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14 डिप्टी कलेक्टर बनाए गए सीईओ जनपद पंचायत

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बस्तर संभाग के अधिकांश जिला पंचायतों में नियुक्ति

रायपुर। राज्य शासन ने 14 परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टरों को जनपद पंचायतों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग से मंगलवार को जारी आदेश में जिन लोगों को नई पदस्थापना दी गई है उनमें अनुपम आशीष टोप्पो डिप्टी कलेक्टर गरियाबंद को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपुर, सरोज कंमार महिलांगे दुर्ग काे सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग कोंदल, जिला कांकेर, विनय कुमार कश्यप कबीरधाम को सीईओ जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर, रेखा चंद्रा कबीरधाम को जनपद पंचायत खरसिया, सुब्रत प्रधान बालोद को सीईओ जनपद पंचायत दरभा जिला बस्तर, करूण कुमार डहरिया जांजगीर-चांपा को सीईओ जनपद पंचायत गरियाबंद, निकिता मरकाम मुंगेली काे सीईओ जनपद पंचायत फरसगांव जिला कोंडागांव, अनिकेत साहू सरगुजा को सीईओ जनपद पंचायत माकड़ी, जिला कोंडागांव, अनमोल विवेक टोप्पो सरगुजा को सीईओ जनपद पंचायत तमना जिला रायगढ़, आकांक्षा त्रिपाठी जशपुर को सीईओ जनपद पंचायत ओडगी, जिला सूरजपुर, पोषक चौधरी जशपुर को सीईओ जनपद पंचायत तोकापाल, जिला बस्तर, बजरंग सिंह वर्मा सूरजपुर को सीईओ जनपद पंचायत दुलदुला, जिला जशपुर, प्रशांत कुमार कुशवाहा कोरिया को सीईओ जनपद पंचायत भैरमगढ़, जिला बीजापुर, कावेरी मरकाम बस्तर को जनपद पंचायत भानूप्रतापपुर, उत्तम सिंह पंचारी कांकेर को जनपद पंचायत उसूर, जिला बीजापुर, डॉ. कल्पना ध्रुव कांकेर को जनपद पंचायत दंतेवाड़ा और गौतमचंद पाटिल कोंडागांव को जनपद पंचायत जगदलपुर में पदस्थ किया गया है।

अंगना में शिक्षा कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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राज्य शासन के मनसा अनुरूप राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आज दिनांक 22 मार्च 2022 को बस्तर संभाग स्तरीय अंगना में शिक्षा कार्यक्रम सह मेला का आयोजन बस्तर जिले के विकासखंड जगदलपुर में स्थित प्राथमिक शाला बॉलिकोंटा में आयोजन किया गया।

इस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आंगनबाड़ी एवं कक्षा पहली दूसरी तीसरी अर्थात 5 साल से लेकर 8 वर्ष के बच्चों के मध्य हम भाषाई कौशल और गणितीय कौशल कैसे सिखाएं इस पर प्रशिक्षण दिया गया जिसमें बस्तर संभाग के अट्ठारह विकासखंड से प्रति विकास खंड 2 महिला शिक्षकों ने भाग लिया जिसमें सुकमा, बीजापुर ,दंतेवाड़ा एवं बस्तर जिले के प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को प्राप्त किया। इस इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रत्येक विकासखंड से आए दोनों शिक्षकों द्वारा अपने अपने विकासखंड में जाकर इस प्रशिक्षण को प्रत्येक प्राथमिक शाला के शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे साथ ही यह प्रशिक्षण संकुल स्तर तक रहेगा।

प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर आशा कुरैशी द्वारा गंभीरता पूर्वक इस प्रशिक्षण को प्रदान किया । प्रशिक्षण के इस शुभ अवसर पर बस्तर जिले के डीएमसी अखिलेश मिश्रा संकुल कालीपुर के प्राचार्य वंदना भदोरिया, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी तिवारी लोहंडीगुड़ा एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु बस्तर जिले के ए पी सी प्रशिक्षण गणेश तिवारी उपस्थित रहे कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे प्रारंभ होकर के 4:00 बजे तक संपन्न हुआ।

छत्तीसगढ़ में 1.7 प्रतिशत हुई बेरोजगारी दर:मुख्यमंत्री ने कहा-बेरोजगारी कम करने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मॉडल अपनाए सरकार

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सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी ने बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए

रायपुूर। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी ने बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए हैं। इसमें छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर को महज 1.7% बताया है। यानी प्रदेश के प्रत्येक 100 लोगों में से बमुश्किल दो लोग ही बेरोजगार हैं। इन आंकड़ों से उत्साहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेरोजगारी कम करने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मॉडल अपनाने की सलाह दी है।

आंकड़े जारी होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, एक युद्ध बेरोजगारी के विरुद्ध। आप सबको बताना चाहूंगा कि सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक आज छत्तीसगढ़ में सिर्फ 1.7 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। जबकि देश की बेरोजगारी दर 7.4 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने लिखा, मोदी जी से आग्रह है कि देश की बेरोजगारी कम करने के लिए देशहित में छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार का मॉडल जरूर अपनाएं।

विकास का यह छत्तीसगढ़ मॉडल क्या है?

2022-23 के बजट वाले दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको परिभाषित किया था। उन्होंने कहा था, आम जनता के हाथ में पैसा ही छत्तीसगढ़ मॉडल है। फिलहाल इस मॉडल के तहत सरकार कृषि और संबद्ध सेवाओं में बड़ा निवेश कर रही है। गोधन न्याय योजना के जरिए गांवों के गोठानों को ग्रामीण आद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। जहां कुटीर उद्योगों का संचालन स्व-सहायता समूहों के जरिए किया जा रहा है। सरकार ने किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के हाथ में नकद पैसा दिया है। मनरेगा को भी कई योजनाओं से जोड़ दिया गया है। नए उद्योगों स्थापना से भी लोगों को रोजगार मिला है। सरकार का कहना है कि उनकी कोशिशें इन आंकड़ों में भी दिख रही है।

क्या है सीएमआईई

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी एक थिंक टैंक है जो देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सूचकांक जारी करता रहता है। मार्च की शुरुआत में उसने फरवरी 2022 के बेरोजगारी आंकड़े जारी किए थे। उसमेें देश की बेरोजगारी दी 8.10 प्रतिशत बताई गई थी। उसमें भी ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दर 8.35 प्रतिशत की उच्चतम दर पर थी। साप्ताहिक आंकड़ों में बेरोजगारी दर में गिरावट दिख रही है। दिसम्बर में यह आंकडा 7.7% था। वहीं छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 2.1 प्रतिशत बताई गई थी।

नई सूची में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्य

ओडिशा – 1 प्रतिशत,मेघालय – 1.4 प्रतिशत ,छत्तीसगढ़ – 1.7 प्रतिशत,कर्नाटक – 2 प्रतिशत,गुजरात – 2.5 प्रतिशत

पड़ोसी राज्यों में ऐसी है बेरोजगारी दर

मध्य प्रदेश – 2.7 प्रतिशत,उत्तर प्रदेश – 2.7 प्रतिशत,महाराष्ट्र – 4.3 प्रतिशत,तेलंगाना-12.9 प्रतिशत,झारखंड – 15 प्रतिशत

छग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किलेपाल का ब्लॉक अध्यक्ष रोजलीन बेचक को मनोनीत किया गया

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छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय में जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह परिहार एवं संभागीय अध्यक्ष अनिल बड़कस के द्वारा ब्लॉक बस्तानार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किलेपाल का ब्लॉक अध्यक्ष रोजलीन बेचक को मनोनीत किया गया और 15 दिन के अंदर अपनी कार्यकारिणी बनाने के लिए उन्हें बताया गया उपस्थित कर्मचारियों में जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह बस्तर ब्लॉक अध्यक्ष सावित्री नाग मेडिकल कॉलेज अध्यक्ष रीता नायक जिला सचिव अजय आचार्य लैब टेक्नीशियन प्रकोष्ठ अध्यक्ष अरुण पानी ग्राही, नेत्र सहायक अधिकारी प्रकोष्ठ हनुमंत राव, महारानी अस्पताल सचिव नीरज कुमार, राजेश तिवारी आदि कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे |

ब्लैक लिस्टेड कंपनी को करोड़ों भुगतान, विधानसभा कमेटी करेगी जांच

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राज्य बीज निगम ने किया था त्रिमुर्ति साईस कंपनी को ब्लैक लिस्टेड

