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बस्तर संभाग में कांग्रेस मजबूत, भाजपा भी जमाती जा रही है पांव

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  • मुख्यमंत्री के लगातार प्रवास और सांसद दीपक बैज की सक्रियता से फिलहाल कांग्रेसी माहौल
  • भाजपा के बड़े नेता भी बेहतर फोकस कर रहे हैं आदिवासी बहुल बस्तर संभाग पर

अर्जुन झा

बस्तर आदिवासियों की भरपूर आबादी वाले बस्तर संभाग में हाल फिलहाल कांग्रेस की स्थिति मजबूत बनी हुई है। वहीं भारतीय जनता पार्टी भी धीरे – धीरे ही सही आदिवासियों की इस सरजमीं पर अपने पांव जमाती जा रही है। बस्तर संभाग में लोकसभा की दो और विधानसभा की बारह सीटें हैं। लोकसभा की बस्तर सीट पर कांग्रेस काबिज है। वहीं सभी विधानसभा सीटें कांग्रेस के कब्जे में हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संभाग के दौरे पर आते रहते हैं। आदिवासियों के मन में उन्होंने कांग्रेस के प्रति भरोसा जगाने में आशातीत सफलता पाई है। वहीं रही सही कसर को बस्तर के सांसद दीपक बैज पूरी करने में लगे हुए हैं। इन समवेत प्रयासों से कांग्रेस की स्थिति मजबूत बनी हुई है। बस्तर की सभी सीटें गंवाने के बाद भाजपा ने सबक लिया है और अब इस पार्टी के बड़े नेता यहां की सभी विधानसभा सीटों पर कुछ ज्यादा ही फोकस कर रहे हैं। भाजपा के बड़े नेताओं का बस्तर में पॉलिटिकल टूर शुरू हो गया है। भाजपा के शीर्ष नेता हताशा एवं निराशा के गर्त में जा चुके स्थानीय नेताओं व कार्यकर्त्ताओं में नया जोश भरने तथा पार्टी की जमीन तैयार करने में लगे हुए हैं। छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग राजनैतिक, प्रशासनिक और भौगोलिक दृष्टि से दो जोन में बंटा हुआ है। एक जोन है उत्तर बस्तर और दूसरा दक्षिण बस्तर। उत्तर बस्तर के अंतर्गत तीन जिले क्रमशः कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव हैं। कांकेर जिले में विधानसभा सीटें कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ हैं। वहीं नारायणपुर जिले में नारायणपुर एवं कोंडागांव जिले मे कोंडागांव व केशकाल सीटें हैं। उत्तर बस्तर की ये सभी सीटें वर्तमान में कांग्रेस के कब्जे में हैं। कांकेर से शिशुपाल शोरी, जो संसदीय सचिव भी हैं, भानुप्रतापपुर से सावित्री मंडावी, अंतगाढ़ से अनूप नाग, नारायणपुर से चंदन कश्यप इस क्षेत्र से कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं। चंदन कश्यप को राज्य सरकार ने हस्तशिल्प विकास बोर्ड का अध्यक्ष भी नियुक्त कर रखा है। कोंडागांव जिले की कोंडागांव सीट से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम विधायक हैं। वहीं केशकाल से संतराम नेताम विधायक चुने गए हैं। संतराम नेताम के विधानसभा उपाध्यक्ष का दायित्व भी सम्हाल रहे हैं। बस्तर जिले में तीन विधानसभा बस्तर क्षेत्र आते हैं। इनमें बस्तर सीट से लखेश्वर बघेल, जगदलपुर सीट से से रेखचंद जैन, एवं चित्रकोट सीट से राजमन बेंजाम कांग्रेस के विधायक हैं। लखेश्वर बघेल को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष भी बनाया गया है, जबकि जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन को श्रम एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार ने सौंप रखी है। दंतेवाड़ा से कांग्रेस विधायक देवती कर्मा हैं वहीं बीजापुर से विक्रम मंडावी कांग्रेस के विधायक हैं। सुकमा जिले की इकलौती विधानसभा सीट से कवासी लखमा विधायक हैं। लखमा राज्य सरकार में आबकारी एवं उद्योग मंत्री हैं तथा उन्हें बस्तर जिले का प्रभारी मंत्री भी बनाया गया है।

भानुप्रतापपुर में चुनौती है सर्व आदिवासी समाज

कांग्रेस विधायक मनोज मंडावी के निधन से रिक्त हुई उत्तर बस्तर की भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव में स्व. मंडावी की धर्मपत्नी सावित्री मंडावी विजयी हुई हैं। इस उप चुनाव में सर्व आदिवासी समाज ने प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस और भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं। सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार ने इस उप चुनाव में काफी वोट हासिल किए। इससे इस बार होने वाले आम चुनाव में भी भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्व आदिवासी समाज की दमदार उपस्थिति को नकारा नहीं जा सकता। सर्व आदिवासी समाज इस सीट पर फिर चुनाव लडता है, तो इससे कांग्रेस और भाजपा दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस की सावित्री मंडावी एवं भाजपा के पराजित प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम को आगामी आम चुनाव में बदले जाने की चर्चा जोरों पर है। अभी भी इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है।

