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नगरनार स्टील प्लांट की ठेका कंपनी ने सालों से काम कर रहे मजदूरों को दिखाया बाहर का रास्ता

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  •  अब बाहरी मजदूर लाकर काम कराने की तैयारी
  • भाजपा नेत्री गीता देवी ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

नगरनार एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट में निजी कंपनी सीडीएलपी के अधीन काम कर रहे आसपास के गांवों के मजदूरों को कंपनी ने बिना किसी जानकारी अथवा नोटिस और वजह के काम से निकाल दिया है। इन मजदूरों ने स्थानीय भाजपा नेत्री गीता देवी को अपनी व्यथा सुनाई। गीता देवी ने मजदूरों को इंसाफ दिलाने की बात कही है।

नगरनार स्टील में कार्यरत ठेका कंपनी सीडीएलपी ने अपने अधीन पचासों मजदूरों को काम से बेदखल कर दिया है। इनमें से ज्यादातर मजदूर इस ठेका कंपनी के माध्यम से प्लांट में 3 और 4 साल से सेवा देते आ रहे थे। इन मजदूरों को न नोटिस दिया गया और न ही कोई कारण बताया गया। आज सोमवार को जब ये मजदूर ड्यूटी पर पहुंचे तब उन्हें अचानक उन्हें काम नहीं करने हेतु निर्देश दे दिया गया। ये सभी मजदूर स्टील प्लॉट के आसपास के गांवों में रहने वाले हैं। एक युवा मजदूर ने बताया कि आज सुबह ड्यूटी पर आने पर पहुंचे तो पता चला कि हम सभी का गेटपास कंपनी ने कैंसल करा दिया है और कार्य में नहीं आने का निर्देश दिया है। परेशान मजदूरों ने भाजपा नेत्री गीता देवी से संपर्क कर उन्हें अपनी व्यथा सुनाई।मजदूरों को काम से आकरण निकाले जाने पर भाजपा नेत्री गीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रोजगार छीनने का यह कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना नोटिस दिए वर्षों से कार्य कर रहे कर्मचारियों को अचानक काम से निकलना गैर कानूनी है। खबर लिखे जाने तक कम्पनी का कोई भी अधिकृत अधिकारी मौके पर कारण बताने उपस्थित नहीं था, जानकारी के अनुसार ओड़िशा की यह कंपनी स्थानीय कामगारों को निकाल कर अब बाहरी लोगों को मौका देना चाह रही है।

वन भूमि पर अतिक्रमण कर कृषि के लिए जोताई कर रहे 2 ट्रैक्टर जप्त

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  • दोनों ट्रैक्टरों को राजसात करने की कार्रवाई जारी

जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश के बाद बस्तर वन मंडल में वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों के खिलाफ सख्त एक्शन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में क़ृषि के लिए वन भूमि की जोताई कर रहे दो ट्रैक्टर जप्त कर लिए गए हैं। इन ट्रैक्टरों को राजसात करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बस्तर जिले के वन परिक्षेत्र बस्तर के उप परिक्षेत्र कुंगारपाल के अंतर्गत वन क्षेत्रों में अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध खनन की रोकथाम हेतु वन कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा लगातार भम्रण किया रहा है। भ्रमण के दौरान वन अमले ने रविवार 22 जून को संरक्षित वन कक्ष कमांक 422 पी. में मक्का बोआई के उद्देश्य से 2 नग महिंद्रा ट्रैक्टरों को हल जोताई करते हुए जप्त किया। यह कार्रवाई वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश के अनुसार वनों को अवैध अतिक्रमणों से मुक्त करने के अभियान के तहत वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा एवं बस्तर के वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में उप वन मंडलाधिकारी बस्तर आईपी बंजारे के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई परिक्षेत्र अधिकारी बस्तर बीएल सुरोजिया, वनपाल समुंदसाय गिरोलिया, सगराम बघेल, वनरक्षक इंद्रजीत सोरी, ईश्वर दीवान, धनसिंग ठाकुर, पूरन मौर्य एवं सुरक्षा श्रमिकों का सहयोग रहा। वन रक्षक इंद्रजीत सोरी द्वारा दोनों ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर एवं ट्रैक्टरों जप्त कर परिक्षेत्र कार्यालय बस्तर लाया गया। दोनों ट्रैक्टरों को राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से वन भूमि पर अवैध अतिक्रमणों पर लगाम लगेगा।

