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माँ दन्तेश्वरी की पावन धरा बस्तर पहुँचे उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने जगदलपुर विमानतल पर किया भव्य आत्मीय स्वागत

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जगदलपुर प्राकृतिक सौन्दर्य, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और लोक परम्पराओं से पोषित माँ दंतेश्वरी की पावन भूमि बस्तर के प्रवास पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जगदलपुर आगमन हुआ। जगदलपुर स्थित माँ दन्तेश्वरी विमानतल (हवाईअड्डे) पर भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बस्तर की पावन धरा पर अगवानी करते हुए उन्हें बस्तर की पारम्परिक कलाकृति और स्मृति चिह्न भेंट कर छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक अभिनन्दन किया। इस मौके पर श्री देव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर अंचल में विकास, सुशासन और जन-कल्याण के संकल्पों को और अधिक गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वागत के लिए माँ दन्तेश्वरी विमानतल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। पारंपरिक बस्तरिया अंदाज और लोक संस्कृति की झलक के साथ अतिथि-सत्कार किया गया। इस दौरान बस्तर संभाग के वरिष्ठ भाजपा नेता, स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वय यादव व धामी और मप्र के कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय का बस्तर पहुँचने पर स्वागत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने बस्तर आगमन पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी एवं मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मंगलवार को बस्तर पहुँचने पर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उनके साथ छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ने राष्ट्रीय व प्रादेशिक नेतृत्व का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और बस्तर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डबल इंजन की सरकार के इस दौर में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं का बस्तर आगमन यह दर्शाता है कि केंद्र और भाजपा नेतृत्व के लिए बस्तर का विकास और यहाँ की जनता का कल्याण सर्वोपरि हैं।

सनातनी महापौर ने योगी आदित्य नाथ का किया आध्यात्मिक अभिनंदन

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जगदलपुर पहुंचे योगी का किरण सिंह देव और मंत्री केदार कश्यप ने भी किया स्वागत

जगदलपुर मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक में भाग लेने जगदलपुर पहुंचे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जगदलपुर के धर्मप्रेमी सनातनी महापौर संजय पाण्डेय ने आत्मीय और आध्यात्मिक स्वागत किया। संजय पाण्डेय के माथे पर लगे त्रिपुंड और उनकी बातचीत की शैली से प्रभावित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संजय पाण्डेय की पीठ थपथपा कर उन्हें आशीर्वाद दिया। जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और महापौर संजय पांडेय ने किया। विदित हो कि बस्तर से नक्सल समस्या को समाप्त करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने जगदलपुर में मध्य क्षेत्र परिषद से जुड़े चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की आज 19 मई को हाई लेवल बैठक बुलाई है।

ये चारों राज्य भाजपा शासित हैं। इन राज्यों में से मध्यप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कल शाम से ही जगदलपुर पहुंच चुके हैं। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय लगातार तीन दिन से गृहमंत्री के साथ हैं। आज सुबह उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जगदलपुर पहुंच गए। यहां एयर पोर्ट पर योगी आदित्यनाथ का हुआ अभिनंदन देखने लायक था। लोगों का सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा योगी आदित्यनाथ और जगदलपुर के प्रखर सनातनी महापौर संजय पाण्डेय का मिलन।

संजय पाण्डेय हमेशा अपने मस्तक पर त्रिपुण्ड लगाए रखते हैं।उनकी वेशभूषा और शैली को देख योगी आदित्य नाथ बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए संजय पाण्डेय का अभिवादन स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनकी पीठ थपथपाई। यह दृश्य देख लोग अभिभूत हो उठे। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने योगी आदित्य नाथ को झुक कर प्रणाम किया। वन मंत्री केदार कश्यप ने बड़ा गुलदस्ता भेंट कर योगी जी का स्वागत किया। कुल मिलाकर बस्तर के लिए यह पल अविस्मरणीय बन गया।दोपहर में उक्त हाई प्रोफाइल बैठक शुरू होगी

बस्तर की उड़न परी कुसुम शार्दुल को हल्बा समाज ने किया सम्मानित

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42 किमी मैराथन दौड़ में बस्तर की बेटी कुसुम शार्दुल रही है प्रथम

