जगदलपुर।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्रध्यापक भर्ती 2019 के प्रारंभ से ही अनिमियत्ता सामने आ रही हैं। वर्तमान में अनुपस्थित अभ्यर्थी को साक्षात्कार में शामिल होने के लिए बुलाया गया जो बड़ा गम्भीर विषय हैं छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से जुड़ा होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की विश्वनीयता पर भी प्रश्न खड़ा करता है इसकी निष्पक्षता से जांच की मांग भारतीय जनता युवा मोर्चा ने की है। साथ ही उक्त विषय पर छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग स्वयं को क्लीन चिट दे रहै है, सहायक प्रध्यापक भर्ती में अनुपस्थित अभ्यर्थियों का नाम आना परीक्षा केंद्र में वीडियोग्राफी नही कराया जाना पी.एस.सी की कार्यप्रणाली व विश्वसनीयता को धूमिल करता है।
युवा मोर्चा जिला बस्तर ने इस कि गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए एवं छत्तीसगढ़ के युवाओं के हित मे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस पूरे मामले की निष्पक्षता पूर्वक जांच करवाने की मांग की है। इस तारतम्य में भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला-बस्तर ने अरविंद एक्का (अपर कलेक्टर)को कलेक्टर कार्यालय जगदलपुर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जिसमे प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनीष पारेख, उपाध्यक्ष राकेश तिवारी, जिला महामंत्री अविनाश श्रीवास्तव,दिगम्बर राव, राजपाल कसेर, निर्मल पानीग्राही, मनोज पटेल,रवि कश्यप,जयराम दास,प्रकाश रावल,विनीत शुक्ला,गणेश काले ,आनन्द झा, प्रकाश झा,प्रितेश राव, रोहित खत्री,सुरेश कश्यप,विकास पात्रों,प्रतीक राव,अभिषेक तिवारी,बंटू पांडे,आलेख तिवारी,रिंकू शर्मा,गोविंद साहू,विवेक साहू, सुशील खम्बारी,विनय राजू,अनिमेष चौहान,परेश ताटी,योगेश मिश्रा ,आदित्य शर्मा, मयंक नथानी,भावेश यदु आदि युवा मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
पी.एस. सी. परीक्षा में भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री के नाम युवा मोर्चा ने सौपा ज्ञापन
खिलौना बनावो प्रतियोगिता में लामकेर संकुल रहा प्रथम, दूसरे स्थान पर भोण्ड ,व पिपलावण्ड संकुल रहे
जगदलपुर।स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश पर बस्तर जिले के बस्तर विकास खण्ड में ब्लॉक स्तरीय वर्चुवल खिलौना प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें लामकेर संकुल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके द्वारा जो बनाई गई खिलोने थे उसमे भाषा गणित,पर्यावरण को हम बच्चो को किस तरह समझाते हुए पढा सकते है इसकी समझ को बेहतर प्रदर्शित किया गया था।
दूसरे स्थान पर सँयुक्त रूप से संकुल केंद्र भोण्ड एवं पिपलावण्ड रहे। जिन्होंने बस्तर कल्चर में विलुप्त हो रही संस्कृति को हम कैसे बचाये रखें इसका प्रदर्शन किया। इसके पश्चात तीसरे स्थान पर संकुल केंद्र चोकर, कोलचुर एवं सिवनी सँयुक्त रूप से रहे। खिलौना प्रदर्शनी का अवलोकन करने जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत बस्तर के शिक्षा समिति के सभापति मनीराम कश्यप व मोहन मौर्य ने अवलोकन कर शिक्षकों व बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