अभी भी अधिकारियों के दिल से नहीं निकला है लखमा का खौफ

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  •  पंचायतों में फर्जीवाड़ा मामले में डिप्टी सीएम शर्मा के आदेश पर अमल नहीं
  • उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को दिए थे एफआईआर कराने निर्देश
  • तीन भ्रष्ट सचिवों को बचाने में जुटे हैं एक अफसर और जांच अधिकारी
  • वरिष्ठ अधिकारी को किया जांच से अलग, कनिष्ठ को सौंप दी जिम्मेदारी
  • मृत व्यक्तियों के नाम राशि आहरण का गंभीर मामला

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में अधिकारियों के सिर से पूर्व की कांग्रेस सरकार का खुमार अब तक नहीं उतर पाया है। पूर्व मंत्री कवासी लखमा का खौफ या कहें कि सुकमा को चारागाह समझने की प्रवृत्ति अफसरों के रग रग में समा गई है। इस जिले में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि अधिकारी अब मौजूदा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के आदेश को भी हवा में उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के आदेश पर साल भर बाद भी अमल नहीं किया गया है।

मामला सुकमा जिले की कोंटा जनपद पंचायत से जुड़ा हुआ है।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड की एलमपल्ली ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार मामले में सुकमा कलेक्टर को 22 फरवरी 2024 पत्र क्रमांक 112 जारी कर सचिव गिरीश कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए उसकी सेवा समाप्ति के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के आदेशों का एक वर्ष बाद भी पालन नहीं किया जाना सरकार पर अफसरशाही के हावी होने की ओर इशारा करता है। जबकि जिला पंचायत के पूर्व सीईओ देवनारायण कश्यप द्वारा आरोप पत्र जारी कर जांच रिपोर्ट में एक दर्जन से अधिक मृत मजदूरों के नाम से फर्जी मस्टर रोल तैयार कर राशि की बंदरबांट किए जाने का उल्लेख किया gyaहै। जांच रिपोर्ट में एक करोड़ से अधिक का भ्रष्टाचार किये जाने का भी खुलासा किया गया था। इसी तरह गुमोड़ी ग्राम पंचायत में कागजों में विकास कार्य दर्शा कर एक करोड़ से अधिक की राशि की बंदरबांट की जांच रिपोर्ट उप संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास सुकमा द्वारा खुलासा किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के मामले में सर्वाधिक चर्चित बंडा पंचायत में अमृत सरोवर एवं अन्य विकास कार्य कागजों में किये जाने को लेकर जिला सीईओ भी खुलासा कर चुके हैं। पूर्व मंत्री के इनके चहेते सचिव को बचाने जांच अधिकारी को ही बदल दिया गया है। एक आईएएस अफसर के इशारों पर वरिष्ठ अधिकारी को जांच से हटाकर कनिष्ठ को जांच की फाईल सौंप दी गई। यह कदम कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाती है तो जनपद के पूर्व अधिकारी पर भी जांच की आंच को देखते हुए जांच के नाम पर खानापूर्ति कर बचाने की कवायद की जा रही है। दीगर विभाग के एक अधिकारी का इन मामलों की जांच में सीधा हस्तक्षेप है, ताकि सचिव एवं एक अधिकारी को बेगुनाह साबित किया जा सके।

ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के एक भाजपा नेता ने कांग्रेस के कार्यकाल में एलमपल्ली पंचायत में हुए भ्रष्टाचार मामले में की जांच दोबारा कराने की मांग करते हुए 16 फरवरी 2024 को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखा था। उक्त मामले की जांच में एक करोड़ से अधिक राशि की अफरा तफरी का खुलासा हो चुका था। संगठन के नेता से मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने एलमपल्ली सचिव गिरीश कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा कर उसकी सेवा समाप्ति के निर्देश कलेक्टर सुकमा को दिए थे। इस निर्देश पत्र में श्री शर्मा ने 12 बिंदुओं पर जांच कराने के लिए भी कहा था। मगर एक वर्ष बाद भी मंत्री के आदेशों का पालन नहीं हो सका है।

