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दल्ली पालिका द्वारा “पी एम स्वनिधि लोक कल्याण मेला शुभारंभ

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पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत लोक कल्याण मेला का आयोजन तोरण लाल साहू अध्यक्ष नगर पालिका दल्ली राजहरा के आतिथ्य मे शुभारंभ किया गयाl लोक कल्याण मेला में नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने कहा कि यह योजना जून 2020 में प्रारंभ की गई थी जिसमें समस्त शहरी पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी,ऋण सहायता, नियमित ऋण अदायगी के प्रोत्साहन एवं डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने हेतु संचालित पुनर्गठित प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना मे शहरी पथ विक्रेताओं को प्रथम 10हजार को बढ़ाकर 15 हजार, द्वितीय ऋण की राशि 20हजार को बढ़कर 25हजार किया गया है एवं तृतीय ऋण की राशि 50,000 रुपए तक का लोन दिए जाने का प्रावधान है lमुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र वारडेकर ने बताया कि शहरी पथ विक्रेता सड़क के किनारे पर रहते हुए सस्ते दामों पर रोजमर्रा का सामान उपलब्ध कराते हैं और इसी से अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं l

इन शहरी पथ विक्रेताओं का व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है जिन्हें पुन पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री शहरी पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि पीएम स्व निधि योजना की शुरुआत की गई है जिससे शहरी पथ विक्रेता जिन्हें रोलिंग के लिए अधिकतम ₹50000 तक का राष्ट्रीय कृत बैंकों द्वारा लोन उपलब्ध कराया जाएगाl इसका फायदा योजना से जुड़ कर शहरी पथ विक्रेता उठा सकते हैंl प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत पथ विक्रेता लोन हेतु आवेदन कर सकते है l ” लोक कल्याण मेला के अंतर्गत विशेष शिविर का आयोजन नगर पालिक मे किया गयाl शहरी पथ विक्रेता 22 सितंबर पानी टंकी के पास वार्ड क्रमांक 9, 24 सितंबर दुर्गा मंच वार्ड क्रमांक 20 एवं 25 सितंबर शहीद चौक मंच वार्ड क्रमांक 14, समय 10 बजे से 2बजे तक शिविर में आकर योजना का लाभ उठाये एवं कार्यालयीन समय में कार्यालय के परियोजना विभाग में पीएम स्व निधि ऋण हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं l

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत लोक कल्याण मेला में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के मिशन मैनेजर केतन नायक,पार्षद सुरेश जयसवाल, सामुदायिक संगठक उमेश्वरी नेताम, लक्ष्मी सिन्हा, अभिजीत भगत उपस्थित रहेl

हॉस्टल में बच्चों को गंदी फिल्में दिखाकर वैसा ही कृत्य करने मजबूर करता था अधीक्षक

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  •  जांच में पुष्टि होने पर किया गया सस्पेंड

अर्जुन झा

जगदलपुर क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई शिक्षक अपने विद्यार्थियों को अश्लील फिल्में देखने और वैसा ही कृत्य करने मजबूर कर सकता है? मगर बस्तर में यह भी संभव है। यहां का एक हॉस्टल अधीक्षक कुछ ऐसी ही विकृत मानसिकता का निकला है, जो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को न सिर्फ गंदी फिल्में दिखाता रहा है, बल्कि उन बच्चों को वैसा ही कृत्य करने के लिए मजबूर भी करता था। जब पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा तो विद्यार्थियों ने मामले की शिकायत कलेक्टर से कर दी। जांच में बात सही साबित हुई और जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल द्वारा अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया।

