जगदलपुर। मंत्रियों की कारगुज़ारियों से ईमानदार भूपेश बघेल सरकार को बट्टा लग रहा है दरअसल परिवारवाद की मकड़जाल में जनता तो दूर कांग्रेसी भी छटपटा रहें हैं और इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ सकता है। पूर्ववती रमनसिंह सरकार में सीएम मैडम के किस्से चटकारे लेकर सुनाएं जाते थे लेकिन अब पत्नि,बेटे व भाईयों के किस्से मशहूर हैं।
छत्तीसगढ़ में पंद्रह वर्षों बाद कांग्रेस पार्टी के ऊर्जावान कार्यकर्ताओं व नेताओं की मेहनत के बदौलत बनीं किंतु सत्ता की गर्मी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को छोड़ दिया जाए तो सभी मंत्रियों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया जा रहा है क्योंकि हर कार्य में मंत्रियों के बजाय उनके पुत्र दखल अंदाजी कर रहें हैं जिससे कांग्रेसियों के काम नहीं हो रहा है तो बीजेपी से जुड़े बिचौलियों की चांदी कट रही है। उदाहरण के लिए लिया जाये तो छत्तीसगढ़ सरकार के मलाईदार मंत्री कवासी लखमा किसी भी काम के लिए अपने पुत्र हरीश कवासी से मिलने को कहते हैं और बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमसाय सिंह की पत्नी हर कामों में दखल अंदाजी कर रही है और मंत्री की पीए बनकर अपना व सरकार का उपहास उड़वाया तथा फजीहत होने के बाद भी मंत्री की पत्नी की ही तूती बोलती है। महिला व बाल विकास विभाग मंत्री अनिला भेड़िया के कार्यों पर उनके बेटा जतीन भेड़िया भी दखलअंदाजी के कारण सरकार के लिए मुसीबत बन गए हैं जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण तब देखने को मिला जब बस्तर के आदिवासी नेता व चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम ने विधानसभा में उनकी कारगुज़ारियों को उजागर किया। वहीं वन व विधि मंत्री मोहम्मद अकबर सभी लोगों के चहेते हैं लेकिन उनका कार्य भी उनके भाई करते हैं।
भाजपा शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में भाजपाइयों के साथ सीएम मैडम की चर्चा कांग्रेसी करते थे किन्तु अब वही कांग्रेसी मुंह छुपाते घुम रहें हैं।
जगदलपुर – थाना कोतवाली जगदलपुर क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम व नियंत्रण तथा नशाखोरी पर रोकथाम हेतु आज दिनांक 28.12.2020 को शहर के अलग-अलग स्थान-दलपत सागर,लालबाग व गणपति रिसॉर्ट पास में कुछ असमाजिक तत्वों के द्वारा नशाखोरी कर आपस में लड़ाई झगड़ा कर शहर में शांति व्यवस्था को बाधित करते पाये जाने पर थाना कोतवाली स्टाफ द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय दीपक कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा व नगर पुलिस अधीक्षक महोदय हेमसागर सिदार के मार्गदर्शन में अनावेदकगण 1. फुलनाथ सेठिया पिता मुन्नालाल सेठिया नि0 अनुपमा चौक 2. जुगल ताती पिता चक्रधर ताती नि0 चांदनी चौक 3. सुनील झा पिता कृष्ण कुमार झा नि0 अनुपमा चौक 4. गणेश नेताम पिता स्व0 धनसिंग नेताम नि0 लालबाग 5. निकेशराम पिता केशवराम साहू नि0 कंगोली 6. बबलू साहू पिता पुरन लाल साहू नि0 कंगोली 7. प्रेम पुरानी पिता के0एन0 पुरानी निवासी धरमपुरा 8. विवेक सिन्हा पिता सी0एल0 सिन्हा निवासी लालवाग एवं अन्य के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही धारा 151/107,116(3) जा0फौ0 तहत् इश्तगांशा तैयार किया गया। विधिवत् गिरफ्तारी पश्चात् अनावेदकों को मान0 एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।
बालोद – स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय सुकालू राम करियाम का पोता तामेश्वर करियाम का रोड़ एक्सीडेंट में हुआ मौत। ग्राम नारागाँव में शोक का लहर बताया जा रहा है की तामेश्वर करियाम उम्र लगभग 37 वर्ष पिता लेखसिह करियाम दिन रविवार को सगाई कार्यक्रम में गया हुआ था। तभी रात में घर आते वक्त ग्राम कठोली बिरेझर थाना जिला धमतरी के मुख्य मार्ग के पास अचानक हुए एक्सीडेंट से दो लोग दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
