बिग ब्रेकिंग – कुसुमकसा अपना ढाबा के पास खड़ी ट्रक क्रमांक सी.जी. 21 जे 2987 में लगी आग। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दल्ली बालोद चौक में शाम 5:30 के आसपास खड़ी ट्रक में अचानक से आग जलने लगी जिसे देखने वहां पर भीड़ इकट्ठा होने लगी फायर ब्रिगेड को सूचना किया गया लेकिन 1 घंटा बीत जाने के बाद भी फायर ब्रिगेड नही पहुंची ग्राम वासियों के द्वारा आग को बुझाया गया आग लगने के कारण अज्ञात है। कोई जनहानि नही हुई। सामने का केबिन पूरी तरह जल कर खाक गया है।
प्रगति, उन्नति और नई गति का अमृत बजट:- संजय पांडे
यह अमृत बजट भाजपा सरकार द्वारा लाया गया एक दूरदर्शी बजट है, जो एक सशक्त, समृद्ध, शक्तिशाली एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगा। इस जनआकांक्षाओं को पूरा करता यह बजट किसानों की आय दोगुनी करने, मजबूत अवसंरचना, स्वस्थ प्रदेश, सुशासन सभी के लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समावेशी विकास इत्यादि का संकल्प और मजबूत करेगा।
माननीय वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी ने जो बजट प्रस्तुत किया वह प्रभावशाली होने के साथ ही प्रगति, उन्नति को नई गति प्रदान करेगा। बजट में सब वर्गों के साथ ही सभी क्षेत्रों में भी समावेशी विकास को प्रमुखता दी गई है यह बजट भाजपा भाजपा सरकार द्वारा सामाजिक न्याय समानता सामान और समान अवसर की अवधारणा को चरितार्थ करने वाला है। इस बजट में समग्र शिक्षा हेतु 1500 करोड़ का प्रावधान, महतारी वंदन योजना हेतु 3000 करोड़ का प्रावधान, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना हेतु 1526 करोड़ का प्रावधान, कृषि उन्नति योजना हेतु 10000 करोड़ का प्रावधान, सीजीआरआईडीसीएल द्वारा सड़कों के निर्माण हेतु 1080 का प्रावधान ये सभी प्रावधान निश्चित ही प्रगति, उन्नति और समग्र विकास का द्योतक है।
बजट में किसानों का एवं प्रदेश की माताओं बहनों का प्रमुखता से ध्यान रखा गया है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एकीकृत बागवानी विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, चिराग योजना राष्ट्रीय, कृषि विकास योजना कृषि, अभियांत्रिकी निदेशालय का गठन, मधुमक्खी पालन के लिए नए परागण योजना, एग्रो बिजनेस मैनेजमेंट कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर, नवीन उद्यानिकी महाविद्यालय, नवीन कृषि महाविद्यालय, पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी महाविद्यालय इसी तरह माताओं बहनों के लिए आंगनबाड़ी+पूरक पोषण, 10 नई अंब्रेला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नोनी सुरक्षा योजना, जैसे विभिन्न प्रयास हमारे किसान भाइयों व प्रदेश की मातृ शक्ति के लिए किए जायेंगे।
