जगदलपुर नगर पालिक निगम आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर दुकान फैलाकर लगाने वालों पर निगम अमले द्वारा कार्रवाई शुरू की गई है। नगर निगम की टीम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क पर सामान रखकर व्यवसाय करने वालों पर कारवाई करने का कार्य शुरू किया गया है। नगर निगम द्वारा लगातार सड़क पर दुकान फैलाकर लगाने वालों को सड़क पर दुकान न लगाने की समझाइए दी जा रही थी। परंतु दुकानदारों द्वारा सड़क पर सामान फैलाकर व्यवसाय किया जा रहा था। जिसकी वजह से आमजनों को परेशानी होने के साथ ही यातायात व्यवस्था में भी व्यावधान उत्पन्न हो रहा था। आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देश पर नगर निगम की टीम का गठन कर उक्त दुकानदारों पर कार्रवाई करने का कार्य शुरू किया गया है।आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया नगर निगम क्षेत्र में सड़क पर सामान फैलाकर दुकानें लगाने की शिकायत लगातार आ रही थीं। इस संबंध में निगम अमले द्वारा लगातार उन दुकानदारों को समझाईश दी जा रही थी। परंतु दुकानदार सड़कों पर सामान फैलाकर व्यवसाय करते रहे। इसे लेकर नगर निगम की टीम द्वारा ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कारवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आगामी दिनों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डोनेट ब्लड वेलफेयर फाउंडेशन
डीबी ग्रुप के 9वे स्थापना दिवस के उपलक्ष पौधो को सुरक्षा प्रदान करने लोहे का ट्री गार्ड लगाया गया जिसमे काटेदार झाड़ी से घेरा कर सुरक्षित किया गया संस्था के सचिव पवन सोनी,लक्ष्मण देवांगन ने बताया कि पिछले वर्ष विभिन्न प्रजाति के पौधे संस्था के द्वारा नगर के टाउनशिप चौपाटी चौक, राजहरा बाबा सरोवर में लगाए गए।

थे,जिसे अस्थायी रूप से घेरा किया गया था। उसे संरक्षित करने के उद्देश्य से लोहे का ट्री गार्ड लगाया गया,संस्था द्वारा पौधे से पेड़ बनते तक की जिम्मेदारी स्वयं से लिया गया है ताकि पौधा पेड़ बन कर शुद्ध वातावरण प्रदान कर सके इस वर्ष गर्मी में तेज धूप का सामना करना पड़ा जिसमे बे जुबानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा हर घर से एक पौधा लगाने की जरूरत है।जिम्मेदारी हम सबकी है अपने पर्यावरण को बचाने हेतु आगे आना चाहिए पौधा रोपण के कार्य को हम सभी मिल कर करे तो सब तरफ हरा भरा होगा संस्था के सभी सदस्य का सहयोग रहा।
दीपक बैज का खुला चैलेंज – हिम्मत है तो हर कांग्रेसी का करा लो नार्को टेस्ट
- देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी पर जमकर बरसे पीसीसी चीफ दीपक बैज
- मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का भी कराया जाए नार्को टेस्ट
जगदलपुर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज आज बेहद आक्रामक मुद्रा में नजर आए। उन्होंने साय सरकार को नार्को टेस्ट कराने के लिए खुलेआम चुनौती दी।
विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में रायपुर में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का ऐसा रौद्र रूप पहली बार देखने को मिला। धरना के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज ने कहा कि बलौदा बाजार कांड में अपनी नाकामी छुपाने और कांग्रेस को बदनाम करने के लिए विष्णु देव साय सरकार चुन चुन कर सतनामी समाज के निर्दोष और निरीह लोगों को तथा कांग्रेस के विधायकों और जनप्रतिनिधियो को गिरफ्तार करवा कर प्रताड़ित कर रही है। बलौदा बाजार