सचिवों की बहाली की तैयारी

जानकारी के अनुसार एलमपल्ली सचिव गिरीश कश्यप एवं गुमोड़ी सचिव बुधराम बारसे द्वारा पंचायतों में स्वीकृत कार्य अमृत सरोवर, सोलर लाईट, हैण्डपंप खनन, फर्जी मस्टररोल सहित अन्य कार्यो को कागजों में पूर्ण कर दोनों सचिवों पर 2 करोड़ से अधिक की राशि की बंदरबांट करने का खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ था।

उक्त मामले में कई माह बीत जाने के बाद भी आगे की कार्रवाई फाईलों में बंद है। जांच प्रतिवेदन जिम्मेदार अफसरों तक नहीं भेजा जा सका है। विशेष सूत्रों से जानकारी मिली है कि जांच में लीपापोती कर दोनों सचिवों को बहाल करने की भी तैयारी की जा रही है। इन सचिवों को बेगुनाह साबित कर एक जनपद के पूर्व अधिकारी का सीधा हस्तक्षेप है जो आए दिन जांच अधिकारी के दफ्तर से लेकर उनके निवास तक दौड़ लगाकर फाईलों को दुरूस्त करने अपनी ज्ञान को साझा करते देखे जाने की खबर है।

बंडा का सचिव भी सुर्खियों में

बंडा का पूर्व पंचायत सचिव प्रकाश सिंह उर्फ रिंकू सिंह को 27 मई को जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबित किया जा चुका है। सचिव प्रकाश सिंह पर वर्ष 2019 से 2023 के दौरान कई तालाबों, सोलर लाईट एवं अन्य कई कार्य कागजों में होना बताकर राशि की बंदरबांट करने का आरोप है। खबर है कि प्रस्ताव तैयार कर सरपंच व रोजगार सहायक के फर्जी हस्ताक्षर कर कोंटा एसबीआई बैंक से राशि का आहरण किया जाता था, जिसका कमीशन सुकमा के अधिकारी एवं नेता तक पहुंचाए जाने की खबर है। इस पंचायत सचिव की भी जांच पर ब्रेक लग गया है।

नस्तीबद्ध करने की जल्दबाजी

कोंटा विकासखण्ड की ग्राम पंचायतों में कागजों पर विकास कार्य कराकर राशि की बंदरबांट किए जाने की जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी प्राप्त करना किसी चुनौती से कम नहीं है। जनपद हो या जिला पंचायत हर जगह जानकारी देने में आनाकानी की जाती है और जानकारी भी आधी अधूरी उपलब्ध कराकर प्राप्त आवेदनों को जनपद एवं जिला सुकमा से नस्तीबद्ध करने में जल्दबाजी दिखाई जाती है। जानकारी नहीं देना इशारा करता है कि पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार के मामलों के तार अधिकारी से जुड़े हुए हैं।

वर्सन:

जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई

सुकमा कलेक्टर  ध्रुव ने बताया कि कई पंचायतों में हुई भ्रष्टाचार मामले का जांच कराने जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया जा चुका है। जांच कराई जा रही है। अभी जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जिला पंचायत से जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

किरण देव ने किया अमित शाह का स्वागत

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे केंदीय गृहमंत्री अमित शाह का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव ने स्वागत किया।

धरती आबा जनभागीदारी अभियान शिविर में शामिल हुए वन मंत्री केदार कश्यप

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  • हितग्राहियों को योजनाओं से किया लाभान्वित

