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इंसानों को उजाड़ कर बना रहे हैं चिड़ियाघर

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बार बार बेदखली का दंश झेलते आ रहे हैं ग्रामीण

जगदलपुर बस्तर के भानपुरी क्षेत्र के ग्राम खड़गा में 3-4 गांवों के ग्रामीण विस्थापन दर विस्थापन का दंश झेलते आ रहे हैं। पहले उन्हें कोसारटेड़ा बांध के नाम पर बेदखल किया गया, अब चिड़ियाघर बनाने के नाम पर बेदखल करने नोटिस थमा दिए गए हैं। बार बार की बेदखली से परेशान ग्रामीण धरना प्रदर्शन पर उतर आए हैं। उन्हें समर्थन देने आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप भी धरना स्थल पर पहुंचे। दीपक बैज ने कहा कि सरकार और प्रशासन ग्रामीणों की समस्याएं सहानुभूति पूर्वक सुनें और सकारात्मक हल निकालें।

कोसारटेड़ा बांध निर्माण खड़गा समेत आधा दर्जन गांव डूबान क्षेत्र में आने के कारण बेदखल कर दिए गए थे। ऊनके मकान और कृषि भूमि सब कुछ ले लिए गए। विस्थापित ग्रामीणों ने आसपास के गांवों में शरण ली। वहां किसी तरह मकान बनाए और वन भूमि पर खेती किसानी शुरू की। बाद में उन्हें कांग्रेस सरकार के दौरान वन भूमि के पट्टे भी दिए गए थे। अब सरकार बिना ग्रामीणों की सहमति के उनकी पट्टे वाली जमीन पर चिड़ियाघर बनाने का प्रोजेक्ट ला रही है। इससे ग्रामीणों के सामने जीविकोपार्जन का संकट खड़ा होने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण बेदखली की कोशिश से भयभीत हैं और विरोध पर उतर आए हैं। ग्रामीणों ने खड़गा में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि वे चिड़ियाघर निर्माण एवं पशु पक्षी संरक्षण के खिलाफ नहीं हैं। चिड़ियाघर का निर्माण ऎसी जगह करना चाहिए जहां पर्याप्त खाली शासकीय भूमि हो। हमारे पास वन भूमि के पट्टे हैं, हम अवैध ढंग से बसे हुए लोग नहीं हैं। सरकार और प्रशासन हमारे साथ जुल्म न करें।

घुसपैठिये नहीं हैं ये, न हो जुल्म: बैज

जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नारायणपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक चंदन कश्यप भी खड़गा गांव में धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया और कहा कि इंसाफ के लिए हर लड़ाई में पूरी कांग्रेस आपके साथ खड़ी है। प्रदेश के हर नागरिक को अन्याय से बचाना हमारा फर्ज है। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इन निरीह ग्रामीणों को पहले कोसारटेड़ा बांध के नाम पर खेत, खलिहान, गांव, घर से बेदखल कर दिया गया, अब पट्टे वाली जमीन से बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। जीवन की यह स्थिरता ग्रामीणों के लिए घातक साबित हो रही है, बार बार की बेदखली सरासर ज्यादती है। ऎसी ज्यादती किसी भी ग्रामीण के साथ नहीं होनी चाहिए। दीपक बैज ने कहा कि ये कोई घुसपैठिये नहीं हैं कि खदेड़ दिए जाएं, ये बस्तर के मूल निवासी हैं। यहां के जल, जंगल, जमीन पर इनका ही पहला हक है।. इन्हें इनके हक से वंचित करना उचित नहीं है।. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी इन ग्रामीणों के पास आएं, उनकी बातें सुनें और सार्थक समाधान निकालें।

