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ग्राम कुसुमकसा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कुल में स्थायी प्राचार्य एवं सेजेस बालोद में अटैच शिक्षक शिवम गुप्ता को ग्राम कुसुमकसा में पदस्थ की मांग को लेकर डीईओ के पास पहुँचे संजय बैस

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दल्लीराजहरा – जनपद पंचायत सदस्य कुसुमकसा के संजय बैंस के नेतृत्व में कुसुमकसा आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षको की कमी और आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य की नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी बालोद से मुलाकात कर शीघ्र शिक्षक शिवम गुप्ता को वापस कुसुमकसा स्कूल भेजने हेतु पत्र सौपा गया। इस अवसर पर सरपंच शिव राम सिंदरामे नितिन जैन मनीष जेठवानी संतोष जैन उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी को सौपे गए पत्र में बताया गया कि ग्राम कुसुमकसा स्थित सेजेस स्कूल दो पालियों में संचालित हो रहा है। प्रभारी प्राचार्य एक पाली में उपस्थित नही हो पाते है। जिससे शिक्षकगण अध्यापन कार्य छोड़कर अन्य गतिविधियों में संलग्न रहते है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इस कारण स्थायी प्राचार्य की आवश्यकता है। तथा शिक्षक शिवम गुप्ता को बालोद आत्मानंद स्कुल में अटैच किया गया है।

ग्राम कुसुमकसा स्थित सेजेस स्कुल में नवमी कक्षा भी प्रारंभ किया जा चुका है। तथा शिक्षक शिवम गुप्ता गणित के शिक्षक है, इस सेजेस स्कुल में गणित के शिक्षक नहीं होने से यहां सेजेस स्कूल की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षक शिवम गुप्ता को तत्काल वापस सेजेस कुसुमकसा में पदस्थ करने कि आवश्यकता है। सेजेस स्कुल कुसुमकसा में स्थायी प्राचार्य की पदस्थ करने एवं सेजेस बालोद में अटैच शिक्षक शिवम गुप्ता को सेजेस स्कुल कुसुमकसा वापस पदस्थ करने की मांग की गई। कुसुमकसा के ग्रामीणों एवम पालको ने कहा कि संजय बैस द्वारा पत्र कुसुमकसा में पढ़ने वाले छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर सराहनीय कदम है।

बस्तर जिले के 87 श्रद्धालु श्री रामलला दर्शन के लिए रवाना हुए अयोध्या धाम

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  •  सांसद महेश कश्यप ने शुभकामनाएं देकर किया रवाना 

जगदलपुर राज्य शासन की श्री रामलला दर्शन योजना के तहत जिले के 87 श्रद्धालु बुधवार को श्री रामलला दर्शन के लिए जय श्रीराम उद्घोष के साथ अयोध्या धाम रवाना हुए। इस मौके पर बस्तर सांसद महेश कश्यप और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय टाऊन हॉल परिसर में हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं के बस को रवाना किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को पुष्प भेंटकर उन्हें श्री रामलला दर्शन हेतु बधाई दी गई।

इस मौके पर सांसद कश्यप ने सभी श्रद्धालुओं को सकुशल यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कोई भी दिक्कत होने पर अपने सहयोगी एवं कर्मचारियों से तुरंत सम्पर्क करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि मानव जीवन में चार आश्रम का पालन किया जाता है, सबका साथ, सबका विकास के साथ बस्तर की जनता को धार्मिक स्थल का भ्रमण करवाने की योजना संचालित कर लाभ दिया है। भगवान राम का नाता छत्तीसगढ़ से रहा है। हमारा राज्य तो उनका ननिहाल है और वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने लगभग 12 साल हमारे दण्डकारण्य में गुजारे थे। इस रामलला दर्शन योजना से सरकार ने आम जनों को भगवान राम से जोड़ने की पहल की इसके लिए आभार।