जगदलपुर मार्च माह में आयोजित बस्तर हैरिटेज मैराथन में 42 किलोमीटर की फुल मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बस्तर की बेटी और उड़न परी कुसुम शार्दूल को 32 गढ़ महासभा हल्बा समाज ने गढ़ मधोता में आयोजित समारोह में सम्मानित किया। हल्बा समाज ने अपनी बेटी की उपलब्धि को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि कुसुम ने पूरे बस्तर अंचल का नाम रौशन किया है। कुसुम ने मैराथन की चुनौतीपूर्ण दूरी मात्र 3 घंटे 18 मिनट 43 सेकंड में पूरी कर अपनी दृढ़ता और मेहनत का परिचय दिया था। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली कुसुम की यह सफलता क्षेत्र की अन्य युवतियों के लिए प्रेरणा बन गई है। सम्मान समारोह में समाज के पदाधिकारियों ने कुसुम को मंच पर बुलाकर शील्ड, शॉल, श्रीफल और सहयोग राशि भेंट की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम में हल्बा समाज के अध्यक्ष रतुराम मांझी ने कहा कि कुसुम की जीत यह साबित करती है कि लगन और परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सचिव गुड्डू नाग और कोषाध्यक्ष पदम नाग ने कहा कि कुसुम जैसी बेटियां समाज के लिए गर्व का विषय हैं। संरक्षक परशुराम माझी, न्याय समिति अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ मांझी, महिला अध्यक्ष कमला मांझी ने भी कुसुम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में सुखदास नाग, रणवीर कोकड़िया, घसु मांझी, लखमू नाग, भोला शांडिल्य, बजनाथ शांडिल्य, महेश्वर, रामनिवास देहारी सहित समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कहा कि कुसुम की उपलब्धि बस्तर की बेटियों को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि कुसुम आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी बस्तर का गौरव बढ़ाएगी और अंतर्राष्ट्रीय धाविका उड़न परी पी टी उषा की तरह ख्याति अर्जित करेगी।

अब नक्सल प्रभावित नहीं रहा नेतानार, गांव में पहुंच गई डिजिटल सरकार

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गृहमंत्री अमित शाह ने शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा का किया उद्घाटन

चखा बस्तर की इमली का स्वाद, कहा- मीठी है यह इमली

एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की ऑनलाईन सुविधाएं उपलब्ध

जगदलपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैंप पहुंचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा (जन सुविधा केंद्र) का उद्घाटन किया। अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण ले रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। श्री शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है। समूह की लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी। गुंडाधुर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।

शाह सेवा सेतु केंद्र पहुंचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था। अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। सेवा सेतु केंद्र में सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई केवायसी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई केवायसी करा लिया है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे ।

इस केंद्र में जन्म, आय, जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाए जा सकेंगे। इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, केवायसी, बैंक खाते में मोबाईल नंबर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी। अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहां पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी। गृहमंत्री अमित शाह ने धान ढेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की। इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकासशील एवं नागरिक उपस्थित रहे।

रेत माफियाओं और लोहा चोरों के वाहनों ने निकाला सड़क का कचूमर

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ओवर लोडेड गाड़ियों की वजह से सड़क की दुर्गति

अर्जुन झा

बकावंड विकासखंड के दर्जनों गांव से होकर गुजर कर जगदलपुर से ओड़िशा को जोड़ने वाली सड़क रेत माफियाओं के ओवर लोडेड ट्रकों, डंपरों और टिप्परों की वजह से बुरी तरह खस्ताहाल हो गई है। सड़क की दुर्दशा ग्रामीणों के लिए परेशानी की वजह बन गई है। यह सड़क नगरनार स्टील प्लांट, विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के आश्रित ग्राम बेलगांव से होती हुई उड़ीसा सीमा पर समाप्त होती है। ओड़िशा और जिला मुख्यालय जगदलपुर जाने के लिए यही सड़क सबसे महत्वपूर्ण है। फिर भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस ओर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सड़क से गुजरने वाली भारी वाहन हाइवा और ट्रक जब तीस से ज्यादा टन का बोझ लेकर गुजरते हैं। इन वाहनों के दबाव से सड़क का कचूमर निकल गया है। सड़क जगह जगह से टूट फूट गई है। रेत माफियाओं के ट्रक और नगरनार स्टील प्लांट से निकलने वाले लोहा चोरी करने वालों के वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं।

