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सेवा और स्वच्छता के सजग प्रहारियों का सम्मान

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जगदलपुर पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता दीदियों, मितानिनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।

इस दौरान स्वच्छता दीदी दामिनी ठाकुर, सफाई कामगार तुलसी केशबो, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना शुक्ला, पूनम ठाकुर, ज्योति, आंगनबाड़ी सहायिका गायत्री नामदेव, रोजा दुबे, सुमित्रा बघेल, नगर निगम कार्यालय भृत्य तुलसी कश्यप, पाकली कश्यप, स्वास्थ्य कर्मी एवं मितानिन टीलेश्वरी कश्यप, रानू साहू, मुकेश्वरी सोरी, ममता कच्छ शैलेंद्री बघेल, जुबेदा बेगम, स्व सहायता समूह से प्रतिभा चेट्टी, आशा महापात्र, ममता विशाल को सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागी प्रिया, भाविका, अनिकेत, पूर्वांश, प्रियानी झा, लेमिता पांडे को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वही स्वच्छता केंद्र की महिलाओं को कीट दिया गया। जिसमें सरिता यादव, सुमित्रा बघेल, संजोता नाग, संगीता, सरिता, कंचन, आरती सिंह, संतोषी, पूनम विश्वकर्मा, तुलसा भारती, मीना, माधवी, योगिता, साधना आदि शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन एमआईसी सदस्य संग्राम सिंह राणा ने किया।

 

5वीं -6वींशदी के पुरातात्विक धरोहरों स्थलों से परिपूर्ण

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केशकाल:-  राजसिंहासन का सुख सम्मान वैभव विलास का परित्याग कर संसार को शांति अहिंसा सदभावना का संदेश देने वाले बुद्ध का अतिप्राचीन पवित्र स्थल भोंगापाल जो नक्सली आतंक के खौफ के चलते देश दुनिया वालों की पंहुच से दूर रहने के विडम्बनाजनक अभिशाप से ग्रसीत हो गया था और जहां के गौरवशाली अतिप्राचीन पवित्र पुरातात्विक धरोहर धीरे धीरे अपनी पहचान को खोते अपने अस्तित्व रक्षा के लिए संघर्ष करने को लाचार हो गये थे वहां अब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान विधान सभा अध्यक्ष डां.रमनसिंह एवं प्रदेश सरकार के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को लाकर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम बुद्ध शांति पार्क स्थापित करने की आधारशिला रखवाकर विकास की दौड़ से कोसों दूर रहने वाले क्षेत्र के विकास और प्रसिद्धि -समृद्धि का नया अध्याय आरंभ कराने का भागीरथी प्रयास कर रहे हैं ।

1जून को भोंगापाल में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर महज कोंडागांव जिला के ही नहीं बल्कि नारायणपुर जिला कांकेर जिला के सीमावर्ती उन सैकड़ों गांव के लोग उत्साहित हैं जो नदी नाला जंगल पहाड़ से घिरे रहने तथा नक्सली दहशत के काली छाया के चलते विकास की दौड़ से कोसों दूर रहकर आज भी विकास की बाट जोह रहे हैं ।

भोंगापाल कोंडागांव जिले के अंतिम छोर पर है जंहा से कांकेर और नारायणपुर जिला सटा हुआ है । आजादी के बाद पहली बार प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री मंत्री का भोंगापाल और इस दुर्गम संवेदनशील क्षेत्र में आगमन होने से पूरे क्षेत्रवासियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है ।

प्राचीन पवित्र पुरातात्विक धरोहर स्थली है भोंगापाल

भोंगापाल में बुद्ध की प्रतिमा के सांथ भव्य शिवलिंग एवं सप्तमातृका की प्राचीन पाषांण प्रतिमा मिली हैं । जहां अपने निर्माण काल के प्राचीन बड़े बड़े ईंट से निर्मित किए गये मंदिरों का भग्नावशेष आज भी मौजूद है जिन्हें देखकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं । भोंगापाल में स्थित बुद्ध की प्रतिमा को स्थानीय लोग गांडा देव एवं डोकरा बाबा के नाम से जानते और पूजते आ रहे हैं l जिस वन क्षेत्र में यह बुद्ध की प्रतिमा है उस वन क्षेत्र को मुदियाल कुटुम जंगल के नाम से जानते हैं l

