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लोकतंत्र का काला अध्याय आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने एवं कांग्रेस के लोकतंत्र पर कुठाराघात के 50 वर्ष

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  • प्रेस कॉन्फ्रेंस लेने पहुंचे अध्यक्ष अक्षय ऊर्जा विकास अधिकरण (क्रेडा) प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी जी।
  • इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति की आड़ लेकर अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग किया।
  • संविधान की आत्मा को कुचलते हुए उन्होंने लोकतंत्र को एक झटके में तानाशाही में बदल दिया और पूरी व्यवस्था को ही कठपुतली बनाकर रखने का षड्यंत्र रच दिया।
  • कार्यपालिका विधायिका और न्यायपालिका सहित लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को बंधन बनाकर सत्ता के आगे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

प्रेस की स्वतंत्रता पर ऐसा हमला हुआ कि बड़े-बड़े अखबारों की बिजली काट दी गई और पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया ।

आपातकाल के दौरान एक ही परिवार को संविधान से ऊपर रखने वाली कांग्रेस आज भी राहुल प्रियंका के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है, तंत्र आज भी परिवार के चरणों में समर्पित है।

बालोद, मंगलवार भूपेन सवर्णी जी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल ठोक दिया यह निर्णय किसी युद्ध या विद्रोह के कारण नहीं बल्कि अपने चुनाव को रद्द किए जाने और सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया था कांग्रेस पार्टी ने इस काले अध्याय में न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को रौंदा बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिक के मौलिक अधिकारों को कुचलकर या स्पष्ट कर दिया कि जब-जब उनकी सट्टा संकट में होती है वे संविधान और देश की आत्मा को तक में रखने से पीछे नहीं हटती आज 50 वर्ष बाद भी कांग्रेस इस मानसिकता के साथ चल रही है आज भी सिर्फ तरीकों का बदलाव हुआ है नियत आज भी वैसी ही तानाशाही वाली है l

मार्च 1971 में लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बावजूद इंदिरा गांधी की वैधानिकता को चुनौती मिली उनके विपक्षी उम्मीदवार राज नारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव को भ्रष्ट आचरण और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आधार पर चुनौती दी देश की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही थी जिससे जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा था देश पहले से ही आर्थिक बदहाली महंगाई और खाद्यान्न संकट से जूझ रहा था बिहार और गुजरात में छात्रों के नेतृत्व में नवनिर्माण आंदोलन खड़ा हो चुका था। 8 में 1974 को जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में ऐतिहासिक रेल हड़ताल ने पूरे देश को जगा लिया इस आंदोलन को रोकने के लिए 1974 में गुजरात में इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति शासन लगा दिया यही राष्ट्रपति शासन 1975 में लगने वाले आपातकाल की एक शुरुआत था इसके साथ ही बिहार में कांग्रेस सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ने लगा और 1975 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा।

12 जून 1975 को कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया और उन्हें 6 वर्षों तक किसी भी निर्वाचन पद पर रहने से अयोग्य करार दिया इसके बाद राजनीतिक स्थिरता तेजी से बड़ी जिससे घबराकर इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आंतरिक अशांति का हवाला देकर राष्ट्रपति से आपातकाल लगा दिया रातों-रात प्रेस की बिजली काटी गई नेताओं को बंदी बनाया गया और 25 जून की सुबह देश की तानाशाही की सूचना रेडियो के माध्यम से दी गई।

संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को रौंदा गया सांसद और न्यायपालिका को अपंग बना दिया गया यह सिलसिला किसी युद्ध या बाहरी हमले से नहीं बल्कि एक व्यक्ति के कुर्सी कोन होने के भाई से शुरुआत और पूरे राष्ट्र को मौलिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया।

1975 आपातकाल की घोषणा कोई राष्ट्रीय संकट का नतीजा नहीं बल्कि एक गरीबी प्रधानमंत्री की सत्ता बचाने की राजनीति थी जिसे न्यायपालिका से मिली चुनौती से बौखलाकर थोपा गया।

इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति की जो देकर अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग किया अपनी कुर्सी को बचाने की जीत थी।