इस दौरान आधिकारियों ने अवगत कराया कि इस योजनान्तर्गत 87 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया जा रहा है। इन सभी का स्वास्थ्य रिकार्ड पहले ले ही लिया गया है और यात्रा के पूर्व भी स्वास्थ्य जांच कराई गई है। इन श्रद्धालुओं के साथ उनके सहयोगी भी जा रहे हैं साथ ही प्रशासन द्वारा समुचित देखभाल के लिए कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है। जिले के इन श्रद्धालुओं का जत्था बस्तर एवं दुर्ग संभाग के श्रद्धालुओं के साथ दुर्ग रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन के जरिए सीधे अयोध्या धाम प्रस्थान करेगा। टाऊन हॉल में श्रद्धालुओं को रवाना करने के दौरान पार्षद संतोष पांडेय स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत के उप संचालक बीरेंद्र बहादुर तथा अन्य अधिकारी और श्रद्धालुओं के परिजन एवं नागरिक मौजूद थे।

विधायक अनिला भेड़िया का आदिवासियों ने ही किया जमकर विरोध, बिना भाषण दिए लौटना पड़ा

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  •  खनिज न्यास की राशि में भ्रष्टाचार के मसले पर भड़के आदिवासी युवा

अर्जुन झा

दल्ली राजहरा आरक्षण में क्रीमी लेयर संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय डौंडी में आयोजित प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की आदिवासी विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया को आदिवासियों के ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि अनिला भेड़िया को भाषण देने का मौका भी नहीं दिया गया और आखिरकार उन्हें मंच से उतरकर जाना पड़ गया।

डौंडी में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक अनुसूचित जाति जनजाति एवं व ओबीसी समुदाय के लोगों ने सड़क जाम कर दिया और दुकानों को बंद कराया। बंद के दौरान ब्लॉक मुख्यालय डौंडी में विशाल आक्रोश रैली निकाली गईं। मथाई चौक पर लगभग 10 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। समाज के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार हिंसाराम नायक को सौंपा। इस बीच कार्यक्रम में पहुंची डौंडी लोहारा क्षेत्र की विधायक व पूर्व केबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया को धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में अपने लोगों के ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अनिला भेड़िया द्वारा सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी पर टिप्पणी करने से आक्रोशित समाज के लोगों ने उनका जमकर विरोध किया। लोगों ने कहा कि पिछले साल सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले डौंडी विकासखंड के ग्रामीण अंचलों में व्याप्त समस्याओं तथा जिला खनिज न्यास मद से करोड़ों रुपयों के प्रशिक्षण के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व चक्काजाम किया गया, तब आपने साथ नहीं दिया और आज आ गईं हैं। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं को समझाने का प्रयास किया। युवाओं और विधायक के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। उधर विवाद के बीच विधायक को बिना संबोधित किए मंच से वापस जाना पड़ा। कार्यक्रम में गंगाराम दर्रो जिला उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज जिला बालोद, मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद, मोहन हिड़को अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक डौंडी, हरमीत लेंपांडे ब्लॉक सचिव बौद्ध समाज, खोरबाहरा गौर ब्लॉक अध्यक्ष हल्बा समाज डौंडी, आत्माराम कौरव अध्यक्ष गोंडवाना गोंडी समाज डौंडी ब्लॉक, भोलाराम नेताम सलाहकार डौंडी ब्लॉक, रोहित माहला युवा अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक डौंडी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

धर्मान्तरण और लव जिहाद के खिलाफ तेज होगा अभियान

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  •  विहिप बजरंग दल नगरनार प्रखंड की सेमरा में बैठक
  • संगठन के 60 वर्ष पूर्ण पर होगा भव्य धर्म समागम

जगदलपुर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल प्रखंड नगरनार की बैठक सेमरा स्थित भवन में हुई। बैठक की शुरुआत नगरनार प्रखंड के अध्यक्ष कैलाश ठाकुर ने तीन बार ओम के उच्चारण के पश्चात 13 बार विजय महामंत्र पढ़कर की।

विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष हरि साहू ने कहा कि बस्तर जिले में आएदिन जो घटनाएं हो रही हैं और विवाद की स्थिति बढ़ रही है वहचिंतनीय है। उन्होंने सभी प्रखंड एवं खंड ग्राम समितियों में अपनी अपनी ग्राम समिति बनाकर समाज की संस्कृति परंपरा को बचाए रखने पर जोर देते और एक महीने का लक्ष्य देते हुए प्रत्येक गांव समिति बनाकर प्रखंड, खंड को मजबूत करने को कहा। नगरनार प्रखंड के प्रत्येक गांव तक पहुंच कर समाज में जागरूकता लाने, गांव की परंपराओं और संस्कृति को बचाने के लिए सभी समाज को एक मंच पर लाकर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की ग्राम समिति बनाने की बात कही। बैठक में बस्तर जिले में आएदिन आ रहे मामले लव जिहाद, मतांतरण, गौ तस्करी के मामलों को लेकर सभी बजरंगियों में आक्रोश दिखा। हरि साहू ने आगे बताया कि विहिप संगठन निर्माण को 60 वर्ष पूर्ण होने वाला है। विहिप ने राष्ट्रीय प्रतीकों एवं आस्था के केंद्रों की रक्षा के लिए कार्य किया है। श्री राम जन्मभूमि, बूढ़ा अमरनाथ, रामसेतु इनमें से कुछ उदाहरण हैं। गोवंश संरक्षण तथा मतांतरण का क़ानून लाने में विहिप के प्रयासों के परिणाम दिखने लगे हैं। 1966 में हुए प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन में संतों ने पहली बार प्रस्ताव पारित किया कि जो हिंदू भय, छल तथा प्रलोभन से धर्म छोड़कर गए हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। तबसे अब तक लाखों लोग स्वधर्म में वापस आ चुके हैं। विहिप ने लव जिहाद से बचाकर हिंदू कन्या रक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है। प्रखंड अध्यक्ष कैलाश ठाकुर के अनुमोदन से वीरेंद कच्छ सहमंत्री ने प्रखंड के नए दायित्वों की घोषणा की। नवीन दायित्वों में प्रखंड उपाध्यक्ष बुदरी बघेल सरपंच सेमरा, बजरंग दल सह संयोजक आसमन भारती, विकास मुरला व पदमनाथ कश्यप, धर्म प्रसार सह प्रमुख रघुनाथ सेठिया को दायित्व दिया गया। बैठक में प्रखंड अध्यक्ष कैलाश ठाकुर, उपाध्यक्ष अंतूराम पूजारी, धनपति कश्यप, बुदरी बघेल सरपंच, प्रखंड सह मंत्री वीरेंद्र कच्छ, सीबो कश्यप, प्रखंड संयोजक सुरेश कश्यप, महादेव बघेल सरपंच गरावंड, सुकमन नागेश, शेखर देवांगन, नंदो कश्यप, मोहन ठाकुर, प्रखंड के सभी पदाधिकारी और दस गांवों की ग्राम समितियों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व माता बहने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बंद का बस्तर संभाग में दिखा व्यापक असर, सड़कों पर उतरे अजा-अजजा वर्ग के लोग

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  • पूरे दिन थमे रहे यात्री बसों और अन्य वाहनों के पहिये

अर्जुन झा-

जगदलपुर :- आरक्षण में क्रीमी लेयर संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का बस्तर जिले में व्यापक असर देखने को मिला। यात्री बसों व अन्य वाहनों के पहिये थमे रहे दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