प्रदेश के माननीय वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी ने अत्यंत ही कुशलता से वित्तीय प्रबंध किया है प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेशवासियों के सपने को साकार करने की दिशा में यह बजट एक बड़ा कदम है। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देवस्य जी के नेतृत्व में यह बजट छत्तीसगढ के नवनिर्माण में सहयोगी होगा।
किसानों- ग्रामीणों, युवाओं समेत सभी पक्षों की बजट में उपेक्षा : रेखचंद जैन
- मोदी की गारंटी की वित्त मंत्री ने हवा निकाल दी
- किसानों से 3100 रु. क्विंटल में धान खरीदी का उल्लेख न करना छल
जगदलपुर पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने छत्तीसगढ़ के बजट को विजनलेस बताया है। मीडिया को जारी बयान में उन्होने कहा है कि वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बड़बोलेपन का परिचय दिया है। वित्तमंत्री ने मोदी की गारंटी की हवा निकाल दी है। मनीषियों व ऐतिहासिक- धार्मिक पुस्तकों के कथनों का हवाला देकर वित्त मंत्री ने जो शब्दाडंबर रचा है, उसकी कलई खुलते देर नहीं लगेगी।
रेखचंद जैन ने कहा है कि किसान, आदिवासी और लेकर समाज के सभी वर्गों के लिए यह धोखे, छल व फरेब का बजट साबित हुआ है। मोदी की गारंटी के अनुसार किसानों से प्रति क्विंटल धान 3100 रुपए में खरीदा जाना था, लेकिन बजट में इसका उल्लेख न कर किसानों को भाजपा सरकार ने धोखा दिया है। इसी प्रकार कर्जमाफी के मामले में भी किसान भाजपा के छल का शिकार हुए हैं। कर्ज माफ न करने से यह साबित हो गया है कि विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा नेता गांव- गांव में कर्ज माफ करने का अनाहक प्रलाप कर रहे थे। गांवों में देवगुड़ियों के संधारण की कोई घोषणा न किए जाने से भी यह प्रतीत हो रहा है कि आदिम संस्कृति के संरक्षण व संधारण की सुध भाजपा सरकार नहीं लेती है। बजट में बस्तर संभाग व यहां के 40 लाख रहवासियों की कोई सुध नहीं ली गई है। वित्त मंत्री ने बस्तर का ध्यान नहीं रखा है। जैन ने कहा है कि कांग्रेस सरकार की अनेक जन हितैषी योजनाओं को गायब कर दिया गया है।
बेरोजगारी भत्ता छीना, युवाओं को ठगा
पूर्व विधायक जैन ने कहा है कि पूर्ववर्ती सरकार ने पात्र शिक्षित बेरोजगारों के लिए भत्ते का प्रावधान किया था। इस रकम से परिवारों व युवाओं को सहारा मिलता था लेकिन वर्तमान बजट में बेरोजगारी भत्ते को हटा दिया गया है जो युवाओं के साथ ठगी है। उनके रोजगार के कोई उपाय नहीं किए हैं। जैन ने कहा है कि मोदी की गारंटी कहकर गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर 500 रुपये में देने का वायदा किया गया था लेकिन बजट में इसे भी सम्मिलित नहीं किया गया है। इससे गरीब महिलाओं के प्रति भाजपा की सोच प्रदर्शित होती है। उन्होने भाजपा से यह मांग की है कि वह बताए कि 500 रुपये में गैस सिलेंडर कब देना शुरु करेगी?
आखिर किसने रची जगदलपुर में सनातन को बदनाम करने की साजिश
- वयोवृद्ध और कृशकाय पुजारी पर चारित्रिक लांछन का सच आखिर क्या है ?
