बालोद:छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप सामने आया है। 50 वर्षीय महिला की शिकायत पर बालोद थाना पुलिस ने प्राथमिक शाला औराभाठा में पदस्थ सहायक शिक्षक रज्जू महिलांग (43) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर करीब 8 वर्षों तक शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 69 व 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
बिल फर्जी, काम फर्जी, हस्ताक्षर फर्जी और रोकड़ा असली
भाई के नाम पर फर्जी फर्म खड़ा कर सरकारी धन लूट रहे हैं पंचायत सचिव
ग्राम पंचायत जुनवानी और तुंगापाल के बाद छोटे जीराखाल में भी बड़ा खेल
अर्जुन झा
बकावंड।काम फर्जी, बिल फर्जी, हस्ताक्षर फर्जी, मटेरियल कहीं पहुंचा नहीं, मगर शासन के असली लाखों रुपए निकाल लिए जा रहे हैं। ऐसा गजब खेल विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायतों में सचिवों और सरपंचों द्वारा किया जा रहा।सरकारी धन को लूटने के में सचिव कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। काम करवाए बिना फर्जी फर्मों को भुगतान दर्शा कर लाखों रुपए हड़पने का खेल ग्राम पंचायतों में धड़ल्ले से चल रहा है।

ऐसे मामले कुछ दिनों पहले विकासखंड की ग्राम पंचायत जुनवानी और तुंगापाल से सामने आए थे और अब ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल में भी ऐसा ही बड़ा खेल कर दिया गया है। जहां सचिव ने अपने भाई के नाम पर फर्जी भुगतान का बिल तैयार कर 67 हजार रुपए डकार लिए हैं। तथाकथित फर्जी फर्म से सामग्री आपूर्ति के जो दो बिल पेश किए गए हैं, उनमें सचिव और सरपंच के हस्ताक्षर भी मेल नहीं खा रहे हैं। बकावंड विकासखंड में सरकार के सुशासन को दागदार करते हुए सचिव अपने ही खास लोगों के खाते में फर्जी कार्यों के नाम से सरकारी खजाने से राशि आहरण कर डलवा रहे हैं। ये सचिव इतने उद्दंड है कि बिना किसी भय के सरकारी धन का आहरण करते हैं।आरोप है कि तुंगपाल और जुनवानी ग्राम पंचायतों में यही सचिव हैंडपंप मरम्मत पाईप लाइन मरम्मत, मुरुम बिछाई, कैसिंग पाईप व राइजिंग पाईप खरीदी आदि के नाम पर फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये निकाल चुके हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि हैंडपंप मरम्मत के नाम पर मां दंतेश्वरी कृषि केंद्र के संचालक अनुराग झा को ग्राम पंचायत के 45 हजार 800 रुपए का भुगतान दर्शाया गया है। सोचने वाली बात यह है कि एक कृषि केंद्र संचालक तो खाद, बीज, कीटनाशक आदि बेचने का काम करता है, फिर भला वह हैडपंप की मरम्मत कैसे करता होगा? फर्जी बिलों और पैसों के गबन के सबूत बिल वाउचर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत सचिव ने अपने भाई पारस नाथ पटेल के नाम से फर्जी बिल बुक छपवा रखी है। सचिव इसी बिल बुक को मरम्मत, सामान खरीदी के फर्जी बिल तैयार कर शासकीय रकम निकालने का जरिया बना लिया है। हैंडपंप की कभी मरम्मत नहीं कराई गई और इस मद पर कृषि सेवा केंद्र संचालक को 45 हजार 800 रुपए का फर्जी भुगतान दिखाया गया है।

