- ग्रामीण क्षेत्रों में जियो और बीएसएनएल के नेटवर्क की समस्या से बढ़ी मुश्किलें
जगदलपुर बस्तर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मधोता कुंडगुड़ा, खैरगुड़ा में जियो और बीएसएनएल नेटवर्क की समस्या ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। खराब नेटवर्क के कारण ऑनलाइन आवेदन और शासकीय योजनाओं का काम ठप हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सिम प्रदाता कंपनियों ने रिचार्ज प्लान महंगा कर दिया है, लेकिन सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ है। जबकि भारत 5जी में प्रवेश कर चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी अभी भी बहुत खराब है। ग्रामीणों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो रही है, जिससे उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि सिम प्रदाता कंपनियों को रिचार्ज प्लान और सेवा में सुधार के लिए नियम लागू करने चाहिए। प्रशासन को इस समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को बेहतर नेटवर्क सुविधा प्रदान करनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन इस समस्या का समाधान नहीं करता, तब तक उन्हें परेशानी होती रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या ने ग्रामीणों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। ग्रामीणों को अब प्रशासन से उम्मीद है कि वह इस समस्या का समाधान करेगा और उन्हें बेहतर नेटवर्क सुविधा प्रदान करेगा। क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान करेगा और ग्रामीणों को बेहतर नेटवर्क सुविधा प्रदान करेगा? यह सवाल अब ग्रामीणों के मन में है।
ग्रामीणों की मांग और सुझाव
ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के समक्ष मांगें और सुझाव रखे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को सिम प्रदाता कंपनियों को रिचार्ज प्लान और सेवा में सुधार के लिए नियम लागू करने चाहिए। प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए काम करना चाहिए। इससे ग्रामीणों को ऑनलाइन आवेदन करने एवं अन्य शासकीय योजनाओं का आनलाइन में परेशानी नहीं होगी और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिल पाएगा। प्रशासन को इस समस्या का समाधान कर उन्हें बेहतर नेटवर्क सुविधा प्रदान करनी चाहिए। ग्रामीणों को अब प्रशासन से उम्मीद है कि वह इस समस्या का समाधान करेगा और उन्हें बेहतर नेटवर्क सुविधा प्रदान करेगा।




गायब करने की कोशिश की जा रही है, जहां 350 परिवार निवास कर रहें हैं। क्या उसे कम्पनियों को या सर्वे करने वाले अधिकारियों को दिखाई नही दे रहा है? गांव के सभी परिवारों को रोजगार तो दूर किसी भी प्रकार सुविधा नहीं दी जा रही है और बहारी व्यक्तियों को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। आदिवासियों की पारंपरिक प्रथा को कुचलने की कोशिश की जा रही है।आदिवासियों एंव ग्रामीणों के साथ छल किया जा रहा है। सीएसआर मद एंव खनिज न्यास निधि से वंचित किया जा रहा है। बीएसपी एवं सभी निजी कंपनियों से पुरानी एव वर्तमान सीएसआर फंड एव खनिज न्यास निधि की राशि का गांव को भुगतान किया जाए। गांव को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार एवं प्रभावित 350 परिवारों को मुआवबा दिया जाए।आदिवासियोंi के जल जंगल जमीन अधिग्रहण कर एवं हमारे पूर्वजों के देवी देवता जो पहाड़ी पर स्थापित है वहां ग्रामीण पूजा अर्चना करने आने जाने के रास्तों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसे खुलवाया जाए।