खिलौने प्रतियोगिता में दिखी बस्तर संस्कृति की झलक
वर्चुअल खिलौना बनाओ प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र रहा बस्तर संस्कृति से जुड़े हुए महत्वपूर्ण वस्तुएं, ढेकी से धान की कुटाई, ओखली, सीलबट्टा, देशी फ्रिज, नांगर जुआँड़ी, तीर धनुष, सल्फी का वृक्ष, कोदो कुटकी, जता आदि का खिलौने के रूप प्रस्तुतिकरण आकर्षक एवं सराहनीय रहा। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, मोहन मौर्य, बीइओ आर एल ठाकुर, बीआरसी राजेन्द्र सिंह ठाकुर, प्रदीप बिस्वास, देवेंद्र सोनी, लेखराम बिसाई, संजीव शर्मा व समस्त संकुल समन्वयक उपस्थित रहे। खिलौना प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका व्याख्याता चंद्रभान मिश्रा, मध्यान्ह भोजन नोडल शैलेन्द्र तिवारी, श्रीधर पांडे ने निभाई।
गुण्डरदेही एवं अरमरीकला गुरूर मे विभिन्न कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह
दिनांक 1 फरवरी 2021 दिन सोमवार को विभिन्न कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह मे गुण्डरदेही एवं अरमरीकला गुरूर मे माननीय श्री डॉक्टर शिव कुमार डहरिया जी कैबिनेट मंत्री नगरीय प्रशासन विकास व श्रम मंत्रालय माननीय श्री भुनेश्वर बघेल जी अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ शासन व विधायक डोगरगड माननीय श्री कुवंर सिंह निषाद संसदीय सचिव छत्तीसगढ शासन व विधायक गुनडरदेही माननीया श्रीमति संगीता सिन्हा जी विधायक संजारी बालोद माननीया श्रीमति सोनादेवी देशलहरा अध्यक्ष जिलापंचायत बालोद श्री निर्मल कोशरे अध्यक्ष जिला कांग्रेस दुर्ग चंद्रप्रभा सुधाकर अध्यक्ष जिला कांग्रेस बालोद दीना राम चेलक जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति कांग्रेस विभाग जिला बालोद अन्य अतिथि गण सामिल हुए |