बुद्ध की प्रतिमा का स्थान दो नदी तमुर्रा एवं लासुरा संगम के निकट तथा तमुर्रा नदी के तट पर है l आसपास के भग्न अवशेष का अवलोकन कर चैत्य विहार होने का अनुमान लगाया जाता हैं l बुद्ध की प्रतिमा पूर्वाभिमुखी है l बलुआ पाषाण से निर्मित यह प्रतिमा पद्मासन में ध्यान मुद्रा में है l प्रतीत होता है कि यह बौद्ध धर्म के महायान से संबंधित है l कुछ इतिहासकारों का मानना है कि पाल वंश के राजाओं ने हिन्दू धर्मावलंबी होने पर भी बौद्ध धर्म को प्रसारित प्रचारित करने में सक्रिय योगदान देते मंदिर और चैत्य विहार का निर्माण कराया था l भोंगापाल ग्राम के नामकरंण को इस प्रकार समझ सकते हैं-भोंगा का आशय करुणा का प्रतीक एवं पाल का आशय पाल वंश काल में ग्राम के नाम के साथ प्रत्यय के रूप लगने वाला शब्द l इस प्रकार यह ग्राम भोंगापाल , करुणावतार गौतमबुद्ध को समर्पित हैl

इस क्षेत्र में दो शिवलिंग भी मिले हैं , एक पूर्वाभिमुख एवं दूसरा पश्चिम मुखी भग्नावशेष मंदिर मे अवस्थित हैं l उत्खनन में एक पाषाण प्रस्तर मिला है इसमे आठ देवियों की आकृति उकेरी गई है l  अधिकांश पुरातत्व लेख में इन प्रतिमाओं को काल पाँचवीं – छठवीं शताब्दी का माना गया है l

5वीं -6वींशदी के पुरातात्विक धरोहरों स्थलों से परिपूर्ण है पूरा अंचल

भोंगापाल में जिस तरह से पांचवीं छठवीं शताब्दी का अतिप्राचीन पुरातात्विक प्रतिमा एवं मंदिरों का भग्नावशेष है उसी तरह से केशकाल विधानसभा क्षेत्र के गढधनौरा गोबरहीन – बदवर- बड़े खौली -बड़े ओड़ागांव में भी पुरातात्विक धार्मिक धरोहरों है जिन्हें देखने लोग बड़ी श्रद्धाभाव से पूजते हैं और बड़ी दूर दूर से देशी विदेशी पर्यटक एवं धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालु भक्तजन पंहुचते रहते हैं ।

भोंगापाल में बुद्ध शांति पार्क की स्थापना करने के सांथ सांथ अंचल के प्राचीन पवित्र पुरातात्विक धरोहर स्थलों के विकास की योजना बनाकर कार्य करा देने से केशकाल विधानसभा क्षेत्र प्रदेश ही नहीं देश विदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में विशिष्ट स्थान अर्जित कर सकता है । भोंगापाल के समीप स्थित बस्तर रियासत की प्रथम राजधानी और मां दंतेश्वरी का प्राचीन पवित्र धाम बड़े डोंगर तथा पावडा परोडा भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है जिससे पर्यटन विकाश को नया आयाम मिल सकता है ।