जिसमे मोटरसायकल चालक तामेश्वर करियाम का तत्काल मौके पर ही मौत हो गया तो वहीं पीछे बैठा गैंद लाल नेताम उम्र लगभग 30वर्ष पिता सुरेंद्र नेताम ग्राम कांडे निवासी के सर में गंभीर चोट आने के वजह से घायल है। जिसे तत्काल 108के माध्यम से रायपुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है जहाँ पर इलाज जारी है। तामेश्वर करियाम बीएसएफ का जवान था। जो छुट्टी में अपने घर ग्राम नारागाँव आया हुआ था।
जो एक सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस घर आ रहे थे। तभी अचानक दूसरे गाड़ी से उनका टक्कर हो गया जिससे उनका मौत हो गया। बिरेझर पुलिस ने मामला दर्ज कर लाश का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा। जिसके बाद में उनका अंतिम संस्कार का कार्यक्रम गृहग्राम में किया गया।
जगदलपुर। चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम को नगरनार डी- मर्जर मामले में बड़ा बयान देते हुए विधानसभा में कहा कि नरेंद्र मोदी आदिवासियों को हल्के में मत ले यदि नगरनार स्टील प्लांट डी-मर्जर मामले में केंद्र सरकार अपने निर्णय वापस नहीं लेती है तो आदिवासी फिर दूसरा भूमकाल करने से नहीं चुकेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार की कमेटी ने नगरनार इस्पात संयंत्र के विनिवेश को मंज़ूरी दी थी।2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था कि यदि विनिवेश किया गया तो नक्सलवाद को क़ाबू करना मुश्किल हो जाएगा. अभी 2020 में ही डीमर्जर का फ़ैसला लेते हुए तय किया गया है कि सितम्बर 2021 के पहले कर लेना है.
उन्होंने कहा कि आदिवासियों ने सार्वजनिक उपक्रम के लिए अपनी ज़मीने दी हैं. केंद्र के विधि सलाहकर ने भी कहा है कि नगरनार संयंत्र को नहीं बेचा जाए. परिसम्पत्तियों को बेचने का काम केंद्र सरकार कर रही है. ओएनजीसी क्या घाटे में चल रहा है? शिव रतन शर्मा कह रहे थे एमटीएनएल का निजीकरण किया, मैने पहले भी कहा था, ये लोग गोएबलस से प्रभावित लोग हैं. एमटीएनएल का विनिवेश हुआ ही नहीं. ये मोदी सरकार ने ही बताया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा प्लांट से जमीन लेकर हमने किसानों को लौटाई है. आज वहाँ के आदिवासी किसान सारे लाभ उठा रहे हैं. बीते दो सालों में हम बस्तर के आदिवासियों का विश्वास जीतने का काम कर रहे हैं, चाहे जमीन लौटाने की बात हो, चाहे तेंदूपत्ता बोनस देने की बात हो, चाहे नौकरी देने की बात हो. यही वजह है कि बस्तर में नक्सली पॉकेट में सिमट गए हैं. ये लोग बोल नहीं पा रहे हैं कि ये बस्तर के आदिवासियों के साथ हैं या केंद्र सरकार के साथ. नगरनार इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ सरकार ख़रीदेगी.
मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों ने कहा, बीजेपी की ओर से यह प्रस्ताव आया है कि जैसे बाल्को के वक़्त अजीत जोगी ने ख़रीदी का प्रस्ताव दिया था, हम भी विपक्षी सदस्यों के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं. छत्तीसगढ़ नगरनार इस्पात संयंत्र ख़रीदने का प्रस्ताव रखती है. नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि, हम दिल्ली जाकर इस संबंध में बात करेंगे. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विनिवेश के हालात में छत्तीसगढ़ सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र चलाएगी, इसे निजी हाथों में जाने नहीं दिया जाएगा.
संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में यह संयंत्र अभी शुरू भी नहीं हुआ है, और केंद्र सरकार ने इसके विनिवेश को मंज़ूरी दी है. बस्तर के बैलाडीला का बड़ा हिस्सा आयरन ओर से भरा है, यहाँ से आयरन ओर का उत्खनन होता है, जिससे देश के कई उद्योग चलते हैं. बस्तर समेत पूरा छत्तीसगढ़ चाहता था कि स्थानीय स्तर पर संयंत्र लगे जिसका फ़ायदा राज्य के लोगों को मिले. एनएमडीसी ने नगरनार में बीस हजार करोड़ रुपए का संयंत्र लगाया तब उम्मीद थी कि राज्य को इसका फ़ायदा होगा लेकिन केंद्र सरकार ने किन उद्देश्यों के लिए इसका विनिवेश किया ये समझ के परे हैं.