आयरन ओर ट्रकों की तेज रफ्तार का कहर, खड़ी बस को पीछे से मारी टक्कर

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लिम्हाटोला में बड़ा सड़क हादसा, चार यात्री घायल; बायपास नहीं बनने से बढ़ रहा खतराबालोद : डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम लिम्हाटोला के पास बुधवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जब यात्रियों को उतारने के लिए सड़क किनारे खड़ी दादा ट्रेवल्स की बस क्रमांक सीजी 08 एम 4400 को पीछे से आ रही आयरन ओर परिवहन करने वाली तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार चार यात्री घायल हो गए, जबकि ट्रक चालक शंभू एवं बस के कंडक्टर हामिद खान को मामूली चोटें आई हैं। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के आगे खड़ी दो मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, हालांकि बाइक सवार समय रहते नीचे उतर जाने से सुरक्षित बच गए।घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाकर उपचार शुरू कराया, वहीं दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया गया। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह मार्ग लंबे समय से आयरन ओर परिवहन करने वाली भारी ट्रकों के कारण अत्यधिक दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इस मार्ग पर दर्जनों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की मौत और अनेक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तेज रफ्तार, अनियंत्रित ओवरटेकिंग और यातायात नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताई जा रही है।क्षेत्र में वाहनों और भारी परिवहन का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन वर्षों से लंबित बायपास रोड की मांग पर अब तक प्रशासन द्वारा ठोस पहल नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बायपास का निर्माण, भारी वाहनों की गति सीमा तय करना और ट्रकों के संचालन का समय निर्धारित नहीं किया गया, तो भविष्य में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है। नागरिकों ने प्रशासन से जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लेने की मांग की है।

तकनीकी दक्षता के साथ कदम बढ़े आत्मनिर्भरता की ओर

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30 युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, पीएम आवास निर्माण में मिलेगा रोजगार

बकावंड जनपद पंचायत बकावंड की ग्राम पंचायत करपावंड में मनरेगा के तहत कार्यरत अकुशल श्रमिकों के लिए प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से राजमिस्त्री का तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला प्रशासन की पहल पर करपावंड गांव के 30 युवा जो मनरेगा योजनांतर्गत वर्षभर में 60 दिवस कार्य कर चुके हैं, उन्हें हुनर से जोड़ने प्रशिक्षण प्रदान किया गया। राजमिस्त्री प्रशिक्षण में श्रमिकों को चिनाई, प्लास्टरिंग, समतलीकरण, सीमेंट–मोर्टार अनुपात, गुणवत्ता नियंत्रण तथा निर्माण संबंधी सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य श्रमिकों को अकुशल श्रम से कुशल श्रम की ओर उन्नत कर उनकी आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाना है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात ये श्रमिक अब कुशल राजमिस्त्री के रूप में कार्य कर नियमित आजीविका अर्जित कर सकेंगे। साथ ही क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बनने वाले आवासों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण में भी ये योगदान देंगे। कार्यशाला के अंतिम दिन समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागी श्रमिकों को प्रशिक्षण उपरांत प्रमाणपत्र वितरित किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

अवैध प्रार्थना सभाओं पर कार्यवाही की जगह हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही करने से धर्मांतरण ,मतांतरण का विरोध कम नहीं होगा :- विहिप बजरंग दल