इको टूरिज्म हब के तौर पर विकसित किए जाने की फिर जागृत हुई अपेक्षा

कोंडागांव जिले का केशकाल पर्यटन विकास के संसाधन एवं संभावना से परिपूर्ण है । पुरखों द्वारा छोड़ गये प्राचीन पवित्र धार्मिक पुरावशेष जंहा धार्मिक आस्था रखने वालों को और बस्तर के प्राचीन इतिहास सभ्यता संस्कृति पर अभिरुचि रखने वालों को आकर्षित करते आमंत्रित करता है वहीं प्रकृति ने केशकाल अंचल को इतनी सौंदर्यता एवं भौगौलिक विशिष्ठता तोहफे के तौर पर दे दी है जिसके चलते सात समुंदर पार से आने वाले विदेशी पर्यटकों और देश के विभिन्न स्थानों से पर्यटन के लिए निकलने वालों को केशकाल की सुंदर सुरम्य मनोरम बारह मोड़ों वाली सर्पाकार घाटी , पंचवटी , टाटा मारी , मांझीनगढ तथा हरे-भरे जंगल की वादी के बीच बहते जल प्रवाह एवं जलप्रपात रोमांचित और आनंदित कर देती है ।

प्रदेश के मानचित्र में केशकाल विधानसभा के पर्यटन हब के तौर पर विकसित होने से प्रसिद्धि मिलने के सांथ सांथ रोजगार एवं आय का जरीया भी बनेगा जो समृद्धि एवं खुशहाली का आधार भी बनेगा ।

मुख्यमंत्री के आने से लम्बे समय से लम्बित मांग पूरी होने और विकास की सौगात मिलने की उम्मीद से लोग मांग पत्र तैय्यार करने में जुट गये हैं और 1जून को भोंगापाल पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी उम्मीदों भरी अर्जी को सौंपेंगे।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

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  • सांसद महेश कश्यप ने प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 

जगदलपुर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। प्रातः 10 बजे महारानी अस्पताल परिसर से शासकीय नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा रैली निकाली गई जो शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण कर महारानी अस्पताल के शहीद गुंडाधुर सभागार में समाप्त हुई। वहां पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य रूप से सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय प्रसाद, वरिष्ठ सर्जन डॉक्टर एसएन अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ रीना लक्ष्मी और तंबाकू रोग़ नियंत्रण कार्यक्रम के हनी गाडलिब और उमाशंकर साहू के साथ महारानी अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉ. तिवारी और डॉ. दीवान भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक के जरिए तंबाकू और अन्य नशीली चीजों से समाज और परिवार के साथ साथ व्यक्ति के स्वयं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के बारे में संदेशपरक प्रस्तुति दी गई। इस दौरान सभी प्रतिभागी और सम्मिलित छात्राओं को ओरल किट प्रदान किया गया। इस अवसर पर कोटपा अधिनियम के संचालन एवं चालानी कार्रवाई हेतु गठित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा बनाई गई टीम के सदस्य जिसमें समाज कल्याण विभाग से श्री मानिकपुरी और नगर पालिका निगम से श्री साहू उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के उपरांत दोपहर को सांसद बस्तर महेश कश्यप द्वारा तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर एक प्रचार वाहन को भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय बसाक और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रीना लक्ष्मी के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी, -कर्मचारी उपस्थित रहे।

अहिल्याबाई के चरित्र को अपने जीवन में उतारें: राजबहादुर सिंह राणा

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  •  भारत सनातन परंपराओं का देश है: सांसद कश्यप 
  • चिंतन ही नहीं, क्रियान्वयन भी किया: शिवनारायण नेतृत्व शक्ति में नहीं, सेवा में है: संजय पाण्डे

जगदलपुर पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर नगर निगम द्वारा शनिवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुख़र्जी सभागार टाउन हॉल में संगोष्ठी, प्रदर्शनी व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं मुख्य वक्ता राज बहादुर सिंह राणा थे।अध्यक्षता महापौर संजय पाण्डे ने की। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक संतोष बाफना, लच्छूराम कश्यप, पीएससी के पूर्व सदस्य शिवनारायण पांडे, जिला भाजपा अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे, पूर्व जिला अध्यक्ष विद्याशरण तिवारी थे।