छोटे जीराखाल का मामला
छोटे जीराखाल ग्राम पंचायत में नाली निर्माण के नाम पर 67 हजार रुपए के वारे न्यारे कर दिए गए हैं। ग्राम पंचायत तुंगापाल के सचिव दीनानाथ पटेल के भाई पारसनाथ पटेल के तथाकथित फर्म के जो बिल जीराखाल पंचायत में शो किए गए हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। दोनों बिल कुल 67 हजार रुपए के हैं। ये बिल सीमेंट, मुरुम, रेत और बजरी के हैं। दीनानाथ पटेल ग्राम पंचायत तुंगापाल के सचिव हैं और उन्होंने अन्य पंचायतों के सचिवों से भी सांठगांठ कर रखी है। कई पंचायतों में पारस नाथ पटेल के फर्म के बिल का इस्तेमाल किया जा रहा है। दीनानाथ पटेल बिल बनाकर दूसरे पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराते हैं। ये सभी सचिव जनपद सीईओ के खास हैं। इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
वर्सन
दोषियों पर होगी कार्रवाई
बिना काम कराए पंचायत की रकम निकालने और फर्जी बिल प्रस्तुत करने का मामला गंभीर है। तुरंत जांच करवा कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करूंगा।
भाजपा सरकार की पहल से अस्पतालों में परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह…मनीष पारख
अस्पतालों में विश्राम गृह परियोजना के लिए मनीष पारख ने सरकार का माना आभार
नववर्ष के पहले दिन राज्य के महत्वपूर्ण शहर रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ व जगदलपुर में स्थापित मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल परिसर के अंदर ही मरीजों के साथ आने वाले उनके परिजनों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह बनाए जाने की फैसले को भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने बेहतरीन एवं सर्वर्स्पशी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री सहित लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, तकनीकि शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, कमिश्नर रितेश अग्रवाल व सेवादान संस्था के सदस्यों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है।मनीष पारख ने अपने आभार पत्र में कहा है कि, आदिवासी अंचल बस्तर (जगदलपुर) में स्थापित मेडिकल कॉलेज में नारायणपुर, कोण्डागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं सीमावर्ती राज्य उड़ीसा से काफी संख्या में मरीज अपना ईलाज कराने यहॉ आते हैं परंतु अस्पताल परिसर के आस-पास विश्राम गृह की व्यवस्था न होने से मरीज के लंबे ईलाज के कारण परिजन आर्थिक परेशानी झेलते हैं। किन्तु इस फैसले से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक परिजन अस्पताल के हॉल में या खुली जगह पर उन्हें रात गुजारनी पड़ती है अथवा अस्पताल से दूर स्थित लॉज, हॉटल में रूकने के लिए मजबूरन महंगे दरों पर कमरा लेने को विवश होना पड़ता है। लेकिन भाजपा सरकार के जनहितैषी फैसले से परिजनों को ठहरने की सुविधा के साथ अब भोजन, बिस्तर, स्वच्छ शौचालय व दवाईयों के लिए अस्पताल से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एवं सभी जरूरी सुविधाएं परिसर के अंदर ही मिल सकेंगी। और अगले कुछ महीनों में चालू होने वाली इस परियोजना से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को काफी राहत मिलेगी।मनीष पारख ने भाजपा सरकार की इस परियोजना पर अपना विश्वास व्यक्त करते हुए आगे कहा है कि, छ.ग. चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जनता के प्रति छत्तीसगढ़ की भाजपा की सरकार न केवल प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भाजपा सरकार का यह फैसला मिल का पत्थर भी साबित होगा। तथा राज्य के चुनिंदा मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों में शुरू होने वाली परियोजना राज्य के अन्य जिलों में स्थापित अस्पतालों में भी इसके विस्तार को लेकर भी उन्होंने अपनी आशा व्यक्त की है।
संघर्ष से नहीं, अब सृजन से अपनी पहचान बना रहा है बस्तर: विष्णु देव साय
बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम का लोगो और थीम सॉन्ग लांच
भव्य समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किया विमोचन
जगदलपुर बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोक परंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन इस साल भी भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो, थीम गीत का विमोचन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री एवं जिला दंतेवाड़ा के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, वन मंडलाधिकारी जाधव सागर एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है। आज मां दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहां बस्तर पंडुम-2026 का “लोगो” और “थीम गीत” का विमोचन किया है। बस्तर पंडुम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक-परंपराओं, कला और विरासत का मंच है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुडि़यों के जरिए इन परम्पराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले साल हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी, तब समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस बार हम राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री समेत भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर हमारे बस्तरवासियों का जोश, उत्साह खूब देखने को मिला। इस बार हम इसे और भव्य बना रहे हैं ताकि यहां की धरोहर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बना पाएं।