रायपुर – विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड त्रिमूर्ति साइंस प्लांट फर्म को गलत ढंग से करोड़ों रुपये का भुगतान करने का मामला उठाया। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि कृषि विभाग और बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्ट किये गए कंपनी त्रिमूर्ति साइंस प्लांट को ब्लैक लिस्ट से हटाया नहीं गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि त्रिमूर्ति साइंस फर्म को अनुचित ढंग से बकाया राशि का भुगतान किया गया है। मामले की जांच विधानसभा की समिति से कराए जाने की स्वीकृति के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा की समिति से जांच कराने की घोषणा की।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि इस कंपनी को विभाग ने ब्लैक लिस्ट से कब हटाया? ब्लैक लिस्टेड त्रिमूर्ति कंपनी को राज्य बीज निगम द्वारा भुगतान किए जाने के मामले की जांच, विधानसभा की कमेटी से करवाने की मांग की। जिस पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि विधानसभा की कमेटी से मामले की जांच करवाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा, मामले की जांच, विभाग द्वारा की जा रही है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में कहा, कल ही इसी सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार सजग है। एक साथ 15 अधिकारियों को निलंबित किया गया। इस प्रकरण में भी सब गलतियां स्पष्ट है ऐसे में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नही कराई जा सकती।

ये था पूरा मामला

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा त्रिमूर्ति प्लांट साइंस फर्म को 2019-20 में हाईब्रिड मक्का बीज और हाईब्रिड वेजीटेबल सीड के क्रय आदेश जारी किए गए थे। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड के जाने के बाद कंपनी की राशि राजसात करने और भुगतान रोकने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद भी कंपनी को 2 करोड़ 61 लाख की बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया था। सीमा के बाहर जाकर कंपनी को भुगतान करने के बाद उसे फिर से प्रतिबंधित किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने जांच को दी हरी झंडी

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की मांग को दोहराया। अजय चंद्राकर ने कहा कि दोषियों का पर्दाफाश करने के लिए विधानसभा की कमेटी से ही मामले की जांच कराई जाए। बीजेपी विधायकों की मांग पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन की समिति से जांच करवाने पर अपनी सहमति जता दी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ब्लैक लिस्टेड कंपनी को राज्य बीज निगम द्वारा किए गए भुगतान के मामले की जांच, विधानसभा की कमेटी से करवाने का सदन में घोषणा की।

बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान किये जाने का मुद्दा उठा, सदन की कमेटी से जांच कराने की घोषणा

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नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रश्रकाल में उठाया मुद्दा

रायपुर,22 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान किये जाने का मुद्दा उठा। इस मामले में विपक्ष ने सदन की कमेटी से जांच कराये जाने की मांग की। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने इस मामले में कहा कि किसानों के साथ कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि हम सदन की कमेटी से जांच कराने के लिए तैयार है, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले की जांच सदन की कमेटी से कराये जाने की घोषणा की।

प्रश्रकाल में आज नेताप्रतिपक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने इससे संबंधित मामला उठाया। भाजपा विधायक के प्रश्रों के जवाब में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि 01 जनवरी 2019 से लेकर 31 जनवरी 2022 तक अवधि में संचालनालय कृषि द्वारा किसी भी उर्वरक , बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र-उपकरण प्रदायकर्ता कंपनी या फर्म को ब्लैक लिस्टेड, डीबार, प्रतिबंधित नहीं किया गया है। मंत्री ने बताया कि छग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसी भी कंपनी को डिबार से हटाया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि त्रिमूर्ति प्लांट सार्इंस फर्म को डिबार सूची से हटाया नहीं गया है, बल्कि उसे आरसीओ-53 हाईब्रीड पैडी सीड नोटिफाइड वर्ष 2019-20 के अंतर्गत डिबार किया गया है। उक्त संस्था के अन्य आरसीओ यथा आरसीओ-01 एवं आरसीओ-54 में क्रय आदेश जारी किये गये है।