जगदलपुर बस्तर को अमन पसंद और लोगों की सादगीपूर्ण जीवन शैली के लिए जाना जाता है। विगत कुछ समय से देखा जा रहा है कि कतिपय लोगों द्वारा यहां की शांति और सामाजिक सौहार्द व समरसता को बिगाड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। विशेषकर इन लोगों के सबसे ज्यादा टारगेट पर सनातन धर्म ही है। यह चलित मान्यता भी है कि सनातन धर्म के लोग सहज और सरल होकर लोगों को आत्मसात करने का भाव रखते हैं। सनातन में कट्टरता वाला भाव कम ही देखने को मिलता है। ऐसा ही एक मामला जगदलपुर में सामने आया है, जिसमें वयोवृद्ध और कृशकाय पुजारी पर चारित्रिक लांछन लगाया गया है। यह बात किसी के भी गले नहीं उतर रही है। लोगों को शक है कि इसके पीछे गहरी साजिश हो सकती है।
हाल के दिनों में शहर में घटित एक घटना ने फिर से कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला ने बजरंग बली मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से मना करने पर बुजुर्ग पुजारी पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगा दिया। पुजारी की उम्र 80 वर्ष के आसपास है। अपने से दुगुनी उम्र के शख्स पर मंदिर में सुंदरकांड पाठ चलने के दौरान और अच्छी भीड़ होने के बावजूद छेड़खानी का आरोप लगाना कहीं न कहीं पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि हनुमान जी की मूर्ति पर सिंदूर का चोला और अन्य श्रृंगार अक्सर पंडितों के माध्यम से ही किया जाता है। मंदिर के गर्भगृह अन्य लोगों को प्रवेश न करने देने के पीछे मूर्ति और उसके आसपास के क्षेत्र की साफ सफाई और शुद्धता बरकरार रखने की मंशा निहित होती है।
लेकिन इस तरह से एक उम्रदराज पंडित पर सीधे छेड़खानी का आरोप लगाना कई सवालों को जन्म दे रहा है
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
जगदलपुर कोतवाली थाना अंतर्गत घटी उक्त तथाकथित घटना में पुलिस द्वारा महिला की तहरीर पर छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया और आनन फानन में जांच की कई बिंदुओं को अनदेखा करते हुए सीधे गिरफ्तारी करने की जल्दबाजी दिखाना पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। लोग पुलिस जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बड़े बड़े और गंभीर अपराधों में भी पुलिस की वैसी तत्परता देखने को नहीं मिलती, जैसी बजरंग बली मंदिर की कथित घटना में नजर आ रही है।
विवाद से हुआ सुंदरकांड पाठ प्रभावित
उक्त घटनाक्रम के बाद मंदिर में एकाएक लोगों की भीड़ और शोर शराबे से भक्तों द्वारा किया जा रहा सुंदरकांड पाठ भी मजबूरीवश बंद करना पड़ गया, जो कि बेहद दुर्भाग्य जनक है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने उक्त घटना को लेकर यह भी आशंका व्यक्त की है कि कहीं छेड़खानी का आरोप लगाने
लगाने वाली महिलाएं किसी ईसाई मिशनरी से संबंध रखने वाली अथवा प्रेरित तो नहीं है। जिनके द्वारा किसी साजिश के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने उम्रदराज पुजारी को सहजता से माध्यम बनाया गया है। लोगों ने इन तमाम बिंदुओं पर भी गौर करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
झूठे सपने और खोखले दावों से भरा घोर निराशाजनक बजट है यह :दीपक बैज
- साय सरकार के प्रथम बजट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की प्रतिक्रिया
रायपुर विष्णुदेव साय सरकार के प्रथम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि साय सरकार का पहला बजट आम जनता की अपेक्षा और उम्मीदों के विपरीत घोर निराशाजनक है। न इसमें युवाओं के रोजगार के संदर्भ में कोई रोड मैप दिख रहा है, न ही महंगाई से
निपटने कोई ठोस रणनीति है।