रविंद्र चौबे ने कहा कि सरकार ने उदारता के साथ ज़मीन का अधिग्रहण किया था. बस्तर के लोगों में भी उम्मीद के साथ लाल आतंक वाले इलाक़े में इसकी सहमति दी थी. लोगों ने पब्लिक सेक्टर के संयंत्र के लिए इसकी मंज़ूरी दी थी. उद्योग के लिए 610 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण किया गया था, इसमें से केवल क़रीब सौ हेक्टेयर ज़मीन का ही हस्तांतरण एनएमडीसी को किया गया है शेष ज़मीन अब भी राज्य सरकार के अधीन है. पब्लिक सेक्टर के लिए नगरनार संयंत्र को तमाम तरह की मंज़ूरी दी गई थी न कि निजी सेक्टर के उद्योग के लिए ये अनुमति दी गई.
उन्होंने कहा कि ये इलाक़ा पेसा क़ानून प्रभावित इलाक़ा है. स्थानीय आदिवासी यदि इस निजीकरण का विरोध करेंगे तो हमारे लिए भी मुमकिन नहीं हो पाएगा. बस्तर में समानांतर सरकार चल रही है. बावजूद इसके स्थानीय स्तर युवाओं को बेहतर की उम्मीद है. आज यदि सार्वजनिक क्षेत्र के कारख़ाने को निजी हाथों में दे दिया गया तो हमें चरमपंथियों से लड़ना होगा. हम वहाँ की श्रम संपदा को सीधे रोज़गार से जोड़ना चाहते हैं. यहाँ के लोगों को फ़ायदा मिल जाता. निजीकरण को रोकना बस्तर की नैसर्गिक वातावरण को बचाने के लिए बेहद ज़रूरी है. बस्तर का जनजीवन बेहद आंदोलित है. यदि उनका सपना टूटा तो केंद्र सरकार के लिए भी निपटना आसान नहीं होगा. बालको का निजीकरण लोगों ने देखा है, जिसका फ़ायदा छत्तीसगढ़ को कभी नहीं हुआ.
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विनिवेश की सूची में नगरनार संयंत्र दिखता है. सरकार बनी तब उत्साह से लबरेज आपके स्वर हमने सुने थे. आपने कहा था कि बस्तर को औद्योगीकरण से बचाया, तब क्या टाटा प्लांट के हिस्से ज़मीन चढ़ गई थी? विज्ञापन में छपा कि टाटा से ज़मीन लेकर आदिवासियों को लौटाया. यह पूछना पड़ेगा कि ज़मीन किसानों की मिल्कियत में चढ़ी है या नहीं? नरसिम्हा राव की मृत्यु के 16 साल बाद पार्टी ने श्रद्धांजलि दी है, लेकिन चंद्रशेखर सरकार के दौरान पचास टन सोना गिरवी रखना पड़ा था.
चंद्राकर ने कहा कि इस विनिवेश की नीति को कांग्रेस ने जन्म दिया है. मैं ऐसे दस परियोजनाओं को गिना दूँगा. अटल जी की सरकार के बहुत पहले ये बुनियाद कांग्रेस ने डाली. औद्योगिकीकरण के लिए बस्तर में अभी सरकार ने कई एमओयू हुए, लेकिन ज़मीन सिर्फ़ एक कम्पनी को दी है. निजी सेक्टर के उद्योग लगाने सरकारों में मुक़ाबला चल रहा है. नगरनार इस्पात संयंत्र को रोकने हमने अपनी सरकार के दौरान भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. बाल्को के विनिवेश के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने यह प्रस्ताव रखा था कि बाल्को का शेयर छत्तीसगढ़ सरकार खरीदेगी.
उन्होंने कहा कि आज यह भविष्य के गर्त में है कि नगरनार को लेकर क्या होगा, लेकिन जब भी फ़ैसला होगा राज्य सरकार ये साहस दिखाए कि छत्तीसगढ़ सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र चलाएगी. वहीं रविंद्र चौबे की टिप्पणी पर कहा कि एक मंत्री की भाषा ऐसी नहीं होनी चाहिए कि यदि निजीकरण हुआ तो बस्तर में गड़बड़ी हो जाएगी. आंदोलन हो जाएगा. केंद्र को भी निपटना कठिन होगा.
कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि बस्तर के युवाओं का सपना था कि वहाँ नगरनार इस्पात संयंत्र बनेगा. यह सपना आज समाप्त हो रहा है. संयंत्र लगने के पहले इसे बेचने की तैयारी की जा रही है. यह सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी है, इसमें केंद्र सरकार का एक भी पैसा नहीं लगा है. मोदी सरकार चाय बेचते हुए देश बेचने में लगे हुए हैं. पेट्रोलियम कम्पनी बेच रहे हैं, एलआईसी बेचने में लगे हैं. ये कम्पनियाँ नेहरू, इंदिरा ने बनाई हैं. नगरनार इस्पात संयंत्र में एनएमडीसी क़रीब सत्रह हज़ार करोड़ रुपए का निवेश कर चुका है.