स्वस्थ बच्चों से ही मजबूत युवा पीढ़ी का निर्माण-नीलकमल सिन्हा, चिटौद में 97% बच्चों को पिलाई पोलियो खुराक
विगत लगभग एक वर्ष के वैश्विक संकट के बाद आम जनजीवन पुनः अपनी गति में लौटने लगा है | इसी के विशेष भूमिका में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का प्रयास एक वरदान सिद्ध हुआ है | यह जानकारी देते हुए ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक नीलकमल सिन्हा ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति बालोद के बैनर तले उपस्वास्थ्य केंद्र चन्दनबिरही के अंतर्गत ग्राम चिटौद में 31 जनवरी रविवार को गाँव के 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो ड्राप की बूंद पिलाई गई |
पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान भारत ने डब्ल्यूएचओ वैश्विक पोलियो उन्मूलन प्रयास के परिणाम स्वरूप 1995 में पल्स पोलियो टीकाकरण (पीपीआई) कार्यक्रम आरंभ किया | इस कार्यक्रम के तहत 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोलियो समाप्त होने तक हर वर्ष दिसंबर और जनवरी माह में ओरल पोलियो टीके (ओपीवी) की दो खुराकें दी जाती हैं’
प्रखर बौद्धिक विकास के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी- ईश्वरी कुमार सिन्हा
विद्यालयीन शिक्षा की नींव में बच्चों के स्वस्थ शरीर का महत्वपूर्ण योगदान रहता है | इससे प्रखर बौद्धिक विकास को उचित पोषण प्राप्त होता है | गाँव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक ईश्वरी कुमार सिन्हा ने उक्त विचार व्यक्त करते हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता निभाई |
उन्होंने बताया कि इसका लक्ष्य उन्नत सामाजिक प्रेरणा के साथ उन बच्चों तक पहुंचना है जहां पोलियो वायरस लगभग गायब हो चुका है और यहां जनता के बीच उच्च मनोबल बनाए रखना है |
210 में से 204 बच्चों ने ली खुराक
चिटौद के 0 से 5 साल के 210 लक्ष्यित बच्चों में से 204 को आज पहले दिन ही पोलियो की दवा पिलाई गई | इस कार्य में 2 बूथों के तहत गांव के लीला मंडली के भवन में नीलकमल सिन्हा,ईश्वरी कुमार सिन्हा, एवं मितानिन जानकी साहू, भागेश्वरी साहू, सरस्वती भांडुलकर तथा गोंडवाना भवन में कामिनी साहू, तुलसी जोगी, विद्या उईके, चंद्रिका टांडे ने दवा पिलाने की जिम्मेदारी निभाई |
घर-घर पहुंचीं मितानीनें
बच्चों को बूथ तक पहुंचाने व जीवन रक्षक दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव की मितानीनों ने जनसंपर्क किया | उन्होंने लक्ष्य आधारित हर घर में जाकर सभी पालकों को इस महाअभियान में सहभागिता निभाने को प्रेरित किया |
सहायक चिकित्सा अधिकारी के. के. सिन्हा ने किया निरीक्षण
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की थीम दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार की इस राष्ट्र व्यापी अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के जमीनी अवलोकन के लिए पुरूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक चिकित्सा अधिकारी के.के.सिन्हा ने भी प्रत्यक्ष अवलोकन किया | उन्होंने यहाँ पर निर्धारित लक्ष्य के साथ-साथ मिले अतिरिक्त उपलब्धि के लिए टीम की प्रशंसा की |
खण्ड चिकित्सा अधिकारी रावटे सहित टीम ने भी लिया जायजा
निरन्तर प्रोत्साहन व आवश्यक दिशा निर्देश हेतु खण्ड चिकित्सा अधिकारी जी. आर. रावटे, खण्ड प्रशिक्षण अधिकारी के. आर. उर्वशा व सेक्टर सुपरवाइजर एवन काहिरा ने भी इस महाभियान को सफल बनाने में योगदान दिया | उन्होंने बुथ में उपस्थित मितानिनों से ड्राप पिलाने व उपयोग में लिए जा रहे सामग्रियों से संबंधित विविध आवश्यक जानकारी जैसे वी वी एम अर्थात वैक्सीन वॉयल मॉनिटर की उपयोगिता व सावधानी के बारे में परिचर्चा भी की, साथ ही नजरी नक्शे के द्वारा आबादी, संवेदनशील क्षेत्र व लाभार्थी इत्यादि की जानकारी भी दी |
6 फरवरी को पूरे प्रदेश में चक्का जाम, धरना, प्रदर्शन : छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठन भी पूरे प्रदेश में चक्का जाम, धरना और प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने, सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने का कानून बनाने तथा केंद्र सरकार के किसान विरोधी और कॉर्पोरेटपरस्त बजट के खिलाफ किया जाएगा।
आज यहां जारी एक बयान में छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम, संजय पराते, आलोक शुक्ला, नंद कश्यप आदि ने किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ दिल्ली में धरनारत किसानों और इस आंदोलन को कवर कर रहे पत्रकारों के दमन की तीखी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार के किसी भी कानून या फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन करना इस देश के हर नागरिक का अधिकार है, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने भी की है। लेकिन इस आंदोलन को कुचलने के लिए यह सरकार भाड़े के टट्टू असामाजिक तत्वों और संघी गिरोह का इस्तेमाल कर रही है। 26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा इसी का परिणाम थी, जिसकी आड़ में किसान आंदोलन को बदनाम करने की असफल कोशिश इस सरकार ने की है।
उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार तीन किसान विरोधी कानूनों को डेढ़ साल तक स्थगित करने का प्रस्ताव रख रही है, लेकिन दूसरी ओर अपने बजट प्रस्तावों के जरिये ठीक इन्ही कानूनों को अमल में ला रही है। इस वर्ष के बजट में वर्ष 2019-20 में कृषि क्षेत्र में किये गए वास्तविक खर्च की तुलना में 8% की और खाद्यान्न सब्सिडी में 41% की कटौती की गई है। इसके कारण किसानों को मंडियों और सरकारी सोसाइटियों की तथा गरीब नागरिकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जो सुरक्षा प्राप्त है, वह कमजोर हो जाएगी। इस बार के बजट में फिर किसानों की आय दुगुनी करने की जुमलेबाजी की गई है। इस बजट के जरिये जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर डकैती डालने की कोशिश की जा रही है, जिस पर किसानों और आदिवासियों का अधिकार है। इससे मोदी सरकार का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।
किसान आंदोलन के नेताओं ने कहा है कि देश का किसान इन काले कानूनों की वापसी के लिए खंदक की लड़ाई लड़ रहा है, क्योंकि कृषि क्षेत्र का कारपोरेटीकरण देश की समूची अर्थव्यवस्था, नागरिक अधिकारों और उनकी आजीविका को तबाह करने वाला साबित होगा। इन सत्यानाशी नीतियों के खिलाफ 6 फरवरी को पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक ये सरकार किसान विरोधी कानूनों को वापस नहीं लेती, किसानों का देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
(सुदेश टीकम, आलोक शुक्ला, संजय पराते द्वारा जारी)
माता का पुत्र के लिए मार्मिक संवेदना पर आधारित पुस्तक अर्पण का विमोचन कल
आज के समय में मां-पुत्र के बीच रिश्तों में उतार चढ़ाव देखने को मिलता है किंतु दल्ली राजहरा की महिला ने पुत्र के लिए वह कर दिया है जिसकी सर्वत्र चर्चा हो रही है। यहाँ एक मां ने अपने पुत्र पर आधारित एक पुस्तक प्रकाशित किया है। लेखिका व समाजसेवी श्रीमती शिरोमणी माथुर ने बताया कि यह पुत्र के लिए माता की मार्मिक संवेदना है जिसको जुबां से अभिव्यक्त किया जाना मुश्किल है।उसे पन्नों में उद्धृत करने की कोशिश की गई है
दल्ली राजहरा के प्रतिष्ठित समाजसेवी श्रीमती शिरोमणी माथुर ने अपने पुत्र आलोक माथुर के मार्मिक भावनाओं को अर्पित करते हुए अर्पण नाम एक पुस्तक प्रकाशित किया है जिसका विमोचन महिला व बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के करकमलों से होगा ।
इस दौरान संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, विधायक श्रीमती संगीता सिंहा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती चंद्रप्रभा सुधाकर, श्री शिबू नायर नगरपालिका अध्यक्ष दल्लीराजहरा पूर्व अपेक्स बैंक अध्यक्ष महावीर सिंह राठौर, योगेश अग्रवाल,वीरेश ठाकुर, आलोक ठाकुर, ब्रम्हानंद नेताम,जनकलाल ठाकुर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
कोरोना काल के इस संकट की घड़ी में राहत देने वाला बजट – नागेन्द्र चौधरी
दल्लीराजहरा – प्रदेश भाजपा किसान कार्यकारिणी सदस्य नागेन्द्र चौधरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए बजट को आपदा में अवसर के समान बताया नागेन्द्र चौधरी के अनुसार वित्त मंत्री ने बजट पेश करते कहा कि वित्त वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के झटके के कारण राजकोषीय घाटा जीडीपी का 9.5 फीसदी होगा, यह सरकार के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022 में राजकोषीय घाटा 6.8 फीसदी रह सकता है,लेकिन सरकार वित्त वर्ष 2025-26 तक इसे दोबारा जीडीपी के 4.5 फीसदी तक लाने का प्रयास करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार का बजट आपदा में अवसर ढूंढने वाला है।