अंतागढ़: भाजपा सदमे में, कांग्रेस मजबूत

अंतागढ़ विधानसभा में कांग्रेसी प्रत्याशी अनूप नाग के सामने भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी जिस प्रकार से चुनाव प्रक्रिया के आखिरी दौर में घुटने टेकते हुए अचानक मैदान छोड़ गए थे, वह भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। इस सदमे से भाजपा अब तक उबर नहीं पाई है। अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कापसी, पखांजुर और बांदे गांवों में बंगाली समुदाय के लोगों की आबादी बहुत ज्यादा है। यहां के वोटर कांग्रेसी विचारधार वाले माने जाते हैं और चुनावी नतीजे को प्रभावित भी करते हैं। इस लिहाज से अंतागढ़ में कांग्रेस की स्थिति मजबूत कही जा सकती है।

नारायणपुर की राह आसान नहीं

नारायणपुर विधानसभा में तीन बार के मंत्री भाजपा प्रत्याशी केदार कश्यप इस बार पुन: चुनावी मैदान में रहेंगे लेकिन पिछली हार के कारण उनके एवं उनके परिवार की मतदाताओं के बीच पकड़ और राजनैतिक स्थिति में लगातार गिरावट आती जा रही है। हालांकि कांग्रेस के विधायक चंदन कश्यप को काफी कमजोर आंका जा रहा था, लेकिन समय के साथ उन्होंने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज के सहयोग से कुछ महिनों में पूरे विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की अच्छी रूपरेखा तैयार की और विकास कार्यों को सरअंजाम भी दिया। जिससे वे अब अच्छी स्थिति में आ चुके हैं। इसके बावजूद अगर इस विधानसभा सीट पर भाजपा पूर्व मंत्री केदार कश्यप को मैदान पर उतारेगी, तो केदार कश्यप और वर्तमान कांग्रेस विधायक चंदन कश्यप के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना दिख रही है।

कोंडागांव में मरकाम का कोई मुकाबला नहीं कोंडागांव विधानसभा सीट में प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक मोहन मरकाम की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। वे अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के किसी भी प्रत्याशी को करारी टक्कर देकर चुनाव जीतने की स्थिति में हैं।

सामान्य सीट जगदलपुर को खास बना दिया रेखचंद जैन ने

बस्तर संभाग में सामान्य वर्ग की इकलौती विधानसभा सीट जगदलपुर है। इस सीट पर कांग्रेस के रेखचंद जैन विधायक चुने गए हैं। संसदीय सचिव रेखचंद जैन अपने निर्वाचन क्षेत्र केशहरी एवं ग्रामीण इलाकों का लगातार दौरा करते रहते हैं। क्षेत्र के लोगों के हर दुख दर्द में सहभागी बनने वाले रेखचंद जैन ने अपनी स्थिति काफी मजबूत बना रखी है। हालांकि जगदलपुर के शहरी भागों में भाजपा का दमदार प्रदर्शन अक्सर देखने को मिलता है, बावजूद भाजपा फिलहाल रेखचंद जैन को टक्कर देने की स्थिति में नजर नहीं आ रही है।

चित्रकोट में बेंजाम की मुश्किलें

चित्रकोट विधानसभा से कांग्रेस के विधायक राजमन बेंजाम की स्थिति भी अच्छी है लेकिन विधानसभा क्षेत्र के गांवों में उनके द्वारा पर्याप्त समय नहीं दिए जाने के कारण उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस विधानसभा से भाजपा अगर कोई दमदार प्रत्याशी उतारती है, तो कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस बात में कोई शक नहीं है।

बस्तर में लखेश्वर ने बना ली है अच्छी पैठ बस्तर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लखेश्वर बघेल कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने श्री बघेल को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष भी नियुक्त कर रखा है। लखेश्वर बघेल इस दोहरी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते आ रहे हैं। वे विधानसभा क्षेत्र के सघन दौरा कर लोगों से लगातार मेल मिलाप बनाए रखते हैं। इस कारण उनकी स्थिति काफी मजबूत है। पिछले चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे सुभाऊ राम कश्यप चुनाव में हार के बाद क्षेत्र से लगातार अनुपस्थित नजर आ रहे हैं। इस वजह से विधानसभा क्षेत्र में उनकी स्थिति बेहतर नहीं मानी जा रही है।

दंतेवाड़ा में ढह सकता कर्मा परिवार का वर्चस्व

दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में झीरम घाटी के नक्सली हमले में शहीद महेंद्र कर्मा के परिवार का वर्चस्व अब तक देखा जा रहा है, किंतु भाजपा के देवंगत नेता भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी को टिकट दिए जाने की स्थिति में कांग्रेस का सफाया होने की बात भी कही जा रही है।