में जो कुछ भी हुआ, वह भाजपा की साजिश का नतीजा था। श्री बैज ने कहा कि विधायक देवेंद्र यादव बेकसूर है। कांग्रेस और सभ्य सतनामी समाज की बलौदा बाजार की हिंसा में कोई भूमिका नहीं है। यह सब सतनामी समाज और कांग्रेस को बदनाम करने का हथकंडा है। दीपक बैज ने कहा कि देवेंद्र यादव का नार्को टेस्ट करा लें, सुबोध हरितवाल का नार्को टेस्ट करा लें, गिरीश देवांगन का नार्को टेस्ट करा लें, मलकीत सिंह गैदू का नार्को टेस्ट करा लें, दीपक बैज का नार्को टेस्ट करा लें, सतनामी समाज के लोगों का भी नार्को टेस्ट करा लें। हम कांग्रेसी और सतनामी समाज के लोग बाबा गुरु घासीदास जी के बताए सत्य के मार्ग पर चलने वाले लोग हैं, हम डरने वालों में से नहीं हैं। हां मगर नार्को टेस्ट मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा के लोगों का भी होना चाहिए। हम सत्य की लड़ाई लड़ते रहेंगे, भाजपा साजिश के दम पर हमें परेशान तो कर सकती है मगर झुका नहीं सकती।
भाजपा ने सदस्यता अभियान के मण्डल प्रभारी व संयोजक नियुक्त किये
- जिले के सभी 11 मण्डलों में संयोजक व चार सदस्यीय टीम गठित
- भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी ने भाजपा सदस्यता अभियान को गंभीरता से पूर्ण करने कहा
जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी पहली सितम्बर से आरंभ हो रहे सदस्यता अभियान के लिये जिले के सभी 11 मण्डलों के प्रभारी और मण्डल वार संयोजक व सदस्यों की नियुक्ति भाजपा जिला अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी ने की है। जिसमें योगेन्द्र पाण्डेय तोकापाल व करपावण्ड मण्डल के होंगे। ऐसे ही रामाश्रय सिंह को नगरनार व जगदलपुर मण्डल, रजनीश पाणिग्रही नानगूर व दरभा, नरसिंह राव लोहण्डीगुड़ा व बास्तानार, व्हीएस राजपूत भानपुरी व बस्तर मण्डल एवं स्नेहलता बैस को बकावण्ड मण्डल का सदस्यता अभियान प्रभारी बनाया गया है।
भाजपा सदस्यता अभियान को गति देने जिले के सभी मण्डल में संयोजक सहित चार सदस्यों की नियुक्ति की गयी है। जिसके तहत बस्तर मण्डल में संयोजक नरेंद्र जोशी व सदस्य गणेश बघेल, चमरू राम, चमेली साहू, मानसाय बघेल, नगरनार मण्डल में संयोजक रघु सेठिया व सदस्य महादेव बघेल, मोहन सेठिया, चमेली जिराम,फूल सिंह नायर, करपावण्ड मण्डल में संयोजक पुलकेश्वर पाण्डेय व सदस्य जेपी बैद्य, विषम ठाकुर, तरूण पाण्डेय, ललिता कश्यप, तोकापाल मण्डल में संयोजक सोमारूराम कश्यप व सदस्य परदेशी कश्यप, रैतुराम बघेल, शांति नाग, रामबती भण्डारी, बास्तानार मण्डल में संयोजक संतोष सिंह ठाकुर व सदस्य सुनील कुर्राम,कमल सिंह ठाकुर, प्रिया मुचाकी,सोहन पोशाक, नानगूर मण्डल में संयोजक नीलाम्बर सेठिया व सदस्य धरमु मण्डावी, कमल कुमारी सेठिया, लखमु बघेल, राजू पोयाम, बकावण्ड मण्डल में संयोजक पुरूषोत्तम जोशी व सदस्य दामोदर बघेल, धनमती बिसाई,भोलानाथ नाग, गुड्डू राम भद्रे,भानपुरी मण्डल में संयोजक प्रवीण सांखला व सदस्य राजेश सागर, खुलेश्वर कश्यप, तुलसू कश्यप, नील कुमारी बघेल, दरभा मण्डल में संयोजक हरी प्रसाद कश्यप व सदस्य देवी प्रसाद बेंजाम,महादेव कवासी, नारायण कुरानी, सोनम राजपूत, लोहण्डीगुड़ा मण्डल में संयोजक नरसिंह ठाकुर व सदस्य मंगतूराम कश्यप, बसंत कश्यप, सावेन्द्र सेठिया, रंजीता जोशी और जगदलपुर मण्डल में संयोजक मनोहर दत्त तिवारी व सदस्य राकेश तिवारी, शशिनाथ पाठक, अतुल सिम्हा, गीता नाम बनाये गये हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी ने सभी से सदस्यता अभियान के दायित्वों को गंभीरता से पूरा करने कहा है।