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बालोद– अवैध प्रार्थना सभाओं को बंद कराए प्रशासन,शांति समिति की बैठक में हिंदू संगठन ने कहा धर्म बदलने वाले चर्च जाए घरों को चर्च न बनाए।बालोद :- गुण्डरदेही क्षेत्र में लगातार धर्मांतरण व मतांतरण करने वालों घरों में गैर कानूनी तरीके से अवैध प्रार्थना सभा संचालित करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने वाले बजरंग दल के जिला सह संयोजक स्वप्निल शर्मा,नगर संयोजक पंकज साहू,विजय ढीमर के ऊपर रनचिराई थाना प्रभारी के द्वारा 126,135 (3)170 धारा के तहत कार्यवाही करने को लेकर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल संगठन ने नाराजगी जताया है। व इस कार्यवाही को हिंदुत्व को लेकर कार्य करने वाले युवाओं को दबाने की कोशिश करार दिया है। गुण्डरदेही क्षेत्र के बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के नाम से एक नोटिस जारी किया गया है। व 20 तारीख को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होने कहा गया है। विहिप संगठन ने मामले को लेकर कहा कि गुण्डरदेही क्षेत्र के कई स्थानों पर मिशनरियों के द्वारा गलत तरीके से घरों में लोगों को इकठ्ठा कर अवैध प्रार्थना सभा का संचालन किया जा रहा वही हिंदू धर्म समाज को कमजोर करने बांटने की कोशिश किया जा रहा है। समाज की सूचना पर संगठन से जुड़े युवा पुलिस को सूचना देकर इसे बंद कराने का काम करते आ रहे हैं। वही सूचना पर पुलिस ने कई स्थानों पर कार्यवाही कर भिलाई दुर्ग सहित अन्य स्थानों से आए पास्टर की गिरफ्तारी भी की थी इसी प्रकार क्षेत्र के चराचार में भी इस प्रकार के कार्य संचालित हो रहे थे जिसकी सूचना पुलिस को देकर युवा मौके पर गए थे। उसी बात को लेकर अपराध दर्ज कर दिया गया है। जबकि मौके स्थल पर मौजूद पास्टर सतीश साहू के द्वारा हाल ही में हिंदू धर्म ग्रंथों व देवी देवताओं को लेकर अनर्गल टिप्पणी किया गया है। जिसके ऊपर आज तक कोई कार्यवाही नहीं किया गया है। हिंदूसंगठन पदाधिकारियों ने इस कार्यवाही में रनचिराई थाना प्रभारी पर मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया व कहा कि शांति के साथ कानून को सूचना देकर हिंदू धर्म विरोधी लोगों को पकड़वाने के चलते पुलिस ने यह कार्यवाही की है। जो गलत है। गुण्डरदेही क्षेत्र में पूर्व में स्थानीय पुलिस व प्रशासन ने मिशनरियों के गलत कार्यों को रोका व गिरफ्तार किया जिससे यह स्पष्ट हैं कि क्षेत्र में हिंदू विरोधी गतिविधियों का संचालन बड़े स्तर पर चल रहा है। बावजूद ऐसे कार्यों को बंद कराने की जगह युवाओं को टारगेट कर अपराध दर्ज करना सही नहीं।एक तरफ जिला प्रशासन शांति समिति की बैठक कर धर्मांतरण जैसे विषयों को लेकर शांति की पहल कर रहा वही दूसरी तरफ हिंदू संगठन के लोगों पर कार्यवाही करने की घटना से हिंदू समाज को उग्र करने का काम भी किया जा रहा है। जो सही नहीं है। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जिला बालोद के जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता, उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल,नीलेश श्रीवास्तव,ममता यदु, जिला मंत्री पोषण बनपेला, कोषाध्यक्ष राजेश सोनी,सह मंत्री मोनू सोनवानी,उमेश सेन, प्रेम शुक्ला, कैलाश साहू,जिला मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती सत्या साहू,पूजा जैन,जितेंद्र सहाड़ा,बजरंग दल जिला संयोजक प्रदीप मिनपाल, फागुराम सिन्हा,मुरली साहू,बोधन भट्ट, परस साहू सहित अन्य संगठन नेताओं ने पुलिस प्रशासन से पास्टर सतीश साहू को गिरफ्तार कर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।

शहीद अस्पताल के बाथरूम में नवजात शिशु का शव मिलने से मची सनसनी

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दल्लीराजहरा।नगर स्थित शहीद अस्पताल के बाथरूम में नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 12:30 बजे बाथरूम की सफाई के दौरान सफाई कर्मी ने नवजात शिशु का शव देखा।घटना की जानकारी तत्काल अस्पताल प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा थाना को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से पूछताछ की, लेकिन किसी भी मरीज द्वारा नवजात शिशु से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी जा सकी।पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद नगर पालिका के सहयोग से नवजात का कफन-दफन कराया। मित्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवजात शिशु लगभग 7 माह का बताया जा रहा है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात शिशु को किन परिस्थितियों में अस्पताल के बाथरूम में छोड़ा गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शादी का झांसा देकर 8 साल तक शोषण, मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया

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बालोद:छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप सामने आया है। 50 वर्षीय महिला की शिकायत पर बालोद थाना पुलिस ने प्राथमिक शाला औराभाठा में पदस्थ सहायक शिक्षक रज्जू महिलांग (43) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर करीब 8 वर्षों तक शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 69 व 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।

बिल फर्जी, काम फर्जी, हस्ताक्षर फर्जी और रोकड़ा असली

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भाई के नाम पर फर्जी फर्म खड़ा कर सरकारी धन लूट रहे हैं पंचायत सचिव

ग्राम पंचायत जुनवानी और तुंगापाल के बाद छोटे जीराखाल में भी बड़ा खेल

अर्जुन झा

बकावंड।काम फर्जी, बिल फर्जी, हस्ताक्षर फर्जी, मटेरियल कहीं पहुंचा नहीं, मगर शासन के असली लाखों रुपए निकाल लिए जा रहे हैं। ऐसा गजब खेल विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायतों में सचिवों और सरपंचों द्वारा किया जा रहा।सरकारी धन को लूटने के में सचिव कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। काम करवाए बिना फर्जी फर्मों को भुगतान दर्शा कर लाखों रुपए हड़पने का खेल ग्राम पंचायतों में धड़ल्ले से चल रहा है।

ऐसे मामले कुछ दिनों पहले विकासखंड की ग्राम पंचायत जुनवानी और तुंगापाल से सामने आए थे और अब ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल में भी ऐसा ही बड़ा खेल कर दिया गया है। जहां सचिव ने अपने भाई के नाम पर फर्जी भुगतान का बिल तैयार कर 67 हजार रुपए डकार लिए हैं। तथाकथित फर्जी फर्म से सामग्री आपूर्ति के जो दो बिल पेश किए गए हैं, उनमें सचिव और सरपंच के हस्ताक्षर भी मेल नहीं खा रहे हैं। बकावंड विकासखंड में सरकार के सुशासन को दागदार करते हुए सचिव अपने ही खास लोगों के खाते में फर्जी कार्यों के नाम से सरकारी खजाने से राशि आहरण कर डलवा रहे हैं। ये सचिव इतने उद्दंड है कि बिना किसी भय के सरकारी धन का आहरण करते हैं।आरोप है कि तुंगपाल और जुनवानी ग्राम पंचायतों में यही सचिव हैंडपंप मरम्मत पाईप लाइन मरम्मत, मुरुम बिछाई, कैसिंग पाईप व राइजिंग पाईप खरीदी आदि के नाम पर फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये निकाल चुके हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि हैंडपंप मरम्मत के नाम पर मां दंतेश्वरी कृषि केंद्र के संचालक अनुराग झा को ग्राम पंचायत के 45 हजार 800 रुपए का भुगतान दर्शाया गया है। सोचने वाली बात यह है कि एक कृषि केंद्र संचालक तो खाद, बीज, कीटनाशक आदि बेचने का काम करता है, फिर भला वह हैडपंप की मरम्मत कैसे करता होगा? फर्जी बिलों और पैसों के गबन के सबूत बिल वाउचर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत सचिव ने अपने भाई पारस नाथ पटेल के नाम से फर्जी बिल बुक छपवा रखी है। सचिव इसी बिल बुक को मरम्मत, सामान खरीदी के फर्जी बिल तैयार कर शासकीय रकम निकालने का जरिया बना लिया है। हैंडपंप की कभी मरम्मत नहीं कराई गई और इस मद पर कृषि सेवा केंद्र संचालक को 45 हजार 800 रुपए का फर्जी भुगतान दिखाया गया है।