इस बार बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धा में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 की गई है। इसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति तो होगी ही, इसके साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं, शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बस्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा। उन्होंने बस्तरवासियों और सभी कलाकार भाई-बहनों से आग्रह है कि अपनी कला से बस्तर को गौरवान्वित करें, अधिक-से-अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लें। बस्तर पंडुम आपका उत्सव है, इसे मिलकर सफल बनाएं। मां दंतेश्वरी की कृपा से यह उत्सव सफल हो, बस्तर समृद्ध और शांत हो। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंडुम का मतलब होता है पर्व, बस्तर में खुशियों को बढ़ाने के लिए समय समय पर विभिन्न पर्व (पंडुम) मनाते हैं। किसी भी पर्व की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करने की परंपरा है, इसी तारतम्य में बस्तर पंडुम की शुरुआत मां दंतेश्वरी के मंदिर परिसर से किया जा रहा है। बस्तर, समृद्ध संस्कृति से भरापूरा है, बस्तर क्षेत्र में निवास करने वाले जनजातियों की कला, शिल्प, नृत्य संगीत, खानपान को समाहित कर इसको विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। पचास सालों का बस्तर बदल रहा है बस्तर में शांति का प्रयास अब सफल हो रहा है मार्च 2026 तक लाल आंतक समाप्त होकर रहेगा। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर की कला, संस्कृति, परंपरा गर्व का विषय है। इस समृद्ध संस्कृति और पहचान को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास बस्तर पंडुम के माध्यम से किया जा रहा है। पौराणिक काल में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र में समय गुजारा है। ऐसे क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने की पहल सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्रदेश का ऐसा क्षेत्र है जो यहां बस गया वह तर गया। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत वाली विधाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम का आयोजन सरकार द्वारा लगातार दूसरे वर्ष कर रही है। इस वर्ष बारह विधाओं में प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री ने मंदिर प्रांगण में ही संभाग के वरिष्ठ मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम को बस्तर सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटमी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बस्तर के पारपंरिक नेतृत्व कर्ता मांझी और समाज प्रमुखों ने भी बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए सरकार का आभार जताया। *बॉक्स**10 जनवरी से शुरू होगा उत्सव*ज्ञात हो कि बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी से 5 फरवरी तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 2 से 6फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं। इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारियों, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारियों, चिकित्सकों, अभियंताओं, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया। प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य, गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों की 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगर पालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।
यूरोलॉजिकल रोगों की समय पर जांच है ज़रूरी: डॉ. तुषार दानी
दल्लीराजहरा।यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। बार-बार पेशाब आना, पेशाब में दर्द या जलन, गुर्दे की पथरी, प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं एवं अन्य मूत्र रोग यदि समय रहते पहचान लिए जाएं तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्ट एवं कंसल्टेंट यूरो-सर्जन डॉ. तुषार दानी ने बताया कि शुरुआती निदान और सही उपचार से रोगी सामान्य व स्वस्थ जीवन जी सकता है। वे उन्नत लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, गुर्दे की पथरी के आधुनिक उपचार तथा प्रोस्टेट संबंधी रोगों के विशेषज्ञ हैं।डॉ. तुषार दानी Pushpa Multi-Speciality Hospital, डल्लीराजहरा में हर महीने पहले शनिवार को उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के मूत्र संबंधी लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लें।अधिक जानकारी एवं अपॉइंटमेंट के लिए अस्पताल से संपर्क किया जा सकता है।
दुर्ग से दल्ली राजहरा आ रही ट्रेन से गिरने पर युवक की मौत गुण्डरदेही के पास मिला शव
बालोद जिले के गुण्डरदेही क्षेत्र में दुर्ग से दल्ली राजहरा की ओर आ रही ट्रेन से गिरने के कारण एक युवक की मौत हो गई। युवक का शव रेलवे ट्रैक के आसपास मिला, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक युवक की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई है। युवक की शिनाख्त कराने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा उसका फोटो जारी किया गया है और आसपास के थाना क्षेत्रों सहित अन्य माध्यमों से पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पहचान नहीं हो सकी है।पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। यदि कोई व्यक्ति युवक को पहचानता हो या उससे संबंधित कोई जानकारी रखता हो, तो उसके परिजनों अथवा नजदीकी पुलिस थाना में सूचना देने की अपील की गई है।संपर्क नंबर : 9479192047

