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एसटी की तरह एससी की जमीन खरीदी- ब्रिकी पर लगे रोक

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  •  आरक्षण बढ़ाने की भी मांग रखी माहरा समाज ने

जगदलपुर अनुसूचित जाति वर्ग के माहरा समाज ने मुख्यमंत्री से अनुसूचित जनजाति वर्ग की तरह अनुसार जाति के लोगों की भी जमीन की खरीदी बिक्री पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में माहरा समाज के लिए आरक्षण प्रतिशत बढ़ाने की भी मांग की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद थे।

बस्तर संभाग में माहरा समाज आदिवासियों के बाद दूसरे क्रम का बड़ा समाज है और वर्षों तक आरक्षण के लिए जद्दोजहद करता रहा है। पहले यह सामान्य वर्ग में आता था जिससे इस समाज से जुड़े लोगों की जमीन खरीदी- ब्रिकी जोरों पर थी और अभी भी जमीन खरीदी- ब्रिकी जोरों पर है। अब इस समाज को अनुसूचित जाति वर्ग का दर्जा मिल चुका है। इसके बाद भी समाज के लोगों की जमीन की खरीदी- बिक्री जारी है, जिस पर रोक लगाने की मांग की गई है।वहीं माहरा समाज ने अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण प्रतिशत भी बढ़ाने का निवेदन मुख्यमंत्री से किया है जिससे उनके समाज के लोगों को भी आरक्षण का पर्याप्त लाभ मिल सके। 1 अगस्त को बस्तर प्रवास पर आए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से माहरा समाज बस्तर संभाग के पदाधिकारियों ने सर्किट हाउस में मुलाकात की। मुख्यमंत्री को समाज की प्रमुख मांगों का ज्ञापन दिया गया। आरक्षण प्रतिशत बढ़ाने और माहरा समाज के जमीन को दूसरे समाज के लोग न खरीद सकें व कई विषयों की ओर ध्यान आकर्षित करवाय। माहरा समाज के संभागीय अध्यक्ष राजू बघेल के नेतृत्व में पहुंचे समाज के दल में संरक्षक एसआर बघेल, महासचिव दिलीप पेद्दी, विनय सोना, बाबुल नाग, ज्ञानेश्वर कर्मा, कन्हैया सोना, भुवनेश्वर नाग, फूलसिंग बघेल,भारत चालकी, प्रेम चालकी, गोपाल नाग, गणेश नागवंशी, डीकेश नाग, राजू मेहरा, नुकेश बघेल, कैलाश विक्की,सोनसाय नाग,रूपेश नेताम,रघु बघेल, रैतु बघेल, घासीराम नाग, आनंद, दीपक कश्यप, जलन कश्यप, दामू बघेल, दयाराम बघेल, राजेंद्र बघेल एवं समाज के सदस्य शामिल थे।

बस्तर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का सिलसिला जारी

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  • तीन महिला नक्सलियों सहित फिर 5 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

अर्जुन झा

जगदलपु बस्तर संभाग के कुछ जिलों में नक्सलियों के आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का सिलसिला लगातार जारी है।रोज बड़ी संख्या में नक्सली और उनके सहयोगी आत्म समर्पण करने आगे आ रहे हैं। इसी क्रम में संभाग के सुकमा जिले में शुक्रवार को फिर पांच नकासलियों ने पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण किया है।

छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति एवं नियद नेल्ला नार योजना का व्यापक से प्रभाव तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के प्रति बढ़ते जन विश्वास से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सभी आत्मसमर्पित नक्सली चिंतलनार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना शाखा एवं 223 वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा है। सुकमा जिले में बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी., डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, सूरजपाल वर्मा, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ रेंज कोंटा, आंनद सिंह राजपुरोहित, उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं किरण चव्हाण, पुलिस अधीक्षक सुकमा, नवीन कुमार, कमांडेंट 223 वाहिनी सीआरपीएफ के निर्देशन तथा अजित सिंह नेगी, नितिन कुमार द्वितीय कमान अधिकारी 223 वाहिनी सीआरपीएफ, निखिल राखेचा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, आकाश राव गिरेपूंजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा किए जा रहे भेदभाव तथा स्थानीय आदिवासियों पर की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय 3 महिला नक्सलियों सहित 5 नक्सलियों महिला मल्ले उर्फ सोड़ी मनीषा पिता भीमा