छोटे जीराखाल का मामला

छोटे जीराखाल ग्राम पंचायत में नाली निर्माण के नाम पर 67 हजार रुपए के वारे न्यारे कर दिए गए हैं। ग्राम पंचायत तुंगापाल के सचिव दीनानाथ पटेल के भाई पारसनाथ पटेल के तथाकथित फर्म के जो बिल जीराखाल पंचायत में शो किए गए हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। दोनों बिल कुल 67 हजार रुपए के हैं। ये बिल सीमेंट, मुरुम, रेत और बजरी के हैं। दीनानाथ पटेल ग्राम पंचायत तुंगापाल के सचिव हैं और उन्होंने अन्य पंचायतों के सचिवों से भी सांठगांठ कर रखी है। कई पंचायतों में पारस नाथ पटेल के फर्म के बिल का इस्तेमाल किया जा रहा है। दीनानाथ पटेल बिल बनाकर दूसरे पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराते हैं। ये सभी सचिव जनपद सीईओ के खास हैं। इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

वर्सन

दोषियों पर होगी कार्रवाई

बिना काम कराए पंचायत की रकम निकालने और फर्जी बिल प्रस्तुत करने का मामला गंभीर है। तुरंत जांच करवा कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करूंगा।

भाजपा सरकार की पहल से अस्पतालों में परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह…मनीष पारख

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अस्पतालों में विश्राम गृह परियोजना के लिए मनीष पारख ने सरकार का माना आभार

नववर्ष के पहले दिन राज्य के महत्वपूर्ण शहर रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ व जगदलपुर में स्थापित मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल परिसर के अंदर ही मरीजों के साथ आने वाले उनके परिजनों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह बनाए जाने की फैसले को भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष पारख ने बेहतरीन एवं सर्वर्स्पशी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री सहित लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, तकनीकि शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, कमिश्नर रितेश अग्रवाल व सेवादान संस्था के सदस्यों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है।मनीष पारख ने अपने आभार पत्र में कहा है कि, आदिवासी अंचल बस्तर (जगदलपुर) में स्थापित मेडिकल कॉलेज में नारायणपुर, कोण्डागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं सीमावर्ती राज्य उड़ीसा से काफी संख्या में मरीज अपना ईलाज कराने यहॉ आते हैं परंतु अस्पताल परिसर के आस-पास विश्राम गृह की व्यवस्था न होने से मरीज के लंबे ईलाज के कारण परिजन आर्थिक परेशानी झेलते हैं। किन्तु इस फैसले से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक परिजन अस्पताल के हॉल में या खुली जगह पर उन्हें रात गुजारनी पड़ती है अथवा अस्पताल से दूर स्थित लॉज, हॉटल में रूकने के लिए मजबूरन महंगे दरों पर कमरा लेने को विवश होना पड़ता है। लेकिन भाजपा सरकार के जनहितैषी फैसले से परिजनों को ठहरने की सुविधा के साथ अब भोजन, बिस्तर, स्वच्छ शौचालय व दवाईयों के लिए अस्पताल से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एवं सभी जरूरी सुविधाएं परिसर के अंदर ही मिल सकेंगी। और अगले कुछ महीनों में चालू होने वाली इस परियोजना से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को काफी राहत मिलेगी।मनीष पारख ने भाजपा सरकार की इस परियोजना पर अपना विश्वास व्यक्त करते हुए आगे कहा है कि, छ.ग. चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जनता के प्रति छत्तीसगढ़ की भाजपा की सरकार न केवल प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भाजपा सरकार का यह फैसला मिल का पत्थर भी साबित होगा। तथा राज्य के चुनिंदा मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों में शुरू होने वाली परियोजना राज्य के अन्य जिलों में स्थापित अस्पतालों में भी इसके विस्तार को लेकर भी उन्होंने अपनी आशा व्यक्त की है।

संघर्ष से नहीं, अब सृजन से अपनी पहचान बना रहा है बस्तर: विष्णु देव साय

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बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम का लोगो और थीम सॉन्ग लांच