संविधान की आत्मा को कुचलते हुए उन्होंने लोकतंत्र को एक झटके में तानाशाही में बदल दिया और पूरी व्यवस्था को ही कठपुतली बनाकर रखने का षड्यंत्र रच दिया।

कार्यपालिका विधायक और न्यायपालिका सहित लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को बंधक बनाकर सत्ता के आगे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया प्रेस की स्वतंत्रता पर ऐसा हमला हुआ कि बड़े-बड़े अखबारों की बिजली का काट दी गई सेंसरशिप लगा दी गई और पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया।

कांग्रेस शशि राज्य में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि वहां विरोध का दमन धार्मिक तुष्टिकरण और सत्ता का अहंकार खुलेआम दिखता है।

इंदिरा इज इंदिरा एण्ड इंदिरा इज इंदिरा जैसे नारे कांग्रेस की उसे मानसिकता को दर्शाते थे जिसके तहत इंदिरा गांधी ने देश को व्यक्ति पूजा और परिवारवाद की प्रयोगशाला बना दिया था।

आपातकाल के दौरान एक परिवार को संविधान से ऊपर रखने वाली कांग्रेस आज भी राहुल प्रियंका के इर्द-गिर्द सिम टीवी है,तंत्र आज भी परिवार के चरणों में समर्पित है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, माननीय सांसद श्री भोजराज नाग,जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख, वरिष्ठ नेता यशवंत जैन, निर्वितमान जिला अध्यक्ष पवन साहू , पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार , वरिष्ठ नेता प्रीतम साहू ,वरिष्ठ नेता यज्ञदत्त शर्मा , प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री अभिषेक शुक्ला ,जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव ,नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी , जिला मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया, सोशल मीडिया जिला संयोजक संदीप सिन्हा।

 

माटवाडा में जहरीला फुटू खाने से एक ही परिवार के पांच लोग बीमार

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  • फूड पायजिंनिग पीड़ितों की स्थिति अब सामान्य 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में जहरीला फुटू (मशरूम) खाने से एक परिवार के पांच सदस्य बीमार हो गए। पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति खतरेसे बाहर है।

मामलाबीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत माटवाड़ा का है। गांव के एक ही परिवार के 5 लोग जहरीला फूटू (मशरूम) खाने से बीमार हो गए । रात में बीमार लोगों को भैरमगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। इसके पूर्व धुसावड के 5-6 ग्रामीण फूड पायजिंनिग के शिकार हुए थे। मराठवाड़ा के ग्रामीणों के जहरीला फूटू खाने से बीमार लोगों की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री महेश गागड़ा भी स्वास्थ केंद्र पहुंचे। मरीजों का हालचाल जानने के बाद महेशगागड़ा ने चिकित्सक को त्वरित इलाज करने के लिए कहा। इस दरम्यान गागड़ा ने अन्य भर्ती मरीजों से मुलाक़ात कर हाल चाल जाना और आवश्यक स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिए। मरीजों के बारे में भैरमगढ़ ब्लाक के बीएमओ डॉ. रमेश तिग्गा ने बताया कि जहरीला फूटू की सब्जी खाने से पेट दर्द व उल्टी जैसे शिकायत शुरू हो गई। सभी का तत्काल इलाज किया गया। सभी मरीजों की स्थिति अभी सामान्य है। अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

पुलिस कांस्टेबल पर नक्सलियों ने किया जानलेवा हमला

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  • धारदार हथियार से किए गए संतू पोटामी पर वार
  • पदेडा़ साप्ताहिक बाजार में दिनदहाड़े हुई वारदात

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के पदेड़ा गांव के साप्ताहिक बाजार में में अज्ञात लोगों ने पुलिस कांस्टेबल संतू पोटाम पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल को जिला चिकित्सालय बीजापुर में भर्ती कराया गया है। चर्चाहै कि हमलावर नक्सली थे।

23 जून सोमवार को दोपहर बाद 4-5 बजे थाना बीजापुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम पदेड़ा के साप्ताहिक बाजार में आरक्षक संतू पोटाम पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा धारदार हथियार से प्राणघातक हमला किया गया। गंभीर घायल संतू राम पोटमी का चेरपाल स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक उपचार किया गया, फिर उन्हें बाद बीजापुर जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है। घटना में माओवादियों के हाथ होने की आशंका जताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।बीजापुर के एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि आरक्षक का अस्पताल में इलाज जारी है। आरक्षक संतू राम पोटामी बीजापुर जिला पुलिस बल के जवान हैं।