सुरपनगुडा़ आरपीसी सीएनएम सदस्या जाति मुरिया निवसी किस्टावरम, माड़वी कोसी पति दूला सुरपनगुड़ा आरपीसी केएमएस सदस्या जाति मुरिया निवसी किस्टावरम, महिला मड़कम देवे पिता देवा सुरपनगुडा़ आरपीसी सीएनएम सदस्या जाति मुरिया निवसी किस्टावरम पटेलपारा, सोड़ी कोसा पिता नंगा सुरपनगुड़ा आरपीसी मिलिशिया सदस्य जाति मुरिया निवासी किस्टावरम पटेलपारा एवं वेट्टी कन्ना पिता वेट्टी गंगा सुरपनगुडा़ आरपीसी सीएनएम सदस्य जाति दोरला निवासी किस्टावरम द्वारा आज 2 अगस्त को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में सपन चौधरी उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा एवं निरीक्षक सुजीत कुमार, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा एवं नक्सल सेल आसूचना शाखा टीम का विशेष प्रयास रहा। ये सभी प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर जिले के विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गश्त त पार्टी की रेकी कर हमला करने, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गो में स्पाईक लगाने, मुख्य मार्गों को खोदकर अवरूद्ध करने, शासन-प्रशासन के विरूद्ध नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने आदि घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान कराई जाएंगी।

बस्तर से रायपुर चलने वाली बसों को रायपुर रेलवे तक चलाने सीएम से मिले जगदलपुर के नेता

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  • बस्तर से जाने वाली बसों को रायपुर स्टेशन तक चलाने की मांग रखी: सुरेश गुप्ता 

जगदलपुर पूरे दक्षिण बस्तर के साथ ही बस्तर जिले से रायपुर तक सफर का एकमात्र साधन बस है। बस्तर जिले में निवासरत परिवारों को यदि रायपुर से ट्रेन के माध्यम से अन्यत्र यात्रा करनी हो तो ऐसे में बस्तर के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बस्तर के यात्री रायपुर में पचपेड़ी नाका में उतरते हैं या नया बस स्टैंड उतरकर इन्हें रेलवे तक ऑटो टैक्सी के माध्यम से जाना पड़ता है। ऐसे में यदि बस तड़के 2 बजे से 4 बजे रायपुर पहुंचती है और 6 बजे की ट्रेन है तब यात्रियों को और भी कठिनाई होती है।

बस्तर के यात्रियों की परेशानी को लेकर जगदलपुर नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बस्तर के यात्रियों के हितों को ध्यान में रखने हेतु ज्ञापन सौंपा। सुरेश गुप्ता ने मांग की है कि बस्तर ही नहीं बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर जिलों से चलने वाली समस्त बसों के रायपुर पहुंचने का समय रात्रि 9 बजे के बाद और सुबह 8 बजे के पहले है ऐसी समस्त बसों का संचालन रायपुर रेलवे स्टेशन तक होना चाहिए। सुरेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष बस्तर के यात्रियों को होने वाली परेशानियों को रखकर बस्तर के यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रात्रि 9 बजे के बाद नो एंट्री का समय होता है ऐसे में इस दौरान बस्तर संभाग से आने वाली समस्त बसों का संचालन रेलवे स्टेशन तक करने की मांग करते हुए पत्र सौंपा है। इससे बस्तर से रायपुर जाकर रेलवे के माध्यम से अन्यत्र यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विषय के गंभीरता से लिया है। ज्ञापन देते समय संजय पांडे, योगेश शुक्ला, योगेश ठाकुर, संतोष बाजपेई, सूर्य भूषण सिंह, गजेंद्र पगारे, प्रेम सेठिया, उपस्थित थे।

बस्तर में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हो रहा है जमीनी तौर पर काम: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव

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  • विधायक किरण देव ने 206 छात्राओं को किया साइकिल वितरण

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र जगदलपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आसना, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मीडियम स्कूल हाटगुड़ा, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल तुरेनार, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय माड़पाल एवं शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल मारकेल में सरस्वती साइकिल योजना के तहत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने छात्राओं को साइकिल वितरण किया।

विधायक किरण देव ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जलवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विधायक किरण देव ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आज जगदलपुर विधानसभा के हाईस्कूलों में 206 छात्राओं को साइकिल वितरण किया जा रहा है। सभी छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं। सभी बच्चे बेहतर ढंग से पढ़ाई करें और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें। हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं सभी मामलों में प्रदेश का समग्र विकास हो। प्रदेश के जनता द्वारा भाजपा पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का कार्य हमारी प्रदेश सरकार कर रही है। श्री देव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के साथ हमारी छात्राओं को स्कूल आने में परेशानी ना हो इसके लिए सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरकार द्वारा साइकिल का वितरण किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छा अवसर देना हमारा कर्तव्य है। हमारी सरकार की मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र को अग्रसर होते हुए प्रदेश के बच्चों बेहतर शिक्षा दिलाना हमारा कर्तव्य है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी स्कूलों को व्यवस्थित और बेहतर बनाया जाएगा ।

किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होगी। वही साइकिल वितरण कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। विधायक किरण देव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति की सरहाना की। साथ ही एक पौधा मां के नाम के तहत स्कूलों में पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में विधाशरण तिवारी, भाजपा महामंत्री रामाश्रय सिंह, नगरनार मंडल अध्यक्ष सुब्रतो विश्वास, आसना सरपंच प्रवीण देहारी, सरपंच माड़पाल मंदना नाग, करनपुर सरपंच, रामनाथ कश्यप, पद्मनाभ नाग, राधेश्याम पेंद्रे, रूपेश समरथ, वेणुधर पाणिग्रही, उमाकांत पाणिग्रही, मुरली दास, महादेव, जयराम, डीईओ बलिराम बधेल, जनपद सीईओ अमित भाटिया, बीईओ मानसिंह भारद्वाज, प्राचार्य, स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

ये हाल है बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवा का, टॉर्च की रौशनी में कराना पड़ता है यहां प्रसव!

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  • भोपालपटनम सीएचसी में मोबाईल टार्च के बूते प्रसव 
  • दो साल से नकारा पड़े हैं स्वास्थ्य केंद्र के दो जनरेटर 
  • नए जनरेटर को शुरू करने विभाग के पास समय नहीं 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के जिला मुख्यालयों को छोड़कर शेष सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा बुरा हाल है। कहीं डॉक्टर नहीं हैं, तो कहीं जनरेटर बंद पड़े हैं, तो कहीं स्टॉफ की कमी बनी हुई है। ऎसी ही दुर्दशा बीजापुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम की भी हो चली है। वहां हालत बद से बदतर होती जा रही है। आलम यह है कि बिजली गुल हो जाने पर मोबइल फोन के टॉर्च की रौशनी में प्रसव कराना पड़ रहा है। वैसे भी बस्तर संभाग में बिजली आपूर्ति की स्थिति जग जाहिर है।

बस्तर संभाग का बीजापुर जिला सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिला है और इस जिले का भोपालपटनम अनुभाग तो और भी ज्यादा संवेदनशील है। इस अनुभाग में आएदिन नक्सली वारदातें होती रहती हैं। इन वारदातों में घायल होने वाले लोगों के शुरूआती उपचार के लिए एकमात्र बड़ा अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम ही है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण अस्पताल में बिजली का समुचित इंतजाम न होना सिस्टम की नाकामी को ही उजागर करता है। इस स्वास्थ्य केंद्र में बिजली है और दो जनरेटर भी हैं। वहां अक्सर बिजली गुल होने की समस्या बनी रहती है। बिजली गुल हो जाने पर अस्पताल में उपचार मोबाईल टार्च के जरिए किया जाता हैं। यह मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं तो, और क्या है? डिलवरी के इमरजेंसी केस आ जाने पर अस्पताल के लेबर रूम में स्टॉफ नर्स मोबाईल टॉर्च की रौशनी में प्रसव करवाने विवश हो जाती हैं। अस्पताल में दो बड़े जनरेटर उपलब्ध कराए गए हैं, मगर दोनों जनरेटर लगभग दो साल से खराब पड़े हैं‌। सौर पैनल भी अस्पताल में तो लगाया गया है, लेकिन वह भी खराब रहता है। अस्पताल में बिजली बाधित होने के बाद परेशानी की स्थिति निर्मित हो जाती है। कभी-कभी तो पूरी रात बिजली गुल रहती है। ऐसा में जब मरीजों का इलाज और प्रसव का समय आता है, तो स्वास्थ्य कर्मियों को अपने मोबाइल टार्च या मोमबत्ती की रौशनी का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन यह नियुक्त बीएमओ और विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले में जरा भी गंभीर नही हैं‌। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीणों के उपचार पर पड़ रहा है। भोपालपटनम के इतने बड़े इलाके में इकलौते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह हालत हैं, तो अंदरूनी गांवों में स्वास्थ्य सेवा का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। जब से भोपालपटनम में नए बीएमओ नियुक्त हुए हैं। तब से आए दिन कुछ न कुछ बड़ी लापरवाही कि खबरे निकलकर सामने आती रहती हैं। कोई अगर अव्यवस्था के बारे में सलाह दे तो उस पर डाक्टर साहब भड़क उठते हैं।

