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भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खुली चुनौती दे रहे हैं नक्सली

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  • बीजापुर जिले में फिर एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या, दो को पहले मार चुके
  •  नक्सलियों ने शव के पेट पर पर्चा चिपकाया
    अर्जुन झा-
    जगदलपुर एक के बाद एक भाजपा कार्यकर्ताओं और निरीह महिलाओं की हत्या कर नक्सली केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खुली चुनौती दे रहे हैं। अमित शाह के बस्तर के आगमन के पूर्व नक्सली पांच बेकसूर ग्रामीणों को मौत के घाट उतार चुके हैं। मृतकों में तीन भाजपा कार्यकर्ता और दो महिलाएं शामिल हैं।
    दरअसल नक्सलियों की यह करतूतें उनकी बौखलाहट का नतीजा हैं।मुठभेड़ों में लगातार बड़ी संख्या में अपने साथियों के मारे जाने, मैदानी नक्सलियों व सहयोगियों के भारी संख्या में हो रहे आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियों के चलते नक्सली लीडर बुरी तरह बौखला उठे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं पर अपनी खीझ उतार रहे हैं। वे पुलिस और फोर्स का मुकाबला तो नहीं कर पा रहे हैं, अल्बत्ता गांवों में निवासरत भाजपा कार्यकर्ताओं को टार्गेट करने लगे हैं। चुन चुन कर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या नक्सली कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में ही ज्यादा हो रही हैं। मंगलवार की रात नक्सलियों ने फिर एक निर्दोष ग्रामीण भाजपा कार्यकर्ता की गला घोटकर हत्या कर दी।

बीजापुर के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सोमनल्ली निवासी 35 वर्षीय कुड़ियाम माडो पिता मुरा कुड़ियाम को 10 दिसंबर को नक्सलियों ने घर से बाहर निकाला और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। घटना 10 दिसंबर आधी रात की है। फरसेगढ़ पुलिस ने मौके से प्रतिबंधित भाकपा नक्सल संगठन नेशनल पार्क एरिया कमेटी द्वारा जारी पर्चे बरामद किए हैं। एक पर्चे को नक्सलियों ने कुड़ियाम माड़ो के पेट पर चिपका रखा था।पर्चे में नक्सलियों ने लिखा है कि माड़ो पुलिस के लिए मुखबिरी करता रहा है, इसलिए उसकी हत्या की गई है। पुलिस द्वारा शव कब्जे में लेकर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। नक्सलियों की इस हत्या की एसपी जितेंद्र यादव ने पुष्टि की है। बीजापुर जिले में दस दिन के अंदर नक्सलियों ने दो महिलाओं सहित पांच लोगों की हत्या कर डाली है। इनमें से तीन भाजपा के कार्यकर्ता रहे हैं। और दो महिलाओं को मुखबिर बताकर मार डाला गया। मृत महिलाओं में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी और दूसरी आम गृहणी।

13 को आ रहे हैं शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास की सुगबुहाट ने नक्सलियों की बेचैनी और भी बढ़ा दी है। अमित शाह 13 दिसंबर को बस्तर संभाग के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां आयोजित बस्तर ओलंपिक 2024 के समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इसके साथ ही अमित शाह सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित गांव पूवर्ती भी जा सकते हैं। पूवर्ती को नक्सलियों की नर्सरी के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां कई कुख्यात नक्सली लीडर पैदा हुए हैं। अमित शाह की सफल रणनीति के तहत ही सीआरपीफ समेत अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों और पुलिस की पहुंच पूवर्ती गांव के आगे तक हो चुकी है। पूवर्ती समेत आगे के गांवों में भी सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित हो चुके हैं। ये वो गांव हैं, जहां कभी बिना नक्सलियों की इजाजत के परिंदे भी पर नहीं मार सकते थे। ऐसे में नक्सलियों का बौखलाना लाजिमी है। आगे पंचायत चुनाव भी है और दो दिन बाद अमित शाह खुद नक्सलियों की मांद में घुसने वाले हैं। उससे पहले इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर नक्सली क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश में हैं और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को खुली चुनौती दे रहे हैं, मगर नक्सली शायद यह भूल गए हैं कि जिन्हें वे चैलेंज कर रहे हैं, वह फौलादी इरादों के धनी हैं।