जगदलपुर में नजर आ रहा है असली सुशासन; बोलने लगे हैं विधायक किरण देव और मेयर संजय पाण्डेय के काम

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  • मजबूत और टिकाऊ सड़कें दे रही हैं गवाही

अर्जुन झा-
जगदलपुर किसी भी गांव, कस्बे और शहर की तरक्की की पहचान वहां की सड़कों से होती है और यही सड़कें विकास का पैमाना भी हैं, क्योंकि सड़कों के जरिए ही विकास के दूसरे संसाधन पहुंचते हैं। अब हमारे जगदलपुर में भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन वाली सरकार के असली सुशासन की झलक सड़कों पर दिखाई देने लगी है। क्षेत्रीय विधायक किरण सिंह देव द्वारा स्वीकृत कराई गई राशि से महापौर संजय पाण्डेय की निगहबानी में बनवाई जा रही सड़कें असल सुशासन की तस्वीर पेश कर रही हैं।

पहले सड़कें बरिश की पहली बौछार भी नहीं झेल पाती थीं। अब शहर में मजबूत और टिकाऊ सड़कों के निर्माण के लिए विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण किरण सिंह देव ने बड़ी राशि की स्वीकृति दिलाई है। इस राशि से जो सड़कें महापौर संजय पाण्डेय की देखरेख में बनाई जा रही हैं, वे बारिश की मार तो पूरी दमदारी से झेल ही रही हैं, काफी मजबूती से खड़ी हैं और दमक भी रही हैं। जगदलपुर में मेयर संजय पाण्डेय के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा विधायक किरण सिंह देव एवं सांसद महेश कश्यप के सहयोग से स्वीकृत राशि से बेहतरीन सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। बन रही मजबूत और काफी ज्यादा चौड़ी सड़कें सुशासन की शानदार बानगी पेश करती नजर आ रही हैं। इन नई नवेली और दमदार सड़कों ने लोगों का दिल जीत लिया है। विकास और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाने लगी है।विधायक किरण देव हर निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता न करने की चेतावनी लगातारदेते आ रहे हैं, वहीं महापौर संजय पाण्डेय भी इस मामले में बेहद गंभीर नजर आते हैं।नगर निगम क्षेत्र के धरमपुरा इलाके में कैलाश होटल के सामने की गली से लेकर दलपत सागर तालाब के समीप हनुमान मंदिर चौक तक करीब 700 मीटर लंबी सड़क बनाई गई है। यह सड़क विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पाण्डेय की कर्तव्य परायणता, मजबूत इच्छाशक्ति और जनता के प्रति जवाबदेही की मिसाल पेश कर रही है। पहले अक्सर गुणवत्ताहीन निर्माण होने से बरसात में सड़क बह जाती थी, मगर अब महापौर संजय पांडे की देखरेख में बनी इस सड़क की तारीफ हर कोई कर रहा है। विधायक किरण सिंह देव और संजय पाण्डेय तो शहर के विकास के लिए गंभीर हैं ही, सांसद प्रतिनिधि आनंद मोहन मिश्रा की भी महति भूमिका से यह सड़क बनाई गई है जिससे लोगों का आवागमन सुविधा जनक हो गया है। इस मामले में शहर के संभ्रांत लोगों ने कहा कि बेहतरीन सड़क बनने पर हम नगर विधायक किरण देव और महापौर संजय पाण्डेय को साधुवाद देते हैं।

विधायक देव की बड़ी पहल
इस कार्य को 4 मार्च 2025 के लिए स्थानीय विधायक किरण देव द्वारा भूमिपूजन किया गया था। इसी दिन 3 अन्य कार्यों का भी भूमिपूजन विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव के हाथों हुआ था। इनमें से धरमपुरा विवेकानंद आश्रम से नेगीगुड़ा तक 1.45 किमी लंबी मजबूत सड़क बन चुकी है। यह सड़क निर्माण लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पूर्ण किया गया है। स्थानीय विधायक किरण देव के अथक प्रयास से उक्त करोड़ों रुपए के कार्य का शानदार समापन भी हुआ है और क्षेत्र के रहवासियों को सुंदर चौड़ी मजबूत सड़कें मिली हैं। विदित हो कि किरण देव द्वारा लगातार विकास के कार्यों को महत्व दिया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम अब सामने आने लगे हैं बरसात के पूर्व अच्छी सड़क बनने से लोगों ने किरण देव के प्रति आभार व्यक्त किया है।