मरकाम ने कहा कि केंद्र के मंत्री प्रकाश जावडेकर ने अपने बयान में कहा है कि नगरनार ने पहले एनएमडीसी को अलग किया जाएगा फिर उसका विनिवेश होगा. केंद्र अपना शेयर वापस ले लेगी. डीमर्जर के इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की दी गई मंज़ूरी से बस्तर के लाखों आदिवासियों की उम्मीदों पर गहरा धक्का लगा है. छत्तीसगढ़ इस बात से उत्साहित था कि राज्य के संसाधन से राज्य के लोगों का विकास होगा. लेकिन केंद्र की नियत से साफ़ ज़ाहिर है कि चंद उद्योगपतियों को देना चाहती है. ज़मीन देते वक्त किसानों ने एनएमडीसी पर विश्वास किया था.
शिवरतन शर्मा ने कहा कि विनिवेश की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिए हुई. जब रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, तब भी उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था, अभी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पत्र लिखा है. जब इसकी कार्ययोजना बनी तब 12 हज़ार 450 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. एमटीएनएल मनमोहन सरकार के वक़्त बिका था, विदेश संचार निगम बेचा गया. मनमोहन सरकार के वक़्त लक्ष्य रखा जाता था कि पचास से साठ हज़ार करोड़ रुपए अपने लिए रखना है. जैसा प्रस्ताव अजीत जोगी लेकर आए थे, वैसा प्रस्ताव लेकर आइए. तब इसके संचालन की नीति राज्य सरकार अपने हिसाब से बनाएगी. हम सर्व सम्मति से सदन में इसका समर्थन करेंगे. राजनीति करने प्रस्ताव लाना उचित नहीं है.
बीजेपी विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि बस्तर में उद्योग लाने के लिए सरकार नीतियाँ बना रही है. उद्योगों को छूट दिए जाने का वादा कर रही है. तो फिर निजीकरण का विरोध क्यों किया जा रहा है? छत्तीसगढ़ में जब कोल ब्लाकों का आक्शन हो रहा था केंद्र के मंत्री यहाँ आए. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुछ ब्लॉक को लेकर आपत्ति जताई तत्काल उन ब्लॉक को निरस्त किया गया. बातचीत से सारे रास्ते बन सकते हैं. सरकार एक कम्पनी बना ले. बीड में शामिल होकर केंद्र सरकार से अनुरोध कर ले. प्लांट प्रोफ़िट में चलेगा यह पता है तो अनुरोध कर इसे राज्य सरकार चला ले.
जेसीसी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि बाल्को की घटना याद है. अरुण शौरी मंत्री थे. तब मैंने एक बयान दिया था कि बाल्को का निजीकरण ग़लत है, लेकिन यह हुआ. निजीकरण का हम विरोध नहीं कर रहे, लेकिन किसी दूसरी जगह करें. ये बस्तर है बस्तर. तालाब खुदा नहीं मगरमच्छ पहले आ गए हैं. जैसे भिलाई स्टील प्लांट पर हम गर्व करते हैं, वैसे ही नगरनार प्लांट पर हमें गर्व होता. बस्तर और कश्मीर में बहुत सी समानताएं हैं. वहाँ आतंकवादी आते हैं, यहाँ हमारे ही नौजवान खून की नदियाँ बहते हैं. बस्तर खूबसूरत है, हालात सामान्य होते तो देश का सबसे बड़ा चित्रकूट वाटरफाल देखने देशभर से लोग आते. नगरनार का बेचना मतलब बस्तर के गरीब आदिवासियों के भविष्य को तस्तरी में नक्सलियों के सामने रखना है.
धर्मजीत सिंह ने कहा कि बस्तर के लोगों का दिल जितना ज़रूरी है. इस प्रक्रिया में नगरनार संयंत्र पहला काम था. मुख्यमंत्री जी से मैं आग्रह करता हूँ कि वह खुद प्रधानमंत्री से मिले, गृहमंत्री से मिलें. बस्तर का ट्रेंड है कि वहाँ काम करने वाले ठेकेदार नक्सलियों को लेवी देते हैं. प्राइवेट सेक्टर के लोग लाइसनर रखते हैं. ये कारख़ाना तो बिकने नहीं दिया जाएगा. छत्तीसगढ़ की जनता मुख्यमंत्री के साथ है. रोज़गार से ही बस्तर शांत होगा. ये विनिवेश नहीं होना चाहिए. बस्तर संवेदनशील क्षेत्र है. तलवार की धार पर चल रहा है बस्तर. केंद्र को जहां विनिवेश करना है वहाँ करे. रेल का कर ले, पोर्ट का कर ले लेकिन बस्तर को छोड़ दें.