हाल ही में हम सभी ने शिक्षक दिवस मनाया, गुरु की महिमा का खूब गुणगान किया, उनका सम्मान भी किया। मगर इसी बीच एक ऎसी घटना सामने आ गई जिसने समूचे शिक्षा जगत का सिर शर्म से झुका दिया है। ऐसा कृत्य करने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि एक शिक्षक है। मामला बस्तर विकासखंड के गोंदियापाल के आदिवासी बालक आश्रम का है। इस आश्रम छात्रावास में तैनात प्रभारी अधीक्षक सुकरू राम बघेल का मूल पद सहायक शिक्षक (एलबी) है। 18 सितंबर को बस्तर कलेक्टर हरिस एस अचानक बालक आश्रम गोंदियापाल का निरीक्षण करने पहुंच गए।निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रभारी अधीक्षक सुकरू राम बघेल द्वारा आश्रम संचालन में घोर लापरवाही बरती जा रही है। आश्रम में निवासरत छात्रों ने कलेक्टर को जानकारी दी कि अधीक्षक सुकरू राम बघेल के द्वारा उनके साथ मारपीट, गाली गलौच की जाती है एवं अभद्र भाषा का उपयोग किया जाता है। बच्चों ने कलेक्टर को यह भी बताया कि अधीक्षक उन्हें अश्लील विडियों दिखाकर उसका नकल करने हेतु प्रेरित किया जाता है। कलेक्टर हरिस एस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रभारी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त ने भी आश्रम पहुंचकर छात्रों के बयान लिए और जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने प्रभारी अधीक्षक सुकरू राम बघेल के कृत्य को छग सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियमों के विपरीत पाते हुए इसे कदाचरण माना। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी अधीक्षक सुकरू राम बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बस्तर निर्धारित किया गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इतने घोर अक्षम्य कृत्य की सजा सिर्फ निलंबन है, क्या इससे बड़ी और कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती? अब देखना है कि जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ऐसे निकृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई करते भी हैं या नहीं?

स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व- संजय पाण्डे

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  • महापौर ने दिलाई शपथ, शहर को सुंदर बनाने का दिया संदेश
  • स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत वाकथान का आयोजन

जगदलपुर:- रजत जयंती वर्ष और स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत आज प्रातः दंतेश्वरी मंदिर परिसर से स्वच्छ वाकथान का आयोजन किया गया। वाकथान मिताली चौक एवं गोलबाजार चौक से होते हुए पुनः दंतेश्वरी मंदिर के सामने संपन्न हुआ।वहीं दंतेश्वरी मंदिर परिसर के आसपास सफाई अभियान चलाया गया। दंतेश्वरी मंदिर के सामने से सफाई अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर महापौर संजय पांडे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य, आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पार्षदगण, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के दलों ने स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने हेतु नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का संदेश दिया।

महापौर श्री संजय पांडे ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। यदि हम अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की आदत डालें तो न केवल हमारा स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हम एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण छोड़ पाएंगे। नगर निगम इस दिशा में सतत प्रयास कर रहा है और हमें इसमें जनभागीदारी की आवश्यकता है।

निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत इस वाकथान का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और उनमें सफाई के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है। नगर निगम लगातार आधुनिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था एवं सफाई तंत्र को मजबूत कर रहा है। लेकिन शहर तभी स्वच्छ बन सकता है जब नागरिक स्वयं आगे आकर इसमें सहयोग करें।

वाकथान के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ एवं स्वस्थ जगदलपुर बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में नगर निगम के एमआईसी सदस्य निर्मल पानीग्राही, लक्ष्मण झा, राणा घोष, त्रिवेणी रंधारी, श्वेता बघेल, पार्षद नेहा ध्रुव, गिरिजा गुप्ता, उर्मिला यादव, आशा साहू, कुबेर देवांगन, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, शशि नाथ पाठक, संजय चंद्राकर, राजा यादव, मीना साहू, सुधा मिश्रा, गीता नाग, किरण दीवान, ममता राणा, रंजीता पानीग्राही, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर रामनरेश पाण्डे, रतन व्यास, अजय पाल सिंह जसवाल, एच वाय कुकड़े, कलविंदर सिंह, कोटेश्वर नायडू, धीरज कश्यप, सुलता महाराणा, विनय श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास, दामोदर कुमार, अभिलाष यादव, अभिषेक तिवारी, मनोज ठाकुर, बंटू पांडे आदि उपस्थित रहे।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का राज्य स्तरीय सम्मेलन प्रारम्भ