इस बजट को इस फोकस के साथ तैयार किया गया है यह अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों को सहारा दे। इस बजट में सरकारने हेल्थ सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खासा जोर दिया है। हेल्थ सेक्टर के बजट को 94 हजार करोड़ से बढ़ाकर 2.38 लाख करोड़ कर दिया है। इस बजट में मंत्री ने कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण के लिए 35 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया है।

नागेन्द्र चौधरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री द्वारा योजनाबद्ध तरीके से एकरूपता प्रस्तुत की है। कृषि के क्षेत्र में सरकार द्वारा अपना खर्च बढ़ाया जाना किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।


भगवान श्री गणेश जी के द्वारा लिखित एवं भगवान वेदव्यास जी के द्वारा वर्णित श्रीमद् भागवत गीता के अद्भुत ज्ञान से परिपूर्ण ऑनलाइन सत्संग का आयोजन प्रतिदिन
भगवान श्री गणेश जी के द्वारा लिखित एवं भगवान वेदव्यास जी के द्वारा वर्णित श्रीमद् भागवत गीता के अद्भुत ज्ञान से परिपूर्ण ऑनलाइन सत्संग का आयोजन प्रतिदिन सीता रसोई संचालन ग्रुप में श्री राम बालक दास जी के द्वारा किया जा रहा है |