इन्ही अवैध वाहनों ने सड़क का बेड़ागर्क कर डाला है।निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक इस सड़क का सुधार नहीं हो पा रहा है।बकावंड ब्लॉक के तारापुर, बनियागांव, बेलगांव से निकलने वाले रेत से भरे हैवी ट्रक टिप्पर से सड़क की दुर्दशा हो गई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड ट्रकों पर तुरंत रोक लगाने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि ध्यान दें तो तत्काल कार्रवाई हो सकती है। अभी ध्यान न देने की वजह से आम जनता परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बकावंड एसडीएम और लोक निर्माण विभाग को मौके का निरीक्षण करके सड़क मरम्मत का प्रस्ताव भेजना चाहिए। साथ ही परिवहन विभाग को ओवरलोड वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में सड़क फिर से खराब न हो।

बस्तर संभाग में 1.62 करोड़ का धान घोटाला

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छिंदगढ़ के आधा दर्जन खरीदी केंद्रों से 3 हजार क्विंटल धान गायब

मैनेजर एवं खरीदी प्रभारी से होगी एक करोड़ से अधिक की रिकवरी == डीएमओ की भी साठगांठ की हो रही है चर्चा

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग में धान घोटाला का बड़ा मामला सामने आया है। संभाग के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड के आधा दर्जन धान खरीदी केंद्रों में एक करोड़ 62 लाख रूपये अधिक का धान गायब कर दिया गया है। इस धान की मात्रा सवा तीन हजार क्विंटल से भी अधिक है। मामले की जांच रिपोर्ट तहसीलदार अमर गुप्ता कलेक्टर सुकमा को सौंप चुके हैं। अब आगे की कार्रवाई कलेक्टर के पाले में है।

खबर है कि अब इस मामले में मैनेजर एवं खरीदी प्रभारी पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। सुकमा जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों की जांच कराई गई है। जांच में 8 करोड़ रुपए से अधिक की घपलेबाजी उजागर होने की चर्चा है। सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक के धान खरीदी में धान घोटाले बड़ा खुलासा हुआ है। कलेक्टर के आदेश पर आधा दर्जन धान खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान सवा 3 हजार क्विंटल धान गायब होने की बात सामने आई है और सैकड़ों बोरा धान सड़ा हुआ पाया गया है। केंद्रों से गायब धान का मूल्य 1 करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है।तहसीलदार श्री गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर के आदेश पर दो सदस्यीय जांच दल द्वारा खरीदी केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया गया है, जहां 1 करोड़ 62 लाख से अधिक का धान कम होना पाया गया है। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के कोंटा इलाके के खरीदी केंद्रों में भी बड़ा घालमेल किया गया है। इसकी जांच हुई तो बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। छिंदगढ़ के आधा दर्जन खरीदी केंद्रों की जांच में अनियमिता के खुलासे के बाद प्रबंधक एवं खरीदी प्रभारी पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। इस घालमेल मामले में डीएमओ की भी सांठगांठ की चर्चा है।*वर्सन**दोषियों पर होगी कार्रवाई* शिकायत के आधार पर जिले के तीनों विकासखंडों के धान खरीदी केंद्रों की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दूर हुआ लाल आतंक का स्याह अंधकार, अब शुरू हो गई विकास के उजाले की रफ्तार

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ककनार घाटी के सुदूर गांवों तक ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ की सौगात

जहां पैदल चलना भी था जोखिम भरा, वहां फर्राटे से दौड़ रही है यात्री बस

नक्सल प्रभावित गांवों में आई तरक्की की बयार

जगदलपुर बस्तर की जिन दुर्गम पहाड़ियों, संकरी पगडंडियों और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर कभी बारूद की गंध और लाल आतंक का खौफ हुआ करता था, आज वहां विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन मानी जाती थी। बस्तर की कठिन भौगोलिक विषमताओं और माओवाद के साये को पीछे धकेलते हुए ककनार घाटी के नीचे बसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र आज विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। कभी वामपंथी आतंक का गढ़ माने जाने वाले कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जैसे गांवों के निवासियों के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक ऐसा सपना था जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था, क्योंकि घाटी की दुर्गम ढलान ने विकास के हर रास्ते को अवरुद्ध कर रखा था। लेकिन आज उन्हीं संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और वामपंथी समस्या के कमजोर पड़ने से सड़कों का जाल बिछना संभव हो पाया है, और इन चमचमाती सड़कों पर बस का दौड़ना बदलते बस्तर की सबसे सशक्त तस्वीर पेश कर रहा है।