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किरंदुल।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी छत्तीसगढ़ का आठवां राज्य सम्मेलन दिनांक 26, 27 जुलाई 2025 को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन के इंद्रजीत सिंह हाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक व राष्ट्रीय सचिव मण्डल सदस्य एनी राजा तथा छत्तीसगढ़ राज्य प्रभारी पी संदोष कुमार राज्यसभा सांसद की उपस्थिति में प्रारम्भ हुआ।

सम्मेलन की शुरुआत में वयोवृद्ध श्रमिक नेता सीआर बक्शी तथा आरडीसीपी राव के द्वारा झंडा रोहण कर शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित करके कम्युनिस्ट पार्टी के क्रांतिकारी शहीदों को याद किया गया।उपस्थित कार्यकर्ताओ की जोरदार नारेबाजी से सम्पूर्ण भवन लाल सलाम और इंकलाब के नारों से गूंजायमान हो गया,

तत्पश्चात सम्मेलन का उद्घाटन खुले सत्र द्वारा किया गया,जिसमें छत्तीसगढ़ के बिरादराना वामपंथी पार्टियों के प्रदेश स्तरीय व राष्ट्रीय स्तरीय नेताओं द्वारा सम्मेलन के सफल होने के लिए सदभावना संदेश प्रस्तुत किया गया।

उद्घाटन सत्र को भाकपा की राष्ट्रीय नेत्री कामरेड एनी राजा,राज्य प्रभारी कामरेड पी संतोष कुमार राज्यसभा सांसद,सीपीएम के नेता धर्मराज महापात्रा,सीपीआईएमएल रेड स्टार के पोलित ब्यूरो मेंबर तुहिन देव, सीपीआईएमएल से नरोत्तम शर्मा,छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा से पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर,एसयूसीआई कम्युनिस्ट के नेताओं द्वारा उपस्थित साथियों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में फासीवादी संकट के दौर में वामपंथी एकता को मजबूत करने व देश में लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा कर फासीवादी ताकतों को परास्त करने का आह्वान किया।राज्य सम्मेलन के विधिवत संचालन हेतु अध्यक्ष मंडल का निर्वाचन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमे राजेश संधू, पवन कुमार वर्मा, मंजू कवासी, जितेंद्र सोरी, रामूराम मौर्य, शैलेश शुक्ला का चयन किया गया।अध्यक्ष मण्डल के गठन के पश्चात प्रदेश सहायक सचिव सत्यनारायण कमलेश द्वारा सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर विभिन्न जिलों से आए 18 प्रमुख साथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सचिव के प्रतिवेदन में संशोधन/ सुधार करने की मांग की गई, जिसे अध्यक्ष मंडल द्वारा स्वीकार कर आवश्यक संशोधन पर चर्चा कराकर प्रतिवेदन को संशोधित किया गया तथा संशोधित प्रतिवेदन को केंद्रीय नेतृत्व को प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया। सहायक सचिव द्वारा सिलसिलेवार आर्थिक संसाधनों की कमी एवं नेतृत्वकारी साथियों की भूमिका पर कटाक्ष करते हुए अपना जवाब प्रस्तुत किया गया।

सम्मेलन के दूसरे दिन तीसरे सत्र में प्रदेश व देश की जन समस्याओं पर्यावरणीय मामलों, छात्र-युवा, मजदूर- किसान, महिला, दलित, आदिवासी,अल्पसंख्यकों पर हमले, जल- जंगल- जमीन के सवाल पर गंभीर चिंतन, मनन करते हुए विभिन्न प्रस्ताव डॉक्टर सोम गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से राज्य सम्मेलन में पारित किया गया।

इसके बाद कॉम. लखन सिंह द्वारा उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा जमा क्रेडेन्सियल फॉर्म का विवरण प्रस्तुत कर बताया कि सम्मेलन में उपस्थित 205 प्रतिनिधियों में से 173 प्रतिनिधियों द्वारा क्रेडेंशियल फॉर्म जमा किया गया है जिसमें से आधे से ज्यादा छात्र -नौजवान है तथा राजनीतिक आंदोलन में जेल जाने वालों की संख्या 20 है जिसमें से बिलासपुर से पवन शर्मा विभिन्न राजनीतिक आंदोलन में 22 बार, वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह 17 बार, डॉ.सोम गोस्वामी 19 बार, संतु राम महंत 15 बार, सी. बक्शी दो बार जेल गए हैं।

