अब सुशासन शिविर में पहुंच गया है मामला
नगर पालिका के जमीन दलाल कर्मचारी की भूमिका की भी जांच जरूरी
दल्ली राजहरा पहले तहसील न्यायालय ने रोक लगाई थी, फिर एसडीएम न्यायालय ने भी स्थगन आदेश जारी कर दिया। मगर जमीन पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण कराने वालों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने एसडीएम के आदेश की प्रति को भी रद्दी कागज का टुकड़ा बताते हुए फाड़ दिया। ऐसा दुस्साहस अतिक्रमण करने वाले ये तत्व नगर पालिका दल्ली राजहरा के राजस्व विभाग के एक कर्मचारी की सह पर कर रहे हैं। बताते हैं कि यह कर्मचारी बातों में और नगर की सरकारी, निजी जमीन पर अवैध कब्जे कराने में माहिर है।
दल्ली राजहरा नगर के वार्ड 22 में प्रार्थिया पुष्पा प्रसाद पति मनोज प्रसाद के मकान के पीछे स्थित रिक्त जमीन और निजी निकासी नाली पर अवैध कब्जा कर अवैध रूप से पक्का मकान निर्माण कराया जा रहा है। जब यह अवैध कब्जा शुरू हुआ था, तभी पुष्पा प्रसाद ने पहले नगर पालिका सीएमओ से शिकायत की थी। सीएमओ ने पालिका के राजस्व विभाग को अवैध कब्जा और अवैध निर्माण पर रोक लगाने निर्देशित किया था। विभाग के एक तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी ने अवैध कब्जाधारी से लेनदेन कर अवैध निर्माण की खुली छूट दे दी। इसके बाद पुष्पा प्रसाद ने तहसील न्यायालय में अपील की, जहां से अवैध कब्जे और निर्माण पर रोक लगा दी गई, मगर पालिका के कथित बुद्धिमान कर्मचारी ने तहसील न्यायालय के आदेश को भी ठेंगा दिखाते हुए अवैध निर्माण बदस्तूर होने दिया। इसके बाद पुष्पा प्रसाद ने एसडीएम न्यायालय में अपील की, जहां से भी अवैध कब्जे और निर्माण पर स्टे लगा दिया गया। बताते हैं हैं कि एसडीएम न्यायालय के स्टे आर्डर की प्रति को अवैध निर्माणकर्ता ने रद्दी कागज का टुकड़ा बताते हुए फाड़कर फेंक दिया।

पीड़िता पुष्पा प्रसाद ने कलेक्टर जनसुनवाई और सुशासन तिहार शिविर में भी मामले शिकायत की है, लेकिन न्यायालयीन आदेश की अवहेलना लगातार जारी है। आरोप है कि नगर पालिका के कथित बुद्धिमान कर्मचारी द्वारा अवैध मकान निर्माण पर कोई रोक नहीं लगाई जा रही है। जानकारी के अनुसान पुष्पा प्रसाद द्वारा सुशासन शिविर में की गई शिकायत के बाद तहसील कार्यालय से एक पटवारी को जांच हेतु भेजा गया था सूत्र यह भी कहते हैं कि नगर पालिका के राजस्व विभाग के बुद्धिमान कर्मचारी ने और वसूली कर लगातार निर्माण कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। यह कथित बुद्धिमान कर्मचारी शहर के कुछ भूमाफियाओं के सहयोग से जमीन की हेराफेरी लगातार करते आ रहा है। उसकी जांच कर उसे भी दंडित करने की मांग की गई है।