भाजपा जिला बालोद में संगठन परिसीमन के पश्चात 9 से बढ़कर 17 मंडलों का हुआ गठन

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  • भाजपा के बालोद जिले के 17 मंडलों में 11 व 12 दिसंबर को संपन्न होंगे मंडल अध्यक्ष का चुनाव – नीलू शर्मा

बालोद भारतीय जनता पार्टी संगठन के अनुसार बालोद जिले में संगठनात्मक परिसीमन के पश्चात वर्तमान नौ मंडलों से 8 नए मॉडल का विस्तार करते हुए प्रदेश नेतृत्व ने जिले में 17 मंडल की घोषणा की है, जिसके अनुसार बालोद शहर मंडल, जुंगेरा मंडल,करहीभदर मंडल, गुरुर मंडल, मिर्रीटोला(पुरुर) मंडल, सनौद मंडल, गुंडरदेही मंडल, ओटेबंद मंडल, सिकोसा मंडल ,अर्जुंदा मंडल ,खेरथा मंडल, सुरेगांव मंडल ,दल्ली राजहरा मंडल, डौंडी मंडल ,कुसुमकसा मंडल, डौंडी लोहारा मंडल, रेंगाडबरी मंडल का गठन किया है ।

पार्टी में संगठन चुनाव के अंतर्गत बूथ कमेटियों के गठन के साथ ही मंडल अध्यक्ष का चुनाव जिला निर्वाचन अधिकारी नीलू शर्मा प्रदेश भाजपा प्रवक्ता के निर्देशानुसार दिनांक 11 एवं 12 दिसंबर को समस्त मंडलों में मंडल अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा ,इस हेतु जिला भाजपा कार्यालय बालोद में जिला चुनाव अधिकारी नीलू शर्मा ने 11 दिसंबर को दल्ली राजहरा मंडल चुनाव अधिकारी पवन साहू , डौंडी व कुसुमकसा ,चुनाव अधिकारी प्रीतम साहू, जुंगेरा व करहीभदर मंडल के चुनाव दिलीप शर्मा एवं 12 दिसंबर को अर्जुंदा व सिकोसा मंडल के चुनाव हेतु यशवंत जैन गुंडरदेही व सिकोसा मंडल चुनाव हेतु कृष्णकांत पवार बालोद (शहर) व सनौद मंडल वीरेंद्र साहू ,खेरथा व सुरेगांव मंडल राकेश यादव ,डौंडी लोहारा व रेंगाडबरी मंडल यज्ञदत्त शर्मा, गुरुर व मिर्रीटोला(पुरुर) चेमन देशमुख को मंडल चुनाव अधिकारी के रूप मे नियुक्त किया है, जिला महामंत्री एवं जिला चुनाव सह अधिकारी राकेश छोटू यादव ने बताया कि जिला भाजपा कार्यालय में इस हेतु वरिष्ठ नेताओं की आवश्यक बैठक रखी गई भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निर्देश अनुसार विभिन्न मापदंडों के साथ निर्धारित आयु सीमा के 35 से 45 वर्ष के निष्ठावान व सक्रिय कार्यकर्ता को मंडल अध्यक्ष चुन्ने की प्रक्रिया को निभाते हुए मंडल चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

कमल पनपालिया

जिला मिडिया प्रभारी

भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद

लावा गांव की शिक्षिका तुलसा बघेल के तबादले का विरोध

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  • जनप्रतिनिधियों ने बीईओ को सौंपा ज्ञापन 