कांग्रेस विधायक राजमन बेंजामिन ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र के लिए आदिवासियों ने अपनी ज़मीन दी है, यदि वहाँ विनिवेश हुआ तो बस्तर में एक और भूमकाल आंदोलन होगा. बस्तर का आदिवासी अपने हक़ की लड़ाई लड़ेगा।
महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन भानपुरी…..केदार कश्यप किसानों के साथ
किसान बारदाना खरीद कर धान बेचने विवश, कहा गई किसान हितों की ढोंग रचने वाली कॉग्रेस की सरकार :- केदार कश्यप
पवित्र गँगाजल हाथ में लेकर किसानों को झूठ बोलना कॉग्रेस सरकार को पड़ेगा महँगा, किसानों में भुपेश सरकार के विरुद्ध आक्रोश
भाजपा मंडल भानपुरी के नेतृत्व में धान खरीदी में अनियमितता को लेकर एक दिवसीय धरना, महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन
जगदलपुर।राज्य शासन द्वारा धान खरीदी में बरती जा रही अनियमितताओं के कारण आज भाजपा मण्डल भानपुरी के कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने एक दिवसीय धरना दिया । धरना स्थल पहुंचे किसानों ने धान खरीदी केन्द्रों में हो रही परेशानियों एवं अव्यवस्थाओं को सभी के समक्ष रखा । इस अवसर पर बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने भूपेश सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि अगर धान खरीदी में हो रही अनियमितताओं को जल्द दूर नहीं किया गया तो भाजपा किसानों के साथ सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी और किसानों को
उनका हक दिलवाके रहेगी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में आक्रमकता के साथ कहा कि किसानों के हक लिये हम अंतिम सांस तक लडेंगे और उन्हें उनका हक दिलवा के रहेंगे । श्री कश्यप ने आगे कहा कि धान खरीदी में लेटलतीफी एवं अव्यवस्थाओं से भूपेश बघेल की मंशा साफ नजर आती है कि सरकार को किसानों का धान खरीदना ही नहीं हैं ।भाजपा के प्रदेश महामंत्री किरण देव ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि जनता को झूठे वादे करके सरकार बनाने का और सरकार में आने के बाद गुमराह करने का उन्होंने कहा कि दो साल निकल चुके हैं इस सरकार को लेकिन अभी तक राज्य में किसी भी प्रकार के विकास कार्य नहीं हो रहें हैं किसानों के साथ साथ हर वर्ग इस सरकार से त्रस्त हो चुका है।
धरना स्थल पर भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंग मण्डावी , श्रीनिवास मिश्रा , भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय पांडे, मण्डल अध्यक्ष संतोष बघेल एवं किसानों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य निर्देश दिवान ,जनपद सदस्य खुलेश्वर कश्यप,भोलाराम मंगलूराम,अंतुराम,सरपंच बुधुराम,उमाकांत, फकीर कश्यप, दिलीप पान्नीग्राही , रमेश बघेल , खितेश मौर्य, असगर खान,असोक राव लुदर सेठिया, सुदुराम,पवन,राधाकृष्ण पान्नीग्राही, बरातू , लालसिंह बघेल,गणेश सेठिया,रैनूराम,लच्छीन,हरबंधू, दीपक , प्रहलाद, मुकेश, शीबू, शेख सिराजुद्दीन, आसमन,रामप्रसाद एवं काफी संख्या में मण्डल के कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के किसान काफी संख्या में उपस्थित थे। संचालन मण्डल महामंत्री प्रवीण सांखला ने किया ।
जगदलपुर।शहर के हृदय स्थल चांदनी चौक में मैं स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय व्यावसायिक परिसर /बेला कोठा में हो रहे मैंखाने और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा की जानकारी सुरेश गुप्ता भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष को दी गई, और आग्रह किया गया कि आप आकर इसका अवलोकन करें । सुरेश गुप्ता ने अपने भाजपा के नेताओं कार्यकर्ता के साथ चांदनी चौक स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय व्यवसायिक परिसर का निरीक्षण किया ।उन्होंने अवलोकन के पश्चात नगर निगम पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि, कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में और जगदलपुर निगम में कांग्रेसी महापौर के द्वारा कोई नई व्यवस्था या मूलभूत शहर की जरूरतों के लिए निर्माण तो नहीं करा रहे हैं, जो पूर्व में मिली धरोहर को भी देखरेख के बगैर नष्ट करते जा रहे हैं ।