वैक्सीन हो रही है खराब

बिजली चली जाने के बाद अस्पताल में पूरी तरह अंधेरा घंटों छाया रहता है। अस्पताल के फ्रीजर में रखी टिटनेस, बच्चों को लगने वाली वैक्सीन भी खराब हो जाती हैं। वैक्सीन को शून्य से भी नीचे तापमान वाले फ्रिज में रखना जरूरी होता है। जब बिजली के बिना फ्रिजर ही बंद पड़े हों तो वैक्सीन भला कैसे सुरक्षित रह पाएगी? बता दें कि भोपालपटनम में बिजली कि सबसे ज्यादा परेशानी है। आएदिन बिजली घंटो नही रहती है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही वजह से कई काम पिछड़ते जा रहे हैं। विभागीय लापरवाही से दो जनरेटर दो साल से ख़राब पड़े हैं‌। नया जनरेटर दिया गया है, जिसके इंस्टालेशन की फुर्सत किसी के पास नहीं है। अस्पताल में पहले से दो जनरेटर लगे हुए हैं। दोनों लगभग दो साल से ख़राब हैं। सौर ऊर्जा चलित बिजली भी बंद पड़ी है। कलेक्टर द्वारा 28 जून को भोपालपटनम में लाईट की अनियमित व्यवस्था व समस्या को देखते हुए तत्काल नए महेंद्रा जनरेटर भेजव दिया गया। लेकिन उसे इंस्टॉल करने के लिए बीएमओ द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। लगभग एक महीने से नया जनरेटर को भी खुले आसमान तले रखा हुआ है। भोपालपटनम के बीएमओ अपने कर्तव्य से पीछे भाग रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है।

वर्सन

सीएमएचओ को है खबर

नए जनरेटर को इंस्टॉल करने सीएमएचओ को सूचना दे चुका हूं। इन्वर्टर भी वायरिंग कि वजह से खराब है। इससे ज्यादा जानकारी के लिए सीएमएचओ से बात कर लें।

-डॉ. चलपति राव,

     बीएमओ, भोपालपाटनम

रेल्वे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी आरोपी गिरफ्तार

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  • रेल्वे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी उत्तम चंद खाण्डेकर को बालोद पुलिस ने गोदिया(महाराष्ट) से किया गिरफ्तार।
  • आरोपी के द्वारा 19,55,000 रू लेकर रेल्वे में नौकरी लगाने के नाम से किया था ठगी।
  • आरोपी पूर्व सैनिक(आर्मी) से वर्ष 2008 से रिटायर होकर लोगो को झांसे में लेकर करता है ठगी।
  • पूर्व में भी ठगी के प्रकरण में जा चुका है, जेल।
  • आरोपी उत्तम चंद खाण्डेकर व उसके साथी के विरूद्व बालोद जिले में दर्ज है 03 प्रकरण।

 

पुलिस पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन पर श्रीमान पुलिस अधीक्षक बालोद  एस.आर.भगत के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद अशोक कुमार जोशी एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद श्री देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में बालोद क्षेत्र के भोले भाले जनताओं एवं बेरोजगार यूवाओं को नौकरी लगाने के नाम पर हो रहे ठगी के आरोपी को गिरफतार करने हेतु वरिष्ठ अधिकारीयों के द्वारा निर्देशित किया गया है।

थाना बालोद के ठगी के प्रकरण में प्र.आर.भगवान सिंह धुव्र एवं हरीशचंद्र सिन्हा के नेतृत्व में 02 विशेष टीम बनाकर पूर्व से फरार आरोपी उत्तमचंद खाण्डेकर को गिरफतार करने हेतु जिला गोदिया एवं नागपुर टीम भेजा गया था जो फरार आरोपी उत्तमचंद खाण्डेकर अपने मूल पता को छोड़कर दुसरे जगह रहने की सूचना पर पुलिस टीम के द्वारा ठगी के आरोपी को पकड़कर थाना बालोद लाया गया।

 