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र के लावा गांव में पदस्थ शिक्षिका को यथावत रखने की मांग जनप्रतिनिधियों ने की है और इस आशय का पत्र खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेजा हैं

जनप्रतिनिधियों ने पत्र में कहा है कि कन्या आश्रम से लगातार शिक्षकों का तबादला किया जा रहा है जिसके कारण यहां अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार विगत दिनों खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश पत्र के अनुसार तुलसा बघेल को कन्या आश्रम लावागांव से छिंदगांव में प्रधान अध्यापिका बनाकर भेजे जाने का निर्देश जारी हुआ है, जिसके कारण आश्रम एकल शिक्षक वाला हो गया है। यहां अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। तुलसा बघेल को वापस लावा गांव में पदस्थ किया जाए। लावागांव में कन्या आश्रम का कार्य प्रभावित हो रहा है जिसके कारण सरपंच सहित ग्रामीण चिंतित हैं। 10 दिसंबर को खंड शिक्षा अधिकारी बकावंड को इस संबंध में पत्र सरपंच सोषमधर, शाला विकास प्रबंधन लावा गांव के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष व सचिव सहित नरसिंह, सुंदर, कुलमन, बुधराम, रामसिंह, दलसाय, परिस सहित दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

नपा अध्यक्ष पर आदिवासी परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप; भाजपा नेता जायसवाल ने की एफआईआर की मांग

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  • आदिवासी विरोधी कांग्रेसी नपा अध्यक्ष शीबू नायर की हो गिरफ्तारी: श्याम जायसवाल

दल्लीराजहरा भाजपा युवा नेता श्याम जायसवाल ने कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है। शीबू नायर के खिलाफ आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम व घर पर बलात कब्जा करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए।

भाजपा नेता श्याम जायसवाल ने कहा है कि कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर द्वारा घर पर बलात कब्जा का शिकार फिर एक आदिवासी परिवार हुआ है। शीबू नायर द्वारा दबंगई व राजनीतिक पहुंच का लाभ उठाते हुए आदिवासी परिवार का शोषण एवं लगातार अत्याचार किया जा रहा है। श्याम जायसवाल ने आगे कहा कि कांग्रेसी शीबू नायर के अत्याचार के खिलाफ लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी इस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी होकर पूरी लड़ाई लड़ेगी। व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी। पूरे मामले की जानकारी देते हुए श्याम जायसवाल ने बताया कि बीएसपी का नियमित कर्मचारी रहे ग्राम झीकाटोला निवासी पंचूराम गावरे की मृत्यु लगभग तीन महीने पूर्व हो चुकी है। उनके परिवार जनों से पता चला है कि पंचूराम के नाम पर टाउनशिप में 6 नंबर स्कूल के पास बीएसपी का सिंगल क्वार्टर एलाट है। जिस पर कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर द्वारा कब्जा कर लिया गया है। स्व पंचूराम के परिवार जनों ने कई बार मौखिक रूप से नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर से उक्त क्वार्टर वापस देने के लिए निवेदन किया परंतु नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा क्वार्टर को वापस करने से इंकार कर कहा जाता है कि उक्त क्वार्टर मेरा है। मैंने पंचूराम को 2028 तक का किराया दे दिया है और मैं यह क्वार्टर नहीं दूंगा तुम्हें जो करना है, कर लो। शीबू नायर द्वारा स्वर्गीय पंचूराम के परिवारजनों को यह क्वार्टर वापस नहीं करने के कारण बीएसपी द्वारा देहांत के बाद जो राशि उनके परिवार जनों को मिलनी है वह राशि तब तक मिलेगी जब तक कि पंचू राम के नाम पर आवंटित आवास बीएसपी को वापस नहीं कर दिया जाता। शीबू नायर द्वारा कब्जा जमाए रखने के कारण पंचू राम के परिजन आवास बीएसपी को हैंडओवर नहीं कर पा रहे हैं और उनका भुगतान रोक दिया गया है। पंचूराम के परिवार जनों के सामने काफी विकट आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो गई है। श्याम जायसवाल ने पीड़ित परिवार को साथ लेकर राजहरा थाने व अनुसूचित जाति जनजाति विशेष थाना बालोद में शिबू नायर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने आवेदन दिलवाया है। भाजपा युवा नेता श्याम जायसवाल ने कहा है कि कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर द्वारा इस प्रकार एक आदिवासी परिवार का शोषण करना काफी चिंता का विषय है। साथ इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। शीबू नायर पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। शीघ्र पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने उचित कदम उठाए जाएंगे। श्याम जायसवाल ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, जिला अध्यक्ष पवन साहू व जिला कोषाध्य दिलीप शर्मा के माध्यम से पीड़ित परिवार को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के बालोद आगमन के दौरान उनसे मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत करा दिया है। जिसमें गृहमंत्री ने तत्काल सीएसपी चित्रा वर्मा को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