यह व्यवसायिक परिसर से सिटी कोतवाली मात्र 400 मीटर की दूरी पर स्थित है और दुर्भाग्य है कि यहां शाम होते ही असामाजिक तत्वों का और शराबियों का यह आशियाना बन जाता है ।इस और महापौर का किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जाना शहर की जनता के साथ धोखा है।दीनदयाल जी के नाम से जो परिसर बनी है इसमें निगम के द्वारा धन अर्जित हेतु दुकानों का विक्रय किया गया और आधे से ज्यादा बिल्डिंग निगम के आधिपत्य में है, ऐसे में निगम की जिम्मेदारी बनती है कि अपनी धरोहर/संपत्ति को ध्यान दें, उसके रखरखाव की चिंता करें ! इस
परिसर के अवलोकन के पश्चात सुरेश गुप्ता ने भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं के साथ निगम आयुक्त से मुलाकात कर इस परिसर के देखरेख/वैकल्पिक व्यवस्था करने हेतु बात कही और इस परिसर को तत्काल पूरी तरह से सफाई करने की मांग की, और उन्होंने कहा कि, यदि निगम इसे 7 दिनों के अंदर पूरी तरह से सफाई नहीं करेगी तो भाजपा कार्यकर्ता इस परिसर की सफाई करेगा और, निगम की गैर जिम्मेदार सरकार के खिलाफ धरना भी देंगे ! निगमायुक्त ने आश्वस्त किया की इसकी सफाई तत्काल की जाएगी और इसके वैकल्पिक व्यवस्था जिससे आने वाले समय में इस परिसर की मर्यादा को बनाए रखें ऐसी व्यवस्था की जाएगी !
इसके पश्चात सुरेश गुप्ता एवं भाजपा नेताओं ने बस्तर एसपी दीपक झा से, मुलाकात कर दीनदयाल उपाध्याय व्यावसायिक परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा के साथ-साथ, शहर के हर वह स्थान जहां पर शाम 7:00 बजे के बाद मैंखाना के रूप में लोग सार्वजनिक स्थल का उपयोग करते हैं, उन जगहों पर भी पुलिस की निगरानी हेतु बात कही ! इसमें गंगा मुंडा तालाब, क्राइस्ट कॉलेज से बिनाका माल तक को जोड़ने वाली सड़क, दलपत सागर, महात्मा गांधी व्यवसायिक परिसर गीदम रोड एवं स्टेडियम जैसे सार्वजनिक और व्यवसायिक जगहों पर पुलिस की गश्त बढ़ाने एवं असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की ! इस अवसर पर पार्षद राजपाल कशेर राकेश तिवारी प्रकाश झा रोहित खत्री गणेश काले लक्ष्मण झा अमित तिवारी उपस्थित थे
रायपुर/महासमुंद – अमीर बनने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते ऐसा ही एक मामला महासमुंद जिले का है जिसमे एक 21 साल के युवक ने कामधाम छोड़ यू-ट्यूब देख घर में ही नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया और कामयाबी मिली तो फिर आगे पीछे क्या देखना बस लग गए नोट छापने |
प्राप्त जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले के आरंग निवासी तेजेश्वर दास मानिकपुरी 21 वर्षीय ने यू-ट्यूब में देखा कि बिना कंप्यूटर किस प्रकार नोट छापा जा सकता है और फिर क्या था उसने कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर लेकर एक 50 रुपये का नोट छाप कर देखा और उसे बाजार में चलाया और किसी को ज्यादा शक नहीं हुआ तो विश्वास बढ़ गया और देखते ही देखते लाखों के नकली नोट छाप लिए |
जब इस धंधे में कामयाबी मिली तो उसने अपने अन्य दोस्तों को भी इस काम में शामिल कर लिया योगेन्द्र दास मानिकपुरी और रायपुर के अविनाश फुले | इस प्रकार उन्होंने नकली नोट खपाने बाज़ार में निकल पड़े |
जल्दी अमीर बनने के लालच में तीनों युवकों ने इस नादानी को धंधा बना लिया। युवकों ने महासमुंद के कई हिस्सों में नकली नोट चलाने शुरू कर दिए। रविवार को भी नोटों का बड़ा बंडल लेकर इसे खपाने की ताक में थे कि तभी पुलिस को एक मुखबीर ने इनकी जानकारी दे दी। पुलिस ने इन्हें पकड़ा युवकों के पास से 2000, 500, 200, 100 और 20 रू. के नकली नोट मिले हैं। तीनों आरोपियों कुल 4,32,860 रुपये, एचपी कंपनी का कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, टेप, कलर पेन, इंक प्रिंटर , 3 नग मोबाइल मिले हैं।