बाबा जी ने सभी को आमंत्रण देते हुए बताया कि बहुत ही दुर्लभ घड़ी के हम भविष्य में साक्षी बनने जा रहे हैं हमारे छत्तीसगढ़ में विश्व की सबसे बड़ी गौशाला राजस्थान पथमेड़ा, के संरक्षक संचालक प्रमुख ” संत श्री परम पूज्य गौ ऋषि श्री स्वामी दत्त शरणानंद जी” का आगमन मंगलम भवन हनुमान मंदिर के सामने गुढ़ियारी रायपुर में हो रहा है जिन का प्रवचन संध्या 6:00 से रात्रि 9:00 तक सुनने का सौभाग्य हमें प्राप्त होने वाला है, दोपहर 2:00 बजे राजनांदगांव राम मंदिर चौक से उनकी अगुवाई संत श्री राम बालक दास जी के द्वारा की जाएगी आप सभी परिवार व मित्रों के साथ वहां अपनी अपनी कार से पहुंच कर इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं |

आज की सत्संग परिचर्चा में श्रीमद भगवत गीता की, लेखन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बाबा जी ने बताया कि भगवान वेदव्यास जी ने महाभारत की रचना की तो प्रथम उन्होंने,उसे अपने स्मरण में स्थापित किया तब उन्हें ज्ञात हुआ कि इतने अद्भुत महाभारत को कोई अद्भुत लेखक ही लिख सकता है जो ज्ञानी हो जिसको इसके विषयों पर तर्क कुतर्क की आवश्यकता ना हो वह भ्रमित ना हो तो वेदव्यास जी ने ऐसे लेखक की तलाश करनी प्रारंभ कर दी जो बीच में कुछ भी ना बोले केवल ओर केवल लिखें, यह कार्य केवल वही व्यक्ति कर सकता था जो अद्भुत ज्ञान का भंडार हो जिससे किसी प्रकार की जिज्ञासा की कोई आशा ना हो इस गुण में दक्ष श्री गणेश जी जिन्होंने माता-पिता की परिक्रमा कर प्रथम पूज्य देव की उपाधि प्राप्त की ऐसे महानायक

गणनायक गणपति जी ने महाभारत कथा का लेखक बनना स्वीकार किया जो स्वयं विघ्नहर्ता थे, तो वह विघ्न कैसे आने देते, वेदव्यास जी यही चाहते थे कि एक बार जब मैं बोलूं तो रुकूंगा नहीं और यदि रुक गया तो फिर नहीं बोलूंगा तो ज्ञान ऐसा ही होता है जो ज्ञान के मार्ग में एक बार चल पड़ता है तो वह चलता ही रहता है और जो एक बार रुक गया वह रुक गया, इस प्रकार आज बाबा जी ने पंचम वेद महाभारत लेखन की प्रक्रिया पर सविस्तार उद्बोधन सत्संग में जुड़े सभी सत्संगी भाई बहनों को सुनाया और सभी ने इसके लिए बाबा जी का आभार व्यक्त किया |