कलेक्टर ने छोटी सी सर्जरी से कर दिया बकावंड का बड़ा इलाज, जनपद सीईओ एसएस मंडावी की हो गई बिदाई

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  •  बास्तानार जनपद भेजे गए एसएस मंडावी, नाग को बकावंड की जिम्मेदारी
  •  कलेक्टर हरिस एस ने की प्रशासनिक सर्जरी

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर कलेक्टर हरिस एस ने सर्जरी तो बहुत ही छोटी सी की है, मगर इस छोटी सर्जरी में ही बकावंड का बड़ा इलाज हो गया है।लगातार आरोपों से घिरे रहे जनपद पंचायत बकावंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी की अंततः बकावंड से विदाई हो ही गई। उन्हें बास्तानार जनपद में भेज दिया गया है। बकावंड में मंडावी की जगह सहायक संचालक एवं बास्तनार जनपद के सीईओ राजीव नाग को पदस्थ किया गया है।

कलेक्टर हरिस एस ने छोटी प्रशासनिक सर्जरी की है, लेकिन छोटी सर्जरी में ही बकावंड की बड़ी बीमारी का इलाज कर दिया। दरअसल कलेक्टर हरिस एस ने बस्तर जिले की तीन जनपद पंचायतों के मुखियाओं को इधर से उधर करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जनपद पंचायत बकावंड में लंबे समय से पदस्थ रहे मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस मंडावी को बकावंड की भूमि से हटाकर बास्तानार के बस्ते में डाल दिया है। एसएस मंडावी को वहीं बस्तानार जनपद का सीईओ नियुक्त किया गया है। वहीं बास्तनार के जनपद सीईओ एवं सहायक संचालक राजीव नाग को बजावंड जनपद का सीईओ बनाया गया है। वहीं परियोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कार्यालय में पदस्थ मंडल संयोजक सुरेश कुमार देवांगन को जनपद पंचायत तोकापाल का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि बकावंड में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान एसएस मंडावी लगातार आरोपों और विवादों से घिरे रहे हैं। जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया था।. सचिवों से सीधे संपर्क में रहकर उन्हें हर निर्माण एवं विकास कार्य में भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे दी गई थी, सरपंचो को सिर्फ स्टॉम्प बनाकर रख दिया गया था। क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में बिना कार्य कराए लाखों करोड़ों रुपयों के आहरण कर लिया गया है। ग्रामीण इन मामलों की प्रमाण सहित लगातार शिकायतें करते रहे, मगर सीईओ एसएस मंडावी ने न तो किसी मामले की जांच कराई न ही किसी सचिव या सचिव पर कार्रवाई की। ग्राम पंचायतों में ज्यादातर घपलेबाजी 15वें वित्त आयोग मद की राशि में की गई है। पूरी की पूरी राशि हजम कर ली गई और सीईओ आश्चर्यजनक ढंग से आंख मूंदे बैठे रहे। उल्टे वे दलील देते थे कि 15वें वित्त के कार्यों के लिए ग्राम पंचायतें स्वतंत्र हैं, हम इस मामले में दखल नहीं दे सकते।मतलब साफ है कि सचिवों को उनका भरपूर आशीर्वाद मिलता रहा है। यही वजह है कि सीईओ सचिवों के सीधे संपर्क में रहते थे। कई सचिवों के साथ उनका इतना गहरा लगाव था कि कांकेर के एक नेता को चुनवी फंड देने के लिए एक सचिव के जरिए सभी पंचायत सचिवों से लाखों रुपए जुटाए गए थे। हाल ही में बस्तर ओलंपिक के नाम पर भी ग्राम पंचायतों से लाखों रुपयों की उगाही की गई थी। उम्मीद है कि मंडावी की विदाई से पूरे जनपद क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं ग्रामीणों ने अपेक्षा की है कि नए सीईओ राजीव नाग पुराने सीईओ के नक्शे कदम पर नहीं चलेंगे।