बस्तर संभाग में सर्व आदिवासी समाज के आव्हान पर भारत बंद का बस्तर में व्यापक प्रभाव दिखा। बंद को बस्तर चेंबर आफ कामर्स नें भी समर्थन दे रखा था। लिहाजा जगदलपुर के व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। अस्पताल, स्कूल कालेज व अन्य आवश्यक सेवाएं बंद से मुक्त रखी गई थीं। नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार पर आदिवासी समाज के लोग प्रदर्शन करते रहे। गेट बंद कर दिया गया था। सभी अधिकारी, कर्मचारी प्लांट के पीछे के अस्थाई गेट नंबर दो से ड्यूटी पर पहुंचते रहे। शिफ्ट खत्म होने के बाद अधिकारी कर्मचारी पिछले दरवाजे से अपने अपने घरों की ओर लौटते रहे। वैसे बंद की वजह से स्टील प्लांट में उत्पादन पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ा। जगदलपुर शहर, बकावंड, नगरनार में व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं। जगदलपुर से अन्य स्थानों की ओर जाने वाली यात्री बसों के पहिये थमे रहे। ज्यादातर बसें यहां के बस स्टैंड पर ही खड़ी रहीं। सड़कों पर दीगर वाहन भी बहुत ही कम नजर आए। बकावंड और जगदलपुर में अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोग हाथों में झंडे बैनर लेकर सड़कों पर नारे लगाते हुए घूमते रहे। बकावंड में लोग और अधिकारी कर्मचारी संगठनों के सदस्य पदाधिकारी सुबह से बंद को लेकर सक्रिय हो गए थे। इस कस्बे में भी बंद का व्यापक प्रभाव रहा। जगदलपुर में हजारों आदिवासियों ने रैली निकाली। बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार सुबह से ही अजा अजजा और ओबीसी वर्ग संगठन एवं समाज के लोग सड़कों पर निकल पड़े थे और दुकानों को बंद कराते रहे। इसके अलावा वाहनों को भी रोका जाता रहा। विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। जगदलपुर से 15 किलोमीटर दूर ग्राम केशलूर चौक दो नेशनल हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग 30 और 63 का संगम स्थल है। नेशनल हाइवे 30 ओड़िशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना को जोड़ता है, वहीं नेशनल हाइवे 63 महाराष्ट्र को जोड़ता है। केशलूर चौक पर बड़ी संख्या में बस्तर के मूल निवासी सुबह से मौजूद थे। कुछ देर तक जाम की स्थित बनी रही।इसके बाद चारपहिया निजी वाहन और मोटरसाकिलों के अलावा स्वास्थ्य से जुड़े वाहनों को छोड़ा गया। वहीं सड़क के दोनों ओर बसों और ट्रकों की लंबी कतार लग गई। बस्तर बंद को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी नगर में जगह जगह तैनात किया गया था। आदिवासी समाज के युवाओं के मुताबिक वे अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए बस्तर बंद किए हैं। सुप्रीम कोर्ट से आदेश को वापस लेने की मांग भी युवाओं ने की। बस्तर बंद के दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकाने बंद रहने से घरेलू सामान और रोजमर्रा की चीजें नहीं मिलने से लोग परेशान होते रहे। रैली जगदलपुर के पीजी कालेज से निकाल कर मुख्य मार्ग से होती हुई कलेक्टर परिसर पहुंची, जहां कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा गया। रैली का समापन लालबाग आईजी ऑफिस के सामने अंबेडकर की मूर्ति के पास हुआ।

आदिवासियों ने दिखाई ताकत

आरक्षण संशोधन के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति समाज द्वारा आहूत भारत बंद का दंतेवाड़ा जिले में व्यापक असर दिखा। सुबह से ही निजी दुकान व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। छोटे ठेले, गुमटी से लेकर होटल तक नहीं खुले। जमीन पर पसरा लगाकर सब्जी बेचने वाले ग्रामीण तक दिखाई नहीं पड़े। दफ्तरों में भी सन्नाटा पसरा रहा। एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने छुट्टी ले चुके थे। जिला मुख्यालय के मेंडका डोबरा मैदान पर इकट्ठा होकर सभा करने के बाद विशाल रैली निकाली गई, जो नगर भ्रमण के बाद कलेक्टरेट पहुंची। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, कुआकोंडा व गीदम ब्लॉक से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि रैली शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।