डौंडीलोहारा – डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र में पारिवारिक वाद-विवाद लडाई-झगडा की बात पर लोहे के सब्बल से सिर व चेहरे पर हत्या करने की नियत से प्राण घातक हमला कर हत्या कर दिया है । घटना 27.12.2020 रात्रि 10.30 की है |
मृतक गैदलाल देवांगन का बड़ा बेटा अजय कुमार देवांगन 27 दिसम्बर की रात पारिवारिक वाद-विवाद लडाई-झगडा को लेकर अपने साथ लोहे का सब्बल लेकर आया और एक कमरे में अपने पिता से वाद-विवाद करने लगा और जब बात आगे बढ़ी अजय कुमार देवांगन ने अपने साथ लेकर आये लोहे के सब्बल से अपने पिता पर सिर व चेहरे पर प्राण घातक वार किया जिससे गैदलाल देवांगन खून से लथपथ वहीँ गिर पड़ा और वहां से निकल गया और जब छोटे भाई राजेश कुमार देवांगन ने अन्दर जाकर देखा तो उनका पिता खून से लथपथ पड़ा हुआ था मामला देख उसने तुरंत डौंडीलोहारा थाने में पूरी घटना की सुचना दी |
सुचना प्राप्त होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी0आर0पोर्ते एवं नगर पुलिस अधीक्षक अब्दुल अलीम खान को अवगत कराया गया एवं वरिष्ठ अधिकारिगणो के निर्देशन एवं मार्गदर्शन पश्चात् प्राप्त सूचना की तस्दीक हेतु घटना स्थल ग्राम खैरीडीह हमराह स्टाफ के रवाना हुआ।
घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया एवं मृतक गैदलाल देवांगन के शव का निरीक्षण किया गया, मृतक का शव मकान के कमरे के अंदर पडा हुआ था व मृतक का खून फर्श पर फैला हुआ था, सिर व चेहरे पर धारदार हथियार के चोट के निशान थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 283/2020 धारा 302 भा.द.वि. का अपराध आरोपी अजय कुमार
देवांगन पिता गैदलाल देवांगन उम्र 30 वर्ष साकिन खैरीडीह थाना डौंडीलोहारा जिला बालोद (छ0ग0 के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौरान विवेचना आरोपी का पता तलाश किया गया जो घर पर ही मिला जिसे पूछताछ हेतु पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर पूछताछ किया गया, आरोपी द्वारा परिवारिक लडाई-झगडा वाद-विवाद कि बात पर लोहे के सब्बल से अपने पिता के सिर व चेहरे में प्राण घातक हमला कर हत्या करना स्वीकार किया घटना में प्रयुक्त लोहे के सब्बल को आरोपी के कब्जे से जप्त किया गया हैं। आरोपी को दिनांक 28.12.2020 को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया हैं।
दिनाक 27/12/2020 को छत्तीसगढ़ एथ्लेटिक्स संघ का वार्षिक आम सभा की गई वह आगामी 4 वर्ष के लिए छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ का गठन किया गया जिसमे प्रदेश के तमाम जिले के अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष उपस्थित थे जिसमे सभी प्रदेश के पदाधिकारियों के सहमति से निर्विरोध प्रदेश कार्यकारिणी का गठन दिनाक 27/12/2020 सुबह – 10.30 बजे स्थान – रिगल होटल , बिलासपुर (छ. ग.) में हुआ, जिनके नाम , पद , व जिला दर्शया गया है –
कार्यकारिणी सदस्य
1. अध्यक्ष – जी. एस. बम्बरा (रायपुर)
2. वरि. उपाध्यक्ष – अमरनाथ सिंह (बिलासपुर)
3. उपाध्यक्ष – रवि धनगर (रायपुर )
4. उपाध्यक्ष – सुरेश वर्मा (बालोद )
5. उपाध्यक्ष – शरद पारकर (गरियाबंद)
6. उपाध्यक्ष – सुरेश क्रिस्टोफर (कोरबा)
7. उपाध्यक्ष – के निवास (दुर्ग)
8. उपाध्यक्ष – सुशील मिश्रा (पेंडरा)
9. उपाध्यक्ष – मनोज चंद्राकार (महासमुद)
10. सह उपाध्यक्ष – पापिनदर सिंह (सरगुजा)
11. सह उपाध्यक्ष – आलोक मिश्रा ( बलोदा बाज़ार )
12. सह उपाध्यक्ष – अरुण पाल (बेमेतरा)
13. सह उपाध्यक्ष – रविंदर पटनाइक (जगदलपुर)
14. सह उपाध्यक्ष – परमेश्वर राम भगत (जशपुर)
15. सह उपाध्यक्ष – सी एस बघेल (रायपुर)
16. सचिव – राधाकृष्णन पिल्लई (दुर्ग)
17. वरि. स्युंक्त सचिव – शंकर नारायण दलाई (दुर्ग)
18. स्युंक्त सचिव – सु चारुलता (महासमुद)