आयोजन में स्वच्छता दीदियों, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता राजबहादुर सिंह राणा ने कहा कि रानी अहिल्याबाई के जीवन दर्शन का हम सबको अध्ययन कर उसे अपने जीवन में लागू करना चाहिए। वह एक महान मराठा शासिका और रानी थी जो मालवा राज्य में होलकर राजवंश की शासिका के रूप में जानी जाती थी। अपने परोपकार और न्याय के लिए वह प्रसिद्ध थी इसलिए उन्हें लोकमाता भी कहा जाता है। पति की मृत्यु के बाद अहिल्याबाई ने मालवा राज्य की बागडोर संभाली। उनके ससुर की मृत्यु के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से रानी घोषित किया गया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि भारत देश सनातन परंपराओं का देश है। हमें देश की महान विभूतियों के बारे में जानकारी प्राप्त होनी चाहिए। साहसी, न्यायप्रिय और परोपकारी शासिका अहिल्याबाई ने अपने राज्य को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए बहुत प्रयास किया। उन्होंने सेना का नेतृत्व किया और कई युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई। वरिष्ठ भाजपा नेता व पीएससी के पूर्व सदस्य शिव नारायण पांडे ने कहा कि अहिल्याबाई ने अपने जीवन में जो चिंतन किया उसका क्रियान्वयन भी किया। पूरे भारत में लोकमाता के नाम से भी उनको जाना जाता है।

उन्होंने समाज सुधार के लिए कई काम किए। महापौर संजय पाण्डे ने कहा रानी अहिल्याबाई का जीवन एक साधारण कन्या से लेकर एक असाधारण सम्राज्ञी बनने की यात्रा है। एक ऐसी वीरांगना जिन्होंने अपने पति की मृत्यु के पश्चात ना केवल शासन संभाला, बल्कि अपने अद्वितीय न्याय, धर्मपरायणता और प्रशासनिक कुशलता से इंदौर राज्य को सुव्यवस्थित और समृद्ध बनाया। उन्होंने भारत के कोने-कोने में मंदिरों और घाटों का निर्माण करवाया, बल्कि काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर रामेश्वरम तक का पुनर्निर्माण करवा कर भारत की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ किया। तीन सौ वर्षों बाद भी रानी अहिल्याबाई होल्कर का व्यक्तित्व हमें यह सिखाता है कि नेतृत्व शक्ति में नहीं, सेवा में है, शासन में नहीं समर्पण में है। उनका जीवन एक दीप है जो आज भी नारी शक्ति, धर्मनिष्ठा और देशभक्ति का मार्ग आलोकित कर रहा है। जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे ने कहा कि रानी अहिल्याबाई ने हमेशा गरीबों और कमजोरों की मदद की और उनके साथ न्याय किया। एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा ने कहा कि अहिल्याबाई की सभी समाज में महति भूमिका थी। कोई भी समाज इनसे अछूता नहीं था। उन्होंने हर वर्ग, संप्रदाय और जाति के लोगों को बराबर महत्व दिया। कार्यक्रम में स्पीकर खेमसिंह देवांगन, श्रीनिवास मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह राणा, राणा घोष, संजय विश्वकर्मा, त्रिवेणी रंधारी, कलावती कसेर, पूर्व जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, नगर अध्यक्ष प्रकाश झा, पार्षद श्यामसुंदर बघेल, बसंती समरथ, गायत्री बघेल, पूनम सिन्हा, उर्मिला यादव, गीता नाग, महेश्वरी ठाकुर, ममता पोटाई, कौशल्या साहू, कुसुम परिहार, रंजीता पानीग्राही, किरण दीवान, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, गोपाल भारद्वाज, विनय श्रीवास्तव, राकेश यादव सहित भाजपा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

एनएमडीसी ने प्राकृतिक आपदा रोकने चैकडेम-6 से निकाला हजारों टन लौह चूर्ण

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  • 2022 में नगर पालिका ने रोक दिया था चैक डेम खाली करने से
  •  ने बारिश का पानी रोकने एनएमडीसी ने पहाड़ों के बीच बनवाई वॉल भी 