घटना इस प्रकार है कि, प्रार्थी घनष्याम ढीमर पिता स्व. विष्णुराम ढीमर उम्र 39 वर्ष सा. रेल्वे कालोनी बालोद थाना व जिला बालोद द्वारा प्रस्तुत शिकायत जांच पर आरोपी डुलेष कुमार साहू, द्वारा प्रार्थी से जान पहचान होने से प्रार्थी को रेल्वे विभाग में स्टेशन मास्टर के पद पर नौकरी लगाने का प्रलोभन दिया जिसके बाद आरोपी अपने मित्र उत्तम खाण्डेकर, अंकुष मिश्रा से परिचय कराया उत्तम खाण्डेकर, अंकुश मिश्रा द्वारा रेल्वे विभाग उच्च अधिकारी होना बताकर। मेरा रेल्वे के बड़े बड़े अधिकारियों से जान पहचान है मै पहले भी कई लोगो को नौकरी लगा चुका हूं कहकर आरोपीगण द्वारा प्रार्थी से जुमला करीबन 11,08,000/रुपये लेकर अभी तक नौकरी नही लगवाये है, और न ही पैसा वापस किया है पैसा मांगने पर आज दूंगा कल दूंगा कहकर रकम वापस नही कर धोखाधड़ी करना पाये जाने से थाना बालोद में अपराध क्रमांक 296/2024 धारा 420, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्व किया गया है।धर्मेन्द्र साहू पिता देव कुमार साहू उम्र 29 वर्ष साकिन खेरथाडीह थाना व जिला बालोद द्वारा प्रस्तुत शिकायत जांच पर आरोपी डुलेष कुमार साहू, द्वारा प्रार्थी से जान पहचान होने से प्रार्थी को रेल्वे विभाग में टिकट कलेक्टर के पद पर नौकरी लगाने का प्रलोभन दिया जिसके बाद आरोपी अपने मित्र उत्तम खाण्डेकर, से परिचय कराया उत्तम खाण्डेकर द्वारा स्वयं को रेल्वे विभाग में उच्च अधिकारी होना बताकर मेरा रेल्वे के बड़े बड़े अधिकारियों से जान पहचान है मै पहले भी कई लोगो को नौकरी लगा चुका हूं कहकर आरोपीगण द्वारा प्रार्थी से जुमला करीबन 08,45,000/रुपये लेकर अभी तक नौकरी नही लगवाये है, और न ही पैसा वापस किया है पैसा मांगने पर आज दूंगा कल दूंगा कहकर रकम वापस नही कर धोखाधड़ी करना पाये जाने से थाना बालोद में अपराध क्रमांक 296/2024 धारा 420, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्व किया गया है।

प्रकरण क्रमांक 03:- थाना गुुरूर के अपराध क्रमांक 78/2024 धारा 420, 467, 468, 34 भादवि में प्रार्थी हरीओम साहू ग्राम दुपचेरा एवं अक्षय कुमार साहू ग्राम खुदनी थाना गुरूर जिला बालोद को रेल्वे में नौकरी लगाने के पर 24,00,000 रू का किया गया था ठगी।

वर्तमान में गिरफतार आरोपी का नाम:- उत्तम चन्द खाण्डेकर पिता मोहन खाण्डेकर उम्र 53 वर्ष साकिन ग्राम तांडा पोस्ट तांडा थाना गोंदिया ग्रामीण जिला गोंदिया (महाराष्ट्र)।

पूर्व में गिरफतार आरोपी का नाम:-

01.डुलेष कुमार साहू पिता स्व.श्री रामप्रसाद उम्र 46 साल ग्राम भोथली थाना सनौद जिला बालोद(छ0ग0)

02.अंकुष मिश्रा पिता रामराज उम्र 37 साल साकिन प्लाट नम्बर 76 बालाजी नगर एक्सटेषन भगवान नगर नागपुर रजानंद मंदिर के पास अंजनी नागपुर(महाराष्ट्र)

उक्त ठगी के कार्यवाही में थाना बालोद के निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय, प्र.आर. भगवान सिंह धुव्र, हरीषचंद्र सिन्हा, आरक्षक भोपसिंह साहू, वेदप्रकाष भुआर्य, सायबर सेल बालोद से आरक्षक मिथलेश यादव, राहुल मनहरे एवं आकाश दुबे का महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

फिर सामने आई कलेक्टर विजय दयाराम के. की संवेदनशीलता, रिटायर्ड प्यून के घर जाकर दिया पीपीओ

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  •  एक्सीडेंट की वजह से चलने में असमर्थ हैं कर्मी देवली ठाकुर 
  • कलेक्टर ने कर्मचारी के घर जाकर दिया पेंशन पीपीओ 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. की संवेदनशीलता और सदाशयता का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। कलेक्टर जैसे ऊंचे ओहदे पर बैठे अधिकारी जहां अपने मातहतों को जरा भी अहमियत नहीं देते, वहीं बस्तर कलेक्टर विजय ऐसे अधिकारियों से जरा अलहदा हैं। वे प्यून जैसे छोटे कर्मचारी को भी वैसा ही महत्व देते हैं, जैसा कि अपने एडीएम को।

 

