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बाढ़, बारिश ने फाड़ रखा है कलेजा, राहत के नाम पर दी फटी साड़ी! सुशासन का चीरहरण किया प्रशासन ने

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  • मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कहने पर महिला को उठा ले गई पुलिस 

अर्जुन झा-

जगदलपुर एक तो बाढ़ और अतिवृष्टि ने पीड़ितों का कलेजा तार तार कर रखा है, ऊपर से प्रशासन ने राहत के नाम पर जो साड़ियां दी हैं, वह फटी निकल रही हैं। जब एक प्रभावित महिला ने इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री से करना चाही तो पुलिस उसे उठाकर थाने ले गई। उसे घंटों थाने में बिठाए रखा गया। इस तरह विष्णुदेव साय के सुशासन का चीरहरण किया है दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने। इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आक्रामक तेवर दिखाए हैं।

बस्तर संभाग में बाढ़ और अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई है। गरीबों के आशियाने टूट गए हैं, अनाज, राशन, कपड़े लत्ते, बच्चों की किताब कॉपियां आदि सामग्री पानी की भेंट चढ़ चुकी हैं। प्रभावितों के घरों में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। बारिश का जोर थमने के बाद प्रशासन द्वारा पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, मगर यह राहत जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में भी तबाही का मंजर देखने को मिला है। वहां प्रभावित परिवारों को राशन सामग्री और वस्त्र प्रदान किए जा रहे हैं। मगर दुर्भाग्य यह कि राहत और मदद के नाम पर प्रशासन द्वारा दंतेवाड़ा जिले में प्रभावित परिवारों को जो साड़ियां बांटी गईं हैं वे फटी हालत में हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दंतेवाड़ा जिले में बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। सीएम श्री साय ने पीड़ितों से प्रत्यक्ष संवाद भी किया। इसी दौरान एक प्रभावित आदिवासी महिला ने जब प्रशासन द्वारा राहत एवं मदद के नाम पर फटी साड़ी दी जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कह दी, तो पुलिस उसे उठाकर थाने ले गई। जब तक मुख्यमंत्री दंतेवाड़ा जिले से लौट नहीं गए, तब तक महिला को थाने में ही बिठाए रखा गया। राहत और मदद के नाम पर दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने न सिर्फ पीड़ितों के जले में नमक छिड़कने का काम किया है, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का चीरहरण भी कर डाला है।यह घटना मानवीय संवेदना को भी तार तार कर गई।इस घटनाक्रम ने यह भी साबित कर दिया है कि सुशासन पर अफसरशाही किस कदर हावी है।

बिफर पड़े पीसीसी चीफ बैज

दंतेवाड़ा जिले में बाढ़ प्रभावितों को फटी साड़ियां बांटने और मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत मात्र की बात कहने पर आदिवासी महिला को घंटों थाने में बिठाए रखने का मसला संज्ञान में आते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज आहत हो उठे। उन्होंने दंतेवाड़ा के प्रशासनिक अधिकारियों और टीआई की क्लास लगा दी। दीपक बैज ने टीआई से कहा कि एक तो आपने फटी हुई साड़ियां बंटवाई हैं, ऊपर से पीड़ित महिला के साथ अपराधियों जैसा सलूक कर निर्ममता का परिचय दिया है। आदिवासी महिला ने कोई गुनाह तो नहीं किया था, जो आपने उसे उठाकर थाने में बंद कर दिया? आखिर आदिवासियों के साथ आप और आपकी सरकार कब तक यूं ही जुल्म ढाते रहेंगे? पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा- टीआई साहब आपने महिला के साथ जो व्यवहार किया है, वह हरगिज क्षमा योग्य नहीं है हम इस मुद्दे को राजधानी स्तर तक उठाएंगे। मोबाईल फोन के जरिए टीआई से बात करते समय प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज की पीड़ा और नाराजगी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। बाद में इस🏳️ संवाददाता से चर्चा करते हुए दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर के आदिवासियों के प्रति पूरी तरह संवेदन शून्य हो गई है, आदिवासी मुख्यमंत्री के रहते एक आदिवासी महिला के इस तरह के अपमान का उदाहरण और कहीं देखने सुनने को मिला नहीं है। इस कृत्य के लिए आदिवासी भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे। दीपक बैज ने कहा कि बात सिर्फ एक फटी साड़ी की ही नहीं है, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता से जुड़ा बड़ा मामला भी है।