डौंडी थाना क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, दो बाइकों की टक्कर में दो की मौत, दो गंभीर
डौंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घोठिया के समीप शुक्रवार को दो मोटरसाइकिलों की आपस में हुई जोरदार भिड़ंत में दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के पुर्जे सड़क पर बिखर गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य किया। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतकों की पहचान नागेश भुआर्य (पिता घनश्याम), उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम पल्लेकसा धोबनी एवं हेमलाल (पिता रमेश), उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम मड़ियाकट्टा के रूप में की गई है।पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

सुरक्षित यातायात एवं सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु आज राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का किया गया शुभारंभ
बालोद:- कलेक्टर, एसपी, नगर पालिका अध्यक्ष एवं पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम हुई कार्यक्रम में शामिल, सड़क सुरक्षा उपायों की दी जानकारी दोपहिया वाहन में सवार होकर अतिथियों ने दिया सड़क सुरक्षा का संदेश, जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर किया गया रवाना


बालोद, 01 जनवरी 2026 आम जनता को सुरक्षित यातायात का संदेश देनेे एवं सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु यातायात पुलिस जिला बालोद द्वारा आज राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी एवं पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम द्वारा मनुष्य के जीवन को अनमोल बनाते हुए स्वयं तथा अन्य सभी व्यक्तियों के जीवन की रक्षा के लिए सभी नागरिकों से अनिवार्य रूप से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने पुलिस जवानों के साथ हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहन में सवार होकर आम जनता को यातायात जागरूकता का संदेश दिया। समारोह में अतिथियों के द्वारा यातायात जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना भी किया गया।

इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री नूतन कंवर एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री देवांश राठौर एवं डाॅ. चित्रा वर्मा, यातायात निरीक्षक श्री रवि पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में महिला कमाण्डो एवं आम नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों एवं जिले वासियों को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए नये साल में यातायात नियमों का पालन करते हुए सड़क सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने हेतु संकल्प लेने को कहा। उन्होंने नये वर्ष में अपने नैतिक जिम्मेदारियों तथा यातायात नियमों का पालन जैसे नेक कार्यों की शुरूआत स्वयं से करने को कहा। उन्होंने नशापान से दूर रहने, वाहन चलाते वक्त अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने तथा सदैव यातायात नियमों का पालन करने के लिए हमारे नई पीढ़ी के बच्चों को भी प्रेरित करने की अपील की। श्रीमती मिश्रा ने यातायात विभाग के जवानों तथा संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं महिला कमाण्डों को स्कूल, काॅलेज तथा चैक-चैराहे एवं अन्य आवश्यक स्थानों में पहुँचकर आम जनता को सड़क सुरक्षा की उपाय की जानकारी देने को कहा।

इस अवसर पर कलेक्टर ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कमाण्डों की उपस्थिति पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल ने सड़क सुरक्षा माह के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों से नये वर्ष के अवसर पर यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वाहन चलाने की संकल्प लेने को कहा। उन्होंने नये वर्ष की शुरूआत सुरक्षित वाहन चलाने एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने जैसे अच्छी आदतों से करने की सीख भी दी। श्री पटेल ने सड़क सुरक्षा के अंतर्गत गुड समैरिटन के अंतर्गत दूसरों को मदद करने वाले व्यक्तियों के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नही प्रदान करने जैसे की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की। नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने नव वर्ष के पावन अवसर पर बालोद पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा माह जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने सड़क सुरक्षा के कार्य को आज के समय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रासंगिक बताया।