समाज के सभी वर्ग भाजपा से नाराज: जैन
- कांग्रेसियों ने दंतेवाड़ा में दिया धरना
जगदलपुर साय सरकार रिमोट सरकार है। मात्र आठ माह में ही जितने निर्णय लिया है, उससे समाज के सभी वर्गों में नाराजगी है। शनिवार को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में आयोजित कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने यह बात कही। बलोदाबाजार में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती रही और शासन- प्रशासन खामोश रहे। अब साजिश रचकर ऊर्जावान विधायक देवेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया गया है। रेत के कालाबाजारी की रिपोर्टिंग करने कोंटा गए बस्तर के पत्रकारों को फंसाया गया है। सरकार तथा भाजपा नेताओं के संरक्षण में रेत की तस्करी चल रही है। छत्तीसगढ़ में कोई भी संगठन सरकार से खुश नहीं है। नगरनार स्टील प्लांट को एक चर्चित व्यक्ति की कंपनी को सौंपे जाने के प्रयास की भी जैन ने निंदा की। बस्तरियों व बस्तर के साथ इसे भाजपा के धोखे की संज्ञा देते उन्होने कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले जगदलपुर आए प्रधानमंत्री मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह ने प्लांट को बस्तर के लोगों की सम्पत्ति बताते उनका अधिकार स्वीकार किया था।
पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा
जैन के साथ धरने में मौजूद दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा, छविंद्र कर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा समेत अन्य वक्ताओं ने आंध्र पुलिस के द्वारा बस्तर के पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की। इन्होने कहा कि भाजपा शासनकाल में पत्रकारों पर दमन बढ़ गया है, कांग्रेस इसकी आलोचना करती है। बस्तर के पत्रकार कोंटा में रेत की कालाबाजारी की रिपोर्टिंग करने गए थे। इन पत्रकारों को गांजा की अवैध तस्करी के नाम पर इसलिए हिरासत में लिया गया है क्योंकि यह बस्तर से रेत चोरी व राजस्व हानि समेत भाजपा शासन व प्रशासन की पोल खोलने वाले थे। श्री जैन ने विगत दिनों पीसीसी के निर्देश पर गठित कांग्रेस के जांच दल द्वारा मामले की जांच करने की जानकारी भी दी।
जेपीसी जांच की मांग
वक्ताओं ने विधायक देवेन्द्र यादव की रिहाई तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। साथ ही, बलोदाबाजार कलेक्टोरेट व एसपी कार्यालय को आग लगाने की घटना को राज्य के लिए कलंक निरुपित किया। जातिगत जनगणना की कांग्रेस की मांग से अजा, अजजा, अपिव आदि को शीघ्र न्याय मिलने की बात कही। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आलोक में सेबी अध्यक्ष के द्वारा पद त्यागने तथा पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग भी की गई। धरना के दौरान श्री जैन के साथ दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा, छविंद्र कर्मा, विमल सुराना, तुलिका कर्मा, सुलोचना कर्मा, पूजा साव, साक्षी सुराना, इंदिरा शर्मा, कोपा कुंजाम, अनिल कर्मा, राजू रेड्डी, शंकर कुंजाम, प्रवीण राणा, मनीष भट्टाचार्य, परमजीत सिंह जसवाल, अमजद खान, हेमू उपाध्याय, संतोष सिंह, राकेश मंडावी समेत कांग्रेस पार्षद, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई आदि संगठनों के पदाधिकारी- कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम संचालन सलीम रजा उस्मानी ने किया।
स्कूलों में शिक्षकों का टोंटा, शिक्षकों को सालों से फिजूल के काम में लगाया