कलेक्ट्रेट की तगड़ी सुरक्षा

बलौदाबाजार अग्नि कांड से सबक लेते हुए पुलिस व प्रशासन ने काफी एहतियात बरती। कलेक्टरेट परिसर की तगड़ी नाकेबंदी की गई थी और अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। ज्ञापन लेने के लिए गेट के बाहर ही अधिकारी मौजूद रहे। ज्यादातर स्कूल बंद रहे। बच्चों की आवाजाही में संभावित दिक्कत और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ यात्री बस सेवाओं का संचालन भी बाधित रहा। सुबह राजधानी की तरफ से कुछ बसें जरूर पहुंचीं। इसके बाद दिन में बस संचालन बंद रहा। लोकल बस ऑपरेटर्स ने अपनी बसें स्टैंड में ही खड़ी कर रखी थीं।

बंद का बस्तर जिले में व्यापक असर

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  • सड़क पर उतर अजा -अजजा वर्ग के लोग

जगदलपुर आरक्षण के में क्रीमी लेयर संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का बस्तर जिले में व्यापक असर देखने को मिला। यात्री बसों व अन्य वाहनों के पहिये थमे रहे दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

बस्तर संभाग में सर्व आदिवासी समाज के आव्हान पर भारत बंद का बस्तर में व्यापक प्रभाव दिखा। बंद को बस्तर चेंबर आफ कामर्स नें भी समर्थन दे रखा था। लिहाजा जगदलपुर के व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। अस्पताल, स्कूल कालेज व अन्य आवश्यक सेवाएं बंद से मुक्त रखी गई थीं। नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार पर आदिवासी समाज के लोग प्रदर्शन करते रहे। गेट बंद कर दिया गया था। सभी अधिकारी, कर्मचारी प्लांट के पीछे के अस्थाई गेट नंबर दो से ड्यूटी पर पहुंचते रहे। शिफ्ट खत्म होने के बाद अधिकारी कर्मचारी पिछले दरवाजे से अपने अपने घरों की ओर लौटते रहे। वैसे बंद की वजह से स्टील प्लांट में उत्पादन पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ा। जगदलपुर शहर, बकावंड, नगरनार में व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं। जगदलपुर से अन्य स्थानों की ओर जाने वाली यात्री बसों के पहिये थमे रहे। ज्यादातर बसें यहां के बस स्टैंड पर ही खड़ी रहीं। सड़कों पर दीगर वाहन भी बहुत ही कम नजर आए।

बकावंड और जगदलपुर में अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोग हाथों में झंडे बैनर लेकर सड़कों पर नारे लगाते हुए घूमते रहे। बकावंड में लोग और अधिकारी कर्मचारी संगठनों के सदस्य पदाधिकारी सुबह से बंद को लेकर सक्रिय हो गए थे। इस कस्बे में भी बंद का व्यापक प्रभाव रहा।

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध

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बकावंड आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के विरोध में आज 21 अगस्त को बकावंड ब्लॉक मुख्यालय और अन्य गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए।अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के आरक्षण में क्रिमि लेयर एवं वर्गीकरण निर्धारित कर आरक्षण प्रदान करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के संगठनों और कर्मचारी आधिकारी संगठनों में रोष व्याप्त है।

एनएसएल स्टील प्लांट का एक और कीर्तिमान, साल से भी कम समय में 1 मिलियन टन हॉट रोल्ड कॉइल का उत्पादन

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  • अधिकारियों ने जताई खुशी, टीम को दी बधाई