दीपक बैज ने कहा है कि एक लाख़ युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन बजट में नई नौकरियों के लिए कोई प्रावधान ही नहीं हैं। उल्टे बेरोजगारी भत्ता की राशि खा गए। कॉलेज जाने वाले छात्रों से वादा था यात्रा भत्ता देने का जिसके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं है। 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने का वादा करने वाले भाजपाई गैस सब्सिडी के लिए एक रुपए का भी बजट प्रावधान नहीं कर पाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बजट एक साल के लिए होता है, लेकिन झांसा 2047 तक का? छत्तीसगढ़ में प्रस्तुत आज का बजट अभिभाषण पूरी तरह भाजपा के चुनावी जुमलों की तरह ही था। झूठ और लफ्फाजी के कसीदे पढ़े गए। मोदी की चरण वंदना में समर्पित इस बजट में छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र सरकार की अपेक्षा और भेदभाव का कोई जिक्र नहीं था। केंद्रीय करों में रोके गए राज्य की हिस्सेदारी और कोल की रायल्टी की पेनल्टी का पैसा वर्षों से लंबित है। उस पर एक शब्द भी नहीं बोल पाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पिछले बजट में छत्तीसगढ़ में चार-चार नए मेडिकल कॉलेज खोलने की व्यवस्था दी गई थी। इस बजट में एक भी नया मेडिकल कॉलेज या इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का प्रावधान नहीं है। 25 लाख तक विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना संचालित थी, हमर अस्पताल, हमर लैब, हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक, स्लम स्वास्थ्य चिकित्सा योजना संचालित थी। पिछले बजट में 19488 करोड़ का प्रावधान शिक्षा के लिए रखा गया था। जो कुल बजट का 19.4 प्रतिशत था इस बजट में यह राशि घटाकर 15.95 प्रतिशत कर दिया गया है। जो लक्ष्य या जीडीपी दुगुना करने का बताया जा रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने करके दिखाया है। राज्य की जीएसडीपी 2017-18 में मात्र 2 लाख़ 70 हजार करोड़ थी जो बढ़कर पूर्ववर्ती कांग्रेस के शासनकाल में ही 5 लाख 9 हजार करोड़ तक हो गया, अर्थात कांग्रेस के 5 साल में राज्य का जीडीपी दुगुना हुआ था। विगत 3 वर्षों से प्रदेश सरकार ने कोई नया कर्ज नहीं लिया था, भाजपा की सरकार आते ही पिछले 2 महीने में चार बार नया कर्ज लिया गया, 5000 करोड़ से अधिक का नया कर्ज अब तक विष्णु देव साय सरकार ले चुकी है। 2022-23 में राजस्व आधिक्य 2661 करोड़, 2023-24 में 3500 करोड़, इस बार राजस्व आधिक्य घटकर मात्र 1060 करोड़। कुल मिलाकर विष्णुदेव साय सरकार के पहले बजट ने छत्तीसगढ़ की जनता को निराश किया है।
तस्वीर और तकदीर बदलने वाला बजट : किरण देव
- प्रदेश की जनता ने जिस आशा व विश्वास के साथ भाजपा सरकार को चुना था उस विश्वास को पूर्ण करने वाला बजट : देव
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व विधायक किरण देव ने प्रदेश सरकार की बजट को विकसित छत्तीसगढ़ के लिए बेहतर बजट बताया है। छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए इस बजट में हर पहलु को ध्यान दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी, पेयजल अधोसंरचना सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिंता की गई है। उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा व पूरे छत्तीसगढ़ के संपूर्ण विकास की दस्तावेज का प्रस्तुतिकरण विधानसभा के पटल में रखा गया है। हम भरोसा दिलाते हैं कि विकास के माध्यम से हर क्षेत्र में तस्वीर व तकदीर बदलेंगे। श्री देव ने कहा सर्वहारा सर्वसेहमत वाला बजट है , यही मोदी जी की गारंटी है। जिसके लिए हम सब तनम्यता से जुटे हुए हैं। इस बजट में समाज के हर वर्ग की चिंता की गई है। इस परिकल्पना के साथ हम विकास की हर संभावाओं के लिए जुटेंगे। यह बजट तकनीकी संसाधनों को प्रोत्साहित कराने वाला होगा, जिससे हम नवीन संसाधनों के साथ विकास के नए आयामों को छू पाएंगे। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ जनता पर किसी प्रकार का कोई भार नहीं होगा ।