- संलग्नीकरण के नाम पर जिला मुख्यालय में तैनाती
अर्जुन झा
बकावंड एक ओर तो विकासखंड बकावंड की शालाएं शिक्षकों की कमी से जूझ रही हैं, वहीं कई शालाओं के शिक्षकों को अनाप शनाप कार्यों में सालों से लगा दिया गया है। अटैचमेंट के नाम पर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

संलग्नीकरण के नाम पर आदिवासी विकासखंडों के शिक्षको को शहर में रखकर मामूली कार्य लिया जा रहा है ये वर्षो से तनखाह तो अपने मूल स्कूल से लेते आ रहे हैं और ड्यूटी अधिकारी की मर्जी से कर रहे हैं। शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने सरकार प्रयास करती है, लेकिन विभागीय मनमानी और लचर व्यवस्था का का फायदा उठाकर कई शिक्षक अपनी मनचाही जगह पर पोस्टिंग पा रहे हैं।ऐसे मुफ्तखोर शिक्षकों को गांवों के बच्चों की जिंदगी संवारने की चिंता नहीं है। अटैचमेंट के नाम पर अधिकारी भेंट पूजा लेकर ऐसे शिक्षकों को जिला मुख्यालय में ऎसी जगह पर संलग्न कर रखे हैं, जहां उनकी योग्यता की कोई उपयोगिता ही नहीं है। जैसे विषय विशेषज्ञ व्याख्याता को ग्रंथपाल बना दिया गया है, व्यायाम प्रशिक्षक को स्टेडियम में तैनात कर दिया गया है, विद्यार्थियों का भविष्य जाए भाड़ में। बकावंड विकासखंड के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय करीतगांव के व्याख्याता सुशील कुमार साहू को जिला ग्रंथालय जगदलपुर में अटैच किया गया है। सुशील कुमार साहू को ग्रंथालय में ड्यूटी बजाते 1 साल 2 माह हो चुके हैं। वहीं इसी स्कूल के व्यायाम शिक्षक श्रवण कुमार साहू को जिला ओलंपिक संघ बस्तर का सचिव बनाकर इंदिरा स्टेडियम जगदीश में साढ़े छह साल से अटैच कर रखा गया है। इन दोनों का अटैचमेंट तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने किया था। सोचने वाली बात है कि विषय विशेषज्ञ व्यख्याता का लाइब्रेरी में भला क्या काम? वहीं व्यायाम प्रशिक्षक को साढ़े छह साल से स्टेडियम अटैच रखना भी हास्यास्पद ही नहीं चिंतनीय भी है। स्कूल के प्राचार्य ने मौजूदा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर व्यायाम प्रशिक्षक श्रवण कुमार साहू और व्याख्याता सुशील कुमार साहू का संलग्ननीकरण रद्द कर उनकी नियुक्ति मूल शाला में करने का आग्रह किया है। वैसे संलग्ननीकरण के यही दो मामले नहीं हैं, बल्कि जिले की कई शालाओं के शिक्षक शिक्षिकाओं ने जिला मुख्यालय में अपने को एडजस्ट करवा लिया है।
मुखबिर के शक में ग्रामीण को मार डाला नक्सलियों ने
- बीजापुर जिले गंगालूर थाना क्षेत्र का मामला
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने बीती रात पुलिस के लिए मुखबिरी करने के शक में एक ग्रामीण की धारदार हथियार से निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। नक्सली वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार शनिवार की दरमियानी रात गंगालुर थाना क्षेत्र के पुसनार गांव में नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में ग्रामीण लांचा पुनेम की धारदार हथियार से निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। नक्सलियों ने जिस ग्रामीण की हत्या की है, वह बुजुर्ग और क्षेत्र का जमींदार कहलाता है। नक्सलियों ने हत्या के बाद वहां एक पर्चा भी छोड़ा है। जिसमें नक्सलियों ने लिखा है की 4 बार जन अदालत लगाकर बुजुर्ग जमींदार को समझाया गया था कि पुलिस की मुखबिरी मत करो, लेकिन ये लगातार पुलिस की मुखबिरी कर रहा था। जिसके चलते इसे मौत की सजा दी गई है। नक्सलियों की गंगालूर एरिया कमेटी ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। वही दूसरी ओर खबर लिखे जाने तक इस घटना की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई थी।