कॉलेजियंस को बड़ी राहत दिलाई विधायक किरण देव ने विवि ने कम किया परीक्षा शुल्क

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  • बस्तर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए गुड न्यूज 

जगदलपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव की पहल पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर में पारित शुल्क संरचना में सुधार कर परीक्षा शुल्क को कम करने आज विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में परीक्षा शुल्क को कम किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय के कई पाठ्यक्रमों में परीक्षा शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस लिया गया है। जिन पाठ्यक्रमों में 300 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, उन पाठ्यक्रमों में 200 रुपए परीक्षा शुल्क कम कर दिया गया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में परीक्षा फीस बढ़ाये जाने पर कुलपति को पत्र लिखकर छात्र हित में परीक्षा शुल्क को कम करने की मांग रखी थी। श्री देव ने विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना में सत्र 2024- 2025 से संशोधन किए गए इस क्रम में बस्तर संभाग में संचालित स्नातक एवं स्नाकोत्तर आदि पाठ्यक्रमों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं ने भी श्री देव के समक्ष मांग रखी थी। किरण देव ने कहा है कि बस्तर संभाग की हमारी युवा पीढ़ी को विश्वविद्यालय की पढ़ाई में कोई असुविधा न हो। हमारे कई छात्रों के आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने कारण बढ़े हुए परीक्षा शुल्क अदा करने में उन्हें काफी कठिनाई होगी। हमारे आदिवासी बाहुल्य बस्तर की भौगोलिक सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए परीक्षा शुल्क कम करने संबंधी पत्र कुलपति बस्तर विश्वविद्यालय को सौंपा गया था।जिस पर आज विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में बढ़ाए गए परीक्षा शुल्क को कम किया गया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने हमारे बस्तर के छात्र-छात्राओं को बधाई देते विश्वविद्यालय की कार्य परिषद को भी शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय के अध्ययनरत छात्रों को राहत प्रदान की गई।

बीएड सहायक शिक्षकों की नौकरी पर संकट; आदिवासी समाज के आत्मसम्मान और शिक्षा का सवाल

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  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिक्षकों ने लगाई नौकरी बचाने की गुहार
  • दांव पर लग गया है तीन हजार शिक्षकों का भविष्य

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सरगुजा और बस्तर संभागों में कार्यरत 3000 से अधिक बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों की सेवा संकट में है। चयनित बीएड सहायक शिक्षक अपनी सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेश के समस्त मंत्री विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के नाम लगातार ज्ञापन सौंप रहे हैं।

इसी क्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित आदिवासी सम्मान कार्यक्रम के दौरान लगभग 1500 आदिवासी बीएड सहायक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर अपनी सेवा की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे आदिवासी समाज से आते हैं और कठिन संघर्षों के बाद शिक्षक बने हैं। बीते डेढ़ वर्षों से ये शिक्षक सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत हैं। जहां शिक्षा का स्तर सुधारने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्तियों को अवैध ठहराया है, जिससे उनकी नौकरियां खतरे में हैं।