किरंदुल पिछले साल भारी बारिश के दौरान आई प्राकृतिक आपदा की पुनरावृति रोकने के लिए एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना ने मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए किरंदुल के चैक डेम नंबर 6 से हजारों टन लौहचूर्ण को हटवाकर चैक डेम को खाली करवा दिया है। साथ ही एनएमडीसी किरंदुल परियोजना की 11 सी खदान की पहाड़ियों पर भारी भरकम मजबूत वॉल का भी निर्माण कार्य करवा दिया है ताकि भारी बारिश में खदानों से बहकर आने वाले लौह चूर्ण को पहाड़ों के बीच में ही रोका जा सके। उल्लेखनीय हैं कि एनएमडीसी अपने चैक डेम्स को हर साल खाली करवाता हैं, परंतु वर्ष 2022 में किरंदुल नगर पालिका ने एनएमडीसी के 6 नंबर डेम को खाली करने पर नगर पालिका ने आपत्ति जताकर एनएमडीसी को चैक डेम खाली करने नहीं दिया था।जिस कारण चैक डेम में खदानों का लौहचूर्ण जमा होता गया।

नजीतन पिछले साल 21 जुलाई और 27 जुलाई को नगर में हुई अति वर्षा के कारण चैक डेम का जमा हुआ मलबा निचली बस्तियों के घरों में पानी के साथ घुस गया था। विदित हो कि उस दौरान भी एनएमडीसी ने मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए मलबे से प्रभावित परिवारों को बड़े पैमाने पर मुआवजा राशि दी थी।पिछले साल भारी बारिश से आई आपदा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एनएमडीसी ने चैक डेम नंबर 6 से हजारों टन लौह चूर्ण को खाली करवा दिया है। साथ ही खदानों की दोनों पहाड़ियों के बीच एक वॉल का भी निर्माण करवा दिया है ताकि पहाड़ों से बहकर आने वाले लौह चूर्ण को पहाड़ों के ऊपर ही रोका जा सके।

जगदलपुर को हरियाली से आच्छादित करने का संकल्प

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  •  महापौर संजय पाण्डेय ने की सहयोग की अपील 
  • हुई रेडक्रॉस पर्यावरण उप समिति की बैठक 

जगदलपुर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की पर्यावरण उप समिति की बैठक छत्रपति शिवाजी वार्ड के तेतरखुटी में रखी गई। बैठक में पर्यावरण उप समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इस बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने जगदलपुर महापौर संजय पांडे के सामने पर्यावरण के संबंध में व्यापक चर्चा की। जिसमें उपस्थित 50 से अधिक लोगों ने अपनी बातें रखी। पर्यावरण उप समिति के अध्यक्ष विधु शेखर झा ने उद्देश्य के बारे में बताया कि हम पर्यावरण के क्षेत्र में जगदलपुर शहर के सभी 48 वार्ड में बेहतर कार्य करना चाहते हैं। इसमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। हम जगदलपुर को हरियाली से आच्छादित कर देना चाहते हैं। इस कार्य में नगर निगम, वन एवं पर्यावरण विभाग के साथ-साथ सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। पर्यावरण विद किशोर पारख ने कहा कि हमें जगदलपुर क्षेत्र के ऐसी जगह को भी चिन्हित करना चाहिए जहां बड़े पैमाने पर कई प्रजाति के पौधे लगाए जा सकें। महापौर संजय पांडे ने लोगों की उपस्थिति और रुचि को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के योगदान से जगदलपुर शहर पर्यावरण से हरा भरा एवं स्वच्छ हो सकता है। इसके लिए पूरे जगदलपुर वासियों से सहयोग की अपेक्षा है। बैठक में प्रमुख रूप से छत्रपति शिवाजी वार्ड के पार्षद श्याम सुंदर बघेल, पूर्व पार्षद सुषमा कश्यप, दयामनी बघेल, रेड क्रॉस पर्यावरण उप समिति की सह सचिव अंजू झा, जीएस पांडे, शेख अब्बास अली, सुशील पांडे, विभा दरियो, विजय डड़सेना, संतोष वर्मा, सतरूपा मिश्रा, भरत कुमार कोर्राम, उमा गुप्ता, एचवाई कुकड़े, रोहन घोष, लेखराज शर्मा, राजीव निगम आदि उपस्थित थे।