नगरनार स्टील प्लांट की ठेका कंपनी ने सालों से काम कर रहे मजदूरों को दिखाया बाहर का रास्ता

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  •  अब बाहरी मजदूर लाकर काम कराने की तैयारी
  • भाजपा नेत्री गीता देवी ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

नगरनार एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट में निजी कंपनी सीडीएलपी के अधीन काम कर रहे आसपास के गांवों के मजदूरों को कंपनी ने बिना किसी जानकारी अथवा नोटिस और वजह के काम से निकाल दिया है। इन मजदूरों ने स्थानीय भाजपा नेत्री गीता देवी को अपनी व्यथा सुनाई। गीता देवी ने मजदूरों को इंसाफ दिलाने की बात कही है।

नगरनार स्टील में कार्यरत ठेका कंपनी सीडीएलपी ने अपने अधीन पचासों मजदूरों को काम से बेदखल कर दिया है। इनमें से ज्यादातर मजदूर इस ठेका कंपनी के माध्यम से प्लांट में 3 और 4 साल से सेवा देते आ रहे थे। इन मजदूरों को न नोटिस दिया गया और न ही कोई कारण बताया गया। आज सोमवार को जब ये मजदूर ड्यूटी पर पहुंचे तब उन्हें अचानक उन्हें काम नहीं करने हेतु निर्देश दे दिया गया। ये सभी मजदूर स्टील प्लॉट के आसपास के गांवों में रहने वाले हैं। एक युवा मजदूर ने बताया कि आज सुबह ड्यूटी पर आने पर पहुंचे तो पता चला कि हम सभी का गेटपास कंपनी ने कैंसल करा दिया है और कार्य में नहीं आने का निर्देश दिया है। परेशान मजदूरों ने भाजपा नेत्री गीता देवी से संपर्क कर उन्हें अपनी व्यथा सुनाई।मजदूरों को काम से आकरण निकाले जाने पर भाजपा नेत्री गीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रोजगार छीनने का यह कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना नोटिस दिए वर्षों से कार्य कर रहे कर्मचारियों को अचानक काम से निकलना गैर कानूनी है। खबर लिखे जाने तक कम्पनी का कोई भी अधिकृत अधिकारी मौके पर कारण बताने उपस्थित नहीं था, जानकारी के अनुसार ओड़िशा की यह कंपनी स्थानीय कामगारों को निकाल कर अब बाहरी लोगों को मौका देना चाह रही है।

वन भूमि पर अतिक्रमण कर कृषि के लिए जोताई कर रहे 2 ट्रैक्टर जप्त

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  • दोनों ट्रैक्टरों को राजसात करने की कार्रवाई जारी

जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश के बाद बस्तर वन मंडल में वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों के खिलाफ सख्त एक्शन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में क़ृषि के लिए वन भूमि की जोताई कर रहे दो ट्रैक्टर जप्त कर लिए गए हैं। इन ट्रैक्टरों को राजसात करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बस्तर जिले के वन परिक्षेत्र बस्तर के उप परिक्षेत्र कुंगारपाल के अंतर्गत वन क्षेत्रों में अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध खनन की रोकथाम हेतु वन कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा लगातार भम्रण किया रहा है। भ्रमण के दौरान वन अमले ने रविवार 22 जून को संरक्षित वन कक्ष कमांक 422 पी. में मक्का बोआई के उद्देश्य से 2 नग महिंद्रा ट्रैक्टरों को हल जोताई करते हुए जप्त किया। यह कार्रवाई वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश के अनुसार वनों को अवैध अतिक्रमणों से मुक्त करने के अभियान के तहत वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा एवं बस्तर के वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में उप वन मंडलाधिकारी बस्तर आईपी बंजारे के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई परिक्षेत्र अधिकारी बस्तर बीएल सुरोजिया, वनपाल समुंदसाय गिरोलिया, सगराम बघेल, वनरक्षक इंद्रजीत सोरी, ईश्वर दीवान, धनसिंग ठाकुर, पूरन मौर्य एवं सुरक्षा श्रमिकों का सहयोग रहा। वन रक्षक इंद्रजीत सोरी द्वारा दोनों ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर एवं ट्रैक्टरों जप्त कर परिक्षेत्र कार्यालय बस्तर लाया गया। दोनों ट्रैक्टरों को राजसात करने की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से वन भूमि पर अवैध अतिक्रमणों पर लगाम लगेगा।