बस्तर जिले में विकास की इस रफ्तार को बढ़ाने के लिए बीते 4 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत वर्तमान में जिले के चार चयनित मार्गों पर बस सेवा का निरंतर संचालन किया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार रायपुर द्वारा स्वीकृत समय-सारिणी के अनुसार यह बस प्रतिदिन कोंडागांव जिले के मर्दापाल से यात्रा शुरू करती है और ककनार घाटी के नीचे बसे उन गांवों को आपस में जोड़ती है जहां कभी पैदल चलना भी जोखिम भरा काम था। घाटी के इन दुर्गम अंचलों से होते हुए यह बस धरमाबेड़ा और ककनार जैसे पड़ावों को पार कर सीधे संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुंचती है, जिससे उन ग्रामीणों का सफर अब बेहद सुगम हो गया है जिन्होंने दशकों तक केवल सड़क और बस का इंतजार किया था। यह निरंतर बस सेवा केवल एक वाहन नहीं है, बल्कि शासन के प्रति ग्रामीणों के विश्वास और खुशहाली की एक अटूट कड़ी बन चुकी है। पक्की सड़क और नियमित बस सेवा ने न केवल परिवहन को आसान बनाया है, बल्कि ककनार घाटी के नीचे बसे ग्रामीणों के मन से बरसों पुराने अलगाव के डर को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। अब शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ता। विकास की इस बदलती बयार को लेकर चंदेला के सरपंच तुलाराम नाग बताते हैं कि करीब दो साल पहले तक इस इलाके में माओवादी समस्या के कारण विकास पूरी तरह थम सा गया था, ।

लेकिन आज सड़क बन जाने के साथ ही इसे एक नई दिशा मिल चुकी है। अब इस पूरे क्षेत्र में स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं के साथ-साथ उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी सामग्रियां बेहद आसानी से सुलभ हो रही हैं, वहीं समीपस्थ ग्राम ककनार में लगने वाले साप्ताहिक बाजार की रौनक भी अब देखते ही बनती है। इसी तरह ककनार के सरपंच बलीराम बघेल भी अपनी खुशी साझा करते हुए कहते हैं कि पहले उन्हें अपने तहसील मुख्यालय लोहंडीगुड़ा और जिला मुख्यालय जगदलपुर तक जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस बारहमासी सड़क के बन जाने से आवागमन की बेहतरीन सुविधा मिल रही है। घाटी की ऊंचाइयों से उतरकर हर ग्रामीण के घर तक शासन की योजनाओं का संदेश पहुंचाने वाली यह बस सेवा इस बात का जीवंत प्रतीक है कि बस्तर का जो हिस्सा कभी अंधेरे में खोया हुआ माना जाता था, वह अब पूरी रफ्तार के साथ प्रगति के उजाले की राह पर अग्रसर है।

वार्ड-16 के उप चुनाव में भाजपा ने मनोहर दत्त तिवारी होंगे भाजपा प्रत्याशी

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जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर के इंदिरा वार्ड क्रमांक-16 में होने वाले पार्षद पद के उप चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मनोहर दत्त तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा जिला कार्यालय, जगदलपुर से जारी पत्र के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की अनुमति से मनोहर दत्त तिवारी को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया है। यह घोषणा भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय द्वारा की गई है। प्रत्याशी घोषित होने के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

मध्य क्षेत्र बैठक से बस्तर को विकास की नई गति मिलने की उम्मीद: मंत्री केदार कश्यप

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शाह का बस्तर दौरा विकास और विश्वास का मजबूत संदेश: कश्यप