त्रिकाल संध्या के महत्व को विदित करते हुए बाबा जी ने बताया कि त्रिकाल संध्या उसी मनुष्य को प्राप्त होती है जो आलस्य को त्याग कर जीवन के प्रत्येक पल का आनंद लेना चाहता है जीवन का प्रत्येक पल तीन संध्यों को करने वाले को प्राप्त होता है प्रथम प्रातः काल उठकर जिस का समय 4:00 से 6:00 बजे का होता है जो अमृतवेला में सूर्योदय से पहले स्नान आदि से निवृत्त होकर प्रतिदिन सूर्य देव को अर्घ प्रदान करता है और नमन कर उनके ऊष्मा को अवशोषित करता है उसको मस्तिष्क की सभी कोशिकाएं खुल जाती है और वह असीम ऊर्जा को ग्रहण करता है ऐसा हमारे विभिन्न ग्रंथों में वर्णीत है |
सत्संग परिचर्चा को आगे बढ़ाते पाठक परदेसी जी ने नारद जी की वीणा के विषय में ज्ञान प्राप्ति की जिज्ञासा बाबाजी के समक्ष की बाबाजी ने इस विषय को उद्धृत करते हुए बताया कि जिस प्रकार ब्रह्मा जी की प्रेरणा से भगवान शिव ने कृष्ण जी को बांसुरी प्रदान की और बांसुरी दीक्षा भी प्रदान की वैसे ही माता सरस्वती जी ने नारद जी को वीणा प्रदान की और उनको भगवान विष्णु के गुणगान के लिए प्रेरणा प्रदान की, वीणा के द्वारा छेडे गए तान से तीनों ही लोक में गुंजित होते हैं, और वीणा उनके विवेक व ज्योत्स्ना के जागरण का केंद्र है
इस प्रकार आज की सत्संग परिचर्चा पूर्ण हुई |
आप भी इस अद्भुत ऑनलाइन परिचर्चा में जुड़ने हेतु 9425510729 पर मैसेज करें
जय गौ माता जय गोपाल जय सियाराम
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या श्रीराम जी का मंदिर निर्माण के लिए ग्राम मोखा में समर्पण राशि लिया गया
जय श्री राम
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या श्रीराम जी का मंदिर निर्माण के लिए ग्राम मोखा में गली भ्रमण करते हुए साथ ही समपर्ण राशि लेते हुए समिति सदस्य के रूप में रामस्वरूप सिन्हा मण्डल प्रभारी मोखा ,पुष्पेन्द्र कटेन्द्र जी सरपंच ग्राम पंचायत मोखा , रामचरण नेवेद्र ग्रामीण पटेल ,राजेन्द्र गंजीर पर्व पंच , डॉ .गोवर्धन यादव जी , विमल कुमार सिन्हा उप सरपंच मोखा , डॉ. ठमेश्वर कटेन्द्र ,महेश्वर कटेन्द्र, गोपाल सेन , भोजू कलिहारी साथ में ग्राम के वरिष्ठ नागरिक एवं मातृ शक्ति के रूप में गांव की महिलाओं की भी भागीदारी मिल रहा है।
मोदी जी सरकार चला रहे हैं या ओएलएक्स? – कोको पाढ़ी
रायपुर/1 फरवरी 2021। केंद्रीय बजट को चंद कार्पोरेट्स को फायदा पहुंचाने वाला बताते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पूर्णचन्द्र(कोको) पाढ़ी ने कहा, केंद्रीय बजट को देख यह समझ नहीं आता कि “मोदी जी सरकार चला रहे हैं या ओएलएक्स? जो मन आय बेच दिया” |

“एलआईसी जीआईसी और कॉनकॉर जैसी मुनाफ़े वाली कंपनियों को बेचे जाने का फ़ैसला राष्ट्रीय हित के ख़िलाफ़ है।” आत्मनिर्भर भारत के नाम पर मोदी सरकार पूरे देश को बेचने पर तुली है,जो केवल और केवल मोदी जी के चंद कार्पोरेट्स मित्रों को देश की संपदा बँटवारे में देने के उद्देश्य से की जा रही है।

कोको पाढ़ी ने कहा, मोदी सरकार पूरी तरह से अपने कार्पोरेट्स मित्रों की गुलाम बन गई है जो देश नहीं बिकने दूंगा के झूठे स्वांग रचा कर पूरे देश को ही बेचने में जुट गई है।

पाढ़ी ने आगे कहा कि देश की जीडीपी लगातार गिर रही है साथ ही कोरोना की वजह से लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं और मोदी सरकार की नीतियों की वजह से बेरोजगारों की तादाद लगातार बढ़ रही है, हर साल दो करोड़ रोजगार का वायदा कर सत्ता हासिल करने वाली मोदी सरकार का इस ओर भी कोई ध्यान न देना युवाओं के साथ एक बड़ा छलावा है इसके साथ ही कृषि और पेट्रोल डीजल पर बढ़ाया गया सेस इस बढ़ती महंगाई की मार झेल रही आम जनता के जख्मों पर नमक छिड़कना जैसा है, वहीं पूरे बजट में महिला उत्थान व सुरक्षा के साथ ही शिक्षा को लेकर कुछ जिक्र न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।