बीजापुर में पड़ गए हैं विरोध के बीज बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में विरोध के बीज बोए जा चुके हैं और ये बीज अंकुरित ही नहीं बल्कि कांटों से भरे पेड़ के रूप में विकसित भी हो चुके हैं और कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। बीजापुर सीट से कांग्रेस के वर्तमान विधायक विक्रम मंडावी को उनके चहेतों एवं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व वनमंत्री भाजपा नेता महेश गागड़ा पुनः भाजपा उम्मीदवार बनाए जाते हैं, तो वे इस कांग्रेसी गफलत का फायदा उठाकर यह सीट जीत सकते हैं

कोंटा में सियासत के शहंशाह हैं कवासी लखमा

सुकमा जिले के एकमात्र कोंटा विधासभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक एवं राज्य की कांग्रेस सरकार में केबिनेट मंत्री कवासी लखमा की स्थिति बेहद मजबूत है। दूर -दूर तक भाजपा का कोई भी दमदार प्रत्याशी लखमा को चैलेंज देने की स्थिति में नहीं है। कवासी लखमा का कोंटा में एकछत्र राज चलता है। सहज और मिलनसार आदिवासी नेता कवासी लखमा क्षेत्र के लोगों के दिलों में राज करते हैं।लखमा को कोंटा की सियासत का शहंशाह कहें, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित होगी सांसद बैज की सक्रियता

दक्षिण बस्तर की बस्तर लोकसभा सीट के कांग्रेस सांसद दीपक बैज अपने लोकसभा क्षेत्र के सभी कांग्रेस विधायकों को पुन: संजीवनी दिलाने का माद्दा रखने वाले नेता माने जाते हैं। बैज कमजोर से कमजोर पार्टी प्रत्याशी को भी जीत दिलाने का दम रखते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सांसद दीपक बैज की अपने निर्वाचन क्षेत्र में सक्रियता ही कांग्रेस के विधायकों की जीत में सक्रिय भूमिका निभाएगी। बैज लोकसभा में तो क्षेत्र के हक और विकास के मामलों को लेकर मुखर रहते ही हैं, अपने निर्वाचन क्षेत्र के नागरिकों से भी सतत सम्पर्क बनाए रखते हैं। बैज क्षेत्र को बड़े बड़े विकास कार्यों की सौगात दिला चुके हैं।

आदिवासी संस्कृति के संरक्षण में जुटे हैं भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिस तरह से आदिवासी संस्कृति और उनके आस्था स्थलों के संरक्षण में जुटे हुए हैं, उसे देखते हुए आदिवासियों में कांग्रेस और भूपेश का भरोसा बढ़ा है। आदिवासियों की देवगुड़ियों के जीर्णोद्धार, घोटुल संस्कृति की पुनः स्थापना के लिए मुख्यमंत्री बघेल ने पर्याप्त राशि आवंटित की है। वन भूमि पर काबिज आदिवासियों को वनभूमि के पट्टे दिए जा रहे हैं। वनोपजों की खरीदी शासन द्वारा अच्छी दरों पर की जा रही है। सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन, बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल भी मुख्यमंत्री की ऐसी पहलों को आगे बढ़ाने में पूरी शिद्दत से लगे हुए हैं।

भाजपा जुटी आदिवासियों को रिझाने में

पिछले चुनाव के दौरान बस्तर में अपनी साख पूरी तरह गंवा चुकी भाजपा अब अपनी पुरानी भूलों को दुरुस्त करते हुए फिर से आदिवासियों को रिझाने में जुट गई है। केंद्र सरकार ने तो आदिवासियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रखी है। वहीं राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के भाजपा नेता आएदिन बस्तर संभाग के दौरे पर आने लगे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, संभाग प्रभारी एवं राजनांदगांव के भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष शालिनी राजपूत व अन्य बड़े नेता बस्तर का दौरा कर चुके हैं। संतोष पाण्डेय पार्टी के लोकसभा प्रवास कार्यक्रम के तहत आदिवासियों के साथ बैठकर भोजन कर चुके हैं। इसका अच्छा मैसेज आदिवासी मतदाताओं के बीच गया है। अभी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दो दिवसीय बस्तर प्रवास हुआ। शाह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ( सीआरपीएफ ) के स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने यहां आए थे। भाजपा को अपने इन प्रयासों का कितना चुनावी लाभ मिलेगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा।

“माकड़ी बिलाक चो नवा स्कूल” अभियान की हुई शुरुआत

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  • कावरा गांव की प्राथमिक शाला को बनाया जाएगा मॉडल स्कूल
  • शाला के शिक्षकों पालकों एवं ग्रामीणों ने बैठक कर उठाया बीड़ा

कोंडागांव जिले के संकुल केंद्र उमरगांव की प्राथमिक शाला को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। इस कार्य का बीड़ा पालकों, ग्रामीणों और शिक्षकों ने उठाया है।
शालाओं में बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए विकासखंड स्तरीय टीम गठित कर “माकड़ी बिलाक चो नवा स्कूल” अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सामुदायिक सहभागिता से स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर चरणबद्ध तरीके से शैक्षिक विकास की योजना बनाई गई है। माकड़ी खंड स्रोत समन्वयक ताहिर खान ने बताया कि प्राथमिक शाला कावरा को “माकड़ी बिलाक चो नवा स्कूल” बनाने के संबंध में संकुल केंद्र उमरगांव के शिक्षक – शिक्षिकाओं एवं कावरा के पालकों व सदस्यों की बैठक शासकीय प्राथमिक शाला कावरा में आयोजित की गई।