माताओं ने मनाया कमरछठ पर्व, संतान एवं परिवार के किए रखा व्रत
- बस्तर के गांव गांव में मनाया गया हलषष्ठी पर्व
जगदलपुर माताओं ने हलषष्ठी कमरछठ का त्योहार उल्लास के साथ आज मनाया। बस्तर संभाग मुख्याल जगदालपुर की माताओं ने भी आज निर्जला व्रत रखकर अपने बच्चों और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ कमरछठ की पूजा अर्चना की। पथरागुडा के शिव मंदिर मे बड़ी संख्या मे माताएं, बहनें सुबह से व्रत रखा और मंदिर पहुंचकर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। पंडित नवीन द्वारा विधि विधान से पूजा कराई गई। व्रतधारी महिला राधिका साहू ने बताया कि प्राचीन काल से ऐसी मान्यता चली आ रही है कि हलषष्ठी व्रत रखकर घर परिवार बच्चों के सुख समृद्धि के लिए भगवान गणेश कार्तिकेय माता पार्वती एवं शिव के साथ समस्त देवी देवताओं की पूजा की जाती है।
क्या गुनाह किया है छिंदीगांव- 2 के डुरकाटोगा पारा के इन 80 परिवारों ने, जो 50 साल से भोग रहे हैं ऎसी सजा
- कीचड़ भरी कच्ची सड़क पर चलने की मजबूरी
- ग्राम पंचायत ने उपेक्षित छोड़ दिया है बस्ती को
अर्जुन झा-
बकावंड एक बस्ती, 80 परिवार और 50 साल की त्रासदी। इस बीच बस्ती में कई लोग पैदा हुए और मर खप गए। आज से 50 साल पहले जो यहां पैदा हुए थे, आज उनके बाल पक चुके हैं, वे दादा नाना बन चुके हैं, मगर बस्ती की सड़क पक्की नहीं हो पाई। अब लगता है उनके नाती पोते भी ऎसी ही बदहाली के बीच जवान होंगे।
यह व्यथा कथा है विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत छिदीगांव- 2 के डुरकाटोगा पारा बस्ती की।डुरकाटोगा बस्ती में बीते 50 साल से 80 परिवार रहते आ रहे हैं। पचास साल गुजर जाने के बाद भी एक अच्छी सड़क इस बस्ती को नसीब नहीं हो पाई है। जहां आज पूरे छत्तीसगढ़ के हर गांव की हर गली में सीसी रोड बन चुकी है, वहीं डुरकाटोगा पारा बस्ती के लोग मिट्टी वाली सड़क पर आना जाना करने मजबूर हैं। यहां सीसी रोड बनाना तो दूर सालों पुरानी कच्ची सड़क पर ग्राम पंचायत ने मुरुम तक डलवाना जरूरी नहीं समझा है। बरसात के दिनों में यहां के ग्रामीणों का दूसरे गांवों तक जाना दूभर हो जाता है। यहां तक कि ग्राम पंचायत मुख्यालय छिंदीगांव-2 जाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत में सड़क पर मुरूम डालने का निवेदन करने पर जवाब मिलता है कि फंड उपलब्ध नहीं है। शासन ग्राम पंचायतों को हर साल करोड़ों रुपयों का आवंटन अलग अलग मदों से करती है। जिला खनिज न्यास मद से बड़ी रकम मिलती है, 14वें एवं 15वें वित्त की भी भरपूर रकम मिलती है। केंद्र सरकार ने भी जन मन योजना के तहत आदिवासी गांवों के समग्र विकास के लिए खजाना खोल दिया है। ऐसे में यह बड़े ही ताज्जुब की बात है कि छिंदीगांव -2 ग्राम पंचायत के पास मुरुम डलवाने के लिए 4-5 हजार रुपए भी नहीं हैं? रुपए तो बहुत होंगे, मगर इस बस्ती के साथ उपेक्षा भाव के कारण उन रुपयों का उपयोग इस बस्ती के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नहीं किया जा रहा है। ढुरकाटोगा पारा के मुरहा, लुकू, मंगल, सुरीले, लघु, सुमन, सुरेंद्र, फाल्गुनी, भारत, बोटी, चेलिया, सुकरू आदि ग्रामीणों का कहना है कि कई सरपंच आकर चले गए लेकिन हमारे पारा में कुछ भी सुधार नहीं हो पा रहा है। आने वाला समय में जो काम करेगा उसी को हम सरपंच बनाएंगे।