जगदलपुर आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग में इन दिनों धरती आबा शिविरों का आयोजन कर आदिवासी समुदाय को केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण 25 योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। संभाग के नारायणपुर जिले में धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत 30 जून तक चल रहे जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविरों की श्रृंखला में ग्राम पंचायत बेनूर में शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर धरती आबा योजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों तक कल्याणकारी योजनाओं को सरलता से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि ‘धरती आबा’ शब्द भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में लिया गया है, जो जनजातीय चेतना के प्रतीक हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अब सभी प्रमुख योजनाएं आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, जनधन खाता, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं अब आपके गांव में ही शिविरों के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सभी अपने बैंक खाते खुलवाएं ताकि योजनाओं का सीधा लाभ डीबीटी के माध्यम से मिल सके। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और पारदर्शिता बढ़ी है

दिव्यांगों को मिला सहारा

शिविर में दिव्यांग धनसु नेताम और रामलाल कोडो को बैटरी चलित ट्राई साइकिल दी गई। वहीं श्रीमती रामबती को परिवार सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि, प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति पत्र, पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड प्रदान किया गया।

कश्यप ने लिया स्टॉलों का जायजा

मंत्री श्री कश्यप ने शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर बीपी जांच भी करवाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ें और प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाएं।

25 योजनाओं का लाभ

शिविर में 25 चिन्हांकित योजनाओं के लिए आवेदन लेने एवं लाभ वितरण की व्यवस्था की गई। इनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति और निवास प्रमाण पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम जनधन खाता, फसल बीमा, जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा, वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा, जॉब कार्ड, मुद्रा लोन, श्रम कार्ड, उज्ज्वला योजना, मत्स्य संपदा योजना, जल जीवन मिशन, व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय, पोषण वाटिका, सोलर पंप, डीटीएच-टीवी, खेल मैदान, कौशल प्रशिक्षण आदि। शिविर में स्वास्थ्य जांच, सिकलसेल स्क्रीनिंग, और हितग्राहियों का ऑन-स्पॉट पंजीयन भी किया गया।

आज रेमावंड में शिविर

धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत आगामी शिविरों का आयोजन नारायणपुर विकासखंड के अंतर्गत 23 जून को ग्राम पंचायत रेमावंड, 27 जून को धौड़ाई और 30 जून को पालकी में शिविर आयोजित होंगे। वहीं ओरछा विकासखंड में 24 जून को सोनपुर, 25 जून को ओरछा तथा 28 जून को कोहकामेटा में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, नारायणपुर जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, जनपद सदस्य राकेश कोडो, सोमनाथ सलाम, रामबती देवांगन, सरपंच ग्राम पंचायत बेनूर रैनी मरकाम, एसडीएम गौतमचंद पाटिल, सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह, नारायणपुर जनपद सीईओ लोकनाथ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सरपंच, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

नक्सल हिंसा में शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को दूसरे विभागों में भी मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

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  •  मंत्रिपरिषद का बड़ा निर्णय, परिजनों को विभाग चुनने का विकल्प
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार माना गृहमंत्री विजय शर्मा ने

जगदलपुर राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद ने एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013 की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी है।

उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है। उनके परिजनों को केवल विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था। लंबे समय से शहीद परिवारों की इस मांग को हमने सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से रखा। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है। अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे। श्री शर्मा ने बताया कि इस संशोधन के अनुसार अब नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिला अथवा संभाग में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे। पूर्व में यह प्रावधान था कि अनुकंपा नियुक्ति उसी विभाग में ही दी जाए, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक सेवारत था। परंतु शहीदों के परिजनों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नीति में संशोधन कर यह विकल्प प्रदान किया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर इस निर्णय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया।उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा को लगातार शहीद परिवारों और उनके संगठनों से यह मांग प्राप्त हो रही थी कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से निर्णय पारित हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा राज्य के शहीद परिवारों ने पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के साथ अन्य विभागों में नियुक्ति की मांग की थी। अब उनके लिए यह रास्ता खुल गया है, जिससे उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है।

खतरे में है आदिवासी समाज

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  • सर्व आदिवासी समाज ने उठाए आदिवासी हितों से जुड़े अहम मुद्दे