बैठक में बताया गया कि प्राथमिक शाला कावरा को संकुल केंद्र उमरगांव की ओर से मॉडल स्कूल बनाने की योजना तैयार की गई है। इस हेतु शाला भवन व शौचालय की मरम्मत, प्रिंट रिच, पेयजल की व्यवस्था, रंगाई पोताई एवं शिक्षा की गुणवत्ता के साथ साथ एनिमिया मुक्त करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इन कार्यों पर होने वाले आर्थिक व्यय के लिए राशि किस प्रकार जुटाई जाए, इस पर मंथन किया गया। बताया गया कि ये सारे कार्य जनसहयोग से पूर्ण कराए जाने हैं। ग्रामीण आपसी सहयोग से इस कार्य को पूरी तन्मयता से करने के लिए तैयार हुए। पालकों एवं सदस्यों द्वारा 500 से लेकर 1000 रु. तक आर्थिक सहयोग करने का निर्णय लिया गया। संकुल केंद्र उमरगांव के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा भी आर्थिक सहयोग प्रदान करने की सहमति दी गई।
समिति की निगरानी में होने सारे कार्य
इन कार्यों को अंजाम देने के लिए समिति का भी गठन किया गया। मॉडल स्कूल बनाने से जुड़े सारे कार्य इस समिति की निगरानी में होंगे।समिति के अध्यक्ष संकुल केंद्र के प्राचार्य संतूराम प्रभाकर, उपाध्यक्ष समुंदसिंह मरकाम, सचिव डमरूधर मरकाम, कोषाध्यक्ष जगन्नाथ नेताम, सह कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार ठाकुर तथा सदस्य बुधराम मरकाम, धनीराम यादव, मनहेर मरकाम, धर्मेंद्र सोरी, गणेश मंडावी, सुकमन मरकाम, सोमारूराम मरकाम, लायक मरकाम, सुकलाल मरकाम, पटेल सुखलाल मरकाम मनोनीत किए गए हैं। बैठक में मुख्य रूप से संकुल केंद्र उमरगांव के प्राचार्य संतूराम प्रभाकर, सीएससी उमरगांव महेश पटेल, शंभू नेताम, रविंद्र ठाकुर, डमरुधर मरकाम, जयलाल पोयाम, रामधर मरकाम, ललिता ठाकुर, रेखा सोरी, किरण मरकाम, गंडाय नेताम, उमावती मरकाम एवं ग्राम पंचायत कावरा के समस्त पालक व सदस्य उपस्थित थे।

अमित शाह ने सीआरपीएफ के 174 करोड़ के कार्यों का किया ई – लोकार्पण

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  • बल के स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए केंद्रीय गृहमंत्री शाह
  • छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर : केंद्रीय गृहमंत्री
  • सुकमा में शहीद हुए कोबरा बटालियन जवान कनई मांझी की विधवा पापिया का किया सम्मान
  • आकाशवाणी के साप्ताहिक हल्बी समाचार बुलेटिन का किया शुभारंभ


जगदलपुर जिला मुख्यालय जगदलपुर से लगभग 15 किमी दूर करनपुर स्थित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 201 कोबरा बतालियन कैंप में 84वां सीआरपीएफ स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यहां शहीद स्मारक पर माल्यार्पण और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान सीआरपीएफ की विभिन्न टुकड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट कर उन्हें सलामी दी।


गृहमंत्री ने देशहित में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सीआरपीएफ के जवानों को सम्मानित किया। इनमें सुकमा जिले में 18 फरवरी 2020 को वामपंथी उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में चार उग्रवादियों को ढेर करते हुए प्राणोत्सर्ग करने वाले 208 कोबरा बटालियन के जवान कनई मांझी की पत्नी पापिया मांझी भी शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने 13 अन्य जवानों तथा अधिकारियों को तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली बटालियनों को भी सम्मानित किया। उन्होंने 174 करोड़ रुपए की लागत से केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के लिए निर्मित विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना मूलक कार्यों का ई-लोकार्पण किया। इस अवसर पर श्री शाह ने आकाशवाणी जगदलपुर के हल्बी बोली वाली साप्ताहिक समाचार बुलेटिन का भी शुभारंभ किया। सीआरपीएफ के 84वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि पहली बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने देश की शांति और सुरक्षा में सर्वोच्च योगदान दिया है और इस कार्य में हमारे 2249 जवान बलिदानी हुए हैं। वामपंथी उग्रवाद से लोहा लेते हुए हमारे 763 जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के जवानों के हौसलों के कारण वामपंथी उग्रवाद अब समाप्ति की ओर है। सीआरपीएफ ने सभी क्षेत्रों में अपनी जान को जोखिम में डालकर दूरस्थ अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, शांति की स्थापना का कार्य किया है। उन्होंने इस अवसर पर सीआरपीएफ की स्थापना और उसके इतिहास के संबंध में भी उल्लेख किया। शाह ने हल्बी बोली में साप्ताहिक समाचार बुलेटिन के प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्थानीय बोली के संरक्षण का उद्देश्य पूरा होगा।