कलेक्टर विजय दयाराम के. की भलमनसाहत की बड़ी अच्छी बानगी आज जगदलपुर में देखने को मिली, जब चलने फिरने में असमर्थ एक सेवनिवृत भृत्य के घर पीपीओ देने खुद कलेक्टर विजय पहुंच गए। जुलाई माह में सेवानिवृत हुई श्रीमती देवली ठाकुर के घर पहुंच कर कलेक्टर उन्हें शॉल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया और उनका पीपीओ प्रदान किया। सेवानिवृत श्रीमती ठाकुर कमला नेहरू अनुसूचित जनजाति छात्रावास में भृत्य पद पर कार्यरत थीं। उनका 5 माह पूर्व हुए एक्सीडेंट हो गया था। हादसे के बाद कमर और जांघ में रॉड लगने की वजह देवली ठाकुर चलने में असमर्थ हैं। ऎसी स्थिति में पेंशन प्राधिकार पत्र लेने वे जिला कार्यालय नहीं पहुंच पाई थीं। जब इस बात की जानकारी कलेक्टर को मिली, तो कलेक्टर ने स्वयं उनके घर जाकर उन्हें पीपीओ प्रदान करने की बात कही और सदर वार्ड स्थित देवली ठाकुर के घर पहुंचकर कलेक्टर विजय ने उन्हें पीपीओ प्रदान किया।इससे पूर्व कलेक्टर ने जिला कार्यालय के आस्था कक्ष में आयोजित समारोह में कहा कि शासन की पहल से प्रत्येक माह सेवानिवृत्त हो रहे जिले के शासकीय सेवकों को उनके शासकीय सेवाकाल की समाप्ति के समय ही पीपीओ जारी करने का सार्थक प्रयास विगत 13 महीने से किया जा रहा है। लगातार समय-सीमा की बैठक में समीक्षा और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करने के बाद अब प्रक्रिया सतत हुई है। इसके लिए कोषालय और कोष, लेखा एवं पेंशन कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।

साथ ही दोनों कार्यालयों द्वारा सेवानिवृत कर्मचारियों का पीपीओ जारी करने की दिशा में उत्साह और सक्षमता के साथ पहल की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि सेवानिवृत्ति के साथ ही सम्बंधित शासकीय सेवकों को लंबे समय तक शासकीय सेवा के परिश्रम का सभी स्वत्वों का समय पर भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि लम्बी अवधि तक शासकीय सेवा देने के उपरांत सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपने शासकीय सेवा के अनुभव और सीख का सदुपयोग समाज के लिए करें। सभी शासकीय सेवक नौकरी के दौरान स्वयं के लिए, परिवार और समाज के लिए समय नहीं निकाल पाए होंगे, वे सेवानिवृत्त होने के पश्चात भी सक्रिय रहकर स्वयं एवं परिवार और समाज को समय देवें। अपने दीर्घानुभव का लाभ विशेषकर युवाओं को सीख के रूप में देवें।कलेक्टर ने कहा कि पदीय दायित्व का निर्वहन करते हुए सेवानिवृत्त हो रहे शासकीय सेवकों को सम्मान देने का यह अवसर गौरवान्वित होने का पल है बुजुर्ग साथी हमें आशीर्वाद दें। शासन-प्रशासन ने जिले के सभी विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले सेवकों का ज्यादा से ज्यादा पेंशन से संबंधित प्रकरणों का समय पर निराकरण का प्रयास कोषालय और कोष, लेखा पेंशन कार्यालय के द्वारा किया जा रहा है और लगातार अधिक से अधिक पेंशन प्रकरणों में सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे शासकीय सेवकों की स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना की। कलेक्टर ने शुक्रवार को जिला कार्यालय के आस्था सभाकक्ष में माह जुलाई 2024 में सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को पुष्पमाला एवं शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। वहीं इन सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को पीपीओ पत्र प्रदान किए।

21 को दिए गए पीपीओ

इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी संजय सोनवानी ने बताया कि जुलाई माह में सेवानिवृत्त 31 शासकीय सेवकों में से 21 को पेंशन प्राधिकार पत्र जारी कर दिए गए हैं। शेष का आवश्यक कार्यवाही के बाद जल्द पीपीओ जारी कर दिया जाएगा। इस अवसर पर कार्यालय संयुक्त संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन से उप संचालक भारती कोर्राम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जीआर सोरी सहित जिला कोषालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और सेवानिवृत्त शासकीय सेवक मौजूद थे। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति हो रहे शासकीय सेवकों ने भी अपने अनुभव को साझा किया और शासन- प्रशासन के द्वारा सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के लिए सम्मान कार्यक्रम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए आभार व्यक्त किया। इस दौरान सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक लखेश्वर कुदराम ने बस्तर की कला संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु बादल एकेडमी आसना को स्वयंसेवी कलाकार के रूप में निरंतर सेवा देने की मंशा व्यक्त की।

दल बदल के साथ बदल गया मेयर का नजरिया भी, पूर्व विधायक जैन की दी हुई सौगातों की घोर उपेक्षा