कृषि मंत्री ने बताया कि बीज अधिनियम 1966 बीज नियम 1968 तथा बीज नियंत्रण आदेश 1983 के प्रावधानों में मात्र प्रमाणित बीजों के अंकुरण क्षमता, भौतिक शुद्धता आदि के परीक्षण हेतु नमूने लेने एवं अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजने की प्रक्रिया का उल्लेख है, जिसके प्रावधानों के अनुरूप ही विभागीय बीज निरीक्षकों द्वारा प्रमाणित बीज के नमूनों को लेकर नियमानुसार राज्य शासन द्वारा अधिसूचित प्रयोगशालाओं में भेजे जाते है। चौबे ने बताया कि बीज अधिनियम, नियमोंव आदेशों में हाईब्रिड बीजों के नमूने लेने अथवा इनका परीक्षण कराने संबंधी प्रक्रिया, नियम का उल्लेख नहीं है इसलिए हाईब्रिड बीज के नमूनों नहीं भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि विभागीय योजनाओं में वितरित हाईब्रिड बीजों के गुणवत्ता का परीक्षण करने की दृष्टि मात्र से हाईब्रिज बीजों के नमूने को लेकर इनका परीक्षण शासकीय कृषि विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं में कराया गया है। बीज से संबंधित अधिनियम, नियम, आदेश में बीजों के डीएनए परीक्षण के संबंध में मौन होने के कारण उक्त प्रयोगशालाओं को नमूना परीक्षण हेतु भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है, अपितु संबंधित कंपनी, प्रदायक संस्था द्वारा किया गया है। इसके अतिरिक्त विभागीय बीज निरीक्षकों द्वारा हाईब्रिड धान एवं हाईब्रिड मक्का बीज के नमूने अंकुरण क्षमता, भौतिक शुद्धता आदि के परीक्षण हेतु भी छग राज्य बीज प्रमाणिकरण संस्था के अधीन संचालित बीज परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे गये जो शासन द्वारा अधिसूचित प्रयोगशाला है।

इस मामले में नेताप्रतिपक्ष कौशिक ने पूरक प्रश्र करते हुए मंत्री से कहा कि बीज निगम द्वारा ब्लैक लिस्टेड फर्म को भी भुगतान कर दिया गया। मंत्री ने इसे स्वीकार किया। जिसके बाद नेताप्रतिपक्ष सहित भाजपा के अन्य सदस्यों ने इस मामले में सदन की कमेटी से जांच कराये जाने की मांग की। कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि मैंने स्वीकार किया है कि ब्लैक लिस्टेड फर्म को भुगतान किया गया है, लेकिन पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी इसलिए वे मामले में सदन की कमेटी से जांच कराने के लिए तैयार है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डा.चरणदास महंत ने सदन की कमेटी से जांच कराने की घोषणा की।

बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठा

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कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए उठाया मुद्दा

रायपुर 22 मार्च – छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठा।

सत्ता पक्ष कांग्रेस के विधायक लखेश्वर बघेल ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए यह मामला उठाते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा विशेषज्ञ चिकित्सीय उपकरणों व टेक्निशियन आदि प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है, लेकिन चिकित्सा महाविद्यालय की स्थिति देखे तो सीनियर रेसिडेसियल डॉक्टर नहीं है, शिशुरोग, स्त्री रोग, सर्जरी विभाग एवं अन्य विभागों में चिकित्सकों को कमी से हो रही कठिनाईयों को चिकित्सा महाविद्यालय ही नहीं वरन् आज जनता भी झेल रही है।

कांग्रेस विधायक बघेल ने कहा कि मेकॉज में इस समय 115 आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थान पर मात्र 55-60 डॉक्टर्स ही है, जो डॉक्टर्स थे उन्हें पदोन्नति उपरात मेकॉज में आवश्यकता होने के बावजूद अन्यत्र संस्थाओं के लिए पदस्थापित कर दिया गया है। जहां तक चिकित्सीय जांच उपकरणों की बात करें जांच की मशीनें तो हैं, लेकिन या तो वे खराब है अथवा उपलब्ध मशीनों के लिए पर्याप्त टेक्निशियन नहीं हैं। गरीब आम जनता को मजदूरी वश निजी जांच प्रयोगशालाओं की शरण लेना पड़ रहा है। इस बात को राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों ने अपने स्थानीय संस्करण में प्रमुखता से उठाया है। विभाग के द्वारा बस्तर को इस प्रकार से नजर अंदाज किये जाने से स्थानीय जनप्रतिनिधि व आम जनता में आकोश व्याप्त है।

इसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सा विशेषज्ञा एवं चिकित्सकीय उपकरणी की आवश्यकता है, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर मे सीनियर रेसीडेंट चिकित्सक नहीं है, अपितुस्थिति यह है कि वर्तमान में 10 सीनियर रेसीडेंट चिकित्सक कार्यरत है। साथ ही शिशु रोग विभाग में 00 चिकित्सक, स्त्री रोग विभाग में 04 एवं सर्जरी विभाग में भी 12 चिकित्सक कार्यरत है। अन्य विभाग जैसे तीन विभाग में 14, अस्थि रोग विभाग में 05, नेत्र रोग विभाग में 02 एवं नाक कान गला विभाग में 05. निश्चेतना विभाग में 08 एवं पैथोलॉजी विभाग में 13 चिकित्सक उपलब्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने स्वीकार किया कि वर्तमान में केवल बस्तर ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश एवं साथ ही पूरे देश में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी व्याप्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा समय-समय पर नियमित भर्ती की कार्यवाही की जा रही है एवं साथ ही महाविद्यालय सर पर भी प्रतिमाह वाक-इन-इन्टस्यू के माध्यम से संविदा आधार पर रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही की जाती है। राज्य में सहायक प्राध्यापक के 156 पद एवं सीनियर रेसीडेंट के 386 पदों पर नियमित भर्ती की कार्यवाही प्रकियाधीन है। स्व. श्री बलीराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, जगदलपुर में विषय विशेषज्ञ के 105 स्वीकृत पदों में 59 चिकित्सक कार्यरत् है। चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर में चिकित्सकों को पदोन्नति उपरांत अन्यत्र सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत पदस्थापित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिकित्सकीय जांच हेतु सी.टी. स्कंग मशीन एक्स-रे मशीन, सोनोग्राफी मशीन, सी.बी.सी. मशीन, ऑटो एनालाईजर, इलेक्ट्रो फ ोरेसिस जैसी अत्याधुनिक मशीने स्थापित एवं संचालित है। उक्त मशीनों के संचालन हेतु महाविद्यालय में 41 पदों के विरूद्ध 32 टेक्निशियन कार्यरत है। अत: स्पष्ट है कि महाविद्यालय एवं सम्बद्ध चिकित्सालय में चिकित्सक एवं टेक्निशियन उपलब्ध है, जिसमें गरीबी रेखा से आने वाले परिवार को नि:शुल्क चिकित्सा एवं जांब की सुविधा उपलब्ध है, साथ ही अन्य मरीजों को भी न्यूनतम दर पर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ आम जनता को मिल रहा है। इस प्रकार बस्तर को नजर अंदाज करने का प्रश्न ही उद्बुद्ध नहीं होता है। बस्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधि व आम जनता में कोई आक्रोश व्याप्त नहीं है।

डीईओ ने किया निरीक्षण, अवकाश के आवेदन के पूर्व शिक्षिका अवकाश में गई

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जिला शिक्षा अधिकारी ने बकावण्ड,बीईओ बीआरसी सीएसी की बैठक ली

जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले बकावण्ड ब्लॉक में बीईओ, बीआरसी,सीएसी की बैठक ली जिसमे राज्य शासन के निर्देशो का सत प्रतिशत अनिवार्य रूप से पालन करने को लेकर दिशा निर्देश दिया गया विकासखंड के समस्त संकुल समंवयक को संबोधित करते हुए श्रीमती भारती प्रधान ने कहा राज्य स्तर पर भाषाई एवं गणित कौशल विकास के लिए प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के बच्चों के लिए 14 सप्ताह 100 दिन का मॉड्यूल तैयार कर सभी शालाओं को उपलब्ध करवाया गया है ।प्रत्येक सप्ताह के लिए भाषा एवं गणित का कार्यक्रम इस तरह तैयार किया गया है जिसमें आरंभिक स्तर पर बच्चों के भाषाई एवं गणित कौशल सीखने पर जोर दिया गया है। जिसका मूल्यांकन तृतीय पक्ष के माध्यम से किया जाएगा । इस पर विशेष ध्यान देवे।किसी भी स्थिति में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर शिक्षक पूरी सजगता वह ईमानदारी के साथ कार्य करें। ऐसे शिक्षक जो कार्य के प्रति उदासीन रहते हैं।, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन शिक्षकों का नाम प्रस्तावित करने का भी निर्देश बैठक में दिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बैठक में कहा कि मध्यान भोजन सभी शालाओं में गुणवत्ता युक्त बने इसके लिए शाला प्रबंध समिति एवं महिला स्व सहायता समूह जो भोजन बनाने की जवाबदारी निभा रही हैं। शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से भोजन की गुणवत्ता का भी आकलन करवाया जाए। सभी शालाओं की रंगाई पुताई सहित साफ सफाई अनिवार्य रूप से पूर्ण हो मध्यान भोजन रसोई कक्ष भी साफ सुथरा हो इसका विशेष ख्याल रखे। संकुल समन्वयक प्रतिदिन शालाओं की मॉनिटरिंग के साथ-साथ बच्चों की गुणवत्ता का भी आकलन करें ।कमजोर बच्चों के लिए शिक्षक क्या कार्य कर रहे हैं इसकी पूरी सतत निगरानी भी रखे।