फोर्स की लेडी बाइकर्स ने दिखाया दम
नारीशक्ति थीम पर आयोजित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की महिला मोटर साईकल एक्सपीडिशन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महिला जवानों के साहस और उत्साह की सराहना की। इस अवसर पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की महिला मोटर साईकल एक्सपिडिशन का फ्लैग इन, बस्तर के धुरवा जनजाति द्वारा धुरवा नृत्य, फ्यूजन ऑफ मार्शल आर्ट और के-9 का साहसिक प्रदर्शन किया गया। केन्द्रीय गृहमंत्री ने कार्यक्रम के उपरांत जवानों एवं अधिकारियों के साथ स्वल्पाहार ग्रहण किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह सचिव अशोक कुमार भल्ला, सीआरपीएफ के महानिदेशक डाॅ. सुजाॅय लाल थाउसेन, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज कुमार सिंह, सीआरपीएफ के पूर्व महानिदेशक कुलदीप सिंह, छत्तीसगढ़ के गृह विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित देशभर से पहुंचे सीआरपीएफ के उच्च अधिकारी तथा स्थानीय जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

रामनवमी पर निकलेगा गुरुर व गुण्डरदेही में भव्य शोभायात्रा,विश्व हिंदू परिषद संगठन तैयारी में जुटा

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बालोद :- विश्व हिंदू परिषद संगठन द्वारा 30 मार्च को रामनवमी पर राम जन्मोत्सव के अवसर पर बालोद जिला के गुरुर,गुण्डरदेही नगर में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए गुरुर वा गुण्डरदेही प्रखंडों के जिम्मेदार पदाधिकारी वा कार्यकर्ता आयोजन की तैयारी में लगे हुए है। वा आयोजन को भव्य स्वरूप देने लगातार बैठक कर आमजन को आमंत्रित कर रहे है। रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा में इस बार भक्ति संगीत के साथ साथ हिंदू सनातन धर्मप्रेमी इस बार राम धुनों पर नृत्य करते राम जी के जयघोष के साथ नगर भ्रमण करेंगे वही जगह जगह शोभायात्रा का स्वागत भी किया जाएगा वही स्थानीय ग्रामीण महिला वा पुरषों की सेवा समिति भी इस आयोजन के साथ अपनी प्रस्तुति देंगी। आयोजनकर्ता विश्व हिंदू परिषद के सदस्यो ने बताया की इस शोभायात्रा में जिले के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है।

शोभायात्रा में दल्लीराजहरा,बालोद,डौंडी,अरजुंदा,देवरी, डौंडी लोहारा सहित अन्य स्थानों से हिंदू धर्म संगठन के लोग शामिल होने गुरुर,वा गुंदरडेही पहुचेंगे वा वा आयोजन में शामिल होंगे। गुरुर नगर में आयोजन को लेकर प्रखंड अध्यक्ष लोकेश साहू,राकेश साहू, नूरसिंह साहू,मिश्रीलाल साहू, चौलेश देशमुख,जयंत साहू,रेखराज साहू, तेजेंद्र गंजीर, पूनम साहू, श्रीमती स्वेता राजपूत,संगीता शर्मा,आशुतोष मिश्रा,लेखमणि साहू,सोनू देवदास सहित अन्य संगठन के लोग तैयारी कार्यों में लगे हुए है।गुण्डरदेही में प्रखंड अध्यक्ष भरत साहू, परस साहू,हेमंत साहू,हिमांशु महोबिया,जितेंद्र जैन,नीता साहू,दिलीप साहू,लता साहू,सेवक महिपाल के साथ साथ अन्य हिंदूवादी नेता भी जोरशोर से तैयारी कर रहे है। रामनवमी शोभायात्रा में विहिप बाटेंगा रामचरितमानस ग्रंथ संत यात्रा में आमजन को भगवत गीता,हनुमान चालीसा, वा रामचरितमानस ग्रंथ का वितरण करने के बाद संगठन ने निर्णय लिया हे की शोभायात्रा में भी पवित्र ग्रंथो का वितरण किया जाएगा। मातृशक्ति संगठन वा दुर्गावाहिनी के द्वारा शोभायात्रा में होगी फूलो की वर्षा इस बार के शोभायात्रा में हिंदू संगठन से जुड़ी महिला शक्तियों के द्वारा यात्रा में शामिल हिंदू धर्म समाज के ऊपर फूलो की वर्षा की जायेगी वही बजरंग दल के द्वारा भव्य आतिशबाजी किया जाएगा।

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बेमौसम बारिश में प्रभावित फसलों का सर्वे कराए जाने की मांग

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  • भाजपा व किसान मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

