके बीच जि एक बार आंदोलन की रूपरेखा एनएमडीसी मजदूर संगठनों द्वारा तय की जा रही है। बस्तर सांसद दीपक बैज द्वारा संसद में स्टील मंत्रालय से नगरनार स्टील प्लांट विनिवेशीकरण के संबंध में लोकसभा में धारा 377 के तहत 17 सितम्बर 2020 को प्रश्न लगाया गया था और इस्पात मंत्री ने लिखित में जवाब देने का वायदा किया था किंतु वह जवाब यस्तर सांसद दीपक बैज तक पहुंच भी नहीं पाया है
और डी-मर्जर को हरी झंडी मिल गई। सरकार के इस फैसले से मजदूर संगठन आंदोलित हैं। इसी प्रकार सांसद फूलों देवी नेताम ने भी पत्र लिखकर इस्पात मंत्रालय से जवाब मांगा है लेकिन जवाब मिलने से पहले ये फैसला आ गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के विकास के सपने दिखाते हुए कहा था कि नगरनार स्टील प्लांट से बस्तर के लोगों और बस्तर इलाके का विकास होगा यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा नगरनार स्टील प्लांट बस्तर विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा यहां तो उल्टा हो रहा है नौबत यह है कि नगरनार स्टील प्लांट पूंजीपतियों के विकास का राष्ट्रीय राजमार्ग बन पड़ा है। बड़े-बड़े उद्योगपति जाएं और एनएमडीसी द्वारा तैयार नगरनार संयंत्र का अपने तरीके से संचालन करें क्या यही सपना बस्तर और छत्तीसगढ़ ने देखा था? बस्तर की भोली-भाली जनता इतनी समझदार तो है कि उसे नगरनार स्टील प्लांट स्थापना के शुरुआती दौर में ही यह एहसास हो गया था कि आगे चलकर क्या होने वाला है शायद इसीलिए उस समय आशंकित लोगों ने इस प्लांट की स्थापना का विरोध किया था लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने तरह-तरह के भरोसे दिलाए थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने जिस तरह से नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना में रुचि दिखाई थी उससे ऐसा लग रहा था कि वाकई बस्तर विकास की दिशा में कुछ किया जा रहा है लेकिन अब जो हालात सामने आए हैं।
वह बस्तर के विकास की संभावनाओं के अनुकूल जान नहीं पड़ते बेहतर होगा कि अगर निजीकरण को बढ़ावा देना है तो निजी क्षेत्रा अपने प्लांट खुद विकसित करें और जनता के धन पर जो प्लाट विकसित हुए हैं उन्हें पनपने का पर्याप्त मौका दिया जाए अन्यथा ऐसे में देश के तमाम सरकारी नियंत्रण वाले औद्योगिक संस्थान निजी हाथों में चले जाएंगे और तब इन संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य पूरी तरह भटक कर रह जाएगा साथ ही जो दुष्परिणाम भोगने होंगे यह तो सरकारी नीतियों के चलते मूल के साथ व्याज के तौर पर सामने आना ही है |