एक माह से उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नही शिक्षक का

विकासखंड बकावंड के भ्रमण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने हायर स्कूल बोरपदर का निरीक्षण किया। इस दौरान संस्था में पदस्थ शिक्षक संतोष गायकवाड 1 माह से उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नही किए थे।जो कि गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

प्राथमिक, माद्यमिक शाला बोरपदर शिक्षक रहे नदारद

जिला शिक्षा अधिकारी प्रधान के निरीक्षण के दौरान प्रातः 10:30 बजे प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला बोरपदर की शिक्षिका कुमारी सरिता दुबे मीरा सिंह प्रधान अध्यापिका भगवती अनुपस्थित पाई गई। साथ ही प्राथमिक शाला मोहलई में पदस्थ दोनों शिक्षिका अवकाश में थी,जिनका अवकाश भी स्वीकृत नही था। बैठक में मुख्यरूप से बीईओ अरुण देवांगन, बीआरसी कीस्टोफर मोजेश एबीईओ दयानाथ कश्यप, मध्यान्ह भोजन नोडल अधिकारी संदीप पुजारी सहित समस्त संकुल समन्वयक उपस्थित थे।

बलीराम का उत्तराधिकारी कौन, पुरेंदश्वरी छोड़ गई नई बहस, परिवारवाद के शिगुफे से किसकी चढ़ेगी राजनीतिक बलि

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केदार हारा हुआ तो दिनेश ड्राप आउट

जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिवाद को लेकर जो बयान दिया है उसको आगे बढ़ाते हुए पुरेंद्रश्वरी ने सारे हुए लोगों को टिकट नहीं देने की बात कार्यकर्ताओं को कहीं है। इस मामले में स्व. बलीराम कश्यप का राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा वह सवाल भी राजनीतिक गलियारों में हिलोरें मार रही है और उस पर तुर्रा यह कि हारे हुए खिलाड़ी को मैदान में नहीं उतारने का फैसला लिया गया है जिसके कारण पूर्व मंत्री केदार कश्यप का भविष्य क्या होगा स्पष्ट नहीं हो रहा है तो लोकसभा चुनाव में ड्राप आउट दिनेश कश्यप के लिए नारायणपुर सीट मुफीद हो सकती है?

विगत दिनों नारायणपुर व बस्तर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने दिनेश कश्यप का नाम आगे बढ़ाने को कहा जिसके बाद से घर में ही महाभारत छिड़ सकती है। भले ही विधानसभा चुनाव अभी लगभग दो वर्ष बाकी है किंतु जिस प्रकार बस्तर में भाजपा प्रभारी डी.पुरेंद्रश्वरी का ताबड़तोड़ दौरा हो रहा है। हर मुद्दे को राजनीतिक रूप देकर कांग्रेस पार्टी को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश हो रही है फिर भी भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव किसी जंग से कम नहीं है?

चुनाव में जनता सर्वोपरि रही है भले लोकसभा चुनाव ही क्यों ना हो कांग्रेस पार्टी का झंडा बुलंद हुआ है। स्थानीय पंचायत चुनावों में भले ही भाजपा मजबूत दिखाई पड़ रही है किंतु उसके इतर भाजपाईयों में उत्साह कम ही देखने को मिल रहा है जिसके कारण यह चुनाव बड़ी ही कठिनाईयों वाला चुनाव होगा, उसके विपरीत कश्यप बन्धुओं का राजनीतिक भविष्य भी तय हो सकती है?

बस्तर सांसद ने लोकसभा में फिर से उठाया रायपुर-जगदलपुर फोरलेन का मामला..

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सांसद बैज ने रायपुर-धमतरी तक धीमी गति से चल रहे निर्माणाधीन कार्य पे उठाए सवाल..

देर रात फिर एक बार बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में रायपुर-जगदलपुर तक बनने वाले फोरलेन का मामला उठाया सांसद बैज ने कहा…रायपुर से धमतरी तक 85 किमी फोरलेन स्वीकृत है शेष 225 किमी जगदलपुर तक उसे भी स्वीकृत किया जाए इसके साथ ही रायपुर से धमतरी 85 किमी धीमी गति से चल रहे निर्माणाधीन कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।

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