बालोद जिले में लगातार हो रही बेमौसम बरसात से प्रभावित हुई रबि फसलों का सर्वे कराकर पीडि़त किसानो को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर भाजपा व किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष कृष्ण कांत पावर व तोमन साहू के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा पवन साहू की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने महामाहिम राज्यपाल के नाम प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस संबंध भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष तोमन साहू ने बताया कि बीते करीब हप्ते भर से जिले में हल्की तेज बेमौसम बारिश हो रही है वहीं कई ईलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है। जिससे इस समय किसानो के खेतों में खड़ी रबि फसल चना, गूंहू, मटर, तेवरा, लाखड़ी व अन्य दलहन फसलों को काफी नुकसान हुआ है।

साहू ने बताया कि जिले के अधिकांश किसानो ने बकायदा प्रीमियम जमाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करा रहा है। लेकिन जरूरत है इस बेमौसम बारिश के बाद बीमा कम्पनियों द्वारा प्रभावित फसलों का मौका मुआयना करने की। ऐसे में भाजपा व किसान मोर्चा ने जिले के किसानो की पीड़ा को समझते हुए प्रशासन को राजयपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावित फसल का मौका मुआयना कराकर प्रभावित किसानो को उचित मुआवजा तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की है। इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा प्रीतम साहू पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा अभिषेक शुक्ला जिला उपाध्यक्ष नरेश यादव ठाकुर राम चंद्राकर जिला मंत्री नरेश साहू मंडल अध्यक्ष गण कौशल साहू सुरेश निर्माकर प्रेम साहू राकेश द्वेवेदी कमलेश सोनी नरेन्द्र सोनवानी संतोष कौशिक बिरेंद्र साहू सुरेश जसवाल मनन वोहरा कमल पंपलिया चित्रसेन साहू महेंद्र पीपरे दिनेश साहू सादानंद साहू सहित अन्य भाजपा किसान मोर्चा कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।

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विपक्ष की आवाज दबा रही है केंद्र की भाजपा सरकार : रेखचंद

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  • राहुल गांधी के साथ खड़ी है पूरे देश की जनता : जैन
  • अदाणी मामले से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा ने रची है साजिश

जगदलपुर क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता निरस्त करने की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में अघोषित आपातकाल चल रहा है। विपक्ष के नेताओं को केंद्रीय जांच एजेंसियों के दम पर परेशान किया जा रहा है आनन फानन में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने के कदम को लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कारवाई करार दिया है।रेखचंद जैन ने मीडिया को जारी बयान में कहा है कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर भाजपा ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। भारत जोड़ो यात्रा के समय जनता का जो अपार स्नेह राहुल गांधी को मिला, उससे भयभीत होकर यह कदम उठाया गया है। भाजपा व आरएसएस की विखंडनकारी नीतियों को जनता के सामने गांधी लगातार उजागर करते रहे हैं। उन्हें कन्याकुमारी से कश्मीर तक जनता ने जिस प्रकार से सराहा, उससे भाजपा घबरा गई है। इस घबराहट का परिणाम राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करना है।

अदाणी मामले से ध्यान भटकाने की चाल

राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने को जैन ने अदाणी मामले से ध्यान भटकाने की भाजपाई चाल बताया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा विपक्षी एकता से घबरा गई है और अदाणी मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग से भाग रही है। केंद्र सरकार और भाजपा के संरक्षण में की गई इस कारवाई का जवाब आगामी चुनावों में जनता देगी। जैन ने कहा कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, मंहगाई, सामाजिक विद्वेष की भाजपा सरकार की नीतियों से जनता तंग आ चुकी है। इस बात को जानकर और जनता के बीच राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर भाजपा ने यह अलोकतांत्रिक कदम उठाया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जगदलपुर एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत

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जगदलपुर 24 मार्च 2023/दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर जगदलपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत किया गया। सीमा सुरक्षा बल के विशेष विमान से एयरपोर्ट पहुंचे गृह मंत्री शाह की अगवानी पूर्व मंत्री केदार कश्यप, महेश गागड़ा, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक संतोष बाफना, बैदूराम कश्यप, श्री लच्छूराम कश्यप, डॉ सुभाऊ कश्यप, वन विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, पूर्व महापौर किरण देव, युवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष कमलचंद भंजदेव, पूर्व सदस्य संग्राम सिंह राणा, गृह विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अतिरिक्त महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, कलेक्टर चंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा सहित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियोंद्वारा की गई।

मुख्यमंत्री जी द्वारा 20 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदी का निर्णय लिया जाना किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम मिथलेश नरोटी

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कुसुमकसा – किसान पुत्र प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के द्वारा 20 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदी निर्णय लिया जाना किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम है जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम है सरकार बनते ही चुनावी घोषणा के अनुरूप सरकार बनते ही सबसे पहला काम किसानों की कर्ज माफी से लेकर किसानों को आगे बढ़ाने के लिए नित्यदिन नये नये योजनाए ला रही है जिससे किसान समृद्ध हो कांग्रेश की भूपेश सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है ।मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ने कहा की आज कांग्रेस की सरकार ने कर्जमाफी से लेकर कई योजनाएं किसानों के हित में लेकर आ रही है ।