लालबाग मैदान पर झाड़ू लेकर उतरे महापौर संजय पाण्डेय

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  •  रानी अहिल्या बाई को समर्पित सफाई अभियान
  • जनप्रतिनिधि और नागरिक जुटेमुहिम में 

जगदलपुर पुण्यश्लोक रानी देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर आज सुबह लालबाग मैदान में सफाई अभियान चलाया गया। इस अवसर पर महापौर संजय पाण्डे, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, शहर के गणमान्य नागरिक, स्वच्छता एंबेसडर्स, निगम कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मालूम हो कि महापौर संजय पाण्डे के नेतृत्व में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शहर के लालबाग मैदान में श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया गया। संजय पाण्डे ने कहा सप्ताह में एक दिन चिन्हित स्थान पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। हम पूरे शहर को स्वच्छ बनाना चाहते हैं, लेकिन इस अभियान में सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। जगदलपुर शहर में हरियाली लाना मुख्य उद्देश्य है। सफाई अभियान के साथ-साथ आगामी दिनों में पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। सभी लोगों के योगदान से शहर हरा भरा एवं स्वच्छ हो यही हमारा उद्देश्य है।

सफाई अभियान में पूर्व महापौर सफीरा साहू, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, निर्मल पाणिग्रही, संजय विश्वकर्मा, राणा घोष, त्रिवेणी रंधारी, पार्षद हरीश पारेख, यशवंत ध्रुव, दिगंबर राव, किरण दीवान, अनिल लुक्कड़, कोटेश्वर नायडू, रतन व्यास, विधु शेखर झा, राजीव निगम, वायएन कुकड़े, डीके पाराशर, सतीश वाजपेयी, रोशन झा, धर्मेंद्र चौहान, वीरेन्द्र जोशी, विनायक बेहरा, सुप्रियो मुखर्जी, दिलीप सुंदरानी, बृजेश शर्मा, विवेक जैन, अनिल दास, अरुण देवांगन, धीरेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा सहित अनेक लोगों ने योगदान दिया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर को दिलवाया इस “दुधारू गाय'” का दूध

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  • मंत्री कश्यप ने दिलाया जिले को उसका हक
  • रावघाट प्रोजेक्ट से मिलेगी डीएमएफ राशि, क्षेत्र का होगा चहुमुखी विकास
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, स्मार्ट सिटी के निर्माण में होगा राशि का उपयोग, बदलेगी शहर की तस्वीर 

अर्जुन झा

जगदलपुर लौह अयस्क खनन के लिए छलनी होती रही नारायणपुर जिले की धरती और एवज में मिलने वाली राशि कांकेर जिले के विकास में खर्च होती रही।नारायणपुर के विधायक एवं वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर अब नारायणपुर को उसका हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। डीएमएफ और अन्य करों की पूरी राशि अब नारायणपुर जिले को मिलेगी। इस राशि से नारायणपुर के स्मार्ट सिटी बनने का मार्ग प्रशस्त होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

नारायणपुर और कांकेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित रावघाट लौह अयस्क परियोजना एक बड़ी दुधारू गाय है। यह परियोजना न सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र को कच्चे माल की भरपूर आपूर्ति कर रही है, बल्कि शासन को भी बड़ा राजस्व देती है। मगर डीएमएफ और अन्य करों की राशि अकेले कांकेर जिले को ही मिलती रही है। जबकि रावघाट परियोजना के तहत केवल नारायणपुर जिले के ग्राम अंजरेल में 32.29 हेक्टेयर भूमि पर खनन कार्य चल रहा है। लेकिन विकास में लगने वाली रॉयल्टी, डीएमएफ तथा अन्य समस्त करों की राशि नारायणपुर को न देकर बीएसपी पूर्व में कांकेर को प्रदान कर रहा था। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने वनमंत्री केदार कश्यप से चर्चा कर नारायणपुर जिले को उसके हक का पैसा दिलाने का निवेदन किया था। वन मंत्री केदार कश्यप लगातार इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा करते रहे। मंत्री केदार कश्यप ने सीएम के समक्ष दस्तावेजी प्रमाण भी रखे। साय सरकार के पहल और मंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से अब अंजरेल माइंस की डीएमफ राशि सीधे नारायणपुर जिला को प्राप्त होगी। इस राशि से नारायणपुर को स्मार्ट सिटी बनाने, जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा

स्तुत्य है मंत्री की पहल: हरीश जैन

नारायणपुर के व्यापारी हरीश जैन ने वनमंत्री केदार कश्यप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री जी के प्रयासों से नारायणपुर जिला को उसके अधिकार का पैसा मिलने लगा है।

डीएमफ का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य करने के साथ ही स्थानीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी विधाओं में सुधार किया जा सकता है

समुदाय को मिलेगा लाभ: पंकज जैन

 

व्यापारी संघ नारायणपुर के जिला अध्यक्ष पंकज जैन ने कहा कि वनमंत्री केदार कश्यप ने लोकहित में सराहनीय पहल की है। उनकी पहल पर डीएमफ से स्थानीय समुदायों का कल्याण होगा। खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार करने बेहतर योजनाओं का क्रियान्वयन होगा।

बढ़ेगी विकास गतिविधियां: झा

भाजपा नेता संदीप झा ने कहा कि खनन गतिविधियों के कारण होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नारायणपुर प्रवास पर जब भी मंत्री केदार कश्यप आते थे, तब भाजपा के कार्यकर्ता इस विषय पर उनसे चर्चा करते थे। मंत्री केदार कश्यप ने आश्वस्त किया था कि नारायणपुर जिले को उसका अधिकार जरूर मिलेगा। आज मंत्री जी के प्रयासों से डीएमफ की राशि मिलने लगी है।इस हेतु समस्त कार्यकर्ताओं कि ओर से मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं

विकास को मिलेगा बढ़ावा: बनर्जी

युवा नेता व व्यवसायी अभिषेक बनर्जी ने मंत्री केदार कश्यप का आभार जताते हुए कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं में सुधार करने के लिए डीएमफ राशि का उपयोग होगा। मंत्री केदार कश्यप चर्चा के दौरान कहते थे नारायणपुर उसका अधिकार मिलेगा और ज़ब जनवरी- फरवरी की राशि जिला को प्राप्त हुई है।उससे अनुभव हो रहा है कि अब जिले की तस्वीर बदलेगी।डीएमएफ का उपयोग कर क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा और स्थानीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास होगा।

देश एवं प्रदेश के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण: राज्यपाल रमेन डेका

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  • जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में ली जानकारी

स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की मुक्तकंठ से की सराहना, अपने कार्य को उत्कृष्ट बनाने तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने को कहा

बालोद, 30 मई 2025 राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हमारे देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण है। राज्यपाल डेका आज अपने बालोद जिले के प्रवास के दौरान तांदुला रिसाॅर्ट में केन्द्रीय योजनाओं से लाभान्वित जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कार्यक्रम के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी पांचों विकासखण्डांे से उपस्थित सभी 22 स्व सहायता समूह के महिलाओं से बारी-बारी से बातचीत कर उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने जिले के महिलाओं के राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात् उनके आर्थिक स्थिति में आशातीत सुधार एवं जीवन स्तर बेहतर होने पर जिले के स्व सहायता समूह के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। राज्यपाल डेका जिले के स्व सहायता समूह के महिलाओं को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत उनके द्वारा किए जा रहे कार्य उनके आर्थिक स्थिति में सुधार एवं खुशहाल जीवन का आधार बने इसके लिए उन्होंने उनके द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्य को और अधिक उत्कृष्ट बनाने को कहा। डेका ने कहा कि हमारे महिला बहनों द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों के माध्यम से उन्हें और अच्छी आमदनी मिल सके इसके लिए उन्हें निरंतर नये-नये तकनीक एवं उपायों को सीखने के साथ ही नवाचार एवं वैल्यू एडीशन करते हुए समय के अनुरूप अपने कार्यों को बेहतर बनाना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान राज्यपाल के सचिव सीआर प्रसन्ना, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  योगेश कुमार पटेल एवं अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारियों के अलावा स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