भव्य समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किया विमोचन

जगदलपुर बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोक परंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन इस साल भी भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो, थीम गीत का विमोचन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री एवं जिला दंतेवाड़ा के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, वन मंडलाधिकारी जाधव सागर एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की असली आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंच है। आज मां दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहां बस्तर पंडुम-2026 का “लोगो” और “थीम गीत” का विमोचन किया है। बस्तर पंडुम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक-परंपराओं, कला और विरासत का मंच है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुडि़यों के जरिए इन परम्पराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले साल हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी, तब समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस बार हम राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री समेत भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर हमारे बस्तरवासियों का जोश, उत्साह खूब देखने को मिला। इस बार हम इसे और भव्य बना रहे हैं ताकि यहां की धरोहर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बना पाएं।इस बार बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धा में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 की गई है। इसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति तो होगी ही, इसके साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं, शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बस्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा। उन्होंने बस्तरवासियों और सभी कलाकार भाई-बहनों से आग्रह है कि अपनी कला से बस्तर को गौरवान्वित करें, अधिक-से-अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लें। बस्तर पंडुम आपका उत्सव है, इसे मिलकर सफल बनाएं। मां दंतेश्वरी की कृपा से यह उत्सव सफल हो, बस्तर समृद्ध और शांत हो। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंडुम का मतलब होता है पर्व, बस्तर में खुशियों को बढ़ाने के लिए समय समय पर विभिन्न पर्व (पंडुम) मनाते हैं। किसी भी पर्व की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करने की परंपरा है, इसी तारतम्य में बस्तर पंडुम की शुरुआत मां दंतेश्वरी के मंदिर परिसर से किया जा रहा है। बस्तर, समृद्ध संस्कृति से भरापूरा है, बस्तर क्षेत्र में निवास करने वाले जनजातियों की कला, शिल्प, नृत्य संगीत, खानपान को समाहित कर इसको विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। पचास सालों का बस्तर बदल रहा है बस्तर में शांति का प्रयास अब सफल हो रहा है मार्च 2026 तक लाल आंतक समाप्त होकर रहेगा। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर की कला, संस्कृति, परंपरा गर्व का विषय है। इस समृद्ध संस्कृति और पहचान को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास बस्तर पंडुम के माध्यम से किया जा रहा है। पौराणिक काल में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र में समय गुजारा है। ऐसे क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने की पहल सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्रदेश का ऐसा क्षेत्र है जो यहां बस गया वह तर गया। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत वाली विधाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम का आयोजन सरकार द्वारा लगातार दूसरे वर्ष कर रही है। इस वर्ष बारह विधाओं में प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री ने मंदिर प्रांगण में ही संभाग के वरिष्ठ मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजन तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम को बस्तर सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटमी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बस्तर के पारपंरिक नेतृत्व कर्ता मांझी और समाज प्रमुखों ने भी बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए सरकार का आभार जताया। *बॉक्स**10 जनवरी से शुरू होगा उत्सव*ज्ञात हो कि बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी से 5 फरवरी तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 2 से 6फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 की जा रही है। जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएं होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं। इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत के विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारियों, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारियों, चिकित्सकों, अभियंताओं, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया। प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों और समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य, गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुड़ियों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों की 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगर पालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

यूरोलॉजिकल रोगों की समय पर जांच है ज़रूरी: डॉ. तुषार दानी

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दल्लीराजहरा।यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। बार-बार पेशाब आना, पेशाब में दर्द या जलन, गुर्दे की पथरी, प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं एवं अन्य मूत्र रोग यदि समय रहते पहचान लिए जाएं तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।विशेषज्ञ यूरोलॉजिस्ट एवं कंसल्टेंट यूरो-सर्जन डॉ. तुषार दानी ने बताया कि शुरुआती निदान और सही उपचार से रोगी सामान्य व स्वस्थ जीवन जी सकता है। वे उन्नत लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, गुर्दे की पथरी के आधुनिक उपचार तथा प्रोस्टेट संबंधी रोगों के विशेषज्ञ हैं।डॉ. तुषार दानी Pushpa Multi-Speciality Hospital, डल्लीराजहरा में हर महीने पहले शनिवार को उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के मूत्र संबंधी लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लें।अधिक जानकारी एवं अपॉइंटमेंट के लिए अस्पताल से संपर्क किया जा सकता है।

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