भाजपा अध्यक्ष के श्री देव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में बजट तैयार किया गया है व वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रखरता से प्रस्तुत किया है। इसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया है भाजपा अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि बजट में बस्तर के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है बस्तर के महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय में 20 नये विभाग व 33 नवीन स्नातक व स्नात्तकोत्तर पाठ्यक्रम की गई है। इसके लिए उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
किसानों ने सीखी वैज्ञानिक खेती
जगदलपुर अखिल भारतीय समन्वित ताड़ अनुसंधान परियोजना द्वारा दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । जिसमे साकरगांव एवं गुमियापाल के 80 से अधिक किसानों को परियोजना के वैज्ञानिकों द्वारा नारियल की वैज्ञानिक खेती तथा मूल्य संवर्धन तथा प्रसंस्करण विषय पर जानकारी प्रदान की गई l इसी दौरान कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन भी किया गया। प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टर बीना सिंह (वैज्ञानिक, उद्यानिकी) ने बस्तर क्षेत्र में नारियल की संभावना व नारियल प्रसंस्करण पर प्रकाश डाला। पीके सलाम (वैज्ञानिक, सस्यविज्ञान) ने नारियल की वैज्ञानिक खेती, डॉक्टर पद्माक्षी ठाकुर (वैज्ञानिक, उद्यानिकी) ने नारियल में कंदीय फसलों की अंतरवर्तीय खेती, राजेश पटेल ( जे आर एफ, कीट विज्ञान) ने नारियल में कीट प्रबंधन तथा उपेन्द्र नायक (टी ए, उद्यानिकी) ने नारियल की महत्पूर्ण किस्मों की जानकारी किसानों को दी। उपरोक्त कार्यक्रम में नारियल पेड़ में चढ़ाई यंत्र का प्रदर्शन तथा नारियल पेड़ वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम में खेमेश्वर सेठिया एव परियोजना में कार्यरत श्रमिकगण भी उपस्थित थे।

नरेंद्र मोदी जन्मजात नहीं, बल्कि कागजी ओबीसी हैं : राहुल गांधी
- भारत जोड़ो न्याय यात्रा का छत्तीसगढ़ में भव्य स्वागत
- ओडिशा – छत्तीसगढ़ की सीमा पर ध्वज हस्तांतरण
- 11 को रायगढ़ से शुरू होगी भारत जोड़ो न्याय यात्रा
जगदलपुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने 26वें दिन छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया। इस दौरान ओड़िशा – छत्तीसगढ़ सीमा पर ध्वज हस्तांतरण समारोह हुआ। ओड़िशा प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष शरद पटनायक ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज को राष्ट्र ध्वज सौंपा। न्याय यात्रा का छत्तीसगढ़ में भव्य स्वागत हुआ। हजारों की तादाद में कार्यकर्ता और आम जनता राहुल गांधी को सुनने के लिए इकट्ठा हुए।

ध्वज हस्तांतरण के पश्चात भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दो दिन का विश्राम होगा। विश्राम के पश्चात पुनः भारत जोड़ो न्याय यात्रा 11 फरवरी को रायगढ़ से शुरू होगी। यात्रा समापन 14 फरवरी को अंबिकापुर में होगा। ओड़िशा के रेंगापाली में आयोजित आमसभा में भारी जनसमूह की मौजूदगी में ध्वज हस्तांतरण समारोह के दौरान मंच पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, छ्ग प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, प्रदेश सह प्रभारी सचिव चंदन यादव, सह प्रभारी सचिव विजय जांगिड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू, पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री गण ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिव कुमार डहरिया, जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक उमेश पटेल, सांसद ज्योत्सना महंत सहित प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई सभी मोर्चा प्रकोष्ठों और विभागों के पदाधिकारी एवं जिला कांग्रेस ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष पदाधिकारी एवं आम जनता उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर जोरदार हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जन्म से ओबीसी नहीं हैं। नरेंद्र मोदी सामान्य जाति में पैदा हुए और उनकी जाति को गुजरात की बीजेपी सरकार ने वर्ष 2000 में ओबीसी घोषित किया। इस प्रकार मोदी जन्म से नहीं, बल्कि कागज़ी ओबीसी हैं।