अभी भी अधिकारियों के दिल से नहीं निकला है लखमा का खौफ

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  •  पंचायतों में फर्जीवाड़ा मामले में डिप्टी सीएम शर्मा के आदेश पर अमल नहीं
  • उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को दिए थे एफआईआर कराने निर्देश
  • तीन भ्रष्ट सचिवों को बचाने में जुटे हैं एक अफसर और जांच अधिकारी
  • वरिष्ठ अधिकारी को किया जांच से अलग, कनिष्ठ को सौंप दी जिम्मेदारी
  • मृत व्यक्तियों के नाम राशि आहरण का गंभीर मामला

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में अधिकारियों के सिर से पूर्व की कांग्रेस सरकार का खुमार अब तक नहीं उतर पाया है। पूर्व मंत्री कवासी लखमा का खौफ या कहें कि सुकमा को चारागाह समझने की प्रवृत्ति अफसरों के रग रग में समा गई है। इस जिले में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि अधिकारी अब मौजूदा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के आदेश को भी हवा में उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के आदेश पर साल भर बाद भी अमल नहीं किया गया है।

मामला सुकमा जिले की कोंटा जनपद पंचायत से जुड़ा हुआ है।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड की एलमपल्ली ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार मामले में सुकमा कलेक्टर को 22 फरवरी 2024 पत्र क्रमांक 112 जारी कर सचिव गिरीश कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए उसकी सेवा समाप्ति के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के आदेशों का एक वर्ष बाद भी पालन नहीं किया जाना सरकार पर अफसरशाही के हावी होने की ओर इशारा करता है। जबकि जिला पंचायत के पूर्व सीईओ देवनारायण कश्यप द्वारा आरोप पत्र जारी कर जांच रिपोर्ट में एक दर्जन से अधिक मृत मजदूरों के नाम से फर्जी मस्टर रोल तैयार कर राशि की बंदरबांट किए जाने का उल्लेख किया gyaहै। जांच रिपोर्ट में एक करोड़ से अधिक का भ्रष्टाचार किये जाने का भी खुलासा किया गया था। इसी तरह गुमोड़ी ग्राम पंचायत में कागजों में विकास कार्य दर्शा कर एक करोड़ से अधिक की राशि की बंदरबांट की जांच रिपोर्ट उप संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास सुकमा द्वारा खुलासा किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के मामले में सर्वाधिक चर्चित बंडा पंचायत में अमृत सरोवर एवं अन्य विकास कार्य कागजों में किये जाने को लेकर जिला सीईओ भी खुलासा कर चुके हैं। पूर्व मंत्री के इनके चहेते सचिव को बचाने जांच अधिकारी को ही बदल दिया गया है। एक आईएएस अफसर के इशारों पर वरिष्ठ अधिकारी को जांच से हटाकर कनिष्ठ को जांच की फाईल सौंप दी गई। यह कदम कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाती है तो जनपद के पूर्व अधिकारी पर भी जांच की आंच को देखते हुए जांच के नाम पर खानापूर्ति कर बचाने की कवायद की जा रही है। दीगर विभाग के एक अधिकारी का इन मामलों की जांच में सीधा हस्तक्षेप है, ताकि सचिव एवं एक अधिकारी को बेगुनाह साबित किया जा सके।

ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के एक भाजपा नेता ने कांग्रेस के कार्यकाल में एलमपल्ली पंचायत में हुए भ्रष्टाचार मामले में की जांच दोबारा कराने की मांग करते हुए 16 फरवरी 2024 को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखा था। उक्त मामले की जांच में एक करोड़ से अधिक राशि की अफरा तफरी का खुलासा हो चुका था। संगठन के नेता से मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने एलमपल्ली सचिव गिरीश कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा कर उसकी सेवा समाप्ति के निर्देश कलेक्टर सुकमा को दिए थे। इस निर्देश पत्र में श्री शर्मा ने 12 बिंदुओं पर जांच कराने के लिए भी कहा था। मगर एक वर्ष बाद भी मंत्री के आदेशों का पालन नहीं हो सका है।

सचिवों की बहाली की तैयारी

जानकारी के अनुसार एलमपल्ली सचिव गिरीश कश्यप एवं गुमोड़ी सचिव बुधराम बारसे द्वारा पंचायतों में स्वीकृत कार्य अमृत सरोवर, सोलर लाईट, हैण्डपंप खनन, फर्जी मस्टररोल सहित अन्य कार्यो को कागजों में पूर्ण कर दोनों सचिवों पर 2 करोड़ से अधिक की राशि की बंदरबांट करने का खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ था।

उक्त मामले में कई माह बीत जाने के बाद भी आगे की कार्रवाई फाईलों में बंद है। जांच प्रतिवेदन जिम्मेदार अफसरों तक नहीं भेजा जा सका है। विशेष सूत्रों से जानकारी मिली है कि जांच में लीपापोती कर दोनों सचिवों को बहाल करने की भी तैयारी की जा रही है। इन सचिवों को बेगुनाह साबित कर एक जनपद के पूर्व अधिकारी का सीधा हस्तक्षेप है जो आए दिन जांच अधिकारी के दफ्तर से लेकर उनके निवास तक दौड़ लगाकर फाईलों को दुरूस्त करने अपनी ज्ञान को साझा करते देखे जाने की खबर है।

बंडा का सचिव भी सुर्खियों में

बंडा का पूर्व पंचायत सचिव प्रकाश सिंह उर्फ रिंकू सिंह को 27 मई को जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबित किया जा चुका है। सचिव प्रकाश सिंह पर वर्ष 2019 से 2023 के दौरान कई तालाबों, सोलर लाईट एवं अन्य कई कार्य कागजों में होना बताकर राशि की बंदरबांट करने का आरोप है। खबर है कि प्रस्ताव तैयार कर सरपंच व रोजगार सहायक के फर्जी हस्ताक्षर कर कोंटा एसबीआई बैंक से राशि का आहरण किया जाता था, जिसका कमीशन सुकमा के अधिकारी एवं नेता तक पहुंचाए जाने की खबर है। इस पंचायत सचिव की भी जांच पर ब्रेक लग गया है।

नस्तीबद्ध करने की जल्दबाजी

कोंटा विकासखण्ड की ग्राम पंचायतों में कागजों पर विकास कार्य कराकर राशि की बंदरबांट किए जाने की जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी प्राप्त करना किसी चुनौती से कम नहीं है। जनपद हो या जिला पंचायत हर जगह जानकारी देने में आनाकानी की जाती है और जानकारी भी आधी अधूरी उपलब्ध कराकर प्राप्त आवेदनों को जनपद एवं जिला सुकमा से नस्तीबद्ध करने में जल्दबाजी दिखाई जाती है। जानकारी नहीं देना इशारा करता है कि पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार के मामलों के तार अधिकारी से जुड़े हुए हैं।

वर्सन:

जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई

सुकमा कलेक्टर  ध्रुव ने बताया कि कई पंचायतों में हुई भ्रष्टाचार मामले का जांच कराने जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया जा चुका है। जांच कराई जा रही है। अभी जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जिला पंचायत से जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

किरण देव ने किया अमित शाह का स्वागत

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे केंदीय गृहमंत्री अमित शाह का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव ने स्वागत किया।

धरती आबा जनभागीदारी अभियान शिविर में शामिल हुए वन मंत्री केदार कश्यप

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  • हितग्राहियों को योजनाओं से किया लाभान्वित