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  • लाखों के ओपन जिम की दुर्दशा, पार्क भी बदहाल
  • बच्चों का टॉय ट्रेन भी हुई खस्ताहाल, टॉयलेट बेहाल 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर पूर्व विधायक रेखचंद जैन आजकल स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक उठापटक के बीच भी समय निकाल कर वे शहर में अपने मित्रों और नागरिकों से मिलने निकल पड़ते हैं। पिछले दो दिन से वे स्थानीय शहीद पार्क में खुद अपने कार्यकाल में बनवाए जिम को देखने और लोगों की जागरूकता को परखने पहुंच रहे हैं। मगर दल बदल करने वाली महापौर का नज़रिया भी बदल गया है। अपने परम हित चिंतक रहे पूर्व विधायक रेखचंद जैन की दी हुई सौगातों को भी महापौर अब पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया है। सोलह लाख रुपयों की लागत से निर्मित ओपन जिम महापौर सफीरा साहू की मतलब परस्ती की दास्तां बयान कर रहा है।

 

आज वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र मिश्रा व उनके साथी भी पूर्व संसदीय सचिव रेखचंद जैन के इस स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान में सहभागी बने। हल्की बरसात के बावजूद सुबह 8 बजे के करीब 50 महिला, पुरुष, बच्चे और युवक शहीद पार्क में बने जिम में वर्जिश कर खुद को तरोताजा रखने में मशगूल नजर आए। पार्क और ओपन जिम की दुर्दशा देखकर पत्रकार वीरेंद्र मिश्रा व उनकी मित्र मंडली के लोग तथा जिम में वर्जिश करने आए नागरिक चिंतित एवं अचंभित हो उठे। 16.04 लाख रूपए की लागत से शहीद पार्क में बनवाए गए आधुनिक संसाधनों से लैस इस जिम में जो उपकरण लगाए गए थे, वे सब अब खस्ताहाल में हैं। मामूली मेंटेनेंस को तरस रहे जिम के महंगे उपकरण खराब होकर लटक रहे हैं। हालत तो यह भी हो चली है कि पार्क में उग आई घास की कटाई भी रोक दी गई है पार्क में बने पुरुष और महिला शौचालयों की हालत बदतर हो चली है। पार्क में ही बच्चों को तफरीह कराने वाली टॉय ट्रेन मेंटेनेंस के आभाव में कबाड़ बन गई है।

मेयर से नाराज दिखे लोग

पूर्व विधायक रेखचंद जैन का कहना है कि 2 साल पूर्व ही इस जिम को लोकहित में बनाया गया था। अब इसकी हालत देखकर दुख होता है पार्क में जैन के प्रवेश करते ही वहां मौजूद दर्जनों महिलाओं और पुरुषों ने उनके सामने शिकायत की शिकायतों की झड़ी लगा दी।सभी का यही कहना था कि निगम की सत्ता में महापौर के दल बदल के बाद से ही पार्क की दुर्दशा शुरू हुई है। लोगों ने जैन से कहा कि विधायक और संसदीय सचिव रहते आपने नगर के विकास, सड़कों, नालियों, पार्क आदि के निर्माण के लिए अपनी राज्य सरकार से करोड़ों रुपए दिलवाए थे। तब यही महापौर आपका गुणगान करते नहीं थकती थी। हमें भी अपने शहर को आधुनिक सुविधाएं मिलने व शहर का विकास होते देख सुखद अनुभूति के साथ गर्व होता था। आज वही महापौर आपकी दी हुई सौगातों को नष्ट करने पर तुल गई हैं। महापौर का यह रवैया हमें कतई अच्छा नहीं लग रहा है। पार्क में मौजूद नागरिकों ने पूर्व विधायक रेखचंद से आग्रह किया कि आप स्वयं कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मिलकर लाखों की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए पहल करें। हमें महापौर से अब कोई उम्मीद नहीं रह गई है।

बरसात में बह रही निर्माण सामग्री और भ्रष्टाचार की बाढ़ में बहकर सरकारी धन पहुंच रहा पंच परमेश्वरों की जेब में

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  •  करपावंड पंचायत में सालभर से अटका है सीसी रोड का निर्माण
  • निर्माण सामग्री मंगवा ली, काम शुरू कराया नहीं

(अर्जुन झा)