वे अपने जन्म के पांच दशक बाद तक ओबीसी नहीं थे। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में आज भयंकर सामाजिक अन्याय हो रहा है। जनता जीएसटी देती है और फायदा अडानी जैसे लोग उठाते हैं। देश में करीब 50 प्रतिशत ओबीसी, 15 प्रतिशत दलित, आठ प्रतिशत आदिवासी हैं। ये आबादी कुल 73 प्रतिशत है। मगर इन वर्गों को कुछ नहीं दिया जा रहा, तो भारत कैसे जुड़ सकता है। नरेंद्र मोदी संसद में कहते हैं कि ओबीसी वर्ग को भागीदारी की क्या जरूरत है। हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो ओबीसी है। सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी जन्म से ओबीसी नहीं हैं, उन्हें ओबीसी गुजरात की बीजेपी सरकार ने बनाया है। नरेंद्र मोदी सामान्य जाति में पैदा हुए और उनकी जाति को बीजेपी सरकार ने साल 2000 में ओबीसी घोषित किया था। मोदी किसी ओबीसी से गले नहीं मिलते, किसी किसान और मजदूर का हाथ नहीं पकड़ते। मोदी सिर्फ अडानी का हाथ पकड़ते हैं। पीएम मोदी कभी जाति जनगणना नहीं करेंगे। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश से झूठ बोल रहे हैं। मोदी ओबीसी पैदा नहीं हुए, वह सामान्य जाति के हैं। मोदी ओबीसी वर्ग को झूठ बोल रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं। जातिगत जनगणना कांग्रेस ही करके दिखाएगी। राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब उन्होंने जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय की बात की तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में सिर्फ दो जातियां अमीर और गरीब हैं। अगर दो जातियां हैं तो मोदी क्या हैं? मोदी गरीब तो हैं नहीं। मोदी करोड़ों का सूट पहनते हैं। दिन में कई बार कपड़े बदलते हैं, फिर झूठ बोलते हैं कि ओबीसी वर्ग से हूं। प्रधानमंत्री मोदी का वेतन प्रति माह एक लाख साठ हजार रूपए है और वह तीन सूट हर रोज बदल रहे हैं। एक सूट दो-तीन लाख रुपये की कीमत का है। मोदी महीने में दो तीन करोड़ रुपये के सूट पहन रहे हैं। इसका पैसा कहां से आ रहा है?
बेरोजगारी और महंगाई का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने अडानी की मदद करने के लिए जीएसटी और नोटबंदी लागू कर छोटे एवं मध्यम व्यवसायियों को खत्म कर दिया। देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता है। हिंदुस्तान के बड़े-बड़े उद्योगपति चीन से माल खरीदकर जनता को बेचते हैं। इससे चीन का पैसा बनता है, रोजगार चीन के युवाओं को मिलता है। महंगाई बढ़ती है तो परेशानी जनता को होती है, अडानी और मोदी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। यानी जनता पर आर्थिक अन्याय हो रहा है।
नेतानार हाई स्कूल में प्रभारी प्राचार्य और संकुल समन्वयक पति का गजब खेल
- लिपिक का काम खुद पति देख रहे और दोनों मिलकर कर रहे हैं जमकर फर्जीवाड़ा
- तीन साल से लिपिक को नहीं करने दे रहे हैं मूल कार्य
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। सैंया भये कोतवाल, तो डर काहे का ? यह कहावत हाई स्कूल नेतानार में चरितार्थ हो रही है। स्कूल की प्रभारी प्राचार्य के पति इसी स्कूल में संकुल समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं और दोनों मिलकर खूब गफलतबाजी कर रहे हैं। इसी चक्कर में संस्था के लिपिक को उनका मूल कार्य करने नहीं दिया जा रहा है।