जगदलपुर आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग में इन दिनों धरती आबा शिविरों का आयोजन कर आदिवासी समुदाय को केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण 25 योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। संभाग के नारायणपुर जिले में धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत 30 जून तक चल रहे जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविरों की श्रृंखला में ग्राम पंचायत बेनूर में शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर धरती आबा योजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों तक कल्याणकारी योजनाओं को सरलता से पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि ‘धरती आबा’ शब्द भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में लिया गया है, जो जनजातीय चेतना के प्रतीक हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अब सभी प्रमुख योजनाएं आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, जनधन खाता, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं अब आपके गांव में ही शिविरों के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सभी अपने बैंक खाते खुलवाएं ताकि योजनाओं का सीधा लाभ डीबीटी के माध्यम से मिल सके। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और पारदर्शिता बढ़ी है

दिव्यांगों को मिला सहारा

शिविर में दिव्यांग धनसु नेताम और रामलाल कोडो को बैटरी चलित ट्राई साइकिल दी गई। वहीं श्रीमती रामबती को परिवार सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि, प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति पत्र, पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड प्रदान किया गया।

कश्यप ने लिया स्टॉलों का जायजा

मंत्री श्री कश्यप ने शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर बीपी जांच भी करवाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ें और प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाएं।

25 योजनाओं का लाभ

शिविर में 25 चिन्हांकित योजनाओं के लिए आवेदन लेने एवं लाभ वितरण की व्यवस्था की गई। इनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति और निवास प्रमाण पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम जनधन खाता, फसल बीमा, जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा, वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा, जॉब कार्ड, मुद्रा लोन, श्रम कार्ड, उज्ज्वला योजना, मत्स्य संपदा योजना, जल जीवन मिशन, व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय, पोषण वाटिका, सोलर पंप, डीटीएच-टीवी, खेल मैदान, कौशल प्रशिक्षण आदि। शिविर में स्वास्थ्य जांच, सिकलसेल स्क्रीनिंग, और हितग्राहियों का ऑन-स्पॉट पंजीयन भी किया गया।

आज रेमावंड में शिविर

धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत आगामी शिविरों का आयोजन नारायणपुर विकासखंड के अंतर्गत 23 जून को ग्राम पंचायत रेमावंड, 27 जून को धौड़ाई और 30 जून को पालकी में शिविर आयोजित होंगे। वहीं ओरछा विकासखंड में 24 जून को सोनपुर, 25 जून को ओरछा तथा 28 जून को कोहकामेटा में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, नारायणपुर जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, जनपद सदस्य राकेश कोडो, सोमनाथ सलाम, रामबती देवांगन, सरपंच ग्राम पंचायत बेनूर रैनी मरकाम, एसडीएम गौतमचंद पाटिल, सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह, नारायणपुर जनपद सीईओ लोकनाथ पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सरपंच, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

नक्सल हिंसा में शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को दूसरे विभागों में भी मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

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  •  मंत्रिपरिषद का बड़ा निर्णय, परिजनों को विभाग चुनने का विकल्प
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार माना गृहमंत्री विजय शर्मा ने

जगदलपुर राज्य शासन द्वारा नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के परिजनों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद ने एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013 की कंडिका 13(3) में संशोधन को मंजूरी दी है।

उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर प्रदेश और देश की रक्षा की है। उनके परिजनों को केवल विकल्पहीन नियुक्ति देना न्यायसंगत नहीं था। लंबे समय से शहीद परिवारों की इस मांग को हमने सरकार के समक्ष पूरी गंभीरता से रखा। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है। अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे। श्री शर्मा ने बताया कि इस संशोधन के अनुसार अब नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिस सेवकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिला अथवा संभाग में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे। पूर्व में यह प्रावधान था कि अनुकंपा नियुक्ति उसी विभाग में ही दी जाए, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक सेवारत था। परंतु शहीदों के परिजनों की लगातार मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस नीति में संशोधन कर यह विकल्प प्रदान किया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर इस निर्णय को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया।उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा को लगातार शहीद परिवारों और उनके संगठनों से यह मांग प्राप्त हो रही थी कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प मिलना चाहिए। उप मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से निर्णय पारित हुआ। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा राज्य के शहीद परिवारों ने पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के साथ अन्य विभागों में नियुक्ति की मांग की थी। अब उनके लिए यह रास्ता खुल गया है, जिससे उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है।

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