श्रीमती चैधरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्तियों की है। उन्होंने नशापान एवं तेज गति से वाहन ड्राइविंग को सड़क दुर्घटना का प्रमुख कारण बताते हुए इसकी रोकथाम हेतु सभी वर्गों के सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम ने जीवन को अत्यंत बहुमूल्य एवं महत्वपूर्ण बताते हुए प्रत्येक नागरिकों को स्वयं तथा अन्य सभी व्यक्तियों की सुरक्षा तथा वाहन का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा। श्रीमती शमशाद बेगम ने नशापान को सड़क दुर्घटना का प्रमुख कारण बताते हुए प्रत्येक नागरिकों को नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा माह के अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम की आयोजन की सराहना भी की। समारोह में अतिथियों के द्वारा सड़क सुरक्षा एवं गौवंश की रक्षा में बहुमूल्य योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं नगर पालिका अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने कार्यक्रम स्थल में बनाए गए सेल्फी पाईंट में सैल्फी लेकर यातायात जागरूकता का संदेश भी दिया।
सड़क किनारे खेत में आरक्षक का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिला
बालोद जिले के ग्राम टेकापार में सड़क किनारे स्थित एक खेत में आरक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ग्राम टेकापार निवासी आरक्षक लिकेश पटेल (उम्र लगभग 35 वर्ष) के रूप में हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक लिकेश पटेल मोहला–मानपुर में कांस्टेबल पद पर पदस्थ था। बताया जा रहा है कि वह करीब दो वर्षों से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहा था, जिसके चलते उसके विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की गई थी। कुछ समय पूर्व उसे पुलिस महानिदेशक कार्यालय से पुनः बहाल किया गया था, इसके बावजूद वह ड्यूटी पर नहीं जा रहा था।परिजनों के अनुसार मृतक कल शाम करीब 4 बजे घर से निकला था। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, जिस पर एक बार घंटी बजकर कॉल बंद हो गई। इसके बाद कोई संपर्क नहीं हो सका।सुबह कुछ ग्रामीणों द्वारा खेत में शव देखे जाने की सूचना परिजनों को दी गई, जिसके बाद घर के सदस्य करीब 11 बजे मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की। तत्पश्चात परिजनों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई।सूचना मिलने पर बालोद थाना पुलिस दोपहर करीब 1 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत हत्या है या आत्महत्या—फिलहाल मामला पूरी तरह संदिग्ध बना हुआ है।पुलिस द्वारा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ-साथ मृतक के पारिवारिक, व्यक्तिगत और विभागीय पक्षों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
दल्ली राजहरा में बीएसपी आवास में चोरी, अज्ञात चोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज
दल्लीराजहरा। नगर के बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र में चोरी की एक गंभीर घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने बीएसपी आवास क्रमांक 44B/1X, टाउनशिप दल्ली राजहरा को निशाना बनाते हुए सामन चोरी कर लिए। इस संबंध में मकान मालिक द्वारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ज्ञानेंद्र सिंह, पिता नवाब सिंह, निवासी बीएसपी आवास क्रमांक 44B/1X, दल्ली राजहरा, 30 दिसंबर 2025 को पारिवारिक कारणों से अपने घर में ताला लगाकर बाहर गया हुआ था।

इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मकान के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और अलमारी में रखे नकद रुपए एवं कीमती जेवरात चोरी कर लिए।31 दिसंबर 2025 को जब ज्ञानेंद्र सिंह वापस अपने घर लौटे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजा टूटा हुआ तथा घर के अंदर सामान अस्त-व्यस्त पाया। जांच करने पर अलमारी से नकदी व आभूषण गायब मिले। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस थाना पहुंचकर चोरी की घटना की सूचना दी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ की जा रही है तथा संदिग्धों की तलाश जारी है।बीएसपी टाउनशिप में हुई इस चोरी की घटना से क्षेत्र के रहवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने एवं शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।