चाहे वृक्ष संपदा योजना हो या फिर किसानों को अंतवर्ती फसल लेने के लिए प्रोत्साहन देने की बात हो सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है , आज 4 साल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सभी वर्गों के लिए जिन योजनाओं को लेकर आ रही है निश्चित रूप से आने वाले कल में छत्तीसगढ़ समृद्धि एवं शक्तिशाली बनेगा l मुख्यमंत्री के द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद ,प्रकाशचंद कुचेरिया,एस पी यादव ,अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य ,कन्हैयालाल भौसार्य ,नितिन जैन ,प्रेमचंद जैन ,राजू सिन्हा ,कीर्तन रावटे ,बलराम धरेंद्र ,नितिन पिस्दा , ,कोमल धुर्वे ,जीवराखन नेताम ,उदेराम सिवना ,प्रकाश यामले ,चंद्रभूषण कोठारी ,बलिराम कोसमा ,देवलाल कोर्राम ,सर्वेराम पिस्दा ,रमेश कुमार लेडिया ,जगन्नाथ पिस्दा ,भुवन साहू ,गोविंद नेताम ,प्यारसिंह उइके ,सहित अंचल के किसानों ने हर्ष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस भूपेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।

छिटक चुके आदिवासियों को खुश करने में जुटी है भाजपा

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  • नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ ही आदिवासी बहुल इलाकों पर फोकस कर रही है पार्टी

अर्जुन झा

बस्तर भाजपा से छिटक चुके छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को फिर से अपने पाले में करने के लिए पार्टी के नेता कमर कस चुके हैं। इसके लिए भाजपा द्वारा आदिवासियों के बीच कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार ने भी आदिवासियों के कल्याण और वनांचलों तथा आदिवासी बहुल इलाकों में विकासपरक योजनाएं संचालित कर गांवों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 25 मार्च को प्रस्तावित बस्तर जिले के दौरे को भी ऐसी ही कोशिशों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि श्री शाह सीआरपीएफ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने बस्तर आ रहे हैं।आदिवासी समुदाय शुरू से ही कांग्रेसका सबसे बड़ा वोट बैंक रहा है। बाद के वर्षों में अपने अभ्युदय के साथ ही बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस के इस वोट बैंक में सेंध लगा दी, मगर आदिवासियों के बीच बसपा का तिलिस्म ज्यादा समय तक बरकरार नहीं रह सका। वैसे भी छत्तीसगढ़ में बसपा अपना वजूद कायम करने में कामयाब साबित नहीं हो सकी, मगर भारतीय जनता पार्टी जरूर कांग्रेस के गढ़ आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में अपनी मजबूत पैठ बनाने में सफल हो गई। एक समय ऐसा भी आया, जब कांग्रेस की स्थिति इस संभाग में पूरी तरह चरमरा गई। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहले और दूसरे कार्यकाल में भाजपा का परचम बस्तर संभाग में लहराता रहा। तीसरे कार्यकाल में संभवतः भाजपा के नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को यह गुमान हो गया कि अब आदिवासियों को भाजपा से कोई भी ताकत अलग नहीं कर सकती। यह गुमान भाजपा के लिए आत्मघाती साबित हुआ। अगर डॉ. रमनसिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल तो सफलता पूर्वक पूरे कर लिए, मगर वे सियासी चौका लगाने से चूक गए। चौका न लगा पाने का मलाल डॉ. रमन सिंह को ताजिंदगी रहेगा। छत्तीसगढ़ के, खासकर बस्तर संभाग के भाजपा नेताओं और कार्यकर्त्ताओं ने अगर अपने नेता नरेंद्र मोदी और अमित शाह से जरा बहुत सियासी तालीम सीख ली होती, तो भाजपा को छत्तीसगढ़ में आज के जैसे बुरे दिन देखने को नहीं मिलते। नरेंद्र मोदी और अमित शाह बारहों माह, सातों दिन, चौबीस घंटे जिस तरह से चुनावी मोड में रहते हैं, उसी तरह छत्तीसगढ़ के शीर्ष भाजपा नेता और बस्तर संभाग के पार्टी नेता व कार्यकर्त्ता भी रहते, तो भाजपा को कम से कम बस्तर की सभी 11 विधानसभा सीटें और एक लोकसभा सीट गंवानी नहीं पड़ती। डॉ. रमनसिंह के तीसरे कार्यकाल की समाप्ति तक भाजपा के नेता और कार्यकर्त्ता चैन की बंसी बजाते रहे, जब उनकी आंख खुली तो सब कुछ लुट चुका था।