चयनित शिक्षकों का संघर्ष

सरगुजा संभाग के एक चयनित शिक्षक ने कहा, “मैंने इस नौकरी के लिए अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दी थी, क्योंकि सरकारी शिक्षक बनना मेरे और मेरे परिवार के लिए सम्मान और स्थिरता का प्रतीक था। अब नौकरी जाने का खतरा हमारे जीवन को अनिश्चितता में डाल रहा है। बस्तर की एक शिक्षिका ने बताया- हमने इस नौकरी के लिए कर्ज लेकर पढ़ाई की और बीएड की डिग्री हासिल की। आज हमें ऐसा लग रहा है जैसे हमारी मेहनत और त्याग व्यर्थ हो गया। एक अन्य शिक्षक ने कहा- हमने पिछले डेढ़ साल में सुकमा, कोंटा, ओरछा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और स्कूलों का माहौल बेहतर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की। अब नौकरी छिनने से यह सब व्यर्थ हो जाएगा।

शिक्षकों की समस्याएं

यदि सेवा समाप्त की जाती है, तो शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ये शिक्षक न केवल आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि समाज की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी हैं। नौकरी जाने से उनकी पहचान और सम्मान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। नौकरी समाप्त होने से आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति विश्वास कमजोर होगा। शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानने वाली नई पीढ़ी निराश हो सकती है। शिक्षकों ने सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन कर नौकरी प्राप्त की थी। अब उनकी सेवाओं पर सवाल उठाना, सरकारी व्यवस्था और नीति के प्रति विश्वास को कमजोर करेगा।

ये हैं शिक्षकों की मांगें

सेवाओं की सुरक्षा देते हुए

इन शिक्षकों को उच्च कक्षाओं में समायोजित किया जाए, जैसा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने सुझाव में कहा है। इस मुद्दे को न्यायपूर्ण और स्थायी रूप से हल किया जाए ताकि भविष्य में किसी और शिक्षक को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति भरोसे को बचाने और शिक्षकों के आत्म सम्मान को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए शिक्षकों ने कहा है- मुख्यमंत्री जी, आपका संघर्ष और आदिवासी समाज के प्रति आपका समर्पण हमारी प्रेरणा है। आपसे निवेदन है कि हमारे संघर्ष को समझें और इस संकट का समाधान निकालें। यदि हमारी सेवाएं समाप्त होती हैं, तो यह केवल हमारा व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज को पीछे धकेलने का कार्य होगा। शिक्षा और समाज को कमजोर न होने दें। न्याय और सुरक्षा का वादा निभाएं।

आदिवासी परिवार पर अत्याचार व शोषण करने वाले कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर पर दर्ज हो FIR – श्याम जायसवाल

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दल्लीराजहरा :- भाजपा युवा नेता श्याम जायसवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है। शिबू नायर के खिलाफ आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम व घर पर बलात कब्जा करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर शिबू नायर को जेल भेजा जाए। फिर एक बार शिबू नायर के द्वारा घर पर बलात कब्जा का शिकार इस बार एक आदिवासी परिवार हुआ है। शिबू नायर द्वारा दबंगई व राजनीतिक पहुंचकर लाभ उठाते हुए आदिवासी परिवार का शोषण एवं लगातार अत्याचार किया जा रहा है। श्याम जायसवाल ने आगे कहा कि कांग्रेसी नगरपालिका अध्यक्ष शिबू नायर के अत्याचार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी इस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी होकर पूरी लड़ाई लड़ेगी।