भाजपा ने बनाया समीर कुमार मिश्रा को बस्तर नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष

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  • भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने की घोषणा

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी ने बस्तर नगर पंचायत में राजेन्द्र नगर वार्ड के पार्षद समीर कुमार मिश्रा को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की अनुशंसा एवं प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय की सहमति से भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने आज सोमवार को बस्तर नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष के रूप में समीर कुमार मिश्रा के नाम की घोषणा की है। भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने नवनियुक्त बस्तर नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष समीर कुमार मिश्रा से पार्टी की रीति नीति पर कर्मठता से कार्य करते हुये संगठन को मजबूत बनाने की अपेक्षा की है।

संतानदात्री माई लिंगेश्वरी देवी के दरबार में कल लगेगा श्रद्धालुओं का मेला

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  •  दूर दूर से संतान की चाह में आते हैं दुखियारे दंपत्ति

अर्जुन झा-

जगदलपुर जिस बस्तर की रत्नगर्भा भूमि पर प्रभु रामचंद्र  चरण पड़े थे, वह बस्तर भूमि अति पावन है। बस्तर पर वन देवी के साथ ही दंतेश्वरी माई, बारसूर के गणेश जी, पतित पावनी इंद्रावती मैया, शंकिनी डंकिनी और शबरी जैसी पुण्य सलिला नदियों की भी कृपा सदियों से बरसती आई है। देवभूमि बस्तर की लिंगेश्वरी मैया की भी महिमा बड़ी न्यारी है। खास बात यह है कि मातारानी का दरबार साल में सिर्फ एक दिन भद्रपद की ग्यारस तिथि के दिन ही खुलता है और देश विदेश के भक्त दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस साल भी यहां श्रद्धांलुओं का तांता लगना शुरू हो गया है।

माई लिंगेश्वरी का पावन धाम बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत आलनार के ग्राम अलुर के पास एक प्राचीन गुफा में स्थित है। लिंगेश्वरी देवी मंदिर अलुर में 3 सितंबर बुधवार को सुबह 5 से लेकर शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। यहां देश विदेश से श्रद्धालु दर्शन करने और मन्नत मांगने आते हैं। 2 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी कतार श्रद्धालुओं की लगती है। श्रद्धालुओं के पहुंचने और कतार में लगने का सिलसिला दो दिन पहले से ही शुरू हो गया। इस मंदिर के कपाट साल में सिर्फ एक बार केवल 12 घंटे के खुलते हैं। मान्यता है है कि लिंगेश्वरी मैया की कृपा से सूनी गोद भर जाती है, जीवन की सारी बाधाएं, तकलीफें दूर हो जाती हैं। यहां आने वाले ज्यादातर दंपत्ति निसंतान होते हैं और संतान की चाह लेकर आते हैं। जिन्हें माता की कृपा से संतान सुख की प्राप्ति हो चुकी होती है ऐसे दंपत्ति माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के लिए ग्रामीणों और मंदिर समिति की ओर से खीर, पूड़ी, खिचड़ी की व्यवस्था की जाती है। 3 सितंबर को लगने वाले मेले की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गुफा के अंदर किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं करने दिया जाता, श्रद्धालु बाहर से ही देवी मां के दर्शन कर सकते हैं।

महतारी वंदन योजना के लाभ से वंचित रह गईं हजारों महतारियां

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  •  प्रचार प्रसार की कमी और जानकारी के अभाव में नहीं भर पाईं फार्म
  • बस्तर में योजना के लिए विशेष अभियान जरूरी

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रचार प्रसार न होने और जानकारी के अभाव के चलते बस्तर संभाग की हजारों महतारियां महतारी वंदन के लाभ से वंचित रह गईं हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सरकारी तंत्र की ओर से सूचना की कमी के कारण कई महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।