देर से टूटी है भाजपाइयों की नींद

अब प्रदेश के और बस्तर के भाजपा नेता नींद से जाग उठे हैं। हालांकि उनकी नींद टूटने में बड़ी देर हो गई है। खैर देर आए, दुरुस्त आए। भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता बस्तर संभाग का लगातार दौरा कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव बस्तर दौरे का पहला राउंड पूरा कर चुके हैं। भाजपा के बस्तर संभाग प्रभारी एवं राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय गाहे बगाहे बस्तर प्रवास पर आते ही रहते हैं। पाण्डेय स्थानीय नेताओं के साथ आदिवासियों के घरों में भोजन कर यह संदेश देने की कोशिश में रहते हैं कि भाजपा आदिवासियों की सबसे बड़ी पैरोकार है। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत दो दिन पहले ही बस्तर दौरे पर आई थीं। वे मोर्चा की स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जोश भरकर लौटी हैं। जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष सुधा मिश्रा भी जिले के सभी 11 मंडलों से सतत संपर्क बनाने में लगी हुई हैं।*बेहद अहम है अमित शाह का प्रवास*केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास को कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। शाह 24 मार्च की शाम जगदलपुर आ जाएंगे और 25 मार्च को जगदलपुर से 15 किमी दूर करणपुर में स्थित सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के कार्यक्रम में शिराकत करेंगे। बस्तर संभाग नक्सली गतिविधियों के मामले में काफी ज्यादा संवेदनशील है। यहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती नक्सली गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए की गई है। इन केंद्रीय सुरक्षा बलों ने राज्य की पुलिस और राज्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति में आशातीत सफलता भी पाई है। बीते पांच वर्षों के दौरान 228 नक्सली मारे गए तथा विभिन्न सुरक्षा बलों के 175 जवान शहीद हुए। हालांकि नक्सली हिंसा में 354 निरीह नागरिकों को भी जान गंवानी पड़ी है। मारे गए नागरिकों में अधिकांश आदिवासी समुदाय के ही हैं। सन 2015 में केंद्र सरकार ने नक्सली हिंसा से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और विशेष कार्ययोजना शुरू की। इसके तहत सुरक्षा उपाय, विकासपरक पहल, स्थानीय समुदायों के अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। इस नीति के सफल कार्यान्वयन के चलते नक्सली हिंसा से जुड़ी घटनाओं में लगातार कमी आ रही है। नक्सली हिंसा की घटनाओं में सन 2010 के मुकाबले सन 2022 में 77 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2010 की तुलना में 2022 में सुरक्षा जवानों और नागरिकों की मौतों में 90 प्रतिशत की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार ने इसके अलावा नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल इलाकों में ढांचागत विकास पर भी बहुत ज्यादा जोर दिया है। ऐसे संवेदनशील इलाकों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, गुणवत्ता युक्त अच्छी शिक्षा, उद्योग स्थापना, आदिवासियों के कल्याण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

घातक होगी कांग्रेस को कमतर समझने की भूल

कांग्रेस और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कमतर समझने की भूल करना भाजपा के लिए घातक ही होगी। भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने साढ़े चार साल में आदिवासियों और वनवासियों के हित में अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और जमीनी तौर पर ठोस कदम उठाए हैं। आदिवासियों को सबसे ज्यादा लगाव अपनी कला संस्कृति, आस्था, आराध्य देवी देवताओं, खानपान से रहता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस नब्ज को बखूबी टटोल लिया है और उसी के अनुरूप वे आदिवासी बहुल इलाकों में काम भी करा रहे हैं। उदाहरण के लिए देवगुड़ियों के संरक्षण संवर्धन, समर्थन मूल्य पर वनोपजों की खरीदी, बस्तर के पर्यटन स्थलों के विकास को ही लें, जिन पर छ्ग सरकार ने काफी कुछ कर दिखाया है। ऐसा करके मुख्यमंत्री श्री बघेल आदिवासियों का दिल जीतने में काफी सफल भी हुए हैं।

प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी से किसान होंगे सशक्त : जैन

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  • संसदीय सचिव रेखचंद ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का माना आभार
  • किसान पुत्र मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार किसानों के सच्चे हितैषी :जैन

जगदलपुर संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने छत्तीसगढ़ में किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी करने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होने इसे किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में कांग्रेस सरकार द्वारा लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया है। अब तक राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही थी। गुरुवार को राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा की । जैन ने कहा है कि सीएम भूपेश बघेल इससे पूर्व आगामी सत्र से 2800 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य घोषित किया था। इन दोनों फैसलों के लिए जगदलपुर विधायक ने क्षेत्र के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि ये फैसले बताते हैं कि राज्य के किसानों का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री श्री बघेल की प्राथमिकताओ मे है। जैन ने कहा है कि किसान पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों के सच्चे हितैषी हैं।

कर्ज माफी समेत लिए गए अनेक फैसले

संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा है कि 2018 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अब तक किसानों के हित में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अनेक निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में किसानों की कर्ज माफी का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था। इससे जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के हजारों किसान लाभान्वित हुए हैं। सीएम ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक स्थानों पर नवीन धान खरीदी केंद्र खोलने को मंजूरी दी है। इसके परिणामस्वरुप अब किसानों का धान उस गांव के खरीदी केंद्र तक आने लगा है और उन्हें अनेक दिक्कतों से निजात मिल गई है। कांग्रेस सरकार हर साल धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों की दशा सुधारने में अहम योगदान दे रही है। किसानों से संबंधित यह ऐसे विषय हैं, जिनका समाधान करने की ओर भाजपा सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। जबकि छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 साल लगातार सत्ता में रही।

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