व पीड़ित परिवार को न्याय दिखाएगी पूरे मामले की संपूर्ण जानकारी देते हुए श्याम जायसवाल ने बताया की स्वर्गीय पंचूराम गावरे निवासी ग्राम झीकाटोला जो बीएसपी में नियमित कर्मचारियों के रूप में कार्यरत थे जिनकी मृत्यु लगभग तीन महीने पूर्व हो चुकी है उनके परिवार जनों से मुझे पता चला कि स्वर्गीय पंचूराम के नाम पर टाउनशिप में 6 नंबर स्कूल के पास बीएसपी का सिंगल क्वार्टर एलाट है। जिसे कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर द्वारा कब्जा कर लिए गया है। स्व पंचूराम के परिवार जनों ने कई बार मौखिक रूप से नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर से उक्त क्वार्टर वापस देने के लिए निवेदन किया परंतु नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा क्वार्टर को वापस करने से इनकार कर कहा जाता है कि उक्त क्वार्टर मेरा है। मैंने पंचुराम को 2028 तक का किराया दे दिया है। और मैं वह क्वार्टर नहीं दूंगा तुम्हें जो करना है वह कर लो शिबू नायर द्वारा स्वर्गीय पंचूराम के परिवार जनों को इस क्वार्टर के वापस नहीं करने के कारण बीएसपी द्वारा देहांत के बाद जो राशि उनके परिवार जनों को मिलने थी वह राशि अब जब तक यह क्वार्टर बीएसपी को हैंडोवर नहीं कर दिया जाता तब तक बीएसपी द्वारा वह राशि उनके परिवार जनों को नहीं दी जाएगी इसके कारण स्वर्गीय मांडवी के परिवार जनों के सामने काफी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। श्याम जायसवाल ने पीड़ित परिवार को साथ लेकर राजहरा थाने व अनुसूचित जाति / जनजाति विशेष थाना बालोद में शिबू नायर के खिलाफ FIR दर्ज करने आवेदन दिलवाया है। भाजपा युवा नेता श्याम जायसवाल ने कहा कि कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर द्वारा इस प्रकार एक आदिवासी परिवार का शोषण करना काफी चिंता का विषय है साथ इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। शिबू नायर पर तत्काल FIR दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए। शीघ्र पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने उचित कदम उठाए जाएंगे। श्याम जायसवाल ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, जिला अध्यक्ष पवन साहू व जिलाकोषाध्य दिलीप शर्मा के माध्यम से पीड़ित परिवार को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के बालोद आगमन के दौरान उनसे मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत करा दिया हैं। जिसमें गृहमंत्री ने तत्काल CSP चित्रा वर्मा को FIR दर्ज कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया हैं।

बकावंड क्षेत्र में बंगलादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ!

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  • पुलिस ने 10 संदिग्धों को लिया हिरासत में 

अर्जुन झा

बकावंड क्या बस्तर संभाग में बंगलादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ हो गई है। अगर ऐसा है तो नक्सली समस्या से जूझ रहे बस्तर के लिए यह दोहरी चिंता का विषय है।पुलिस को अलर्ट होकर कड़ाई के साथ कदम उठाने होंगे, अन्यथा बस्तर की तबाही तय है।

दरअसल बकावंड क्षेत्र में सरगीपाल गांव के आसपास इन दिनों विदेशी घुसपैठियों की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है। ऐसा दावा करने वालों ने इन तथाकथित घुसपैठियों के तंबुओं के साथ ही घुसपैठियों की भी तस्वीरें साझा किया है। पुलिस ने दस संदिग्ध लोगों को भी पकड़ा है। उनसे पूछताछ चल रही है।