19. स्युंक्त सचिव – संजीव डे (कोरिया)
20. स्युंक्त सचिव – ई टी राज (दुर्ग)
21. स्युंक्त सचिव – प्रतीक कृष्णन(दुर्ग)
22. स्युंक्त सचिव – पावन धनगर (रायपुर)
23. स्युंक्त सचिव – अदित्य सिंह (रायगढ़)
24. स्युंक्त सचिव – जी रवि राज (दुर्ग)
25. कोषाध्यक – जगपाल सिंह (रायपुर)
26. सदस्य – रणविजय प्रताप सिंह (राजनंदगाव )
27. सदस्य – के नू (बिलासपुर)
28. सदस्य – बलबीर सिंह (जांजगीर)
29. सदस्य – आशा राधाकृष्णन (दुर्ग)
30. सदस्य – हेमंत सिंह परिहार (बिलासपुर )
31. सदस्य – मुकेश अग्रवाल(सूरजपुर)
32. सदस्य – प्रभा जैन (कांकेर)
33. सदस्य – आलोक गुप्ता (बलोदा बाज़ार )
34. मुख्य प्रशिक्षक(छत्तीसगढ़) – पी जी जय कृष्णन (बिलासपुर )
35. तकनीकी चेयरमैन – पी जे सबस्तियन (दुर्ग)
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के ओर से परवेक्षक के रूप मे सी डी सिंह झारखंड से उपस्थित थे एवं छतीसगढ़ के चुनाव के लिए रेटर्निंग ऑफिसर के रूप मे संजय कुमार रावत उपस्थित थे खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ओर से ए एक्का सहयाक संचालक उपस्थित थे परवेक्षक के रूप मे छतीसगढ़ ओलंपिक के ओर से डॉ मनीष वास्तव स्युक्त सचिव छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपस्थित थे रेटर्निंग ऑफिसर , एथ्लेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया , खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के देख रेख मे चुनाव सम्पन्न कराया गया आगामी दिनो के लिए छतीसगढ़ एथलेटिक्स संघ के कार्य करनी इस प्रकार से कार्य को कार्यान्वित करती रहेगी जिसमे प्रतियोगिता का आयोजन करना , खिलाड़ियो को प्रशिक्षण प्रदान करना व चुने हुवे खिलाड़ियो को राष्ट्रिय स्तर के प्रतियोगिता मे भाग लेने के लिए प्रदेश के टीम के ओर से निरंतर सहभागिता कराते रहना I
दल्लीराजहरा – वार्ड क्रमांक 24 स्थित स्थानीय साहू सदन में माननीय मोहन मंडावी जी सांसद कांकेर लोकसभा क्षेत्र का तहसील साहू संघ राजहरा द्वारा पुष्प गुच्छ ,शाल एवम श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया एवम वार्ड क्रमांक 24 स्थित स्थानीय सामुदायिक भवन में किचन हॉल निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करने ज्ञापन (मांग पत्र) सौंपा गया। तहसील साहू संघ के अध्यक्ष तोरनलाल साहू ने बताया कि दल्ली राजहरा नगर के वार्ड क्रमांक 24 स्थित
सामुदायिक भवन का निर्माण सर्व समाज के सामाजिक एवम अन्य कार्यक्रमो के लिए कराया गया है।इस भवन पर शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं हेतु शिविर तथा प्रशिक्षण व अन्य कार्यक्रम शासन प्रशासन द्वारा समय समय पर किया जाता है।महिला एवम बाल विकास विभाग द्वारा अनेकों बार प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है तथा केंद्र के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भी इस सामुदायिक भवन में सम्पन्न हुआ है।
सामुदायिक भवन में किचन हॉल नहीं होने के कारण भोजन व्यवस्था करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए तहसील साहू संघ राजहरा द्वारा वार्ड क्रमांक 24 में स्थित सामुदायिक भवन हेतु माननीय सांसद महोदय मोहन मंडावी जी से सांसद निधि से राशि स्वीकृत करने हेतु निवेदन पूर्वक मांग पत्र सौंपा गया। माननीय सांसद द्वारा तहसील साहू संघ के मांग पत्र पर विचार करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में अपने सांसद निधि से राशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने राधेश्याम सचिव, गोविंद साहू उपाध्यक्ष, राजेशकुमार साहू संगठन सचिव , श्री शीतल साहू कार्यालय सचिव, श्री जलस राम साहू संरक्षक न्याय प्रकोष्ठ,तहसील साहू संघ ,श्रीमती अंजू साहू संगठन सचिव जिला साहू संघ बालोद श्रीमती द्रोपती साहू संयुक्त सचिव तहसील साहू संघ परिक्षेत्रिय अध्यक्षगण श्री चेतनलाल साहू श्री खूबलाल साहू एवम रामेश्वर साहू उपस्थित थे।