नगरनार14 अगस्त को हॉट मेटल के उत्पादन में निर्धारित क्षमता के आधे से अधिक अंक को पार करने के तुरंत बाद नगरनार के एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के एकीकृत स्टील प्लांट ने आज एक और मील का पत्थर पार कर लिया, जब इसकी हॉट स्ट्रिप मिल ने 1 मिलियन टन हॉट रोल्ड कॉइल का उत्पादन पूरा किया। ज्ञात हो कि प्लांट ने 15 अगस्त 2023 को हॉट मेटल का उत्पादन शुरू करने के बाद रिकॉर्ड 9 दिनों के भीतर 24 अगस्त 2023 को अपना पहला एचआर कॉइल रोल किया था।

एनएमडीसी के निदेशक वित्त और कार्यवाहक सीएमडी अमिताव मुखर्जी ने टीम को बधाई देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा – मुझे यह साझा करते हुए बेहद गर्व हो रहा है कि एनएसएल ने अपनी उत्पादन यात्रा में इतनी जल्दी यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। तय समय से पहले 1 मिलियन टन हॉट रोल्ड कॉइल (एचआरसी) हासिल करना हमारी पूरी समर्पित टीम के समर्पण, विशेषज्ञता और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। इस उपलब्धि ने न केवल पीएसयू क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है, बल्कि उ‌द्योग के मानदंडों के मुकाबले भी मजबूती से खड़ा है। हम इस गति को बनाए रखने और गुणवत्ता और दक्षता के साथ आगे बढ़ते रहने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से स्थापित 3 मिलियन टन क्षमता वाले अत्याधुनिक एकीकृत इस्पात संयंत्र में भारत के सबसे चौड़ी हॉट स्ट्रिप मिल्स में से एक है। यह 900 मिमी से 1650 मिमी चौड़ाई की एचआर कॉइल को 1 मिमी से 16 मिमी मोटाई में रोल कर सकता है। पिछले एक साल में विभिन्न उपभोक्ता क्षेत्रों ने एनएसएल द्वारा उत्पादित एचआर कॉइल की सराहना की है और इसे हाथोंहाथ खरीदा है।

के. प्रवीण कुमार ने टीम की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा- टीम एनएसएल का प्रत्येक सदस्य प्रशंसा का पात्र है, क्योंकि उन्होंने इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमारे सामने आने वाली कई चुनौतियों को पार किया है। हमारी सशक्त टीम को मेकॉन के अधिकारियों, हमारे आपूर्तिकर्ताओं और सहयोगियों का संबल साथ रहा जिससे हम यह कीर्तिमान प्राप्त कर सके। के. प्रवीण कुमार ने एनएसएल के अगले लक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें उत्पादन बढ़ा कर ईकोनोमिज़ ऑफ़ स्केल प्राप्त करना होगा ताकि हम एक मजबूत आधार पर पहुंचें। उन्होनें कहा -मुझे यकीन है कि चुनौतियों का सामना कर यश प्राप्त करने वाली यह टीम अपने अगले पड़ाव में भी जल्द यशस्वी साबित होगी।

नहीं रही शहीद की बहन की राखी की थाली सूनी

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  • जवानों ने बहन के घर जाकर बंधवाई राखी 

बकावंड रक्षा बंधन त्यौहार पर हर साल एक बहन की आंखें भाई की राह देखते पथरा सी जाती थीं, चार साल से वह राखी की थाली सजाकर बाट जोहती आ रही थी, आरती का दीपक बूझ जाता था, मगर भाई श्रवण नहीं पहुंचता। श्रवण आए भी तो कैसे? वह देश सेवा करते शहीद जो हुआ चुका है। मगर इस बार के रक्षा बंधन पर बहन की आंखें चमक उठीं, उसे एकसाथ दो भाई मिल गए, वह भी उसके सगे भाई श्रवण कश्यप की तरह ही पुलिस कर्मी हैं।

बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनिया गांव में शहीद श्रवण कुमार कश्यप की बहन तुलावती कश्यप की राखी की थाली चार साल से सूनी पड़ी थी। तुलावती के भाई श्रवण की शहादत बीजापुर जिले बासागुड़ा के टेकलगुड़ा में 3 अप्रैल 2021 को नक्सलियों से मुठभेड़ में हो गई थी। इस मुठभेड़ में श्रवण कश्यप सहित 21 जवानों की शहादत हुईं थी। तबसे लेकर आज तक तुलावती कश्यप की राखी की थाली यूं ही धरी रह जाती थी। एक बहन की पीड़ा की जानकारी मिलने के बाद सीएसपी विशाल गर्ग ने रक्षा बंधन की सुबह ही थाना नगरनार टीआई को पुलिस की एक टीम शहीद श्रवण कश्यप की बहन के पास रक्षा बंधन त्यौहार मनाने के लिए भेजने और शहीद की बहन को उपहार देने के निर्देश दिए। नगरनार के थाना प्रभारी सतीश यदुराज ने अपनी टीम से शहीद आरक्षक श्रवण कुमार कश्यप की बहन तुलावती कश्यप के गृह ग्राम तारापुर में उनके घर पर के लिए प्रधान आरक्षक बधुराम बघेल और अखिलेश नाग को रवाना किया।

बुधराम बघेल और अखिलेश नाग ने तुलावती से राखी बंधवाकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया और बहन को उपहार भी दिया। शहीद की बहन ने जब पुलिस के जवानों को अपने घर पर देखा तो उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।उसे ऐसा लगा जैसे उसका सगा भई श्रवण आ गया हो। उसने पुलिस जवानों से आग्रह किया कि हर साल रक्षा बंधन के दिन इसी तरह राखी बंधवाने आया कीजिए।

बस्तर के नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने की हर कोशिश का विरोध करेगी कांग्रेस: दीपक बैज

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  • बस्तर के पत्रकारों की गिरफ्तारी राज्य व सहयोगी सरकार की मिलीभगत

अर्जुन झा-

जगदलपुर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचे जाने के प्रयास और बस्तर के चार पत्रकारों की षड्यंत्र पूर्वक गिरफ्तारी को लेकर जमकर बरसे। उन्होंने कहा मोदी सरकार एनएमडीसी द्वारा नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र को बेचने जा रही है। नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने के विरोध में पूरे बस्तर की जनता है। बस्तर की जनता ने निजीकरण के खिलाफ बस्तर बंद का आहवान किया था। तब पूरा बस्तर स्वस्फूर्त बंद रहा। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई मौकों पर निजीकरण को लेकर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था । 21 फरवरी 2021 को नीति आयोग की बैठक में तो उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि राज्य सरकार प्लांट के संचालन की ज़िम्मेदारी लेने को तैयार है। छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की ओर से सरकार बनने से पहले विधानसभा में अशासकीय संकल्प लाया गया था और सरकार बनने के बाद बाकायदा शासकीय संकल्प लाकर इसके बेचने का विरोध किया गया था। उस संकल्प में कांग्रेस सरकार की ओर से कहा गया था कि अगर मोदी सरकार इसे बेचना ही चाहती है, तो इसे राज्य सरकार को सही कीमत लेकर बेच दे और राज्य सरकार इसे चलाएगी।

मित्रों के लिए बदले नियम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार ने नियमों में परिवर्तन करके राज्य सरकार को बोली लगाने से रोक दिया है। इससे साफ प्रतीत होता है कि मोदी सरकार इसे अपने मित्र उद्योगपतियों को बेचना चाहती है। विधानसभा चुनाव के पहले बस्तर की जनता से मोदी जी ने आमसभा में 3 अक्टूबर 2023 को वादा किया था कि नगरनार इस्पात संयंत्र बस्तर की जनता की संपत्ति है, इसे नहीं बेचा जाएगा। इसी दिन इस संयंत्र का प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन भी किया था।समाचार माध्यमों में छपी खबरों के अनुसार मोदी सरकार नगरनार संयंत्र को बेचने की फिर से तैयारी शुरू कर चुकी है। खबरें ऐसी भी हैं कि दो माह में निविदा बुलाई जा सकती है। श्री बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एनएमडीसी बस्तर के नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करती है। इस संयंत्र के लिए बस्तर के आदिवासियों ने अपनी जमीन दी है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के जरिए इस जमीन का मकसद बस्तर का विकास था। आदिवासियों ने अपनी जमीन मुआवजे के लिये नहीं दी थी, बल्कि इसलिए दी थी, कि आने वाले समय में उनको रोजगार मिल सके और साथ ही क्षेत्र का विकास हो। नगरनार स्टील प्लांट सिर्फ एक कारखाना ही नहीं है, यह बस्तर के आदिवासियो के सुनहरे कल की उम्मीद भी है। लोगों ने रोजगार और व्यापार के अवसर पैदा होने की उम्मीद से इस्पात संयंत्र को बनाने में सहयोग किया था। मोदी सरकार कुछ निजी उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने का जो प्रयास कर रही है, कांग्रेस इसको लेकर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में जन आंदोलन छेड़ेगी।