मिली जानकारी के अनुसार बकावंड – सरगीपाल रोड पर सरगीपाल गांव से मसगांव कैंप जाने वाले मार्ग किनारे स्थित छत्तीसगढ़ एग्रो प्राइज़ मिल के कैंपस में कुछ बांग्लादेशी मुसलमान कैंप लगाकर रह रहे हैं। इनका कहना है कि वे टेलीकॉम का केबल बिछाने के काम के लिए यहां आए हैं। छत्तीसगढ़ एग्रो प्राइज़ मिल का मालिक भी उन्हीं के समुदाय का है। टेंट लगाकर रह रहे कथित घुसपैठियों की संख्या 25 के आसपास बताई गई है।उनका कहना है करीब 30 लोग और आने वाले हैं तथा सभी बांग्लादेशी मुस्लिम हैं। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के लोगों ने मामले की पुलिस को सूचना कर दी। इसके बाद पुलिस ने दस लोगों को हिरासत में लिया है। उन सभी से पूछताछ की जा रही है। अगर पकड़े गए लोग सचमुच बांग्लादेशी या रोहिंग्या निकले, तो यह बस्तर के लिए बड़ी चिंता का विषय है। नक्सली समस्या और धर्मान्तरण की चुनौती से जूझ रहे बस्तर को इस नए खतरे से बचाने के लिए पुलिस को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे।

मोदी की गारंटी, विष्णु के सुशासन में युवाओं को मिल रही हैं नौकरी की गारंटी: मनीष पारख

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  •  डबल इंजन की सरकार में पारदर्शिता के साथ हो रही है भर्ती: मनीष पारख 
  • कांग्रेस ने पीएससी को बना दिया था पहले सेटिंग्स कमेटी 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद युवाओं के जीवन में आशाओं का सूर्योदय हुआ है। डबल इंजन वाली भाजपा सरकार में युवाओं को नौकरी के भरपूर अवसर मिल रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व सदस्य एवं जगदलपुर के भाजपा नेता मनीष पारख ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। पारख ने कहा है कि, प्रदेश युवाओं की आकांक्षा के अनुरुप भाजपा सरकार काम कर रही है।

एक बयान में भाजपा नेता मनीष पारख ने कहा है कि हमारी सरकार समय- समय पर रोजगार के अवसर मुहैया कराते हुए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती निकाल रही है। एवं पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न हो रही है।मनीष पारख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मोदी की गारंटी पूरी हो रही है। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार भर्तियां खुल रही हैं। भाजपा सरकार ने अब तक करीब 19 विभागों में 8,971 पदो के लिए वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। एनआरडीए, एफएसएल और विद्युत निरीक्षक पदों के लिए भी भर्ती की राह अब साफ हो चुकी है। प्रदेश के इन तीन विभागों में 151 विभिन्न पदों पर भर्ती होगी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन व पर्यावरण विभाग, उच्च शिक्षा, खेल व युवा कल्याण, एनआरडीए आदि विभाग भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। श्री पारख ने कहा कि इसके अलावा भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए भी नौकरी के अवसर आ रहे हैं। खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी में नियुक्ति देने के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा एवं केदार कश्यप के विभाग के अधिकारी सरकार द्वारा गठित कमेटी में सदस्य, सचिव बनाए गए हैं। आरक्षक भर्ती प्रक्रिया भी पुन: प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश स्तर पर विभिन्न विभागों में भर्तियां होने के साथ-साथ सभी जिलों में भी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। रोजगार कार्यालय के माध्यम से हर माह प्लेसमेंट कैंप आयोजित कर नामी कंपनियों द्वारा युवाओं को नौकरी देने की प्रक्रिया में भी तेजी आई है।

कांग्रेस पर किया प्रहार

मनीष पारख ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर प्रहार करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने अपने कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के योग्य युवाओं के हक में डाका डालने का काम किया है। पिएससी में घोटाला कर कांग्रेस ने अपने चहेतों को नौकरियां देने का काम किया। लेकिन भाजपा की सरकार में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए युवाओं के हक में फैसले ले रही है। आज पीएससी घोटाले की जांच बहुत ही तेज गति से चल रही है। पीएससी में घोटाला करने वाले और जिम्मेदार अधिकारी कानून की गिरफ्त में हैं। युवाओं का हक छीनने वाले भाजपा शासनकाल में बख्शे नहीं जाएंगे।

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