बकावंड राशि आहरण कर लेने के बाद भी सालों साल निर्माण कार्य शुरू नहीं कराए जाते। दिखावे के लिए रेत, गिट्टी आदि निर्माण सामग्री मंगवाकर गलियों में रख दी जाती है। यह निर्माण सामग्री उसी तरह बरसात के पानी के साथ बह जाती है, जिस तरह भ्रष्टाचार की बाढ़ में सरकारी धन बहकर पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारी कर्मचारियों की जेब में समा जाता है। ऐसा अजब गजब खेल बकावंड जनपद की ग्राम पंचायतों में चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों की भर्राशाही और जनपद के अधिकारियों की बेपरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत करपावांड में भी भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। इस ग्राम पंचायत के आश्रित गांव अवेदगुड़ा में बीते साल से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम योजना के तहत करपावंड ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम अवेदगुड़ा में 1.70 किलोमीटर सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति सितंबर 2023 में मिली थी। इसके लिए 5 लाख 20 हजार रुपए मंजूर किए गए थे। किंतु अभी केवल गिट्टी रेती गिरा कर छोड़ दिया गया है। कार्य अब तक शुरू नहीं कराया गया है। जिला पंचायत की सीधी देखरेख में बनने वाली इस सड़क हेतु अभी 1 लाख 50 हजार रुपए ग्राम पंचायत को जारी भी कर दिए गए हैं। इस राशि से हाईवा ट्रक के जरिए 6 ट्रिप रेत गिट्टी गिराई गई है। काम नहीं होने का कारण बताते हुए सचिव हरिनाथ पटेल कहते हैं कि अभी रोपा और खेती का काम चल रहा है, राजमिस्त्री और मजदूर नहीं मिल रहे हैं इसलिए काम बंद है। अब सवाल ये उठता है कि बरसात का मौसम चल रहा है, तो लाखो रुपए आहरण कर गिट्टी रेती क्यों गिराई गई? रेत अभी भरी बरसात में बह रही है। रेत कम हो जाने पर फिर से मंगाई जाएगी और इसमें भी भ्रष्टाचार किया जाना तय है। बताते हैं कि रेत और गिट्टी बरसात का मौसम शुरू होने के ठीक पहले मई जून माह में रेत और गिट्टी गिरवाई गई है। सड़क निर्माण न हो पाने के कारण ग्रामीणों को अभी भी कीचड़ और गड्ढों भरे रास्ते से चलना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और वाहन सवारों को इस सड़क पर चलने में बड़ी परेशानी हो रही है। लोग गिरकर घायल हो रहे हैं।

 

मौर्य ने जताई नाराजगी

इस मामले बीजेपी के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य बनवासी मौर्य का कहना है कि मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्य को 6 माह की अवधि में पूर्ण करना अनिवार्य होता है।करीब सालभर बाद भी अवेदगुड़ा में रोड न बन पाना पंचायत प्रतिनिधियों और सचिव की लापरवाही को दर्शाता है। इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता बनवासी मौर्य ने अधिकारियों से मांग की है कि रोड निर्माण के कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराएं। श्री मौर्य ने कहा है कि बस्तर संभाग में जो भी पंचायत प्रतिनिधि व सचिव इस तरह की लापरवाही बरत कर भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास और भ्रष्टाचार कर रहे हैं, वे अपनी ऎसी हरकतों से बाज आ जाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। ऎसी हरकत बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वर्सन

हरेली से शुरू होगा कार्य

उप सरपंच अनुज गुप्ता इस कार्य को देख रहे हैं। उन्हीं के माध्यम से मई महीने में हाइवा से 6 ट्रिप रेती गिट्टी गिराई गई है। अबतक कार्य शुरू नहीं हुआ है क्योंकि कहा की लेबर मिस्त्री रोपा खेती कार्य में लगे हुए हैं। अब हरेली के दिन से सीसी रोड निर्माण कार्य शुरू होगा।

हरिनाथ पटेल,

     सचिव, ग्राम पंचायत करपावंड

सोनी सोरी के पिता मुंडरा सोरी का निधन

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जगदलपुर :- बस्तर की आदिवासी नेत्री सोनी सोरी के पिता एवं वेडमा के पूर्व सरपंच और समाजिक कार्यकर्ता मुंडरा सोरी का 31 जुलाई को निधन हो गया। डौंडी लोहारा के पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने मुंडरा सोरी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुंडरा सोरी प्रखर आदिवासी नेता थे। वे लंबे समय तक दंतेवाड़ा जिले के अपने गांव वेड़मा के सरपंच रहे। 2011 में नक्सलियों ने उनके पांव में गोली मार दी थी। जिस नक्सली नेता ने गोली मारी थी, वह सरकार के सामने आत्म समर्पण करने के बाद आज पुलिस अधिकारी बना चुका है। जब सरकार ने सोनी सोरी को जेल में डाला था, तब सोनी के पिता घायल अवस्था में भी जेल में सोनी से मिलने जाते थे। सोनी बताती है कि पिताजी बैसाखी के सहारे सलाखों के पार धूप में बहुत देर तक खड़े रहते थे। मैं कहती थी बाबा आप थक जाओगे आप चले जाओ तब वह कहते थे नहीं तू मुझे देख और तू भी ताकतवर बन और अन्याय के खिलाफ लड़।सोनी कहती है मेरे पिता मेरी ताकत थे। आदिवासियों ने अपना एक विश्वस्त मित्र खो दिया है। ऐसे ऊर्जावान और प्रेरणा स्रोत दिवंगत लिंगोंवासी मुंडरा सोरी को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा लाल हरा परिवार और मोर्चा के अध्यक्ष एवं डौंडी लोहारा के पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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