क्रेडेंशियल रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के पश्चात 51 सदस्यीय नवीन राज्य परिषद तथा कंट्रोल कमीशन का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया और नवनिर्वाचित राज्य परिषद की तत्काल ही बैठक आहूत की गई, जिसमें कंट्रोल कमीशन के अध्यक्ष अधिवक्ता तिलक पांडे तथा सदस्य आरडीसीपी राव, माखनलाल रजक, विजयलक्ष्मी को चुना गया। साथ ही 13 सदस्यीय सचिव मंडल सदस्यों का निर्वाचन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें के. साजी, राजेश संधू, मंजू कवासी, तिर्ष्या झाड़ी, तिलक पांडे, हरिनाथ सिंह, सत्यनारायण कमलेश, मुकेश बोहरा, जितेंद्र सोरी, फूल सिंह कचलाम, रामू राम मौर्य, अनिल यादव व लखन सिंह को चुना गया तथा नवनिर्वाचित राज्य परिषद का सचिव दंतेवाड़ा के कामरेड के. साजी को चुना गया।निर्वाचन उपरांत नवनिर्वाचित राज्य सचिव के. साजी द्वारा उपस्थित छत्तीसगढ़ के तमाम कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत कर जन आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।

ग्रामीणों की किडनी हो रही है फेल, खेत हो रहे हैं बंजर, बेमौत मर रहे हैं मवेशी

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  •  45 गांवों पर कहर बनकर टूट पड़ा है एनएमडीसी का खतरनाक लाल पानी
  • विक्रम मंडावी के नेतृत्व में 45 गांवों के ग्रामीणों ने उठाई न्याय की आवाज

अर्जुन झा-

जगदलपुर राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की बैलाडीला खदानों से निकलने वाला लाल पानी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के आदिवासियों, उनकी जमीन और मवेशियों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। जहरीला लाल पानी इन गांवों के पेयजल स्त्रोतों में मिलकर ग्रामीणों की सेहत पर बड़ा बुरा असर डाल रहा है। दावा है कि ग्रामीणों की किडनी फेल हो रही है, मवेशी बेमौत मारे जा रहे हैं और खेती की जमीन बंजर हो रही है।इस मानवीय आपदा के खिलाफ ग्रामीण एकजुट होकर सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को लेकर बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में ग्राम हिरोली से लाल पानी न्याय पदयात्रा निकाली है। यह यात्रा शनिवार को जिला मुख्यालय बीजापुर पहुंचेगी। जहां विशाल आमसभा होगी।लाल पानी की समस्या से निजात, पर्यावरण संरक्षण, जल शोधन संयंत्र स्थापना, क्षतिपूर्ति और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

बैलाडीला स्थित राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के लौह अयस्क से अपशिष्ट से रंगा लाल पानी बीजापुर जिले के नदियों, नालों और तालाबों को जहरीला बना रहा है।vलगभग 45 गांवों के ग्रामीण इस लाल पानी की त्रासदी से जूझ रहे हैं। यह खतरनाक ग्रामीणों की खेती, पशुओं और स्वास्थ्य को नष्ट कर रहा है। इस समस्या को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा- एनएमडीसी की खदानों से निकलने वाला यह जहरीला लाल पानी 45 गांवों की जिंदगी तबाह कर रहा है। लोग त्वचा रोग, पेट की बीमारियां और किडनी की समस्याओं से पीड़ित हैं। खेत बंजर हो रहे हैं, और पशु दूषित पानी पीकर मर रहे हैं। पीने का साफ पानी और इलाज की सुविधा तक प्रभावित क्षेत्र में नहीं है। यह सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन का संकट है। प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का दर्द भी कम नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक जमीन और पानी लाल हो गए हैं। धान की फसल बर्बाद हो रही है, और मवेशियों की मौत हो रही है। बच्चों की सेहत खतरे में है, लेकिन एनएमडीसी प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेता। ग्रामीणों का आरोप है कि एनएमडीसी अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही बरत रहा है और इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