वर्सन
पंचायत में फंड नहीं है
ग्राम पंचायत फंड में राशि नहीं है, कहां से मुरूम डालेंगे।
–बालेशर बघेल,
सरपंच, छिंदीगांव -2
नारायणपुर और बालोद जिलों के ट्रांसपोर्टरों के बीच ‘ट्रक -युद्ध`, रोके एक दूसरे के कई ट्रक
- नारायणपुर में रोके गए दल्ली राजहरा के 20 ट्रक
- दल्ली राजहरा में भी रोके गए नारायणपुर के ट्रक
-अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले और दुर्ग संभाग के बालोद जिले के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के बीच ‘ट्रक युद्ध` छिड़ गया है। दोनों जिलों के ट्रांसपोर्टर अपने अपने जिले में प्रतिद्वंदी जिले के ट्रकों को बैन करने पर आमादा हो गए हैं। दरअसल व्यवसायिक हित लाभ की वजह से ऐसा किया जा रहा है। इस द्वंद की शुरुआत नारायणपुर जिले के ट्रांसपोर्टरों की ओर से हुई है और अब बालोद जिले के ट्रांसपोर्टर्स ने भी दल्ली राजहरा में नारायणपुर के ट्रकों को रोक लिया है। आगे चलकर हालात बिगड़ने का अंदेशा है। इससे बचने के लिए दोनों जिलों के प्रशासन को फौरी कदम उठाने होंगे।
नारायणपुर जिले के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने बालोद जिले के दल्ली राजहरा, चिखलाकसा, कुसुमकसा आदि के डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा 16 पहिया ट्रकों को रोक लिया है। पिछले तीन दिनों से दल्ली राजहरा अंचल के ये सारे ट्रक नारायणपुर जिले में खड़े हैं। जानकारी के मुताबिक दल्ली राजहरा के ये सभी ट्रक नारायणपुर के छोटे डोंगर में कच्चा माल भरने गए थे। बताते हैं कि दल्ली राजहरा के 20 से अधिक 16 पहिया ट्रकों को नारायणपुर में वहां के ट्रांसपोर्टरों ने रोक रखा है। जिसके बाद आज शुक्रवार को दल्लीराजहरा के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने भी बदला लेते हुए नारायणपुर के कई 16 पहिया ट्रकों को दल्ली राजहरा के मानपुर मोहला चौक पर रोक लिया है। वहीं दल्लीराजहरा के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने उनके ड्राइवरों को बंधक बनाने और फिर बाद में मारपीट कर ड्राइवरों को भगा देने का आरोप लगाया है। दल्ली राजहरा में नारायणपुर के 16 पहिया ट्रक मालिकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
दल्ली के ट्रक मालिक बेहाल
दरअसल बीते कुछ सालों से दल्ली राजहरा के ट्रक मालिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। एक जमाना था, जब दल्ली राजहरा में ट्रक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय काफी समृद्ध था। वहां ट्रकों की संख्या हजारों में हुआ करती थी। ट्रक मालिकों के साथ ही हजारों ड्राइवर, क्लीनर्स और मजदूरों को भरपूर काम मिल रहा था। ट्रक रिपेयरिंग गैरेज भी वहां बड़ी तादाद में थे, टायरों के पंचर बनाने वाले भी अच्छी कमाई कर लेते थे। महामाया, दल्ली राजहरा की लौह अयस्क माइंस बंद होने के बाद इन सभी ट्रक मालिकों, ड्राइवर, क्लीनर्स, मजदूरों, रिपेयरिंग गैरेज मालिकों व उनके मेकेनिक, हेल्परों और पंचर बनाने वालों के रोजी रोजगार का जरिया तबाह हो गया है। इसलिए वे नारायणपुर के छोटेडोंगर स्थित खदान में अपने ट्रक लगाने लगे हैं। अब इस पर भी संकट खड़ा हो गया है। अगर दोनों जिलों के ट्रक मालिक यूं ही लड़ते झगड़ते रहे तो नुकसान दोनों का ही होगा। वहीं दूसरी ओर आगे चलकर हालात और भी बिगड़ सकते हैं। इससे बचने के लिए दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित हस्तक्षेप करना होगा।