पत्रकारों की गिरफ्तारी साजिश

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तर के चार पत्रकारों की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 10 और 11 अगस्त के बीच बस्तर के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े बस्तर के चार वरिष्ठ पत्रकार बाप्पी राय निशू त्रिवेदी, मनीष सिंह और धर्मेंद्र सिंह अंतर्राज्यीय रेत माफियाओं का पर्दाफाश करने छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र कोंटा गए हुए थे। उन्होंने रंगेहाथों रेत से भरे टिप्परों को रोका और उनसे जानकारी लेने सवाल पूछे। वहां कोंटा टीआई अजय सोनकर पहुंचते हैं और उनसे तू-तू-मैं-मैं करते हुए हुए धमकी देते हैं। इसके बाद साजिश के तहत पत्रकारों की गाड़ी में गांजा रख दिया जाता है और आंध्रप्रदेश के चिंतूर पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है। गाड़ी में गांजा रखे होने की जानकारी से अनभिज्ञ चारों पत्रकार चाय पीने जब बार्डर पार कर चिंतूर पहुंचते हैं, वहां की पुलिस उन्हें गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लेती है।

बैज के सुलगते सवाल

पत्रकारों की गिरफ्तारी पर राज्य सरकार को घेरते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कई सुलगते सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि चारों पत्रकार दो दिनों तक चिंतूर थाना में रहते हैं परंतु छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा उन्हें बचाने कोई पहल क्यों नहीं करते?आंध्रप्रदेश में भाजपा की सहयोगी पार्टी की सरकार है बावजूद इसके छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकारों के खिलाफ झूठा मामला बनने क्यों देती है? दीपक बैज ने कहा कि पत्रकारों के दबाव में कोंटा टीआई पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने मात्र से क्या होगा। सरकार इस बात की जांच क्यों नहीं करती? रेत की तस्करी के पीछे छत्तीसगढ़ के किन- किन भाजपा नेताओं का हाथ है क्योंकि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर तस्करी को अंजाम नहीं दिया जा सकता। कोंटा टीआई अजय सोनकर ने कहा था नेताजी को बता देना ये नेताजी कौन है, भाजपा बताए। दीपक बैज ने पूछा है कि बस्तर के चारों निर्दोष पत्रकारों को रिहा कराने सरकार ने अब तक क्या पहल की है और आगे क्या रणनीति बनाई है यह स्पष्ट करे। दीपक बैज ने सवाल उठाया कि क्या इस पूरे मामले को लेकर सुकमा एसपी ने आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिला एसपी से कोई पत्र व्यवहार किया है? प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, वरिष्ठ कांग्रेसी मिथलेश स्वर्णकार, रेखचंद जैन, चंदन कश्यप, सतपाल शर्मा, शंकर राव, रामशंकर राव, अंगद प्रसाद त्रिपाठी ,हनुमान द्विवेदी, कविता साहू, उदयनाथ जेम्स, राजेश राय, जावेद खान, अजय बिसाई, विशाल खंबारी, महेश सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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