मुआवजा दे सरकार: मंडावी

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार और एनएमडीसी प्रबंधन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों को फसलों, पशुओं और जमीन के नुकसान का मुआवजा दिया जाए। साथ ही क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल, स्कूल खोले जाएं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि एनएमडीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रम को लाभ के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

यात्रा में उमड़ी भारी भीड़

लाल पानी न्याय पदयात्रा में भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रा में प्रमुख रूप से बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, प्रदेश महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, पूर्व जिला पंचायत सदस्यद्वय बसंत राव ताटी व सोमारू राम नाग, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, जनपद उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी, जिला पंचायत सदस्य लच्छूराम मौर्य, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बेनहूर रावतिया, जय कुमार नायर, आर वेणुगोपाल राव, महामंत्री सुखदेव नाग, मंगलराना, शैलेश मंडावी, पुरुषोत्तम खत्री, जिला प्रवक्ता राजेश जैन, गंगालूर की सरपंच पायल हेमला, पुरुषोत्तम सल्लूर, रितेश दास, संतोष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में एनएमडीसी की खदानों के लाल पानी से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण, किसान, मज़दूर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हैं।

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टी.ई.टी.) के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करें छत्तीसगढ़ सरकार : शंकर साहू

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रायपुर 01 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में दिए गए आदेश ने देशभर के शिक्षकों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है जिससे कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट)को अनिवार्य कर दिया गया है इस आदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी शिक्षक समुदाय में उहापोह की स्थिति निर्मित हो गई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षकों की नौकरी व पदोन्नति पर खतरा मंडरा रहा है, इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार की तरह सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष- शंकर साहू, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ संयोजक- श्रीमती हीना कश्यप, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष- नरेंद्र देवदास, संजय मेहर, दीपक प्रकाश, प्रदेश संरक्षक- अनिल रामटेक, प्रेमचंद साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष- प्रेमचंद सोनवानी, आनंद साहू, भुनेश्वरी सहारे, प्रदेश प्रवक्ता- हेमलता बढ़ई, प्रदेश महामंत्री संगठन- जितेंद्र साहू, प्रदेश सचिव- अशोक कुमार तेता, प्रदेश कोषाध्यक्ष- तेजराम कामड़िया,प्रदेश महासचिव- भूपेंद्र साहू, रामाधार नायक, प्रदेश मीडिया प्रभारी- रमेश साहू एवं उनकी टीम के टेक्निकल साथियों ने सलाह दिया कि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और केरल की सरकारों की तरह छत्तीसगढ़ सरकार को भी पुनर्विचार याचिका तैयार करने की घोषणा की जाने चाहिए क्योंकि यह फैसला 2011 से पहले नियुक्त हुए राज्य के लगभग 70000 से अधिक शिक्षकों को प्रभावित करेगा और यदि यह फैसला छत्तीसगढ़ में लागू होता है तो बड़े पैमाने पर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा एवं उनके नौकरी के साथ-साथ विद्यार्थियों की अध्यापन व्यवस्था भी अस्थिर हो जाएगी। वर्तमान में युक्तियुक्तकरण होने के कारण विद्यालय में वैसे भी शिक्षकों की संख्या कम हो चुकी है जिससे शिक्षा के स्तर में भी गिरावट रहा है।

23 अगस्त 2010 की एन.सी.टी.ई. अधिसूचना में यह स्पष्ट उल्लेख है की टेट का प्रावधान आर.टी.ई. अधिनियम 2009 के लागू तारीख से पहले नियुक्त शिक्षकों पर नहीं होगा। यह शिक्षकों के अधिकारों का उल्लंघन है। शिक्षक संगठनों ने सरकार से यह अपील किया है कि वह तत्काल पुनर्विचार याचिका लगाए ताकि शिक्षक मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं, उससे बाहर आकर अपना शिक्षकीय कार्य बेहतर ढंग से करते हुए बच्चों को अध्यापन कार्य करवा सके। साथ ही प्रदेश में जिस प्रकार से पूर्व में जब भर्ती हुए तो जो शिक्षक बी.एड. नही किए थे, उन्हें ब्रिज कोर्स 20 दिनों में कराया गया था व नान डी. एड./ बी. एड. शिक्षकों को विभागीय डी. एड. कराया गया था, ठीक उसी प्रकार से शासन को टेट कराया जान चाहिए ताकि राज्य शासन के शिक्षक तनाव मुक्त होकर शिक्षक पात्रता परीक्षा दे सके।

छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष- शंकर साहू ने प्रदेश के समस्त शिक्षक संगठनों से आह्वान किया है कि शिक्षक हित में एकजुट होकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के विषय पर चर्चा कर उसकी समाधान हेतु प्रयास किया जाना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष- शंकर साहू ने कहा कि यह कहना आसान है कि शिक्षक टेट परीक्षा निकाल लेंगे, लेकिन यदि कोई शिक्षक परीक्षा में असफल रहा तो इससे अन्य आवश्यक तनाव पैदा होगा और इसका पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।

झोला छाप डाॅक्टर के लापरवाहीपूर्वक ईलाज से हुई 01 व्यक्ति की मौत

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  •  जाॅच दौरान डाॅक्टरी डिग्री पायी गयी फर्जी (छ.ग. में नही था रजिस्टेशन)
  • थाना अर्जुन्दा पुलिस द्वारा आरोपी डाॅक्टर को गिरफ्तार कर भेजा गया न्यायिक रिमाण्ड  पर।

प्रार्थी आनंदराव जनबंधु पिता रामचन्द्र जनबंधु, उम्र 64 साल, ग्राम हज्जुटोला, थाना चिल्हाटी, जिला मोहला मानपुर अम्बागढ़ चैकी के पुत्र सुभाष कुमार जनबंधु उम्र 40 साल पिछले 14-15 वर्ष से बवासीर (पाईल्स) की बीमारी से ग्रसित था, जो देशी दवाई से ईलाज करवा रहा था, जो ठीक नही हो रहा था। जिसको ईलाज के लिये दिनांक 08.05.2025 को डाॅक्टर रेखराम साहू निवासी कंादुल थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद के पास लाये थे ईलाज के लिये डाॅक्टर रेखराम साहू ने प्रार्थी से 8000/-रूपये लेकर मृतक सुभाष जनबंधु के गुदा द्वार में अलग-अलग जगहो पर 09 इंजेक्शन लगा दिया था। दुसरे दिन दिनांक 09.05.2025 को सुभाष जनबंधु का अत्यधिक रक्त स्त्राव होने लगा साथ ही उसका पेट फूलने लगा तब मृतक के परिजनो ने आरोपी डाॅक्टर को फोन पर इसकी जानकारी दी तब वह टाल मटोल कर फोन बंद कर दिया।

मृतक सुभाष जनबंधु को परिजनो द्वारा ईलाज के लिये शंकराचार्य अस्पताल जुनवानी में भर्ती कराये थे, जहां ईलाज के दौरान डाॅक्टरो ने आरोपी डाॅक्टर द्वारा गलत तरीके से ईलाज करना बताया जिससे मरीज की हालात अत्यंत खराब हो गई थी अत्यधिक रक्त स्त्राव तथा इंनफेक्शन के कारण मरीज की दिनांक 11.05.2025 को मृत्यु हो गई। जिस संबंध में परिजनो द्वारा शिकायत आवेदन दिया था जिसकी जाॅच एसडीओपी गुण्डरदेही के द्वारा किया गया जिन्होने जाॅच दौरान पाया कि डाॅक्टर रेखराम साहू का डाॅक्टरी डिग्री छ.ग. में रजिस्ट्रेशन नही है तथा सुभाष जनबंधु के ईलाज के दौरान लापरवाहीपूर्वक इंजेक्शन लगाया था जिससे सुभाष जनबंधु की मृत्यु हो गयी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना अर्जुन्दा में अपराध क्रमांक 129/2025 धारा 105 बीएनएस, छ0ग0 राज्य उपचार्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12, छ0ग0 आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस अधीक्षक जिला बालोद योगेश पटेल के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मोनिका ठाकुर व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री राजेश बागडे अनुविभाग गुण्डरदेही के मार्गदर्शन में आरोपी की पतासाजी हेतु थाना प्रभारी अर्जुंदा उप निरीक्षक जोगेन्द्र साहू के नेतृत्व में टीम गठित किया गया था जिनके द्वारा आरोपी की पतासाजी कर थाना लाकर पूछताछ किया गया आरोेपी द्वारा धारा सदर का अपराध करना पाये जाने पर आरोपी को दिनांक 18.09.2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।