बस्तर संभाग के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को इस योजना के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पा रही हैं। सरकार को बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। खासकर बस्तर संभाग में इस योजना के व्यापक प्रचार प्रसार की जरूरत है। शासन प्रशासन द्वारा बस्तर की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के आवेदन के लिए पुनः अवसर की जानकारी नहीं दी गई, जिससे अंतिम तिथि निकल गई और वे योजना के लाभ से वंचित रह गईं। सरकार को ऐसी महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए ताकि वे भी योजना का लाभ उठा सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों तक महतारी वंदन योजना का आवेदन के लिए प्रचार प्रसार करना चाहिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास और परियोजना कार्यालय में भी महतारी वंदन योजना के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण छूटी हुई महिलाओं को महतारी वंदन योजना का फार्म नहीं भराया गया। इससे महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पाया।सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक महतारी वंदन योजना का प्रचार प्रसार करना चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर गरीब महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए। ऐसी महिलाओं के लिए जो योजना के आवेदन की प्रक्रिया में देरी या जानकारी की कमी के कारण वंचित हो गई हैं।

हाइड्रोलिक मशीन में फंस जाने से महिला बुरी तरह से घायल

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बालोद जिले के परसोदा स्थित गंगोत्री फ्लाई रेश इट फैक्ट्री में आज सुबह हाइड्रोलिक मशीन से सफाई के दौरान यहां घटना घटी । जिसमें एक महिला मजदूर बुरी तरह से मशीन में फंस जाने के कारण उनके दोनों पैर टूट गए व पैर की तीन उंगलियां कट गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल महिला का नाम रूपा मांडवी जो की 27 नंबर वार्ड दल्ली राजहरा के निवासी है। जो की महिला मजदूर प्रतिदिन की भांति आज रविवार को भी साफ सफाई का काम कर रही थी तभी फैक्ट्री में सफाई के दौरान मशीनों में फंस गई और गंभीर रूप से घायल हो गई जिन्हें फिलहाल घायल महिला का निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज जारी है।

ग्राम मांदर के बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जायेगी, राहत कार्य निरंतर जारी – भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय

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  • ग्राम मांदर के बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जायेगी, राहत कार्य निरंतर जारी – भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय
  • बाढ़ प्रभावित ग्राम मांदर पहुँचा भाजपा का दल, बाढ़ पीड़ितों से मिले, राहत सामग्री उपलब्ध करायी

जगदलपुर :- लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के बाद प्रभावित ग्राम मांदर का शनिवार को भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने कार्यकर्ताओं के साथ दौरा किया। भाजपा के दल ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और राहत सामग्री का भी वितरण किया। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि बाढ़ आपदा से प्रभावितों को शासन द्वारा अविलंब सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। राहत कार्यों में कोई भी कमी नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विदेश प्रवास के दौरान बस्तर में आयी बाढ़ आपदा को संज्ञान में लिया था और हर संभव सहायता व राहत कार्यों के लिये निर्देश दिये थे। भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से चर्चा कर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में राहत कार्यों की जानकारी ली।

इस दौरान भाजपा दल में योगेन्द्र पाण्डेय, रजनीश पाणिग्रही, नरसिंह राव, रोहित त्रिवेदी, बलदेव मण्डावी, अतुल सिम्हा,वीरेंद्र जोशी, मंगतूराम कश्यप, पद्मा कश्यप, चन्द्रभान कश्यप,पाण्डू कोर्रामी ,शिव नंदन पेगड़,बलिराम कश्यप आदि शामिल रहे।

फिट इंडिया मूवमेंट का हुआ भव्य समापन समारोह

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जगदलपुर। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जगदलपुर के तत्वावधान में प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम में तीन दिनों से चल रही फिट इंडिया मूवमेंट की विविध खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का समापन समारोह आज, 31 अगस्त को भव्य रूप से आयोजित हुआ।

समापन दिवस पर 800, 400, 200 और 100 मीटर दौड़ स्पर्धाओं में बालक-बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन किया।इसके साथ ही पार्षदों की 100 *मीटर दौड़ प्रतियोगिता तथा पार्षदों एवं जिला प्रशासन के बीच रस्साकसी प्रतियोगिता का आयोजन मुख्य आकर्षण रहा।

नगर निगम की ओर से महापौर संजय पाण्डे ने नेतृत्व किया, वहीं जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर एवं सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग ऋषिकेश तिवारी ने कमान संभाली। रोमांचक मुकाबले में अंततः महापौर संजय पाण्डे की टीम विजयी रही। समापन अवसर पर तीन दिनों तक आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

महापौर संजय पाण्डे ने अपने उद्बोधन में कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट से समाज में स्वास्थ्य और खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रभारी कलेक्टर प्रतीक जैन ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन निरंतर ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करता रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग ऋषिकेश तिवारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक, सभी की सहभागिता ने इस आयोजन को सफल बनाया है।

इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष खेल सिंह देवगांव, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित नगर निगम के mic मेंबर पार्षद एवं गणमान्य नागरिक – निर्मल पनिग्रही, लक्ष्मण झा, योगेन्द्र पांडेय, राणा घोष, त्रिवेणी रंधारी, कलावती कसेर, श्वेता बघेल, संग्राम सिंह राणा, संजय विश्वकर्मा, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, यशवंत ध्रुव, पारुल बोथरा, आशा साहू, दिलीप दास, खगेंद्र सिंह ठाकुर, श्याम सुंदर बघेल, संतोष गौर, बसंती समरथ एवं उर्मिला यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

खेल विभाग से कीड़ा अधिकारी वेदप्रकाश सोनी, राजकुमार महतो सुनील पिल्लै, कोटेश्वर नायडू, श्रावण साहू, चंद मोहन वर्मा, अविनाश माने,अतुल शुक्ला एवं प्रदीप साहू भी उपस्थित थे।

नौकरी भले ही पक्की नहीं, पर कर्तव्य की ललक तो पक्की है

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  • संविदा शिक्षक पेश कर रहे हैं गुरु के कर्तव्य की शानदार मिसाल
  • बाढ़, बारिश ने हिला दी चूलें, फिर भी अडिग हैं कर्तव्य पथ पर 

 -अर्जुन झा-

जगदलपुर बाढ़, बारिश ने बस्तर में सब कुछ तहस नहस कर दिया है। बच्चों की पुस्तक, कॉपियां तक बह गईं और उनके साथ ही बह गए पढ़ने लिखने के सपने। जब घर में अनाज का एक दाना भी न बचा हो, वैसे हालात में गरीब मां बाप के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराना नामुमकिन ही था। घरों में चूल्हे नहीं जल पा रहे हों तो शिक्षा का उजियारा बिखरने की उम्मीद भी बेमानी सी लगती है। ऐसे में संविदा शिक्षकों ने इंसानियत और सच्चे गुरु की गुरुता की जो मिसाल पेश की है, वह निसंदेह अनुकरणीय है।

मामला बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम मांदर से सामने आया है। मांदर में वर्षा और इंद्रावती नदी की बाढ़ ने जमकर कहर ढाया है। पूरे गांव के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया था, अनाज, राशन, कपड़े, लत्ते, बच्चोँ की किताब कॉपियां, रुपए पैसेसब बह गए। घरों में चूल्हा जलना बंद हो गया। बिना पुस्तक कॉपियों के बच्चों का स्कूल जाना मुहाल हो गया था। बच्चों की पढ़ाई छूट गई। ऎसी विषम परिस्थियों के बीच

बाढ़ पीड़ित बच्चों के साथ खड़े हुए अलनार स्वामी आत्मानंद विद्यालय अलनार के संविदा शिक्षक खड़े हो गए। जिन संविदा शिक्षकों की नौकरी भी पक्की नहीं है, उन गरुजनों ने पक्की गुरुता और दृढ़ कर्तव्यपरायणता का पक्का सबूत पेश किया है। बाढ़ की विभीषिका ने मांदर गांव के कई बच्चों से उनकी किताबें, कॉपियां और बैग तक छीन लिए। परंतु शिक्षा की लौ बुझने न पाए, इसी संकल्प के साथ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अलनार के संविदा शिक्षकों ने एक बड़ी मिसाल पेश की है। विद्यालय के प्राचार्य अजय कोर्राम के नेतृत्व में शिक्षकों ने बाढ़ प्रभावित बच्चों को कॉपियां, किताबें और स्कूल बैग उपलब्ध कराए। इतना ही नहीं, उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा–

“पढ़ाई की राह कभी किसी आपदा से रुकती नहीं, तुम फिर से कक्षा में लौटोगे और आगे बढ़ोगे। हम तुम्हें पढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।” शिक्षकों का यह कदम केवल शिक्षण सामग्री देने भर का नहीं था, बल्कि बच्चों के टूटे मनोबल को संभालने का बड़ा प्रयास भी है। शिक्षकों ने अपने छोटे-छोटे प्रयासों से यह संदेश दिया है कि शिक्षा की शक्ति किसी भी कठिनाई से बड़ी होती है। इस पुनीत कार्य में विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी सहयोग देकर यह साबित किया है कि जब समाज का हर वर्ग मदद के लिए आगे बढ़ रहा है, तो संविदा शिक्षक भी अछूते नहीं रहे। आज अलनार के संविदा शिक्षकों ने यह दिखा दिया कि गुरु सिर्फ ज्ञान नहीं बांटते, बल्कि संकट की घड़ी में अपने शिष्यों के लिए ढाल भी बन जाते हैं।