डबल इंजन सरकार में संवर रहा है बस्तर

जगदलपुर मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के बस्तर आगमन को लेकर वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे बस्तर के विकास, सुरक्षा और विश्वास के नए दौर का प्रतीक बताया है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बीते दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हुई है। अब बस्तर नक्सल चुनौती की पहचान नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और संभावनाओं के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी और गृह मंत्री अमित शाह बस्तर आने वाले सबसे सक्रिय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे हैं। दोनों शीर्ष नेताओं ने बार-बार बस्तर पहुंचकर यहां के लोगों का मनोबल बढ़ाया, विकास कार्यों की समीक्षा की और यह संदेश दिया कि केंद्र सरकार बस्तर के साथ मजबूती से खड़ी है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। दूरस्थ गांवों तक सड़कें पहुंच रही हैं, नए पुल, पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्र भी मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय और बंदूक का माहौल था, वहां अब स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और बाजार विकसित हो रहे हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, खेल और कौशल विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने आदिवासी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों, किसानों और महिलाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई दे रहा है। वनमंत्री केदार कश्यप ने विश्वास जताया कि अमित शाह के बस्तर दौरे और मध्य क्षेत्र बैठक से क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिलेगी तथा बस्तर देश के सबसे तेज़ी से आगे आदिवासी अंचलों में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।

अमित शाह बताएं कि मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक वर्चुअल क्यों नहीं की: दीपक बैज

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परिषद की बैठक बस्तर में बुलाना भाजपा का पॉलिटिकल प्रोपोगंडा

बस्तर के विकास के लिए विशेष पैकेज कब देंगे

पेट्रोल-डीजल और महंगाई पर कुछ कहेंगे गृहमंत्री: बैज

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि प्रधानमंत्री पूरे देश से आह्वान कर रहे हैं कि वर्क फ्रॉम होम करें, पेट्रोल, डीजल बचाएं, वहीं दूसरी ओर उनके ही गृहमंत्री मुख्यमंत्री उनकी बात का माखौल उड़ा रहे हैं। मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक वर्चुअल क्यों नहीं की गई?जबकि सभी मुख्यमंत्री सचिवालय तथा गृह मंत्रालय के पास वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा है कि मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चार राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि बस्तर आएंगे। सब अलग-अलग विशेष विमान से आयेंगे, लाखों रू. खर्च होगा, डीजल-पेट्रोल तथा विमान का ईंधन खर्च होगा। यह बैठक तो वर्चुअल हो सकती। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मध्यक्षेत्र परिषद की बैठक बस्तर में बुलाना भारतीय जनता पार्टी का पॉलिटिकल प्रोपोगंडा है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने दावा किया था 31 मार्च के बाद नक्सलवाद समाप्त हो गया है। कांकेर में पिछले हफ्ते हमारे 4 जवान शहीद हो गए।

उसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार राजनैतिक प्रोपोगंडा करना बंद नहीं किया है। मध्यक्षेत्र की बैठक पहली बार बस्तर में करवाने पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। मध्यक्षेत्र परिषद की बैठक बस्तर ले जाकर साबित करना चाहते हैं?हमने यहां पर सारी चीजे सही कर दिया है? जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पिछले हफ्ते हमारे 4 जवान शहीद हुये है। मध्यक्षेत्र की बैठक को बस्तर में करने का दूसरा उद्देश्य है कि वहां पर अडानी के लिये रेड कार्पेट बिछाना चाहते है। वहां पर बैठक करने सरकार का मूल उद्देश्य है कि अपना पॉलिटिकल प्रोपोगंडा करना और अडानी के आर्थिक हितों का संवर्धन करना।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि शाह बताये बस्तर के लिए कुछ विशेष पैकेज लेकर आये है या इस बार भी खाली हाथ आने वाले है। डबल इंजन की सरकार में बस्तर के विकास, बस्तर में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार 50 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की घोषणा कब करेगी? बस्तर संभाग के हर नक्सलमुक्त पंचायत को 1 करोड़ की घोषणा कब करेंगे? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जबसे प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल बचाये, खाद्य तेल का उपयोग कम करें, वर्क फ्राम होम करे, इसके कारण पूरे देश में भय का माहौल बना, लोग पेट्रोल-डीजल की कभी की आशंका से पंपों के सामने कतारों पर खड़े हो गए। देश के आधे पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं। बस्तर में भी पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत है। मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रू. से अधिक की बढ़ोतरी कर दी है। मोदी के आह्वान के बाद खाद्य सामाग्री, अनाज, सब्ज्यिों के दाम बढ़ गए हैं। मोदी यदि अपील नहीं करते तो यह अफरा-तफरी नहीं होती। अमित शाह बताएं कि मोदी निर्मित इस आपदा पर आप क्या कहना चाहेंगे?

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