संपूर्ण कार्यवाही मे उप निरीक्षक जोगेन्द्र साहू थाना प्रभारी अर्जुन्दा, सउनि. हुसैन सिंह ठाकुर, प्र0आर0 टुमन रावटे, आर0 पंकज तारम, आर0 तेजराम साहू, मनोज धनकर, की सराहनीय भुमिका रही।आरोपीः- डाॅ0 रेखराम साहू पिता स्व0खेदुराम साहू उम्र 54 साल साकिन कांदुल थाना अर्जुन्दा l

 

 

महापौर संजय पांडे ने सुनी जनता की समस्याएँ, कर्मचारियों से कहा त्वरित निराकरण हो

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नगर निगम महापौर संजय पांडे आज सुबह से ही नगर निगम कार्यालय में बैठे हैं और आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुन भी रहे हैं। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को समय पर राहत मिल सके।

महापौर ने कहा कि नगर निगम का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

भाभा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र जगदलपुर में दीक्षांत समारोह आयोजित

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जगदलपुर:- भाभा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र जगदलपुर में 19 वां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महापौर संजय पांडे, कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्पण सरकार, शुभम विश्वास, श्रीमती बीटी विश्वास सहित अन्य शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। समारोह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, मोमेंटो एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि संजय पांडे ने संबोधित करते हुए कहा कि कौशल ही आज की सबसे बड़ी शक्ति है। हमें शिक्षा और प्रशिक्षण का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनना होगा। यदि हम मेहनत और लगन से कार्य करेंगे तो न केवल हमें अच्छे रोजगार मिलेंगे, बल्कि हम उद्यमिता के माध्यम से दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने दीक्षांत प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे

खेमसिंह देवांगन ने कहा कि अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। छात्रों को अपने जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि अर्पण सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उद्योगों में रोजगार पाने के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी। अंत में उपस्थित समस्त अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने कौशल व शिक्षा का सदुपयोग कर अच्छे रोजगार प्राप्त करें और भविष्य में सफल उद्यमी बनकर समाज को भी रोजगार प्रदान करें।

महारानी अस्पताल जगदलपुर में एचआईवी एक्ट 2017 अंतर्गत जागरूकता कार्यशाला संपन्न

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जगदलपुर:- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर के तत्वावधान में एचआईवी एक्ट 2017 अंतर्गत एचआईवी/एड्स विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन महारानी अस्पताल जगदलपुर के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय पांडे रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेमसिंह देवांगन अध्यक्ष नगर पालिक निगम जगदलपुर ने की

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पंच, सरपंच, सचिव, चिकित्सा कर्मी, दीदियां एवं स्वास्थ्य सेवकगण उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि महापौर संजय पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा ही हमारा प्रथम धर्म है। हमें समाज में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। एचआईवी/एड्स से संबंधित किसी भी प्रकार के भ्रम या भ्रांति से दूर रहना आवश्यक है, क्योंकि जानकारी ही बचाव है।

अध्यक्षता कर रहे खेमसिंह देवांगन ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। जागरूक नागरिक ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने एचआईवी/एड्स के संक्रमण, लक्षण, रोकथाम और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी। साथ ही बताया गया कि समझदारी और सही जानकारी ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। कार्यशाला में उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य सेवकों ने भी प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया और एचआईवी एक्ट 2017 की प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी।

अंत में स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार की जनहितैषी गतिविधियां जारी रखने का आश्वासन दिया।

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