जगदलपुर सर्व आदिवासी समाज ने बस्तर संभाग में आदिवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चिंता जताई है। समाज ने दंतेवाड़ा में रेल्वे ओवरब्रिज को आवश्यक बताते हुए जल्द से जल्द इसका निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। साथ ही दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए डीएमएफ मद की 300 करोड़ राशि का इस्तेमाल किए जाने को अनुचित ठहराते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा फंड का प्रावधान है, तो खदान प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाली डीएमएफ मद की राशि का उपयोग मेडिकल कॉलेज निर्माण में करना गलत है।

प्रेस वार्ता में समाज के दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष सुरेश कर्मा व संरक्षक बल्लू भवानी ने कहा कि बैलाडीला की खदानों में खनन कार्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी पहले से कर रही है। लेकिन सरकार 70 साल में खोदे जाने वाले लौह अयस्क को 10 साल में हो खोद कर खत्म करना चाहती है। इसीलिए खदानों को निजी कंपनियों को बेच रही है। इससे क्षेत्र में पर्यावरण का समूल नाश होने वाला है। इसी तरह सड़क, बांध व अन्य परियोजनाओं के नाम पर जमीनों का मनमाने ढंग से अधिग्रहण किया जा रहा है। ग्राम सभा की सहमति के बगैर जमीन ली जा रही है। अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की मनाही है, लेकिन भू-माफियाओं की साजिश के चलते धड़ल्ले से लीज के नाम से कब्जा जमाया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए समाज भू राजस्व संहिता में संशोधन की मांग करेगा। सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आदिवासियों की आवाज मुखरता से उठाने वाले पूर्व मंत्री कवासी लखमा जेल भेज दिए गए और मनीष कुंजाम के घर छापा मार कार्रवाई की गई। यह आदिवासियों की आवाज दबाने की साजिश के तहत हो रहा है। शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया जिस तरह से किया जा रहा है उससे शालाओं में विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना नहीं हो पा रही है। इससे आदिवासी अंचल में शिक्षा की गुणवत्ता की कल्पना हम कैसे कर सकते हैं? बच्चों की संख्या के आधार पर नहीं अपितु कक्षा और विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना की जानी चाहिए। कानून और वन अधिकार कानून के प्रावधान अनुसार बस्तर में क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। नगरनार का निजीकरण कर के बस्तर को बड़ी कंपनियों के हवाले करने का प्रयास किया जा रहा है। बल्लू भवानी ने कहा कि आश्रम शालाओं छात्रावासों में लगातार आदिवासी बेटियों के साथ बलात्कार और लैंगिक उत्पीड़न की घटनाएं हो रही है। नाबालिग आदिवासी छात्रा के गर्भवती होने के मामले में दोषी अधिकारी-कर्मचारियों को बचाया जा रहा है। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों के द्वारा यहां के प्राकृतिक संसाधन के साथ-साथ मानवीय संसाधनों पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। समाज की मांग है कि अवैध घुसपैठियों की पूरी जांच करके उनको वापस भेजा जाए। प्रेस वार्ता के दौरान भीमसेन मंडावी, मंगल कुंजाम व सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

तालाब की सफाई करने उतरे वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप

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  •  वन मंत्री ने किया बंबूर तालाब के अधोसंरचना निर्माण कार्य का निरीक्षण
  • तालाब के सफाई कार्य में कश्यप ने किया श्रमदान

अर्जुन झा-

*जगदलपुर।* बस्तर के आदिवासी सपूत तथा प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, सहकारिता, कौशल विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप अक्सर कुछ ऐसे कार्य कर दिखाते हैं, जो औरों के लिए नजीर बन जाते हैं। शनिवार को भी मंत्री केदार कश्यप ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि लोग खुद बखुद उनके नक्शे कदम पऱ चलने लगे।

मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर नगर के वार्ड क्रमांक 13, कुम्हारपारा स्थित बम्बूर तालाब निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस तालाब का 30 लाख रुपए की लागत से अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रिटेनिंग वॉल, पचरी निर्माण व अन्य कार्य शामिल है। मंत्री श्री कश्यप ने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए। इस दौरान उन्होंने तालाब में चल रहे सफाई कार्य में भी अपनी सहभागिता दी और श्रमदान किया। मंत्री श्री कश्यप को तालाब की सफाई करते देख उनके साथ उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी श्रमदान कर सफाई कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया। निरीक्षण उपरांत केदार ने तालाब के किनारे करंजी पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। बंबूर तालाब के विकास से न केवल स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, संध्या पवार, गौतम एस. गोलछा, प्रताप सिंह मंडावी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशीष कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