पति – पत्नी के इस खेल की अंचल में जमकर चर्चा हो रही है। नेतानार हाई स्कूल की प्राचार्य द्वारा लिपिकीय कार्य अपने संकुल समन्वयक पति से कराया जा रहा है। खबर है कि संकुल समन्वयक पति और प्रभारी प्राचार्य मिलकर संस्था की रकम तथा शासन से मिलने वाली राशि की अफरा तफरी में लगे हुए हैं। विगत तीन साल से कार्यभार ग्रहण किए बैठे लिपिक वर्ग-2 को उनके मूल पद पर कार्य नही करने दिया जा रहा है। शाला की प्रभारी प्राचार्य रीता शुक्ला से बार -बार कारण पूछने पर सर (पति) से बात करने कहा जाता है। तरह तरह की बहानेबाजी कर लिपिक को उसके मूल पद पर कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। बताते हैं की प्राचार्य के पति संकुल समन्वयक हैं और हाई स्कूल नेतानार में ही पदस्थ हैं। प्राचार्य पति के कहने पर ही प्रचार्य द्वारा लिपिक को प्रताड़ित किया जा रहा है।जानकारी के अनुसार लिपिक राजेंद्र कुमार जबसे पदोन्नत होकर इस शाला में आए हैं, तबसे प्रभारी प्राचार्य के संकुल समन्वयक पति ने राजेंद्र कुमार को अपने निशाने पर ले रखा है। शाला के सूत्रों के अनुसार संकुल समन्वयक द्वारा ही उक्त शाला का लिपिकीय कार्य भी निपटाया जा रहा है। जानकारी तो यह भी मिली है की संकुल समन्वयक पद की आड़ में लिपकीय कार्य के बहाने कई बिलों, हिसाब किताब और दस्तावेजों में गड़बड़ी कर अपने उच्च अधिकारी को बरगलाने का काम किया जा रहा है। संस्था की राशि और शासन से विभिन्न प्रयोजनों के लिए मिलने वाले धन की गड़बड़ी का खुला खेल नेतानार हाई स्कूल में चल रहा है। यही कारण है की उक्त लिपिक को उनका मूल कार्यभार नही दिया जा रहा है। कुल मिलाकर सैया भए कोतवाल की कहावत को चरितार्थ करते हुए प्रभारी प्राचार्य अपने सीएसी पति के साथ मिलकर स्कूल के लिपिकीय हिसाब में गड़बड़ी कर रहे हैं। लोगों ने पति- पत्नी को अलग अलग स्कूलों में पदस्थ करने तथा उनके अब तक के सारे कृत्यों की जांच कराने की मांग कलेक्टर बस्तर और जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर से की है।
इस वर्ष का प्रथम नेशनल लोक अदालत 9.3.2024 को होगा
बालोद– इस वर्ष के प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 09.03.2024 को किया जाना है। इसे लेकर अध्यक्ष /जिला न्यायाधीश डा० प्रज्ञा पचौरी के द्वारा जिला अधिवक्ता संघ बालोद अध्यक्ष अजय साहू एंव अन्य अधिवक्तागणों बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु अधिवक्तागण के साथ चर्चा की गई। जिला न्यायाधीश डॉ० प्रज्ञा पचौरी ने चर्चा में अधिवक्तागण से सतत रूप से प्रकरणों का पर्यवेक्षण कर अधिक से अधिक राजीनामा प्रकरणों का निराकरण में सहयोग करने कहा। अध्यक्ष ने बताया कि लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरण में बी०एस०एन०एल, विद्युत विभाग, नगर पालिका, बीमा कंपनी बैंक से प्राप्त लोन के प्रकरण का निराकरण किया जाता है। चेक बाउंस के प्रकरण, भरण पोषण अन्य राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। पूर्व लोक अदालत की भांति इस वर्ष भी राजस्व प्रकरणों का निराकरण किये जाने के संबंध में चर्चा की गई। तहसील न्यायालय में पैरवी करने वाले अधिवक्तागण से खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे के मामले, वारिसों के मध्य बंटवारे विकय पत्र, दान पत्र, वसीयतनामा आदि के आधार पर नामांतरण के मामलें का आदि का निराकरण लोक अदालत में करने को कहा। श्रीमती सुमन सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि लोक अदालत में किसी पक्षकार की ना हार होती ना जीत। सौहार्द्र पूर्ण तरीके से पक्षकारों के मध्य आपसी राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण किया जाना चाहिए, इसमें अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय बालोद के साथ-साथ तालुका न्यायालय डौण्डीलोहारा, दल्लीराजहरा एवं गुण्डरदेही में आयोजित की जायेगी।


