ग्रामीणों की किडनी हो रही है फेल, खेत हो रहे हैं बंजर, बेमौत मर रहे हैं मवेशी

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  •  45 गांवों पर कहर बनकर टूट पड़ा है एनएमडीसी का खतरनाक लाल पानी
  • विक्रम मंडावी के नेतृत्व में 45 गांवों के ग्रामीणों ने उठाई न्याय की आवाज

अर्जुन झा-

जगदलपुर राष्ट्रीय खनिज विकास निगम की बैलाडीला खदानों से निकलने वाला लाल पानी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के आदिवासियों, उनकी जमीन और मवेशियों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। जहरीला लाल पानी इन गांवों के पेयजल स्त्रोतों में मिलकर ग्रामीणों की सेहत पर बड़ा बुरा असर डाल रहा है। दावा है कि ग्रामीणों की किडनी फेल हो रही है, मवेशी बेमौत मारे जा रहे हैं और खेती की जमीन बंजर हो रही है।इस मानवीय आपदा के खिलाफ ग्रामीण एकजुट होकर सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को लेकर बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में ग्राम हिरोली से लाल पानी न्याय पदयात्रा निकाली है। यह यात्रा शनिवार को जिला मुख्यालय बीजापुर पहुंचेगी। जहां विशाल आमसभा होगी।लाल पानी की समस्या से निजात, पर्यावरण संरक्षण, जल शोधन संयंत्र स्थापना, क्षतिपूर्ति और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

बैलाडीला स्थित राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के लौह अयस्क से अपशिष्ट से रंगा लाल पानी बीजापुर जिले के नदियों, नालों और तालाबों को जहरीला बना रहा है।vलगभग 45 गांवों के ग्रामीण इस लाल पानी की त्रासदी से जूझ रहे हैं। यह खतरनाक ग्रामीणों की खेती, पशुओं और स्वास्थ्य को नष्ट कर रहा है। इस समस्या को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा- एनएमडीसी की खदानों से निकलने वाला यह जहरीला लाल पानी 45 गांवों की जिंदगी तबाह कर रहा है। लोग त्वचा रोग, पेट की बीमारियां और किडनी की समस्याओं से पीड़ित हैं। खेत बंजर हो रहे हैं, और पशु दूषित पानी पीकर मर रहे हैं। पीने का साफ पानी और इलाज की सुविधा तक प्रभावित क्षेत्र में नहीं है। यह सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन का संकट है। प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का दर्द भी कम नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक जमीन और पानी लाल हो गए हैं। धान की फसल बर्बाद हो रही है, और मवेशियों की मौत हो रही है। बच्चों की सेहत खतरे में है, लेकिन एनएमडीसी प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेता। ग्रामीणों का आरोप है कि एनएमडीसी अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही बरत रहा है और इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

मुआवजा दे सरकार: मंडावी

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार और एनएमडीसी प्रबंधन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों को फसलों, पशुओं और जमीन के नुकसान का मुआवजा दिया जाए। साथ ही क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल, स्कूल खोले जाएं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि एनएमडीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रम को लाभ के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

यात्रा में उमड़ी भारी भीड़

लाल पानी न्याय पदयात्रा में भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रा में प्रमुख रूप से बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, प्रदेश महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, पूर्व जिला पंचायत सदस्यद्वय बसंत राव ताटी व सोमारू राम नाग, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, जनपद उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी, जिला पंचायत सदस्य लच्छूराम मौर्य, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बेनहूर रावतिया, जय कुमार नायर, आर वेणुगोपाल राव, महामंत्री सुखदेव नाग, मंगलराना, शैलेश मंडावी, पुरुषोत्तम खत्री, जिला प्रवक्ता राजेश जैन, गंगालूर की सरपंच पायल हेमला, पुरुषोत्तम सल्लूर, रितेश दास, संतोष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में एनएमडीसी की खदानों के लाल पानी से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण, किसान, मज़दूर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हैं।