महिला होमगार्ड भर्ती परीक्षा में हावी रही बदइंतजामी

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  • दूधमुहे बच्चों के साथ भटकती रहीं महिलाएं 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर महिला नगर सैनिक भर्ती के लिए रविवार 22 जून को जगदलपुर में आयोजित लिखित परीक्षा में अव्यवस्था हावी रही। दूधमुहे बच्चों और परिजनों के साथ पहुंची उम्मीदवार भटकती रहीं। बाहर से आईं महिला उम्मीदवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बस्तर संभाग के सातों जिलों में आदिम जाति कल्याण एवं विकास विभाग द्वारा संचालित बालिका आश्रमों एवं छात्रावासों में रह कर पढ़ाई करने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए सभी आश्रम छात्रावासों में कुल 705 महिला नगर सैनिकों की तैनाती की जानी है। महिला नगर सैनिक भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता में पास हो चुकी सभी महिला अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा आज रविवार को 22 जून को आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में शामिल होने दूर दराज के गांवों से बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार एक दिन पहले से ही जगदलपुरआ गईं थीं। ज्यादातर महिलाएं दूधमुहे बच्चों और पतियों के साथ आईं थीं। उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और हॉल में जाने में बड़ी दिक्कत हुई।

महिलाओं को जानकारी देने के लिए कोई मौजूद नहीं था। महिला उम्मीदवारों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन ने जो हेल्प लाइन नंबर जारी किए थे, वे भी नकारा साबित हुए। भरी बरसात में बस्तर की बेटियां परेशान हलाकान होती रहीं, उनकी खैर खबर लेने वाला कोई नहीं था। इसे लेकर महिला उम्मीदवारों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखी गई।

इस साल भव्य रूप में निकलेगी कांवड़ यात्रा

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  •  विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल जगदलपुर की बैठक

जगदलपुर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जगदलपुर की बैठक विभाग मंत्री रवि ब्रह्माचारी, जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता और नगर अध्यक्ष पवन राजपूत एवं नगर मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर की उपस्थिति में आयोजित की गई।

बैठक में संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।विभाग मंत्री रवि ब्रह्माचारी ने पदाधिकारियों को संगठन के नियमों का पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने वार्ड स्तर पर बजरंग दल की टोलियों का गठन करने और प्रत्येक हिंदू परिवार तक संगठन के उद्देश्य को पहुंचाने पर जोर दिया। जिलाध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता ने बताया कि आगामी समय में संगठन के सदस्यों को नए दायित्व सौंपे जाएंगे और उन्हें संगठन के नियमों और कार्यों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने गौ रक्षा और लव जिहाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभियान चलाने की घोषणा की, जिसमें सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपनी सक्रिय भागीदारी देंगे। नगर अध्यक्ष पवन राजपूत ने बताया कि आने वाले सावन सोमवार से निकलने वाली कांवड़ यात्रा के लिए सभी वार्डों में बैठकों और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस वर्ष ककांवड़ यात्रा को और भी वृहद और भव्य रूप से मनाने की योजना है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आगामी कार्यक्रमों की रुपरेखा तैयार करना था। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और आगामी कार्यों के लिए तैयार रहने का संकल्प लिया। बैठक का संचालन नगर मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने किया और सभी कार्यकर्ताओं से संगठन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आग्रह किया। इसके अलावा नगर संयोजक भवानी सिंह चौहान, साप्ताहिक मिलन प्रमुख योगेश, रैली सुरक्षा प्रमुख शुभम सिंह, अखाड़ा प्रमुख शत्रुघ्न, नगर सह गौ रक्षा प्रमुख सुदेश, सह विद्यार्थी प्रमुख पवन राजा, सह सप्ताह मिलन प्रमुख अभिषेक साहू, तमिश राव कशी चालकी सहित सभी बजरंगी उपस्थित रहे।

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