इस दौरान राज्यपाल डेका ने जिले के 22 स्व सहायता समूह के कुल 40 महिलाओं से बारी-बारी से बातचीत कर उनके द्वारा व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर किए जा रहे आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महिलाओं के द्वारा मछली पालन, पशुपालन, कृषि कार्य एवं गैर कृषि कार्य के संबंध में अपने अनुभव एवं उससे अर्जित वार्षिक आय की जानकारी दी गई। इस दौरान स्व सहायता समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में आने वाली जल संकट से निपटने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल जतन अभियान में भी अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा प्रत्येक घरों में जाकर पानी के एक-एक बूँद का सदुपयोग करने तथा जल संरक्षण के उपायों की भी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा किसानों को धान के बदले अन्य फसल का उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर स्व सहायता समूह की महिला श्रीमती निशा गायकवाड़ ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत हस्तशिल्प का कार्य, श्रीमती दानेश्वरी साहू ने सेनेटरी पैड बनाने, श्रीमती चित्रलेखा साहू ने ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में खाद एवं कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव, श्रीमती सती साहू ने कृषि मित्र का कार्य, श्रीमती सुहागा विश्वकर्मा ने मछली पालन का व्यवसाय, आनंदी विश्वकर्मा ने बकरी पालन, अंजू टेकाम ने मुर्गी पालन, प्रेमवती देवांगन ने मशरूम उत्पादन आदि के संबंध मंे सभी महिलाओं ने बारी-बारी से जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं के द्वारा आजीविकामूलक गतिविधियों को प्रारंभ करने हेतु उन्हें प्रदान की गई आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण के अलावा इस कार्य से उन्हें होने वाले वार्षिक आय के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहान के माध्यम से आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़ने के फलस्वरूप उनके आर्थिक स्थिति में पर्याप्त सुधार होने से उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

जिससे वे अपने दैनिक आवश्यकताओं की समुचित पूर्ति के अलावा अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा-दीक्षा की प्रबंध कर अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन यापन कर पा रहे है। जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों की सराहना करते हुए उनके कार्यों को राज्यपाल डेका ने सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताया।

 

करदाता निखत गोरी ने 6 साल का संपत्ति कर किया जमा

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  • टैक्स के 41, 436 रुपए किए जमा, 6.25 प्रतिशत छूट का मिला लाभ

जगदलपुर चालू वित्तीय वर्ष एवं पिछले पांच वित्तीय वर्ष के संपत्ति कर का भुगतान करदाता निखत गोरी ने किया है। उन्होंने 41 हजार 436 रुपए जमा कर 6.25 प्रतिशत छूट का लाभ लिया।

राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा, राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रमोद कुमार श्रीवास की उपस्थिति में नगर निगम कार्यालय में निखत गोरी ने छह साल के संपत्ति कर की राशि जमा की। मदन मोहन मालवीय वार्ड क्रमांक 44 के रहने वाले करदाता निखत गोरी सबसे ज्यादा बकाया संपत्ति कर जमा करने वाले इस वार्ड के करदाता बन गए हैं। जिन्होंने 6 साल का संपत्ति कर जमा किया, जो एक मिसाल है। राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने कहा जिस प्रकार निखत गोरी ने 6 साल का बकाया संपत्ति कर जमा कर समय से पहले 6.25 प्रतिशत छूट का लाभ लिया है, इसी प्रकार जगदलपुर के हमारे सभी करदाता समय से पहले संपत्ति कर जमा कर छूट का लाभ उठा सकते हैं। श्री राणा ने कहा है कि संपत्ति कर नगर निगमो के लिए राजस्व का सबसे महत्वपूर्ण स्त्रोतों में से एक है। इसके जरिए ही नगर निगम प्रशासन नागरिकों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराता है।

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