पढ़ने की ललक को छीन लिया इंद्रावती नदी ने, नदी में 6 दिन बाद मिले छात्राओं के शव‌‌

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  •  नाव पलटने से नदी में बह गई थीं दोनों छात्राएं
  • चिंगेर गांव में पसरा मातम, सदमे में परिजन

जगदलपुर बस्तर संभाग में अतिवृष्टि और भीषण बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है। जन धन का भारी नुकसान हुआ है। दो मासूम छात्राओं की पढ़ने की ललक इंद्रावती नदी की भेंट चढ़ गई, नदी में बह गई दोनों छात्राओं के शव छह दिन बाद बरामद हुए।

जमकर कहर बरपा कर थमी बारिश अपने पीछे बर्बादी की ऎसी निशानियां और जख्म छोड़ गई है, जिसकी भरपाई शायद ही हो पाए। इस प्राकृतिक आपदा ने दो मासूम जिंदगियों को भी लील लिया। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक अंतर्गत चिंगेर गांव की दो छात्राओं के शव शनिवार को इंद्रावती नदी से बरामद हुए। बीते सोमवार को पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली चिंगेर गांव की दो छात्राएं नेलागोंडा घाट को नाव से पार कर रही थीं। अचानक नाव पलटने से दोनों बच्चियां तेज बहाव में बह गईं। घटना की जानकारी मिलने पर नगर सेना की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। लेकिन पांच दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला। छठवें दिन शनिवार को ग्रामीणों ने नदी के अलग-अलग घाटों पर झाड़ियों में फंसे दोनों बच्चों के शवों को देखा और सूचना नगर सेना को दी। मौके पर पहुंची टीम ने दोनों शवों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। दोनों छात्राओं के शव देख परिजन में रोने बिलखने लगे। चिंगेर गांव में मातम पसर गया। पोस्टमार्टम बाद परिजनों को सौंप कर अंतिम संस्कार ग्रामीणों ने गांव में किया। भैरमगढ़ के तहसीलदार सूर्यकांत घरत ने बताया कि पिछले पांच दिनों से लगातार रेस्क्यू अभियान चल रहा था। नदी का बहाव कम होने के बाद दोनों बच्चियों के शव लगभग दो किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसे मिले। डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जिसके बाद पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

फरार डिप्टी कलेक्टर पर शारीरिक शोषण केश जमानत याचिका खारिज

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बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक डिप्टी कलेक्टर के डौंडी थाने में दर्ज रेप और आर्थिक शोषण के गंभीर मामले में आरोपी बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को जिला न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद माना जा रहा है कि कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। महिला आरक्षक की शिकायत के बाद डौंडी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अदालत ने उनकी जमानत याचिका को सख्ती से खारिज कर दिया।

पीड़िता, जो सीएएफ की महिला आरक्षक है, ने अदालत के सामने खड़े होकर अपना दर्द बयान किया और बैंक स्टेटमेंट सहित ठोस सबूत भी पेश किए। उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया, तीन बार जबरन गर्भपात कराया और आर्थिक रूप से भी शोषण किया।

वकील ने यह दलील दी कि पीड़िता ब्लैकमेल कर रही है और झूठा आरोप लगाया गया है। लेकिन महिला आरक्षक ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर ने शादी करने का वादा किया और एक साल तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसके बाद जब महिला आरक्षक ने शादी के लिए कहा तो वह अपने वादे से मुकर गया पीड़िता ने अदालत के सामने स्पष्ट और विस्तृत रूप से अपनी पीड़ा बताई। न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ ने पीड़िता की दलीलों और पेश किए गए सबूतों को पर्याप्त मानते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

अब भी फरार डिप्टी कलेक्टर डौंडी थाने में आरोपी के खिलाफ

बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज है। टीआई उमा ठाकुर के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है, लेकिन डिप्टी कलेक्टर अब तक फरार है। पुलिस का दावा है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीडिता की शिकायत पर पूरा मामले की जांच की जा रही है।

 

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